राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं ‘यम-नियम’ का पालन, जानें इससे जुड़े कड़े नियमों के बारे में
नई दिल्ली। देशभर में राम मंदिर के ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह से पहले जोरशोर से तैयारियां की जा रही हैं। 22 जनवरी को होने वाले इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 दिन का विशेष अनुष्ठान मना रहे हैं। इस दौरान पीएम मोदी भगवान राम से जुड़े देश में अलग-अलग मंदिरों में पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इसके अलावा, पीएम यम-नियम का पालन भी कर रहे हैं।
बता दें कि 11 दिन का अनुष्ठान पालन करते हुए पीएम मोदी ने बीते आठ दिनों से अन्न भी नहीं ग्रहण किया है।
आइए, जानते है यम-नियम के बारे में-
पीएम मोदी रामलला की मूर्ति के लिए मुख्य यजमान बने हैं। शास्त्रों में दिए गए नियमों के अनुसार, मूर्ति स्थापना के लिए जो शख्स मुख्य यजमान होता है उसे कठोर नियमों का पालन करना होता है, जिसे ‘यम नियम’ कहा जाता है। पीएम मोदी ने राम मंदिर का उद्घाटन और रामलला की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा से पहले यम नियम पालन करने का संकल्प लिया है। वह इस नियम का पालन 12 जनवरी 2024 से कर रहे हैं।
फर्श पर सो रहे हैं पीएम मोदी
पीएम मोदी द्वारा संकल्प में लिए गए यम-नियम अनुष्ठान का आज आठवां दिन है। यम नियमों का पालन करते हुए, पीएम मोदी फर्श पर केवल एक कंबल बिछा कर सो रहे हैं और अन्न त्याग कर सिर्फ नारियल पानी पी रहे हैं। बता दें कि यम नियम में प्रतिदिन स्नान, अन्न का त्याग और बिस्तर पर सोने का त्याग आदि जैसे कठोर नियमों का पालन करना होता है। इसके अलावा, पीएम मोदी 11 दिवसीय अनुष्ठान के हिस्से के रूप में जल्दी उठकर भगवान से प्रार्थना करेंगे,व्यायाम करेंगे, दिन के कुछ समय मौन रहेंगे, थोड़ा और केवल सात्विक भोजन करेंगे, धार्मिक ग्रंथ पढ़ेंगे, साफ-सफाई रखेंगे और अपना काम खुद करेंगे।
पीएम मोदी राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक,इस भव्य समारोह में देश के राजनेता, मशहूर हस्तियां, उद्योगपति, संत समेत 7,000 से ज्यादा लोग शामिल होंगे।

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