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अंबिकापुर. सरगुजा जिले में सड़क दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो गई तथा पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत विशुनपुर गांव के करीब एक तेज रफ्तार एसयूवी (बोलेरो) और ट्रक के बीच हुई टक्कर में बोलेरो वाहन में सवार पांच लोगों राजकुमार अगरिया (55), राजकुमार की पुत्री अंजली अगरिया (25), सूरज अगरिया (14), एक वर्षीय बालक माही और आयुष (10) की मौत हो गई है तथा पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उन्होंने बताया कि रेवापुर-सखौली गांव निवासी ग्रामीण बोलेरो वाहन में सवार होकर महाशिवरात्रि में दर्शन के लिए करीब के किलकिला शिव मंदिर गए थे। जब वह वापस अपने गांव लौट रहे थे तब विशुनपुर गांव के करीब उनका वाहन ट्रक से टकरा गया। इस घटना में राजकुमार, अंजली, सूरज और माही की मौके पर ही मौत हो गई तथा छह अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि जब पुलिस को घटना की जानकारी मिली तब घटनास्थल के लिए पुलिस दल रवाना किया गया। बाद में पुलिस दल ने शवों और घायलों को अस्पताल भेजा जहां इलाज के दौरान आयुष की मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा जांच की जा रही है। ट्रक चालक का पता लगाने के प्रयास जारी हैं, जो अपना वाहन मौके पर छोड़कर भाग गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना से गुस्साए स्थानीय लोगों ने ट्रक में आग लगा दी।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और जिला प्रशासन को घायलों को बेहतर चिकित्सा सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। -
राजिम कुंभ कल्प समापन समारोह:
रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रयागराज कहे जाने वाले राजिम में आयोजित कुंभ कल्प के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राजिम कुंभ कल्प आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प का आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का महापर्व है। यहाँ माघ पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि तक हजारों श्रद्धालु संगम में पुण्य स्नान करते हैं और संत महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प को भव्यता प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने हर संभव प्रयास किए हैं। इस आयोजन से राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान मिल रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने राजिम कुंभ कल्प की भव्यता को पुनः स्थापित किया है और इसे और भी भव्य स्वरूप देने के लिए संकल्पबद्ध है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2005 में राजिम कुंभ कल्प की शुरुआत हुई थी, जिसे छत्तीसगढ़ की जनता का आशीर्वाद और संतों का सान्निध्य निरंतर मिलता रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले कुछ वर्षों में इस आयोजन में कुछ बाधाएँ आई थीं, लेकिन छत्तीसगढ़ की जनता ने 2023 में पुनः आशीर्वाद देकर सरकार को सशक्त बनाया, जिससे यह महाकुंभ अपने परंपरागत स्वरूप में लौटा। उन्होंने कहा कि अब 54 एकड़ भूमि में इस मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिससे इसकी भव्यता और व्यवस्थाओं में विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस आयोजन को और अधिक सुसंगठित और भव्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
*श्रीरामलला दर्शन योजना – श्रद्धालुओं के लिए ऐतिहासिक पहल*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम के ननिहाल में बसे रामभक्तों की श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ‘अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना’ शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 20,000 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पाँच सौ वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। यह हम सबके लिए गौरव का क्षण है।
*छत्तीसगढ़ की कृषि समृद्धि – किसानों को सशक्त बना रही सरकार*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है। पिछले वर्ष 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई थी, जबकि इस वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदा गया है। सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने का वादा किया था, जिसे पूरा किया गया है। किसानों को उनकी फसल का अंतर भुगतान एक सप्ताह के भीतर सीधे खातों में जमा कराया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि हाल ही में प्रयागराज महाकुंभ में 144 वर्षों बाद 70 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जो भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भी अपने आध्यात्मिक आयोजन को इसी स्तर पर पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार से समन्वय कर छत्तीसगढ़ को प्रयागराज में साढ़े चार एकड़ भूमि प्राप्त हुई, जहाँ छत्तीसगढ़ पवेलियन का निर्माण किया गया। इस पहल के तहत 25,000 से अधिक श्रद्धालुओं को वहाँ भोजन, आवास और आध्यात्मिक सेवाएँ निशुल्क प्रदान की गईं। उन्होंने कहा कि यह प्रयास छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
*संस्कृति और लोककला को बढ़ावा देने के लिए प्रयास*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प में राष्ट्रीय और आंचलिक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को और भी भव्य बनाया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प मेला-स्थल को और अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाया जा रहा है। सरकार आने वाले वर्षों में मेला क्षेत्र के विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प हमारी आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का पर्व है। यह आयोजन हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और हमारी सनातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखता है।
इस अवसर पर खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि राजिम कुंभ हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जिसका संरक्षण और विकास आवश्यक है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि हम सभी को इस पावन अवसर पर संकल्प करना चाहिए कि जलस्रोतों और पावन नदियों के प्रति श्रद्धाभाव रखते हुए जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाएं।
इस अवसर पर कुरूद विधायक श्री अजय चंद्राकर, राजिम विधायक श्री रोहित साहू, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल, अभनपुर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, पूर्व सांसद श्री चंदूलाल साहू, श्री रामप्रताप सिंह, धर्मस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, रायपुर आयुक्त श्री महादेव कावरे, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के एमडी श्री विवेक आचार्य, गरियाबंद कलेक्टर श्री दीपक कुमार अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में साधु संत गण एवं श्रद्धालुजन उपस्थित थे। - -दिव्यांगों के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की पहलरायपुर / टूरिस्ट स्पॉट पर दिव्यांगजन आसानी से घूम सके, इसके लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने विशेष पहल शुरू की है। है। "यात्रा आपकी सुविधा हमारी" नाम से शुरू इस पहल के तहत छत्तीसगढ़ के सभी टूरिस्ट स्पॉट पर अब स्पेशल रैंप रूट बनाया जा रहा है। इस रैंप रूट के जरिए दिव्यांग आसानी आसानी से संबंधित टूरिस्ट स्पॉट पर जा सकेंगे और आसानी से घूम सकेंगे। यही नहीं सभी टूरिस्ट स्पॉट में पर्यटन मंडल के रिसॉर्ट में व्हीलचेयर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि वे आसानी से आप पास के क्षेत्र में घूम सकें। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अधिकारियों के अनुसार मैनपाट में स्पेशल स्पेशल रैंप रैंप रू रूट बनाया गया है। इस पर आसानी से दिव्यांग चल सकते हैं। इसी तरह दूसरे पर्यटन स्थलों में भी रैंप रूट बनाया जा रहा है।दिव्यांगों के लिए ये खास पहल की गई है, ताकि पर्यटन पर्यटन स्थलों को देखने वालों में उनकी संख्या में भी बढ़ोत्तरी हो सके।ऑनलाइन के साथ हेल्पलाइन से भी बुकिंग की सुविधादिव्यांगजन अपनी फैमिली या दोस्तों के साथ छत्तीसगढ़ के खूबसूरत स्थलों को देख सके। इसके लिए दोनों तरह की सुविधा दी जा रही है। दिव्यांग चाहें तो ऑनलाइन बुकिंग भी करा सकते हैं या फिर पर्यटन मंडल के हेल्प लाइन नंबर पर फोन करने पर बुकिंग की सुविधा दी जा रही है।दिव्यांगों को 30 प्रतिशत तक डिस्काउंटपर्यटन मंडल ने दिव्यांगों के लिए स्पेशल डिस्काउंट भी शुरू किया है। बुकिंग के दौरान दिव्यांगता प्रमाणपत्र दिखाने पर 30 परसेंट की डिस्काउंट दिया जाएगा। ये डिस्काउंट केवल पर्यटन मंडल द्वारा संचालित रिसॉर्ट में ही दिया जाएगा। इनमें बिलासपुर, मैनपाट, बस्तर, कोरबा, सिरपुर जैसे खास जगह शामिल हैं। बुकिंग के दौरान मिलने वाली सुविधा सिर्फ दिव्यांग को एक ही कमरे के लिए दी जाएगी।सुविधा केवल इन रिसॉर्ट में* कुरदल हिल ईको-रिसॉर्ट बिलासपुर।* छेरछेरा रिसॉर्ट कबीर चबूतरा। बैगा टूरिस्ट रिसॉर्ट कबीरधाम। सोन बाहरा टूरिस्ट रिसॉर्ट आमाडोब। हरेली ईको रिसॉर्ट बारनवापारा। • दानदामी लग्जरी रिसॉर्ट कॉटेज चित्रकोट। • होटल जोहार छत्तीसगढ़ रायपुर। सैला टूरिस्ट रिसॉर्ट मैनपाट। जोहार होटल, सिरपुर। • दानकुल एथनिक रिसॉर्ट कोंडागांव। सतरंगा बोट क्लब एंड रिसॉर्ट कोरबा। सतरेंगा एथनिक रिसॉर्ट जशपुर
- -मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बस्तर के कमिश्नर-आईजी और कलेक्टर-एसपी को तैयारी करने दिए निर्देशरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर बस्तर की समृद्ध जनजातीय कला एवं संस्कृति के धरोहर को पुनर्जीवित करने बस्तर पंडुम का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन मार्च में होगा। इस संबंध में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने मंगलवार शाम को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बस्तर के कमिश्नर-आईजी सहित सातों जिले के कलेक्टर एवं एसपी को आवश्यक तैयारी एवं व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। इस दौरान प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति एवं आदिम जाति विकास विभाग श्री सोनमणि बोरा, सचिव संस्कृति विभाग श्री अनबलगन पी सहित राज्य शासन के वरिष्ठ उच्चाधिकारी मौजूद रहे।वीडियो कांफ्रेंसिंग में सचिव संस्कृति श्री अनबलगन पी ने बताया कि बस्तर के जनजातीय समुदाय के लोगों विशेषकर युवाओं के मध्य समरसता और एकता स्थापित करने की इस अनूठी पहल से बस्तर की जनता में विश्वास,शान्ति और विकास को बढ़ावा मिलेगा। बस्तर पंडुम का आयोजन ब्लॉक, जिला और संभाग स्तर पर किया जाएगा। जिसमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य सहित जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन, जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण का प्रदर्शन, जनजातीय कला एवं गोदना का प्रदर्शन तथा जनजातीय व्यंजन एवं पेय पदार्थों का प्रदर्शन विधाओं को शामिल किया गया है। साथ ही केवल संभाग स्तर आयोजन में जनजातीय रीति-रिवाज एवं तीज-त्यौहार पर आधारित प्रदर्शनी को समाहित किया गया है। ब्लॉक स्तर के बस्तर पंडुम में सभी कलाकारों एवं प्रतिभागियों को ओपन एंट्री दी जाएगी। इसके बाद चयनित दल एवं प्रतिभागी जिला स्तर और जिला स्तर से चयनित दल एवं प्रतिभागी संभाग स्तर के बस्तर पंडुम में अपनी सहभागिता निभाएंगे। बस्तर पंडुम के प्रत्येक स्तर को बस्तर में उत्सव की तरह मनाया जायेगा जिसमें समाज प्रमुखों, वरिष्ठ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जायेगा। जिला एवं संभाग स्तर पर बड़े स्तर के कलाकारों को आमंत्रित कर कार्यक्रम प्रस्तुति का अवसर प्रदान किया जाएगा। साथ ही मेहमान कलाकारों के रूप में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के दलों को आमंत्रित किया जाएगा। बस्तर पंडुम के प्रत्येक स्तर पर विजेता दलों एवं प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र सहित फोटो फ्रेम भेंटकर सम्मानित किया जायेगा। इस आयोजन के प्रत्येक स्तर पर निःशुल्क भोजन एवं आवागमन हेतु वाहन की व्यवस्था सहित ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कलेक्टोरेट के एनआईसी कक्ष में कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री हरिस एस एवं एसपी श्री शलभ सिन्हा और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।बस्तर: अद्वितीय जनजातीय कला एवं संस्कृति के लिए विश्व प्रसिद्धदंडकारण्य के घने जंगल में बसा बस्तर अपने अद्वितीय जनजातीय कला एवं संस्कृति के लिए विश्व प्रसिद्ध है, यहां की जनजातीय समाज घने जंगल, पहाड़ी एवं दुर्गम स्थानों में निवासरत है, जिनकी एक विशेष बोली-भाषा, खान-पान, रहन-सहन सहित कला-संस्कृति तथा तीज-त्यौहार हैं। बस्तर की नैसर्गिक सुंदरता भी अप्रतिम है जो देश-दुनिया के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 27 फरवरी को महान स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर नायक थे, जिनके भीतर मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और अपराजेय साहस था। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आजाद जी ने अपने जीवन की अंतिम सांस तक स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया, लेकिन कभी भी ब्रिटिश हुकूमत के सामने आत्मसमर्पण नहीं किया। उनका बलिदान देशभक्ति, स्वाभिमान और वीरता का अद्वितीय उदाहरण है, जिसने हजारों युवाओं के हृदय में क्रांति की मशाल प्रज्वलित कर दी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद जी का जीवन हमें त्याग, साहस और निडरता की सीख देता है। चंद्रशेखर आजाद जी की देशभक्ति की भावना आज भी राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना रखते हुए देशहित में निरंतर कार्य करने की प्रेरणा हम सभी को देती है।
- रायपुर । गाँव की उस कच्ची पगडंडी पर सरिता बाई नगेशिया अक्सर नंगे पाँव चला करती थीं। धूप कितनी भी तेज़ हो, बारिश कितनी भी ज़ोर से बरस रही हो, या ठंड कितनी भी कड़ाके की हो उन्हें हर हाल में रोज़ की मजदूरी पर जाना ही होता था। उनके लिए दिन का मतलब था सुबह से शाम तक खेतों में मेहनत, और रात का मतलब था अगले दिन के काम की चिंता।मेरे पास सपने थे, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए साधन नहीं, सरिता बाई अक्सर खुद से कहतीं। दो वक्त की रोटी जुटाने में ही जीवन बीत रहा था। उनके बच्चे स्कूल जाना चाहते थे, मगर किताबों और फीस के लिए पैसे कहाँ थे ? घर की दीवारें कच्ची थीं, और सपनों की नींव भी उतनी ही कमजोर लगती थी। एक दिन गाँव की कुछ महिलाओं ने उनसे सीताराम महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने की बात की। सरिता बाई को यकीन नहीं था कि क्या इससे सच में कुछ बदल सकता है? लेकिन उनके पास खोने को कुछ नहीं था, तो वे जुड़ गईं। धीरे-धीरे वे समूह की बैठकों में जाने लगीं, और वहाँ उन्होंने कुछ ऐसी कहानियाँ सुनीं, जो उनकी अपनी कहानी से मिलती-जुलती थीं। उन महिलाओं ने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी ज़िंदगी बदल दी थी।सरिता बाई ने भी हिम्मत जुटाई और सीआईएफ से लोन लेकर ईंट बनाने का काम शुरू किया। शुरुआत में मुश्किलें आईं, गाँव के कुछ लोग हँसते थे, कुछ ताने मारते थे, और कुछ कहते कि यह काम महिलाओं के लिए नहीं है। लेकिन सरिता बाई ने किसी की बातों पर ध्यान नहीं दिया। मिट्टी गूँधने से लेकर ईंटें पकाने तक, उन्होंने सब कुछ खुद किया। उनका हाथ खुरदरा हो गया, लेकिन आत्मविश्वास पहले से कहीं ज्यादा मज़बूत हो गया। धीरे-धीरे उनका काम चल निकला। जब उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 1 लाख रुपये का लोन लिया, तो उनका व्यवसाय और भी बढ़ गया। अब वे हर साल दो लाख रुपये से ज्यादा कमाने लगीं। जिन लोगों ने उन पर ताने कसे थे, वही अब उनकी मेहनत की तारीफ करने लगे। जहाँ कभी उनके पास साइकिल तक नहीं थी, अब उन्होंने अपने लिए स्कूटी खरीद ली और अपने पति के लिए बाइक। खेतों में भी वे अब मजदूरी नहीं करतीं, बल्कि अपनी खुद की ज़मीन पर खेती करती हैं। सबसे बड़ी बात यह कि अब उनके बच्चे स्कूल जा रहे हैं, और उनका भविष्य सुरक्षित हो गया है।सरिता बाई अब सिर्फ़ एक मजदूर नहीं, बल्कि एक सफल उद्यमी हैं। वे कहती हैं, पहले मैं दूसरों के खेतों में मजदूरी करती थी, लेकिन अब मैं अपनी मेहनत से खुद का व्यवसाय चला रही हूँ। मैंने अपनी काबिलियत को पहचाना और अपनी तक़दीर खुद लिखी। गाँव की वही पगडंडी, जिस पर वे कभी नंगे पाँव चला करती थीं, अब उन्हें देखकर गर्व से सर उठाकर चलना सिखा रही थी। क्योंकि अब वे सिर्फ़ अपने परिवार की तक़दीर नहीं, बल्कि पूरे गाँव की महिलाओं के लिए एक मिसाल बन चुकी थीं।
- रायपुर। , छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना और सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती का एक और सकारात्मक पहलू देखने को मिला है। जहां पहले नक्सली खतरे के कारण जगरगुंडा जैसे अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों में हेलीकॉप्टर के माध्यम से बोर्ड परीक्षा की गोपनीय सामग्री भेजी जाती थी, वहीं इस बार पहली बार सड़क मार्ग से यह सामग्री सुरक्षित रूप से पहुँचाई गई। सड़क मार्ग से परीक्षा सामग्री की सुरक्षित आपूर्ति सिर्फ एक प्रशासनिक सफलता नहीं, बल्कि यह बस्तर में बढ़ती सुरक्षा और शांति की झलक है। यह सिर्फ परीक्षा सामग्री पहुँचने की बात नहीं, बल्कि बस्तर अंचल में सुरक्षा और विश्वास की एक नई सुबह की दस्तक है।छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा मार्च के पहले सप्ताह से आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए 18 परीक्षा केंद्रों में गोपनीय सामग्री भेजी गई। इनमें से 15 केंद्र संवेदनशील और 3 अति संवेदनशील घोषित किए गए थे। बावजूद इसके, प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इतने आत्मविश्वास और नियंत्रण की स्थिति बनी कि पहली बार जगरगुंडा तक सड़क मार्ग से परीक्षा सामग्री भेजी गई।बस्तर के सुदूर इलाकों में वर्षों तक नक्सली गतिविधियाँ बड़ी चुनौती बनी रहीं। लेकिन शासन-प्रशासन और सुरक्षा बलों के सतत प्रयासों से अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। पहले जहाँ नक्सली खतरे के चलते जगरगुंडा में हवाई मार्ग से ही आवश्यक सामग्रियाँ भेजनी पड़ती थीं, वहीं अब सड़क मार्ग से सामग्री का सुरक्षित पहुँचाना इस बात का प्रमाण है कि इलाके में कानून व्यवस्था सुदृढ़ हो रही है। पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से सड़कों का विस्तार, सुरक्षा बलों की तैनाती और विकास कार्यों के चलते बस्तर अब नई राह पर आगे बढ़ रहा है।सभी 18 परीक्षा केंद्रों के लिए परीक्षा सामग्री निकटतम पुलिस थानों और चौकियों में सुरक्षित रखी गई है, जिससे परीक्षाओं को सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके। इस वर्ष हाई स्कूल पाकेला और हाई स्कूल तालनार को दो नए परीक्षा केंद्र के रूप में शामिल किया गया है। इस पूरे अभियान के दौरान माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर से आए अधिकारियों श्री मोहम्मद फिरोज, श्री नारायण नेताम, जिला शिक्षा अधिकारी जी आर मंडावी, समन्वयक केंद्र प्राचार्य पी. अनिल कुमार समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी और केंद्राध्यक्ष उपस्थित रहे।
- - बिना सुरक्षा मानकों के कच्चे माल और अपशिष्ट परिवहन करने पर प्रशासन की सख्तीरायपुर,। रायगढ़ जिले में कच्चे माल, उत्पाद और अपशिष्ट परिवहन के दौरान पर्यावरणीय सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच दल द्वारा बीते सप्ताह की गई निरीक्षण कार्रवाई में 14 उद्योगों पर कुल 10.51 लाख रुपये का पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति शुल्क अधिरोपित किया गया है। क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी श्री अंकुर साहू ने बताया कि 15 से 21 फरवरी 2025 के दौरान गठित जिला स्तरीय जांच कमेटी ने चंद्रपुर, कोडातराई, हमीरपुर, ढिमरापुर, तमनार, घरघोड़ा और पलगढ़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कच्चे माल, उत्पाद और अपशिष्ट परिवहन करने वाले वाहनों की सघन जांच की। इस दौरान कई वाहन बिना तारपोलिन कवर के खुले में कच्चा माल परिवहन करते पाए गए, जिससे पर्यावरणीय प्रदूषण फैलने की आशंका बढ़ गई। इसके अलावा, कुछ वाहनों में 5 सेमी. फ्री बोर्ड स्पेस का अभाव था, जिससे सामग्री गिरने का खतरा था। कई वाहनों पर संबंधित नोडल अधिकारी का नाम अंकित नहीं था, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
- -राष्ट्रीय स्तर पर होगा उत्कृष्ट कार्य करने वाले चयनित लाइनमेन का सम्मानरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के अंतर्गत पूरे प्रदेश में कार्यरत विद्युत लाइनमेन की सेवाओं को रेखांकित करने तथा उनके कल्याण हेतु विविध आयोजन करने हेतु 4 मार्च 2025 को लाइनमेन दिवस आयोजित करने का निर्देश जारी किया गया है।भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा इस संबंध में परिपत्र जारी करते हुए प्रत्येक राज्य से उत्कृष्ट कार्य करने वाले लाइनमेन के नाम भी मंगाए गए है जिनमें से चयनित लाइनमेन को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत और सम्मानित भी किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2021 में राष्ट्रीय स्तर पर लाइनमेन दिवस मनाए जाने की पहल की गई थी। वर्ष 2025 को पांचवां लाइनमेन दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर आंधी, तूफान, बारिश तथा लू के थपेड़ों के बीच कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में काम करते हुए विद्युत आपूर्ति की निरंतरता बनाए रखने वाले लाइनमेन की सेवाओं के संबंध में जन-जागरण किया जाएगा। विद्युत उपभोक्ताओं को लाइनमेन की सेवाओं के बारे में बताया जाएगा। लाइनमेन के सम्मान के साथ ही उनकी सुरक्षा के उपाय भी किए जाएंगे।प्रदेश के प्रमुख सचिव ऊर्जा तथा छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह ने विभिन्न क्षेत्रीय मुख्यालयों के प्रभारियों तथा अधीनस्थ कार्यालयों से अपील किया है कि लाइनमेन दिवस का आयोजन मैदानी स्तर तक किया जाए।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी डंगनिया औषधालय द्वारा निःशुल्क दंत शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आये ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन एवं जनरेशन कंपनी के अधिकारियों तथा कर्मचारियों नेे दंत परीक्षण एवं परामर्श का लाभ लिया। दंत विशेषज्ञ डॉ अबीर मिश्र (एम.डी.एस कंजर्वेटिव एंड माइक्रो एंडोडोन्टिक्स) ने मरीजों के दांतों के परीक्षण के साथ लोगों को दांत की देखभाल के घरेलू उपचार भी बताये। उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोग दांत मे दर्द, सूजन और केविटी होने पर ही जॉच करवाने आते हैं। इस स्थिति मंे उपचार के अलावा कोई विकल्प नही रहता जबकि दांतों के नियमित देखभाल और वार्षिक परीक्षण से दांतों को लंबे समय तक सुरक्षित तक रखा जा सकता है। उन्होंने उपचार की दर्दरहित और नई तकनीक के बारे में लोगों को जागरूक किया।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.एच.एल.पंचारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज में कैशलेस योजना के तहत दांत संबंधी इलाज के प्रावधान है। कर्मियों को कैशलेस या प्रतिपूर्ति द्वारा कम खर्च में बेहतर सुविधायें दी जा रही है। पॉवर कंपनी मे निरंतर मेडिकल सुविधाओं का विस्तार हो रहा है जिसका लाभ पात्र अधिकारी, कर्मचारी, पेंशनर्स एवं सदस्य ले सकते हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. इंदु साहू एवं डॉ. निलेश सिंह भी उपस्थित थे जिन्होंने पुष्पगुच्छ भेंट करते हुए डॉ.अबीर मिश्र का स्वागत किया। - - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, विधानसभा डॉ. रमन सिंह, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव, श्री विजय शर्मा, मंत्रीगण, सांसद, विधायकगण सम्मिलित होंगेरायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर की नवनिर्वाचित महापौर श्रीमती मीनल चौबे और 70 वार्ड पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह नगर पालिक निगम रायपुर के सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम रायपुर में दिनांक 27 फरवरी 2025 गुरूवार को दोपहर 3 बजे आयोजित किया गया है। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, कार्यकम अध्यक्ष के रूप में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मंत्री सर्वश्री केदार कश्यप, रामविचार नेताम, ओ.पी. चौधरी, रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि के रूप में जगदलपुर विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री किरण सिंहदेव, रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा, आरंग विधायक एवं अनुसूचित जाति प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुरू खुशवंत साहेब और अभनपुर विधायक श्री इंद्रकुमार साहू उपस्थित रहेंगे ।
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- मनमोहक शिवलिंग की झांकी के सामने फलाहार, मठा, ठंडाई का भी मज़ा लिया श्रद्धालुओं नेरायपुर। महाराष्ट्र मंडल भवन के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में महा शिवरात्रि पर 54 जोड़ों ने सामूहिक रुद्राभिषेक किया। साथ ही भक्तजनों ने सुमधुर भजनों के साथ फलाहार, मठा, ठंडाई का आनंद लिया।महाराष्ट्र संस्कार केंद्र और महाराष्ट्र मंडल के सामूहिक तत्वावधान में बुधवार, 26 फरवरी की सुबह 10 बजे से आयोजित कार्यक्रम में भक्तिमय वातावरण के बीच जहां आचार्य चेतन दंडवते के मार्गदर्शन में रुद्राभिषेक हुआ। वहीं महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले के निर्देशन में महिलाओं की टीम ने रुद्र पाठ किया। रुद्राभिषेक से पहले वरिष्ठ सभासद अरविंद जोशी के सहयोग से महाकुंभ प्रयागराज से लाए गए गंगाजल से सभी जोड़ों को मंत्रोच्चार के साथ शुद्ध किया गया।महाराष्ट्र मंडल के सचिव और मंडल के प्रमुख आचार्य चेतन दंडवते ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल के नवनिर्मित हाॅल में यह तीसरा वर्ष है और संस्था का यह 25वां आयोजन है। समूचे आयोजन में लघु रुद्राभिषेक में बैठे श्रद्धालु जोड़ों और सेवादारों का उत्साह देखते ही बना। शिवतांडव स्त्रोत के गायन ने महाराष्ट्र मंडल के वतावरण को शिवमय बना दिया। इस वर्ष नवविवाहित जोड़े श्वेतलीना- अनमोल काले और श्रुति- आभास करकशे भी रुद्राभिषेक में बैठे थे। धर्म और संस्कार के प्रति युवाओं का रुझान उन्हें सांस्कारित बनाता है।महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काले ने आज के कार्यक्रम में शामिल समस्त श्रद्धालुओं और सेवादारों, पंडितों योगेश दंडवते, अजय पोतदार, अभिषेक बक्षी और रुद्र पाठ करने वाली महिलाओं ज्योति कान्हे, विशाखा तोपखानेवाले, दीपांजली भालेराव, स्मिता कोमजवार, रीता लोखंडे, रुपाली लोखंडे, अनघा करकशे, दमयन्ती देशपांडे, आराधना शेष, शोभा शेष, निशा शेष और शुभांगी शेष के साथ सेवादार विनोद राखुन्डे, पंकज सराफ, निखिल मुकादम, सारंग पोफली, विपुला शेजवलकर, सृष्टि दंडवते, शचिंद्र देशमुख, रीना प्रतीक देशमुख, पल्लवी मुकादम, शेखर मोकासदार, वैभव शाह, मेघा पोतदार, सृजन दंडवते, पार्थ देशपांडे, वैशाली पुरोहित, शेखर क्षीरसागर, प्राची पोफली, श्रुति सराफ, उन्नति शाह, प्रिया बक्षी, शुचिता देशमुख, पल्लवी नाफ़ड़े, सुधांशु नाफ़ड़े, गौरी मोकासदार का आभार व्यक्त किया। - भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 को लेकर साफ-सफाई व्यवस्था युद्व स्तर पर कराया जा रहा है। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय प्रातः भ्रमण के दौरान अलग-अलग वार्डो में जाकर निरीक्षण कर रहे है। उपस्थित अधिकारियो एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे रहे है। दिल्ली की टीम सफाई व्यवस्था का मानिटरिंग करने आने वाली है। उसके पूर्व भिलाई के सभी वार्डो, मोहल्लो, सड़क, उद्यानों, तालाबो, शौचालयो इत्यादि को साफ-सुथरा बनाये रखें। कचरा डंपिग प्वांट को चिन्हांकित कर चूना से मार्किंग कर सूचना बोर्ड भी लगाया जाये, जिससे नागरिक उस जगह कचरा न फेकें। एक आम धारणा है कि जहां पर कचरा कोई फेंकता है वहीं पर सब लोग कचरा फेंकने लगते हैं। इसलिए जब घर-घर सफाई मित्र कचरा लेने आ रहे हैं कचरा देना है।आयुक्त पाण्डेय आज सुबह भ्रमण के दौरान जोन 04 खुर्सीपार क्षेत्र में स्थित एस.एल.आर.एम. सेंटर का निरीक्षण किये। वहां जाकर कचरा सेग्रिगेशन कार्य को देखे, कार्य करने वाले कर्मियो से जानकारी प्राप्त किये। कचरे से बनने वाली खाद की क्वालिटी पर और जोर देने को कहे। वहां एकत्रित खराब सामग्री को अलग कर रखने एवं उन सामग्रीयो से वेस्ट से बेस्ट बनाने को कहे। जिसे तैयार कर शहर के उद्यानों, प्रमुख चैराहो में लगाया जा सके। जिससे आम जनता के लिए आकर्षक का केन्द्र बने और लगाये गये स्थल की रौनकता बनी रहे। साथ ही सुलभ शौचालयो की साफ‘-सफाई को और व्यवस्थित करने के निर्देश अधिकारियो को दिये।निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, कार्यपालन अभियंता रवि सिन्हा, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, जोन सहायक स्वास्थ्य अधिकारी वीरेन्द्र बंजारे आदि उपस्थित रहे।
- -परीक्षा के दिनों में बच्चे आवश्यक बातों का जरूर रखे ध्यानबालोद। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के समय सारणी के अनुसार परीक्षा 01 मार्च से प्रारंभ हो रही है। सहायक जिला परियोजना अधिकारी श्री डी पी कोसरे ने बताया कि जिले में कक्षा 12वीं के 8463 विद्यार्थी एवं कक्षा 10वीं के 11220 विद्यार्थी परीक्षा में बैठेगे। परीक्षा संचालन हेतु कुल 111 केंद्र बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा के पूर्व एवं परीक्षा कक्ष में बच्चों को कुछ बातों का आवश्यक ख्याल रखना चाहिए। जिसमें परीक्षा के पूर्व बच्चे भयमुक्त रहें। परीक्षा देते समय तनाव से दूर रहें एवं परीक्षा के दिनों में भरपूर नींद लें। बच्चे अपनी दिनचर्या में संतुलित आहार का पालन करे । परीक्षा के पूर्व माता पिता एवं विषय शिक्षक के साथ बात करें।परीक्षा कक्ष में अपने आराध्य का ध्यान करें, घबराएं नहीं अपने परिश्रम पर विश्वास करें और प्रश्न पत्र को शांत मन से अध्ययन करें। उन प्रश्नों को पहले हल करे, जो प्रश्न आपको सरल लगे या जिस प्रश्न की जानकारी हो उन् प्रश्नों को पहले हल करें । प्रश्नों के उत्तर शब्द सीमा में ही लिखें। इसके साथ ही प्रश्न पत्र में आए सम्पूर्ण प्रश्नों को हल करने की जरूर कोशिश करे। किसी प्रकार की समस्या या सुझाव के लिए हेल्पलाइन नंबर 9425567867 और 6260985588 पर बात कर सकते हैं।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ ने भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग, नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित प्रकृति परीक्षण अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त किया। राज्य ने स्ट्राइक रेट लक्ष्य में देशभर में तीसरा स्थान और कुल प्रकृति परीक्षण मानकों पर नौवां स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि के लिए केन्द्रीय आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रताप राव जाधव ने छत्तीसगढ़ को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।यह सम्मान अभियान के राज्य समन्वयक डॉ. संजय शुक्ला ने ग्रहण किया। जहांगीर भाभा थियेटर, मुंबई में आयोजित अभियान के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया।इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आयुष विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य और आयुर्वेद के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बढ़ती उत्कृष्टता का प्रमाण है, जिससे राज्य में आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त किया जाएगा।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आयुष विभाग के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह की पहल न केवल नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाएगी, बल्कि प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को मुख्यधारा में लाने में भी सहायक होगी।उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर से 25 दिसंबर 2024 तक चले इस अभियान के तहत देशभर में 1.29 करोड़ से अधिक नागरिकों का परीक्षण किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ ने 4.45 लाख से अधिक नागरिकों का सफलतापूर्वक परीक्षण कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इस अभियान में राज्य के 3551 वालंटियर्स ने योगदान दिया।इसके अतिरिक्त अभियान की महत्ता को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीनस्थ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के 40,000 से अधिक अधिकारियों और जवानों का भी सफलतापूर्वक प्रकृति परीक्षण किया गया, जो आयुष चिकित्सा के प्रति बढ़ती जागरूकता और विश्वास को दर्शाता है।नागरिकों के लिए निरंतर जारी रहेगा अभियानआयुष विभाग के संचालक ने बताया कि मोबाइल एप्लीकेशन आधारित इस अभियान को नागरिकों से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ में इस अभियान को निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया गया है। अब राज्य के नागरिक निकटतम आयुर्वेद महाविद्यालय, जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, आयुष विंग, स्पेशलाइज्ड थैरेपी सेंटर, शासकीय आयुर्वेद औषधालयों एवं निजी आयुर्वेद चिकित्सकों से संपर्क कर अपना प्रकृति परीक्षण करवा सकते हैं।
- -प्रदेश की 5 सेंट्रल जेल, 20 जिला जेल और 8 सब-जेल में विशेष आयोजन:आध्यात्मिक और मानसिक शुद्धि के लिए कैदियों को मिला गंगा जल स्नान का अवसररायपुर – छत्तीसगढ़ सरकार की एक अनूठी पहल के तहत प्रदेश के विभिन्न जेलों में बंद कैदियों को गंगा जल स्नान का अवसर प्रदान किया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस पुनीत कार्य पर कहा कि मां गंगा की कृपा सभी पर बनी रहे, यही हमारी कामना है। यह पहल कैदियों को मानसिक शांति और आत्मचिंतन का अवसर प्रदान करेगी, जिससे वे सकारात्मक बदलाव की ओर अग्रसर हो सकें। प्रदेश सरकार जेल सुधार के साथ-साथ कैदियों के आध्यात्मिक एवं नैतिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।आध्यात्मिक जागरूकता और सामाजिक समावेश की दिशा में बड़ा कदमउपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि संस्कार और संस्कृति किसी भी व्यक्ति के जीवन का अभिन्न हिस्सा होते हैं, और जेलों में बंद कैदी भी इससे अछूते नहीं हैं। 144 वर्षों बाद आयोजित हो रहे महाकुंभ के पुण्य लाभ से समाज का हर वर्ग वंचित न रहे, इसलिए राज्य सरकार ने यह विशेष आयोजन किया। इससे कैदियों में आत्मशुद्धि, सकारात्मक सोच और नैतिक जागरूकता का संचार होगा। उन्होंने कहा कि 5 सेंट्रल जेल, 20 जिला जेल और 8 उपजेल में गंगा जल स्नान और सामूहिक प्रार्थना का विशेष आयोजन किया गया, जिससे कैदियों को आध्यात्मिक और मानसिक शुद्धि का अनुभव मिला।प्रदेशभर में कैदियों में दिखा उत्साह, सामूहिक प्रार्थना में लिया भागइस विशेष आयोजन के दौरान प्रदेशभर की जेलों में कैदियों के लिए गंगा जल की आपूर्ति और स्नान की उपयुक्त व्यवस्था एवं सामूहिक प्रार्थना की व्यवस्था की गई है। जेल अधीक्षकों ने बताया कि कैदियों ने इस आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया और इसे एक सकारात्मक अनुभव बताया। कई कैदियों ने कहा कि इस आयोजन से उन्हें आत्मशुद्धि और मानसिक शांति का अनुभव हुआ।कैदियों के सुधार और पुनर्वास की दिशा में सरकार की नई पहलमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार कैदियों के सुधार और सामाजिक पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध है। इस पहल को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि जेल केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र भी होना चाहिए। कैदियों को नैतिक और आध्यात्मिक मार्गदर्शन देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने का यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा।छत्तीसगढ़ सरकार का सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में सराहनीय प्रयासराज्य सरकार द्वारा जेलों में आयोजित यह गंगा जल स्नान और आध्यात्मिक कार्यक्रम कैदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और सराहनीय पहल है। यह पहल न केवल कैदियों को आत्मशुद्धि और मानसिक शांति प्रदान करेगी, बल्कि उनके पुनर्वास की दिशा में भी एक प्रभावी कदम साबित होगी।
- रायपुर।, पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बलौदा बाजार श्री विजय अग्रवाल की अध्यक्षता में सिविल लाइन, रायपुर के सभागार में क्रिश्चियन समुदाय के पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।बैठक में छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल, चर्च समिति के सदस्य विक्की पाल, अमित दास, ग्राम पंचायत विश्रामपुर की सरपंच श्रीमती अर्चना, ग्राम पंचायत गणेशपुर की सरपंच श्रीमती रेशू मसीह सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।01 मार्च को शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष चर्चाबैठक में दिनांक 01 मार्च 2025 को ग्राम विश्रामपुर, गणेशपुर, झनकपुर एवं आसपास के क्रिश्चियन बाहुल्य क्षेत्रों में सामाजिक सौहार्द, शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि हाल ही में उपरोक्त ग्रामों से संबंधित एक विवादित पोस्ट प्रसारित हुई है, जिसके संबंध में पुलिस द्वारा प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह पोस्ट फर्जी हो सकती है, किंतु अभी तक कोई प्रमाणित साक्ष्य प्राप्त नहीं हुए हैं। इस संबंध में पुलिस द्वारा गहन विवेचना की जा रही है और सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जाएगा।पुलिस प्रशासन द्वारा सभी नागरिकों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने, आपसी मतभेदों को दूर करने एवं कानून व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की गई। साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया कि शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने हेतु उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।पशु क्रूरता के विरुद्ध सख्त कार्रवाईबैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बलौदा बाजार श्री विजय अग्रवाल ने बताया कि ग्रामवासियों के सहयोग से पशु क्रूरता के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की गई है। पशु क्रूरता अधिनियम के तहत अपराध पाए जाने पर दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और ऐसे अपराधों को संरक्षण देने वालों पर भी कड़ी कार्यवाही होगी।जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों से अपील की गई कि वे ऐसे अपराधों पर सतर्कता रखें और सामाजिक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाकर पशु क्रूरता को रोकने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। इस पर उपस्थित सभी लोगों ने समाज स्तर पर आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया।ग्रामों में पुलिस पेट्रोलिंग एवं सुरक्षा व्यवस्था की मांगबैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने ग्रामों में नियमित पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने एवं सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की, ताकि लोग स्वयं को सुरक्षित महसूस करें।इसके साथ ही, 01 मार्च 2025 से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षाओं के दौरान किसी भी प्रकार का व्यवधान न हो, इस हेतु विशेष सुरक्षा व्यवस्था किए जाने का निवेदन किया गया।पुलिस का आश्वासन: बोर्ड परीक्षा के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्थावरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बलौदा बाजार श्री विजय अग्रवाल ने ग्रामवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने और क्षेत्र में लगातार फ्लैग मार्च जारी रखने का आश्वासन दिया।उन्होंने कहा कि लोगों में किसी भी प्रकार का भय नहीं होना चाहिए और शांति, सौहार्द एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु हर संभव कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, 01 मार्च 2025 को होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के दौरान विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे और परीक्षा में किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न नहीं होने दिया जाएगा।सामाजिक सौहार्द एवं शांति बनाए रखने की अपीलबैठक के अंत में सभी नागरिकों से शांति व्यवस्था बनाए रखने, अफवाहों से बचने एवं पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य में बिजली आपूर्ति की स्थिति, भविष्य की आवश्यकताओं और अधोसंरचना विकास की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में यह पाया गया कि बढ़ती ऊर्जा मांग को देखते हुए राज्य में विद्युत अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने राज्य की दीर्घकालिक ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक योजनाओं की समीक्षा की और उनकी त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश दिए। समीक्षा के मुख्य बिन्दु राज्य में विद्युत की आपूर्ति, उपलब्धता तथा आगामी परियोजनाएं रहीं।बैठक में बताया गया कि राज्य में विगत वर्षों में मांग में वृद्धि दर्ज की गई है परंतु मांग के अनुरूप बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पायी। राज्य में नये पॉवर प्लांट लगाने हेतु कोई योजना नहीं बनाई गई। मुख्यमत्री जी द्वारा आगामी 10 वर्षों की मांग को देखते हुए तैयारी की समीक्षा की गई। पॉवर कंपनी द्वारा यह ध्यान में लाया गया कि आगामी वर्षों में कोरबा में उत्पादन कंपनी द्वारा 1320 मेगावाट क्षमता के ताप विद्युत संयंत्र की स्थापना की जायेगी। इसके अतिरिक्त एनटीपीसी द्वारा राज्य में स्थापित की जा रही संयंत्रों से 50 प्रतिशत बिजली के क्रय हेतु अनुबंध किए गए है, जिससे 1200 मेगावाट बिजली राज्य को वर्ष 2027-28 तक प्राप्त होगी।इसके अतिरिक्त भविष्य की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए आगामी वर्षों में अतिरिक्त विद्युत उत्पादन क्षमता हासिल करने की कार्य योजना बनाकर उस पर गंभीरता से अमल किया जा रहा है। ताप विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने के अलावा पम्प स्टोरेज धारित जल विद्युत संयंत्र, बैटरी स्टोरेज सौर ऊर्जा संयंत्र का उत्पादन बढ़ाने के लिए भी बड़े पैमाने पर विभिन्न परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। इससे सामान्य अवधि के अतिरिक्त पीक लोड के समय बिजली उपलब्ध रहेगी।अंतर्राज्यीय पारेषण परियोजनाओं के माध्यम से अन्य राज्यों में उपलब्ध सरप्लस बिजली का उपयोग राज्य में करने हेतु वृहद स्तर पर कार्य किया जा रहा है। आर.डी. एस. एस. योजना के तहत लाईन लॉस में कमी लाकर बिजली उपलब्धता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। केन्द्रीय क्षेत्र के ताप बिजली घरों से विद्युत प्राप्त करने के लिए अधिक से अधिक पॉवर पर्चेस एग्रीमेंट किया गया है।बैठक में बताया गया कि प्रदेश में कोई भी घोषित अथवा अघोषित बिजली कटौती नहीं की जा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य देश के उन चुनिनंदा राज्यों में से एक है जो किसानों को अधिक मात्रा में तथा सस्ती बिजली उपलब्ध कराती है उल्लेखनीय है कि राज्य के किसानों को 18 घंटे मुफ्त में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। यहां तक कि विद्युत आपूर्ति में आकस्मिक कमी होने पर राज्य की पॉवर कंपनी द्वारा महंगी दरों पर भी एक्सचेंज के माध्यम से विद्युत का क्रय कर किसानों एवं उपभोक्ताओं को निरंतर बिजली उपलब्ध कराई जाती है। विद्युत उपभोक्ता सेवा के लिए ऑनलाईन आईटी सॉल्यूशन्स के बड़े उपाय भी किये गये है। बिजली मितान बॉट सेवा में उपभोक्ता व्हाट्सअप के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करते हुए समाधान प्राप्त कर सकते है। मोर बिजली एप, 1912 सेवा एवं लोकल कॉल सेंटर आदि उपायों के भी उत्साहजनक परिणाम मिले है।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आयोजन में हुए शामिलमुख्यमंत्री श्री साय छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं - बाबा बागेश्वररायपुर,। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज बागेश्वर धाम में चल रहे शिवरात्रि महोत्सव और 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए।बागेश्वर धाम में धार्मिक भक्ति, सामाजिक समर्पण और राष्ट्रीय एकता का अनूठा संगम देखने को मिला।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत परंपरा और धर्मनिष्ठा की भूमि है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय यहीं बिताया था। हमें गर्व है कि बागेश्वर धाम में इस दिव्य आयोजन में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि संस्कार और संस्कृति किसी भी व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं।नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्पमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रही है। डबल इंजन सरकार के सहयोग से यह संकल्प लिया गया है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूरी तरह उन्मूलन किया जाएगा। प्रदेश के सुरक्षा बल मजबूती से इस अभियान में लगे हुए हैं, और गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व में यह मिशन सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है।धर्मांतरण पर रोक और घर वापसी अभियानमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए सरकार धर्मांतरण रोकथाम और घर वापसी अभियान को भी प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि धर्मांतरण के विरुद्ध हमारी सरकार कठोर नीति अपनाएगी और समाज को उसकी मूल पहचान से जोड़ेगी।समाज सेवा का नया अध्याय: 251 निर्धन कन्याओं का विवाहबागेश्वर धाम द्वारा आयोजित 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। इस आयोजन में वैदिक रीति-रिवाज से कन्याओं का विवाह संपन्न होगा, सभी नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का संपूर्ण सामान प्रदान किया जाएगा।आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक समरसता का संगममुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बागेश्वर धाम का यह आयोजन सनातन धर्म की महिमा को पुनर्स्थापित करने, समाज में एकता और सद्भाव को बढ़ावा देने और गरीब कन्याओं के भविष्य को संवारने का ऐतिहासिक अवसर है।छत्तीसगढ़ सरकार इस आयोजन में भागीदारी कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है और भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में योगदान देने के लिए संकल्पित है।सरल स्वभाव के धनी हैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय - पूज्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराजकार्यक्रम में बाबा बागेश्वर ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सराहना करते हुए कहा कि इस पावन कार्य को संपूर्णता देने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री स्वयं उपस्थित हैं। वे बहुत ही सरल स्वभाव के हैं और छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार आज एक बड़ा अनूठा कार्य कर रही है, जो गौरव का विषय है। राज्य को अगले दो वर्षों के भीतर नक्सल प्रभावित क्षेत्र से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं, ताकि छत्तीसगढ़ समृद्ध और शांतिपूर्ण प्रदेश बन सके। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, और जब हम छत्तीसगढ़ जाते हैं, तो एक बात हमेशा कहते है - छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया। यह प्रदेश धर्म और संस्कृति की भूमि है, और हम प्रार्थना करते हैं कि यह भूमि हमेशा खुशहाल और धन-धान्य से परिपूर्ण बनी रहे।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुजन उपस्थित थे।
- बिलासपुर/ जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, बिलासपुर परिसर में श्री नारायणा हॉस्पिटल, रायपुर एवं ASG Eye हॉस्पिटल, रायपुर द्वारा राज्य सैनिक बोर्ड, रायपुर के सौजन्य से 24 फरवरी 2025 प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 02:30 बजे तक भूतपूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रित जन हेतु *निशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया।इस में Cardiologist, Gaesterologist, Urologist, Orthopedics, Gynaecology, Eye , Random Blood Sugar, BP, ECG, Echo आदि की चिकित्सा विशेषज्ञ द्वारा जांच की गई। सैनिकों की पेंशन सम्बन्धी SPARSH की समस्याओं का निदान भी किया गया और साथ ही विभिन्न वित्तीय योजनाओं की जानकारी भी विशेषज्ञों द्वारा दी गई। भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवार जनों ने भारी संख्या में उपस्थित होकर इन सुविधाओं का लाभ उठाया।इस अवसर पर ब्रिगेडियर विवेक शर्मा VSM(से.नि.) संचालक, सैनिक कल्याण छत्तीसगढ़ द्वारा सैनिक सम्मेलन को संबोधित किया गया। सैनिक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए संचालक, सैनिक कल्याण छत्तीसगढ़ ब्रिगेडियर विवेक शर्मा विशिष्ट सेवा मेडल (से नि) ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और् नीतियों की जानकारी प्रदान की तथा उन योजनाओं का यथोचित लाभ उठाकर सेवानिवृत्त जीवन को खुशहाल और कर्त्तव्यनिष्ठ बनाने पर बल दिया। उन्होंने चिकित्सा शिविर की उपयोगिता को रेखांकित करते हुए समय समय पर स्वास्थ्य सम्बन्धित परीक्षण और जागरूकता पर जोर दिया। सैनिकों का योगदान देश की रक्षा में सदैव अनमोल है और उनके और उनके आश्रितों के लिए बिलासपुर में आयोजित यह चिकित्सा शिविर यादगार रहा।
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0- महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम से लाए गए गंगाजल से फुहार लघु रुद्राभिषेक का होगा विशेष आकर्षण
0- संत ज्ञानेश्वर सभागृह में शिवलिंग की भव्य झांकी के साथ तैयारियां लगभग पूर्ण
रायपुर। चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल चौबे कॉलोनी के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में महा शिवरात्रि पर बुधवार को सुबह 10:00 बजे सामूहिक लघु रुद्राभिषेक किया जाएगा। इस मौके पर 54 जोड़े एक साथ लघु रुद्राभिषेक करेंगे। महाकुंभ में त्रिवेणी संगम से लाए गए गंगाजल का लघु रुद्राभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं पर फुहार कार्यक्रम का विशेष आकर्षण होगा। महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासदों ने ही महाकुंभ के दौरान प्रयागराज पहुंचकर त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर विभिन्न पात्रों में गंगाजल भरकर यहां लाया है।
महाराष्ट्र मंडल के सचिव और महाराष्ट्र संस्कार केंद्र के संस्थापक चेतन गोविंद दंडवते ने बताया कि बुधवार को महा शिवरात्रि पर रुद्राभिषेक सुबह 10 बजे शुरू होकर दोपहर दो बजे तक चलेगा। महाआरती के बाद महाप्रसाद व फलाहार के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। इस अवसर पर सभागृह में शिवलिंग की भव्य झांकी आकर्षण का केंद्र होगी। 25 से अधिक सेवकों के साथ आयोजन की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गईं हैं।
महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि लगातार चौथे साल महिलाओं की टीम लघु रुद्राभिषेक का पाठ करेगी। तात्यापारा निवासी ज्योति कान्हे के नेतृत्व में महिलाओं की टीम एक महीने से अभ्यास करने के बाद अब लघु रुद्राभिषेक का पाठ करने के लिए तैयार है। ज्योति के साथ विशाखा तोपखानेवाले, दीपांजली भालेराव, स्मिता कोमजवार, रीता लोखंडे, रुपाली लोखंडे, अनघा करकशे, दमयंती देशपांडे, आराधना शेष, शोभा शेष, निशा शेष और शुभांगी शेष करीब तीन घंटे तक लघु रुद्र का पाठ करेंगी। -
रायपुर. छत्तीसगढ़ की 33 जेलों में बंद तकरीबन 18,500 कैदियों ने प्रयागराज से लाए गए त्रिवेणी संगम के पवित्र जल से मंगलवार को स्नान किया।अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य की पांच केंद्रीय जेलों, 20 जिला जेलों और आठ उप जेलों समेत सभी 33 जेलों में स्थापित 'कुंड' (टैंक) में आज सुबह 'पुण्य स्नान' शुरू हुआ। उप महानिरीक्षक (जेल) एसएस तिग्गा ने बताया कि राज्य की सभी 33 जेलों में बंद करीब 18,500 कैदी आज सुबह से गंगा नदी के पवित्र जल से महाकुंभ का पवित्र स्नान कर रहे हैं। तिग्गा ने बताया कि उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा गंगा नदी का पवित्र जल लेकर आए थे, जिसे आज के कार्यक्रम के लिए सभी जेलों में वितरित किया गया। शर्मा के पास गृह विभाग भी है। उन्होंने बताया कि स्नान से कैदियों में काफी उत्साह था और वे ‘हर-हर गंगे' के नारे लगा रहे थे। वे राज्य सरकार द्वारा उनके लिए की गई व्यवस्था से खुश हैं। उन्होंने बताया कि पवित्र स्नान करने के बाद कैदियों ने अधिकारियों को धन्यवाद दिया।
रायपुर केंद्रीय जेल में बंद कैदियों में से एक घासीराम यादव ने कहा, “हम भाग्यशाली हैं कि हमें मां गंगा नदी के जल से पवित्र स्नान करने का अवसर मिला। हमने कभी नहीं सोचा था कि हमें अपने जीवन में ऐसा अवसर मिलेगा जो सरकार और जेल प्रशासन की पहल से संभव हो पाया है।” यादव ने कहा कि मैं अधिकारियों, प्रशासन और सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं।
अधिकारियों ने बताया कि स्नान के लिए जेलों की टंकियों में त्रिवेणी संगम के पवित्र जल को नियमित जल के साथ मिलाया गया था। दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा और कबीरधाम जिलों की जेलों से प्राप्त तस्वीरों में दिख रहा है कि स्नान कुंड को फूल, मालाओं और पंखुड़ियों से सजाया गया था और स्नान से पहले अनुष्ठान और प्रार्थना की गई। तस्वीरों में उत्साहित कैदी भी कुंड के चारों ओर इकट्ठा होकर स्नान करने की अपनी बारी का इंतजार करते दिख रहे हैं। धमतरी जिला जेल के एक अधिकारी ने बताया कि सभी 239 कैदियों ने एक-एक करके पवित्र स्नान किया।
उन्होंने बताया, "इस आयोजन का उद्देश्य कैदियों को आध्यात्मिक शुद्धि का अनुभव कराना और उनके मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाना है। भारतीय संस्कृति में गंगाजल को पवित्र और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है।" अधिकारी ने कहा कि जेल प्रशासन का मानना है कि गंगाजल से स्नान करने से कैदियों को मानसिक शांति मिलेगी और वे आध्यात्मिक रूप से मजबूत होंगे तथा उन्हें आत्म-परिवर्तन, सकारात्मक सोच और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा मिलेगी। -
बिलासपुर. शहर में पिछले सप्ताह एक निजी स्कूल के शौचालय में हुए विस्फोट के मामले में आठवीं कक्षा के चार छात्र—छात्राओं को हिरासत में लिया गया है। इस घटना में चौथी कक्षा में पढ़ने वाली एक बालिका घायल हो गई थी। पुलिस ने बताया कि आरोपी छात्रों ने कथित तौर पर ऑनलाइन सोडियम की खरीद की थी। छात्र स्कूल की एक महिला शिक्षिका से नाराज थे तथा उनकी योजना शिक्षिका को निशाना बनाने की थी। इस महीने की 21 तारीख को शहर के एक निजी स्कूल के शौचालय के भीतर हुए विस्फोट में चौथी कक्षा की एक बालिका झुलस गई थी जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। बिलासपुर जिले के पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि पूछताछ और स्कूल के सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान आठवीं कक्षा की तीन लड़कियों सहित पांच छात्रों की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद रविवार (23 फरवरी) को उनमें से चार को हिरासत में लिया गया। सिंह ने बताया कि एक अन्य छात्रा अपने रिश्तेदार के घर गई थी और उसे अभी हिरासत में लिया जाना है।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि पांचों छात्र अपनी शिक्षिका से नाराज थे और उन्होंने कथित तौर पर ऑनलाइन वीडियो देखने के बाद उसे निशाना बनाने के लिए विस्फोट करने की योजना बनाई थी। वीडियो में सोडियम धातु के पानी के संपर्क में आने से विस्फोट होने के बारे में बताया गया था। अधिकारी ने बताया कि उनमें से एक ने अपने रिश्तेदार की आईडी का उपयोग करके ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से सोडियम धातु खरीदी। वे सोडियम धातु को स्कूल में लाए और इसे वॉशरूम में टंकी के आउटलेट में रख दिया। उन्होंने बताया कि दुर्भाग्य से, पीड़ित बालिका जो योजना का निशाना नहीं थी, वह शौचालय में गई। फ्लश का इस्तेमाल करने पर विस्फोट हो गया और वह घायल हो गई। सिंह ने बताया कि विस्फोट की आवाज सुनकर, परीक्षाओं में व्यस्त शिक्षक वॉशरूम में पहुंचे और उसका दरवाजा तोड़ा। वहां उन्होंने बालिका को घायल अवस्था में फर्श पर पड़ा पाया। उन्होंने बताया कि हिरासत में लिए गए चार छात्रों को किशोर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया। सिंह ने बताया कि अपराध में शामिल एक अन्य लड़की को जल्द ही हिरासत में लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मामले की जांच चल रही है। -
- आमजनों में विकसित हो नगर निगम को दान देने की प्रवृत्ति
रायपुर। नगर निगम रायपुर को सभी मुक्तिधामों में अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी की निशुल्क व्यवस्था करनी चाहिए। इसके लिए पांच करोड़ रुपये का वार्षिक खर्च आएगा। इसकी व्यवस्था नगर निगम के कुल बजट में से आसानी से की जा सकती है। इसके लिए राजधानी रायपुर की किसी भी कंपनी अथवा कारपोरेट को सालाना मदद के लिए राजी किया जा सकता है। महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने महापौर- पाषदों के अभिनंदन समारोह में अध्यक्षीय संबोधन के दौरान इस आशय के विचार व्यक्त किए।
काले ने कहा कि रायपुर में निजी क्षेत्र की कोई भी कंपनी अथवा कारपोरेट के लिए पांच करोड़ रुपये की मदद सामान्य सी बात है। वे इसे सीएसआर फंड से भी दे सकते हैं। काले ने कहा कि यदि नगर निगम लोगों की मदद के लिए यह कदम उठाता है, तो आमजनों को भी नगर निगम की मदद करने की प्रेरणा मिलेगी। बड़ी संख्या में लोग इस पुण्य कार्य के लिए अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार सहायता देने स्वयं आगे आएंगे। संभव तो यह भी है कि शहर के अनेक सामाजिक संगठन, समाजसेवी संस्थाएं भी निशुल्क अंतिम संस्कार लकड़ी योजना में अपनी भागीदारी निभाएं।
मंडल अध्यक्ष ने कहा कि हम चाहें तो नगर निगम का सहयोग करने के लिए मुक्तिधामों में अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी और गोबर के कंडों का दान लेने की योजना पर भी कार्य कर सकते हैं। निःसंदेह यह समाजसेवा का बड़ा काम होगा और शोकाकुल परिवार पर अतिरिक्त बोझ नहीं आएगा। यह सुझाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि हर बार लोग हाथ उठाकर आर्थिक मदद करने की स्थिति में नहीं रहते। काले ने कहा कि शुरुआती वर्षों में नगर निगम इस योजना को क्रियान्वित करने के लिए स्वयं लगभग पांच करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित करे, ताकि बाद में उसे मददगार ढूंढने में आसानी हो। बताते चलें कि इस कार्यक्रम में ही महापौर मीनल चौबे ने काले के सुझाव पर गंभीरता से काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि नगर निगम इस योजना को अमल में लाने से पहले अधिकारियों से पूरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर उस पर मंथन करेगा।
काले ने कहा कि हम सभी को हिंदू नववर्ष धूमधाम से मनाया चाहिए। इस दिन शासकीय अवकाश घोषित कर सरकार की ओर से बड़े आयोजन करने चाहिए। हिंदू नववर्ष यानी गुड़ीपाड़वा पर बड़े आयोजनों से हम भावी पीढ़ी को अपने संस्कारों की धरोहर भेंट दे सकेंगे। इस आशय की मांग हमने पहले भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की है। उन्होंने भी इस मांग पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है। -
रायपुर/ जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के निर्चाचन निर्वाचन एवं निर्वाचन की अधिसूचना का प्रकाशन एवं प्रथम सम्मेलन का आयोजन 27 फ़रवरी को किया जाएगा। इसी तरह जनपद पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का भी 27 फ़रवरी को किया जाएगा। इसी तरह उपसरपंच के निर्वाचन के लिए 27 फ़रवरी को किया जाएगा।

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