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अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह भारत के राजस्व में प्रमुख योगदानकर्ता बनेगा : अमित शाह

श्री विजयपुरम.  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जोर देकर कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह अगले 10 वर्षों में देश के राजस्व में एक प्रमुख योगदानकर्ता बन जाएगा। उन्होंने यह आशा भी व्यक्त की कि दो वर्षों में भारत वर्तमान में चौथे स्थान से आगे बढ़कर विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। शाह अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में 373 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास समारोह में बोल रहे थे। केंद्रीय गृह मंत्री ने द्वीपसमूह में अंतरराष्ट्रीय माल ढुलाई परियोजना, तेल अन्वेषण परीक्षण और अन्य विकासात्मक परियोजनाओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि द्वीपों के इस समूह को कभी देश के राजस्व पर बोझ माना जाता था। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन आज, (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी जी की दूरदृष्टि के तहत, मुझे विश्वास है कि अगले 10 वर्षों के बाद, यह द्वीपसमूह देश के राजस्व में एक प्रमुख योगदानकर्ता होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत अब विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, और मुझे विश्वास है कि दो वर्षों में यह विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।'' शाह ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1943 को राष्ट्रीय ध्वज फहराकर अंडमान को मुक्त कराया था और उनकी इच्छा के अनुरूप प्रधानमंत्री मोदी ने उनके सम्मान में अंडमान एवं निकोबार के दो द्वीपों का नाम क्रमशः ‘शहीद' और ‘स्वराज' रखा है। उन्होंने कहा, ‘‘स्वतंत्र भारत में रहने वाले प्रत्येक भारतीय के लिए यह भूमि एक तीर्थस्थल है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान, सेनानियों पर हुए अत्याचार और उनकी आवाज दुनिया तक नहीं पहुंच सकी।'' केंद्रीय गृह मंत्री ने यहां नेताजी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अब वीर सावरकर का स्मारक और सेलुलर जेल में जलती मशाल दुनिया को बता रही है कि कई शहीदों ने यहां अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने 2023 में प्रधानमंत्री द्वारा अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के 21 द्वीपों का नामकरण परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर किए जाने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मोदी जी ने द्वीपों का नामकरण वीर योद्धाओं के नाम पर करने का कार्य अपने हाथ में लिया है।'' शाह ने नए आपराधिक कानूनों पर आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और कहा कि आपराधिक न्याय प्रणाली में हो रहे परिवर्तनों को समझने के वास्ते लोगों को ब्रिटिश कानूनों को समाप्त करने के लिए लागू की गईं न्याय संहिताओं पर आधारित प्रदर्शनी अवश्य देखनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘आज के समय में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह हमारी स्वतंत्रता, संप्रभुता, समुद्री शक्ति और आर्थिक गतिविधियों का केंद्रबिंदु बन गया है।'' शाह ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थिति के कारण, इन द्वीपों में समुद्री अर्थव्यवस्था के लिए अपार संभावनाएं और पर्यटन के लिए व्यापक क्षमता है, तथा केंद्र इसकी विरासत को संरक्षित करते हुए पूरे द्वीपसमूह को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ‘विकसित भारत' अभियान के बारे में कहा, ‘‘2047 में, भारत की स्वतंत्रता के शताब्दी समारोह के दौरान, जब हमारा देश हर क्षेत्र में नंबर एक होगा, तब आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी पर जोर देना बहुत महत्वपूर्ण होगा।'' शाह ने ग्रेट निकोबार ब्लॉक में ‘जीरो पॉइंट' से ‘ईस्ट वेस्ट रोड' तक एक सड़क परियोजना, उपभोक्ता आयोग भवन, 155 बिस्तरों वाले अस्पताल के पहले चरण, 50 बिस्तरों वाली गहन चिकित्सा इकाई, एकीकृत नियंत्रण और कमान सेंटर केंद्र, तथा डीएनए और साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशाला का उद्घाटन किया।

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