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- देहरादून. उत्तराखंड के गंगोत्री धाम से गुजरात के श्रद्धालुओं को लेकर लौट रही एक बस के उत्तरकाशी जिले के गंगनानी के पास अनियंत्रित होकर खाई में गिर जाने से उसमें सवार सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि 28 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि घटना रविवार की है। उत्तरकाशी के पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी ने दूरभाष पर बताया कि दुर्घटना भटवाड़ी तहसील में ऋषिकेश—गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर शाम करीब सवा चार बजे की है। उन्होंने बताया कि हादसे में सात श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गयी। मरने वाले सभी लोग गुजरात के भावनगर जिले के रहने वाले थे। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के समय बस में चालक और परिचालक समेत 35 व्यक्ति सवार थे। दुर्घटना की सूचना पाकर पुलिस, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के दलों ने मौके पर पहुंचकर बचाव एवं राहत अभियान शुरू किया तथा घायलों को खाई से निकालकर एंबुलेंस के जरिए उत्तरकाशी जिला अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया कि 28 घायलों में से 11 को गंभीर चोटें आयी हैं जिन्हें बेहतर उपचार के लिए एम्स, ऋषिकेश भेजा गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हादसे में हताहत हुए सभी श्रद्धालु गुजरात के भावनगर और सूरत जिलों के रहने वाले हैं। बचाव एवं राहत अभियान की निगरानी के लिए उत्तरकाशी के जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला तथा यदुवंशी भी मौके पर पहुंचे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुर्घटना पर दुख प्रकट करते हुए मृतकों की आत्मा की शांति तथा उनके शोकाकुल परिजनों को दुख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की। इससे पहले, दुर्घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली में मौजूद मुख्यमंत्री ने तत्काल शीर्ष अधिकारियों से बात कर उन्हें राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चलाने के निर्देश दिए। धामी ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर देहरादून में एक हैलीकॉप्टर को मदद के लिए तैयार रखा गया है। हालांकि, मौसम खराब होने के कारण वह उड़ान नहीं भर पाया। मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी जिले के प्रभारी मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल एवं अपर मुख्य सचिव से भी फोन पर बात कर घटनास्थल पर चल रहे राहत बचाव कार्यों की निगरानी करने को कहा था।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज सुबह दक्षिण अफ्रीका और ग्रीस की चार दिनों की यात्रा पर रवाना हुए। वे जोहान्सबर्ग में 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। दक्षिण अफ्रीका रवाना होने से पहले दिए गए बयान में प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भविष्य में सहयोग के क्षेत्रों की पहचान और संस्थागत विकास की समीक्षा का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए ब्रिक्स विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के मजबूत एजेंडे को बढावा दे रहा है। श्री मोदी ने कहा कि भारत विकास के लिए आवश्यक मुद्दों और बहुपक्षीय प्रणाली में सुधार सहित विकासशील और अल्पविकसित देशों के लिए आवश्यक मुद्दों पर विचार विमर्श के उचित मंच के रूप में ब्रिक्स को अहमियत देता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के निमंत्रण पर ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने जा रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका अभी ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। श्री मोदी ने कहा कि जोहान्सबर्ग में वे ब्रिक्स-अफ्रीका आउटरीच और ब्रिक्स प्लस संवाद कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे। यह कार्यक्रम ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की गतिविधियों का हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि अपनी यात्रा के दौरान वे वहां आमंत्रित कई अन्य अतिथि देशों के नेताओं से भी मिलेंगे। वे जोहान्सबर्ग में कुछ नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
उन्होंने कहा कि ग्रीस के प्रधानमंत्री काइरियाकोस मितसोताकिस के निमंत्रण पर दक्षिण अफ्रीका से वे एथेंस जाएंगे। श्री मोदी ने कहा कि यह ग्रीस की उनकी पहली यात्रा होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें चालीस वर्षों बाद ग्रीस की यात्रा करने वाला पहला भारतीय प्रधानमंत्री होने का गौरव प्राप्त होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और ग्रीस की दो सभ्यताओं के बीच संपर्क दो शताब्दियों से अधिक पुराना है। श्री मोदी ने कहा कि आधुनिक युग में दोनों देशों के संबंध लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के राज और विविधता के आधार पर मजबूत हुए हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार और निवेश, रक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी संपर्क जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के कारण दोनों देश और करीब आ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ग्रीस की उनकी यात्रा से दोनों देशों के बहुमुखी संबंधों के नए अध्याय की शुरूआत होगी। -
नयी दिल्ली. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के छात्रों से देश की सेवा करने का संकल्प लेने का आह्वान किया और कहा कि देश उनकी ओर उम्मीदों से देखता है। मांडविया एम्स, दिल्ली के 48वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एम्स के 50वें दीक्षांत समारोह में इस प्रतिष्ठित संस्थान के सभी डॉक्टरों का सम्मान किया जाना चाहिए चाहे वे दुनिया में कहीं भी हों। मांडविया ने कहा, ‘‘...देश इस आशा के साथ आपकी ओर देख रहा है कि आप इस मंच का उपयोग स्वास्थ्य सेवा को अधिक सुलभ और किफायती बनाने के लिए करेंगे।'' उन्होंने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा, “आज का दिन डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्होंने जीवन की एक पारी पूरी कर ली है और वे अपने जीवन में एक नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं।” उन्होंने कहा, “आप बदलाव के कगार पर खड़े हैं, क्योंकि अब आप उन बातों को प्रयोग में ला सकेंगे जिन्हें आपने अपनी शिक्षा के दौरान सीखा है और जहां भी आप जाने का निर्णय लेंगे, याद रखें कि देश इस आशा के साथ आपकी ओर देख रहा है कि आप इस मंच का उपयोग स्वास्थ्य सेवा को अधिक सुलभ और किफायती बनाने के लिए करेंगे।'' मांडविया ने जोर दिया कि स्वास्थ्य भी विकास का एक रूप है और “जब किसी देश के नागरिक स्वस्थ होंगे, तभी वह देश समृद्ध हो सकेगा।” उन्होंने जोर दिया कि देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुनी होकर 1,07,000 हो गई है, जो 2014 में 48,000 थी। मांडविया ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में विभिन्न कमियों को दूर करने के लिए देश में एक बेहद सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवा प्रणाली बनाने हेतु भारत के 750 जिलों में 64000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।
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नयी दिल्ली. कश्मीर के बारामूला में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में 2004 में जान गंवाने वाले लांस नाइक राजकुमार महतो की पत्नी जया प्रभा महतो ने कहा, “ जब मेरे पति की जम्मू कश्मीर में आतंकवाद रोधी अभियान के दौरान मृत्यु हुई तो मेरी साड़ी दुख में सफेद, हरी और केसरिया हो गई थी।” रांची की निवासी ने सोमवार को यहां ‘आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन' (एडब्ल्यूडब्ल्यूए) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में खुद को 'वीर नारी' बताया। उन्होंने कहा, “ 'विधवा' शब्द 'कमजोरी' की भावना व्यक्त करता है, लेकिन 'वीर नारी' 'सशक्तीकरण की भावना' देता है।” इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू भी शामिल हुईं। अपने गृह राज्य में एक सरकारी स्कूल में विज्ञान की शिक्षिका जया प्रभा की शादी कम आयु में हो गई थी और शादी के सात साल बाद ही 2004 में उन्होंने अपने जीवनसाथी को खो दिया था। दो बेटों की मां ने कहा, “ वह (राजकुमार) 1994 में सेना की जाट रेजिमेंट में शामिल हुए थे। इसके बाद वह सियाचिन और सिक्किम समेत कई स्थानों पर तैनात रहे। उन्होंने तीन साल तक दिल्ली में एनएसजी (राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड) में भी सेवा दी। जब संसद पर आतंकवादी हमला हुआ था तब वह दिल्ली में तैनात थे।” जया प्रभा महतो ने बताया कि एनएसजी के बाद, वह राष्ट्रीय राइफल्स में गए और पांच आरआर में सेवा करते समय जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। यहां मानेकशॉ सेंटर में हुए कार्यक्रम के इतर एक न्यूज़ एजेंसी से उन्होंने कहा, “ उनकी मृत्यु की खबर और तारीख मेरी स्मृति में अंकित है, वह चार जून 2004 था।” राष्ट्रपति मुर्मू ‘अस्मिता: प्रेरणादायक' कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थीं। कार्यक्रम में जया प्रभा महतो और केरल की संजना नायर ने अपने संघर्षों की दास्तां साझा कीं। नायर सामाजिक कार्यकर्ता और उद्यमी हैं जो ‘आर्ट थेरेपी' से लोगों की मदद भी करती है। उन्होंने बताया कि वह कम आयु में यौन उत्पीड़न का शिकार हो गई थी। उन्होंने कहा, “ मैं बलात्कार पीड़िता थी। जब मैं सारी उम्मीदें खो चुकी थी और टूट चुकी थी तो मेरे माता-पिता और मेरे परिवार ने मुझे फिर से खड़ा करने में मदद की।” उन्होंने कहा, “मैं एक सैनिक की बेटी हूं और मैं हालात से उभर सकती हूं।" नायर ने कहा कि जब उन्होंने इस साल की शुरुआत में कोलकाता में 'अस्मिता पूर्व' कार्यक्रम में पहली बार "अतीत के घाव" के बारे में सार्वजनिक रूप से बात की, तो उन्हें कलंकित किया गया और उन्हें जानने वाली कई महिलाओं ने उनका बहिष्कार कर दिया। उन्होंने कार्यक्रम के इतर एक न्यूज़ एजेंसी से कहा, “दर्दनाक यादें अब भी कभी-कभी मुझे परेशान करती हैं। लेकिन एडब्ल्यूडब्ल्यूए महिलाओं ने मेरे आत्म-विश्वास को बढ़ाया और मैंने अपनी आंतरिक क्षमता को बढ़ाया और अंततः अपनी कमजोरियों पर विजय पाई और मुश्किल वक्त में उम्मीदों के साथ दुनिया का सामना किया।” मुर्मू ने अपने संबोधन में 'नारी शक्ति' की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं ने कई बाधाओं को पार करते हुए "मिसाइल से लेकर संगीत तक" सभी क्षेत्रों में ऊंचाइयों को छुआ है। वहीं जया प्रभा महतो ने कहा, “वह (उनके पति) सियाचिन में तैनात थे और जब मैंने बेटे को जन्म दिया तो उसके कुछ दिन बाद वह आए। साल 2004 ने मेरी उम्मीदें तोड़ दीं। लेकिन उनके अंतिम संस्कार के समय हमें जो झंडा मिला, उसने हमें मुश्किल वक्त का सामना करने की ताकत दी।'' उन्होंने कहा, “हम उस झंडे को नहीं धोते हैं। इसपर अभी भी हल्दी के धब्बे लगे हैं और यह हमें महसूस कराता है कि वह एक तरह से हमारे बीच मौजूद हैं।” इस दौरान उनकी आंखें नम हो गई थी। उन्होंने कहा, "मैं हमेशा यह कहती हूं और मैंने राष्ट्रपति के सामने भी यह कहा था, जब मेरे पति की मृत्यु हुई तो मेरी साड़ी सिर्फ सफेद नहीं हुई, बल्कि सफेद, हरी और केसरिया हो गई। मैं उनकी 'वीर नारी' हूं।" आयोजकों ने कहा कि 'अस्मिता 2' के लिए 300 प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं, जिनमें से नौ का चयन किया गया। करगिल युद्ध में शामिल रहीं कैप्टन (सेवानिवृत्त) याशिका एच त्यागी इस कार्यक्रम के लिए चुनी गई नौ वक्ताओं में से एक थी। उन्होंने कहा, “ महिलाओं ने अपनी काबिलियत साबित कर दी है। अब शक की कोई गुंजाइश नहीं है। दरवाजे खुल गए हैं, अब सिर्फ रास्ता तय करना रह गया है और नए लक्ष्य हासिल करने हैं।” याशिका ने कहा, “ (1999 में) करगिल युद्ध की शुरुआत से लेकर इसके अंत तक मैं सक्रिय रूप से इसका हिस्सा थी। उस युद्ध में हमने अनेक वीरों को खोया और शौर्य भी देखा। मैं तब पांच महीने की गर्भवती थी और मुझे विश्वास था कि सब कुछ ठीक हो जाएगा और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाऊंगी।” पूर्व सैन्य अधिकारी 1999 के युद्ध के दौरान सेना आयुध कोर का हिस्सा थी।
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नई टिहरी. उत्तराखंड के टिहरी जिले के चंबा में टैक्सी स्टैंड के निकट सोमवार को भूस्खलन की चपेट में आने से एक परिवार के तीन सदस्यों समेत चार लोगों की मौत हो गई। हादसे में एक अन्य व्यक्ति लापता बताया गया है, जिसकी तलाश जारी है ।
टिहरी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत भुल्लर ने बताया कि भूस्खलन के मलबे में दबी एक कार में बैठे एक परिवार के नवजात बच्चे समेत तीन सदस्यों तथा एक अन्य व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि दोपहर करीब एक बजे चंबा थाने के निकट स्थित टैक्सी स्टैंड में हुए हादसे के समय कार में पूनम खंडूरी (30), उनका चार महीने का बेटा श्रेयांश, ननद सरस्वती रतूड़ी (30) बैठे थे और इसी दौरान वे भूस्खलन की चपेट में आ गए। हादसे के समय पूनम का पति सुमन खंडूरी कार खड़ी करके बाजार से कुछ सामान लेने के लिए गया हुआ था। क्षेत्र के ही कंडीसौड़ के जसपुर गांव के रहने वाले इस परिवार के तीनों सदस्यों के शव बरामद कर लिए गए हैं। इनके अलावा, मलबे से एक अन्य व्यक्ति प्रकाश का शव भी बाहर निकाला गया है ।
टिहरी के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि प्रकाश चंबा के पाली बेरगणी गांव का निवासी था। उन्होंने बताया कि एक अन्य लापता की तलाश जारी है। सूत्रों ने बताया कि पाली बेरगणी गांव का ही रहने वाला यह लापता व्यक्ति अमेजन में काम करता था। अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल पर अभी कुछ और वाहनों के दबे होने की भी आशंका है। उन्होंने कहा कि भूस्खलन के कारण वहां स्थित एक सार्वजनिक शौचालय भी जमींदोज हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीमें मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीनों तथा ‘डोजर' की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। अधिकारियों ने कहा कि सड़क पर मलबा इतनी ज्यादा मात्रा में फैला हुआ है कि उसे साफ करने के लिए छह जेसीबी मशीनें और ‘डोजर' लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मलबे को पूरी तरह हटाने में और वक्त लग सकता है। अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन के कारण बड़ी मात्रा में मलबा और पत्थर नई टिहरी मार्ग, थाना एप्रोच मार्ग और उसके नीचे स्थित ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर फैल गया है। इन मार्गों पर वाहनों की लगातार आवाजाही बनी रहती है जिसे देखते हुए उन्हें साफ करने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है । घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक किशोर उपाध्याय ने अपने गांव पाली में आयोजित भागवत कथा बीच में ही छोड़कर चंबा पहुंचे और अधिकारियों के साथ मौके पर मौजूद रहे । -
नयी दिल्ली. वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस के नए स्वरूपों का पता चलने के बीच, केंद्र ने सोमवार को एक उच्चस्तरीय बैठक की और राज्यों से वायरस के नमूनों का संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण बढ़ाने तथा नए स्वरूपों पर करीबी नजर रखने को कहा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा ने विचार-विमर्श के बाद कहा कि देश में कोविड की स्थिति स्थिर बनी हुई है और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियां तैयार हैं, लेकिन इस बात की जरूरत कायम है कि राज्य इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और श्वसन संक्रमण (एसएआरआई) के मामलों पर नजर रखने की जरूरत है। उन्होंने जीनोम अनुक्रमण में तेजी लाने और नए स्वरूपों पर कड़ी नजर रखते हुए कोविड-19 की जांच के लिए पर्याप्त नमूने भेजने पर भी जोर दिया। स्वास्थ्य सचिव सुधांश पंत ने कोविड-19 की वैश्विक स्थिति का अवलोकन पेश किया जिसमें सार्स-सीओवी-2 के नए स्वरूपों का जिक्र भी शामिल था। वायरस के नए स्वरूपों में बीए.2.86 (पिरोला) और ईजी.5 (एरिस) शामिल हैं, जो विश्व स्तर पर सामने आए हैं। बयान में कहा गया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, एरिस 50 से अधिक देशों में सामने आया है जबकि पिरोला चार देशों में मिला है। इस बात को रेखांकित किया गया कि पिछले सात दिन में वैश्विक स्तर पर कोविड के कुल 2,96,219 नए मामले सामने आए, वहीं भारत में इस दौरान केवल 223 नए मामले सामने आए। उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन वैश्विक और राष्ट्रीय कोविड स्थिति, नए स्वरूपों और लोगों के स्वास्थ्य पर उनके प्रभाव की समीक्षा करने के लिए किया गया था। बैठक में नीति आयोग के सदस्य विनोद पॉल; कैबिनेट सचिव राजीव गौबा, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में सलाहकार अमित खरे; भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक राजीव बहल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.
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श्रीनगर. नाग पंचमी के मौके पर सोमवार को यहां महादेव गिर दशनामी अखाड़ा स्थित श्री अमरेश्वर मंदिर में छड़ी मुबारक का पूजन किया गया। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। अधिकारियों ने बताया कि वैदिक मंत्रोच्चार के बीच, छड़ी के संरक्षक महंत दीपेंद्र गिरि ने अन्य साधुओं के साथ पूजन किया। अधिकारियों ने कहा कि गिरि अब 31 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा की सुबह छड़ी मुबारक को पूजन और दर्शन के लिए अमरनाथ गुफा मंदिर लेकर जाएंगे। गिरि ने कहा कि यात्रा का 26-27 अगस्त को पहलगाम, 28 अगस्त को चंदनवारी, 29 अगस्त को शेषनाग और 30 अगस्त को पंचतरणी में रात्रि विश्राम होगा। एक जुलाई को तीर्थयात्रा शुरू होने के बाद से 4.43 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने अमरनाथ की यात्रा की है। कठिन यात्रा के दौरान 48 तीर्थयात्रियों की प्राकृतिक कारणों या दुर्घटनाओं से मृत्यु हो गई। वार्षिक तीर्थयात्रा 31 अगस्त को समाप्त होगी।
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बेंगलुरु. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने ‘लैंडर हजार्ड डिटेक्टशन एंड अवॉइडेंस कैमरा' (एलएचडीएसी) में कैद की गई चंद्रमा के सुदूर पार्श्व भाग की तस्वीरें सोमवार को जारी कीं। एलएचडीएसी को इसरो के अहमदाबाद स्थित प्रमुख अनुसंधान एवं विकास केंद्र ‘स्पेस ऐप्लीकेशंस सेंटर' (एसएसी) ने विकसित किया है। यह कैमरा लैंडिंग के लिहाज से सुरक्षित उन क्षेत्र की पहचान करने में मदद करता है, जहां बड़े-बड़े पत्थर या गहरी खाइयां नहीं होती हैं। अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, चंद्रयान-3 मिशन के कई लक्ष्यों को हासिल करने के लिए लैंडर में एलएचडीएसी जैसी कई अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियां मौजूद हैं। चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण 14 जुलाई को किया गया था और इसका मकसद चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग' की उपलब्धि हासिल करना है। इसरो ने रविवार को कहा कि रोवर के साथ लैंडर मॉड्यूल के 23 अगस्त को शाम तकरीबन छह बजकर चार मिनट पर चंद्रमा की सतह पर उतरने की संभावना है।
- नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को एक बलात्कार पीड़िता को गर्भपात की अनुमति देते हुए कहा कि विवाह से इतर गर्भधारण खतरनाक हो सकता है। पीड़िता 27 हफ्ते की गर्भवती है। पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जवल भूइयां ने कहा कि गुजरात उच्च न्यायालय का याचिकाकर्ता की गर्भपात की अनुमति का अनुरोध करने वाली याचिका को खारिज करना सही नहीं था। शीर्ष अदालत ने कहा कि भारतीय समाज में विवाह संस्था के भीतर गर्भावस्था न सिर्फ दंपति बल्कि उसके परिवार और दोस्तों के लिए खुशी और जश्न का मौका होता है।न्यायालय ने कहा, ‘‘इसके विपरीत विवाह से इतर खासकर यौन उत्पीड़न या यौन हमले के मामलों में गर्भावस्था खतरनाक हो सकती है। ऐसी गर्भावस्था न केवल गर्भवती महिलाओं के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है बल्कि उनकी चिंता एवं मानसिक पीड़ा का कारण भी होती है। किसी महिला पर यौन हमला अपने आप में तनावपूर्ण होता है और यौन उत्पीड़न के कारण गर्भावस्था के विपरीत परिणाम हो सकते हैं क्योंकि ऐसी गर्भावस्था स्वैच्छिक या अपनी खुशी के अनुसार नहीं होती है।’’पीठ ने कहा, ‘‘उपरोक्त चर्चा और चिकित्सा रिपोर्ट के मद्देनजर हम याचिकाकर्ता को गर्भपात की अनुमति देते हैं। हम निर्देश देते हैं कि वह कल अस्पताल में उपस्थित रहे ताकि गर्भपात की प्रक्रिया को शुरू किया जा सके।’’शीर्ष अदालत ने कहा कि अगर भ्रूण जीवित पाया जाता है, तो अस्पताल यह सुनिश्चित करेगा कि भ्रूण को जीवित रखने के लिए हर आवश्यक सहायता प्रदान की जाए। शिशु अगर जीवित रहता है तो राज्य यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएगा कि बच्चे को कानून के अनुसार गोद लिया जाए।एक विशेष बैठक में शीर्ष अदालत ने शनिवार को गुजरात उच्च न्यायालय द्वारा पीड़ित की चिकित्सकीय गर्भपात के लिए अनुरोध करने वाली याचिका को अनुमति नहीं देने पर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि मामले के लंबित रहने के दौरान ‘‘कीमती वक्त’’ बर्बाद हो गया। गर्भपात के लिए ‘मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) अधिनियम’ के तहत गर्भपात की ऊपरी समय सीमा विवाहित महिलाओं, बलात्कार पीड़ितों और अन्य कमजोर महिलाओं जैसे कि दिव्यांग और नाबालिगों सहित विशेष श्रेणियों के लिए 24 सप्ताह की गर्भावस्था है।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि देश के विकास में राष्ट्र के चरित्र की एक महत्वपूर्ण भूमिका है। नई पीढ़ी को आधुनिक और नई दिशा देकर राष्ट्रीय चरित्र को आकार देने में शिक्षकों की बड़ी भूमिका होती है।प्रधानमंत्री आज मध्य प्रदेश के भोपाल में नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान करने के लिए आयोजित कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। श्री मोदी ने कहा कि नव नियुक्त शिक्षक राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में राष्ट्रीय शिक्षा नीति बड़ा योगदान रखती है। नई शिक्षा नीति की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि परंपरागत जानकारी के साथ भविष्य की नई प्रौद्योगिकी को भी इसमें शामिल किया गया है। मातृ भाषा में अध्ययन के महत्व का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि मातृ भाषा में अध्ययन का अवसर नहीं मिलना सामाजिक न्याय के विरुद्ध है। इस भेदभाव को हटाकर हमने नई शिक्षा नीति में क्षेत्रीय भाषाओं में अध्ययन करने के अवसर सृजित किए हैं।देश में समृद्धि बढने और गरीबी कम होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में तेरह करोड़ पांच लाख लोग गरीबी रेखा के बाहर आए हैं। आयकर दाताओं की संख्या में भी वृद्धि हुई है। पिछली सरकारों के भ्रष्टाचार और घोटालों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार गरीबों के लिए निर्धारित किए गए धन को उनके खातों में सीधे पहुंचा रही है। इस प्रकार सरकार में लोगों का विश्वास बढा है। इस कार्यक्रम को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्बोधित किया और दस शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे।
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बेंगलुरु। अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत के प्रयास को 23 अगस्त को तब उल्लेखनीय सफलता मिल जाएगी जब इसका चंद्रयान-3 मिशन चंद्रमा की सतह पर ‘साफ्ट लैंडिंग’ करेगा और इसका कई मंचों पर सीधा प्रसारण किया जाएगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने रविवार को कहा कि यह उपलब्धि भारतीय विज्ञान, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगी, जो अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की प्रगति का प्रतीक होगी।
पूरा देश चंद्रयान-3 को ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ में सफल होते देखना चाहता है। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम का सीधा प्रसारण 23 अगस्त, 2023 को भारतीय समयानुसार शाम 17:27 बजे शुरू किया जाएगा।‘सॉफ्ट-लैंडिंग’ का सीधा प्रसारण इसरो की वेबसाइट, इसके यूट्यूब चैनल, इसरो के फेसबुक पेज और डीडी नेशनल टीवी चैनल सहित कई मंचों पर उपलब्ध होगा।इसरो ने कहा, ‘‘चंद्रयान-3 की ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ एक यादगार क्षण होगी जो न केवल जिज्ञासा को बढ़ाती है, बल्कि हमारे युवाओं के मन में अन्वेषण के लिए जुनून भी जगाती है।’’इसने कहा, ‘‘यह गर्व और एकता की गहरी भावना पैदा करता है क्योंकि हम सामूहिक रूप से भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी की शक्ति की खुशी मनाते हैं। यह वैज्ञानिक जांच और नवाचार के माहौल को बढ़ावा देने में योगदान देगा।’’इसरो ने कहा कि इसके आलोक में, देशभर के सभी विद्यालय और शैक्षणिक संस्थानों को छात्रों और शिक्षकों के बीच इस कार्यक्रम को सक्रिय रूप से प्रचारित करने और अपने परिसरों में चंद्रयान-3 की ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ का सीधा प्रसारण करने के लिए आमंत्रित किया जाता है।. -
पटना. बिहार में पहली बार दुर्लभ पक्षी ‘टाइटलर्स लीफ वार्बलर' को देखा गया है।बिहार के अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक और मुख्य वन्यजीव वार्डन पी.के. गुप्ता ने कहा कि तुलनात्मक रूप से लंबी और पतली चोंच वाला मध्यम आकार के ‘लीफ वार्बलर' को हाल में भागलपुर जिले के ‘बर्ड रिंगिंग' स्टेशन सुंदरवन में देखा गया। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (आईयूसीएन) की सूची में ‘टाइटलर लीफ वार्बलर' एक "संकटग्रस्त प्रजाति" है। गुप्ता ने कहा, “ भागलपुर के सुंदरवन में पक्षी निगरानी गतिविधियों के दौरान, हमने हाल ही में ‘फाइलोस्कोपिडे' परिवार के एक ‘वार्बलर' को देखा।” गुप्ता ने बताया, "औसत समुद्र तल (एमएसएल) से 52 मीटर की ऊंचाई पर और बिहार में गंगा के मैदानी इलाकों में इस प्रजाति की उपस्थिति का पहला प्रामाणिक रिकॉर्ड है। इसलिए हम पक्षी की इस दुर्लभ प्रजाति कि यहां उपस्थित से बहुत उत्साहित हैं।" उन्होंने कहा, “यह पश्चिमी हिमालय, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में ऊंचाई पर प्रजनन करता है। सर्दियों में, यह दक्षिणी भारत, खासकर पश्चिमी घाट और नीलगिरी में प्रवास करता है।" वन अधिकारी ने कहा कि इससे पहले, इस प्रजाति को कभी-कभी गुजरात के सौराष्ट्र और मोरबी क्षेत्र, पन्ना और मेलघाट बाघ अभयारण्यों और रंगनाथिटु पक्षी अभयारण्य (कर्नाटक) में देखा गया था। मुख्य वन्यजीव वार्डन ने कहा, "‘टाइटलर्स लीफ वार्बलर' को आखिरी बार इटावा (7 अप्रैल, 1879 को) और गोरखपुर (18 फरवरी, 1910) में वापसी प्रवास के दौरान देखा गया था।" उन्होंने बताया कि बिहार, पूरे देश में बर्ड रिंगिंग स्टेशन वाला चौथा राज्य बन गया है जहां पक्षियों के प्रवास, उनकी मृत्यु दर, उनके क्षेत्र तथा व्यवहार आदि के अध्ययन के लिए उनके पैरों में छल्ले लगाए जाते हैं। गुप्ता ने कहा, "बर्ड रिंगिंग एक उपयोगी अनुसंधान उपकरण है जिसका उपयोग प्रवासी पक्षियों और उनकी आवाजाही के बारे में जानकारी एकत्र करने के लिए किया जाता है, जिससे हमें उनकी आबादी पर नजर रखने में मदद मिलती है।
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कोझिकोड . केरल में एक चलती ट्रेन में रविवार को एक चल टिकट परीक्षक (टीटीई) पर एक व्यक्ति ने चाकू से हमला कर दिया। इस व्यक्ति के कथित तौर पर शराब के नशे में होने को लेकर रेल अधिकारी ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) से शिकायत की थी। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना कोझिकोड जिले में वटकारा के पास वेस्ट कोस्ट एक्सप्रेस में हुई। पुलिस ने बताया कि टीटीई के बयान के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
टीटीई ने हमले में अपने सिर के पिछले हिस्से में चोट लगने का दावा किया है।
उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने कन्नूर से कथित हमलवार को शराब के नशे में पाया और आरपीएफ नियंत्रण कक्ष को इसकी सूचना दी। टीटीई ने बताया कि इसके बाद, आरपीएफ अधिकारियों ने उसे थालसेरी में ट्रेन से उतार दिया, लेकिन वह अपना थैला लेने के बहाने ट्रेन में दोबारा चढ़ गया और फिर अनारक्षित डिब्बे में बैठ गया। उन्होंने दावा किया कि बाद में, टिकट जांच करने के दौरान संबंधित व्यक्ति अन्य आरक्षित डिब्बे में मिला और इस दौरान टोके जाने पर आरोपी ने उन्हें अपशब्द कहे और चाकू निकाल लिया तथा इसे लहराने लगा। टीटीई ने दावा किया कि हाथापाई के दौरान वह घायल हो गए। आरोपी के पीछे खड़े कुछ यात्रियों ने उसे काबू किया और इस तरह कोई गंभीर चोट नहीं लग पाई। -
हरिद्वार (उत्तराखंड) .अयोध्या में बन रहे भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का गर्भ गृह तैयार हो गया है और पहली मंजिल का निर्माण पूरा होने के साथ ही अगले साल मकर संक्रांति के बाद 16 से 24 जनवरी के बीच रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। रविवार को यहां पहुंचे राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने संतों से मिलकर उन्हें मंदिर निर्माण की प्रगति की जानकारी दी और उन्हें मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आने का न्योता भी दिया। उन्होंने कहा कि करोड़ों राम भक्तों का सपना अब पूरा होने वाला है और वर्षों चले विवाद के बाद रामलला अब अयोध्या में अपने भव्य मंदिर में विराजमान होने वाले हैं। राय ने कहा, ‘‘मकर संक्रांति के बाद 16 से 24 जनवरी, 2024 के बीच किसी भी तिथि को मंदिर के गर्भगृह में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कर दी जाएगी।'' उन्होंने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा के लिए साधु—संतों को फिलहाल मौखिक निमंत्रण दिया जा रहा है और विधिवत निमंत्रण नवंबर में दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि देश के सभी परंपराओं के साधु-संतों को प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रित किया जायेगा। मंदिर निर्माण की प्रगति के बारे में उन्होंने संतों को विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि गर्भ गृह में रामलला की भव्य मूर्ति की प्राणप्रतिष्ठा का स्थान पूरी तरह से तैयार हो गया है। उन्होंने कहा कि दोमंजिला मंदिर की पहली मंजिल की छत का काम अस्सी प्रतिशत पूरा हो चुका है।
राय ने बताया कि मंदिर में भक्तों के दर्शन के साथ-साथ उसका निर्माण कार्य भी चलता रहेगा और इससे किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होगी। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने मंदिर के निर्माण कार्य की जिम्मेदारी चंपत राय को दी है और हमारा मानना है कि उन्हें (चंपत राय) देखने मात्र से ही संतों को भगवान राम के दर्शन हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि सभी साधु संतों और राम को मानने वाले लोगों को अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा तथा मंदिर के उद्घाटन समारोह में शामिल होना चाहिए। महंत पुरी ने उम्मीद जताई कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद एक बार फिर से नरेन्द्र मोदी ही प्रधानमंत्री बनेंगे और भारत विकास की राह पर आगे बढ़ता रहेगा। -
बेंगलुरु. अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत के प्रयास को 23 अगस्त को तब उल्लेखनीय सफलता मिल जाएगी जब इसका चंद्रयान-3 मिशन चंद्रमा की सतह पर ‘साफ्ट लैंडिंग' करेगा और इसका कई मंचों पर सीधा प्रसारण किया जाएगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने रविवार को कहा कि यह उपलब्धि भारतीय विज्ञान, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगी, जो अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की प्रगति का प्रतीक होगी। पूरा देश चंद्रयान-3 को ‘सॉफ्ट लैंडिंग' में सफल होते देखना चाहता है। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम का सीधा प्रसारण 23 अगस्त, 2023 को भारतीय समयानुसार शाम 17:27 बजे शुरू किया जाएगा। ‘सॉफ्ट-लैंडिंग' का सीधा प्रसारण इसरो की वेबसाइट, इसके यूट्यूब चैनल, इसरो के फेसबुक पेज और डीडी नेशनल टीवी चैनल सहित कई मंचों पर उपलब्ध होगा।
इसरो ने कहा, चंद्रयान-3 की ‘सॉफ्ट लैंडिंग' एक यादगार क्षण होगी जो न केवल जिज्ञासा को बढ़ाती है, बल्कि हमारे युवाओं के मन में अन्वेषण के लिए जुनून भी जगाती है। इसने कहा, यह गर्व और एकता की गहरी भावना पैदा करता है क्योंकि हम सामूहिक रूप से भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी की शक्ति की खुशी मनाते हैं। यह वैज्ञानिक जांच और नवाचार के माहौल को बढ़ावा देने में योगदान देगा।'' इसरो ने कहा कि इसके आलोक में, देशभर के सभी विद्यालय और शैक्षणिक संस्थानों को छात्रों और शिक्षकों के बीच इस कार्यक्रम को सक्रिय रूप से प्रचारित करने और अपने परिसरों में चंद्रयान-3 की ‘सॉफ्ट लैंडिंग' का सीधा प्रसारण करने के लिए आमंत्रित किया जाता है। -
नयी दिल्ली. शैक्षणिक सत्र 2024-25 से स्थापित होने वाले चिकित्सा महाविद्यालयों में अधिकतम 150 स्नातक सीट होंगी, बशर्ते संस्थान संबंधित राज्य में 10 लाख आबादी के लिए 100 एमबीबीएस सीट के अनुपात का पालन करे। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने ‘‘नये चिकित्सा संस्थानों की स्थापना, नये चिकित्सा पाठ्यक्रमों की शुरुआत, मौजूदा पाठ्यक्रमों के लिए सीट में वृद्धि एवं आकलन तथा रेटिंग विनियमन, 2023'' के लिए हाल में जारी दिशानिर्देशों में कहा है कि सीट में बढ़ोतरी की चाहत रखने वाले महाविद्यालय 2024-25 से एमबीबीएस छात्रों की संख्या 150 से अधिक नहीं कर सकते हैं। सोलह अगस्त को अधिसूचित दिशानिर्देशों में कहा गया है कि प्रवेश के लिए कोई भी अतिरिक्त अनुमति प्राप्त सीट उस कॉलेज को प्रवेश के लिए दी गई सीट की संख्या के भीतर होगी। दिशानिर्देशों में कहा गया है कि 2023-24 के बाद, नये चिकित्सा महाविद्यालय शुरू करने का अनुमति-पत्र केवल 50/100/150 सीट की वार्षिक प्रवेश क्षमता के लिए जारी किया जाएगा। दिशानिर्देशों में कहा गया है कि चिकित्सा महाविद्यालय, छात्रों और प्रशिक्षुओं के लिए छात्रावास और शिक्षण अस्पताल या संस्थान, या तो एकल परिसर में या अधिकतम दो परिसरों में होंगे। दिशानिर्देशों के अनुसार, कॉलेज और अस्पताल के भूखंडों के बीच की दूरी में यात्रा का समय अधिकतम 30 मिनट होगा। अस्पताल में कम से कम 220 बिस्तर होंगे। दिशानिर्देशों में परिसर, पुस्तकालय, पत्रिकाओं, व्याख्यान कक्ष, प्रयोगशालाओं, बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन, अनुसंधान सुविधा, कॉलेज की वेबसाइट, विभागों और क्लोज सर्किट कैमरे के संदर्भ में अन्य मानदंड निर्दिष्ट किए गए हैं।
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लेह. केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह जिले में शनिवार को सेना के एक वाहन के सड़क से फिसलकर गहरी खाई में गिर जाने से नौ सैनिकों की मौत हो गई जबकि एक अन्य सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। अधिकारियों ने बताया कि यह दुर्घटना दक्षिणी लद्दाख के न्योमा के कियारी के पास हुई।
लेह के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी डी नित्या ने कहा कि सेना के वाहन में 10 जवान सवार थे और यह वाहन लेह से न्योमा की ओर जा रहा था। उन्होंने बताया कि रास्ते में वाहन के चालक ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया और वाहन शाम 4.45 बजे खाई में गिर गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लेह में एक सड़क दुर्घटना में नौ सैनिकों की मृत्यु होने पर दुख व्यक्त किया। रक्षा मंत्री सिंह ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, ‘‘लद्दाख में लेह के पास एक दुर्घटना में भारतीय सेना के जवानों की मौत से दुखी हूं। हम राष्ट्र के प्रति उनकी अनुकरणीय सेवा को कभी नहीं भूलेंगे।'' सिंह ने दुर्घटना में जान गंवाने वाले और घायल हुए सैनिकों की संख्या का उल्लेख किए बिना कहा, ‘‘मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायल कर्मियों को फील्ड अस्पताल ले जाया गया है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।'' एसएसपी नित्या ने बताया कि पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और सभी घायल सैनिकों को सेना की चिकित्सा इकाई ले जाया गया जहां आठ कर्मियों को मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि बाद में एक और जवान की मौत हो गई। अधिकारी ने कहा कि एक अन्य जवान का उपचार चल रहा है और उसकी हालत ''गंभीर'' बताई गई है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जवानों की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘लद्दाख में दुखद सड़क दुर्घटना से गहरा दुख हुआ, जिसमें हमने अपने बहादुर सैनिकों को खो दिया, क्योंकि उनका वाहन खाई में गिर गया।'' उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘दुख की इस घड़ी में पूरा देश शोक संतप्त परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उनके प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।' -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनधन खातों की संख्या 50 करोड़ के पार पहुंचने को एक अहम पड़ाव करार दिया और इस उपलब्धि की सराहना की। प्रधानमंत्री ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "यह देखकर खुशी हुई कि इनमें से आधे से अधिक खाते महिलाओं के हैं।" केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा था कि देश में जनधन खातों की कुल संख्या 50 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है, जिनमें से 56 फीसदी खाते महिलाओं के हैं। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इनमें से लगभग 67 फीसदी खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं। इस उपलब्धि को एक अहम पड़ाव करार देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "यह देखकर खुशी हो रही है कि इनमें से आधे से अधिक खाते हमारी नारी शक्ति के हैं। 67 फीसदी खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं। हम यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि वित्तीय समावेश का लाभ हमारे देश के हर कोने तक पहुंचे।" वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, जनधन खातों में कुल जमा राशि 2.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, जबकि इन खातों के साथ लगभग 34 करोड़ रुपे कार्ड मुफ्त जारी किए गए हैं। मोदी सरकार ने 2014 में वित्तीय समावेश को बढ़ावा देने के लिए जनधन बैंक खाते खोलने के वास्ते बड़े पैमाने पर राष्ट्रव्यापी अभियान प्रारंभ किया था, जिसका उद्देश्य प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) सहित कई वित्तीय सेवाओं को गरीबों के लिए सुलभ बनाना था।
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नयी दिल्ली. दिल्ली में अगले महीने होने जा रहे जी-20 शिखर सम्मेलन की तैयारियों के तहत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने बेहतर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या, और बारिश से जलभराव होने वाले इलाकों में भूमिगत पंप की ऊंचाई बढ़ाई है। भारत की अध्यक्षता में जी20 शिखर सम्मेलन 9 और 10 सितंबर को होगा। जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के लिए मुख्य आयोजन स्थल प्रगति मैदान में हाल में उद्घाटित सम्मेलन परिसर है। राष्ट्रीय राजधानी में पिछले महीने यमुना का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी और 27 हजार लोगों को नदी के बाढ़ के मैदान वाले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा था। सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों की राजघाट, प्रगति मैदान सुरंग और भैरों रोड के इलाकों में अधिक आवाजाही होगी। इन इलाकों में बाढ़ आई थी जो चिंता का विषय है। पीडब्ल्यूडी के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘सम्मेलन के दौरान बारिश से पैदा होने वाली स्थिति से निपटने की हमने योजना बनाई है। हमने 24 घंटे विभिन्न सड़कों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई है। इसके साथ ही बाढ़ के दौरान जलमग्न हो गये भूमिगत पंप को ऊंचाई पर स्थापित किया गया है।'' उन्होंने बताया कि 10 स्थानों की पहचान की गई है जहां पर भारी बारिश होने की स्थिति में जलभराव को रोका जाएगा। इन इलाकों में सम्मेलन स्थल आईटीपीओ, प्रगति मैदान सुरंग, पटियाला हाउस अदालत के नजदीक तिलक मार्ग, आईटीओ स्काईवाक के नजदीक अंडपास और पीडब्ल्यूडी मुख्यालय के सामने इंद्रप्रस्थ मार्ग शामिल है। अधिकारी ने बताया कि प्रगति मैदान सुरंग में 72 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जिनमें से कुछ कैमरे दिल्ली पुलिस ने लगाए हैं। विदेशी मेहमानों के इस सुरंग का इस्तेमाल करने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि सुरंग में कुल 540 किलोवाट क्षमता के 16 पंप संचालित किये जा रहे हैं। इनके अलावा 40-40 हॉर्सपावर (एचपी) के छह सचल पंप भी लगाए गये हैं। पिछले महीने भारी बारिश के बाद पीडब्ल्यूडी मुख्यालय के सामने इंद्रप्रस्थ मार्ग भी जलभराव वाले स्थानों में से एक था। 337 एचपी की कुल क्षमता वाले सात पंप वहां संचालित किये जा रहे हैं और 50 एचपी के दो सचल पंप तैयार स्थिति में रखे गये हैं।
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नयी दिल्ली. आयकर विभाग ने शनिवार को कहा कि दिल्ली और मुंबई में एडवांस रूलिंग बोर्ड चालू कर दिए गए हैं। ये बोर्ड ईमेल आधारित प्रक्रियाओं के जरिए काम करेंगे और वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई करेंगे। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने सितंबर, 2021 में एडवांस रूलिंग के लिए तीन बोर्डों का गठन किया था। इसके साथ ही एडवांस रूलिंग की पूरी प्रक्रिया को न्यूनतम प्रत्यक्ष शारीरिक हस्तक्षेप वाला और अधिक कुशल, पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाने के लिए ई-एडवांस रूलिंग की योजना शुरू की गई थी। सीबीडीटी ने एक बयान में कहा, ''दिल्ली और मुंबई में एडवांस रूलिंग बोर्ड का संचालन शुरू हो गया है। इन बोर्डों ने ई-मेल-आधारित प्रक्रियाओं के जरिए काम करना और वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई करना शुरू कर दिया है। -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने केन्द्रीय वस्तु और सेवा कर संशोधन विधेयक 2023 तथा एकीकृत वस्तु और सेवा कर विधेयक 2023 को आज मंजूरी दे दी। संसद ने हाल में ये दोनों विधेयक पारित किये थे। केन्द्रीय वस्तु और सेवा कर संशोधन विधेयक का उद्देश्य 2017 के केन्द्रीय वस्तु और सेवा कर अधिनियम में संशोधन करना है, जबकि एकीकृत वस्तु और सेवा कर विधेयक 2017 के इसी अधिनियम संशोधन करेगा। केन्द्रीय वस्तु और सेवा कर संशोधन विधेयक में ऑनलाइन गेमिंग, ऑनलाइन मनी-गेमिंग और वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्तियों को परिभाषित करता है। इसके प्रावधानों के अनुसार ऑनलाइन गेमिंग का अर्थ होगा- इंटरनेट या इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क पर गेम उपलब्ध कराना और इसमें मनी गेमिंग शामिल है। एकीकृत वस्तु और सेवा कर संशोधन विधेयक ऑनलाइन सूचना और डेटा उपलब्धता की परिभाषा से ऑनलाइन मनी गेमिंग को अलग करने के लिए 2017 के अधिनियम में संशोधन करेगा।
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नई दिल्ली। जन धन खातों की कुल संख्या 50 करोड़ से अधिक हो गई है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि इनमें से 56 प्रतिशत खाते महिलाओं के हैं। 67 प्रतिशत खाते ग्रामीण और अर्ध शहरी इलाको में खोले गए हैं। इन खातों में 2 लाख करोड़ से अधिक की धनराशि जमा हैं।
मंत्रालय ने बताया है कि इन खातों में लगभग 34 करोड़ रूपे कार्ड निशुल्क जारी किये गये हैं। प्रधानमंत्री जनधन योजना खाते में औसत जमा चार हजार रूपये से अधिक है। पांच करोड़ 50 लाख से अधिक जनधन खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण हो रहा है। प्रधानमंत्री जन-धन योजना 2014 में शुरू की गई थी। इसका उददेश्य देशभर के लोगों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन-धन खातों की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। देश में जन-धन खातों की संख्या 50 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में श्री मोदी ने इस बात पर भी प्रसन्नता व्यक्त की कि इनमें से 56 प्रतिशत खाते महिलाओं के हैं। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि वित्तीय समावेशन का लाभ देश के हर कोने तक पहुंचे। - मुंबई। संगीतकार जुबिन मेहता के हस्ताक्षर वाली छड़ी, जाकिर हुसैन के हस्ताक्षर वाले तबले और डॉ होमी जहांगीर भाभा का चित्र उन खास चीजों में से हैं जिनकी यहां शनिवार को नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स (एनसीपीए) द्वारा नीलामी की जाएगी। नीलामी कार्यक्रम से प्राप्त राशि का उपयोग ‘होनहार और वंचित’ कलाकारों की शिक्षा के साथ-साथ भारत के सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा के लिए संगीत वाद्ययंत्रों की खरीद में किया जाएगा।इस नीलामी में अन्य वस्तुओं के अलावा वर्ष 2015 में दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर गई भारतीय क्रिकेट टीम द्वारा हस्ताक्षरित बल्ला, भाभा द्वारा बनायी गयी डॉ. सीवी रमन की तस्वीर भी है।जुबिन मेहता की छड़ी, जाकिर हुसैन के तबले और बल्ले के लिए शुरुआती बोली 10 लाख रुपये है।डॉ. भाभा की बहुमुखी प्रतिभा का प्रमाण देने वाली कुछ तस्वीरें भी नीलामी में होगी। स्वयं भाभा द्वारा बनायी गयी तस्वीरों की नीलामी क्रमशः पांच और तीन लाख रुपये से शुरू होगी।एनसीपीए के अध्यक्ष केएन सनटूक ने कहा कि इस नीलामी से मिलने वाली राशि का उपयोग भारत में विभिन्न कलाओं को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा। जाकिर हुसैन, सितारवादक नीलाद्रि कुमार और बांसुरीवादक राकेश चौरसिया के एक कार्यक्रम के विश्व प्रीमियर के लिए दो टिकट भी नीलामी में होंगे। इसके बाद तीनों कलाकारों के साथ रात्रिभोज का मौका भी मिलेगा। इस अनुभव के लिए शुरुआती बोली तीन लाख रुपये रखी गयी है।
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नई दिल्ली। दिल्ली की महापौर डॉक्टर शैली ओबरॉय ने शुक्रवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से मॉसक्विटो टर्मिनेटर ट्रेन को रवाना किया। दिल्ली नगर निगम की ओर से ट्रेन में पावर स्प्रेयर युक्त ट्रक रवाना किए गए हैं। इसके जरिए दिल्ली और उसके आस-पास रेल पटरी के दोनों ओर 50 से 60 मीटर क्षेत्र में एंटी लार्वा दवाई का छिड़काव किया जाएगा। दिल्ली नगर निगम ने बड़ी मात्रा में छिड़काव करने के लिए पावर स्प्रेयर ट्रक और छिड़काव के लिए दवा दी है। इसके जरिए चिकनगुनिया और डेंगू पर नियंत्रण करने की कोशिश की जा रही है।
इस अवसर पर शैली ओबरॉय ने कहा कि दिल्ली नगर निगम और उत्तर रेलवे के संयुक्त प्रयास से रेल पटरियों के निकट मच्छरों पर काबू पाने के लिए दवाई का छिड़काव किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस कदम से हजारों लोगों को डेंगू और चिकनगुनिया समेत मच्छर जनित रोगों से बचाया जा सकेगा। महापौर ने कहा कि इससे न केवल लार्वा खत्म होगा बल्कि मच्छरों का सफाया भी होगा। रेल पटरियों के आस-पास अक्सर पानी जमा रहता है, जिनमें लार्वा उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम को रेलवे ट्रेक के आसपास के क्षेत्रों में छिड़काव करने में दिक्कत होती थी, इसलिये रेल की मदद से ट्रैक के आसपास के क्षेत्र में दवाई का छिड़काव किया जाएगा।यह ट्रेन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से शुरु होकर हज़रत निज़ामुद्दीन, लाजपत नगर, सेवा नगर, लोदी कॉलोनी, सफदरजंग, पटेल नगर, किशन गंज, सदर बजार, सराय रोहिल्ला, इंद्रपूरी, मायापुरी, दिल्ली कैंट, पालम, दिल्ली शाहदरा से होते हुए वापस नई दिल्ली पहुंचेगी। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने की 22 तारीख से दक्षिण अफ्रीका और ग्रीस की चार दिवसीय यात्रा पर रहेंगे। दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग की 22 से 24 अगस्त तक की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान श्री मोदी दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति माटामेला सिरिल रामफोसा के निमंत्रण पर 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। 2019 के बाद यह पहला व्यक्तिगत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन होगा। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि शिखर सम्मेलन, समूह द्वारा शुरू की गई पहल की प्रगति की समीक्षा करने और भविष्य की गतिविधि के क्षेत्रों की पहचान करने का अवसर प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम ब्रिक्स-अफ्रीका आउटरीच और ब्रिक्स प्लस डायलॉग में भी भाग लेंगे। इसमें दक्षिण अफ्रीका द्वारा आमंत्रित अन्य देश भी शामिल होंगे। यात्रा के दौरान श्री मोदी जोहान्सबर्ग में मौजूद कुछ नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
दक्षिण अफ्रीका की अपनी यात्रा के बाद प्रधानमंत्री 25 अगस्त को ग्रीस की यात्रा पर जाएंगे। 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली ग्रीस यात्रा होगी। श्री मोदी आपसी संबंधो को और प्रगाढ़ करने के तरीकों पर ग्रीस के प्रधानमंत्री मित्सोताकिस के साथ बातचीत करेंगे। प्रधानमंत्री दोनों देशों के व्यापार प्रमुखों और ग्रीस में रह रहे भारतीय समुदाय के साथ भी बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया है कि भारत और ग्रीस के बीच पुराने संबंध हैं जो हाल के वर्षों में समुद्री परिवहन, रक्षा, व्यापार, निवेश और लोगों के आपसी संबंधों जैसे क्षेत्रों में सहयोग के माध्यम से मजबूत हुए हैं।









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