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देश के विभिन्न राज्यों के योग शिक्षक/प्रशिक्षक विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में 75वें गणतंत्र दिवस परेड के साक्षी बनेंगे

 नई दिल्ली।  75वें गणतंत्र दिवस समारोह 2024 के अवसर पर, देश के विभिन्न राज्यों के योग शिक्षक/प्रशिक्षक विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड देखेंगे। भारत सरकार ने देश भर में जमीनी स्तर पर योग के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए291 योग शिक्षकों और प्रशिक्षकों को उनके परिवार के सदस्यों के साथ आमंत्रित किया है। ये योग प्रशिक्षक/शिक्षक आयुष मंत्रालय के राष्ट्रीय आयुष मिशन की प्रमुख योजना के तहत कार्य कर रहे एएचडब्ल्यूसी (आयुष स्वास्थ्य और कल्याण केन्द्र) के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल/कल्याण से संबंधित क्षेत्र में संलग्न हैं। गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के बाद सभी विशेष आमंत्रित अतिथिकेन्द्रीय आयुष तथापत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल के साथ उनके आवास पर बातचीत भी करेंगे।

 एएचडब्ल्यूसी से जुड़े ये योग शिक्षक/प्रशिक्षक आयुष के प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल से संबंधित क्षेत्र में योग के माध्यम से चलने वाले कल्याण अभियान का हिस्सा हैं। ये प्रशिक्षक/शिक्षक न केवल लोगों को आवश्यक योग संबंधी प्रशिक्षण प्रदान करते हैं, बल्कि प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की जरूरतों का भी ध्यान रखते हैं। इन सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों में अपनी उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। गणतंत्र दिवस परेड 2024 देखने के बाद, ये विशेष आमंत्रित अतिथि दिल्ली में विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करेंगे और योग के बारे में अपने जमीनी प्रयासों एवं अनुभवों के बारे में केन्द्रीय आयुष तथापत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री के साथ बातचीत भी करेंगे।
 योग को अब पूरे विश्व में मान्यता मिल गई है। आयुष मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में, संपूर्ण सरकार के दृष्टिकोण के साथदेशभर के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर योग को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का सुझाव दिया था। लोगों को योग के प्रति जागरूक करने के लिए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया जा रहा है। योग के प्राचीन भारतीय दर्शन पर आधारित मन और शरीर को अनुशासितरखने की विधा को यूनेस्को की अमूर्त विश्व विरासत की सूची में भी शामिल किया गया है। केन्द्र सरकार ने योगासन को खेल विधा के रूप में भी मान्यता दी है और इसे प्राथमिकता की श्रेणी में रखा है। योग को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। कई विश्वविद्यालयों ने योग से संबंधित पाठ्यक्रम शामिल किए हैं। आयुष मंत्रालय ने वन-स्टॉप स्वास्थ्य समाधान के रूप में नमस्ते योग ऐप की शुरुआत की है, जो लोगों को आसानी से योग से संबंधित जानकारी, योग कार्यक्रमों और योग कक्षाओं तक पहुंचने में सक्षम बनाता है। इसी तरह, योग का लाभ दुनिया भर में पहुंचाने के लिए वाई-ब्रेक और डब्ल्यूएचओ-एम योगा भी लॉन्च किया गया है।
 देश भर में एएचडब्ल्यूसी (आयुष स्वास्थ्य और कल्याण केन्द्र) लोगों के स्वास्थ्य संबंधी कल्याण के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। योग इन एएचडब्ल्यूसी का महत्वपूर्ण हिस्सा है और शिक्षक/प्रशिक्षक योग को जमीनी स्तर तक ले जाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाते हैं। file photo
 

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