राज्यसभा में सभापति धनखड़ ने ‘चक्रव्यूह' पर ली चुटकी
नयी दिल्ली. लोकसभा में आम बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान में आये ‘चक्रव्यूह' शब्द की अनुगूंज मंगलवार को राज्यसभा में उस समय सुनाई दी जब सभापति जगदीप धनखड़ ने भारतीय अर्थव्यवस्था विशेषकर आधारभूत ढांचे में हुई प्रगति की सराहना कर रहे राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल से चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘आपका कहने का मतलब है कि हम किसी चक्रव्यूह में नहीं फंसे हैं।'' उच्च सदन में आम बजट 2024-25 और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के बजट पर संयुक्त चर्चा में भाग लेते हुए जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल पटेल भारतीय अर्थव्यवस्था में हुई प्रगति की सराहना कर रहे थे तो उन्हें बीच में टोकते हुए सभापति धनखड़ ने यह बात कही। सभापति ने कहा, ‘‘आपका कहने का मतलब है कि हम किसी चक्रव्यूह में नहीं फंसे हैं। यह चक्रव्यूह की जो बात है, उसका कोई आधार नहीं है।'' उनकी बात से सहमति जताते हुए पटेल ने कहा, ‘‘कोई चक्रव्यूह में फंसने की बात नहीं है। कोई आधार नहीं है...चक्रव्यूह में क्या हो गया है कि यहां के (सरकार के) यशस्वी काम की वजह से वो (विपक्ष) चक्रव्यूह में फंस गये हैं। और इसलिए चक्रव्यूह दूसरी तरह से बताने की कोशिश की जाती है।'' पटेल ने कहा, ‘‘140 करोड़ लोगों के मुल्क में यदि कोई कहे कि हर व्यक्ति का भला हम रातों रात कर देंगे तो यह संभव नहीं है। जो लोग आज टीका (-टिप्पणी) करते हैं उन्होंने अपने कार्यकाल में कितना कुछ उपलब्ध करा कर दिया हमारे देश के विकास के लिए, उन्हें इसके बारे में आत्मचिंतन करना चाहिए। टीका-टिप्पणी और टोका-टोकी करना तो बहुत आसान है।'' गौरतलब है कि सोमवार को लोकसभा में आम बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर देश को अभिमन्यु की तरह चक्रव्यूह में फंसाने का आरोप लगाया और दावा किया कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस' (इंडिया) इस चक्रव्यूह को तोड़ेगा।





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