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- -4 हजार से अधिक स्वच्छग्राही दीदियों का किया गया स्वास्थ्य परीक्षणबालोद। कलेक्टर श्री इंद्रजीत चंद्रवाल एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न विकासखण्डों में स्वच्छता ही सेवा 2024 अभियान के तहत् विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आज जिले के सभी विकासखण्डों में ग्राम पंचायतों में स्वच्छता हेतु डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में संलग्न लगभग 4005 स्वच्छाग्राही दीदीयों का स्वास्थ्य परीक्षण कर अन्य योजनाओं से लाभान्वित किया गया। जिसके अंतर्गत सफाई सुरक्षा मित्र हेतु प्रधानमंत्री आवस योजना ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, मनरेगा जॉब कार्ड, पेंशन योजना, आधार कार्ड संबंधित योजनाओं का पात्रतानुसार लाभ प्रदाय करने शिविर का आयोजन किया गया है।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे ने डौण्डीलोहारा में आयोजित सफाई मित्र सुरक्षा शिविर का निरीक्षण कर स्वच्छता मित्र से चर्चा की। इस दौरान उन्होेंने कहा कि स्वच्छाग्राही स्वच्छ भारत मिशन की आत्मा है। कचरा प्रबंधन के कार्यों में विभिन्न प्रकार के अपशिष्ट एकत्रीकरण स्वच्छाग्राहियों द्वारा किया जाता है। कचरा प्रबंधन के कार्यों में संक्रमण होने की संभावना रहती है। स्वच्छाग्राहियों की स्वास्थ्य जांच हेतु नियमित रूप से विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाए। इसके अलावा स्वच्छाग्राहियों का स्वच्छाग्राही ई-श्रमकार्ड निर्माण कर उन्हें सफाई कर्मकार मण्डल से जोड़ा जा सकता है। जिसके अंतर्गत सफाई कर्मकार आवश्यक उपकरण सहायता योजना, सुरक्षा उपकरण हेतु प्रतिवर्ष 1000 रुपये, सफाई कर्मकार के 02 बच्चे हेतु प्रति बच्चा छात्रवृत्ति 1000 से 1500 रुपये वार्षिक तथा 02 लाख का जीवन बीमा आदि सुविधा का लाभ भी मिल सके।
- इच्छुक अभ्यर्थियों से 28 सितम्बर तक आवेदन आमंत्रितबालोद। राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार पीएमश्री योजना के अंतर्गत बालोद जिले के चयनित 08 पीएमश्री शालाओं में अंशकालीन योगा प्रशिक्षक, खेल शिक्षकों की सेवाएं ली जाएंगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इन सभी चयनित अंशकालीन योगा प्रशिक्षक, खेल शिक्षकों की सेवाएं जिले के पीएमश्री शालाओं के संचालन हेतु गठित जिला स्तरीय समिति के माध्यम से 31 मार्च 2025 तक ली जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत बालोद विकासखण्ड के शासकीय प्राथमिक शाला जगतरा एवं शासकीय प्राथमिक शाला शिकारीपारा बालोद एवं डौण्डी विकासखण्ड के शासकीय प्राथमिक शाला आडे़झर, डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के शासकीय प्राथमिक शाला संबलपुर एवं शासकीय प्राथमिक शाला डौण्डीलोहारा, गुण्डरदेही विकासखण्ड के शासकीय प्राथमिक शाला गुण्डरदेही, शासकीय प्राथमिक शाला सिरसिदा तथा गुरूर विकासखण्ड के शासकीय प्राथमिक शाला भिरई में 01-01 पदों पर खेल शिक्षक एवं योगा प्रशिक्षक की सेवाएं ली जाएगी। उन्होंने बताया कि खेल एवं योग प्रशिक्षक हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक शारीरिक शिक्षा डिग्री एवं योग शिक्षा संबंधित क्षेत्र में स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में योगा प्रशिक्षक, खेल शिक्षकों की सेवा देने के इच्छुक पात्रता धारी अभ्यर्थियों से 28 सितम्बर 2024 तक आवेदन पत्र आमंत्रित की गई है। वे अपना आवेदन पत्र जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा कलेक्टोरेट कक्ष क्रमांक 68 जिला बालोद के नाम से पंजीकृत डाक के माध्यम से आवेदन प्रेषित कर सकते हैं।
- जनदप पंचायत कार्यालय डौण्डीलोहारा में आयोजित किया गया सम्मान समारोहबालोद। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने आज जनपद पंचायत डौण्डीलोहारा में आयोजित समारोह में डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के विभिन्न ग्राम पंचायतों के उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंच व सचिवों को सम्मानित कर उन्हें पंचायतीराज अधिनियिम के अंतर्गत उनके अधिकारों एवं शक्तियों की जानकारी दी। इस अवसर पर डाॅ. कन्नौजे ने डौण्डीलोहारा विकासखण्ड अंतर्गत पंचायतीराज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंच, सचिव एवं अन्य स्टाफ के अंतर्गत श्रीमती हिरई बाई ठाकुर सरपंच ग्राम पंचायत अण्डी, श्री अर्जुन सिंह ठाकुर सरपंच ग्राम पंचायत संजारी, श्रीमती धनेश्वरी देहारी, सरपंच ग्राम पंचायत महराजपुर, श्री संतराम तारम, सरपंच ग्राम पंचायत नाहंदा, श्रीमती किरण लोन्हारे, सरपंच ग्राम पंचायत फरदफोड़, श्री देवदास साहू, ग्राम पंचायत कोटेरा, श्री पोषण देवागंन, ग्रांम पंचायत पसोद, श्री दुर्गेश रामटेके, सरपंच ग्राम पंचायत रानीतराई (रोड), श्रीमती तेजेश्नी दुग्गा, सरपंच ग्राम पंचायत जाटादाह, श्री विजय कुमार कुंजाम, सरपंच ग्राम पंचायत गिधवा, श्रीमती आशादेवी टेकाम, सरपंच ग्राम पंचायत चिखली, श्री नरेन्द्र सिंह वर्मा, सरपंच ग्राम पंचायत झिटिया, श्री उत्तम साहू, सरपंच ग्राम पंचायत टटेंगा, श्रीमती यामिनी कोठारी, सरपंच ग्राम पंचायत कोबा, श्री अर्जुन सिंह, सरपंच ग्राम पंचायत बिजोरा, श्री झुमुकलाल सरपंच ग्राम पंचायत दल्ली (कु.), श्रीमती हुमेश्वरी पिस्दा, सरपंच ग्राम पंचायत भवरमरा, श्री यशवंत रावटे सरपंच ग्राम पचांयत जेवरतला, श्रीमती पार्वती नायक, सरपंच ग्राम पंचायत बुन्देली, श्री गोविन्द साहू, सचिव ग्राम पंचायत कोरगुड़ा, श्री महेन्द्र कुमार, सचिव ग्राम पंचायत फुलसुन्दरी, पद्मनी सचिव ग्राम पंचायत परसाडीह (सु), श्रीमती रूपा कझरे सचिव, ग्राम पंचायत कोसमी, श्रीमती राजेश्वरी पटेल सचिव, ग्राम पंचायत खपराभाट, श्रीमती सरोज सचिव, ग्राम पंचायत कोटेरा, श्री चुनुराम सिन्हा, ग्राम पंचायत नाहंदा, श्री देवलाल मालेकर ग्राम पंचायत अण्डी, श्री मेनन अटल ग्राम पंचायत संजारी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्हांेने सभी सरपंच, सचिवों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर डाॅ. कन्नौने ने स्वच्छता अभियान में महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित कर स्वच्छता संबंधी कार्यों को शत प्रतिशत पूरा करने की शपथ भी दिलाई।इस दौरान डाॅ. कन्नौजे ने प्रधानमंत्री आवास, स्वच्छ भारत मिशन के तहत् डोर टू डोर कचरा संग्रहण कार्य, स्वच्छता समूह के दीदीयो को लखपति बनाने, स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत् गांवो को स्वच्छ, साफ-सुथरा करने के संबंध में समीक्षा करते हुए उन कार्यों में तेजी लाने निर्देश भी दिए। बैठक में 15वें वित्त की राशि से जेम पोर्टल में खरीदी करने व किये गये कार्यों कि जियो टेग हेतु पोर्टल में एण्ट्री करने तथा अपने ग्राम पंचायतो के आय के स्त्रोत बढ़ाने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। डॉ कन्नौजे ने सरपंच, सचिवों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि गांवों के सर्वांगीण विकास में सरपंच, सचिवों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए आप सभी पंचायतीराज के तहत 29 प्रकार के सभी सेवाओं के कार्य का अपने ग्राम पंचायत में जानकारी देते हुए स्वच्छ व सुपोषित पंचायत की दिशा में निरंतर सक्रियता से कार्य करने को कहा। समारोह में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रोशनी भगत टोप्पो सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- -कृषि विश्वविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों हेतु पांच दिवसीय दीक्षा आरंभ प्रेरण कार्यक्रम प्रारंभरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में नवीन शिक्षा नीति के तहत शिक्षा सत्र 2024-25 में नव प्रवेशित स्नातक पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को चार वर्षीय पाठ्यक्रम के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराने हेतु आयोजित पांच दिवसीय प्रेरण कार्यक्रम ‘‘दीक्षा आरंभ’’ का आज यहां शुभारंभ किया गया। शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बलदेव भाई शर्मा थे और कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। दीक्षा आंरभ कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित समस्त कृषि महाविद्यालयों के विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक ऑफलाइन अथवा ऑनलाइन शामिल हुए।दीक्षा आरंभ समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. बलदेव भाई शर्मा ने नव प्रवेशित विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता के कई वर्षां बाद नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू कर विद्यार्थियों को गुरू शिष्य परंपरा से जोड़ने की पहल की गई है और इसी कड़़ी में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में दीक्षा आरंभ कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। डॉ. शर्मा ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री और नौकरी देने का साधन नहीं है बल्कि यह व्यक्तित्व के संपूर्ण विकास का माध्यम है। शिक्षा विद्यार्थियों को विचारवान तथा समाजोपयोगी बनाती है। शिक्षा विद्यार्थियों में जीवन मूल्यां का विकास करती है और उन्हें उत्कृष्टता प्राप्त करने की दृष्टि प्रदान करती है। डॉ. शर्मा ने कहा कि नवीन शिक्षा नीति से नवीन भारत के निर्माण की परिकल्पना साकार होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से आव्हान किया कि वे भारत को जानें, भारत को मानें और भारतीय बनें तभी नये भारत का निर्माण होगा।समारोह की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत इस वर्ष सभी महाविद्यालयों में नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षा आरंभ प्रेरण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा वर्तमान शिक्षा सत्र से नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया गया है तथा उसी के अनुरूप पाठ्यक्रमों तथा अध्ययन प्रणाली को विकसित किया गया है। डॉ. चंदेल ने कहा कि नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित पांच दिवसीय प्रेरण कार्यक्रम दीक्षा आरंभ के दौरान विद्यार्थियों को उनके द्वारा पढ़े जाने वाले पाठ्यक्रमों, कोर्स क्रेडिट प्रणाली, सूचना प्रणाली, परीक्षा प्रणाली, छात्र वृत्ति, विभिन्न शुल्क, हॉस्टल सुविधा, लाइब्रेरी सुविधा, कृषि अनुसंधान एवं विस्तार कार्य, व्यक्तित्व विकास, उद्यमिता विकास आदि के संबंध में विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही नव प्रवेशित विद्यार्थियों को विभिन्न विभागों, प्रयोगशालाओं, लाइब्रेरी तथा अनुसंधान प्रक्षेत्र का भ्रमण भी करवाया जाएगा। दीक्षा आरंभ कार्यक्रम के प्रभारी तथा कृषि महाविद्यालय रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. जी.के. दास ने स्वागत भाषण देते हुए दीक्षा आरंभ कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय, महासमुंद एवं कृषि महाविद्यालय कुरूद के अधिष्ठाता, प्राध्यापकगण तथा विद्यार्थी उपस्थित थे।
- -खरोरा ब्लाॅक के प्राथमिक शाला एवं पूर्व माध्यमिक शाला से अवैध कब्जा खाली कराने के निर्देशरायपुर । कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने जनदर्शन के माध्यम से आज कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्राॅस सभाकक्ष में आम नागरिकों की समस्याएं सुनी। कलेक्टर जनदर्शन में आज खरोरा ब्लाॅक के केशला ग्राम पंचायत में स्थित प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला की भूमि में अवैध कब्जा को खाली करने की शिकायत की गई। इस मामले में तत्काल कलेक्टर ने कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। साथ ही आरंग ब्लाॅक के कुम्हारी निवासी श्री गजेंद्र साहू ने अपनी जमीन के बंदोबस्त में त्रुटि होने की शिकायत की। मामले में कलेक्टर ने आरंग एसडीएम को निराकरण के लिए निर्देशित किया है। धरसींवा के टेकारी निवासी श्री नेतराम सिंह ठाकुर ने भूमि का बंटाकन नहीं किए जाने का आवेदन दिया, इस मामले में कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा पुरानी बस्ती निवासी श्री कपिलनारायण अग्रवाल के खसरा नंबर में त्रुटि को सुधार करने के निर्देश दिए है। डगनिया निवासी प्रेमलता ने नामांतरण करने के लिए आवेदन किया, जिस पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। साथ ही कलेक्टर ने रहवासी काॅलोनी में छोटे-छोटे खुलने वाले होटलों पर रोक लगाने के साथ सख्ती करने के निर्देश दिए है।कलेक्टर जनदर्शन में जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थेे।
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राजनांदगांव. जिले में सोमवार को आकाशीय बिजली गिरने से आठ लोगों की मौत हो गई है तथा एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। मृतकों में कुछ स्कूली बच्चे भी शामिल हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि जिले के सोमनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत जोरातराई गांव में आज अपराह्न करीब डेढ़ बजे आकाशीय बिजली गिरने से कुछ स्कूली बच्चों समेत आठ लोगों की मौत हो गई तथा एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। राजनांदगांव जिले के पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग ने कहा, "प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बिजली गिरने से कुछ स्कूली बच्चों समेत आठ लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा, एक व्यक्ति के घायल होने की खबर है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।" उन्होंने बताया कि इस घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक वह और राजनांदगांव के जिलाधिकारी भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने बताया कि घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है। - -जाबो कार्यक्रम अंतर्गत किया जा रहा विभिन्न गतिविधियों का आयोजन-सुंदर एवं आकर्षक रंग संयोजन के साथ चित्रण कर किया जा रहा प्रेरितरायपुर / नगरीय निकाय एवं पंचायत आम चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए बलरामपुर जिले में जाबो (जागव बोटर) कार्यक्रम अंतर्गत व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन की ओर से चुनाव के लिए गांव-गांव में मतदाता जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में जमीनी स्तर पर ग्रामीणों, आम नागरिकों, नव मतदाताओं को मतदाता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक अभियान चला कर लोगों को मतदान के लिए सब काम छोड़ मतदान करो की सीख दी जा रही है।शिक्षा विभाग द्वारा रैली, मानव श्रृंखला, निबंध, लेखन, रंगोली एवं चित्रकला के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक किया जा रहा है। मतदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्कूल के सभी छात्र-छात्राएं अपने घर मोहल्ले में मतदान करने के लिए लोगों को जागरूक कर रहे है। रैली के माध्यम से स्कूली विद्यार्थियों द्वारा युवा, बुजुर्ग और महिलाओं को मतदान करने की अपील की जा रही है। साथ ही मानव श्रृंखला बनाकर लोगों को अपने अमूल्य मत का प्रयोग करने जागरूक कर रहें हैं। जिसमें बताया जा रहा है कि चाहे वो 80 वर्ष से उपर के व्यक्ति हो या दिव्यांग हो या फिर 18 वर्ष पूर्ण कर चुकेे हो वे मतदान का उपयोग अवष्य करें।विद्यार्थियों ने पेंटिंग के माध्यम से संदेश दिया कि लोकतंत्र में मतदान मतदाता का सबसे बड़ा अधिकार है। मतदाता को इस अधिकार का उपयोग अवश्य करना चाहिए। इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था की जड़ें और अधिक मजबूत होती हैं। बच्चों ने मतदाता जागरूकता बैनर, पोस्टर बनाने में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और जागरूक करने नये-नये तरीकों के माध्यम से मतदाताओं को लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी के संदेश को रचनात्मकता के साथ प्रदर्शित भी किया।रंगोली प्रतियोगिता में छात्र छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए मतदान के प्रति जागरूक किया। छात्र-छात्राओं ने विषयानुकूल सुंदर एवं आकर्षक रंग संयोजन के साथ अपनी कला का प्रदर्शन किया। जिसमें मतदाताओं को जागरूक करने अनिवार्य रूप से वोटिंग करने, मतदान द्वारा जिले, राज्य, देश को सशक्त बनाने आदि विषयों पर केंद्रित रंगोली बनाई गई। साथ ही ग्रामीण अंचल का चित्रण कर घर में बैठे महिलाओं को मतदान के लिए प्रेरित करते हुए दिखाया गया। जबकि कुछ में ईवीएम, वीवीपैट का चित्रण कर मताधिकार का प्रयोग करने का संदेश दिया गया।ग्राम पंचायतों में ग्रामीण स्तर पर दीवार लेखन के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके तहत विभिन्न पारा, मोहल्ले में दीवारों पर नारों, स्लोगन के जरिए मतदान के विभिन्न आयाम एवं फायदे के बारे में बताया जा रहा है। विभिन्न प्रकार की दीवार लेखन के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। मतदाता जागरूकता के लिए प्रशासन द्वारा जगह जगह पर चलाए जा रहे मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। ताकि शत-प्रतिशत मतदान के लक्ष्य को सार्थक किया जा सके।
- -नीति आयोग भारत सरकार के अधिकारी व जिला कलेक्टर्स वी.सी में हुए शामिलरायपुर, /मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन की अध्यक्षता में राज्य सपोर्ट मिशन और संपूर्णता अभियान की प्रगति की समीक्षा बैठक मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित किया गया। जिसमें नीति आयोग, भारत सरकार की ओर से महानिदेशक सुश्री निधि छिब्बर भी शामिल हुई। बैठक में मुख्य सचिव श्री जैन ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। मुख्य सचिव ने बताया कि संपूर्णता अभियान व स्टेट सपोर्ट मिशन में पिछले कुछ समय में राज्य द्वारा कई सफलताएँ हासिल की गई हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे इन उपलब्धियों को और बढ़ावा दें और योजनाओं की कार्यान्वयन प्रक्रिया को तेज करें। उन्होंने प्रगति की नियमित समीक्षा व चुनौतियों के त्वरित समाधान हेतु सभी अधिकारियों को निर्देेशित किया।मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए नागरिकों को जागरूक करना भी आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे विभिन्न माध्यमों का उपयोग करके जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें, ताकि लोग अपनी आवश्यकताओं और अधिकारों के प्रति सचेत हो सकें। मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को एक नई ऊर्जा के साथ कार्य करने और जागरुकता प्रसार के लिए प्रेरित भी किया।आकांक्षी जिलों के कलेक्टर्स ने संपूर्णता अभियान में प्रगति की जानकारी बैठक में उपस्थित अधिकारियों को दी। बैठक में जिला कलेक्टर्स ने बताया कि कैसे उन्होंने सम्पूर्णता अभियान के तहत लक्षित लाभार्थियों तक पहुँचने के लिए नई रणनीतियाँ अपनाई हैं। कुछ विभागों ने साझा किया कि उन्होंने डिजिटल प्लेटफार्मों का उपयोग करके सेवाओं की पहुँच को बेहतर बनाया है, जबकि अन्य ने समुदाय आधारित पहल की जानकारी दी। महानिदेशक नीति आयोग, भारत सरकार श्रीमती निधि छिब्बर ने बताया कि सम्पूर्णता अभियान का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह अभियान न केवल योजनाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करता है, बल्कि इसे वास्तविकता में लाने के लिए अधिकारियों को भी सक्रिय रूप से काम करना होगा। उनके अनुसार, इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास के नए आयाम खोले जा सकते हैं। श्रीमती छिब्बर ने स्टेट सपोर्ट मिशन अंतर्गत राज्य में मॉनिटरिंग एवं इवैल्युवेशन युनिट की स्थापना व प्रभावी क्रियान्वयन हेतु डी.एम.ई.ओ. (डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एण्ड इवैल्युवेशन युनिट) से हर संभव सहायता प्रदाय हेतु आश्वस्त किया।बैठक में राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमणियम, वित्त विभाग के सचिव श्री मुकेश बंसल, योजना सचिव श्री अंकित आनंद, सुशासन विभाग के संयुक्त सचिव श्री प्रभात मलिक एवं नीति आयोग सदस्य सचिव डॉ नीतू गोरड़िया एवम संबंधित जिला कलेक्टर्स ने भाग लिया।
- -सोहर गीत और पोषण गान के माध्यम से दी गई संगीतमय जानकारीरायपुर / राष्ट्रीय पोषण माह अंतर्गत 1 से 30 सितंबर तक महासमुंद जिले के कुल 1790 आंगनबाड़ी केंद्रों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। पोषण माह के अंतिम सप्ताह में विविध कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। आज शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों द्वारा रैली निकालकर जागरूकता संदेश दिया गया। इस रैली का उद्देश्य बच्चों और ग्रामीणों में संतुलित आहार के साथ पोषण आहार की निरंतरता, मात्रा और खाने के तरीके पर लोगो तक जन जागरूकता लाना है। सही मात्रा में पौष्टिक भोजन लेने पर ही हम शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकते है ।महासमुंद शहरी परियोजना अंतर्गत सेक्टर 1 में पोषण माह अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में संतुलित आहार एवं खानपान की जानकारी दी गई। विभिन्न व्यंजनों का प्रदर्शन कर गर्भवती और शिशुवती माताओं को खानपान के बारे में समझाया गया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि गर्भवती माताओं के लिए जीवन के सुनहरे एक हजार दिन विशेष होते हैं। इस अवधि में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। उन्होंने महिलाओं को विशेष सतर्कता बरतने और अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की समझाईश देते हुए कहा कि समय पर पौष्टिक आहार लेवें। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे योजनाओं की जानकारी का भी लाभ उठाएं। इस दौरान बच्चों का वजन लिया गया एवं रैली निकालकर जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में स्थानीय भजन मंडली द्वारा सोहर गीत और पोषण गान गाकर बच्चों के आशीष और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की गई। पोषण गीत के माध्यम से भी उनके स्वास्थ्य और मानसिक, शारीरिक विकास हेतु प्रेरित किया गया। परियोजना अधिकारी ने बताया कि महिला को स्वस्थ रहने के लिए 20 मिलीग्राम आयरन प्रतिदिन चाहिए। यदि लंबे समय तक शरीर में पोषण की कमी बनी रहती है तो वही धीरे-धीरे कुपोषण के रूप में दिखाई देता है। 18 से 35 वर्ष की महिलाओं में उनके बैलेंस डाइट पर कार्य करने की जरूरत है महिला जैसे विवाहित होती है उसकी लगातार काउंसलिंग करने से उसके शरीर में खून की मात्रा का पता कर शरीर में खून की कमी ना हो इसके लिए लगातार परामर्श देना प्रारंभ करना अति उत्तम समय होता है। कार्यक्रम में पर्यवेक्षक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित महिलाएं एवं बच्चे मौजूद थे।ज्ञातव्य है कि 23 सितम्बर से 29 सितम्बर तक जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। जिसमें 24 सितंबर को शाम को कुपोषण मुक्ति हेतु मशाल रैली, 25 सितंबर को बाजार हाट में पोषण जागरूकता, 26 सितंबर को समस्त कार्यकर्ता की पोषण भी पढ़ाई भी पर कार्यशाला, 27 सितंबर को पंचायतों में विशेष पोषण सभा (जनप्रतिनिधि की उपस्थिति में), 28 सितंबर को स्वच्छता ही सेवा (आंगनवाड़ी और पोषण वाटिका, हितग्राही के पोषण बाड़ी की साफ-सफाई) एवं 29 सितंबर को व्यंजन, रंगोली, मेहंदी और पोषण खेलकूद का आयोजन किया जाएगा।
- -घटना की जानकारी रखने वाले व्यक्ति 04 अक्टूबर तक लिखित अथवा मौखिक साक्ष्य एवं अभिलेख प्रस्तुत कर सकते हैंरायपुर, / कबीरधाम जिले के ग्राम लोहारीडीह में 15 सितंबर 2024 को श्री शिवप्रसाद साहू की मृत्यु उपरांत घटित आगजनी में श्री रघुनाथ साहू की मृत्यु होने के कारण उक्त घटनाक्रम के संबंध में दंडाधिकारी जांच के लिए अतिरिक्त कलेक्टर श्री निर्भय साहू को दंडाधिकारी जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।अतिरिक्त कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्री साहू ने बताया कि इस जांच बिन्दु से संबंधित जानकारी रखने वाले व्यक्ति 24 सितंबर 2024 से 04 अक्टूबर 2024 तक सार्वजनिक अवकाश को छोड़कर पूर्वान्ह 11 बजे से सांय 5 बजे तक कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कबीरधाम के कक्ष क्रमांक 17 में उपस्थित होकर लिखित अथवा मौखिक साक्ष्य एवं अभिलेख प्रस्तुत कर सकते हैं।घटना जांच के लिए निर्धारित बिन्दुओं में घटना का सिलसिलेवार विचरण। सम्पूर्ण घटना किन परिस्थितियों में हुई। घटना के क्या कारण थे। भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो या अन्य कोई सुझाव या जांच अधिकारी अन्य बिन्दुओं को शामिल करना उचित समझे।
- -जिला प्रशासन द्वारा मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रूपए की सहायता राशि स्वीकृतरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव जिले में आकाशीय बिजली गिरने की घटना में मृतकों और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है। उन्होंने जिला प्रशासन अधिकारियों को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराने साथ-साथ घायलों के उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।गौरलतब है कि राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम जोरातराई में आकाशीय बिजली गिरने से 8 लोगों की मृत्यु हो गई है। जिला प्रशासन द्वारा मृतकों के परिजनों को आरबीसी 6-4 के तहत 4-4 लाख रूपए की सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। आकाशीय बिजली गिरने से 5 बच्चे तथा 3 लोगों की मृत्यु हो गई है। इस घटना में एक घायल व्यक्ति का ईलाज अस्पताल में किया जा रहा है, वह खतरे से बाहर है।
- -पक्के घर का सपना हो रहा साकार-जगरनाथ पहाड़ी कोरवा का परिवार अब सुरक्षित और खुश है अपने घर पररायपुर, / प्रधानमंत्री जनमन योजना विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। इसके तहत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा-सीधा लाभ इन समुदाय के लोगों को मिल रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सुशासन की सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की खुद के पक्के मकान के सपने को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित होकर कार्य कर रही है।पीएम जनमन योजना अंतर्गत बलरामपुर जिला के ग्राम पंचायत करासी में पिछड़ी जनजाति समुदाय के हितग्राही जगरनाथ पहाड़ी कोरवा का प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ है। वह बताते हैं कि वह अपने परिवार के साथ कच्चे के मकान में रह कर गुजर-बसर करते थे। परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए वो खेती और मजदूरी करते थे। उसने कभी नही सोचा था कि अपने इस जीवनकाल में अपने परिवार के लिए पक्का मकान बना पायेगा। उन्होंने बताया कि उनके लिये पक्के का मकान एक सपने जैसा था, लेकिन हम विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लिए पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पीएम जनमन योजना शुरू की जिसके तहत मुझे वर्ष 2023-24 में पक्का आवास बनाने के लिए शासन से स्वीकृति मिली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की इस गरीबों के जनकल्याणकारी पीएम जनमन आवास योजना के तहत उन्हें पक्के मकान का सुख मिला है और आज मैं अपने परिवार के साथ पक्के के मकान में सुरक्षित और खुशहाल जीवन जी रहा हूं। उन्होंने पक्के आवास के सपने को हकीकत में बदलने के लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।हितग्राही श्री जगरनाथ ने बताया कि शासन की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ उनके परिवार को मिल रहा है। जिसके अंतर्गत महतारी वंदन योजना के तहत उनकी पत्नी को प्रतिमाह 01 हजार रूपए की सहायता राशि मिल रही है। इसी प्रकार रोजगार गारंटी योजना मनरेगा में कार्य, तेंदूपूत्ता संग्रहण, किसान पेंशन योजना, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड जैसी अन्य योजनाओं से भी लाभान्वित हो रहे हैं। जिससे उनके परिवार की आय बढ़ रही है। उन्होंने जिला प्रशासन को अपने आर्थिक एवं सामाजिक वृद्धि हेतु आभार व्यक्त करते हुए विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के आशियाने के सपने को पूरा करने के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का सहृदय धन्यवाद ज्ञापित किया।
- -केन्द्रीय मंत्री गिरीराज सिंह के हाथों रेशम पालक किसानों ने ग्रहण किया पुरस्कार-मुख्यमंत्री ने रेशम पालक किसानों को दी बधाई और शुभकामनाएंरायपुर / छत्तीसगढ़ के किसानों को रेशम पालन के क्षेत्र में एक और बड़ा पुरस्कार हासिल किया है। केन्द्रीय मंत्री श्री गिरीराज सिंह ने बैंगलूरु में केन्द्रीय रेशम बोर्ड के 75वें स्थापना दिवस 20 सितम्बर को आयोजित कार्यक्रम में टसर कृमिपालक एवं टसर धागाकारक गतिविधि के लिए छत्तीसगढ़ को बेस्ट एचिवर पुरस्कार से नवाजा गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसके लिए विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों और रेशम पालक किसानों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। ग्रामोद्योग के इस उपलब्धि पर सचिव सह संचालक श्री यशवंत कुमार ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ ग्रामोद्योग विभाग द्वारा परीक्षण एवं अनुशंसा के उपरांत श्री संतोष कुमार देवांगन, ग्राम-सिवनी, जिला-जांजगीर-चांपा को धागाकारक एवं श्री गणेश राम सिदार, ग्राम-बार जिला-सारंगढ, बिलाईगढ़ को टसर कृमिपालक के रूप में नामांकित करते हुए उक्त कृषकों द्वारा दोनों विधाओं में प्राप्त उत्कृष्ठ उपलब्धि पत्रक एवं हितग्राहियों की जुबानी सफलता की कहानी फोटोग्राफ एवं विडियों सहित पूर्ण संकलन संयुक्त सचिव केन्द्रीय रेशम बोर्ड बैंगलूरू प्रेषित किया गया था।छत्तीसगढ़ शासन के ग्रामोद्योग विभाग (रेशम प्रभाग) द्वारा ’’प्लेटिनम जुबली सेलिब्रेशन’’ में भाग लेने के लिए राज्य की ओर से टसर कृमि पालक और धागाकारक के किसान को प्लेटिनम जुबली सेलिब्रेशन में भेजा गया था। इन दोनों विधाओं के प्रतिभागी कृषकों को केन्द्रीय रेशम बोर्ड बैंगलूरू द्वारा पुरस्कृत किया गया है।
- -उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री श्री साव ने योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की-अधिकारियों को सद्व्यवहार, टीम वर्क और समयबद्ध तरीके से जिम्मेदारी निभाने के दिए निर्देशरायपुर.। उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज कांकेर जिला मुख्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कांकेर जिला संसाधन और साधन सम्पन्न जिला है, जिसका सुव्यवस्थित विकास आप सबकी महती जिम्मेदारी है। जनप्रतिनिधि हो या प्रशासनिक अधिकारी, सबका एक ही लक्ष्य होना चाहिए कि शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ नागरिकों तक पहुंचे। आप लोग अपनी क्षमता और कार्य-शैली का श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए अपने सद्व्यवहार, टीम वर्क और समयबद्धता से बेहतर उदाहरण प्रस्तुत करें। कांकेर के सांसद श्री भोजराज नाग, अंतागढ़ के विधायक श्री विक्रम देव उसेंडी और कांकेर के विधायक श्री आशाराम नेताम भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में कहा कि सभी लोक सेवकों को ईश्वर ने लोगों की सेवा का सुअवसर दिया है। उनकी अपेक्षाओं और आकांक्षाओं पर खरे उतरना प्रशासनिक ही नहीं, नैतिक जिम्मेदारी भी है। जल जीवन मिशन के तहत प्रत्येक व्यक्ति को शुद्ध पेयजल मिले, यह सुनिश्चित करें। लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़कों और पुल-पुलियों के काम पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरा करें। श्री साव ने राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि राजस्व अधिकारी न्यायालयीन प्रकरणों का नियमित निपटारा करने अनिवार्यतः समय दें। इसके लिए सकारात्मक कार्य-शैली अपनाते हुए समयबद्ध तरीके से विभागीय दायित्वों का निर्वहन करें। अन्नदाता किसानों को भटकना न पड़े, इसके लिए जनाकांक्षाओं पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करें।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्वास्थ्य सेवाओं, सुविधाओं, चिकित्सकों एवं आवश्यक दवाओं की समय पर मौजूदगी की जमीनी हकीकत जानने नियमित और सघन मॉनिटरिंग करें। उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को वर्तमान में संचालित ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़ा की मैदानी स्थिति जानने नगरीय निकायों का जायजा लेने को कहा। अधिकारी पूरे शहर की सुविधाओं और समस्याओं की चिंता करें। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि वे प्राकृतिक साधनों से परिपूर्ण कांकेर जिले को अग्रणी बनाने और यहां के लोगों के लिए सुविधाएं विकसित करने हरसंभव सार्थक प्रयास करें।समीक्षा बैठक में कांकेर के कलेक्टर श्री निलेश महादेव क्षीरसागर ने एजेंडावार पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, आदिवासी विकास विभाग, समाज कल्याण, जल संसाधन, महिला एवं बाल विकास, कृषि, पशुधन विकास, मछलीपालन और खाद्य विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी दी। कांकेर जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री हेमंत ध्रुव, पूर्व सांसद श्री मोहन मंडावी, पुलिस अधीक्षक श्री इंदिरा कल्याण एलेसेला, जिला पंचायत के सीईओ श्री सुमित अग्रवाल और डीएफओ श्री आलोक वाजपेयी सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
- -ए.के.एस. स्मार्ट सिटी में स्वीमिंग पुल और क्लब हाउस नहीं बनाने के कारण दिया गया आदेशरायपुर / छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) द्वारा रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता तथा उपभोक्ताओं हितों की रक्षा और विवादो के शीघ्र निपटान के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी तारतम्य में रेरा प्राधिकरण द्वारा ए.के.एस. स्मार्ट सिटी ग्राम पाहंदा जिला-दुर्ग के रहवासियों और आबंटितियों के पक्ष में ऐतिहासिक निर्णय करते हुए संप्रर्वतक-बिल्डर ए. के. एस. इंन्फॉटेक को अपने प्रोजेक्ट के प्रचार-प्रसार विक्रय के लिए तैयार किये गये ब्रोशर विवरण अनुसार स्वीमिंग पुल और क्लब हाउस नहीं बनाने के कारण रहवासियों के सोसायटी के पक्ष में स्वीमिंग पुल की लागत 25 लाख 17 हजार 400 रूपये तथा क्लब हाउस की लागत 50 लाख 09 हजार कुल 75 लाख 26 हजार 400 रूपये 45 दिन के भीतर फिक्स डिपॉजिट करने का आदेश पारित किया गया है।श्रीमती अनिता देवी, श्रीमती स्वाति केसरी और श्री शशिकांत भुआल सभी निवासी ए.के.एस. स्मार्ट सिटी पाहंदा ने छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के समक्ष अधिनियम की धारा 31 के अंतर्गत मई 2024 में शिकायत प्रस्तुत किया कि उनके द्वारा ए.के.एस. स्मार्ट सिटी में वर्ष 2019 में प्लॉट क्रय किया गया था जिसमें बिल्डर द्वारा मूलभूत सुविधा जिसमें स्वीमिंग पुल और क्लब हाउस भी है की सुविधा प्रदान करने का उल्लेख किया गया था। बिल्डर द्वारा प्रोजेक्ट में विकास कार्य करते हुए अनुविभागीय अधिकारी पाटन से दिनांक 07.08.2020 को पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया परन्तु उनके द्वारा अपने ब्रोशर अनुसार कॉलोनी में स्वीमिंग पुल और क्लब हाउस नहीं बनाया गया है।रेरा प्राधिकरण द्वारा इस शिकायत को गंभीरता पूर्वक लेते हुए चार माह के भीतर सुनवाई कर आदेश पारित किया गया जिसमें रहवासी सोसायटी के पक्ष में कुल 75,26,400 रूपये जमा करने हेतु बिल्डर को निर्देशित किया गया है। छत्तीसगढ़ में रेरा प्राधिकरण के गठन के उपरांत रियल एस्टेट सेक्टर में आंबटितियों और प्रमोटरों के शिकायतों का तत्परता पूर्वक निराकरण के प्रयास किये जा रहे है तथा विवाद शीघ्रता पूर्वक निपटाये जा रहें है। अब तक कुल 2370 प्रकरणों का निराकरण रेरा प्राधिकरण के द्वारा किया जा चुका है।आम नागरिकों को कोई भी भूमि अथवा घर रेरा रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट में ही खरीदना चाहिए जिससे की उनके हितों की रक्षा हो सके। घर या प्लॉट खरीदने से पहले केताओं को छ.ग. रेरा की वेबसाइट https://rera.cgstate.gov.in/ का अवलोकन अवश्य करना चाहिए वहां सभी रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट की जानकारी निःशुल्क उपलब्ध है।
- रायपुर,। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में दूरस्थ अंचल के लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल रहा है। हर एक व्यक्ति का सपना होता है कि उनका अपना एक पक्का मकान हो, जिसे पूरा करने के लिए वह आजीवन परिश्रम करता है लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति के लिए स्वयं का पक्का मकान बना पाना एक सपने ही रह जाता है। ऐसे में उनके सपने साकार प्रधानमंत्री आवास योजना कर रहा है।प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् जशपुर जिले के हितग्राहियों को लाभान्वित हो रहे है। इनमें दिसम्बर 2023 से 22 सितम्बर 2024 तक कुल 10 हजार 706 हितग्राहियों का आवास निर्माण कराया जा चुका है।ऐसी ही एक कहानी जशपुर जिले के जनपद पंचायत मनोरा के ग्राम पंचायत करदना (छतौरी) के हितग्राही श्रीमती करमी बाई का है, जो राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा से हैं। ये जनजाति ज्यादातर घने जंगलो में पेड़, पत्ते एवं छाल से झोपड़ी बनाकर निवास करते थे जिन्हें बरसात के मौसम में टपकते छत एवं सांप-बिच्छू की समस्या रहती थी। जिसके कारण उन्हें जीवन-यापन करना एक चुनौती थी। इनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना एक वरदान साबित हुई है। मुख्यमंत्री के सार्थक प्रयास से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा के सपने भी पूरे हो रहे हैं। हितग्राही ने पक्का मकान मिलने से मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।
- रायपुर / प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग और श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन मंगलवार 24 सितम्बर को कोरबा शहर के विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे।इनमें वार्ड क्रमांक 01 सर्वमंगला पारा में शेड निर्माण कार्य लागत 5 लाख रूपए, वार्ड क्रमांक 08 इमलीडुग्गू में सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य लागत 7 लाख रूपए, वार्ड क्रमांक 10 कुम्हार मोहल्ला और शनि मंदिर के पास सीसी रोड व नाली निर्माण कार्य लागत 6 लाख रूपए, वार्ड क्रमांक 11 पानी टंकी के पीछे नर्सरी नगर में बाउंड्रीवाल एवं गार्डन का निर्माण कार्य लागत 5 लाख रूपए, वार्ड क्रमांक 12 अटल आवास शारदा विहार में सीसी रोड निर्माण कार्य लागत 5 लाख रूपए के कुल 28 लाख के कार्यों का भूमिपूजन मंत्री श्री देवांगन करेंगे। इसी तरह वार्ड क्रमांक 08 इमलीडुग्गू बाईपास संतोषी मंदिर गली में दोपहर 3 बजे आयोजित कार्यक्रम में सभी कार्यों का भूमिपूजन मंत्री श्री देवांगन करेंगे।
- रायपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भारत सरकार द्वारा प्रवर्तित उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।श्री परदेशी ने बताया कि उल्लास कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु अंतर्विभागीय समन्वय समिति का गठन किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अनुशंसा के अनुसार भारत सरकार द्वारा केन्द्र प्रवर्तित उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम प्रदेश में स्वीकृत किया गया है। इसके तहत प्रौढ़ शिक्षा एवं जीवंत पर्यांत शिक्षा प्रमुखता से शामिल किया गया है। प्रौढ़ शिक्षा के नाम के स्थान पर अब सबके लिए शिक्षा रखा गया है। कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों को शामिल किए जाने का लक्ष्य है। इस कार्यक्रम में स्वयंसेवी आधारित मानदेय का प्रावधान नही है। एक लाख स्वयंसेवी शिक्षकों का चिन्हांकन असाक्षरों को साक्षर बनाने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है।स्वयंसेवी कॉलेज, स्कूल के छात्र-छात्राएं, युवा, महिला, डीएड-बीएड के विद्यार्थी एवं अन्य कोई भी स्वयंसेवी शिक्षक बन सकते है। उल्लास कार्यक्रम के तहत राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय है। माननीय मुख्यमंत्री द्वारा पिछले 8 सितंबर 2024 को उल्लास साक्षर केन्द्रों का वर्चुअल शुभारंभ कर दिया गया है। उल्लास केन्द्रों में शिक्षार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थित, नवाचारी गतिविधियों से अध्ययन-अध्यापन की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। उल्लास साक्षरता केन्द्रों के लिए शासकीय भवनों का उपयोग किया जाएगा। सभी विभागों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने विभाग के अतर्गत संचालित योजनाओं के हितग्राहियों को शत-प्रतिशत साक्षर करने की जिम्मेदारी लें।इस कार्यक्रम के प्रमुख घटकों में बुनयादी शिक्षा, जीवन कौशल, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, कानूनी साक्षरता, मतदान साक्षरता व स्वास्थ्य, स्वच्छता, व्यावसायिक कौशल, बुनियादी शिक्षा एवं सतत् शिक्षा शामिल है। इस कार्यक्रम में राज्य शासन के सभी विभागों का सहयोग जरूरी है। बैठक में बताया गया कि शहरी क्षेत्रों में नगरीय निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में, पंचायत राज संस्थाओं के माध्यम से इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जाएगा। प्रदेश में वर्ष 2030 तक शत-प्रतिशत साक्षरता के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाएगा। इस वर्ष करीब 10 लाख असाक्षरों को साक्षर किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में उल्लास कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी श्री प्रशांत पांडेय ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। बैठक में उल्लास कार्यक्रम के तहत ग्राम सभाओं में उल्लास शपथ दिलाने और छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजातियों में साक्षरता के लिए विशेष रणनीति बनायी जाएगी।बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग की उप सचिव फरिहा आलम सिद्धीकी सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय प्रशासन, उच्च शिक्षा, आदिम जाति विकास, वित्त, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, समाज कल्याण, श्रम, उद्योग, वन एवं जलवायु परिवर्तन, कृषि एवं पशुपालन, जनसम्पर्क, सहकारिता, जल संसाधन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, परिवहन, कौशल विकास, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिक एवं विधि एवं विधायी कार्य विभाग और महासमुंद, राजनांदगांव, कांकेर, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा के जिला परियोजना अधिकारी और राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण, लोक शिक्षण संचालनालय, एससीईआरटी और शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा अन्य अधिकारी शामिल हुए।
- -बिरहोर समुदाय के मंगलू को अब तेज आंधी बारिश में छत के उड़ जाने का नहीं रहा डररायपुर, / बारिश का मौसम आते ही जंगल में निवास करने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के मंगलू बिरहोर की परेशानी बढ़ जाती थी। वह हर बारिश और तूफान में यही मिन्नते करता था कि हे भगवान...इस बार ज्यादा बारिश न हो..ज्यादा तूफान न चले..ताकि घास-फूस का बना उनका आशियाना सुरक्षित रहे..। अपने आशियाने के उजड़ जाने को लेकर हर साल बारिश और तूफान के मौसम में तनाव में रहने वाले मंगलू बिरहोर ने ऐसे कई साल कठिनाइयों में भी गुजारे..क्योंकि बारिश और तूफानों के आगे उनकी मिन्नते काम न आई। तेज बारिश से घर का कोना-कोना भीगता रहा तो कभी तेज हवाओं से घास-फूस से बने घर की छत उजड़ते रहे और वह हर बार जंगल जाता और घासफूस लाकर बहुत ही संघर्ष से अपना आशियाना बनाता रहा। साल दर साल वह सिर्फ वह मेहनत मजदूरी से घर का खर्च चलाने रुपये ही जुटा पाया लेकिन अपने मकान को खपरैल वाले एक अच्छे घर में भी तब्दील नहीं कर पाया। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन वह पक्के मकान में भी रहेगा, लेकिन अब जब पीएम जनमन से पक्का मकान बनकर तैयार हो गया है और मंगलू परिवार सहित उसमे रहने लगा है तो उनका और उनके परिवार की खुशियां पक्के मकान के भीतर से लेकर जंगल तक नजर आने लगी है।विशेष पिछड़ी जनजाति का दर्जा प्राप्त सरंक्षित जनजाति, जिनका मुख्यतः निवास शहर से दूर पहाड़ों, वनांचलों में मिट्टी, खपरैल व घास फूस से बना होता है, जो सामाजिक व आर्थिक रूप से इतने सशक्त नहीं है कि वे अपने लिए पक्की छत की व्यवस्था कर सकें, रोजी मजदूरी करके जीवन यापन करने वाले ऐसे समुदाय के लोग केवल अपना गुजारा ही कर पाते है, परंतु पक्के आवास निर्माण की सोच में ही उनकी पूरी उम्र गुजर जाती है। योजनांतर्गत पाली विकासखण्ड के ग्राम पंचायत भण्डारखोल में निवासरत बिरहोर जनजाति के मंगलू राम के पक्के आवास का सपना सच हुआ है। मंगलू को अब तेज आंधी तूफान में छत के उड़ जाने, बारिश में पानी टपकने या दीवारों के ढहने का डर नहीं रहता, न ही उसे जहरीले सांप और बिच्छू के घर में घुसने का चिंता रही। अब वह अपनी माँ और बीवी बच्चों के साथ निश्चिंत होकर नए घर मे जीवन निर्वाह कर रहा है। मंगलू ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए पीएम जनमन आवास योजना बहुत ही फायदेमंद है। योजना से उनके जैसे अनेक पिछड़े परिवारों का खुद के पक्के घर का सपना पूरा हो रहा है।मंगलू राम ने बताया कि वर्ष 2023-24 में आवास निर्माण की स्वीकृति मिलने के साथ ही उसने उत्साहपूर्वक घर बनाने का काम प्रारंभ किया, काम आगे बढ़ने के साथ ही किश्त की राशि भी उसके खाते में समय-समय पर आती रही। देखते ही देखते उसका आवास पूर्ण हो गया एवं अब उनका परिवार अपने नए घर में खुशी-खुशी रह रहे हैं। मंगलू राम ने बताया कि पीएम आवास बनने के बाद उसके जीवन स्तर में सुधार के साथ ही उसके बेहतर जिंदगी गुजारने का सपना साकार हुआ है। साथ ही वह सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ लेकर उसका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत बन रहा है और अपने अच्छे भविष्य के लिए आशावान है। मंगलू राम ने आर्थिक रूप से कमजोर समुदाय के लोगों के हितों को ध्यान में रखकर उनके सामाजिक उत्थान के लिए चलाए जा रहे इन कल्याणकारी योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
- -पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति का किया अनावरण-पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के मार्ग पर चल रही है छत्तीसगढ़ सरकार - अरुण सावरायपुर.। उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज चारामा में 35 करोड़ 56 लाख 68 हजार रुपए लागत के 16 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इनमें 15 करोड़ 84 लाख 40 हजार रुपए के चार निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और 19 करोड़ 72 लाख 28 हजार रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण शामिल हैं। कांकेर के सांसद श्री भोजराज नाग और विधायकगण सर्वश्री किरण देव सिंह, विक्रम देव उसेंडी और आशाराम नेताम भी लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में जल जीवन मिशन के तहत सिंगल विलेज नल जल प्रदाय योजनांतर्गत कांकेर विकासखण्ड के ग्राम बोरगांव, आंवराभाठ और माकड़ीसिंगराय तथा चारामा विकासखण्ड के भुईंगांव, तेलगरा, काटागांव, भोथा और रतेडीह में कुल 19 करोड़ 72 लाख 28 हजार रुपए लागत के 12 कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने चारामा में पंडित दीनदयाय उपाध्याय की मूर्ति का अनावरण भी किया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने चारामा में मुख्य मार्ग के पास आयोजित लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बताए मार्ग पर चलकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की सरकार किसानों, जवानों और महिलाओं सहित सभी वर्गों का सतत् विकास कर रही है। शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर इन दिनों 'स्वच्छता ही सेवा’ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत चारामा के विकास के लिए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा एक करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री भोजराज नाग और जगदलपुर के विधायक श्री किरण देव सिंह ने भी नगरवासियों को संबोधित किया। पूर्व सांसद श्री मोहन मंडावी, चारामा नगर पंचायत के अध्यक्ष श्री प्यारेलाल देवांगन, उपाध्यक्ष श्रीमती केशर नागवंशी, मत्स्य विकास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष श्री भरत मटियारा और स्थानीय पार्षदों सहित कलेक्टर श्री निलेश महादेव क्षीरसागर एवं जिला पंचायत के सीईओ श्री सुमित अग्रवाल भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वशासी समिति बैठक में की निलंबन की घोषणा-पिछले तीन सालों में हुई खरीदी की होगी उच्च स्तरीय जांच-अस्पताल की जरूरतों के लिए दी 10 करोड़ की स्वीकृति-बैठक में मरीजों के हित में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णयरायपुर / स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने एक बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने सिम्स के डीन डॉ. केके सहारे और अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुजीत नायक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर अस्पताल के संचालन में अव्यवस्था और कई तरह की गड़बड़ियों की शिकायतें हैं। स्वास्थ्य मंत्री आज सिम्स में स्वशासी समिति की बैठक में उन दोनों के निलंबन की घोषणा की। इसके साथ ही पिछले तीन सालों में हुई खरीदी की जांच के निर्देश भी दिए हैं। सिम्स अस्पताल के बेहतर संचालन के लिए स्वशासी समिति के सामान्य सभा की बैठक में आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री दिलीप लहरिया, श्री सुशांत शुक्ला, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मनोज कुमार पिंगुआ सहित समिति के सदस्य और अधिकारी गण उपस्थित थे।बैठक में स्वास्थ्य मंत्री और स्वशासी समिति के अध्यक्ष श्याम बिहारी जायसवाल ने सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने कहा की आम आदमी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दिलाने के लिए राज्य सरकार वचनबद्ध है। इसमें आड़े आने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उदारतापूर्वक सिम्स को बेहतर बनाने और उपकरणों के लिए 10 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी दी। बैठक में स्वशासी खाते से कॉलेज के हिसाब किताब का ऑडिट करने के लिए डेढ़ लाख रुपए के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया सिम्स परिसर में विद्युत सब स्टेशन के एक नवीन एलटी पैनल स्थापित करने के लिए 42 लाख दिया गया। मेडिकल कॉलेज भवन के लिए एक डीजी सेट खरीदने की अनुमति भी दी गई। डीन और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के लिए नए वाहन प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया। मेडिकल छात्रों के आने-जाने के लिए एक 52 सीटर बस करें करने की वित्तीय एवं प्रशासकीय मंजूरी दी गई। चिकित्सा कॉलेज में हिंदी मीडियम की पुस्तक खरीदने के लिए भी ₹5 लाख दिया गया। सिम्स छात्रावास में बेड खरीदने के लिए 14 लाख रुपए की राशि के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।बैठक में कहा गया की जेम पोर्टल से नियमानुसार इसकी खरीदी की जाए। कॉलेज के लिए सीसीटीवी रेफ्रिजरेटर बायोमेट्रिक मशीन फोटोकॉपी मशीन की खरीदी के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया। सिम्स अस्पताल के मलेरिया वार्ड में फाउल्लर मैट्रेस खरीदने कंसलटेंसी फीस कंप्यूटर सेट फोटोकॉपी मशीन सीसीटीवी कैमरा लगाने की हॉस्पिटल तैयार करने कंप्यूटर ऑपरेटर और स्टाफ नर्स तथा सफाई कर्मचारी की भर्ती के बारे में भी निर्णय लिया गया। इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा आयुक्त किरण कौशल, संभागायुक्त महादेव कावरे,स्वास्थ्य विभाग के संचालक ऋतुराज रघुवंशी ,सीजी एमएससी की प्रबंध संचालक पद्मिनी भोई, एनएचएम के प्रबंध संचालक डॉक्टर जगदीश सोनकर सहित स्वशासी समिति के सदस्य एवं अधिकारी उपस्थित थे।
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रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में लोककला ‘नाचा‘ के जनक माने जाने वाले स्वर्गीय दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की 24 सितंबर को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। श्री साय ने कहा है कि दाऊ मंदराजी ने ‘नाचा‘ को पुनर्जीवित करने और उसे बचाए रखने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने गांवों के लोक कलाकारों को संगठित कर ’नाचा’ को एक नये मुकाम पर पहुंचाया। उन्होंने नाचा को सामाजिक कुरीतियों के प्रति जनचेतना जगाने के माध्यम के रूप में बखूबी उपयोग किया। श्री साय ने कहा कि दाऊ मंदराजी ने नाचा के जरिए छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को जीवंत रखा और उसे संरक्षित करने के लिए आजीवन लगे रहे। राज्य सरकार द्वारा कला के ऐसे सच्चे साधक के सम्मान और नाचा कला को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए लोक कला और शिल्प के क्षेत्र में दाऊ दुलार सिंह मंदराजी सम्मान दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ी लोककला के संरक्षण में दाऊ जी के अमूल्य योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। आज भी उनका व्यक्तित्व और कृतित्व नई पीढ़ी को प्रेरणा देता है।
- कोंडागांव। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 01 नवंबर को खेल विभाग द्वारा राज्य के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को दिये जाने वाले गुण्डाधूर सम्मान व तीरंदाजी खिलाड़ियों हेतु महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान के लिए वर्ष 2024-25 में अनुशंसा आमंत्रित की गई है।खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जानकारी दी गई है कि गुण्डाधूर सम्मान हेतु ऐसे खिलाड़ी पात्र होंगे जो वर्ष 2023-24 में सीनियर वर्ग की राष्ट्रीय चैम्पियनशिप या राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भाग लेते हुये पदक प्राप्त किया हो या अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया हो।इसी प्रकार महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान हेतु ऐसे खिलाड़ी पात्र होंगे जो वर्ष 2023-24 में तीरंदाजी की राष्ट्रीय चैम्पियनशिप सीनियर वर्ग या राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर भाग लेते हुये पदक प्राप्त किया हो या अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया हो।सम्मान के लिए उन खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर विचार किया जाएगा जो छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी हैं। अनुशंसा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 25 सितम्बर 2024 है। अधिक जानकारी विभागीय वेबसाईटhttp://sportsyw.cg.gov.in/ से प्राप्त कर सकते हैं।
- परखा भोजन की गुणवत्ता...परिसर की नियमित साफ-सफाई के दिए निर्देशकोरिया। कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने बालक आश्रम काशीपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के शयनकक्ष, शौचालय, किचन, स्टोर रूम तथा परिसर की साफ-सफाई का जायजा लिया। उन्होंने आश्रम के अधीक्षक से परिसर की नियमित साफ-सफाई करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किचन कक्ष में जाकर भोजन की गुणवत्ता की जांच पर भोजन का स्तर ठीक पाया। उन्होंने आश्रम के अधीक्षक को निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों को मेन्यू के अनुरूप भोजन व नाश्ता समय पर उपलब्ध कराये।उन्होंने आश्रम के बच्चो से मुलाकात कर आश्रम में होने वाले पढ़ाई और उनके खाने के बारे मं जानकारी ली। कलेक्टर ने बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने हेतु लक्ष्य लेकर अच्छी पढ़ाई करने को कहा। आश्रम के अध्यापक द्वारा आश्रम में पानी की उचित व्यवस्था कराने मांग किया गया। कलेक्टर ने क्रेडा के अधिकारी से सोलर पैनल और सोलर पंप तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।बता दें कि कलेक्टर के निर्देशानुसार जिला अधिकारियों द्वारा आश्रम/छात्रावास में रात्रिकालीन दौरा कर निरीक्षण किया जा रहा है।
- 31 अक्टूबर के पूर्व तमाम कार्य पूर्ण करने दिए निर्देश*केन्द्र एवं राज्य सहयोग से 200 करोड़ में बन रहा 10 मंजिला अत्याधुनिक अस्पताल*बिलासपुर/स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज सिम्स के विस्तार के रूप में कोनी में बन रहे मल्टी स्पेश्यालिटी हास्पिटल भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने 31 अक्टूबर 2024 तक तमाम निर्माण, खरीदी एवं भर्ती के कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि राज्य स्थापना सप्ताह के दौरान इसका लोकार्पण किया जा सके। उन्होंने अस्पताल भवन एवं अब तक उपलब्ध की गई सुविधाओं का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की संयुक्त वित्तीय भागीदारी से लगभग 200 करोड़ रूपये की लागत से इस अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। छह गंभीर रोगों के मरीजों के इलाज के लिए इसमें 240 बेड की सुविधा है। विधायक श्री सुशांत शुक्ला, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ भी इस अवसर पर उपस्थित थे।नया मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल ग्राउण्ड फ्लोर सहित 10 मंजिलों में बना है। मंत्री ने सभी मंजिलों में बने सुविधाओं और मशीन उपकरणों का निरीक्षण किया। सिम्स के इस विस्तारित अस्पताल भवन में छह विशेषज्ञ वाले विभाग- नेफोलॉजी, यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, सीटीव्हीएस, न्यूरोलॉजी और न्यूरो सर्जरी शामिल हैं। भवन का निर्माण केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग और उपकरणों की खरीदी केन्द्र सरकार की एजेन्सी हाईट्स द्वारा की जा रही है। श्री जायसवाल ने अस्पताल शुरू करने के पहले फॉयर ऑडिट और लिफ्ट की ऑडिट कराने लेने के निर्देश दिए। मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के ग्राउण्ड फ्लोर में रेडियोलॉजी एवं केजुअल्टी की व्यवस्था है। पहले और दूसरे मंजिल में ओपीडी, तीसरी मंजिल में प्रशासनिक भवन, चौथी मंजिल में ऑपरेशन थियेटर और कैथलैब, पांचवी मंजिल में सर्विसेस के साथ छठवें से दसवें तक मेडिकल वार्ड होंगे। उन्होंने अस्पताल में ट्रायल शुरू करने के निर्देश दिए ताकि जो कमियां सामने आएंगी उन्हें समय रहते सुधारा जा सके। उन्होंने समीप में ही बन रहे कैंसर इंस्टीट्यूट भवन की भी जानकारी ली और मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सिम्स का नया भवन भी इसी परिसर में बनेगा। राज्य सरकार द्वारा इसके लिए 700 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस अवसर पर कमिश्नर चिकित्सा शिक्षा श्रीमती किरण कौशल, संचालक स्वास्थ्य ऋतुराज रघुवंशी, एमडी सीजीएमएससी पद्मिनी भोई, एनएचएम के एमडी जगदीश सोनकर , नगर निगम आयुक्त श्री अमित कुमार सहित श्री रामदेव कुमावत और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।


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