मांडविया ने मध्य भारत की पहली केंद्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का उद्घाटन किया
इंदौर . केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मध्य भारत की पहली केंद्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का रविवार को इंदौर में उद्घाटन करने के बाद कहा कि यह सुविधा खासकर मध्यप्रदेश में दवा उद्योग के विकास में सहायक साबित होगी। अधिकारियों ने बताया कि देश की इस आठवीं केंद्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला में हर साल दवाओं के 3,000 नमूने जांचने का लक्ष्य तय किया गया है। मांडविया ने केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के 18.50 करोड़ रुपये की लागत से बने नवनिर्मित भवन में केंद्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। इस भवन में सीडीएससीओ का क्षेत्रीय कार्यालय भी चलेगा। मांडविया ने उद्घाटन समारोह में कहा,‘‘इन नयी सुविधाओं से मध्यप्रदेश की दवा इकाइयों को अपने उत्पादों की नियामकीय जांच के लिए दिल्ली का रुख नहीं करना पड़ेगा। सूबे के दवा उद्योग को इसका बड़ा फायदा मिलेगा।'' उन्होंने कहा कि इंदौर, देश में दवा उद्योग के नये गढ़ के रूप में विकसित हो रहा है और केंद्र सरकार ने शहर के लिए मेडिकल उपकरण पार्क मंजूर किया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने कहा कि इस पार्क में मेडिकल उपकरणों की नियामकीय जांच की सुविधा भी विकसित की जाएगी। मांडविया ने भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में कुल 11.30 करोड़ रुपये की लागत वाली छह परियोजनाओं का ऑनलाइन माध्यम से लोकार्पण किया। इनमें एक अत्याधुनिक ड्रोन स्टेशन शामिल है। उन्होंने कहा,‘‘आने वाले दिनों में ड्रोन के जरिये दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों के लिए दवाओं और रक्त की आपूर्ति की जा सकेगी। अंग प्रत्यारोपण ऑपरेशन के लिए ड्रोन की मदद से अलग-अलग अंगों को भी एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक पहुंचाया जा सकेगा।'' कार्यक्रम में भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी और मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला भी मौजूद थे। इससे पहले, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मांडविया इंदौर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के अमृत महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि शहर में गंभीर रोगों के इलाज के लिए पहले से प्रस्तावित 50 बिस्तरों वाली चिकित्सा इकाई की क्षमता बढ़ाकर इसे 100 बिस्तरों तक पहुंचाया जाएगा। मांडविया ने कहा कि इस इकाई की स्थापना में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत आएगी। उन्होंने कहा कि शहर में कैंसर के इलाज के लिए नया अस्पताल खोलने पर भी विचार किया जाएगा।
वहीं, मांडविया ने उज्जैन में नीलकंठ वन, महाकाल लोक में देश की पहली स्वस्थ और स्वच्छ फूड स्ट्रीट, 'प्रसादम' का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह देश के प्रत्येक कोने से आम नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित स्थानीय और पारंपरिक भोजन से जोड़ेगा। एक बयान के मुताबिक, महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन आने वाले एक से डेढ़ लाख भक्तों के लिए "प्रसादम" सुविधाजनक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध भोजन विकल्प प्रदान करता है। इस फूड स्ट्रीट में कुल 939 वर्ग मीटर के क्षेत्र में 19 दुकानें लगाई गई हैं।








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