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भारत रंग महोत्सव का 25वां संस्करण एक फरवरी से, 150 से अधिक नाटकों का होगा मंचन

नयी दिल्ली. भारत रंग महोत्सव (बीआरएम) के 25वें संस्करण में एक फरवरी से 15 भारतीय शहरों में कार्यशालाओं, चर्चाओं और मास्टर कक्षाओं के साथ-साथ 150 से अधिक नाटकों का मंचन होगा। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय ने शनिवार को यहां यह घोषणा की। ‘दुनिया का सबसे बड़ा रंगमंच महोत्सव' माना जाने वाला 'भारंगम' रंगमंच और सांस्कृतिक प्रेमियों को भारतीय और वैश्विक रंगमंच परंपराओं की एक समृद्ध खजाना प्रस्तुत करेगा। इस साल का रंगमंच महोत्सव मुंबई के ‘नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स' (एनसीपीए) में अभिनेता और एनएसडी के पूर्व छात्र आशुतोष राणा के शुरुआती नाटक "हमारे राम" के साथ शुरू होगा। एनएसडी के निदेशक चित्तरंजन त्रिपाठी ने कहा, ‘‘पिछले 25 वर्षों में, इस महोत्सव ने एक मार्गदर्शक का काम किया है और यह वैश्विक रंगमंच परंपराओं का समृद्ध खजाना है। आगामी संस्करण एक भव्य महोत्सव होगा, जो न केवल रंगमंच क्षेत्र के भीतर असाधारण रचनात्मकता को प्रदर्शित करेगा, बल्कि सहयोग की सुंदरता पर भी जोर देगा।'' उन्होंने कहा कि यह नाट्य विद्यालय "रंगमंच के जादू को बढ़ावा देने, विविध आवाज और विमर्श को पनपने के लिए एक मंच प्रदान करने" के लिए समर्पित है। इस वर्ष का संस्करण "वसुधैव कुटुंबकम, वंदे भारंगम" के विषय पर आधारित है, जो कलाकारों के बीच वैश्विक एकता को बढ़ावा देता है। नाट्य विद्यालय ने इस साल के महोत्सव के लिए अभिनेता और एनएसडी के पूर्व छात्र पंकज त्रिपाठी को ‘ब्रांड एंबेसडर' भी नियुक्त किया है। महोत्सव के बारे में बात करते हुए त्रिपाठी ने कहा कि वह "रंगदूत" की भूमिका के माध्यम से भारंगम के बारे में जानकारी छोटे शहरों और आम जनता तक फैलाने की कोशिश करेंगे। त्रिपाठी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘यह बहुत महत्वपूर्ण है कि न केवल रंगमंच कलाकार बल्कि आम जनता भी इस महोत्सव में शामिल हो। कई बार छोटे शहरों में, यहां तक कि पटना जैसे शहरों में भी लोगों को पता नहीं होता है कि कोई रंगमंच के क्षेत्र में कैसे जा सकता है या कैसे शामिल हो सकता है। मेरा प्रयास इस महोत्सव के बारे में अधिक जागरूकता फैलाने का होगा, ताकि लोग आ सकें और देख सकें और साथ ही अधिक युवाओं को रंगमंच की कला में रुचि हो।'' भारंगम का मंचन नयी दिल्ली के अलावा मुंबई, पुणे, भुज, विजयवाड़ा, जोधपुर, डिब्रूगढ़, भुवनेश्वर, पटना, रामनगर, अगरतला और श्रीनगर सहित कुछ नए और पुराने स्थानों पर किया जाएगा। कार्यक्रम में एनएसडी के अध्यक्ष और अभिनेता परेश रावल ने कहा कि रंगमंच, खासकर एनएसडी को और अधिक केंद्रों तक ले जाना महत्वपूर्ण है। इस महोत्सव का समापन 21 फरवरी को दिल्ली में एक विशेष समारोह के साथ होगा।

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