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- रायपुर। चौबे कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल में गुरुवार शाम को सात बजे कंडे की होली जलाई जाएगी। वहीं 16 मार्च, रविवार को शाम चार बजे से मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में होली मिलन समारोह आयोजित किया गया है। उपाध्यक्ष गीता दलाल के अनुसार इस मौके पर होली की मस्ती से सराबोर कई हास्य- परिहास के मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए होली मिलन में बहुत कुछ मजेदार होगा।मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल पर्यावरण का संरक्षण के उद्देश्य से लगभग 10 वर्षों से लकड़ी की जगह पर कंडे और गोकाष्ट के उपयोग को प्राथमिकता देने की मुहिम चला रहा है। इसी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए पहली बार महाराष्ट्र मंडल अब कंडे की होली जलाएगा। साथ ही इसके लिए समीपस्थ कालोनियों व मोहल्लों की होली समितियों को जागरूक और प्रेरित भी करेगा। इस बीच मंडल सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने आजीवन सभासदों के साथ-साथ आमजनों से भी अपील की है कि रंगों की होली जमकर खेलें, लेकिन पानी के दुरुपयोग से बचें। स्वयं भी कम से कम पानी का उपयोग करें और दूसरों को भी इसके लिए तैयार करें।
- बिलासपुर /विकासखंड तखतपुर के ग्राम भरनी में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता दीदियों को प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यशाला में समूह की 11 दीदियों ने भाग लिया। दीदियों को कचरा प्रबंधन के संबंध में विस्तार से संपूर्ण जानकारी दी गई।अपने आस-पास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने का जिम्मा ली जय माँ लक्ष्मी स्व सहायता समूह की स्वच्छता दीदीयों के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वछता प्रशिक्षण का आयोजन जिला पंचायत द्वारा किया गया। इस कार्यशाला में कचरा प्रबंधन की मुख्य प्रक्रिया कचरा पृथक्करण के विषय मे पहले विस्तार से समझाया गया। इसके पश्चात कितने प्रकार से कचरा पृथक करना है उसकी जानकारी दी गई। केंद्र में व्यवहारिक प्रशिक्षण समूह की दीदीयों द्वारा दिया गया जिसे स्वच्छता समूह की दीदीयों ने ध्यान पूर्वक सुना, समझा और सबसे पहले अपने ग्राम पंचायत को स्वच्छ करने का संकल्प लिया। प्रशिक्षण में जिला पंचायत से श्रीमती करुणा, जसवंत जांगङे, जनपद पंचायत तखतपुर, सरपंच भरनी और समूह की 11 दीदीयों ने प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण देने के लिए पर्यावरण संरक्षण गतिविधि से प्रांत संयोजक अक्षय जी और राजेश जी उपस्थित रहे।
- - सखी फाउंडेशन की तरह आप भी डिस्पोजल का उपयोग नहीं करने का लें संकल्प: नीलम सिंहरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के सड्डू- मोवा केंद्र में महिला दिवस के साथ धूमधाम से होली मिलन समारोह मनाया गया। कार्यक्रम की विशेष अतिथि आयुर्वेद की डॉ. रश्मि शुक्ला और अध्यक्ष नीलम सिंह सखी फाउंडेशन से आई थी। पूरे आयोजन में शालिनी जोशी कृष्ण की वेशभूषा में सभी के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।डॉ. रश्मि ने सभी महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामना देते हुए स्वस्थ जीवन व्यतीत करने के लिए सुबह से रात तक की दिनचर्या, खान- पान और पंचकर्म क्रिया का महत्व बताया। नीलम सिंह ने सखी फाउंडेशन के उद्देश्य बताये। पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों के अलावा 'नारी शक्ति क्या कार्य कर रहा है', इसकी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमने संकल्प लिया है कि छोटे- बड़े किसी भी प्रकार के कार्यक्रम में डिस्पोजबल का उपयोग नहीं करेंगे। आप लोगों को भी प्रकृति का संरक्षण करने के लिए इसी तरह का संकल्प लेना चाहिए।शंकर नगर प्रभारी रेणुका पुराणिक ने महाराष्ट्र मंडल के विभिन्न कार्यों से अतिथियों को अवगत कराया।कार्यक्रम में सड्डू- मोवा केंद्र की महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। एक- दूसरे को महिला दिवस की शुभकामनाएं और बधाई देते हुए विशेष अतिथि के साथ फुलों की होली खेली। इस अवसर पर आरती पोतदार, प्राजक्ता एतुलवार, शालिनी जोशी, मनीषा होशंगाबादे, माधुरा भागवत, रंजना देशपांडे, कुंदा देवीकडर, प्राजंलि चारपे, शुभदा राजिमवाले, श्रुती डोंनगांवकर, मंजुषा कलाकार, माधवी मोघे, उर्वशी, स्मिता कराले, माणिक आचार्य, सुरेखा पाटील सहित कई महिलाएं शामिल रहीं।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में तमिलनाडु कावेरी फार्मर्स प्रोटेक्शन एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान तमिलनाडु के किसानों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक रूप से धान और पान से बनी माला पहनाकर अभिनंदन किया और अपनी परंपरा के अनुरूप रेड बनाना (लाल केला), आम, नारियल के पौधे और कटहल उपहार स्वरूप भेंट किए। इस आत्मीय स्वागत के लिए मुख्यमंत्री श्री साय ने किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी उपस्थित थे।तमिलनाडु के किसानों ने छत्तीसगढ़ सरकार की नीति को बताया अनुकरणीयमुलाकात के दौरान तमिलनाडु के किसानों ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को दिए जा रहे देश के सर्वाधिक धान मूल्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की नीति किसानों के लिए एक मिसाल है। इस पहल को किसानों की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि जब किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिलता है, तो वे न केवल अधिक उत्पादन के लिए प्रेरित होते हैं, बल्कि खेती को एक स्थायी आजीविका के रूप में भी देख सकते हैं।एसोसिएशन के महासचिव श्री स्वामीमलाई सुंदर विमलनाथन ने मुख्यमंत्री की इस नीति की सराहना करते हुए कहा कि उचित समर्थन मूल्य किसानों को आश्वस्त करता है कि उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलेगा। जब मूल्य उत्पादन लागत से मेल खाता है, तो किसान निडर होकर खेती कर सकते हैं और अपनी आजीविका को समृद्ध बना सकते हैं। छत्तीसगढ़ का यह कदम पूरे देश में मिसाल बन सकता है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ दिलाना है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। धान के लिए उच्चतम समर्थन मूल्य और समय पर भुगतान हमारी प्राथमिकता है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि किसान न केवल आत्मनिर्भर बनें बल्कि समृद्ध भी हों।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई यह नीति राज्य में धान उत्पादन को नए उच्च स्तर तक ले जा रही है। किसान हितैषी योजनाओं के कारण प्रदेश में धान का उत्पादन लगभग 1.50 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जो राज्य के कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।छत्तीसगढ़ की कृषि नीति को राष्ट्रीय पहचानतमिलनाडु के किसानों ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार की कृषि नीतियों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान की सराहना की। किसानों ने कहा कि जब सरकार किसानों के हित में ठोस नीतियाँ बनाती है, तो उनका सीधा प्रभाव उनकी आय, जीवन स्तर और समृद्धि पर पड़ता है। यह मुलाकात दो राज्यों के किसानों के बीच आपसी सौहार्द और कृषि सहयोग का प्रतीक बनी। इससे स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ सरकार की किसान-केंद्रित नीतियां न केवल राज्य में बल्कि देशभर में अनुकरणीय बन रही हैं।इस अवसर पर एसोसिएशन के महासचिव श्री स्वामीमलाई सुंदर विमलनाथन के साथ श्री चेरन, श्री कालिया पेरूमल, श्री समीनाथन, श्री सेनगुटटुवन, श्री सुगुमारन, श्री बालाजी, श्री सीतारामन, श्री सबरी नाथन, श्री जी. बालाजी सहित अन्य किसान नेता उपस्थित थे।
- -प्रेस क्लब के रिनोवेशन के लिए 1 करोड़ रुपये की घोषणा पर पत्रकारों ने जताया आभाररायपुर / होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का अवसर भी है। यह पर्व हमें छोटी-छोटी अनबन को भुलाकर नए सिरे से दोस्ती की शुरुआत करने की प्रेरणा देता है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में यह बात कही।रंगों के बीच पत्रकारों संग झूमे मुख्यमंत्रीमुख्यमंत्री श्री साय का रायपुर प्रेस क्लब के सदस्यों ने अनूठे अंदाज में भिंडी की माला पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रेस क्लब के होली विशेषांक ‘सेंसलेस टाइम्स’ का विमोचन भी किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब में पर्वों को मिल-जुलकर मनाने की एक गौरवशाली परंपरा है। हर साल इस होली उत्सव में शामिल होने का अवसर मिलता है। मैं रायपुर प्रेस क्लब परिवार का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। हर्ष और उल्लास से भरा यह पर्व आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करे, यही मेरी मंगलकामना है।मुख्यमंत्री ने बजाया नगाड़ा, रंगों के उल्लास में झूमे पत्रकाररायपुर प्रेस क्लब के होली मिलन समारोह में रंगों और उमंग का अनोखा नज़ारा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खुद नगाड़ा बजाकर उत्सव का जोश दोगुना कर दिया। मुख्यमंत्री के नगाड़ा बजाते ही समारोह में मौजूद पत्रकारों और गणमान्यजनों ने तालियों से उत्साह बढ़ाया और पूरे माहौल में उल्लास की लहर दौड़ गई। पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की धुन पर मुख्यमंत्री भी पत्रकारों के साथ फाग गीतों और होली की मस्ती में झूमते नजर आए। होली के इस रंगीन माहौल में संगीत, उत्सव और आपसी भाईचारे का अनूठा संगम देखने को मिला।पत्रकारों के लिए बड़ी सौगात, प्रेस क्लब के लिए 1 करोड़ का बजट प्रावधानमुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर प्रेस क्लब की परंपरा को सराहते हुए कहा कि इस वर्ष के बजट में पत्रकारों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का दर्पण होते हैं, जो लोकतंत्र की मजबूती में अहम भूमिका निभाते हैं। रायपुर प्रेस क्लब को राजधानी की गरिमा के अनुरूप विकसित करने के लिए 1 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिससे इसके भवन का रिनोवेशन और विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा पत्रकारों के लिए एक्सपोजर विजिट की भी मांग उठी थी, जिसे पूरा करते हुए 1 करोड़ रुपये का अलग से बजट प्रावधान किया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने वरिष्ठ पत्रकारों के कल्याण की चिंता करते हुए कहा कि लंबे समय तक पत्रकारिता के क्षेत्र में जनसेवा करने वाले साथियों को सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े, इसके लिए सरकार ने सम्मान निधि को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह कर दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुझे लगता है कि यह होली केवल रंगों और फाग की मस्ती का पर्व नहीं, बल्कि पत्रकार मित्रों के लिए भी बड़ी सौगात लेकर आई है।महिला पत्रकारों के योगदान को सराहामुख्यमंत्री ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित विशेष कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अवसर पर उन्होंने महिला पत्रकारों का सम्मान किया और उनके संघर्ष व उपलब्धियों को करीब से समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारिता में चुनौतियाँ बहुत हैं, लेकिन उनके हौसले और संकल्प भी उतने ही ऊँचे हैं।लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में पत्रकारों की अहम भूमिकामुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के प्रहरी होते हैं, जिनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। ऐसे में उनके लिए इस तरह के सांस्कृतिक और मिलन समारोह जरूरी हैं, जिससे कार्य के दबाव से अलग हटकर परस्पर सौहार्द को बढ़ावा मिले।रायपुर प्रेस क्लब वर्षों से होली मिलन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करता आ रहा है। यह परंपरा आगे भी जारी रहनी चाहिए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री सुनील सोनी, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे,मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह, श्री अमित चिमनानी, श्री अनुराग अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और अधिकारीगण कार्यक्रम में शामिल हुए। रायपुर प्रेस क्लब की ओर से अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल ठाकुर सहित प्रेस क्लब के सदस्यगण उपस्थित थे।
- -बस्तर में शांति स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा बस्तर पंडुम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय-बस्तर के असल जीवन को करीब से जानने-समझने का मिलेगा अवसर-बस्तर पंडुम 2025: लोकसंस्कृति और परंपराओं का भव्य उत्सव-बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की अनूठी पहल है बस्तर पंडुमरायपुर/ बस्तर के लोग जीवन का हर पल उत्सव की तरह जीते हैं और अपनी खुशी की अभिव्यक्ति के लिए उनके पास समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। बस्तर में शांति स्थापना के लिए हम तेजी से अपने कदम बढ़ा रहे हैं और बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के लोकजीवन और लोकसंस्कृति को सहेजने के साथ ही उनकी उत्सवधर्मिता में हम सहभागी बनेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में मांदर की थाप पर नाचते कलाकारों की मौजूदगी में बस्तर पंडुम 2025 के लोगो का अनावरण किया और यह बातें कही। उन्होंने बस्तर पंडुम के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ ही बस्तर के प्रतिभाशाली कलाकारों को सशक्त मंच प्रदान करेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बस्तर पंडुम के बुकलेट का विमोचन किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद बस्तर का विकास और वहां के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल रहा है। बस्तर को माओवाद से मुक्त करने की दिशा में हमने तेजी से अपने कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक और हाल ही में आयोजित अबूझमाड़ पीस हॉफ मैराथन में भी बस्तर वासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। यह दर्शाता है कि बस्तर वासियों का विश्वास लगातार शासन के प्रति बढ़ा है और वे क्षेत्र में शांति और अमन-चैन चाहते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने बजट में नक्सली हिंसा से ग्रसित रहे पुवर्ती गांव में भी अस्पताल खोलने का बड़ा निर्णय लिया है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से हम बस्तर वासियों के मूलभूत जरूरत को तेजी से पूरा कर रहें हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के लोग अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं और हर मौके को अपने खास अंदाज में सेलिब्रेट करते हैं । बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के असल जीवन को और करीब से देखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम में नृत्य, गीत, लोककला, लोकसंस्कृति, नाट्य, शिल्प, रीति- रिवाज, परंपरा और व्यंजन सहित विभिन्न 7 विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। श्री साय ने कहा कि बस्तर में खुशहाली हो, लोग भयमुक्त होकर अपने अंदाज में जिये और उन्हें शासन की सभी सुविधाओं का लाभ मिले।इस मौके पर उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक श्री किरण देव, विधायक सुश्री लता उसेंडी, विधायक श्री विनायक गोयल, संस्कृति विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी. और संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य मौजूद रहे।बस्तर की पहचान को दर्शा रहा है बस्तर पंडुम का लोगोबस्तर पंडुम के लोगो में बस्तर के लोकजीवन को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है और यह उनकी सांस्कृतिक पहचान से गहरे से जुड़ा हुआ है। बस्तर के विरासत को बहुत ही कलात्मक ढंग से दिखाने का प्रयास इसमें किया गया है। "बस्तर पंडुम" गोंडी का शब्द है जिसका अर्थ है बस्तर का उत्सव। प्रतीक चिन्ह में बस्तर की जीवनरेखा इंद्रावती नदी, चित्रकूट जलप्रपात, छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु वनभैंसा, राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना, बायसन हॉर्न मुकुट, तुरही, ढोल, सल्फी और ताड़ी के पेड़ को शामिल गया है। इस प्रतीक चिन्ह के माध्यम से सरल, सहज और उम्मीदों से भरे अद्वितीय बस्तर को आसानी से जाना और समझा जा सकता है।नृत्य, गीत समेत 07 प्रमुख विधाओं पर केंद्रित होगा आयोजन‘‘बस्तर पंडुम 2025’’ में जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, पारंपरिक वेशभूषा एवं आभूषण, शिल्प-चित्रकला और जनजातीय व्यंजन एवं पारंपरिक पेय से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। ये स्पर्धाएं तीन चरणों में संपन्न होंगी। जनपद स्तरीय प्रतियोगिता 12 से 20 मार्च, जिला स्तरीय प्रतियोगिता 21 से 23 मार्च, संभाग स्तरीय प्रतियोगिता दंतेवाड़ा में 1 से 3 अप्रैल तक सम्पन्न होगी। प्रत्येक स्तर पर प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।बस्तर के लोकजीवन और परंपराओं पर आधारित आयोजन होंगे प्रमुख आकर्षणबस्तर पंडुम में बस्तर की पारंपरिक नृत्य-शैली, गीत, रीति-रिवाज, वेशभूषा, आभूषण और पारंपरिक व्यंजनों का शानदार प्रदर्शन होगा। प्रतियोगियों के प्रदर्शन को मौलिकता, पारंपरिकता और प्रस्तुति के आधार पर अंक दिए जाएंगे। आयोजन में समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। प्रतियोगिता के विजेताओं के चयन के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ आदिवासी समाज के वरिष्ठ मुखिया, पुजारी और अनुभवी कलाकार शामिल रहेंगे। इससे प्रतियोगिता में पारदर्शिता बनी रहेगी और पारंपरिक लोककला को न्याय मिलेगा।
- -विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष सहित सभी विधायकों ने खेली होलीमंत्री-विधायकों के फाग गीतों पर झूमे सदस्य, डॉ. सुरेंद्र दुबे की कविताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांधारायपुर।,विधानसभा परिसर में आज होली मिलन समारोह का रंगारंग आयोजन हुआ, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित तमाम विधायकों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं। आयोजन का पूरा माहौल होली के उल्लास में सराबोर रहा। मंत्रियों और विधायकों ने पारंपरिक फाग गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिस पर विधानसभा सदस्य झूमते नजर आए।मंत्री-विधायकों के फाग गीतों से गूंजा विधानसभा परिसरहोली मिलन समारोह में लोक परंपरा का विशेष रंग देखने को मिला। मंत्री-विधायकों द्वारा गाए गए फाग गीतों से विधानसभा परिसर में सांस्कृतिक समृद्धि की झलक दिखी।राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने मुख मुरली बजाए, छोटे से श्याम कन्हैया गीत की मधुर प्रस्तुति दी।विधायक श्री अनुज शर्मा ने का तैं मोला मोहिनी डाल दिये रे और रंग बरसे गीत गाकर समां बांध दिया। विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद ने फागुन मस्त महीना और चना के डार राजा गीत गुनगुनाया। विधायक श्री दिलीप लहरिया ने नदिया के पार म, कदली कछार म गीत सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। विधायक श्री रामकुमार यादव और श्रीमती चातुरी नंद ने भी फाग गीतों से समां बांधा।डॉ. सुरेंद्र दुबे की कविताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाया रंगलोकप्रिय कवि डॉ. सुरेंद्र दुबे ने अपनी हास्य और होली की रंगीन कविताओं से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा श्री राकेश तिवारी और उनकी टीम ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने डॉ. सुरेंद्र दुबे, श्री राकेश तिवारी व उनकी टीम को सम्मानित किया।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वनमंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, विधायक श्री अजय चंद्राकर, श्री धर्मलाल कौशिक, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री धर्मजीत सिंह, श्री मोतीलाल साहू, श्री सुशांत शुक्ला, श्री संदीप साहू, गुरु खुशवंत साहेब, श्री भैयालाल राजवाड़े, श्री ईश्वर साहू, श्री कुंवर सिंह निषाद, श्री रिकेश सेन, श्री रामकुमार यादव, श्रीमती भावना बोहरा, श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, श्री अटल श्रीवास्तव, श्री ललित चंद्राकर सहित विधानसभा के अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
- -मेडिकल स्टाफ को विशेष निर्देश, सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ीरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल के दिशानिर्देश पर होली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए अम्बेडकर अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की व्यवस्था की गई है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने के लिए निर्देशित किया है। होली के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना या आपातकालीन चिकित्सा स्थिति के संभावित मामलों को देखते हुए आपात चिकित्सा सेवाओं को चौबीसों घंटे चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं। होली के दिन 14 मार्च को शासकीय अवकाश होने के कारण ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) बंद रहेगा, लेकिन इमरजेंसी सेवाएं पूर्ववत 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी।आपात चिकित्सा सेवाओं को लेकर विशेष प्रबंधआपातकालीन वार्डों में जीवन रक्षक दवाओं और आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। मेडिकल स्टाफ को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता दी जा सके। सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को इमरजेंसी ड्यूटी के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। मरीजों को समय पर इलाज मिल सके, इसके लिए ट्रॉमा और इमरजेंसी यूनिट को विशेष रूप से सशक्त किया गया है।सुरक्षा व्यवस्था भी होगी चाक-चौबंदअस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा गार्ड और बंदूकधारी गार्ड तैनात किए गए हैं। सिक्योरिटी सुपरवाइजर को विशेष सतर्कता बरतने और सुरक्षा स्टाफ को चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। आपात स्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस से समन्वय किया गया है।डीकेएस अस्पताल तक एम्बुलेंस सेवा उपलब्धगंभीर मरीजों को आवश्यकतानुसार चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए डीकेएस अस्पताल स्थित सुपर स्पेश्यलिटी विभाग में भेजने की प्रक्रिया को तेज और सुगम बनाने के लिए अम्बेडकर अस्पताल से डीकेएस अस्पताल तक एम्बुलेंस सेवा 24 घंटे सक्रिय रहेगी। अस्पताल प्रशासन ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि होली का त्योहार सावधानीपूर्वक मनाएं और किसी भी आकस्मिक चिकित्सा स्थिति में घबराए बिना अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं का लाभ उठाएं।
- -यूनेस्को ने पहली सूची में किया शामिलरायपुर / अपनी समृद्ध जैव विविधता और जीव जंतुओं की दुर्लभ प्रजातियों के आवास के रूप में पहचाने जाने वाले बस्तर के कांगेर घाटी नेशनल पार्क को यूनेस्को ने 2025 की वर्ल्ड हेरिटेज साइट की तदर्थ सूची में शामिल कर लिया है। अब वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा हासिल करने के लिए राज्य सरकार को एक साल में अपना दावा पूरे तथ्यों के साथ पेश करना होगा। कांगेर घाटी को टेंटेटिव लिस्ट में भी शामिल किया जाना भी बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी साइट को यह मौका मिला है। 200 वर्ग किमी में फैला कांगेर घाटी नेशनल पार्क कई वजहों से खास है। करीब दो साल पहले कांगेर घाटी नेशनल पार्क के तत्कालीन डायरेक्टर गणवीर धम्मशील ने करीब साल भर की तैयारी और रिसर्च, पुरातत्व विभाग समेत कई विभागों की शोध के आधार पर वर्ल्ड हेरिटेज साइट के लिए नेशनल पार्क का प्रस्ताव यूनेस्को को भेजा था। यूनेस्को किसी जगह को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा तीन श्रेणियों में देता है। पहली श्रेणी प्राकृतिक धरोहर है, दूसरी सांस्कृतिक और तीसरी मिश्रित । आवेदन पहली श्रेणी के लिए भेजा गया था, जिसे तदर्थ सूची में शामिल कर लिया गया है, जो बड़ी उपलब्धि है। यूनेस्को ने अपनी वेबसाइट पर इस आशय की घोषणा कर दी है। अब इसके समर्थन में एक साल के भीतर तथ्यात्मक जानकारी देनी होगी।कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की खासियत* पार्क की जैवविविधता इसको बेहद खास बनाती है। ये पहाड़ी मैना का प्राकृतिक आवास भी है, जो इंसानों की तरह बोल सकती है।* पार्क में कोटमसर समेत लाइम स्टोन की 16 प्राकृतिक गुफाएं हैं।* ये गुफाएं लाखों साल पुरानी हैं और खास बात ये है कि ये अभी भी जिंदा हैं। यही चीज इन गुफाओं को देश के बाकी हिस्सों की गुफाओं से अलग बनाती हैं। चूना पत्थरों की नई संरचनाओं का निर्माण जारी है। इस गुफाओं में अंधी मछलियों से लेकर बहुत तरह के जीव जंतु* पार्क की एक और खासियत यहां के धुरवा आदिवासी हैं, जो अपने साथ हजारों सालों की सभ्यता समेटे हुए हैं और जंगल को संरक्षित करने में योगदान दे रहे हैं।
- -जशपुर के कुनकुरी में चिकित्सा महाविद्यालय का होगा निर्माण-राज्य के प्रत्येक ब्लॉक में खुलेगा सिकल सेल स्क्रीनिंग सेंटर-निःशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के लिए 1500 करोड़ रूपए का प्रावधान, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 1850 करोड़ रूपए का प्रावधान-बिलासपुर मानसिक चिकित्सालय में 100 बिस्तरों का होगा इजाफा-मेकाहारा स्थित क्षेत्रीय कैंसर संस्थान योजना व अन्य विभाग के लिए प्रथम चरण में 20 करोड़ रूपए के चिकित्सा उपकरणों की होगी व्यवस्था-नई इंटिग्रेटेड खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला के निर्माण के लिए 49 करोड़ रूपए का प्रावधान-कोंटा के पूवर्ती, सुकमा के भेज्जी तथा जशपुर के सिरिमकेला में खुलेगा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्ररायपुर,/छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा तथा बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 6710 करोड़ 85 लाख से अधिक की अनुदान मांगें पारित की गई।लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए विभागीय मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन में कहा कि बजट में जिला चिकित्सालय गरियाबंद एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के भवन निर्माण हेतु 4 करोड़ रूपए बजट में प्रावधानित है। साथ ही मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के जनकपुर में 100 बिस्तर वाले अस्पताल की स्थापना का प्रावधान है, ताकि नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इसके साथ ही जांजगीर-चांपा और कबीरधाम जिले में 100 बिस्तर अस्पताल को 220 बिस्तर अस्पताल में उन्नयन करने के साथ 516 पद सृजित किए जाने का प्रावधान किया है।उन्होंने कहा कि बजट में स्वास्थ्य संस्थानों के सुदृढ़ीकरण हेतु राष्ट्रीय स्तर के संस्थान जैसे-राज्य वैक्सीन भण्डार, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एवं हियरिंग की स्थापना के लिए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां आसानी से उपलब्ध हो सके इसलिए नवीन जन औषधि केन्द्रों की स्थापना का प्रावधान किया गया है।मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि सिकल सेल रोगियों को निशुल्क दवाइयां, परामर्श और समय पर जांच सुविधा प्रदान किए जाने हेतु प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक में सिकल सेल स्क्रीनिंग सेंटर की व्यवस्था किए जाने हेतु बजट में 5 करोड़ तथा सियान केयर क्लिनिक योजना हेतु 2 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। ग्राम पूवर्ती विकासखण्ड कोन्टा, ग्राम भेज्जी जिला सुकमा तथा सिरिमकेला जिला जशपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना के लिए 36 पद प्रावधान किए गए हैं।मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सेंदरी, जिला बिलासपुर में स्थित मानसिक चिकित्सालय को 100 बिस्तर से बढ़ाकर 200 बिस्तर अस्पताल के रूप में उन्नयन किया जाएगा। साथ ही बजट में जगदलपुर एवं मनेन्द्रगढ़ में दो नवीन मानसिक चिकित्सालय प्रारंभ किये जाने का प्रावधान है। इसी तरह दंतेवाड़ा के 100 बिस्तर अस्पताल को 220 बिस्तर सिविल अस्पताल के रूप में उन्नयन करने का प्रावधान किया गया है, ताकि यहां के नागरिकों को उच्च गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के तहत प्रदेश के 77 लाख 20 हजार परिवारों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा योजना प्रदान करने के लिये 1500 करोड़ का प्रावधान है। डॉ० भीमराव अंबेडकर चिकित्सालय रायपुर स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट के कार्डियोलॉजी विभाग का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विगत एक वर्ष के प्रयास से यहां कार्डियक बाईपास भी प्रारंभ हो गया है, जिसके विस्तार हेतु 10 करोड़ का बजट रखा गया है।आयुषमंत्री श्री जायसवाल ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश के जनसामान्य को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से, अन्य चिकित्सा पद्धतियों के साथ-साथ आयुष पद्धतियों का निरंतर विकास और विस्तार सुनिश्चित करने हेतु बजट में 517 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में औषधियों के लिए 25 करोड़ रुपये और चिकित्सा उपकरणों के लिए 6 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।खाद्य एवं औषधि प्रशासनउन्होंने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत संचालित कार्यालय नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राज्य में खाद्य एवं औषधि प्रतिष्ठानों द्वारा निर्मित, विक्रित तथा भंडारित खाद्य और औषधि पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी करते हुए जनसामान्य को उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ और औषधियाँ प्रदान करने के उद्देश्य से बजट में कुल 102 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में एकमात्र खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर में स्थित है, जिसमें खाद्य और औषधि नमूनों की जांच की क्षमता बढ़ाने के लिए 6 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।इसके अतिरिक्त, राज्य में एक नई इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला के निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ सह एफबीए भवन हेतु भूमि क्रय और भवन निर्माण के लिए 49 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।12 नए नर्सिंग महाविद्यालयस्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने व स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने हेतु व प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए निर्णय लिए गए हैं। इसी दिशा में 12 नए नर्सिंग महाविद्यालयांे की स्थापना की जा रही है, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं को नर्सिंग क्षेत्र में प्रशिक्षण और रोजगार मिलेगा, इनमें से 09 नर्सिंग महाविद्यालय (बलरामपुर, दंतेवाड़ा, पुसौर-रायगढ़, जांजगीर-चांपा, जशपुर, बैकुण्ठपुर, नवा रायपुर, कुरूद-धमतरी एवं बीजापुर) राज्य योजना के अंतर्गत और 03 नर्सिंग महाविद्यालय (कांकेर, कोरबा, महासमुन्द) केन्द्र प्रवर्तित योजना के तहत स्थापित किए जाएंगे। इस हेतु 34 करोड़ का बजट प्रावधान प्रथम चरण में किया गया है।06 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयस्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि बजट में प्रदेश में 06 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों (बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर, जशपुर, मनेन्द्रगढ़, रायगढ़) की स्थापना किये जाने का प्रावधान है। जिससे इस क्षेत्र में दक्ष युवाओं की संख्या बढ़ेगी। इस हेतु चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने तथा शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए रायपुर में ‘‘रीजनल ट्रेनिंग सेंटर‘‘ की स्थापना हेतु निर्णय लिया गया है। हमारे मेडिकल प्रोफेशनल्स को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएँ और अधिक सशक्त होंगी। इस हेतु 5 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है।उन्होंने कहा कि रायगढ़, चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय भवन के विकास कार्य एवं अनुरक्षण हेतु 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है तथा राजनांदगांव चिकित्सा महाविद्यालय में विद्युतीकरण कार्य हेतु 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है, तथा 5 करोड़ का प्रावधान कुनकुरी में चिकित्सा महाविद्यालय बनाने का निर्णय लिया गया है।बजट में प्रदेश की जनता के लिए उपचार की सुविधा का विस्तार करने के उद्देश्य से चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर स्थित क्षेत्रीय कैंसर संस्थान विभाग व अन्य विभाग हेतु प्रथम चरण में 20 करोड़ रुपये के चिकित्सा उपकरणों की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही आधुनिक एवं उच्च कोटि के चिकित्सकीय उपकरण उपलब्ध कराने के क्रम में डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में एम.आर.आई. मशीन हेतु 15 करोड़ एवं सी.टी. स्कैन मशीन हेतु 13 करोड़ तथा तथा महासमुंद चिकित्सा महाविद्यालय में सी.टी. स्कैन मशीन हेतु 7 करोड़ प्रथम चरण में बजट प्रावधानित किया गया है।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 1850 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उपरोक्त बजट से वयोवृद्धों के स्वास्थ्य सेवा का सुदृढीकरण किया जाएगा एवं जिला अस्पतालों में वयोवृद्धों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु कार्य होगा। उन्होंने कहा कि सभी जिला अस्पतालों मे डे-केयर कैंसर सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे कैंसर के मरीजांे को अपने गृह जिले में इलाज की सुविधा प्राप्त हो सके।बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन विभागस्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग अन्तर्गत 4 करोड़ रूपये के बजट का प्रावधान किया गया है। 20 सूत्रीय कार्यक्रम ग्रामीण और शहरी जनता के हित के सूत्र हैं। इस कार्यक्रम में गरीबी, रोजगार, शिक्षा, आवास, स्वास्थ्य, भूमि सुधार, सिंचाई, पेयजल, कमजोर वर्ग का संरक्षण एवं सशक्तिकरण, उपभोक्ता संरक्षण, पर्यावरण, ई-शासन आदि जैसे विभिन्न सामाजिक, आर्थिक पहलुओं को शामिल किया गया है।लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण , चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग से संबंधित अनुदान मांगों की चर्चा में विधायकगण सर्वश्री राघवेंद्र सिंह, धर्मजीत सिंह, अटल श्रीवास्तव, पुन्नू लाल मोहले , धरमलाल कौशिक, व्यास कश्यप, राम कुमार यादव एवं श्रीमती रायमुनि भगत शामिल हुए और अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
- रायपुर / नेशनल ट्रस्ट अंतर्गत लोकल लेवल कमेटी की बैठक का आयोजन मंगलवार को डॉ कलेक्टर गौरव सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसके अंतर्गत गार्जियनशिप प्रमाण पत्र प्रदान करने हेतु दो प्रकरणों पर चर्चा की गई जिसमें आवेदिका विनीता मरकले को उनके भाई विवेक पद्माकर मुरकी का लीगल अभिभावक नियुक्त करने के लिए सहमति दी गई। द्वितीय प्रकरण में कविता ओगरे द्वारा आवेदन प्रस्तुत कर अपने पति पंकज ओगरे का लीगल गार्जियनशिप के लिए आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया जिस पर सहमति दी गई। बैठक में सदस्य के रूप में श्री राजकुमार शुक्ला, श्रीमती सिम्मी श्रीवास्तव, श्री श्याम सुंदर रैदास संयुक्त संचालक समाज कल्याण एवं श्रीमती विनीता शर्मा उपस्थित थे।
- रायपुर / कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने मंगलवार को शिक्षार्थियों को राष्ट्रव्यापी महापरीक्षा में सम्मिलित होने हेतु न्योता दिया। ऐसे सभी शिक्षार्थी जिन्होंने साक्षरता कक्षा में 200 घंटे प्रवेशिका के 7 अध्याय की पढ़ाई पूर्ण की है को यह निमंत्रण दिया गया। यह परीक्षा राष्ट्रव्यापी बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान परीक्षा का आयोजन 23 मार्च 2025 दिन रविवार को होगी। इसका समय सुबह 10 से शाम 5 बजे तक शिक्षार्थियों के सुविधानुसार चिन्हांकित केंद्रों में आयोजित की जा रही है। महापरीक्षा में शिक्षार्थियों को शत प्रतिशत सम्मिलित करने हेतु कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने सभी को परीक्षा में सम्मिलित होकर सफल होने हेतु शुभकामनाएं दी।
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-40 ठेले, गुमटी इत्यादि के जब्ती की कार्रवाई की गई
रायपुर / राजधानी रायपुर के यातायात को सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के मद्देनजर जिला प्रशासन रायपुर लगातार प्रयास कर रही है। राजधानी के ऐसे इलाके जहां भीड़ भाड़ और वाहनों के आवाजाही ज्यादा रहती है। टीम प्रहरी द्वारा ऐसे इलाकों में उन्हें व्यवस्थित कर यातायात को सुगम और व्यवस्थित बनाने की पहल की जा रही है। इससे राजधानीवासियों को ट्रैफिक जाम सेे बड़ी राहत मिल रही है।कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह की पहल पर टीम प्रहरी अभियान की शुरूआत की गई है। कलेक्टर डॉ सिंह के निर्देशानुसार मंगलवार को टीम प्रहरी ने कार्रवाई करते हुए बैजनाथ पारा, मालवीय रोड़ तथा एवरग्रीन चौक पर यातायात बाधित कर रहे सड़कों के किनारे व्यवसायिक प्रतिष्ठानों एवं स्ट्रीट वेंडर के ठेला, गुमटी, साइन बोर्ड सहित अन्य सामान का जब्ती बनाया गया।नगर निगम, पुलिस एवं जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत निरंतर समझाइश के साथ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान नगर निगम निवेशक श्री आभाष मिश्रा, यातायात डीएसपी श्री सतीश ठाकुर तथा जोन-04 के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। - -सभी अधिकारी-कर्मचारी समय पर कार्यालय आना सुनिश्चित करें-डॉ गौरव सिंहरायपुर/ कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने मंगलवार को समय सीमा की बैठक ली। उन्होने कहा कि सभी अधिकारी- कर्मचारी कार्यालय समय पर पहुंचे। बॉयोमेट्रिक अटेंडेस सिस्टम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराए। विलंब से कार्यालय आने वाले पर तथा समय से पहले कार्यालय छोड़ने वाले अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी। उन्होने कहा कि राजस्व के लंबित प्रकरण का जल्द समाधान करें। कलेक्टर ने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय आने जनता से सद्व्यवहार करें उनके समस्याओ को संवदेनशीलता से सुने और जल्द समाधान करने का प्रयास करें। डॉ सिंह ने कहा कि पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाए, 70 वर्ष से अधिक आयु वाले हितग्राहियों को चिन्हिंत लाभ प्रदान करें। इसके लिए अभियान चलाकर कार्य करें। इस अवसर पर डीएफओ श्री लोकनाथ पटेल नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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, रायपुर - छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह से नगर पालिक निगम रायपुर के नवनिर्वाचित सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने मंगलवार को सौजन्य भेंट की. निगम सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह को काजू कतली खिलाई. छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष ने रायपुर नगर निगम सभापति को उनके निर्विरोध निर्वाचन पर हार्दिक बधाइयाँ दी हैँ और राजधानी शहर रायपुर को सुन्दर, सुव्यवस्थित, विकसित स्मार्ट सिटी बनाने की परिकल्पना साकार करने कार्य करने का संकल्प लेने और छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम के अनुरूप रायपुर नगर पालिक निगम के सदन का अच्छी तरह विधि के अनुरूप बेहतर संचालन करने का सुझाव दिया है.
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समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश
बालोद/ कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में परिवहन विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने शासन के मापदण्डांे के विरूद्ध अत्यधिक पुराना, जर्जर एवं खराब अनफिट वाहनों का संचालन करने वाले वाहन चालकों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने यातायात, पुलिस एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को नशापान का सेवन एवं तेज गति तथा यातायात नियमों के विरूद्ध लापरवाही पूर्वक वाहन चलाने वाले वाहन चालकों के विरूद्ध भी कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। श्री चन्द्रवाल आज आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत चल रहे शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समयावधि में सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। बैठक में अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक एवं श्री अजय किशोर लकरा सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक में श्री चन्द्रवाल ने शासन के निर्देशानुसार जिले में चल रहे रबी गिरदावरी के कार्यों के प्रगति की समीक्षा करते हुए इस कार्य को निर्धारित समयावधि में त्रुटिरहित ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। श्री चन्द्रवाल ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से अपने हाथ से उत्तर पुस्तिका लिखने में असमर्थ जिले के दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए लिखित परीक्षा के दौरान सहलेखक उपलब्ध कराने के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को लिखित परीक्षा के दौरान दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए प्राथमिकता के साथ सहलेखक की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने अपर कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी श्री अजय किशोर लकरा से जिले में आयोजित होने वाली नीट 2025 के आयोजन हेतु जिला स्तरीय समिति के गठन के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा उन्होेंने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित वर्ष 2025 के बोर्ड परीक्षाओं के सफल संचालन हेतु सभी परीक्षा केन्द्रों का नियमित निरीक्षण के अलावा परीक्षा केन्द्रों में सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसके लिए जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री चन्द्रवाल ने जिले में ग्रीष्मकालीन धान के बदले अन्य फसल लगाने के अभियान के अंतर्गत दलहन एवं तिलहन फसलों के बिक्री की व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कृषि विभाग के उप संचालक को दलहन एवं तिलहन फसलों की बिक्री की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। जिससे कि किसानों को उनके उत्पाद का वाजिब दाम मिल सके। -
निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के दिए निर्देश
बालोद/संयुक्त जिला कार्यालय के जनदर्शन कक्ष में आज आयोजित जनदर्शन मंे कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा ने जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से मुलाकात कर उनके मांगों एवं समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर जनदर्शन में पहुंचे लोगों के समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। श्री लकरा ने उन सब से बारी-बारी से मुलाकात कर उनके मांगों एवं समस्याओं के संबंध में जानकारी ली।
जनदर्शन में आज डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम पिनकापार निवासी श्री यशवंत पटेल ने अपने गांव के बड़े तालाब के पास पंप लाईन बदलवाने की मांग की। इसी तरह गुण्डरदेही विकासखण्ड की ग्राम मटिया निवासी श्रीमती परदेशीनन बाई ने खाता विभाजन तथा ग्राम लिमोरा निवासी श्री चन्द्रहास साहू ने गांव में जन चैपाल लगाने की मांग की। इसी तरह डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के श्री अब्दुल रहीम खान ने अपने निजी भूमि में अवैध कब्जे को हटाने की मांग की। डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम अकोला निवासी उमेश्वरी ने स्थाई जाति प्रमाण पत्र बनाने की मांग की। -
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक मंे अधिकारियों को दिए निर्देश
बालोद/ कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने कहा कि सभी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ सुनिश्चित कराना शासन-प्रशासन के सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। इसे ध्यान में रखते हुए जिले के प्रत्येक व्यक्तियों को आसानी से स्वास्थ्य सुविधाओं का समुचित लाभ सुनिश्चित कराना अत्यंत आवश्यक है। श्री चन्द्रवाल आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। बैठक में उन्होंने जिले में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. महेश सूर्यवंशी, जिला अस्पताल बालोद के अधीक्षक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित खण्ड चिकित्सा अधिकारी, विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक में श्री चन्द्रवाल ने जिला अस्पताल बालोद सहित जिले के सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के अलावा उप स्वास्थ्य केन्द्रों, स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न योजनाओं के प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। श्री चन्द्रवाल ने जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के कार्यों की समीक्षा करते हुए इसके अंतर्गत गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को निःशुल्क इलाज, भोजन व्यवस्था आदि के संबंध मंे जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने जन औषधि केन्द्रों के कार्याें की समीक्षा करते हुए जन औषधि केन्द्र में दवाईयों की समुचित उपलब्धता के साथ-साथ बीमार एवं जरूरतमंद लोगों के लिए दवाईयों के वितरण व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली।
बैठक में श्री चन्द्रवाल ने जिला चिकित्सालय बालोद के अलावा जिले के सामुदायिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों में संस्थागत प्रसव की स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को जिले में शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए। श्री चन्द्रवाल ने जिले के शासकीय चिकित्सालयों में स्वीकृत पदों के विरूद्ध वर्तमान में कार्यरत चिकित्सकों एवं अन्य स्टाफ के संख्या के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने रिक्त पदों की पूर्ति हेतु किए जा रहे उपायों एवं वैकल्पिक व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी ली। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जिले के शत प्रतिशत लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने के कार्य की प्रगति के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस कार्य को विशेष प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समयावधि तक जिले के शत प्रतिशत लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए। श्री चन्द्रवाल ने इस कार्य को पूरा करने हेतु स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले के कर्मचारियों को आम जनता के घरों में भेज कर आयुष्मान कार्ड बनाने की कार्रवाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
बैठक में श्री चन्द्रवाल ने जिले में मानसिक बीमारियों से जुझ रहे लोगों के समुचित इलाज हेतु किए जा रहे उपायों की भी समीक्षा की। उन्होंने इसकी रोकथाम हेतु मानसिक बीमारियों से जुझ रहे लोगों का समुचित जाँच आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जिले के अस्पतालों में संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्रों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जिले के सभी पोषण पुनर्वास केन्द्रों में अति गंभीर कुपोषित बच्चों की अनिवार्य रूप से भर्ती एवं बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। -
- नवपदस्थ कलेक्टर श्री सिंह ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं, निराकरण के दिए निर्देश
- किसानों ने अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाकर कार्यवाही करने दिया आवेदन
दुर्ग/ जिले के नवपदस्थ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, रोजगार दिलाने, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 87 आवेदन प्राप्त हुए।
ग्राम पंचायत कोडिया की सरपंच ने गर्मी को देखते हुए ग्रामवासियों के लिए पानी टैंकर उपलब्ध कराने आवेदन दिया। बढ़ती गर्मी के कारण ग्राम पंचायत कोडिया में जल स्तर घटने जा रहा है, जिसके कारण मोटर पंप, हैंड पंप भी सूखने की स्थिति में है। ग्रामवासियों को पानी को लेकर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने डीएमएफ फंड से पानी टैंकर उपलब्ध कराने आवेदन दिया। इस पर कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा।
ग्राम खम्हरिया निवासी कृषक ने अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाकर कार्यवाही करने आवेदन दिया। कृषक ने बताया कि विगत वर्षाे से कुछ व्यक्तियों द्वारा कृषि भूमि को अवैध तरीके से कॉलोनी निर्माण हेतु प्लाटिंग कर छोटे-छोटे टुकड़ों में विक्रय किया जा रहा है, जिसकी किसी भी प्रकार की शासन प्रशासन से अनुमति नही ली गई है। किसानों की पैत्रिक कृषि भूमि परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। किसानों के कृषि कार्य रास्ते पर अवैध कब्जा कर कॉलोनी हेतु नाली का निर्माण कर कृषि कार्य रास्ते को कब्जा किया जा रहा है। आने जाने के रास्ते में कब्जा हो जाने के कारण किसानों को कृषि कार्य करने में असुविधा हो रही है। कलेक्टर ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुनते हुए एसडीओ (राजस्व) को निरीक्षण कर तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
युवा शक्ति संगठन ने विश्वकर्मा मार्केट से अवैध कब्जा हटाने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि विश्वकर्मा मार्केट संजय नगर में कुल 110 प्लाट है, जिसमें से 54 प्लाट आबंटित है और 56 प्लाट अवैध कब्जा में है। अवैध कब्जे की शिकायत नगर निगम में की गई है। इस पर कलेक्टर ने आयुक्त नगर निगम भिलाई को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
वार्ड क्रमांक 7 जामुल निवासी ने निजी मकान के ऊपर से लो टेंशन(एलटी) लाईन हटाने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि जामुल में कच्चा मकान है। मकान के ऊपर से लो टेंशन (एलटी) लाईन होने के कारण पक्का मकान बनाने में परेशानी हो रही है। लाईन को हटाने के लिए बिजली विभाग में लगभग तीस हजार रूपए जमा भी किया जा चुका है, किंतु आज दिनांक तक एलटी लाईन को हटाया नहीं गया है। एलटी लाईन हटने के पश्चात ही मकान का निर्माण कराया जा सकता है। इस पर कलेक्टर ने बिजली विभाग को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। -
- सौहार्द पूर्ण ढंग से शांति, सद्भाव के साथ होली मनाने की अपील
दुर्ग/जिले की गौरवशाली परम्परा को कायम रखते हुए सौहार्द पूर्ण ढंग से शांति, सद्भाव के साथ होली मनाने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में समिति सदस्यों के अलावा सभी समाज प्रमुख उपस्थित थे। कलेक्टर के अपील पर समाज के सभी वर्ग के लोगों ने जिले में सौहार्द पूर्ण ढंग से शांति, सद्भाव के साथ होली मनाने की अपनी सहमति दिये। समाज प्रमुखों ने होली के पर्व को बेहतर ढंग से मनाने अपने सुझाव जिला एवं पुलिस प्रशासन के समक्ष रखें। जिला प्रशासन द्वारा अवगत कराया गया कि 14 मार्च को शासन द्वारा शुष्क दिवस घोषित किया गया है। सभी मदिरा दुकाने बंद रहेगी। नशे की हालत में घुमने वालों और माहौल बिगाड़ने वालों पर पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी। लोग किसी भी तरह से अफवाह से बचे। साथ ही होली के दिन किसी भी प्रकार की घटना-दुर्घटना की सूचना तत्काल पुलिस को देवें। ध्वनि विस्तारक यंत्रों की उपयोग पर पाबंदी रहेगी। शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई होगी। लोगों से विद्युत ट्रांसफार्मर, विद्युत तार, केबल लाईन के नीचे होली नहीं जलाने की अपील की गई। जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रहेगी। नदी-तालाबों में आपदा प्रबंधन के प्रशिक्षित कर्मी तैनात रहेंगे। पुलिस प्रशासन द्वारा होली के दिन क्या करें, क्या ना करें और घटना-दुर्घटना पर त्वरित सूचना के लिए दूरभाष एवं मोबाईल नंबर प्रसारित किये जाएंगे। बैठक में एडीएम श्री अरविन्द एक्का, एएसपी श्री अभिषेक झा, एसडीएम श्री हरवंश सिंह मिरी सहित सभी कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और सभी समाज प्रमुख उपस्थित थे। -
संभागायुक्त महादेव कावरे करेंगे शुभारंभ
बिलासपुर/सतत विकास लक्ष्य के तहत संभाग के सभी जिलों के अधिकारियों के क्षमता, विकास, उन्मुखीकरण व प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 12 मार्च को सवेरे 11ः30 बजे प्रार्थना सभा भवन में किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ संभागीय कमिश्नर श्री महादेव कावरे द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने सभी जिलों के अधिकारियों को प्रशिक्षण में उपस्थित होने कहा है। कार्यक्रम में राज्य नीति आयोग की टीम द्वारा प्रस्तुतीकरण व प्रशिक्षण दिया जाएगा। -
-दीनदयाल भूमिहीन कृषि कल्याण योजना के तहत 5 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित
-762 राजस्व न्यायालयों के लिए 163 करोड़ 22 लाख रुपए तथा मुख्यमंत्री डिजिटल सशक्तिकरण योजना के तहत 25 करोड़ 85 लाख रुपए का नवीन मद-राहत और आपदा प्रबंधन हेतु 1552 करोड़ 69 लाख से अधिक का आबंटन-खेल एवं युवा कल्याण के लिए 190 करोड़ 51 लाख रुपए का प्रावधान-स्वामित्व योजना: 55 हज़ार से अधिक स्वामित्व कार्ड का वितरणरायपुर / छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 3890 करोड़ 67 लाख 95 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई।इसमें भू-राजस्व तथा जिला प्रशासन विभाग के लिए 2158 करोड़ 65 लाख 81 हज़ार रुपए,राजस्व विभाग से संबंधित व्यय के लिए 26 करोड़ 49 लाख 65 हज़ार रुपए, प्राकृतिक आपदाओं एवं सूखाग्रस्त क्षेत्रों में राहत पर व्यय के लिए 1552 करोड़ 69 लाख 39 हज़ार रुपए और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के लिए 152 करोड़ 83 लाख 10 हज़ार रुपए शामिल हैं।भू-राजस्व तथा जिला प्रशासन,राजस्व विभाग से संबंधित व्यय, प्राकृतिक आपदाओं एवं सूखाग्रस्त क्षेत्रों में राहत पर व्यय और खेल एवं युवा कल्याण विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में विधायकगण सर्वश्री अजय चंद्राकर, रामकुमार यादव, अम्बिका मरकाम,प्रबोध मिंज,कुंवर सिंह निषाद,रिकेश सेन और धर्मजीत सिंह ने भाग लिया।राजस्व मंत्री ने बजट प्रस्ताव पर वर्तमान की उपलब्धियां एवं भविष्य की कार्ययोजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि राजस्व ऐसा विभाग है जिसमें सर्वस्व समाहित है, अर्थात शासन की अधिकांश योजनाओं का क्रियान्वयन राजस्व विभाग के माध्यम से ही होता है। राजस्व विभाग आमजनों को त्वरित बेहतर प्रमाणिक भू-अभिलेख दस्तावेज उनकी आवश्यकता पर उन्हें सहज एवं सरल ढंग से उपलब्ध हों सके और इसके लिए विभागीय प्रक्रियाओं, नियमों एवं विभाग द्वारा प्रकाशित अधिनियमों में सुधार एवं उन्नयन की प्रक्रिया को अपना रहें है। इसके लिए भू-राजस्व एवं जिला प्रशासन के लिए इस बजट में 2158 करोड़ 65 लाख 81 हजार रुपए का प्रावधान किया है। वहीं शासकीय मुद्राणालय के लिए 26 करोड़ 49 लाख 75 हजार रूपये की राशि प्रावधानित है। इस बजट में पुर्नवास के लिए 2 करोड़ 86 लाख 38 हजार रूपये की व्यवस्था की गई है वहीं राहत कार्य के लिए 1552 करोड 59 लाख 39 हजार की राशि बजट में रखा है। इस प्रकार कुल 3740 करोड़ 86 लाख 59 हजार रुपए का मांग प्रस्ताव विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए रखा है।इस दौरान उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा स्वामित्व योजना के तहत स्वामित्व कार्ड वितरण का कार्य विभाग द्वारा जनवरी 2025 को किया जा रहा है। इस योजना में 55 हजार से अधिक प्रापर्टी कार्डस वितरण किया गया। दीनदयाल भूमिहीन कृषि कल्याण योजना के तहत वर्ष 2024-25 में कुल 05 लाख 62 हजार 112 पात्र परिवारों में से 05 लाख परिवारों को 500 करोड़ रुपए की राशि उनके बैंक खातों में जमा की गई। शेष पात्र परिवारों को भी योजना का लाभ अतिशीघ्र देने हेतु सरकार संकल्पित है। राजस्व विभाग द्वारा डिजीटल इंडिया भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्य किया जा रहा है। सर्वेक्षण का कार्य क्रमशः पूर्णतः की ओर अग्रसर है। पटवारी नक्शों का जियो रेफ्रेसिंग के माध्यम से सीमांकन, नामांतरण, बटवारा, बंदोबस्त, त्रुटि सुधार सहित अनेक सेवाओं को आमजनता को उपलब्ध करा रहें है। इसी तरह डिजीटल क्राप सर्वें का कार्य राज्य के 26 जिलों के 13 हजार 313 ग्रामों में किया गया है। राजस्व विभाग की आय को समृद्ध करने के लिए वार्षिक भू-भाटक की 15 वर्ष की राशि एक साथ जमा करने पर आगामी 15 वर्षों के लिए भुगतान में छुट दी जा रही है। राजस्व वसूली के अंतर्गत राजस्व विभाग को 606.29 करोड़ की राशि प्राप्त हुई। विभागीय कार्यालयों के रख-रखाव के लिए 40 करोड़ का नवीन मद, तहसील कार्यालय बिलासपुर, दुर्ग, सरगुजा एवं खैरागढ़ में नवीन तहसील कार्यालय भवन निर्माण हेतु प्रत्येक तहसील के लिए 10 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। इसी तरह प्रदेश में कम्प्यूटर फर्नीचर एवं अन्य उपकरणों के लिए 11 करोड़ 21 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है। राज्य के 762 राजस्व न्यायालयों के लिए विभाग ने 163 करोड 22 लाख का नवीन मद रखा है, वहीं मुख्यमंत्री डिजीटल सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत 25 करोड़ 85 लाख का नवीन मद में प्रावधान किया गया है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिला कार्यालय एवं तहसील कार्यालय में स्थापित नकल शाखा के दस्तावेजों के डिजीटाइजेशन हेतु 05 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है।मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रदेश में राज्य आपदा मोचन (एस.डी.आर.एफ.) के लिए 533.60 करोड़ रुपए एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन (एन.डी.आर.एफ.) के लिए 50 करोड़ रुपए, राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (एस.डी.एम.एफ.) के रूप में 133.40 करोड़ रुपए, निर्देशन और प्रशासन हेतु 3.26 करोड़ रुपए, आपदाओें का विश्लेषण एवं योजना तैयार करने हेतु रूपये 0.58 करोड़ तथा ऋण हेतु रूपये 0.20 करोड़ वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रावधान किया गया है। इसी तरह विभाग के माध्यम से पुर्नवास के तहत आयुक्त कार्यालय स्थापना व्यय हेतु इस वर्ष 62.30 लाख रूपये प्रावधानित किया है वहीं कार्यालय कमाण्डेंट माना शिविर जिला रायपुर हेतु 213 लाख का बजट प्रावधानित किया गया है।मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग का बजट प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़िया क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत 50 करोड़ रूपए की राशि प्रावधानित की गई है। इस वर्ष बजट में खेल अकादमी के लिए 13 करोड 47 लाख रूपए की राशि प्रस्तावित की गई है। सरकार परंपरागत और अन्य खेलों को समान रूप से महत्व देते हुए राष्ट्रीय खेलों के साथ-साथ स्थानीय खेलों को भी खेल के मानचित्र पर स्थापित किया जा रहा है। पिछले वर्ष बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया गया था। सरकार और खेल विभाग के इस प्रयास को बस्तर में एक नये युग के आंरभ का संकेत कहा है। बस्तर के सुदूर अंचल में रहने वाले वनवासियों ने इस प्रतियोगिता में अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज की। बस्तर में खेलों के विकास के लिए एक नया वातावरण बना है। बस्तर ओलंपिक की सफलता को ध्यान में रखते हुए बजट में इस वर्ष 05 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण खेल प्रतियोगिता के लिए 02 करोड़ 80 लाख रूपये का प्रावधान किया हैै। देश और प्रदेश की आधी आबादी मातृशक्ति को खेलोें में समान अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से इस वर्ष महिला खेलकूद प्रतियोगिता के लिए 02 करोड़ 50 लाख का प्रावधान किया है। खेल प्रतिभाओं को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त हो इसके लिए 04 करोड़ की राशि बजट में प्रावधानित की है। इसके साथ ही खेल विकास प्राधिकरण के लिए बजट में 01 करोड़ की राशि रखा है। खेल महोत्सव के माध्यम से राज्य के युवा खेल प्रतिभाओं को प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने हेतु 03 करोड़ रूपये की राशि रखी है। राज्य स्तरीय खेल पुरस्कार के लिए 03 करोड़ रूपये की राशि प्रावधान किया गया है।छत्तीसगढ़ राज्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को शासकीय नौकरी में 2 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। वर्तमान सरकार ने पिछले वर्ष 2024 में वर्ष में दो बार राज्य खेल अलंकरण समारोह आयोजित कर खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उन्हें प्रोत्साहित किया। खेलों के अंर्तराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजनों के लिए 03 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। खेलों के विकास में खेल मैदानों की आवश्यकता होती है,खेलों की मूलभूत सुविधा एवं खेलों केे विकास तथा स्टेडियम आदि के लिए विभाग के बजट में 47 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। वहीं नेशनल गेम्स के लिए 02 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। समाज के खिलाड़ी युवाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से युवा रत्न सम्मान योजना लागू की है इसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्र के युवा खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए 01 करोड़ 50 लाख रुपए प्रावधानित किया गया है। राज्य युवा महोत्सव के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 05 करोड़ की राशि प्रस्तावित की गई है। राज्य मेें युवा कल्याण की गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से 05 करोड़ की राशि का प्रावधान किया है। युवा आयोग के गठन को सार्थक करने के लिए बजट में 02 करोड़ रुपए प्रावधानित की है। इस तरह खेल एवं युवा कल्याण के बजट की अनुदान मांग की कुल राशि 190 करोड़ 51 लाख रूपये है, जिसे ध्वनिमत से पारित की गई। - -महिला एवं बाल विकास के लिए 8245 करोड़ तथा समाज कल्याण विभाग के लिए 1575 करोड़ रूपए के अनुदान मांगें पारित-महतारी वंदन योजना के लिए 5500 करोड़ रूपए का प्रावधान-आंगनबाड़ी केन्द्रों में सुविधाओं का विस्तार व संचालन के लिए 700 करोड़ रूपये का प्रावधान-पोषण अभियान के लिए 125 करोड़ रूपये का प्रावधान-समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत पेंशन योजनाओं के लिए 1395 करोड़ 53 लाख 76 हजार रूपए का प्रावधानरायपुर, / छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 9820 करोड़ रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई, जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 8245 करोड़ रूपए तथा समाज कल्याण विभाग के लिए 1575 करोड़ रूपए की अनुदान मांगें शामिल हैं।श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन को बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को समाज में आर्थिक रूप से सबल और सशक्त बनाये जाने हेतुु विगत वित्तीय वर्ष के मुख्य बजट में 3000 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें वृद्धि करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में 5500 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। योजना को और अधिक जनहितकारी व हितग्राहीमूलक बनाये जाने हेतु ई.के.वाय.सी. के लिए राशि रूपये 4 करोड़ 90 लाख का बजट प्रावधान किया गया है।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि कामकाजी महिलाओं के बच्चों की देखभाल, पोषण व उनके बौद्धिक विकास के लिए पालना केन्द्रों के संचालन के लिए बजट में 10 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है। महिला सुरक्षा एवं संरक्षण से संबंधित प्रचलित कानूनों के क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ 11 लाख रूपये का प्रावधान रखा गया है। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत जनजागरूकता एवं विशेष अभियान हेतु प्रस्तावित बजट में 1 करोड़ 50 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है।श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों सहित विभागीय भवनों के मरम्मत व विद्युत व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए 50 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान रखा गया है, जिसमें स्वयं के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में विद्युत सुविधा पहुंचाने के लिए राशि रूपये 2 करोड़ का नवीन मद में प्रावधान शामिल किया गया है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में सुविधाओं का विस्तार व संचालन के लिए वर्ष 2025-26 के बजट में आंगनबाड़ी सेवायें-सामान्य अन्तर्गत 700 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।उन्होंने कहा कि ‘’पीएमजनमन’’ योजना अन्तर्गत प्रथम चरण में 80 बसाहटों में आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित की जा रही है। इस योजना हेतु बजट में 11 करोड़ 40 लाख रूपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को दिये जाने वाले मानदेय एवं अन्य हितलाभ के लिए 500 करोड़ रूपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। इसके साथ ही इस बजट की थीम “गति“ अंतर्गत टेक्नोलॉजी को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय एवं अन्य भुगतान हेतु “सम्मान सुविधा प्रणाली“ का शुभारंभ किया गया है, जिसके माध्यम से केन्द्रीकृत रूप से डिजीटल प्रणाली का उपयोग कर भुगतान की कार्यवाही की जाएगी। आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से हितग्राहियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने हेतु बजट में 700 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा है। केन्द्र व राज्य सरकार की निधि से वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इस हेतु 6740 आंगनबाड़ी केन्द्र के उन्नयन का लक्ष्य रखा है। शहरी क्षेत्र में 150 आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु 18 करोड़ रूपए और ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा अभिसरण से आंगनबाड़ी केन्द्रों में 2000 भवन निर्माण हेतु विभागीय अंशदान की राशि रूपये 40 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। किशोरी बालिकाओं की महवारी स्वच्छता को दृष्टिगत रखते हुए राज्य के विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में सेनेटरी नेपकिन की वेंडिंग मशीन एवं भस्मक मशीन की स्थापना कराये जाने हेतु 13 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान रखा गया है। ‘पोषण अभियान के क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2025-26 के बजट में पोषण अभियान के संचालन हेतु राशि 125 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है।श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रस्तावित बजट में 8000 कन्याओं के विवाह का लक्ष्य रखते हुए 40 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा गया है। छत्तीसगढ़ महिला कोष द्वारा संचालित ऋण योजना का लाभ अधिक से अधिक स्व-सहायता समूहों तक पहुंचाने हेतु बजट में छत्तीसगढ़ महिला कोष हेतु राशि रू. 5 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना संचालन के लिए 5 करोड़ 3 हजार का बजट प्रावधान किया गया है। 6 नये जिलों में सखी वन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति हुईं है, जिसके लिए 20 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है। केन्द्र सरकार द्वारा लागू मिशन शक्ति की सामर्थ्य घटक अंतर्गत राज्य स्तर पर राज्य स्तरीय महिला सशक्तिरण केन्द्र एवं जिला स्तरीय महिला सशक्तिकरण केन्द्र्र स्थापित किया जा रहा है, जिसके लिए 11 करोड़ 58 लाख 2 हजार का बजट प्रावधान रखा गया है। शक्ति सदन योजना के संचालन के लिए 3 करोड़ 39 लाख 50 हजार का बजट प्रावधान किया गया है।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि हमारी सरकार के बजट की थीम “गति“ अंतर्गत अधोसंरचना विकास को ध्यान में रखते हुए मिशन वात्सल्य योजना अन्तर्गत पूंजीगत परिसंपत्तियों के निर्माण हेतु राशि 11 करोड़ 82 लाख 17 हजार का प्रावधान किया गया है जिसमें दो वात्सल्य भवन, 16 बालक कल्याण भवन, 19 किशोर न्याय बोर्ड हेतु भवन एवं 3 बाल सम्प्रेक्षण गृह के लिए भी नवीन भवन स्वीकृत किये जा रहे हैं।प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 100 करोड़ रूपए से अधिक, महिला जागृति शिविर एवं दिशा दर्शन भ्रमण मद में 5 करोड़ रूपये, मिशन वात्सल्य योजना संचालन के लिए 100 करोड़ रूपए से अधिक तथा गैर संस्थागत देखरेख के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं के लिए 3 करोड़ 10 लाख रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के लिए 4 करोड़ 85 लाख रूपये का बजट प्रावधान रखा गया है।समाज कल्याण विभागछत्तीसगढ़ विधानसभा में आज समाज कल्याण विभाग के लिए वर्ष 2025-26 हेतु 1575 करोड़ रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में माना कैम्प में दिव्यांगजनों के लिए अत्याधुनिक भवन का निर्माण कराया जा रहा है, जिसके लिए 5 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि जशपुर नगर में संचालित विशेष विद्यालय का उन्नयन करते हुए, उच्चतर माध्यमिक स्तर तक किया जा रहा है। इस हेतु राशि रूपये 2 करोड़ 50 लाख का नवीन मद में प्रावधान किया गया है। इस प्रकार दिव्यांगजनों के शिक्षण प्रशिक्षण के लिए 38 करोड़ 89 लाख रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। जो विभाग के कुल बजट का 2.47 प्रतिशत है। यह दर्शाता है कि विभाग दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के अधिकार के प्रति सजग है। दिव्यांग व्यक्तियों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण प्रदाय करने हेतु कृत्रिम अंग निर्माण केन्द्र माना में स्थापित है, जिसे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के गुणवत्तापूर्ण कृत्रिम अंग निर्माण केन्द्र के रूप में विकसित करने हेतु अत्याधुनिक मशीनों के लिए 5 करोड़ रूपये का नवीन मद में प्रावधान किया गया है।जिला स्तर पर दिव्यांग व्यक्तियों को मार्गदर्शन, उपचार, संसाधन एवं सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 4 करोड़ 15 लाख रूपये, 12 घरौंदा आश्रय गृह के लिए 3 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। विभागीय मानव संसाधन की क्षमता विकसित करने हेतु राज्य संसाधन एवं पुनर्वास केन्द्र हेतु राशि रूपये 01 करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। पेंशन योजनाओं के लिए 1395 करोड़ रूपए से अधिक तथा राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के लिए 20 करोड़ रूपए का प्रावधान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए किया गया है।मुख्यमंत्री तीर्थ योजना अन्तर्गत वृद्धजनों के साथ अब विधवाओं एवं परित्यक्त महिलाओं को हितग्राही के रूप में शामिल किया गया है, जिसके लिए बजट में 15 करोड़ रूपये की राशि का प्रावधान किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए वरिष्ठ नागरिक सहायता योजना अन्तर्गत 4 करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। राज्य में नशा मुक्ति कार्यक्रम के तहत् भारत माता वाहिनी का गठन किया गया है, इस प्रयोजन के लिए 10 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में आध्यात्मिक गुरु एवं द आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते हुए श्री श्री रविशंकर का आशीर्वाद प्राप्त किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीकस्वरूप, जशपुर जिले में स्थित विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग - मधेश्वर पहाड़ का छायाचित्र एवं बस्तर आर्ट शैली में निर्मित नंदी की प्रतिकृति भेंट कर श्री श्री रविशंकर का अभिनंदन किया।श्री श्री रविशंकर ने मुख्यमंत्री श्री साय को अवगत कराया कि इस बार वे अपने साथ 1000 वर्ष पुराने सोमनाथ मंदिर के खंडित शिवलिंग के अवशेष लेकर आए हैं। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक शिवलिंग के अवशेष को सदियों से एक अग्निहोत्री परिवार द्वारा सुरक्षित रखा गया था। अब वे इसे पूरे देश में दर्शनार्थ श्रद्धालुओं तक पहुंचाने का पावन कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सहित उपस्थित गणमान्य लोगों ने खंडित शिवलिंग के दर्शन किए और आस्था प्रकट की।पूर्व में केबिनेट में लिए गए निर्णय अनुरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और श्री श्री रविशंकर के मध्य छत्तीसगढ़ सरकार एवं व्यक्ति विकास केंद्र इंडिया (द आर्ट ऑफ लिविंग) के बीच हुए एमओयू को लेकर भी चर्चा हुई। एमओयू का उद्देश्य आजीविका सृजन और ग्रामीण छत्तीसगढ़ के समग्र कल्याण सहित ग्रामीण विकास के विविध पहलुओं से जुड़ा है, जिसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर दोनों पक्षों ने विचार-विमर्श किया।शंखनाद महासत्संग का न्योताश्री श्री रविशंकर ने मुख्यमंत्री श्री साय को राजधानी रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित 'शंखनाद महासत्संग' कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने इस आमंत्रण के लिए श्री श्री रविशंकर जी का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव डॉ. बसवराजू एस., श्री पी. दयानंद, श्री राहुल भगत, जनसंपर्क आयुक्त श्री रवि मित्तल, मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय सहित परिवार के अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की पुनर्गठन पश्चात पहली बैठक विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में संपन्न हुई। बैठक में जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक-आर्थिक उन्नयन, प्रशासनिक सुधार और संस्कृति संरक्षण से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।बैठक में कैबिनेट मंत्री एवं जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष श्री रामविचार नेताम सहित प्रदेश के वरिष्ठ मंत्रीगण, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी एवं परिषद के सभी सदस्य उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने परिषद की पहली बैठक में सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजाति समुदाय की जनसंख्या 32% है, और उनका समग्र विकास हमारे राज्य की प्राथमिकता है। यह परिषद केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि नीति-निर्माण और निर्णय-क्रियान्वयन की महत्वपूर्ण संवैधानिक इकाई है।उन्होंने बैठक में रखे गए सभी बहुमूल्य सुझावों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए और अधिकारियों से कहा कि जनजातीय समुदाय के जाति प्रमाण पत्र से जुड़ी त्रुटियों के निवारण हेतु विस्तृत अध्ययन कर समाधान सुनिश्चित किया जाए। जनजातीय आस्था स्थलों के संरक्षण एवं विकास हेतु देवगुड़ी के साथ-साथ सरना स्थलों को भी शामिल करने की व्यवस्था की जाए। शिक्षा में सुधार हेतु आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षक विहीन और एकल शिक्षक स्कूलों की समस्या को शीघ्रता से हल किया जाए। जनजातीय समुदाय की आर्थिक सशक्तिकरण योजनाओं पर प्रभावी अमल किया जाए, जिससे उनकी प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हो।कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद, सरकार और जनजातीय समाज के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करती है। हम सभी सदस्य प्रदेश के एक-तिहाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए हमारी जिम्मेदारी है कि हम शासन की योजनाओं को प्रभावी रूप से समुदाय तक पहुँचाएँ।उन्होंने परिषद द्वारा लिए गए निर्णयों को नीति-निर्माण में प्रभावी रूप से शामिल करने का आश्वासन दिया।बैठक में सभी उपस्थित सदस्यों ने जनजातीय समुदाय की शिक्षा, आजीविका, सामाजिक-आर्थिक विकास और प्रशासनिक सुधार को लेकर ठोस सुझाव दिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी प्रस्तावों पर त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए एवं अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि नीतिगत सुधारों का वास्तविक लाभ जनजातीय समुदाय तक पहुँचे। यह बैठक जनजातीय समाज के विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।बैठक में परिषद के सदस्यों ने जनजातीय समुदाय के सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए, जिनमें जनजातीय बालिकाओं के लिए छात्रावासों की संख्या एवं सुविधाओं में वृद्धि, जनजातीय बहुल क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं भर्ती प्रक्रिया को प्रोत्साहित करना, स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर उपलब्धता एवं जनजातीय क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार, आदिवासियों की पारंपरिक आजीविका को सशक्त करने हेतु विशेष योजनाएँ लागू करना,जनजातीय कला, संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष योजनाएँ लागू करना शामिल है।बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर प्रेजेंटेशन दिया और परिषद के समक्ष विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक सुश्री लता उसेण्डी, श्रीमती शंकुतला सिंह पोर्ते, श्रीमती उद्देश्वरी पैंकरा, श्रीमती रायमुनी भगत, श्रीमती गोमती साय, विधायक श्री रामकुमार टोप्पो, श्री प्रणव कुमार मरपच्ची, श्री विक्रम उसेण्डी, श्री आशाराम नेताम, श्री नीलकंठ टेकाम, श्री विनायक गोयल, श्री चैतराम अटामी सहित मनोनित सदस्य श्री रघुराज सिंह उईके एवं श्री कृष्ण कुमार वैष्णव उपस्थित थे। बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण उपस्थिति रही, जिनमें मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, पंचायत विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया , सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आयुक्त श्री पदुम सिंह एल्मा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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