- Home
- देश
-
मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि सरकारी स्वर्ण बांड (एसजीबी) सोमवार से पांच दिनों के लिए खुलेगा। स्वर्ण बांड की इस किस्त का निर्गम मूल्य 6,263 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है।
सरकारी स्वर्ण बांड योजना 2023-24 श्रृंखला चार इस महीने की 12 तारीख से 16 तारीख तक खुली रहेगी। केंद्रीय बैंक ने कहा, ''बांड का मूल्य 6,263 रुपये प्रति ग्राम सोना है।''
भारत सरकार ने ऑनलाइन आवेदन करने वाले और डिजिटल माध्यम से भुगतान करने वाले निवेशकों को अंकित मूल्य से 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट देने का फैसला किया है। आरबीआई ने कहा कि ऐसे निवेशकों के लिए स्वर्ण बांड का निर्गम मूल्य 6,213 रुपये होगा।
एसजीबी को अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (छोटे वित्त बैंकों, भुगतान बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर), स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएचसीआईएल), भारतीय निपटान निगम लिमिटेड (सीसीआईएल), नामित डाकघरों, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड और बीएसई लिमिटेड के माध्यम से बेचा जाएगा। केंद्रीय बैंक दरअसल भारत सरकार की तरफ से स्वर्ण बॉन्ड जारी करता है। ये निवासी व्यक्तियों, अविभाजित हिंदू परिवार (एचयूएफ), न्यासों, विश्वविद्यालयों और धर्मार्थ संस्थाओं को ही बेचे जा सकते है। अभिदान की अधिकतम सीमा व्यक्तियों के लिए चार किलोग्राम, एचयूएफ के लिये चार किलोग्राम और न्यासों तथा समान संस्थाओं के लिए 20 किलोग्राम प्रति वित्त वर्ष है। सोने की भौतिक मांग को कम करने के इरादे से सबसे पहले गोल्ड बांड योजना नवंबर, 2015 में लाई गई थी। -
नयी दिल्ली. सरकार ने डिजिटल धोखाधड़ी को नियंत्रित करने के लिए अब तक 1.4 लाख मोबाइल नंबरों को ब्लॉक किया है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार ये मोबाइल नंबर वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल थे।
वित्तीय सेवा सचिव विवेक जोशी ने शुक्रवार को वित्तीय सेवा क्षेत्र में साइबर सुरक्षा पर एक बैठक की अध्यक्षता की। इसमें एपीआई (एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) एकीकरण के जरिए नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी सूचना एवं प्रबंधन प्रणाली (सीएफसीएफआरएमएस) मंच पर बैंकों और वित्तीय संस्थानों को शामिल करने सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बयान के मुताबिक सीएफसीएफआरएमएस मंच को राष्ट्रीय साइबर अपराध सूचना पोर्टल (एनसीआरपी) के साथ जोड़ा जाएगा। इससे पुलिस, बैंकों और वित्तीय संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल कायम हो सकेगा। बयान में कहा गया कि दूरसंचार विभाग ने थोक एसएमएस भेजने वाली 35 लाख प्रधान इकाइयों का विश्लेषण किया। इनमें से दुर्भावनापूर्ण एसएमएस भेजने में शामिल 19,776 इकाइयों को ‘काली सूची में डाल दिया गया है। इस संबंध में 500 से अधिक गिरफ्तारियां की गई हैं और लगभग 3.08 लाख ‘सिम ब्लॉक' किए गए हैं। -
गुमला. झारखंड के गुमला जिले में शुक्रवार को एक कटे हुए पेड़ के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में एक ही परिवार के तीन लोगों की कुल्हाड़ी से काटकर कथित तौर पर हत्या कर दी गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक सिसई थाना क्षेत्र के सकरौली गांव में अपराह्न लगभग तीन बजे हुई इस घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया। गुमला के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेश प्रसाद यादव ने कहा कि चार लेन की सड़क के निर्माण हेतु इलाके में पेड़ों की कटाई की जा रही थी। उन्होंने कहा, ‘‘ पेड़ों की कटाई के दौरान एक करंज का पेड़ भी गिर गया। परिवार के अलग-अलग सदस्यों ने इस पर दावा जताया। विवाद इतना बढ़ गया कि यह घटना हो गई।'' उन्होंने कहा कि परिवार के एक सदस्य के पास कुल्हाड़ी थी और बहस के बीच उसने अपने रिश्तेदारों पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिसमें तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि घायल व्यक्ति को बेहतर इलाज के लिए रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) रेफर किया गया है। पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान नागेश्वर साहू (62), उनके बेटे पवन कुमार साहू (35) और उनके रिश्तेदार मुन्ना साहू (58) के रूप में की गई। घायल व्यक्ति विकास कुमार साहू है, जो मुन्ना साहू का पुत्र है। पुलिस ने कहा कि इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
-
भोपाल. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को मध्य प्रदेश का दौरा करेंगे और आदिवासी बहुल झाबुआ जिले में लगभग 7,300 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और आधारशिला रखेंगे। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी कई योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे, जिससे क्षेत्र की आदिवासी आबादी को लाभ होगा। वह लगभग दो लाख महिला लाभार्थियों को आहार अनुदान योजना की मासिक किस्त देंगे। इस योजना के तहत मध्य प्रदेश की विभिन्न विशेष पिछड़ी जनजातियों की महिलाओं को पौष्टिक भोजन के लिए 1,500 रुपये प्रति माह प्रदान किए जाते हैं। इसमें कहा गया है कि वह स्वामित्व योजना के लाभार्थियों को 1.75 लाख ‘अधिकार अभिलेख' (अधिकारों का रिकॉर्ड) प्रदान करेंगे, जो लोगों को उनकी भूमि के अधिकार के लिए दस्तावेजी साक्ष्य होगा। प्रधानमंत्री टंट्या मामा भील विश्वविद्यालय की आधारशिला भी रखेंगे। 170 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाला यह विश्वविद्यालय छात्रों के समग्र विकास के लिए विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ‘प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना' के तहत 559 गांवों के लिए 55.9 करोड़ रुपये की धनराशि भी हस्तांतरित करेंगे, जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार की निर्माण गतिविधियों के लिए किया जाएगा। जिसमें आंगनवाड़ी भवन, उचित मूल्य की दुकानें, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूलों में अतिरिक्त कमरे, आंतरिक सड़कें आदि शामिल हैं। प्रधानमंत्री झाबुआ में ‘सीएम राइज स्कूल' का शिलान्यास करेंगे। यह स्कूल छात्रों को स्मार्ट क्लास, ई-लाइब्रेरी जैसी आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकी को एकीकृत करेगा। वह कई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा उनमें 'तलावड़ा परियोजना' शामिल है जो धार और रतलाम के एक हजार से अधिक गांवों के लिए पेयजल आपूर्ति योजना है। प्रधानमंत्री झाबुआ की 50 ग्राम पंचायतों के लिए 'नल जल योजना' राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिससे लगभग 11,000 घरों को नल का पानी उपलब्ध कराया जाएगा । प्रधानमंत्री कई रेल परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। इनमें रतलाम रेलवे स्टेशन और मेघनगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला रखना भी शामिल है। इन स्टेशनों का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किया जाएगा। जो रेल परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित की जाएंगी उनमें इंदौर-देवास-उज्जैन सी केबिन रेलवे लाइन के दोहरीकरण, यार्ड रीमॉडलिंग के साथ इटारसी-उत्तर-दक्षिण ग्रेड विभाजक और बरखेड़ा-बुधनी-इटारसी को जोड़ने वाली तीसरी लाइन की परियोजनाएं शामिल हैं। इसमें कहा गया है कि ये परियोजनाएं रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और यात्री और माल गाड़ी दोनों के लिए यात्रा के समय को कम करने में मदद करेंगी। इसके अलावा मोदी मध्य प्रदेश में 3,275 करोड़ रुपये से अधिक की कई सड़क विकास परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं से सड़क संपर्क में सुधार होगा और क्षेत्र में आर्थिक विकास में भी मदद मिलेगी।
-
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार 2014 में ही सत्ता में आने पर अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र ला सकती थी लेकिन उन्होंने 'राजनीति' के बजाय 'राष्ट्रनीति' को चुना क्योंकि वह देश का आत्मविश्वास डिगाना नहीं चाहते थे। श्वेत पत्र आम चुनाव से पहले पिछले संसद सत्र में पेश किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की आलोचना करते हुए एक श्वेत पत्र पेश किया और कहा कि उस सरकार ने अंधाधुंध राजस्व व्यय, बजट से ज्यादा उधार लेने और बैंकों पर न चुकाए गए ऋणों का बोझ बढ़ाकर भारतीय अर्थव्यवस्था को गैर-निष्पादित अर्थव्यवस्था में बदल दिया था। टाइम्स ग्रुप के ‘ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट' को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि 2014 से पहले के दशक में देश जिन नीतियों पर चल रहा था, वे देश को दिवालियापन की राह पर ले जा रही थीं। उन्होंने कहा, ''इस पर हमने संसद में अर्थव्यवस्था पर एक श्वेत पत्र पेश किया है।'' मोदी ने कहा, “इस पर चर्चा जारी है। इतना बड़ा दर्शक वर्ग है तो मैं अपने 'मन की बात' भी कहना चाहूंगा कि जो श्वेत पत्र मैं अभी लेकर आया हूं, वह मैं 2014 में भी ला सकता था। अगर मेरा मकसद राजनीतिक लाभ लेना होता तो मैं 10 साल पहले ही ये आंकड़े लोगों के सामने रख देता।” मोदी ने कहा कि 2014 में श्वेत पत्र लाना उनके लिए राजनीतिक रूप से अनुकूल होता।
उन्होंने कहा, “राजनीति ने मुझे ऐसा करने के लिए कहा लेकिन राष्ट्रनीति ने मुझे ऐसा करने की अनुमति नहीं दी और इसलिए, मैंने 'राजनीति' के बजाय 'राष्ट्रनीति' को चुना। और जब 10 वर्षों में स्थिति मजबूत हो गई है और हम किसी भी हमले का सामना कर सकते हैं, तब मैंने सोचा कि मुझे लोगों को सच बताना चाहिए और इसीलिए मैंने संसद में श्वेत पत्र पेश किया।” मोदी ने कहा, ‘‘जब आप इसे देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि हम कहां थे और किस स्थिति से उठकर यहां तक पहुंचे हैं। अब आप विकास की नई ऊंचाई देख रहे हैं।” मोदी ने कहा कि यह उनकी गारंटी है कि उनके तीसरे कार्यकाल में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि कोविड-19 के वायरस का दुनियाभर में 223 बार उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) हुआ है और इसके घातक प्रभाव समय के साथ कम हुए हैं। मांडविया ने लोकसभा में पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि कोविड-19 अब इन्फ्लुएंजा की तरह बना रहेगा और इसके मौजूदा स्वरूप घातक नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब किसी वायरस का 100 से अधिक उत्परिवर्तन होता है तो इसके घातक प्रभाव कम हो जाते हैं। कोविड के वायरस का भी उत्परिवर्तन हुआ है। अब तक कोविड का वायरस 223 बार उत्परिवर्तित हो चुका है।'' स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन्फ्लुएंजा की तरह, जो हर साल एक या दो बार लोगों को प्रभावित करता है, ‘‘कोविड हमारे साथ है और रहेगा।
-
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में किन्नर अखाड़ा के शिविर में गुरुवार देर रात आग लगने से तीन लोग झुलस गए। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, किन्नर अखाड़ा के शिविर में लगी आग में झुलसे घायलों को मेला स्थित गंगा अस्पताल में प्राथमिक उपचार देकर स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) भेज दिया गया। मेला अधिकारी दयानंद प्रसाद ने बताया कि गुरुवार को देर रात किन्नर अखाड़ा के शिविर में अचानक आग लग गई, जिसमें तीन लोग झुलस गए। उन्होंने बताया कि घायलों को गंगा अस्पताल में प्राथमिक उपचार देकर एसआरएन स्थानांतरित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि दमकल कर्मियों ने करीब एक घंटे में आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया हालांकि आग में काफी सामान जलकर खाक हो गया। किन्नर अखाड़ा की सदस्य राधिका तिवारी ने बताया कि शिविर में आग लगने से खाने-पीने का सामान, बिस्तर, कपड़े आदि सब कुछ जल गए।
-
इंदौर (मध्यप्रदेश)। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महासचिव चम्पत राय का कहना है कि अयोध्या के नवनिर्मित राम मंदिर में 22 जनवरी को प्राण-प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं के सैलाब के मद्देनजर हर दिन 14 घंटे दर्शन की व्यवस्था जारी है लेकिन कई लोगों का मत है कि पांच साल के बालक के रूप में पूजे जाने वाले भगवान राम को बीच-बीच में अच्छी तरह विश्राम की भी आवश्यकता है। राय ने इंदौर में कहा कि फिलहाल अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बने मंदिर में हर रोज करीब एक लाख लोग आ रहे हैं और श्रद्धालुओं का भारी दबाव घटाने के लिए 24 जनवरी के बाद से इस देवस्थान में हर रोज 14 घंटे दर्शन की व्यवस्था चल रही है। न्यास महासचिव ने कहा, ‘‘अनेक लोगों का कहना है कि भगवान के बालक रूप को बीच में अच्छी तरह विश्राम की जरूरत है। आप भी सोचिए कि भगवान के बालक रूप को 14 घंटे जगाना कितना व्यावहारिक है?''
उन्होंने कहा कि राम मंदिर के ऊपरी तलों, आयताकार परकोटे और इस परिसर के अन्य देवालयों का निर्माण किया जाना बाकी है और मंदिर का सारा काम संभवतः वर्ष 2025 के मध्य या 2025 की समाप्ति तक पूरा होने का अनुमान है। "रामलला के पटवारी" के रूप में प्रसिद्ध राय ने कहा कि राम मंदिर का शेष निर्माण कार्य उचित तालमेल बनाकर कुछ इस तरह पूरा किया जाएगा कि भक्तों को भगवान के दर्शन में कोई भी परेशानी न हो। उन्होंने कहा,‘‘हम सुनिश्चित करेंगे कि मंदिर के शेष निर्माण कार्य और श्रद्धालुओं द्वारा भगवान के दर्शन में कोई भी बाधा न हो। इसके लिए हम इंजीनियरों के साथ बैठेंगे और सोच-समझकर फैसला करेंगे।'' न्यास महासचिव ने कहा कि अयोध्या में बड़ी तादाद में आ रही गाड़ियों की पार्किंग और श्रद्धालुओं के लिए किफायती किराये वाली जगहों का इंतजाम किया जाना बेहद आवश्यक है। राय, विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। -
नयी दिल्ली। सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि देश में विभिन्न अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों (एम्स) में पिछले छह महीने में 29,000 पदों पर भर्ती की गई है। सरकार ने तमिलनाडु के कुछ सदस्यों की चिंताओं पर उन्हें आश्वासन देते हुए यह भी कहा कि मदुरै एम्स का काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि सभी एम्स में पूरी तरह कामकाज हो और प्राथमिकता यह है कि राज्यों में तृतीयक स्तर की चिकित्सा सुविधाएं सर्वश्रेष्ठ हों। मांडविया ने एक पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि मदुरै में एम्स को लेकर राजनीतिक बहस की आवश्यकता ही नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण के लिए शुरुआत में कुछ विलंब के बाद अब सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं, निर्माण के लिए एजेंसी और अन्य संबंधित चीजें तय हो गई हैं और मदुरै एम्स को पूरा किया जाएगा। स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती पवार ने भी कहा कि मदुरै में एम्स के लिए भूमि अधिग्रहण में देरी हुई थी और अब सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। एक अन्य पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए मांडविया ने मोदी सरकार में कोरोना महामारी के समय टीकों के उत्पादन से लेकर देशवासियों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने जैसे कई फैसले गिनाए। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, ‘‘यह बात सही है। मैं अफ्रीकी देशों में गया था। वहां लोगों ने मुझसे कहा कि भारतीय दवा सस्ती और प्रभावी है।'
-
नयी दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव को ‘भारत रत्न' दिए जाने की घोषणा का शुक्रवार को स्वागत किया। इस बारे में पूछे जाने पर सोनिया गांधी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, मैं इसका (घोषणा) स्वागत करती हूं। क्यों नहीं?'' पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, पी वी नरसिम्हा राव और मशहूर वैज्ञानिक व देश में हरित क्रांति के जनक डॉ एम एस स्वामीनाथन को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न' (मरणोपरांत) से सम्मानित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को खुद ‘एक्स' पर पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी।
-
नई दिल्ली। संसद ने 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक, 2024' पारित कर दिया है। राज्यसभा ने आज इसे स्वीकृति दी। विधेयक पर चर्चा के उत्तर में केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने युवाओं को जो प्राथमिकता दी है वह पिछली सरकारों के दौरान नहीं मिली थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने पारदर्शिता के साथ कई युवा केंद्रित सुधार किए हैं। इनमें राजपत्रित अधिकारियों द्वारा सत्यापन को समाप्त करना, विभिन्न चयन प्रक्रियाओं में साक्षात्कार को समाप्त करना और रोजगार मेले शुरू करना शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार को देश के युवाओं पर भरोसा है।
सार्वजनिक परीक्षाओं में संघ लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे भर्ती बोर्ड, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी और केंद्र सरकार के विभागों की परीक्षाएं सम्मिलित हैं। इस विधेयक का उद्देश्य किसी भी अनुचित तरीके से लिप्तता या साजिश पर रोक लगाना है। अनुचित साधनों में प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी की अनधिकृत पहुंच या लीक होना, सार्वजनिक परीक्षा में परीक्षार्थी की सहायता करना, कंप्यूटर नेटवर्क के साथ छेड़छाड़ करना, फर्जी परीक्षा आयोजित करना और फर्जी प्रवेश पत्र जारी करना सम्मिलित है। विधेयक में अपराध करने पर तीन से दस वर्ष का कारावास और दस लाख से एक करोड़ रुपये तक का जुर्माने का प्रावधान है। -
नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि आगामी आम चुनाव से पहले देश भर में लगभग 97 करोड़ मतदाता पंजीकृत हो चुके हैं। आयोग ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा मतदाता पंजीकरण बताया। आयोग ने कहा कि वर्ष 2019 से पंजीकृत मतदाताओं में छह प्रतिशत की वृद्धि हुई। इनमें अधिकतर महिलाएं, युवा और दिव्यांग श्रेणी के हैं। निर्वाचन आयोग ने कहा कि महीने भर चले विशेष अभियान के दौरान महिला मतदाताओं का पंजीकरण पुरुष मतदाताओं से अधिक रहा।
-
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री श्री चौधरी चरण सिंह को सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न देने की घोषणा की।उन्होंने स्वर्गीय श्री चौधरी चरण सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन किसानों के अधिकारों और उनके कल्याण के लिए समर्पित कर दिया था।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:"हमारी सरकार का यह सौभाग्य है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जा रहा है। यह सम्मान देश के लिए उनके अतुलनीय योगदान को समर्पित है। उन्होंने किसानों के अधिकार और उनके कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हों या देश के गृहमंत्री और यहां तक कि एक विधायक के रूप में भी, उन्होंने हमेशा राष्ट्र निर्माण को गति प्रदान की। वे आपातकाल के विरोध में भी डटकर खड़े रहे। हमारे किसान भाई-बहनों के लिए उनका समर्पण भाव और इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र के लिए उनकी प्रतिबद्धता पूरे देश को प्रेरित करने वाली है।"पूर्व प्रधानमंत्री श्री पीवी नरसिम्हा राव गारू को भारत रत्न देने की घोषणाप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री श्री पीवी नरसिम्हा राव गारू को भारत रत्न देने की घोषणा की।उन्होंने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री के रूप में श्री नरसिम्हा राव का कार्यकाल महत्वपूर्ण उपायों का प्रतीक था, जिसने भारत को वैश्विक बाजारों के लिए खोल दिया, जिससे आर्थिक विकास के एक नए युग को बढ़ावा मिला।प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:"यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्री पीवी नरसिम्हा राव गारू को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा।एक प्रतिष्ठित विद्वान और राजनेता के रूप में, नरसिम्हा राव गारू ने विभिन्न क्षमताओं में भारत की व्यापक स्तर पर सेवा की। उन्हें आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और कई वर्षों तक संसद एवं विधानसभा सदस्य के रूप में किए गए कार्यों के लिए समान रूप से याद किया जाता है। उनका दूरदर्शी नेतृत्व भारत को आर्थिक रूप से उन्नत बनाने, देश की समृद्धि और विकास के लिए एक ठोस नींव रखने में सहायक था।प्रधानमंत्री के रूप में नरसिम्हा राव गारू का कार्यकाल महत्वपूर्ण उपायों का प्रतीक था जिसने भारत को वैश्विक बाजारों के लिए खोल दिया, जिससे आर्थिक विकास के एक नए युग को बढ़ावा मिला। इसके अलावा, भारत की विदेश नीति, भाषा और शिक्षा क्षेत्रों में उनका योगदान एक ऐसे नेता के रूप में उनकी बहुमुखी विरासत को रेखांकित करता है, जिन्होंने न केवल महत्वपूर्ण परिवर्तनों के माध्यम से भारत को आगे बढ़ाया बल्कि इसकी सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को भी समृद्ध किया।''डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगाप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज घोषणा की कि हरित क्रांति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए प्रसिद्ध डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन को सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा।उन्होंने कहा कि डॉ. स्वामीनाथन के दूरदर्शी नेतृत्व ने न केवल भारतीय कृषि को बदल दिया है, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और समृद्धि भी सुनिश्चित की है।प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:"यह अत्यंत प्रसन्ता की बात है कि भारत सरकार कृषि और किसानों के कल्याण में हमारे देश में डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन जी को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत रत्न से सम्मानित कर रही है। उन्होंने चुनौतीपूर्ण समय के दौरान भारत द्वारा कृषि में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और भारतीय कृषि को आधुनिक बनाने की दिशा में उत्कृष्ट प्रयास किए। हम एक प्रर्वतक और संरक्षक के रूप में उनके अमूल्य कार्य को भी पहचानते हैं और कई छात्रों के बीच सीखने और अनुसंधान को प्रोत्साहित करते हैं। डॉ. स्वामीनाथन के दूरदर्शी नेतृत्व ने न केवल भारतीय कृषि को बदल दिया है, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित की है। वह ऐसे व्यक्ति थे, जिन्हें मैं करीब से जानता था और मैंने हमेशा उनके दृष्टिकोण और विचारों की कद्र की है।" - नयी दिल्ली . भारत 19 फरवरी से विशाखापत्तनम में नौ दिवसीय नौसैनिक अभ्यास की मेजबानी करेगा। इस अभ्यास में लाल सागर में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं सहित अस्थिर भू-राजनीतिक माहौल की पृष्ठभूमि में 50 से अधिक नौसेनाओं के भाग लेने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि 19 से 27 फरवरी तक विशाखापत्तनम में आयोजित होने वाले ‘मिलन' अभ्यास में भाग लेने वाले देशों में अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, बांग्लादेश, दक्षिण कोरिया, वियतनाम, इंडोनेशिया और मलेशिया की नौसेनाएं शामिल होंगी। ‘मिलन' एक द्विवार्षिक बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास है, जो भारत की 'लुक ईस्ट' नीति के समान इंडोनेशिया, सिंगापुर, श्रीलंका और थाईलैंड की भागीदारी के साथ 1995 में शुरू हुआ था।
- नयी दिल्ली. आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने रेल मंत्रालय की छह परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनकी अनुमानित लागत लगभग 12,343 करोड़ रुपये है। सरकार ने बृहस्पतिवार को एक बयान में यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा अनुमोदित परियोजनाओं का वित्त पोषण केंद्र सरकार करेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए विभिनन फैसलों की सराहना की और कहा कि रेल परियोजनाओं की मंजूरी से बुनियादी ढांचे को बढ़ावा मिलेगा और व्यस्त मार्गों पर भीड़ कम होगी। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से वाणिज्य के साथ-साथ कनेक्टिविटी में भी सुधार होगा।प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि मंत्रिमंडल द्वारा 'मत्स्य पालन अवसंरचना विकास कोष' (एफआईडीएफ) के विस्तार से मत्स्य पालन क्षेत्र में लोगों के लिए बेहतर ऋण पहुंच सुनिश्चित होगी और संबंधित बुनियादी ढांचे के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने बृहस्पतिवार को असंगठित मत्स्य पालन क्षेत्र को औपचारिक रूप देने, सूक्ष्म और लघु उद्यमों को संस्थागत वित्त की सुविधा देने और जलकृषि बीमा को बढ़ावा देने के लिए 6,000 करोड़ रुपये की योजना की घोषणा की। इसके साथ ही सरकार ने 7,522.48 करोड़ रुपये के पहले से स्वीकृत कोष और 939.48 करोड़ रुपये के बजटीय समर्थन से 'मत्स्य पालन अवसंरचना विकास कोष' (एफआईडीएफ) को अगले तीन वर्षों के लिए वित्त वर्ष 2025-26 तक बढ़ाने का भी निर्णय लिया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘राजस्थान, असम, तेलंगाना, गुजरात, आंध्र प्रदेश और नगालैंड में 12,343 करोड़ रुपये की छह ‘मल्टी ट्रैक' परियोजनाओं को मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद।'' बयान में कहा गया है कि इन परियोजनाओं से परिचालन में आसानी होगी और भीड़भाड़ कम होगी। साथ ही भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त खंडों पर आवश्यक ढांचागत विकास होगा। बयान में कहा गया, ‘‘ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘नए भारत' के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं जो क्षेत्र में व्यापक विकास के माध्यम से स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर बनाएंगी और इससे उनके रोजगार/स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।'' सरकार के अनुसार, छह राज्यों के 18 जिलों को कवर करती इन परियोजनाएं से भारतीय रेलवे का मौजूदा नेटवर्क 1,020 किलोमीटर तक बढ़ेगा।
-
नयी दिल्ली. पेट्रोल पंपों को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि चालकों को ईंधन की मात्रा ‘डिस्प्ले स्क्रीन' पर ठीक से दिखाई दे और यदि आवश्यक हो तो वाहनों को भरने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पाइप लंबे होने चाहिए। उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के प्रयासों के तहत एक संसदीय समिति ने बुधवार को ये सुझाव दिए। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण पर संसद की स्थायी समिति (2023-24) ने ‘‘ (ईंधन स्टेशन) पेट्रोल पंप पर मशीनों के विशिष्ट संदर्भ में वजन तथा माप के विनियमन'' पर संसद में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की। समिति ने कहा कि ओएमसी (पेट्रोलियम विपणन कंपनियों) ने खुदरा दुकानों (आरओ) पर मानक संचालन प्रक्रियाओं को लागू किया है, जिसके तहत वितरण इकाइयों में ईंधन भरने से पहले कर्मचारी को ‘डिस्प्ले स्क्रीन' पर ‘‘शून्य'' दिखाने की सलाह दी गई है। उपभोक्ताओं के लिए सभी पेट्रोल पंपों पर शिकायत/सुझाव पुस्तिकाएं उपलब्ध हैं, जो सुविधाओं/सेवाओं/या किसी अन्य मुद्दे के संबंध में अपनी शिकायतें उठा सकते हैं। समिति ने खुदरा दुकानों में उपभोक्ता शिकायत निवारण प्रणाली की सराहना की, लेकिन साथ ही कहा कि उपभोक्ता के अधिकार की हरसंभव तरीके से रक्षा करना अनिवार्य है। समिति ने पाया कि अधिकारियों तथा हितधारकों को सटीक माप, छेड़छाड़ और धोखाधड़ी, नियमित निरीक्षण की कमी, उपभोक्ता जागरूकता, दूरस्थ निगरानी में कठिनाइयों, प्रौद्योगिकी प्रगति, जटिल आपूर्ति श्रृंखला आदि जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। समिति ने सुझाव दिया, ‘‘ इन चुनौतियों का समाधान करने और पेट्रोल पंप पर उचित व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए, केंद्रीय तथा राज्य नियामक अधिकारियों, ईंधन खुदरा विक्रेताओं, उपभोक्ता समूहों तथा प्रौद्योगिकी प्रदाताओं का बेहतर समन्वय में काम करना आवश्यक है।
-
भुवनेश्वर. ओडिशा में पिछले पांच वर्षों में आकाशीय बिजली गिरने से 1,472 लोगों की मौत हुई है और 145 लोग घायल हुए हैं। राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुदाम मरांडी ने बुधवार को ओडिशा विधानसभा में यह जानकारी दी। कांग्रेस विधायक तारा प्रसाद बाहिनीपति के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जून 2015 में इसे आपदा घोषित किया था। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष दिशानिर्देशों के अनुसार आकाशीय बिजली गिरने से मारे गए लोगों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की मुआवजा राशि दी गई है। मंत्री ने कहा कि इसी तरह बिजली गिरने के कारण यदि किसी व्यक्ति के शरीर का कोई भाग 60 प्रतिशत से अधिक नष्ट हो जाता है, तो उसे 2.50 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के शरीर का कोई भाग 40 प्रतिशत से 60 प्रतिशत के बीच नष्ट होता है, तो मुआवजा राशि 74,000 रुपये है। मंत्री ने बताया कि बिजली गिरने के कारण यदि किसी व्यक्ति के एक सप्ताह से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती रहने की आवश्यकता होती है, तो सरकार ने 16,000 रुपये के मुआवजे का भी प्रावधान किया है।
-
धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) .हिमाचल प्रदेश की बिलिंग घाटी में पुलिस को दो लोगों के शव मिले हैं, जिनकी बर्फ में फिसलने या गिरने से मौत होने की आशंका है। बुधवार को अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक पालतू कुत्ता लगभग दो दिनों से शवों के पास ही बैठा रहा और जंगली जानवरों से उन्हें बचाता रहा। एक महिला समेत दो पर्यटक रविवार को लापता हो गए थे। पुलिस ने बताया कि दोनों की तलाश कर रही बचाव टीम ने मंगलवार को जर्मन शेफर्ड के भौंकने की आवाज सुनी। पुलिस ने कहा कि आवाज का पीछा करते हुए, वे उन शवों तक पहुंचे जो पैराग्लाइडर बिंदु से तीन किलोमीटर नीचे पैदल मार्ग के किनारे पड़े थे। पुलिस के अनुसार, अल्फा नाम का कुत्ता लगभग दो दिनों तक शवों की रक्षा करता रहा। मृतक की पहचान अभिनंदन गुप्ता (30) निवासी पठानकोट और उसकी दोस्त पुणे की रहने वाली प्रणिता (26) के रूप में हुई है।
-
नयी दिल्ली. लोकसभा ने बुधवार को वित्त विधेयक, 2024 को मंजूरी प्रदान कर दी और इस तरह वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अंतरिम बजट को पारित करने की प्रक्रिया पूरी हो गई। सदन ने विधेयक पर चर्चा और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के जवाब के बाद ‘वित्त विधेयक, 2024' को ध्वनिमत से स्वीकृति प्रदान कर दी। चौधरी ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि आयकर की दरों में किसी भी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि लगभग एक करोड़ प्रत्यक्ष करदाताओं को लाभ पहुंचाने के लिए 2009-10 की 25,000 रुपये और 2010-11 से 2014-15 तक की 10,000 रुपये की मांग को वापस लिया जाएगा। चौधरी ने कहा कि चुनावी वर्ष होने के बावजूद सरकार ने उपयुक्त प्रावधानों के अतिरिक्त और किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं करते हुए अंतरिम बजट के माध्यम से देश के विकास को प्राथमिकता दी है और 2047 तक ‘विकसित भारत' बनाने की यात्रा में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया है। इससे पहले लोकसभा ने आज 2024-25 के लिए 47.66 लाख करोड़ रुपये के अंतरिम बजट को और अनुदान की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जवाब के बाद ध्वनिमत से मंजूरी दी थी। सदन ने संबंधित विनियोग विधेयक को भी पारित किया जिसमें सरकार को अगले वित्त वर्ष के पहले चार महीने के लिए खर्च करने का अधिकार दिया गया है। लोकसभा ने केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के लिए 1.8 लाख करोड़ रुपये के बजट को भी मंजूरी दी।
- नयी दिल्ली,। आगामी लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने से पहले सरकार पथकर के लिए ‘‘उपग्रह आधारित पथकर प्रणाली'' शुरू करने पर विचार कर रही है जिसके तहत टोल नाके हटा दिए जाएंगे और वाहन चालकों को केवल उतनी ही दूरी का पथकर देना होगा जितनी दूर वह चलेंगे। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी ने राज्यसभा को प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार पथकर के लिए दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकी ‘‘उपग्रह आधारित पथकर प्रणाली'' लाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से पूर्व आचार संहिता लागू होने से पहले देश में यह व्यवस्था लागू करने का प्रयास है। गडकरी ने कहा ‘‘इस व्यवस्था के तहत टोल नाके हटा दिए जाएंगे। लोगों को कहीं रुकने की जरूरत नहीं होगी। लोगों के वाहन की नंबर प्लेट की फोटो ली जाएगी और जहां से प्रवेश होगा तथा जहां से निकासी होगी, केवल इतनी ही दूरी का पथकर लिया जाएगा और यह राशि वाहन चालक के बैंक खाते से काट ली जाएगी।'' एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि टोल बूथ से हर दिन औसत संग्रह से 49 हजार करोड़ रुपये की आय होती है। उन्होंने कहा ‘‘फास्ट टैग व्यवस्था का 98.5 प्रतिशत लोगों ने उपयोग किया है तथा 8.13 करोड़ फास्ट टैग जारी किए गए हैं। इसके तहत हर दिन औसतन 170 से 200 करोड़ रुपये का पथकर आता है।'' गडकरी ने बीओटी परियोजना से जुड़े एक सवाल के जवाब में बताया कि जब उन्होंने परिवहन मंत्री का पद संभाला था तब तीन लाख 85 हजार करोड़ रुपये के 406 परियोजनाएं बंद पड़ी थे तथा बैंकों में तीन लाख करोड़ रुपये का एनपीए (गैर निष्पादक आस्तियां) पड़ा था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्ष में बैंकों के प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों की बैठक बुला कर समाधान निकाला गया। उन्होंने बताया ‘‘हमने 20 प्रतिशत परियोजनाएं रद्द कर दी। यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि हमने भारतीय बैंकों को तीन लाख करोड़ के एनपीए से बचाया।'' ‘बनाओ, चलाओ और सौंप दो' (बीओटी) परियोजना आमतौर पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी में उपयोग किया जाने वाला एक मॉडल है। गडकरी ने बताया कि बीओटी के लिए उन्होंने एक नयी व्यवस्था पर विचार किया है। उन्होंने बताया कि पुणे से औरंगाबाद तक एक्सप्रेस हाइवे बनाया जा रहा है जिसे बीओटी के माध्यम से तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए वर्तमान रास्ते में आने वाले चार पथकर बीओटी परिचालक को दे दिए जाएंगे। परिचालक इसके लिए अपने पास से धन राशि लगा कर काम करेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल बीओटी परियोजना के तहत कोई समस्या नहीं है।सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को अच्छी सड़कें मिलें, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 22 हजार करोड़ रुपये खर्च कर बुद्ध सर्किट बनाया गया और फोर लेन से जोड़ा गया। इसी तरह से 30 हजार करोड़ रुपये की लागत से अयोध्या सर्किट भी बनाया गया जिसमें राम की वन यात्रा से लेकर नेपाल स्थित सीता की जन्मस्थली को भी जोड़ा गया। उन्होंने बताया कि सिख धर्म में पांच तख्त हैं जिनमें से तीन पंजाब में, एक बिहार में और एक महाराष्ट्र के नांदेड़ में आता है। लगभग इन सभी पांच तख्तों को चार लेन से जोड़ा गया है। गडकरी के अनुसार, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने बताया कि चार धाम का काम अभी आधा ही हुआ है लेकिन बड़ी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं। ऐसे में 49 प्रतिशत व्यय रोजगार सृजन के लिए होता है। हेमकुंड साहिब तक संपर्क के बारे में गडकरी ने कहा कि वहां रोप वे बनाया जा रहा है और यह उपयोगी भी है क्योंकि हिमाचल प्रदेश में सड़क बनाना बहुत मुश्किल है।
- नयी दिल्ली। सरकार ने लोकसभा में बुधवार को बताया कि रेलवे किरायों को युक्तिसंगत बनाने का मामला विचाराधीन है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी के एक पूरक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रेलवे किरायों को युक्तिसंगत बनाये जाने का मामला विचाराधीन है। वैष्णव ने पश्चिम बंगाल में एक स्थान पर फुट ओवरब्रिज (एफओबी) से संबंधित पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि इसके लिए जमीन अधिग्रहण और संबंधित कानून-व्यवस्था को बनाये रखने का जिम्मा राज्य सरकार का है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर राज्य सरकारें सहयोग कर रही हैं, लेकिन कुछ राज्य सरकारें सहयोग नहीं कर रही हैं। उनका परोक्ष इशारा पश्चिम बंगाल सरकार की ओर माना जा रहा है।
-
नई दिल्ली। लोकसभा ने वित्त विधेयक 2024 ध्वनि मत से पारित कर दिया है। विधेयक में वित्तीय वर्ष 2024-2025 के लिए आयकर की मौजूदा दरों को जारी रखने, कर-दाताओं को कुछ राहत प्रदान करने और कुछ अधिनियमों में संशोधन किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह विधेयक प्रस्तुत किया था। विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि आयकर की वर्तमान दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
इससे पहले चर्चा आरंभ करते हुए कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि पिछले दस वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था डेढ़ गुना बढ़ी है, लेकिन ऋण तीन गुना बढ़ गया है, जिस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। श्री तिवारी ने बेरोजगारी का मुद्दा भी उठाया।भाजपा नेता सुभाष चंद्र बहेरिया ने ई-मार्केटिंग कार्यालयों के पंजीकरण में देरी का मुद्दा उठाया और सरकार से माल और सेवा कर प्रणाली में सुधार का आग्रह किया। बहुजन समाज पार्टी के मलूक नागर ने 2009-10 की अवधि में 25 हजार रुपये तक के बकाया प्रत्यक्ष कर माफ करने और वित्त वर्ष 2010-11 से 2014-15 तक विवादित 10 हजार रुपये माफ करने की सरकार की पहल का स्वागत किया।उन्होंने कहा कि लोगों के हित में यह पहल की गई है, जिससे एक करोड़ लोगों को लाभ होगा। चर्चा में कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के सीएन अन्नादुरई, भाजपा के राम कृपाल यादव, बीजू जनता दल के भर्तृहरि महताब, बसपा की संगीता आजाद, अन्नाद्रमुक के पी रवींद्रनाथ और जनता दल यूनाईटेड के कौशलेंद्र कुमार ने भाग लिया। -
नई दिल्ली। सरकार ने एयर कंडिशनर और एलईडी लाइट्स के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 64 आवेदकों के 6 हजार 7 सौ 67 करोड़ रुपये के निवेश को स्वीकृति दे दी है।वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के वक्तव्य में बताया गया है कि जिन कंपनियों ने 2021-22 के लिए विकल्प चुना था, उन सबने कामकाज शुरू कर दिया है। मंत्रालय ने बताया कि वर्ष 2023-24 के लिए पात्र कंपनियों के आवेदनों पर विचार किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों पर परियोजना प्रबंधन एजेंसी विचार कर रही है।यह भी बताया गया है कि उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना में भुगतान में कोई देरी नहीं की गई है और इस वर्ष मार्च तक योजना के अंतर्गत भुगतान कर दिया जाएगा। उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग व्हाईट गुड्स यानी घरेलू उपयोग के इलेक्ट्रिकल सामान के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना लागू कर रहा है। यह योजना उत्पादन आधारित प्रोत्साहन की 14 योजनाओं में से एक है। इस योजना से देश में व्हाईट गुड्स के उत्पादन में तेजी आई है और देश आत्मनिर्भर भारत बनने की दिशा में आगे बढ़ा है।
- नयी दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को कहा कि महंगाई पर नियंत्रण के लिए उसने पेट्रोलियम और डीजल पर समय समय पर सीमा शुल्क घटाया है लेकिन अगर राज्य सरकारें करों में कटौती के कदम नहीं उठाती हैं तो निश्चित रूप से आम लोगों को मुश्किल होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा को प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर क्रमश: पांच और दस रुपये सीमा शुल्क नवंबर 2021 में घटाया और मई 2022 में क्रमश: आठ और छह रुपये का सीमा शुल्क घटाया। उन्होंने कहा कि इसी तरह रसोई गैस पर सरकार 14 किग्रा के सिलेंडर पर 300 रुपये की राज सहायता दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं कि महंगाई पर लगाम लगे और आम आदमी को राहत मिले। ‘‘लेकिन अगर राज्य सरकारें इस तरह से वह दाम नहीं घटातीं जो वह घटा सकती हैं, तो निश्चित रूप से आम लोगों के लिए मुश्किल होगी।''अन्नाद्रमुक के एम थंबीदुरै ने उनसे पूछा था कि तमिलनाडु सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में पेट्रोल डीजल पर सीमा शुल्क घटाने का वादा किया था लेकिन अब तक इस संबंध में कोई प्रयास नहीं किया गया है। इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से महंगाई पर लगाम लगाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं और राज्य सरकारों को परामर्श भी दिया गया है। उन्होंने एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि देश में दालों का उत्पादन अधिक नहीं होता, इन्हें आयात किया जाता है अत: इनकी कीमत में वृद्धि होती है। उन्होंने बताया कि तुअर दाल का मुख्यत: मोजांबिक, म्यांमा, तंजानिया, सूडान, मलावी, नाइजीरिया और केन्या से आयात किया जाता है। उन्होंने बताया कि 2023 में 8.79 लाख मीट्रिक टन तुअर दाल का तथा 15.14 लाख मीट्रिक टन मसूर दाल का आयात किया गया। उन्होंने बताया कि तीन फरवरी 2024 तक 3.96 लाख मीट्रिक टन प्याज बाजार में 25 रुपये प्रति किलो की दर से बिक्री के लिए भेजा गया। इसके निर्यात पर भी रोक लगाई गई ताकि देश में यह उत्पाद उपलब्ध रहे। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित दाम मिले।सीतारमण ने कहा कि सरकार ‘‘भारत ब्रांड'' के तहत किफायती दरों में दाल उपलब्ध करा रही है। इस ब्रांड के तहत 2.97 लाख मीट्रिक टन चना 60 रुपये प्रति किलो की दर से 31 जनवरी 2024 तक बेचा जा चुका है। इस ब्रांड के तहत दालें किफायती दामों में ओएनडीसी, ब्लिंकिट, जियोमार्ट आदि पर उपलब्ध हैं।
- -प्रधानमंत्री ने पीएमएनआरएफ से अनुग्रह राशि की घोषणा कीनई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मध्य प्रदेश के हरदा स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में हुई दुर्घटना में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ से दो लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट किया:“मध्य प्रदेश के हरदा स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में हुई दुर्घटना में लोगों की मौत से व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन सभी प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ से दो लाख रुपये दिए जायेंगे। घायलों को 50,000 रुपये दिये जायेंगे।”













.jpg)






.jpg)
.jpg)


.jpg)
.jpg)


