डॉ. अरविंद पनगढ़िया की अध्यक्षता में सोलहवें वित्त आयोग का गठन
नई दिल्ली। भारत सरकार ने, भारत के राष्ट्रपति की मंजूरी से, संविधान के अनुच्छेद 280(1) के अनुसरण में सोलहवें वित्त आयोग का गठन किया है।
नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष और कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. अरविंद पनगढ़िया इसके अध्यक्ष होंगे। श्री ऋत्विक रंजनम पांडे को आयोग का सचिव नियुक्त किया गया है। आज जारी अधिसूचना में सोलहवें वित्त आयोग के संदर्भ की विस्तृत शर्तें भी बताई गई हैं। राष्ट्रपति की मंजूरी से निम्नलिखित लोगों को आयोग के सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है।
1. श्री अजय नारायण झा, पूर्व सदस्य, 15वां वित्त आयोग एवं पूर्व सचिव, व्यय-पूर्णकालिक सदस्य
2. श्रीमती एनी जॉर्ज मैथ्यू, पूर्व विशेष सचिव, व्यय-पूर्णकालिक सदस्य
3. डॉ. निरंजन राजाध्यक्ष, कार्यकारी निदेशक, अर्थ ग्लोबल-पूर्णकालिक सदस्य
4. डॉ. सौम्य कांति घोष, भारतीय स्टेट बैंक समूह के मुख्य आर्थिक सलाहकार-पूर्णकालिक सदस्य
सोलहवां वित्त आयोग निम्नलिखित मामलों पर सिफारिशें करेगा, अर्थात्: -
(i) संघ और राज्यों के बीच करों की शुद्ध आय का वितरण, जो संविधान के अध्याय I, भाग XII के तहत उनके बीच विभाजित किया जाना है, या किया जा सकता है और राज्यों के बीच ऐसे संबंधित शेयरों का आवंटन आय;
(ii) वे सिद्धांत जो अनुच्छेद 275 के तहत भारत की संचित निधि से राज्यों के राजस्व की सहायता अनुदान और राज्यों को उनके राजस्व की सहायता अनुदान के माध्यम से भुगतान की जाने वाली राशि को नियंत्रित करना चाहिए। उस अनुच्छेद के खंड (1) के प्रावधानों में निर्दिष्ट उद्देश्यों के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए संविधान का; और
(iii) राज्य के वित्त आयोग द्वारा की गई सिफारिशों के आधार पर राज्य में पंचायतों और नगर पालिकाओं के संसाधनों के पूरक के लिए राज्य की समेकित निधि को बढ़ाने के लिए आवश्यक उपाय।
सोलहवां वित्त आयोग आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 (2005 का 53) के तहत गठित निधियों के संदर्भ में, आपदा प्रबंधन पहल के वित्तपोषण पर वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा कर सकता है और उस पर उचित सिफारिशें कर सकता है। सोलहवें वित्त आयोग से अनुरोध किया गया है कि वह 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होने वाली पांच साल की अवधि को कवर करते हुए अपनी रिपोर्ट 31 अक्टूबर , 2025 तक उपलब्ध कराए ।

.jpg)






.jpg)

Leave A Comment