प्रधानमंत्री ने बाल पुरस्कार विजेताओं से संवाद किया, बताया-संगीत से ध्यान में कैसे मिलती है मदद
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को इस साल के राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं से बातचीत की और इस दौरान उन्होंने संगीत के बारे में अपनी रुचि से उन्हें अवगत कराया तथा बताया कि कैसे इससे उन्हें ध्यान लगाने में मदद मिलती है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में यह जानकारी दी।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने प्रत्येक पुरस्कार विजेता को स्मृति चिह्न भेंट किए और उनके साथ बातचीत की। बच्चों ने अपनी उपलब्धियों का विवरण भी प्रधानमंत्री से साझा किया, जिसके कारण उन्हें पुरस्कार के लिए चुना गया है। पीएमओ ने कहा, ‘‘संगीत, संस्कृति, सौर ऊर्जा, बैडमिंटन, शतरंज जैसे खेलों सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।'' बच्चों ने प्रधानमंत्री से कई सवाल भी पूछे, जिनमें से एक का जवाब देते हुए उन्होंने सभी प्रकार के संगीत में अपनी रुचि के बारे में बताया। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि यह कैसे ध्यान में उनकी मदद करता है। ‘प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना' की शुरुआत की घोषणा के बारे में पूछे जाने पर मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए उनके द्वारा उठाए गए कदमों को याद किया। उन्होंने बच्चों को यह भी बताया कि इस योजना से लोगों को कैसे लाभ होगा।
प्रधानमंत्री ने बच्चों के साथ 23 जनवरी के दिन के महत्व के बारे में भी चर्चा की और उन्हें पराक्रम दिवस के बारे में बताया। पीएमओ के मुताबिक, ‘‘प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे सरकार नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विरासत का सम्मान कर रही है।'' भारत सरकार सात श्रेणियों-कला और संस्कृति, बहादुरी, नवाचार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, समाज सेवा, खेल और पर्यावरण में असाधारण उपलब्धि के लिए बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान करती रही है। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक पदक, प्रमाणपत्र और प्रशस्ति पत्र पुस्तिका दी जाती है। इस वर्ष, विभिन्न श्रेणियों के तहत देश भर के 19 बच्चों को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है। पुरस्कार पाने वालों में 18 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के नौ लड़के और 10 लड़कियां शामिल हैं।








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