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- दुर्ग / गणतंत्र दिवस के अवसर पर कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने कलेक्टोरेट में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
- दुर्ग /गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिला जनसंपर्क कार्यालय में उप संचालक श्री एम.एस. सोरी ने ध्वजारोहण किया। अधिकारी/कर्मचारियों ने राष्ट्रगान कर तिरंगा झण्डे को सलामी दी। इस अवसर पर कार्यालय के सहायक सूचना अधिकारी सुश्री भारती साहू, , सहायक ग्रेड-2 श्रीमती कनक कोमरा एवं श्री दिनेश साहू, श्रीमती हेमलता साहू, श्री भोलाराम यादव उपस्थित थे।
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-बिजली कर्मियों को महंगाई भत्ता, दीपावली बोनस देने की घोषणा
रायपुर/ छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर कम्पनी मुख्यालय में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में पावर कंपनी के चेयरमेन श्री पी.दयानंद (आई.ए.एस.) ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर उपस्थितजनों को बधाई एवं शुभकामनायें दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य शासन ने नई ऊर्जा के साथ प्रदेश के सर्वांगीण विकास का संकल्प लिया है, उन्हें पूरा करने में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी की अहम् भूमिका है। सस्ती और सुलभ बिजली के जरिए हम आम आदमी के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिये कार्य कर रहे हैं। चेयनमेन ने इस अवसर पर पाॅवर कंपनी के कर्मियों व पेंशनरों को महंगाई भत्तें की सौगात दी। सभी अधिकारी-कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 1 जुलाई 2023 से 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 46 प्रतिशत किया गया है। साथ ही उन्होंने एक्सग्रेसिया/बोनस 11 हजार रूपये तथा वाहन भत्तें में वृद्धि की भी घोषणा की।पाॅवर कंपनी के डंगनिया स्थित मुख्यालय में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में श्री पी.दयानंद ने कहा कि प्रदेश के 62 लाख 64 हजार उपभोक्ताओं को निरतंर गुणवत्तापूर्ण बिजली प्रदान करना हमारे लिये गर्व का विषय है। छत्तीसगढ़ आर्थिक रूप से तेजी से उभरता हुआ प्रदेश है, हम कोयला आधारित संयंत्रों के अलावा नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी कदम बढ़ा रहे हैं। इसके लिए जनरेशन कंपनी ने प्रदेश के 5 स्थानों को पंप स्टोरेज तकनीक से विद्युत उत्पादन के लिए चिन्हित किया है। कोरबा पश्चिम में लगभग 13,000 करोड़ की प्रस्तावित 1,320 मेगावॉट के सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर परियोजना की स्थापना की दिशा में हम तेजी से अग्रसर हैं। समारोह में प्रबंध निदेशक ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री मनोज खरे एवं जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री एस.के.कटियार, ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक(मानव संसाधन) श्री अशोक कुमार वर्मा, मुख्य सुरक्षा अधिकारी विंग कमाण्डर श्री ए. श्रीनिवास राव विशेष रूप से उपस्थित थे। चेयरमेन ने विधिवत् परेड की निरीक्षण किया एवं सलामी दी। समारोह में सतर्कता एवं सुरक्षा विभाग के सिपाहियों ने पारंपरिक ड्रेस में मार्चपास्ट की प्रस्तुति दी। पाॅवर कंपनी के बैंड दल ने ‘सारे जहां से अच्छा‘ धुन बजाकर दर्शकों का मन मोह लिया।चेयरमेन ने कहा कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की दिसम्बर 2023 की औसत लोड फेक्टर रिपोर्ट के अनुसार देशभर के 33 स्टेट पॉवर सेक्टर द्वारा संचालित विद्युत संयंत्रों का औसत प्लांट लोड फैक्टर 68.06 प्रतिशत रहा, जबकि इसी दौरान छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी का पीएलएफ 83.08 प्रतिशत दर्ज किया गया। इस प्रकार जनरेशन कंपनी के संयंत्रों को देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है जो राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है।माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की परिकल्पना के अनुरूप हमारा देश-प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में विकास के नये प्रतिमान गढ़ रहा है। देश में वन नेशन-वन ग्रिड संचालित है। ऐसे में ग्रिड से समन्वय स्थापित करते हुए विद्युत आपूर्ति का कार्य छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी बेहतर तरीके से कर रही है। ट्रांसमिशन कंपनी को निरंतर गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति के लिए पारेषण प्रणाली का सुदृढ़ीकरण समय-समय पर करना आवश्यक है। अतः इस वर्ष राज्य में स्थापित अति उच्चदाब ट्रांसफार्मरों में 8 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। प्रदेश में 14000 सर्किट किलोमीटर अति उच्चदाब लाईनों एवं 336 पॉवर ट्रांसफार्मरों के नेटवर्क से निरंतर विद्युत आपूर्ति करना सबसे बड़ी चुनौती है। इस वर्ष ट्रांसमिशन कंपनी ने नेटवर्क की उपलब्धता 99.79 प्रतिशत बनाये रखने में सफलता हासिल की है, जो विद्युत नियामक आयोग के द्वारा निर्धारित लक्ष्य 99 प्रतिशत से अधिक है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी अपने विशाल नेटवर्क के जरिए जिसमें 1374 विद्युत उपकेंद्र के साथ 4 लाख किलोमीटर वितरण लाईनें स्थापित है, लगभग 63 लाख उपभोक्ताओं को 24X7 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति कर रही है। इस विशाल नेटवर्क को निरंतर जीवंत बनाए रखने का कार्य डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के शहर से लेकर दूरस्थ गांव में फैला मैदानी अमला पूरी मुस्तैदी से कर रहा है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले किसानों के 7 लाख पम्प कनेक्शनों को तथा स्टील, सीमेंट और चावल उद्योगों को किफायती और निरंतर बिजली प्रदान की जा रही है, जिससे छत्तीसगढ़ राज्य के आर्थिक विकास की गतिविधियों में तेजी आ रही है।श्री पी.दयानंद ने कहा कि भविष्य में हमें और बेहतर तरीके से कार्य करना होगा। भारत सरकार के सहयोग से प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर लगाने की दिशा में कार्य आरंभ किया जाना है, इसके लिए रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) लागू की गई है, जिसमें स्मार्ट मीटर पर 4,089 करोड़ रूपए तथा लाइनलॉस में कमी लाने के लिए 3,544 करोड़ रूपए की योजनाएं शामिल हैं।उन्होंने उपभोक्ताओं को त्वरित सेवाएं देने के संकल्प के साथ कहा कि सूचना प्रौद्योगिक के इस दौर में पॉवर कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं को मोर बिजली मोबाईल ऐप के माध्यम से जोड़ा है ताकि उपभोक्ताओं को बिजली बंद की सूचना देने, बिजली बिल के भुगतान, नये कनेक्शन के लिये आवेदन आदि कार्यो में सुविधा हो। इस मोबाइल ऐप को 20 लाख से अधिक उपभोक्ता उपयोग कर रहे हैं।श्री दयानंद ने कहा कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी तीनों कंपनियों के कर्मियों के हितों को लेकर सजग है, उनके के लिए अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना लागू अक्टूबर 2023 में लागू की गई है, जिसमें 10,000 नियमित कर्मी एवं 11,000 पेंशनर्स एवं उनके पात्र आश्रित शामिल हैं। अभी रोजाना औसतन 11 हितग्राही कैशलेस ईलाज की सुविधा प्राप्त रहे हैं। योजना लागू होने के तीन महीने में 106 अलग-अलग अस्पतालों में 1,035 हितग्राहियों को कैशलेस सुविधा प्राप्त हुई। इसके लिए मोर बिजली कंपनी मोबाइल ऐप भी बनाया गया है, जिसमें कर्मियों को ई-हेल्थ कार्ड, नेटवर्क अस्पताल, भर्ती की सूचना तथा इलेक्ट्रानिक माध्यम से क्लेम जमा करने तथा क्लेम की अद्यतन स्थिति जानने की सुविधा शीघ्र दी जा रही है।अध्यक्ष ने कहा कि पॉवर कंपनियां राज्य में रोजगार देने में भी अपनी अहम भूमिका निभा रही है, जिसके तहत इस वर्ष में 31 कनिष्ठ यंत्री एवं 327 डाटा एंट्री आपरेटरों की नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है तथा सहायक यंत्री के 52 पद एवं कनिष्ठ यंत्री के 377 के पद में भर्ती हेतु व्यावसायिक परीक्षा मंडल, छत्तीसगढ़ के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। उन्होंने भर्ती एवं कैशलेस चिकित्सा संबंधी कार्य के लिए ट्रांसमिशन कंपनी के मानव संसाधन विभाग की प्रशंसा की।समारोह में सतर्कता एवं सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी आर.के.साहू, सुरक्षा निरीक्षक प्रभुशरण सिंह एवं बैन्ड दल के ताराचंद बेन के नेतृत्व में परेड की प्रस्तुति दी गई। समारोह का संचालन प्रबंधक (जनसम्पर्क) श्री गोविंद पटेल ने किया। - उत्कृष्ट कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को सम्मानित भी कियारायपुर। देश के 75वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कृषि महाविद्यालय, रायपुर में विश्वविद्यालय स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में तिरंगा फहराया एवं परेड की सलामी ली। कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने गणतंत्र दिवस समारोह में विश्वविद्यालय के उत्कृष्ट कार्य करने वाले गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर आधुनिक कृषि अनुसंधान एवं उन्नत प्रौद्योगिकी को किसानों के खेतों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न कृषि विज्ञान केन्द्रों के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं विषय वस्तु विशेषज्ञों को भी सम्मानित किया गया। उन्होंने इस अवसर पर महाविद्यालय के उत्कृष्ट कार्य करने वाले छात्र-छात्राओं, एन.सी.सी. के कैडेट्स एवं एन.एस.एस. के स्वयंसेवकों को बी एवं सी सर्टिफिकेट प्रदान किये। कार्यक्रम के दौरान कृषि महाविद्यालय रायपुर के एन.सी.सी. कैडेट्स एवं छात्र-छात्राओं के बैंड समूह द्वारा आकर्षक प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस अवसर पर कुलसचिव श्री जी.के. निर्माम, विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. अजय वर्मा, निदेशक प्रक्षेत्र एवं बीज डॉ. एस.एस. टुटेजा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. जी.के. दास, कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विनय पाण्डेय, खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. ए.के. दवे, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक एवं कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राकेश बनवासी द्वारा किया गया।कृषि विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन में कुलसचिव ने किया ध्वजारोहणरायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के प्रशासनिक भवन में कुलसचिव श्री जी.के. निर्माम ने राष्ट्रध्वज फहराया और झण्डे को सलामी दी। इस अवसर पर उप कुलसचिव (स्थापना) डॉ. श्रीकान्त चितले, ओ.एस.डी. स्थापना डॉ. यमन कुमार देवांगन, उप कुलसचिव (शैक्षणिक) डॉ. सी.पी. खरे, सहित विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- रायपुर/ गणतंत्र दिवस के अवसर पर संभागायुक्त डॉ संजय अलंग ने ध्वजारोहण कर अधिकारी-कर्मचारियों को गणतंत्र गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।उन्होंने इस अवसर पर कहा कि समाज एवं राष्ट्र की सेवा कर सभी अपने दायित्व का निर्वहन करें।संविधान देश के लोगों को शैक्षिक, आर्थिक, सामाजिक एवं राजनैतिक रूप से समान अवसर देता है।संविधान प्रदत्त अपने अधिकारों के साथ-साथ देश के प्रति लोग अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। इस अवसर पर उपायुक्त द्वय ज्योति सिंग और श्रीमती सरिता तिवारी सहित कार्यालय के अन्य अधिकारी - कर्मचारी उपस्थित थे।
- रायपुर/ गणतंत्र दिवस के अवसर पर कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने कलेक्टोरेट में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट में कार्यरत अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। कलेक्टर ने ध्वजारोहण कर गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विश्वदीप, अपर कलेक्टर बी सी साहू,बी बी पंचभाई सहित अधिकारी- कर्मचारी उपस्थित थे।
- -प्रथम पुरस्कार ज्ञान गंगा इंगलिश मीडियम स्कूलरायपुर /राजधानी के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में विद्याथिर्याें ने मनमोहक प्रस्तृति दी। उनकी प्रस्तुति देख कर मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन सहित दशकों ने सराहना किया। इनमें प्रथम पुरस्कार ज्ञान गंगा इंगलिश मीडियम स्कूल को दिया गया। इस प्रस्तुति में 104 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया, जिसके बोल हर घर तिरंगा था। उन्होंने इस नृत्य के माध्यम से बच्चे हमारे तिरंगा के आन-बान और शान से पूरे देश के साथ प्रस्तुति दी। साथ ही लोंगो में तिरंगे के माध्यम से देश प्रेम की भावना को मजबूत करने और देश सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने को आहवान किया। द्वितीय पुरस्कार मायाराम सुरजन शासकीय हिन्दी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय को दिया गया। जिसमें 250 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। जिसके बोल हमर सुघ्घर छत्तीसगढ़ था। उन्होंने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन के दृष्यों का मोहक चित्रण गीत के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।साथ ही तृतीय पुरस्कार पी.जी. उमाठे शासकीय अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय को दिया गया। इस प्रस्तुति मंें 290 विद्यार्थियों ने प्रस्तुति दी। इसके बोल बस्तरिया आदिवासी संथाली नृत्य निमों-निमों सभी ला जोहार था। उन्होंने आदिवासी संस्कृति और परंपरा को प्रदर्शित करता हुआ नृत्य किया।
- एक्स पर छत्तीसगढ़ की झांकी को सराहारायपुर, /आज कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी ने देश में लोकतंत्र की सबसे पुरातन परंपराओं में से एक बस्तर की आदिम जनसंसद मुरिया दरबार की झलक दिखाई। ओडिशा के बाद जैसे ही छत्तीसगढ़ की झांकी आई, कर्तव्य पथ पर प्रमुख अतिथियों ने ताली बजाकर इसका अभिवादन किया। छत्तीसगढ़ की झांकी निकलने के समय फ्रेंच प्रेसीडेंट इमैन्युअल मैक्रों को इसके बारे में बताया गया। इस सुंदर झांकी को नेशनल मीडिया ने बहुत सराहा। एक्स में नेशनल मीडिया ने प्रमुखतः छत्तीसगढ़ की झांकी की तारीफ करते हुए लिखा कि छत्तीसगढ़ की झांकी इस मायने में महत्वपूर्ण है क्योंकि ये जनजातीय समुदाय में परंपरागत लोकतांत्रिक मूल्यों और लोकतांत्रिक चेतना की झलक दिखाती है।इकानामिक टाइम्स https://x.com/EconomicTimes/status/1750765986498957788?s=20 ने एक्स में लिखा है कि छत्तीसगढ़ की झांकी आदिवासी समुदायों में लोकतांत्रिक चेतना और परंपरागत लोकतांत्रिक मूल्यों की झलक दिखाती है। https://x.com/DDNewslive/status/1750768420126363820?s=20 डीडी न्यूज की एक्स पर टिप्पणी में लिखा है कि बस्तर में आजादी के 76 साल बाद भी जनजातीय समुदाय अपनी लोकतांत्रिक परंपराओं का प्रदर्शन करता है।छत्तीसगढ़ की झांकी में इस लोकतांत्रिक चेतना और परंपरागत मूल्यों को बखूबी दिखाया गया है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक्स में अपनी टिप्पणी पर लिखा कि बस्तर की झांकी 600 साल की लोकतंत्र की जनजातीय परंपरा को और यहां लोकतंत्र के संबंध में चल रही वाचिक परंपराओं का सुंदर प्रदर्शन है।हिंदुस्तान टाइम्स https://x.com/htTweets/status/1750761907659903198?s=20 ने छत्तीसगढ़ की झांकी को दिखाते हुए लिखा। यह आदिम जनसंसद है।एएनआई, इंडियन एक्सप्रेस, टाईम्स नॉव, न्यूज 18, ट्रिब्यून, मिरर नॉव, एनडीटीवी ने भी एक्स में अपनी टिप्पणियों पर यह बात की। छत्तीसगढ़ की यह झांकी बताती है कि किस तरह से लोकतांत्रिक मूल्य बस्तर के समाज में हमेशा से रहे। बड़े डोंगर क्षेत्र में लिमऊ राजा से लेकर जगदलपुर में मुरिया दरबार तक लोकतांत्रिक चेतना बस्तर के समाज में स्वतः ही प्रवाहित हो रही है।इसके साथ ही बस्तर में बेल मेटल के सुंदर काम, बस्तर के अद्भुत वाद्ययंत्रों की धुन और लोकनृत्य के प्रदर्शन के चलते इस झांकी ने लोगों को काफी मोहा। आजादी के अमृतकाल में यह झांकी बताती है कि भारत में लोकतांत्रिक परंपराओं की जड़ें बहुत गहरी हैं। यही नहीं, इन क्षेत्रों में इस परंपरा का प्रवाह आज तक कायम है।
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महासमुंद । गणतंत्र दिवस पर स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, धार्मिक न्यास तथा धर्मस्व पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने महासमुंद जिला मुख्यालय के मिनी स्टेडियम में फहराया राष्ट्रीय ध्वज।
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- सांस्कृतिक कार्यक्रम में अनुसूचित जनजाति कन्या छावात्रास, झांकी में केन्द्रीय जेल दुर्ग और परेड में जिला पुलिस बल अव्वल रहा
- उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी हुए सम्मानित
दुर्ग / गणतंत्र दिवस समारोह दुर्ग जिले में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्य अतिथि प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने दुर्ग के रवि शंकर स्टेडियम में आयोजित 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन किया। उन्होंने उल्लास एवं उमंग के प्रतीक रंगीन गुब्बारे आसमान में छोड़े। परेड द्वारा हर्ष फायर एवं राष्ट्रपति की जय जयकार की गई। मुख्य अतिथि श्री शर्मा ने कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी और एसएसपी श्री आर.जी. गर्ग के साथ परेड का निरीक्षण किया और आम नागरिकों का अभिवादन स्वीकार किया। परेड कमाण्डर रक्षित निरीक्षक श्री नीलकंठ वर्मा के नेतृत्व में जिला पुलिस बल, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, एनसीसी जुनियर एवं सीनियर, रेडक्रॉस और स्काउट गाइड के 11 प्लाटून द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट करते हुए सलामी मंच के सामने से गुजरे। तत्पश्चात् मुख्य अतिथि श्री शर्मा प्लाटून कमाण्डरों से परिचय प्राप्त किया। इस मौके पर उन्होंने शहीद के परिजनों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर नगर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देश-भक्ति गीतों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दिये। समारोह के समापन पूर्व मुख्य अतिथि प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने उल्लेखनीय कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। समारोह में संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, आईजी श्री बी.एन. मीणा, विधायक श्री गजेन्द्र यादव, श्री ललित चन्द्राकर, स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। समारोह में प्रथम स्थान प्राप्त झांकी में केन्द्रीय जेल दुर्ग के बंदियों द्वारा निर्मित वस्तुओं का प्रदर्शन किया गया। इस झांकी की मुख्य विषय वस्तु बंदियों को शिक्षा व प्रशिक्षण से सुधार एवं पुनर्वास हेतु औद्योगिक प्रशिक्षण से स्वालम्बन प्रयास के अंतर्गत जेलों में चलाए जा रहे काष्ठकला, सिलाई, स्क्रीन प्रिंटिंग, वेल्डिंग उद्योग व पाठशाला का बेसिक कोर्स तथा चन्द्रयान-3 का संक्षिप्त सजीव चित्रण प्रस्तुत किया गया है। भारत को विश्व गुरू बनाने के परिप्रेक्ष्य में हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री के मार्ग दर्शन में भारत के वैज्ञानिकों के द्वारा चन्द्रयान-3 का चन्द्रमा की दक्षिणी ध्रुव में सफल प्रक्षेपण किया गया, इसे प्रदर्शित किया गया। दूसरे स्थान पर महिला एवं बाल विकास विभाग के झांकी में बेटी बचाओ बेटी बढ़ाओ की झांकी प्रदर्शित की गई। झांकी लड़कियों के शिक्षा पर जोर देने के साथ लिंगानुपात को कम करना एवं संस्थागत प्रसव में सुधार ड्रॉप-आइट बच्चों को स्कूल में जोड़ना, कानूनी सहायता एवं पूनर्वास कराना, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर जागरूकता, उत्कृष्ट कार्यक्षेत्र में प्रदर्शन हेतु प्रोत्साहन, माध्यमिक शिक्षा स्तर पर नामांकन में 01 प्रतिशत की वृद्धि और प्रतिवर्ष बालिकाओं और महिलाओं का कौशल विकास, सुरक्षित मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। तीसरे स्थान प्राप्त झांकी में पुलिस विभाग द्वारा सड़कों पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने एवं आम नागरिकों को यातायात के प्रति जागरूकता करने, साइबर अपराध से होने वाले ठगी के प्रति जागरूकता लाने दुर्ग पुलिस लगातार प्रयासरत है। विश्वास, विकास एवं सुरक्षा हमारा दायित्व है। आम नागरिकों से अपील है कि यातायात के नियमों का पालन कर एवं दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद कर हम सभी एक सच्चे देशभक्त होने क मिशाल पेश कर सकते हैं। साइबर प्रहरी अभियान के तहत दुर्ग पुलिस साबइर ठगी के प्रति आम नागरिकों को जागरूक कर रही है, अब आ रहा है भारत में नया कानून बदल रहा है। अंग्रेजों के जमाने का कानून, अब हम मानेंगे भारत का तीन नये परिवर्तित कानून-भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य संंिहता आदि प्रदर्शित की गई। सांस्कृतिक प्रस्तुति में प्रथम स्थान अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास दुर्ग, द्वितीय स्थान शासकीय तिलक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुर्ग को तथा तीसरा स्थान शंकुतला विद्यालय रामनगर भिलाई को मिला। सांत्वना पुरस्कार सेजेस बालाजी नगर भिलाई एवं शंकराचार्य विद्यालय हुड़को को मिला। परेड में जिला पुलिस बल को प्रथम एवं छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल को द्वितीय स्थान तथा विद्यार्थी वर्ग मंे एनसीसी सीनियर डिवीजन को प्रथम व रेडक्रॉस को द्वितीय स्थान मिला।
- -पुलिस परेड ग्राउंड में गरिमामय समारोह का आयोजन
-शहीदों के परिजन सम्मानित
-स्कूली बच्चों ने दी रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति
-शासकीय योजनाओं पर आधारित जीवंत झांकी का प्रदर्शन
बिलासपुर, /75वां गणतंत्र पर्व जिले में गरिमामय माहौल में उत्साहपूर्वक मनाया गया। उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने संभागीय मुख्यालय बिलासपुर के पुलिस परेड मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। परेड कमाण्डर प्रशिक्षु आईपीएस श्री अजय कुमार द्वारा राष्ट्रगान की धुन पर सलामी दी गई। दर्शक अपने स्थान पर खड़े हुए तथा वर्दीधारी अधिकारियों ने सेल्यूट किया। मुख्य अतिथि ने शांति के प्रतीक सफेद कबूतर उड़ाए और हर्षोल्लास और उमंग के प्रतीक तिरंगे गुब्बारे आकाश में छोड़े। परेड कमाण्डर के नेतृत्व में पूरे परिधान में सजे हुए 12 प्लाटूनों ने भव्य एवं आकर्षक परेड का प्रदर्शन किया। पुलिस एवं नगर सेना द्वारा राष्ट्रध्वज को सलामी दी गई। सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विकास कार्यो की मनोहारी झांकी ने सबका मन मोह लिया।
श्री साव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन किया। इस अवसर मुख्य अतिथि ने नक्सल हिंसा में शहीद हुए 26 जवानों के परिजनों को सम्मानित किया।
मुख्य अतिथि श्री साव ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले लगभग 90 अधिकारियों, कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। जिनमें स्वास्थ्य विभाग, पुलिस सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी शामिल है। मेजर ध्यानचंद पुरस्कार के तहत तैराकी में सुश्री अंजिक्या तिवारी और बैडंिमंटन में मास्टर अभिजीत सखूजा को उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरूस्कृत किया गया।
स्कूली बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम -
समारोह में लगभग स्कूली बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्र्रमों, योग प्रदर्शन एवं मास पी.टी. की प्रस्तुति दी गई। इनमें स्वामी आत्मानंद उ.मा. शाला चिंगराजपारा, स्वामी आत्मानंद उ.मा. शाला कन्या सरकंडा, कैरियर पॉइंट स्कूल ढेका, नेशनल कॉन्वेंट उ.मा. शाला भारतीय नगर, मोहन्ती हिन्दी उ.मा. शाला, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बरतोरी, एवं ड्रीमलैण्ड उ.मा. शाला बंधवापारा स्कूल के छात्र-छात्राएं शामिल हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम में पहला पुरस्कार कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बरतोरी, दूसरा पुरस्कार स्वामी आत्मानंद उ.मा. शाला चिंगराजपारा, तीसरा पुरस्कार स्वामी आत्मानंद उ.मा. शाला कन्या सरकंडा को मिला।
योजनाओं पर आधारित झांकी का जीवंत प्रदर्शन -
जिले के विभिन्न 19 विभागों द्वारा शासन की फ्लैगशीप योजनाओं और उपलब्धियों पर आधारित आकर्षक झांकियों का जीवंत प्रदर्शन किया गया। झांकी में राज्य शासन की उपलब्धियों को खूबसूरत तरीके से दर्शाया गया। झांकी में पहला पुरस्कार जिला पुलिस को निजात अभियान के लिए, दूसरा पुरस्कार जिला पंचायत और तीसरा पुरस्कार जेल विभाग को मिला।
कार्यक्रम में महापौर श्री रामशरण यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण सिंह चौहान, नगर निगम सभापति श्री शेख नजरूददीन, कमिश्नर श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, आईजी श्री अजय यादव, कलेक्टर श्री अवनीश शरण, पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कुमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अजय अग्रवाल, एडीएम द्वय श्री आर.ए.कुरूवंशी,,सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी, कर्मचारी, मीडिया तथा गणमान्य नागरिक मौजूद थे। - रायपुर । 75 वें गणतंत्र दिवस पर प्रदेश के वित्त, वाणिज्यिक कर, आवास एवम पर्यावरण, योजना आर्थिक एवम सांख्यिकी मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने रायगढ़ के शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली । इस अवसर पर कलेक्टर श्री कार्तिकेय गोयल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री सदानंद कुमार भी मंच पर उपस्थित रहे।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने बेमेतरा जिला मुख्यालय में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। मंत्री श्री बघेल ने परेड निरीक्षण कर सलामी ली और मुख्यमंत्री का जनता के नाम संदेश का वाचन किया। गणतंत्र दिवस समारोह बेमेतरा के बेसिक मैदान में आयोजित किया गया था। मंत्री श्री बघेल ने तीन रंग के गुब्बारे शांति स्वरूप आकाश में छोड़े। इस अवसर पर विधायक बेमेतरा विधायक श्री दीपेश साहू, कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा, पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता एवं गणमान्य नागरिक अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने शहीदों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें साल एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया। इसके पश्चात विभिन्न स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। इसके अलावा विभिन्न विभागों के शासकीय योजनाओं एवं गतिविधियों की झांकियों का प्रदर्शन भी किया गया। जिला और पुलिस प्रशासन के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी और जवानों तथा एन.सी.सी., एन.एस.एस., स्काउट गाइड के प्लाटून एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देने वाले स्कूल विद्यार्थी टीम को प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड प्रदान कर पुरस्कृत किया गया।
- -कोरबा में गणतंत्र दिवस समारोह पर माननीय मुख्यमंत्री के संदेश का किया वाचनरायपुर / वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री लखन लाल देवांगन ने कोरबा जिले में सीएसईबी फुटबॉल ग्राउण्ड में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा आमनागरिको के नाम संदेश का वाचन भी किया। इस दौरान कलेक्टर श्री अजीत वसंत और पुलिस अधीक्षक श्री जितेंद्र शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और अधिकारी कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में आमनागरिक उपस्थित रहे।
- -विद्यार्थियों से चर्चा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं को किया प्रेरित, आगे बढ़ने और राष्ट्र निर्माण के लिए किया प्रेरित-मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि आपसे बातचीत करना बहुत अच्छा लगता है, आपकी ऊर्जा प्रभावित करती है राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य आपके हाथों में हैरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जब भी अवसर मिलता है युवाओं से चर्चा करना पसंद करते हैं। अपनी चर्चाओं के दौरान वे न केवल युवा मन को सुनते हैं अपितु उन्हें आगे बढ़ने और राष्ट्र निर्माण के काम में जुटने के लिए प्रेरित भी करते हैं। जगदलपुर में ज्ञान गुड़ी केंद्र अर्थात ज्ञान की पवित्र जगह के लोकार्पण के अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों से चर्चा कार्यक्रम का निर्णय लिया। इसमें बस्तर संभाग के युवाओं से मुख्यमंत्री ने चर्चा की। मुख्यमंत्री की सरलता-सहजता और आत्मीयता से युवा बहुत प्रभावित हुए और उन्होंने मुख्यमंत्री से बहुत से प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। मुख्यमंत्री ने चर्चा के समापन के अवसर पर युवाओं सेकहा कि आपसे बातचीत करना बहुत अच्छा लगता है। युवाओं की ऊर्जा प्रभावित करती है। राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य आपके हाथों में है इसलिए आपको सशक्त करने आपसे मिलता-जुलता रहता हूँ। पूरी चर्चा ने युवा दिलों को छू लिया। युवाओं ने मुख्यमंत्री को उनका पोट्रेट भी भेंट किया।मैकाले की शिक्षा पद्धति में था दोष, मोदी जी की नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों का डर दूर कर देगीमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के अपने दौरे में जगदलपुर में ज्ञान गुड़ी के लोकार्पण के अवसर पर विद्यार्थियों से चर्चा भी की। मुख्यमंत्री ने युवाओं को अपने प्रश्न और जिज्ञासा खुलकर रखने के लिए प्रोत्साहित किया। बस्तर की कंचन यादव ने मुख्यमंत्री से पूछा कि जिन्हें परीक्षा से डर लगता है वे यह डर कैसे दूर करें। प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैकाले की शिक्षा पद्धति का यह दोष था कि वो विद्यार्थियों को डराती थी। इसमें विद्यार्थियों पर भारी दबाव रहता था। हमारे प्रधानमंत्री हमेशा से विद्यार्थियों से संवाद करते हैं। विशेष रूप से बोर्ड परीक्षाओं के दौरान वे हमेशा विद्यार्थियों को तनाव मुक्त रहने के लिए सुझाव देते हैं। विद्यार्थियों से किये गये संवाद में उन्होंने पाया कि मैकाले की शिक्षा पद्धति विद्यार्थियों पर परीक्षा का तनाव लादती है। शिक्षा पद्धति में सुधार किये जाने की जरूरत है और फिर उन्होंने नई शिक्षा नीति लागू की। इसमें विद्यार्थी के समग्र विकास के लिए पूरी गुंजाइश होती है। मुख्यमंत्री ने कंचन को बताया कि प्रधानमंत्री विद्यार्थियों से चर्चा करने हमेशा उत्सुक रहते हैं। मैं आपको बताना चाहूँगा कि 29 जनवरी को भी उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद का कार्यक्रम रखा है।मुख्यमंत्री के बेहद सरल-सहज व्यक्तित्व के चलते युवाओं ने अपनी जिज्ञासा उनके समक्ष रखी। मुख्यमंत्री ने इन सभी का समाधान किया और बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में नई सरकार किस तरह से आगे बढ़ने जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षा तब कारगर होती है जब उसमें देशी संस्कार और परंपरा को शामिल किया जाता है। भारत की पुरानी शिक्षा पद्धति को छोड़कर अंग्रेजों ने मैकाले की पद्धति को लागू किया। यह पद्धति तब से बदस्तूर चल रही थी जबकि दुनिया कितनी आगे निकल चुकी है। अब डिजिटल दुनिया आ गई है। प्रोफेशनल कोर्सेस का महत्व बढ़ा है। जनरल सिलेबस के साथ ही योग और फिजिकल फिटनेस से जुड़ी बातों को भी शिक्षा प्रणाली में शामिल करना था। यह सब देखते हुए प्रधानमंत्री ने नई शिक्षा नीति लागू की है।जगदलपुर की ऐश्वर्या नायर ने मुख्यमंत्री से पूछा कि बस्तर में शिक्षा को लेकर आपकी क्या सोच है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर में बेहतर शिक्षा पर हमारा हमेशा से फोकस रहा। हमारी पूर्ववर्ती सरकार ने दंतेवाड़ा में एजुकेशन सिटी बनाई। बस्तर में एजुकेशन पर इतना बड़ा काम पहले कभी नहीं हुआ था।सबसे पहला विद्यालय परिवार, माँ-पिता गुरुप्राथमिक शालाओं में शिक्षा पर आप क्या सोचते हैं। इस प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह समझना चाहिए कि बच्चों की पहली पाठशाला तो उनका परिवार होता है। इसलिए माता-पिता की अहम जिम्मेदारी है कि बच्चों की शिक्षा की नींव सबसे अच्छी हो। फिर आंगनबाड़ी केंद्र होता है और प्राथमिक शाला होती है। यह नींव है। यह मजबूत रहेगी तो आगे की पढ़ाई का ढांचा ठोस रहेगा।मेडिकल कालेज जगदलपुर में सीटे बढ़ाएंगेअंकिता ठाकुर ने कहा कि बस्तर के बेटे-बेटियां चाहते हैं कि यहीं मेडिकल कालेज में पढ़ाई करें और यहीं सेवाएं दें। यदि मेडिकल कालेज में सीटें बढ़ जाएंगी तो उन्हें उचित अवसर मिल पाएगा। मुख्यमंत्री ने अंकिता को इस संबंध में आश्वस्त किया।
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-जनसंपर्क विभाग ने तैयार की थी झांकी
-जनजातीय संस्कृति में लोकतांत्रिक चेतना को प्रदर्शित करती हुई छत्तीसगढ़ की झांकी रही आकर्षण का केंद्ररायपुर // नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल छत्तीसगढ़ की झांकी "बस्तर की आदिम जनसंसद : मुरिया दरबार" ने दर्शकों का मन मोह लिया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सहित देश के अनेक शीर्षस्थ लोग, विशिष्ट अतिथिगण तथा आम-नागरिक दर्शक-दीर्घा में उपस्थिति थे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मुख्य अतिथि थे।प्रदेश की इस झांकी के विषय चयन एवं प्रस्तुतिकरण के लिए राज्य शासन ने जनसंपर्क विभाग को जिम्मेदारी दी थी। विषयों पर व्यापक शोध एवं अन्वेषण के बाद वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में झांकी को तैयार किया गया था।छत्तीसगढ़ की झांकी भारत सरकार की थीम 'भारत लोकतंत्र की जननी' पर आधारित थी। यह झांकी जनजातीय समाज में आदि-काल से उपस्थित लोकतांत्रिक चेतना और परंपराओं को दर्शाती है, जो आजादी के 75 साल बाद भी राज्य के बस्तर संभाग में जीवंत और प्रचलित है। इस झांकी में केंद्रीय विषय "आदिम जन-संसद" के अंतर्गत जगदलपुर के "मुरिया दरबार" और कोंडागांव जिले के बड़े डोंगर में स्थित "लिमऊ-राजा" को दर्शाया गया था। झांकी के प्रदर्शन के दौरान कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों ने परब नृत्य भी प्रस्तुत किया। - -उप मुख्यमंत्री ने सप्ताहिक स्वदेशी मेला का किया उद्घाटनरायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि स्वदेशी का प्रतीक स्वावलंबन है और स्वावलंबन का प्रतीक स्वभिमान। प्राचीन समय में उद्यमिता के कारण देश समृद्ध और स्वावलंबी थे, अब हजारों वर्षों के गुलामी के बाद लोगों का स्वभिमान जागा है और लोग पुनः स्वदेशी मेले के जरिए स्वावलंबन की संकल्पना को सकार करने लगे हैं। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आव्हान है कि देश को समृद्ध और स्वावलंबी बनाएं। उप मुख्यमंत्री श्री साव गुरुवार को शाम राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित सप्ताहिक स्वदेशी मेला के शुभारंभ कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि 21वीं सदी में लोगों का स्वभिमान जागा है और स्वदेशी उद्यमिता के माध्यम से देश को समृद्ध करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में भारत देश विश्व की 5वां अर्थव्यवस्था के रूप में सामने आया है। आगामी कुछ वर्षों बाद भारत देश विश्व में तीसरी अर्थव्यवस्था के रूप में सामने आएगी। उन्होंने स्वदेशी मेला में शामिल होने आए देशभर के उद्यमियों का स्वागत किया।संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने स्वदेशी मेला उद्घाटन समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि अयोध्या में प्रभु श्री रामलला जी विराजमान हो गए हैं। रामलला का संस्कार ही स्वदेशी है, प्राचीन समय में शहरों की सुविधा गांवों में थी अब गांवों की सुविधा शहरों में आ गई है और लोग गांवों से शहरों की ओर अग्रसर होने लगे हैं। मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत देश रक्षा क्षेत्रों में भी स्वदेशी को अपना लिया है यह गर्व की बात है। लोग धीरे-धीरे स्वदेशी टूथब्रश से लेकर घरेलू उपयोग की वस्तु और रोजमर्रा की चीजें भी अपनाने लगे हैं। निश्चित ही इससे हम देश को विकसित और समृद्ध भारत बना सकते हैं।कार्यक्रम को स्वदेशी जागरण मंच के सह-संगठन श्री सतीश कुमार ने भी सम्बोधित किया। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वदेशी मेला प्रमुख श्री सचिन वरियार सहित संयोजक श्री अमर बंसल, श्री रामनारायण व्यास, श्रीमती शीला शर्मा, श्री अमरजीत छाबड़ा सहित मेला समिति के सदस्य और आमजन उपस्थित थे।
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बालोद। खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अंतिम अवधि पर है। ऐसे में कोचियो, बिचैलियों एवं किसानों द्वारा दूसरे के पट्टे में धान विक्रय का प्रयास किया जा रहा है। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि अवैध रूप से धान खरीदी पर खाद्य एव मंडी द्वारा सतत् निगरानी कर लगातार कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 20 प्रकरण बनाये गये है। जिसमें 1629 क्विंटल धान की जप्ती की गई है। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि 24 जनवरी को धान खरीदी केन्द्र गुरूर में जाँच के दौरान मकसूदन पिता झाडूराम द्वारा 225 कट्टा धान (लगभग 90 क्विंटल) धान समर्थन मूल्य पर विक्रय हेतु लाया गया था जो कि दस्तावेजों की जांच एवं पुछताछ करने पर बताया गया कि उनके द्वारा दूसरे किसान की उपज (उपज धान) को अपने पट्टे में विकय हेतु लाया गया है। खाद्य निरीक्षक द्वारा किसान से 225 कट्टा धान को जप्त कर समिति प्रबंधक श्री कवलसिंह कोसमा की सुपुर्दगी में दिया गया। इसी प्रकार विकासखण्ड डौण्डी के ग्राम चिपरा के व्यापारी श्री योगेश कुमार सिन्हा के द्वारा अन्य जगह से धान लाने की शिकायत प्राप्त हुई। जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मंडी निरीक्षक श्री घनश्यामसिंह सिदार एवं उनके टीम 25 जनवरी को 350 कट्टा धान जप्त कर गोदाम को सील की कार्यवाही की गई है। उन्होंने बताया कि खाद्य एवं मंडी विभाग द्वारा निरंतर अवैध धान परिवहन, ब्रिकी का प्रयास के विरूध्द नियमानुसार कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी।
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निर्धारित समयावधि में गुणवत्तायुक्त ढंग से निर्माण कार्य को पूरा कराने के दिए निर्देश
बालोद। कलेक्टरइन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में सड़क निर्माण कार्य से जुड़े विभागों के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जिले मंे प्रगतिरत सभी सड़क निर्माण कार्यों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्तायुक्त ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्री योगेन्द्र श्रीवास सहित लोक निर्माण विभाग, एडीबी, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना आदि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने विभागवार जिले में प्रगतिरत सड़क निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने राष्ट्रीय राज्य मार्ग के अधिकारियों से जिले में गुजरने वाली कुल राष्ट्रीय राजमार्गों की संख्या एवं राष्ट्रीय राजमार्ग में चल रहे निर्माण कार्यों के संबंध में जानकारी ली। इसके अंतर्गत उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग में निर्माणाधीन पूल के निर्माण कार्य के पूरा होने की अवधि की जानकारी लेते हुए इसे शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्हांेने बैठक में उपस्थित प्रोजेक्ट मैनेजर से निर्माण कार्य के प्रगति के संबंध मंे जानकारी लेते हुए निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने प्रगतिरत माईनर पूल आदि के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए इसे निर्धारित समयावधि में पूरा कराने के निर्देश दिए।
बैठक में श्री चन्द्रवाल ने लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इसके अंतर्गत उन्होंने जिले में स्टेट हाईवे, जिला मार्ग आदि के संख्या के संबंध में जानकारी ली तथा प्रगतिरत निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना एवं एडीबी के कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की एवं अधिकारियों को निर्माण कार्य मंे शत प्रतिशत गुणवत्ता सुनिश्चित कर समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। - मुख्यमंत्री ने दूर से देख आत्मीयता से पुकारा, वहां क्यों खड़े हो, पास आओरायपुर । अपना पूरा जीवन बिरहोर जनजाति की सेवा में बिताने वाले जागेश्वर राम ने इस विशेष पिछड़ी जनजाति के शिक्षा के लिए भी विशेष रूप से कार्य किया और इसमें उन्हें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का सहयोग मिला।श्री साय जब मुख्यमंत्री बने तब जागेश्वर उनसे मिलने नंगे पांव ही राज्य अतिथि गृह आए। मुख्यमंत्री ने उन्हें जब दूर से देखा तो आत्मीयता से आवाज लगाई। ऊहां कहां खड़े हस, ऐती आ।दरअसल जागेश्वर राम और मुख्यमंत्री श्री साय के बीच आत्मीयता की जो कड़ी जुड़ी, वो प्रदेश की अति पिछड़ी जनजाति मानी जाने वाली बिरहोर जनजाति की वजह से जुड़ पाई। जागेश्वर राम महकुल यादव जाति से आते हैं। अपने युवावस्था के दिनों में जब पहली बार वे बिरहोर जनजाति के संपर्क में आये तो इस विशेष पिछड़ी जनजाति की बेहद खराब स्थिति ने उन्हें बेहद दुखी कर दिया। वे शेष दुनिया से कटे थे। शिक्षा नहीं थी, वे झोपड़ियों में रहते थे। स्वास्थ्य सुविधा का अभाव था। उन्होंने संकल्प लिया कि अपना पूरा जीवन बिरहोर जनजाति के बेहतरी में लगाऊंगा। यह बहुत बड़ा मिशन था और इसके लिए उन्होंने अपनी ही तरह के संवेदनशील लोगों से संपर्क आरंभ किया। इसके चलते वे तत्कालीन सांसद श्री विष्णु देव साय के संपर्क में आये। श्री राम ने उनके समक्ष इस जनजाति के विकास के लिए योजना रखी। सांसद ने उन्हें पूरे सहयोग के लिए आश्वस्त किया। इसके बाद सांसद श्री साय के सहयोग से भीतघरा और धरमजयगढ़ में आश्रम खोले। शुरूआत में ऐसी स्थिति थी कि लोग आश्रम से अपने बच्चों को घर ले जाते थे लेकिन जब आश्रम में पहली पीढ़ी के बच्चे पढ़कर निकले और उनके जीवन में सुखद बदलाव आये तो बिरहोरों ने अपने बच्चों को यहां भेजना शुरू किया। इस गौरवमयी उपलब्धि के लिए राज्य अलंकरण समारोह में उन्हें शहीद वीर नारायण सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
- -जगदलपुर में जीर्णोंद्धार के बाद ज्ञानगुड़ी केंद्र का लोकार्पण-विज्ञान की शिक्षा के लिए नए विज्ञान शाला का भी हुआ शुभारंभ-ज्ञानगुड़ी में नीट, जेईई, सीयूटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की करायी जाती है तैयारी-छात्र-छात्राओं को विज्ञान की पढ़ाई के लिए अब मिलेगी बेहतर सुविधारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को बस्तर प्रवास पर जगदलपुर के धरमपुरा में 25 लाख रुपए लागत से निर्मित ज्ञानगुड़ी तथा 45 लाख रुपए से नवनिर्मित विज्ञान शाला का लोकार्पण करने के पश्चात ज्ञानगुड़ी के स्मार्ट क्लास रूम एवं विज्ञान शाला का अवलोकन किया। इस दौरान वे ज्ञानगुड़ी में अध्ययनरत बच्चों से रूबरू हुए। उन्होंने बच्चों को छेरछेरा पुन्नी और गणतंत्र दिवस की अग्रिम बधाई देते हुए उन्हें पूरी लगन एवं मेहनत के साथ पढ़ाई करने प्रोत्साहित किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ज्ञानगुड़ी के बच्चों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि शिक्षा ही विकास का मूल मंत्र है। शिक्षा केवल डिग्री लेकर नौकरी पाना नहीं है बल्कि अच्छा समाजसेवक बनने, अच्छा व्यवसाय करने, अच्छी खेती-किसानी करने सभी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा की अहम भूमिका है।मेडिकल कॉलेज में सीट बढ़ाने का आश्वासनऐश्वर्या नायर के पूछने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भी डॉ. रमन सिंह की सरकार ने सुदूर ग्रामीण इलाकों में शिक्षा के लिए बहुत काम किया था, बस्तर संभाग में एजुकेशन हब बनाये, जिसे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी देखकर सराहना की। अब चौथी बार फिर से हमारी सरकार बनी है तो इस दिशा में और अच्छा प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री ने अंकिता ठाकुर के सुझाव पर जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में सीट बढ़ाने के लिए विचार करने आश्वस्त किया।तनाव मुक्त होकर करें परीक्षा की तैयारीमुख्यमंत्री ने कंचन यादव के छत्तीसगढ़ी में पूछे सवाल परीक्षा के भय को कम करने के बारे में कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जो छात्र-छात्राओं से निरन्तर चर्चा कर उन्हें पढ़ाई और परीक्षा के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। इसी कड़ी में आगामी 29 जनवरी को फिर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी छात्र-छात्राओं से रूबरू होकर परीक्षा पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री ने तनावमुक्त होकर बिना डर या भय के अपने लक्ष्य को पाने के लिए परीक्षा की तैयारी करने बच्चों को प्रेरित किया।नई शिक्षा नीति से आएगा बदलावमुख्यमंत्री ने ज्ञानगुड़ी के बच्चों से अपनी बात साझा करते हुए कहा कि अब तक लार्ड मैकाले की अंग्रेजी शिक्षा नीति लागू थी, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नई शिक्षा नीति से शिक्षा में बहुत बदलाव आएगा। इससे बच्चों को डिजिटल शिक्षा सहित व्यवहारिक और व्यवसायिक शिक्षा मिलेगी और बच्चे भविष्य में स्व-रोजगार एवं उद्यम की ओर अग्रसर होंगे। वहीं नई शिक्षा नीति में खेलकूद सहित योग और शारीरिक शिक्षा की सुविधा प्रदान की जायेगी। इस नवीन शिक्षा नीति से बच्चों के पालकों पर दबाव कम होगा।छात्र बीमा योजना की मिली राशिमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छात्र बीमा योजनान्तर्गत 17 प्रकरणों में एक-एक लाख रुपए का चेक प्रदान किया। कार्यक्रम में उन्होंने ज्ञानगुड़ी के शिक्षकों के लिखित दसवीं विज्ञान एवं बारहवीं कृषि विज्ञान, बारहवीं जीव विज्ञान, बारहवीं कक्षा के केमेस्ट्री एवं बारहवीं फिजिक्स विषय के प्रश्नों एवं उत्तरों के संकलन पुस्तकों का विमोचन किया गया।मुख्यमंत्री को उनका पोट्रेट किया गया भेंटकार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय को छात्र राधाकृष्ण ने उनका पोट्रेट भेंट किया। मुख्यमंत्री ने छात्र के हुनर की तारीफ की और धन्यवाद दिया। इस मौके पर पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप, विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल, पूर्व विधायक श्री संतोष बाफना सहित अनेक जनप्रतिनिधि और शिक्षक शिक्षिकाएं तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।ज्ञान को बढ़ाने के लिए बनी है गुड़ीबस्तर के स्थानीय बोली में ज्ञानार्जन का आशय सीखने-समझने और गुड़ी को पवित्र स्थल के रूप में जाना जाता है। यही वजह है कि यहां पर देव स्थलों को गुड़ी के तौर पर मान्यता है। बस्तर के लोगों की इसी पावन विचार के मद्देनजर इसे ज्ञान का मंदिर अर्थात ज्ञानगुड़ी के नाम से बच्चों के लिए बनाया गया है।ज्ञानगुड़ी बस्तर जिले और संभाग के जरूरतमंद व प्रतिभावान स्कूली बच्चों को नीट, जेईई, सीयूटी, आईसीएआर, पीएटी, पीपीएचटी, बीएसी नर्सिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के उद्देश्य को लेकर ज्ञानगुड़ी अकादमी संचालित की जा रही है। इस ज्ञानगुड़ी संस्था के लिए प्रशासन द्वारा पृथक से शिक्षा विभाग के भवन को जीर्णाेद्धार कर नया रूप दिया गया है। नए भवन में दो स्मार्ट क्लास, एक छोटा ऑडिटोरियम और लाइब्रेरी की सुविधा दी जा रही है।ज्ञानगुड़ी के समीप ही विज्ञान शाला बनाया गया है, जिसमें विज्ञान के विभिन्न मॉडल तथा प्रादर्श रखे गए हैं। जिससे ज्ञानगुड़ी में अध्ययनरत बच्चों को विज्ञान की पढ़ाई हेतु बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही बच्चे प्रयोगशाला के माध्यम से छोटे-छोटे प्रयोग कर विज्ञान की समझ को बढ़ा सकेंगे।
- -योग्य प्रत्याशी को चुनने से ही होगा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान: मंत्री बृजमोहन अग्रवालरायपुर / युवा शक्ति को केवल वोट नहीं देना है बल्कि अपने आस-पास के लोगों को जागरूक भी करना है। लोगों को बताना होगा कि योग्य प्रत्याशी को चुनने से ही होगा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान। यह बात वरिष्ठ मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने गुरुवार को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर डिग्री कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में कही। जहां वर्चुअल माध्यम के जरिए ‘नमो नवमतदाता सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जे पी नड्डा ने देश भर के युवाओं को मतदान के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर भी अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति की अहम भूमिका है। जो खुद जागरूक होने के साथ ही समाज को भी जागरूक बनाता है। हमारे युवा उज्ज्वल भविष्य की आकांक्षाओं से परिपूर्ण हैं। जिसके पास सक्षम, आत्मनिर्भर और विकसित भारत बनाने की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पहले कहा जाता था कि नौजवान कल का नागरिक हैं। लेकिन वो आज के नागरिक है, जो बेहतर भारत का निर्माण कर सकते हैं। पहले ही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को चुनकर एक मजबूत राष्ट्र के नींव रखी जा चुकी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश ने ऐतिहासिक लक्ष्यों की प्राप्ति की है।
- -उपमुख्यमंत्री ने कबीरधाम जिला के अमलीडीह, मजगांव, समनापुर और नेवारी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 33 लाख रूपए की घोषणा की-उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा मां शाकम्भरी जयंती में शामिल हुएरायपुर, 25 जनवरी 2024/ उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज गुरुवार को अपने एक दिवसीय कबीरधाम प्रवास के दौरान विभिन्न ग्रामों में आयोजित मां शाकंभरी जयंती आयोजन में शामिल हुए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा बोडला विकासखंड के ग्राम मोतिमपुर, बरपेलाटोला, अमलीडीह, मजगांव, समनापुर और नेवारी में आयोजित शाकंभरी जयंती कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने मां शाकम्भरी देवी की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। उन्होंने सभी को मां शाकम्भरी देवी जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मातृत्व शक्ति, माता-बहनों की सम्मान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाने का निर्णय लिया है। जो सिर्फ महिलाओं को समर्पित होगा व इस सदन में महिलाएं पारस्परिक, पारिवारिक सांस्कृतिक, व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करेंगी।शाकंभरी जयंती के अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने समाज के उत्थान के लिए ग्राम अमलीडीह में मरार समाज के सामुदायिक भवन के लिए 10 लाख रुपए, ग्राम मजगांव में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए, आहाता निर्माण के लिए 2 लाख रुपए, ग्राम समनापुर में भवन निर्माण के लिए 05 लाख रूपए, आहता निर्माण के लिए 03 लाख रूपए, ग्राम नेवारी में भवन निर्माण के लिए 08 लाख रूपए देने की घोषणा की। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि क्षेत्र और ग्राम विकास के लिए जो भी मांग और समस्याओं को संज्ञान में लाया जाएगा, उन्हें भी प्राथमिकता से पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष पटेल, श्री कैलाश चन्द्रवंशी, श्री ईश्वरी साहू, पोखराज सिंह परिहार, श्री रामप्रसाद बघेल, श्री मनीराम साहू, श्री मयंक गुप्ता सहित पंच, सरपंच, समाजिक पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पटेल (मरार) समाज द्वारा आयोजित मां शाकंभरी जयंती के आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि मां शाकंभरी, मां अन्नपूर्णा और शक्ति स्वरूपा दुर्गा का भी अवतार है। पूरे प्रदेश में मां शाकंभरी जयंती को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है और वन देवी के रूप में भी पूजा-अर्चना की जाती है। उन्होंने पटेल समाज की तारिफ करते हुए कहा कि पटेल समाज एक संगठित और सशक्त समाज है। उन्होंने कहा कि समाज पूरे प्रदेश में एक सशक्त और संगठित समाज की अवधारणा को पूरा करते हुए आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि समाज का मूल व्यवसाय खेती-किसानी, सब्जी-भाजी के उत्पादन कर अपने अजीवका का साधन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि पटेल समाज को अब कृषि के क्षेत्र के साथ ही प्रत्येक क्षेत्र मे अपनी भागीदारी बढ़ानी चाहिए।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार मोदी की गारन्टी को पूरा कर रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में 18 लाख परिवार को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृत दी है। उन्होंने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर किसानों से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी किया जा रहा है। राशनकार्डधारी परिवारों को अगले 5 साल तक निःशुल्क खाद्यान्न वितरण किया जाएगा। इससे 67 लाख 92 हजार 153 परिवार लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (पीएससी) भर्ती मामले की सीबीआई जांच कराने का निर्णय लिया गया है। 02 वर्ष के धान के बोनस राशि 3 हजार 716 करोड़ रूपए 13 लाख किसानों के खाते में हस्तांतरित किया है।
- भूमकाल आंदोलन के क्रांतिकारी वीरों का मुख्यमंत्री ने किया पुण्य स्मरणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जिला मुख्यालय जगदलपुर के धरमपुरा स्थित क्रांतिकारी डेबरीधुर उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र परिसर में भूमकाल आंदोलन के नायक वीर डेबरीधुर जी की प्रतिमा का और उनके जीवन परिचय पर आधारित शिलालेख का अनावरण किया। इस मौके पर उन्होंने भूमकाल आंदोलन के क्रांतिकारी डेबरीधुर के योगदान का पुण्य स्मरण कर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि बस्तर के भूमकाल विद्रोह में आदिवासी जननायक वीर गुंडाधुर के साथ क्रांतिकारी डेबरीधुर जैसे कई अन्य नायकों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। बस्तर के आदिवासी नायकों का योगदान अविस्मरणीय और अतुलनीय है। श्री साय ने कहा कि बस्तर क्रांतिकारियों की धरती है। यहां के आदिवासी जननायकों ने अपनी वीरता और साहस से दमनकारी शक्तियों का पूरजोर मुकाबला किया। वीर गेंदसिंह, हिड़मा मांझी, नागुल दोरला, वीर झाड़ा सिरहा जैसे अनेकों बस्तर के वीरों ने अपनी माटी की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।इस मौके पर विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल, पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप, पूर्व विधायक श्री संतोष बाफना, श्री बैदूराम कश्यप, श्री सुभाऊ कश्यप सहित बस्तर कमिश्नर श्री श्याम धावड़े, आईजी श्री सुंदरराज पी., महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर. एस. कुरील, कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. भी उपस्थित थे।गौरतलब है कि डेबरीधुर बस्तर के महान भूमकाल विद्रोह 1910 के महानायक गुण्डाधूर के निकट सहयोगी क्रांतिकारी और बलिदानी के रूप में जाने जाते हैं। बस्तर के ग्राम एलेंगनार में जन्में डेबरीधुर धुर्वा जनजाति के आदिवासी युवक थे। उनका वास्तविक नाम बोरगाधुर था, लेकिन तीर धनुष, तलवार, कुल्हाड़ी आदि हथियार चलाने सहित अन्य सभी कार्य बायें हाथ से करने के कारण वे डेबरीधुर कहलाए। बस्तर अंचल में डेबरी का अर्थ बायाँ होता है।डेबरीधुर ने अपने वीर साथी क्रांतिकारी नायकों के साथ अंग्रेजों के शोषण, अनाचार, दमन और अत्याचार से बस्तर को मुक्त करवाने के लिए गाँव-गाँव में बैठक के माध्यम से लोगों को जागरूक व संगठित कर संघर्ष के लिए तैयार करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने गुण्डाधुर के साथ कदम से कदम मिलाकर लड़ाई का नेतृत्व किया।भूमकाल विद्रोह विश्वासघातियों के कारण अंग्रेजों के पक्ष में जाने लगा। डेबरीधुर गिरफ्तार कर लिए गए। सम्भवतः दिनांक 29 मार्च 1910 को उन्हें जगदलपुर स्थित गोलबाजार के इमली के वृक्ष में फांसी दे दी गई। उस समय उनकी उम्र महज 22 वर्ष की थी। भूमकाल के इस वीर महायोद्धा के अमूल्य बलिदान को बस्तर कभी विस्मृत नहीं कर सकेगा। भूमकाल के स्मृति दिवस 10 फरवरी को प्रतिवर्ष आदिवासी समाज द्वारा वीर गुण्डाधुर और डेबरीधुर सहित आंदोलन के सभी नायकों के शहादत को यादकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
- पंडित श्री धीरेन्द्र शास्त्री को धर्मस्व मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने दिया राजिम कुंभ आने का न्यौता-अनिरूद्धाचार्य जी महाराज से लिया आशीर्वादरायपुर, / धर्मस्व मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल गुरुवार को राजधानी रायपुर के कोटा-गुढ़ियारी में आयोजित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर और कथा वाचक पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री से आशीर्वाद लिया और उन्हें राजिम कुंभ में आने का न्योता दिया। धर्मस्व मंत्री श्री अग्रवाल गुढ़ियारी पहुंचकर अनिरूद्धाचार्य जी महाराज के भागवत कथा में शामिल हुए और उनसे आशीर्वाद लिया और आध्यात्मिक और भक्तिमय प्रवचन का आनंद लिया।पंडित श्री धीरेन्द्र शास्त्री ने धर्मस्व मंत्री श्री अग्रवाल के न्योता पर सहर्ष अपनी सहमति प्रदान की और कहा कि राजिम कुंभ में जरूर आयेंगे। उन्होंने राजिम कुंभ के भव्य आयोजन की प्रशंसा की और कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सद्भाव और आपसी भाईचारा का वातावरण बनता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ श्रीरामलला का ननिहाल है। यहां माता कौशल्या का भव्य मंदिर भी है। छत्तीसगढ़ के लोग सीधे, सरल और धर्मपरायण है। धर्मस्व मंत्री श्री अग्रवाल ने भी त्रिवेणी संगम राजिम पधारने की सहमति देने पर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पंडित श्री धीरेन्द्र शास्त्री की वाणी में जादू है। जनमानस में उनका गहरा प्रभाव है।


























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