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- चिरांग (असम),। असम में रहने वाले 61 वर्षीय आदिवासी किसान सरबेश्वर बासुमतारी का एक दिहाड़ी मजदूर से पद्मश्री जीतने तक का सफर मुश्किलों और बेहद उतार-चढ़ाव वाला रहा। पद्मश्री देश का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जिसके लिए बासुमतारी को नामित किया गया है।चिरांग जिले के दूर-दराज में स्थित पनबारी गांव में रहने वाले बासुमतारी मिश्रित एकीकृत खेती में सभी के लिए एक प्रेरणास्त्रोत के रूप में उभरे हैं। एकीकृत खेती का मतलब एक ही खेत में सभी प्रकार की खेती से है, जिसमें फलों व सब्जियों की खेती, मुर्गीपालन और दूसरी चीजों की खेती की जाती है। बोडो समुदाय से ताल्लुक रखने वाले बासुमतारी को 'चिरांग का कृषि चिराग' नाम से भी जाना जाता है।बासुमतारी ने कहा, ''गरीबी रेखा से नीचे के एक परिवार का सदस्य होने के नाते मैंने केवल प्राथमिक स्तर तक ही पढ़ाई की और उच्च शिक्षा की कमी की वजह से कृषि क्षेत्र में मुझे अपने अपने सफर के दौरान कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।'' उन्होंने कहा, ''उस दौरान मुझे बोडोलैंड क्षेत्र में उग्रवाद की समस्याओं के साथ-साथ भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा।'' बासुमतारी ने कहा, ''जिन बाधाओं को मुझे पार करना था उसमें कृषि में निवेश के लिए पर्याप्त धन की कमी, उचित सुविधाओं की कमी और वैज्ञानिक तरीकों के ज्ञान की कमी शामिल थी क्योंकि चिरांग एक पिछड़ा क्षेत्र था।'' इच्छाशक्ति, ध्यान केंद्रित करने और कड़ी मेहनत से उन्होंने इन चुनौतियों पर काबू पा लिया। पद्मश्री के लिए नामित किसान ने कहा कि जिला और राज्य स्तर पर अधिकारियों के निरंतर समर्थन और सहयोग से उन्हें अपने कृषि कार्य में मदद मिली। उन्होंने कहा, ''वर्ष 1995 से मैंने बेरोजगार युवाओं को कृषि में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया। मैंने उनकी रुचि बढ़ाने के लिए उदाहरण पेश करने की कोशिश की।'' बासुमतारी ने कहा, ''यह पुरस्कार जीतना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। यह अभी भी मेरे लिए एक सपना है। अब मेरी इच्छा युवा पीढ़ी को कृषि, नर्सरी या बागवानी क्षेत्र से जुड़ने के लिए प्रेरित करने की है।'' बासुमतारी ने कहा कि अगर लोग मन लगाकर और दृढ़ संकल्प के साथ किसी काम पर लगे रहें तो सफलता जरूर मिलेगी। बासुमतारी को वर्ष 2022-23 के लिए असम सरकार के तीसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार 'असम गौरव' से भी सम्मानित किया गया था।
- नयी दिल्ली। अमेरिका ने 2023 में रिकॉर्ड 14 लाख भारतीयों को वीजा जारी किए और आगंतुक वीजा प्राप्त करने के प्रतीक्षा समय में 75 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी। अमेरिकी दूतावास ने सोमवार को यह जानकारी दी। अमेरिकी दूतावास के मुताबिक, 2022 की तुलना में भारतीयों द्वारा वीजा आवेदन में 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। दूतावास ने एक बयान में बताया कि प्रक्रिया में सुधार और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने से आगंतुक वीजा प्राप्त करने के प्रतीक्षा समय औसतन एक हजार दिन से घटकर केवल 250 दिन रह गये हैं, जो अन्य सभी श्रेणियों में सबसे कम प्रतीक्षा समय है। दूतावास के मुताबिक, ''वर्ष 2023 में भारत में अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावासों ने रिकॉर्ड तोड़ 14 लाख वीजा जारी किये। वहीं आगंतुक वीजा प्राप्त करने के लिए प्रतीक्षा समय में 75 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी। सभी वीजा वर्गों में मांग बहुत ज्यादा देखी गय। 2022 की तुलना में वीजा आवेदनों की संख्या में 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। अमेरिका में वीजा के लिए आवेदन करने वाले दुनिया भर के हर 10 में से एक नागरिक भारतीय होता है।'' बयान के मुताबिक, आगुंतक वीजा (बी1/बी2) अमेरिकी मिशन के इतिहास में सात लाख से अधिक आवेदनों की संख्या के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
- नयी दिल्ली। राज्यसभा में 15 राज्यों की 56 सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव 27 फरवरी को होगा। निर्वाचन आयोग ने सोमवार को यह जानकारी दी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित 56 निवर्तमान सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है। जिन केंद्रीय मंत्रियों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है उनमें रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया शामिल हैं। अधिसूचना जारी होने के साथ ही आठ फरवरी से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।आयोग ने कहा कि 50 सदस्य दो अप्रैल को सेवानिवृत्त होंगे जबकि छह सदस्य 3 अप्रैल को सेवानिवृत्त होंगे।अप्रैल में सेवानिवृत्त होने वाले अन्य नेताओं में ओडिशा से बीजू जनता दल (बीजद) के सदस्य प्रशांत नंदा और अमर पटनायक, उत्तराखंड से भाजपा के मुख्य प्रवक्ता अनिल बलूनी और मत्स्य पालन मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला और गुजरात से कांग्रेस सदस्य नारनभाई राठवा और अमी याग्निक शामिल हैं। विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन, एमएसएमई मंत्री नारायण राणे, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, कांग्रेस सदस्य कुमार केतकर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की सदस्य वंदना चव्हाण और शिवसेना (यूबीटी) सदस्य अनिल देसाई महाराष्ट्र से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सबसे अधिक दस सीट उत्तर प्रदेश से खाली हो रही है। इसके बाद महाराष्ट्र और बिहार से (छह-छह), मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल से (पांच-पांच), कर्नाटक और गुजरात से (चार-चार), ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश से तीन, राजस्थान से दो और उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और छत्तीसगढ़ से (एक-एक) सीट खाली होंगे। राज्यसभा में फिर से नामांकन के लिए भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा को अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश के बाहर एक सीट तलाशनी होगी क्योंकि वहां कांग्रेस सत्ता में है। कांग्रेस कर्नाटक और तेलंगाना से संसद के ऊपरी सदन में अपने उम्मीदवारों को भेजने की उम्मीद कर सकती है। इन राज्यों में वह पिछले साल सत्ता में आई थी। कर्नाटक में राज्यसभा के चार और तेलंगाना में तीन सदस्य सेवानिवृत्त हो रहे हैं। महाराष्ट्र में राकांपा और शिवसेना में फूट के कारण राज्यसभा चुनाव राज्यसभा चुनाव पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी। कर्नाटक में भाजपा के राजीव चंद्रशेखर, कांग्रेस के एल हनुमनथैया, जी सी चंद्रशेखर और सैयद नासिर हुसैन का कार्यकाल पूरा हो रहा है। तेलंगाना से भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के जोगिनीपल्ली संतोष कुमार, रविचंद्र वद्दीराजू और बी लिंगैया यादव सेवानिवृत्त हो रहे सदस्य हैं। तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस राज्य से राज्यसभा में अपने कम से कम दो उम्मीदवारों को भेजने की उम्मीद कर सकती है। पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस के अबीर रंजन बिस्वास, सुभाशीष चक्रवर्ती, मोहम्मद नदीमुल हक और शांतनु सेन तथा कांग्रेस सदस्य अभिषेक मनु सिंघवी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के मनोज कुमार झा और अहमद अशफाक करीम, जनता दल यूनाइटेड के अनिल प्रसाद हेगड़े और बशिष्ठ नारायण सिंह, भाजपा सदस्य सुशील कुमार मोदी और कांग्रेस सदस्य अखिलेश प्रसाद सिंह का राज्यसभा में कार्यकाल पूरा हो रहा है। उत्तर प्रदेश से भाजपा सदस्य अनिल अग्रवाल, अशोक बाजपेयी, अनिल जैन, कांता कर्दम, सकलदीप राजभर, जीवीएल नरसिम्हा राव, विजय पाल सिंह तोमर, सुधांशु त्रिवेदी और हरनाथ सिंह यादव तथा समाजवादी पार्टी सदस्य जया बच्चन सेवानिवृत्त हो रहे हैं। आंध्र प्रदेश से तेदेपा सदस्य कनकमेदला रवींद्र कुमार, भाजपा सदस्य सी एम रमेश और वाईएसआरसीपी सदस्य प्रभाकर रेड्डी वेमिरेड्डी राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। भाजपा सदस्य सरोज पांडे छत्तीसगढ़ और डीपी वत्स क्रमश: छत्तीसगढ़ और हरियाणा से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इसके अलावा चार मनोनीत सदस्य जुलाई में सेवानिवृत्त हो रहे हैं जबकि दो मनोनीत सीट खाली हैं।जुलाई में सेवानिवृत्त होने वाले मनोनीत सदस्यों में महेश जेठमलानी, सोनल मानसिंह, राम शकल और राकेश सिन्हा शामिल हैं। file photo
- अयोध्या (उप्र)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिये उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को हर स्तर पर नियंत्रित रखने के निर्देश देते हुए सोमवार को कहा कि इसके लिये अयोध्या के सभी प्रमुख रास्तों पर बेहतर भीड़ प्रबंधन नजर आना चाहिये। अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित कंट्रोल रूम में प्रदेश, जोन और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि श्रीरामलला के दर्शन के लिए देशभर से अयोध्या आ रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम दर्शन के लिए राज्य सरकार तत्पर है। उन्होंने कहा कि चूंकि मौसम खुलने लगा है और ठंड में भी कमी हो रही है, लिहाजा अयोध्या आने वाले पर्यटकों और रामभक्तों की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी। ऐसे में सभी श्रद्धालुओं को सुगमता पूर्वक भगवान रामलला के दर्शन हों इसका विशेष ध्यान रखा जाए। आदित्यनाथ ने निर्देशित करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की भीड़ को हर स्तर पर नियंत्रित रखा जाए। नगर के सभी प्रमुख पथों पर बेहतर ट्रैफिक और क्राउड मैनेजमेंट दिखाई देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने खासतौर पर निर्देश देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य अयोध्या आने वाले हैं। ऐसे में दूसरे प्रदेशों के विशिष्ट अतिथियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किये जाएं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि कि कोई भी श्रद्धालु, चाहे वह आम नागरिक हो या विशिष्ट अतिथि उसे दर्शन में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। अयोध्या में रुकने वाले श्रद्धालुओं को होटल, होम स्टे, और टेंट सिटी में व्यवस्था हर हाल में कराई जाए। आदित्यनाथ ने अयोध्या में चल रही विकास परियोजनाओं को गुणवत्तापूर्ण ढंग से समयबद्धता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने इससे पूर्व श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के पुजारी महंत सतेंद्र दास, महासचिव चंपत राय, डॉ अनिल मिश्र, गोपाल राव तथा अन्य लोगों से मुलाकात की और उनसे श्रीराम जन्मभूमि आने वाले दर्शनार्थियों को सुगम दर्शन कराने के लिए विचार-विमर्श किया।
- नयी दिल्ली। सोमालिया के पूर्वी तटीय क्षेत्र में तैनात एक भारतीय नौसैनिक युद्धपोत ने ईरान के झंडे वाले एक जहाज और उसके चालक दल के 17 सदस्यों को सुरक्षित रिहा कराया जिसका कुछ समुद्री लुटेरों ने अपहरण कर लिया था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय नौसेना ने कल रात जहाज से मिली अपहरण की सूचना पर फौरन कार्रवाई की।नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने कहा, ‘‘सोमलिया के पूर्वी तटों और अदन की खाड़ी में जलदस्यु रोधी अभियानों के लिए तैनात आईएनएस सुमित्रा ने ईरान के ध्वजवाहक मछली पकड़ने वाले जहाज ईमान के अपहरण के संबंध में सूचना पर कार्रवाई की। जहाज पर जलदस्यु चढ़ गए थे और चालक दल को बंधक बना लिया गया था।'' उन्होंने बताया कि आईएनएस सुमित्रा ने जहाज को रोका और समुद्री लुटेरों को चालक दल तथा जलपोत की सुरक्षित रिहाई के लिए बाध्य करने के वास्ते स्थापित मानक चालक प्रक्रियाओं (एसओपी) के अनुरूप काम किया। मधवाल ने बताया कि जहाज पर चालक दल के सभी 17 सदस्यों और नौका को सफलतापूर्वक मुक्त कराया गया।प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हिंद महासागर क्षेत्र में जलदस्यु रोधी और समुद्री सुरक्षा अभियानों में भारतीय नौसैनिक युद्धपोतों की तैनाती समुद्र में सभी जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के प्रति भारतीय नौसेना के दृढ़संकल्प को दर्शाती है।'' इससे दो दिन पहले भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस विशाखापत्तनम ने एक वाणिज्यिक तेल टैंकर जहाज पर लगी आग को बुझा दिया था जिस पर भारतीय चालक दल के 22 सदस्य सवार थे। इस पर अदन की खाड़ी में एक मिसाइल से हमला किया गया था।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि वह बिस्तर पर जाने के 30 सेकंड के भीतर सो जाते हैं। उन्होंने छात्रों को ‘स्क्रीन टाइम' के प्रति आगाह किया, जिससे नींद में खलल पड़ती है। भारत मंडपम में ‘परीक्षा पे चर्चा' के सातवें संस्करण के दौरान छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘स्क्रीन टाइम' नींद के समय को खा जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘संतुलित जीवनशैली बनाए रखने के लिए हर चीज की अधिकता से बचना चाहिए। स्वस्थ दिमाग के लिए एक स्वस्थ शरीर महत्वपूर्ण है और इसके लिए कुछ दिनचर्या, सूरज की रोशनी में समय बिताना और नियमित और पूरी नींद लेना आवश्यक है।'' उन्होंने कहा, ‘‘स्क्रीन टाइम जैसी आदतें आवश्यक नींद के समय को खा रही हैं, जिसे आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान द्वारा बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।'' ‘स्क्रीन टाइम' शब्द आम तौर पर उस समय को संदर्भित करता है, जो कोई व्यक्ति मोबाइल और टेलीविजन के स्क्रीन का उपयोग करके बिताता है। मोदी ने कहा, ‘‘मैंने बिस्तर पर जाने के 30 सेकंड के भीतर गहरी नींद में जाने की दिनचर्या बनाए रखी है। जागते समय पूरी तरह जागना और सोते समय गहरी नींद लेना एक संतुलन है, जिसे हासिल किया जा सकता है।'' परीक्षा की तैयारी और स्वस्थ जीवनशैली के बीच संतुलन बनाने का मुद्दा उठाते हुए राजस्थान के सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र धीरज सुभाष, कारगिल के पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय की नजमा खातून, अभिषेक कुमार तिवारी और अरुणाचल प्रदेश के सरकारी उच्चतर माध्यमिक के शिक्षक टोबी लाहमे ने प्रधानमंत्री से व्यायाम के साथ पढ़ाई के प्रबंधन के बारे में पूछा। मोदी ने संतुलित आहार की आवश्यकता पर बल दिया और फिटनेस के लिए नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधियों के महत्व पर भी जोर दिया। शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा' में पिछले छह वर्षों से छात्र, अभिभावक और शिक्षक शामिल होते रहे हैं। कोरोना महामारी के कारण चौथा संस्करण ऑनलाइन आयोजित किया गया था, जबकि पांचवां और छठा संस्करण टाउन-हॉल प्रारूप में संपन्न हुआ था। पिछले वर्ष के संस्करण में कुल 31.24 लाख छात्रों, 5.60 लाख शिक्षकों और 1.95 लाख अभिभावकों ने भाग लिया था। इस साल, ‘माइ गोव पोर्टल' पर करीब 2.26 करोड़ पंजीकरण हुए हैं, जो छात्रों के बीच इस कार्यक्रम को लेकर व्यापक उत्साह को दर्शाता है।
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पटना। बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ गठबंधन कर सरकार बनाने के एक दिन बाद विधानसभा अध्यक्ष पद और अन्य विधायकों को मंत्रिपरिषद में शामिल करने के लिए जोरदार गोलबंदी शुरू हो गई है। कुमार ने विभागों के बंटवारे के लिए अपने नये मंत्रिमंडल की सोमवार को बुलाई गयी बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के बाद विभागों के बंटवारे को लेकर राजग के घटक दलों के नेता चुप्पी साधे रहे। सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट सचिवालय सोमवार शाम तक विभागों के बंटवारे से संबंधित अधिसूचना जारी कर सकता है। कैबिनेट बैठक में रविवार को शपथ लेने वाले सभी आठ मंत्री शामिल हुए।
नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तथा विजय कुमार सिन्हा के अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रेम कुमार, जनता दल यूनाइटेड (जद-यू) के विजेंद्र यादव, श्रवण कुमार और विजय कुमार चौधरी, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के संतोष कुमार सुमन और निर्दलीय विधायक सुमित कुमार सिंह ने मंत्री के तौर पर रविवार को शपथ ली थी। रिकॉर्ड नौवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद कुमार ने कहा था कि अब राजग को छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं है। जद (यू) के शीर्ष नेता ने कहा था, ‘‘मैं पहले भी उनके (राजग) साथ था। हम अलग-अलग रास्तों पर चले गए, लेकिन अब हम साथ हैं और रहेंगे। मैं जहां (राजग) था, वहां वापस आ गया और अब कहीं और जाने का सवाल ही नहीं उठता।'' इस बीच, भाजपा ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का प्रतिनिधित्व करने वाले अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी के खिलाफ विधानसभा सचिव को अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपा है। नोटिस में भाजपा नेताओं ने वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष में विश्वास की कमी व्यक्त की है क्योंकि नयी सरकार सत्ता में आ गई है। प्रस्ताव पर भाजपा के साथ-साथ जद (यू) के विधायकों ने भी हस्ताक्षर किये।बिहार विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए जिन नामों की चर्चा चल रही है उनमें भाजपा के वरिष्ठ नेता नंद किशोर यादव और अमरेंद्र प्रताप सिंह का नाम भी शामिल है। भाजपा नेताओं ने सोमवार को संकेत दिया कि अन्य जातियों, अल्पसंख्यक समूहों और महिला विधायकों को जगह देने के लिए एक या दो दिन में आगे भी कैबिनेट का विस्तार किया जाएगा। जद(यू) के एक नेता ने नाम नहीं उजागर किए जाने की शर्त पर बताया, ‘‘नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले संभावित चेहरों में भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन, नितिन नवीन, रामप्रीत पासवान, जनक राम, श्रेयशी सिंह और जदयू नेता सुनील कुमार सिंह, मदन सहनी, लेसी सिंह, शीला मंडल, जयंत राज अशोक चौधरी और संजय झा के नाम की चर्चा है। - हैदराबाद। तेलंगाना के नलगोंडा जिले में एक ही परिवार के दो बच्चों समेत पांच लोगों की सड़क हादसे में मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रुप से घायल है। हादसे के शिकार लोग जिस कार से यात्रा कर रहे थे उसमें तेज गति से आ रहे एक वाहन ने टक्कर मार दी। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। यह दुर्घटना उस समय हुई जब परिवार के सभी सदस्य पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश की यात्रा के बाद रविवार देर रात एक कार में अपने गांव लौट रहे थे। जिले के मिर्यालगुडा के पास राजमार्ग पर विपरीत दिशा से आ रहे वाहन ने कार में टक्कर मार दी। हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं एक महिला बुरी तरह घायल है। पुलिस ने बताया कि उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने जानकारी दी कि वाहन चालक को पकड़ लिया गया है।
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नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को बीटिंग रिट्रीट समारोह के दौरान रायसीना हिल्स पर सामूहिक बैंड के ‘शंखनाद' से लेकर नौसेना के मधुर ‘मिशन चंद्रयान' की धुनें गूंजती रहीं। विजय चौक पर आयोजित यह भव्य कार्यक्रम गणतंत्र दिवस समारोह के समापन का प्रतीक है।
इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य केंद्रीय मंत्री शामिल हुए। प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान, तीनों सेनाओं के प्रमुख - जनरल मनोज पांडे, एयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी और एडमिरल आर. हरि कुमार - भारत के प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ और वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। आम जनता भी इस शानदार समारोह को देखने पहुंची। समारोह शाम करीब सवा पांच बजे शुरू हुआ।
राष्ट्रपति मुर्मू पारंपरिक ‘बग्गी' में सवार होकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं। इससे समारोह का पुराने दौर का आकर्षण लौट आया, जिसकी शुरुआत 1950 के दशक में हुई थी। इस शानदार समारोह की शुरुआत सामूहिक बैंड के ‘शंखनाद' से हुई, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। रायसीना हिल्स सैन्य और अर्धसैनिक बैंड द्वारा बजाई गई मनमोहक और थिरकाने वाली भारतीय धुनों की ध्वनि से गूंज उठा। इसके बाद पाइप एंड ड्रम बैंड द्वारा ‘वीर भारत', ‘केसरिया बाना' और ‘देशों का सरताज भारत' जैसे धुनें बजाई गईं। उन्होंने ‘चक्रव्यूह' और ‘वसुधैव कुटुम्बकम' से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सीएपीएफ बैंड ने अन्य धुनों के बीच ‘भारत के जवान' और ‘विजय भारत' भी बजाया। युवा और बुजुर्गों समेत तमाम दर्शकों ने बैंड के प्रस्तुति पर खुशी मनाई और समारोह के अंत में कई लोगों ने ‘भारत माता की जय' के नारे भी लगाए। इसके बाद भारतीय वायु सेना के बैंड ने ‘स्वदेशी', ‘रेजॉइस इन रायसीना' और ‘टाइगर हिल' जैसी धुनों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कुछ सदस्यों ने रोशनी से सजे वाद्य उपकरण ले रखे थे जो कभी-कभी तिरंगे की थीम में चमकते थे।
‘रघुपति राघव राजा राम' की धुन ने दर्शकों को प्रभावित किया। इसके बाद दर्शकों को भारतीय नौसेना बैंड द्वारा बजाई गई ‘आईएनएस विक्रांत', ‘एकला चलो रे', ‘समुद्र दर्शक', ‘मिशन चंद्रयान', ‘जय भारती' और ‘हम तैयार हैं' जैसी शानदार धुनें सुनाई गईं। एक बांसुरीवादक के नेतृत्व में ‘अग्रणी भारत' की धुन दिल को छू लेने वाली थी। यह कार्यक्रम ‘सारे जहां से अच्छा' की बेहद लोकप्रिय धुन के साथ संपन्न हुआ। शाम को रायसीना हिल्स परिसर जीवंत रंगों की रोशनी से चकाचौंध नजर आया।
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नयी दिल्ली. दिल्ली पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने गणतंत्र दिवस परेड, 2024 में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग टुकड़ी का पुरस्कार जीता है। रक्षा मंत्रालय के एक आधिकारिक दस्तावेज में सोमवार को बताया कि दिल्ली पुलिस ने ‘जूरी की पसंद श्रेणी' में सर्वश्रेष्ठ महिला टुकड़ी की ट्रॉफी जीती, जबकि सीआरपीएफ ने ‘लोकप्रिय पसंद श्रेणी' में ट्रॉफी जीती। दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी और पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सुमन नलवा ने खुशी जताते हुए ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अत्यंत गौरव का क्षण...दिल्ली पुलिस की मार्चिंग टुकड़ी को गणतंत्र दिवस परेड में जूरी की पसंद की श्रेणी में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और अन्य सहायक बलों के बीच ‘उत्कृष्ट मार्चिंग टुकड़ी' घोषित किया गया है।'' नलवा ने कहा, ‘‘कर्तव्य पथ पर दिल्ली पुलिस की नारी शक्ति के लिए वोट करने वाले सभी लोगों का शुक्रिया।'' दिल्ली छावनी के आरआर कैम्प में 30 जनवरी को अपराह्न साढ़े 12 बजे ट्रॉफी देने का समारोह आयोजित किया जाएगा। दिल्ली पुलिस के महिला पाइप बैंड ने पहली बार 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया था। वहीं, सीआरपीएफ को पहली महिला बैंड टुकड़ियों में से एक को तैयार करने का गौरव प्राप्त है। सीआरपीएफ की टुकड़ी में शामिल 100 महिला कर्मियों ने ‘देश के हम हैं रक्षक' धुन बजायी थी।
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अयोध्या . नवनिर्मित राम मंदिर में आगामी 14 फरवरी को बसंत पंचमी उत्सव को भव्य स्तर पर मनाने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने विभिन्न हिन्दू पर्वों की एक सूची तैयार की है जिन्हें साल की 12 महत्वपूर्ण तिथियों पर मंदिर में मनाया जा सकता है। न्यास के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। न्यास के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि रामलला के मंदिर में विराजमान होने के बाद अब सभी धार्मिक आयोजनों और त्योहारों को हिंदू परंपराओं के अनुसार मनाने की तैयारी की जा रही है। ट्रस्ट ने त्योहारों की एक विस्तृत सूची तैयार की है। उन्होंने बताया कि रामनवमी अयोध्या के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार है और उससे पहले बसंत पंचमी का पर्व आता है। यह त्योहार क्षेत्र के आधार पर अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है। इस दिन सरस्वती पूजा भी होती है। गिरि ने बताया कि इसके अलावा सीता नवमी, नरसिम्हा जयंती, सावन झूला उत्सव, जन्माष्टमी, विजयादशमी, शरद पूर्णिमा और फिर दीपावली भव्य स्तर पर मनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि साथ ही विवाह पंचमी और मकर संक्रांति जैसे त्योहारों को भी भव्यता के साथ मनाया जाएगा। इस बीच, मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर के रुके हुए कार्यों को फिर से शुरू करने की तैयारी की जा रही है। मंदिर के पश्चिमी हिस्से में दो टावर खड़े किये जा रहे हैं। आगामी 15 फरवरी से निर्माण कार्य के लिए श्रमिक भी यहां पहुंचेंगे। इसके लिए निर्माण कंपनी ‘एलएंडटी' ने भी तैयारी शुरू कर दी है। राम मंदिर निर्माण से जुड़े मार्बल विशेषज्ञ रोहित भाटिया ने बताया कि 15 फरवरी के बाद सभी श्रमिक अपने काम पर लौट आएंगे। राम जन्मभूमि परिसर में लगी मशीनों को दोबारा व्यवस्थित करने का काम शुरू कर दिया गया है ताकि श्रमिकों के आने के बाद काम शुरू हो सके। निर्माण कार्य के लिए लगभग 3,500 श्रमिक को लगाया जा रहा है। न्यास के सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा, ‘‘मंदिर की पहली मंजिल का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब दूसरी मंजिल और शिखर का काम शुरू होगा। हमने समय पर निर्माण पूरा करने के लिए इसका काम फिर से शुरू करने की तैयारी कर ली है।
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केंद्र ने नामित करने की अनुमति दी
नयी दिल्ली. केंद्र ने दूरगामी सामाजिक-आर्थिक प्रभाव वाले एक अहम निर्णय में महिला कर्मचारियों को अपने पति के बजाय अपने बेटे या बेटी को पारिवारिक पेंशन के लिए नामित करने की अनुमति दी है। एक आधिकारिक बयान में सोमवार को यह जानकारी दी गई। बयान में कहा गया है कि पहले, पारिवारिक पेंशन मृत सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी के पति या पत्नी को दी जाती थी, जबकि परिवार के अन्य सदस्य पति या पत्नी की अपात्रता या मृत्यु के बाद ही पात्र बनते थे। केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) ने केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2021 में एक संशोधन पेश किया है, जिससे महिला सरकारी कर्मचारियों या पेंशनभोगियों को उनके निधन के बाद उनके जीवनसाथी के स्थान पर अपने पात्र बच्चे/बच्चों को पारिवारिक पेंशन देने की अनुमति मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि संशोधन उन स्थितियों से निपटने में मददगार होगा, जहां वैवाहिक कलह के कारण तलाक की कार्यवाही होती है या घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम, दहेज निषेध अधिनियम या भारतीय दंड संहिता जैसे कानूनों के तहत मामले दर्ज किए जाते हैं। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है, ‘‘दूरगामी सामाजिक-आर्थिक प्रभाव वाले एक अहम निर्णय के तहत, और महिलाओं को समान अधिकार प्रदान करने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीति को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने लंबे समय से स्थापित नियम में संशोधन किया है, जिससे महिला कर्मचारी को पारिवारिक पेंशन के लिए उनके पति के बजाय उनके बेटे या बेटी को नामित करने का अधिकार मिल गया है।'' डीओपीपीडब्ल्यू ने कहा कि महिला सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी को संबंधित कार्यालय प्रमुख को एक लिखित अनुरोध करना होगा, जिसमें कहा जाएगा कि कानूनी कार्यवाही की जारी अवधि के दौरान उसकी मृत्यु की स्थिति में पति से पहले पात्र बच्चे/बच्चों को पारिवारिक पेंशन दी जानी चाहिए। बयान में कहा गया है, ‘‘अगर कार्यवाही के दौरान महिला सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी की मृत्यु हो जाती है, तो पारिवारिक पेंशन तदनुसार वितरित की जाएगी। -
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को ‘परीक्षा पे चर्चा' (पीपीसी) के सातवें संस्करण के दौरान यहां भारत मंडपम में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ बातचीत की। देश भर से लगभग 2.26 करोड़ विद्यार्थी डिजिटल और भौतिक रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने साझा किए 25 मंत्र-----
1- माता-पिता को अपने बच्चों के रिपोर्ट कार्ड को उनका विजिटिंग कार्ड नहीं बनाना चाहिए।
2-सही समय जैसी कोई चीज नहीं है, इसलिए उसका इंतजार न करें।
3-बच्चों को सामर्थ्यवान बनाना चाहिए और उन्हें दबावों से मुकाबला करने में मदद करनी चाहिए।
4-छात्रों और शिक्षकों के बीच का नाता केवल परीक्षा के कालखंड का नहीं, बल्कि पहले दिन से ही प्रगाढ़ होना चाहिए
5-निर्णय आधारित फैसले लेने की सहायता के साथ प्रौद्योगिकी और मोबाइल फोन का प्रभावी उपयोग करें।
6-स्क्रीन पर बिताया जाने वाला समय, नींद के समय को नष्ट कर देता है, मैं बिस्तर पर लेटते ही 30 सेकंड के भीतर सो जाता हूं। 7-अपने बच्चों के बीच कभी प्रतिस्पर्धा और प्रतिद्वंद्विता के बीज न बोएं, बल्कि भाई-बहन एक-दूसरे के लिए प्रेरणा स्रोत बनें। 8-शिक्षक नौकरी की भूमिका में नहीं हैं बल्कि वे छात्रों का जीवन संवारने की जिम्मेदारी निभाते हैं।
9-यदि लाखों चुनौतियां हैं, तो अरबों समाधान भी हैं।
10-खुद से प्रतिस्पर्धा करें, मित्रों से नहीं।
11-अंतिम क्षणों तक तैयारी न करें, अवांछित तनाव से बचने के लिए शांत दिमाग के साथ परीक्षा दें।
12-असफलताओं से निराशा नहीं होनी चाहिए। हर गलती एक नई सीख है।
13- जब कोई स्वार्थ न हो तो निर्णय में कभी भ्रम नहीं होता।
14- छात्रों, परिवारों और शिक्षकों को एक व्यवस्थित सिद्धांत को लागू करने के बजाय प्रक्रिया विकसित करते हुए सामूहिक रूप से बाहरी तनाव के मुद्दे का समाधान करना चाहिए। 15-परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करना कोई शून्य-संचय खेल नहीं है।
16-दोस्ती कोई लेन-देन वाली भावना नहीं, अपने दोस्तों की सफलता पर भी खुशी मनाएं।
17-अभिभावकों के अति उत्साह या छात्रों के अत्यधिक गंभीर होने के कारण होने वाली गलतियों से बचने की जरूरत पर जोर दिया। 18-परिवारों में विश्वास की कमी को दूर करने की जरूरत है।
19-अभिभावक परीक्षा के दिन को नए कपड़ों, रीति-रिवाजों या स्टेशनरी के नाम पर बढ़ा-चढ़ाकर पेश न करें।
20. प्रतिस्पर्धा और चुनौतियां जीवन में प्रेरणा का काम करती हैं, लेकिन प्रतिस्पर्धा स्वस्थ होनी चाहिए। 21-घरों में 'नो गैजेट जोन' बनाएं।
22-परिवार के सदस्यों के बीच पारदर्शिता बनाएं, उनके साथ फोन के पासवर्ड साझा करें, रात्रिभोज के दौरान अपने पास कोई गैजेट न रखें।
23-मोबाइल फोन की तरह इंसानी शरीर को भी चार्ज करने की जरूरत होती है।
24-हमेशा ऐसे दोस्त बनाएं, जो ज्यादा समझदार और मेहनती हों। आप ऐसे दोस्तों से प्रेरित होते हैं।
25-कंप्यूटर और फोन के कारण लिखने की आदत कम हो रही है। लिखने की आदत बनाए रखें।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रतिस्पर्धा और चुनौतियां जीवन में प्रेरणा का काम करती हैं। लेकिन प्रतिस्पर्धा स्वस्थ होनी चाहिए। उन्होंने छात्रों को दूसरों से प्रतिस्पर्धा करने के बजाय खुद से प्रतिस्पर्धा करने को कहा। नई दिल्ली में आज परीक्षा पे चर्चा 2024 कार्यक्रम के जरिए विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों से बातचीत के दौरान श्री मोदी ने कहा कि अगर जीवन में कोई चुनौती न हो तो जीवन प्रेरणाहीन और हतोत्साहित करने वाला बन जाता है। उन्होंने कहा कि कुछ अभिभावक अपने विजिटिंग कार्ड के रूप में अपने बच्चों के साथ रिपोर्ट कार्ड की तरह व्यवहार करते हैं। यह अच्छी बात नहीं है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बच्चों को किसी प्रकार के दबाव को झेलने के अनुकूल बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तनाव जीवन का हिस्सा है। हर किसी को इससे निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए। श्री मोदी ने कहा कि विद्यार्थियों के तनाव को कम करने में शिक्षकों की एक महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच का संबंध पाठ्यक्रम और पाठ्यचर्या से परे होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की चुनौतियों से अभिभावकों और शिक्षकों द्वारा समेकित रूप से निपटा जाना चाहिए।प्रधानमंत्री ने कहा कि फिटनेस के लिए संतुलित आहार और व्यायाम बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मस्तिष्क के लिए के लिए स्वस्थ शरीर का होना बहुत जरूरी है। श्री मोदी ने कहा कि पर्याप्त नींद भी इसके लिए बहुत आवश्यक है।प्रधानमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को निर्णय लेने की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भ्रम की स्थिति में इसे लेकर चर्चा करनी चाहिए और इसका समाधान तलाश कर आगे बढने की आवश्यकता है। श्री मोदी ने कहा कि बच्चों को अभिभावकों के बीच विश्वास की कमी नहीं होनी चाहिए। श्री मोदी ने कहा कि छात्रों को अधिक से अधिक प्रश्नों का उत्तर लिखने का अभ्यास करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर आप अभ्यास करेंगे तो परीक्षा केन्द्र का अधिकतर तनाव जाता रहेगा।केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धमेन्द्र प्रधान ने कहा कि भारत युवाओं के नेतृत्व में एक विकसित राष्ट्र बनेगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम एक जन आंदोलन बन चुका है। - भुवनेश्वर। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को दावा किया कि 2024 का लोकसभा चुनाव लोगों के लिए लोकतंत्र को बचाने का आखिरी मौका है, क्योंकि अगर भारतीय जनता पार्टी फिर से जीतती है, तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तानाशाही की तरफ बढ़ सकते हैं।उन्होंने लोगों से भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से दूरी बनाने का आग्रह किया और आरोप लगाया कि वे ‘‘जहर के समान’’ हैं।खरगे ने कांग्रेस की सभा में कहा, ‘‘यह भारत में लोकतंत्र को बचाने के लिए लोगों के पास आखिरी मौका होगा। अगर नरेंद्र मोदी एक और चुनाव जीतते हैं, तो देश में तानाशाही होगी।’’उन्होंने यह भी कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भारतीय जनता पार्टी के साथ जाने का आगामी चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘‘महागठबंधन से एक व्यक्ति के जाने से हम कमजोर नहीं होंगे। हम भाजपा को हरा देंगे।’’
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नयी दिल्ली. भारत की संघीय साइबर सुरक्षा एजेंसी ने एक नए परामर्श में कहा कि हाल में ऐसी घटनाओं में वृद्धि हुई है जिसमें स्कैमर हाई-प्रोफाइल लोगों और सरकारी संगठनों के सोशल मीडिया खातों को अपने नियंत्रण में कर दुष्प्रचार अभियान चलाते हैं। ‘इंडियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम' (सीईआरटी-इन) ने कहा कि ऐसे खातों की प्रतिष्ठा की रक्षा करने के लिए उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है और उसने सोशल मीडिया खातों से ‘‘छेड़छाड़'' पर नजर रखने के लिए कुछ कदम उठाने का भी सुझाव दिया। परामर्श में कहा गया है, ‘‘आज की दुनिया में सोशल मीडिया जनमत बनाने और सूचना फैलाने में अहम भूमिका निभाता है। ये मंच व्यक्तियों, सरकारों और उद्यमों के लिए आवश्यक और संचार तथा सामाजिक गतिविधियों के लिए एक शक्तिशाली माध्यम बन गए हैं।'' इसमें कहा गया है, ‘‘हालांकि, सोशल मीडिया के व्यापक प्रभाव के साथ सुरक्षा खतरे भी हैं। सोशल मीडिया खातों के दुरुपयोग को रोकने, और विश्वसनीय सूचना के प्रसार के लिए उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है।'' सीईआरटी-इन साइबर हमलों का मुकाबला करने और भारतीय इंटरनेट जगत की रक्षा करने के लिए एक राष्ट्रीय सुरक्षा इकाई है। उसने कहा, ‘‘हाल की प्रवृत्ति में ऐसी घटनाओं में वृद्धि हुई है जिसमें स्कैमर और खतरा पहुंचाने वाले लोग हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों, सरकारी संगठनों और उद्यम से जुड़े सोशल मीडिया खातों पर नियंत्रण कर लेते हैं।'' सीईआरटी-इन ने कहा कि इन खातों से छेड़छाड़ कर अक्सर इनका इस्तेमाल दुष्प्रचार अभियान, धोखाधड़ी और अन्य दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों के लिए किया जाता है जिससे प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है।
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नयी दिल्ली. बच्चों से दुष्कर्म के मामले वर्ष 2016 से 2022 के बीच 96 फीसदी बढ़े हैं, जिनमें सभी प्रकार के प्रवेशन हमले (पेनिट्रेटिव असॉल्ट) शामिल हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर बाल अधिकार से जुड़े एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘सीआरवाई' ने यह दावा किया है। इस बढ़ोतरी के संभावित कारणों पर चर्चा करते हुए ‘चाइल्ड राइट्स एंड यू' (सीआरवाई) में अनुसंधान और ज्ञान विनिमय के निदेशक शुभेंदु भट्टाचार्जी ने कहा कि बेहतर जन जागरूकता के कारण बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के अधिक मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि समर्पित हेल्पलाइन, ऑनलाइन पोर्टल और विशेष एजेंसियों के माध्यम से बढ़ी हुई पहुंच के साथ-साथ शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था के प्रति बढ़े हुए विश्वास ने पीड़ितों और उनके परिवारों को आगे आने और ऐसे मामलों की शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया है। सीआरवाई द्वारा किए गए विश्लेषण से पता चला कि वर्ष 2020 को छोड़कर, 2016 के बाद से बलात्कार की घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है। अकेले 2021 और 2022 के बीच, ऐसे मामलों में 6.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। भारतीय दंड संहिता और विशेष तथा स्थानीय कानूनों के तहत आने वाले सभी प्रकार के प्रवेशन हमलों को शामिल करते हुए की गई एक विस्तृत पड़ताल के मुताबिक 2016 से 2022 के बीच कुल वृद्धि 96.8 प्रतिशत रही।
सीआरवाई ने बताया कि अकेले 2022 में बाल दुष्कर्म और प्रवेशन हमलों के 38,911 मामले दर्ज किए गए, जो 2021 में दर्ज 36,381 मामलों से अधिक हैं। वर्ष 2020 के लिए यह संख्या 30,705 और 2019 के लिए 31,132 थी। वर्ष 2018 में 30,917 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2017 में 27,616 मामले दर्ज किए गए। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2016 में 19,765 मामले दर्ज किए गए। भट्टाचार्जी ने शिकायत दर्ज कराने के प्रति सकारात्मक रुझान का श्रेय हाल के कानूनी सुधारों और नीतिगत बदलावों को दिया, जिनका उद्देश्य बच्चों को निशाना बनाने वाले यौन अपराधों के खिलाफ कानूनों को मजबूत करना है। उन्होंने हाई-प्रोफाइल मामलों के व्यापक मीडिया कवरेज और सहायक वातावरण बनाने में समुदायों और नागरिक संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी द्वारा निभाई गई भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बाल यौन शोषण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा करने और उसका समाधान करने के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में धीरे-धीरे आए बदलाव ने ‘मौन रहने की संस्कृति' को तोड़ने में योगदान दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘बाल यौन शोषण के बारे में खुली बातचीत को प्रोत्साहित करने से पीड़ितों को सामाजिक आलोचना और कलंक के डर के बिना बोलने और दुर्व्यवहार की शिकायत दर्ज कराने की ताकत मिलती है।'' हर साल एनसीआरबी अपराध के आंकड़े जारी करता है, जो भारतीय दंड संहिता और यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा (पॉक्सो) अधिनियम जैसे विशेष कानूनों के तहत दर्ज अपराधों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करता है।
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रांची. दिल्ली के विभिन्न इलाकों से हाल ही में 14 नाबालिगों सहित झारखंड की 19 लड़कियों को बचाया गया है। एक आधिकारिक बयान में रविवार को यह जानकारी दी गई। बयान के मुताबिक, इस बचाव अभियान से कुछ दिन पहले ही झारखंड के साहेबगंज जिले से दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया था। बचाई गई लड़कियों की उम्र 12 से 18 साल के बीच है और सभी साहेबगंज के बोरियो ब्लॉक की रहने वाली हैं।
बयान में कहा गया है कि एकीकृत पुनर्वास-सह-संसाधन केंद्र, नयी दिल्ली के नोडल अधिकारी नचिकेता को 23 जनवरी को सूचना मिली थी कि तस्कर बोरियो ब्लॉक से कई लड़कियों को बहला-फुसलाकर दिल्ली ले आए हैं। विज्ञप्ति के मुताबिक, तस्करों की गिरफ्तारी के बाद साहेबगंज के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने गिरफ्तार आरोपियों के घरों से बरामद दस्तावेजों के साथ एक टीम दिल्ली भेजी। इसमें कहा गया है कि दस्तावेजों में मिली जानकारी के आधार पर एक बचाव अभियान चलाया गया और लड़कियों को राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न स्थानों से मुक्त कराया गया। -
तिरुवनंतपुरम. केरल सरकार ने रविवार को राज्य में 60,000 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के वेतन में 1,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की घोषणा की। वित्त मंत्री के. एन. बालगोपाल ने कहा कि ऐसी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के वेतन में एक हजार रुपये की वृद्धि की जाएगी, जो कि 10 साल से अधिक समय से सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने एक बयान में कहा कि अन्य लोगों के वेतन में 500 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी।
वेतन वृद्धि का लाभ क्षेत्र की कुल 60,232 कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मिलेगा।
वर्तमान में, राज्य में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को क्रमशः 12,000 रुपये और 8,000 रुपये का मासिक वेतन मिलता है। बयान के अनुसार वे दिसंबर, 2023 से संशोधित वेतन के लिए पात्र होंगी। बयान में कहा गया है कि राज्य में एकीकृत बाल विकास योजना (आईसीडीएस) के तहत 33,115 आंगनवाड़ी केंद्र हैं। -
नयी दिल्ली. स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय की सोच की जटिलताओं पर बात करने वाली पुस्तक ‘बीइंग हिंदू, बीइंग इंडियन' उनके राष्ट्रवादी विचारों की पहली बार व्यापक समीक्षा करने का दावा करती है। राय की 159वीं जयंती के अवसर पर घोषणा की गई कि उनके जीवन पर आधारित पुस्तक ‘बीइंग हिंदू, बीइंग इंडियन' का अगले महीने विमोचन किया जाएगा। यह पुस्तक पाठकों से ‘‘इतिहास, राजनीति, धार्मिक पहचान और राष्ट्रीयता के बारे में और गहराई से सोचने के प्रवेश द्वार'' के तौर पर राय के विचारों को समझने का अनुरोध करती है। इस पुस्तक को इतिहासकार वान्या वैदेही भार्गव ने लिखा है और ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया' (पीआरएचआई) ने इसे प्रकाशित किया है। लाला लाजपत राय का जन्म 28 जनवरी 1865 को पंजाब प्रांत में हुआ था। भारत के प्रमुख स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राय को ‘पंजाब केसरी' भी कहा जाता था। वर्ष 1928 में साइमन कमीशन के विरोध में हिस्सा लेने के दौरान लाठीचार्ज में घायल होने के बाद 17 नवंबर 1928 को उनका निधन हो गया। भार्गव ने कहा, ‘‘इस पुस्तक में राय को उसी रूप में पेश किया गया है जो वह थे: राष्ट्रीयता के विविध विचारों का स्रोत। उन्होंने अपनी बात को पुष्ट करने के लिए विस्तार से बताया कि किस प्रकार हिंदुत्व के विपरीत, राय के हिंदू राष्ट्रवाद ने ‘‘एक व्यापक ‘भारतीय' राष्ट्र में हिंदू और मुस्लिम ‘राष्ट्रीयताओं' के अंततः एकीकरण की कल्पना की।
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अयोध्या (उप्र) .अयोध्या में भगवान श्री रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के बाद यहां रोजगार की अपार संभावनाएं दिखने लगी हैं और इस शहर के युवा भविष्य में मिलने वाले अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं। देश की शीर्ष अदालत ने 2019 में जब अपने ऐतिहासिक फैसले में अयोध्या के विवादित स्थान पर राम मंदिर के निर्माण का आदेश दिया था, तब दिलीप पांडेय दिल्ली में एक कपड़ा फर्म में दर्जी का काम करते थे। अयोध्या के मूल निवासी, पांडेय 2020 में कोविड-19 की पहली लहर में अपने घर लौट आए थे और तभी उन्होंने अवसर को भांप लिया था तथा कभी वापस न लौटने का फैसला किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान श्री रामलला के बाल स्वरूप के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा हुई और अब लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन के लिए यहां उमड़ रहे हैं। दिलीप पांडेय वर्तमान में एक छोटी परिवहन कंपनी संचालित करते हैं जो देश के विभिन्न हिस्सों से अयोध्या आने वाले लोगों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराती है। नवनिर्मित राम मंदिर के उद्घाटन के साथ पांडेय (28) ने अब अयोध्या आने वाले भक्तों की भीड़ की जरूरतों को पूरा करने के लिए व्यवसाय का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित किया है।
पांडेय ने कहा, वर्तमान में मेरे पास तीन मध्यम आकार की वैन हैं, जिन्हें आगंतुक अयोध्या के चारों ओर यात्रा करने के लिए किराये पर लेते हैं। भक्तों की संख्या में वृद्धि के साथ, मैंने भक्तों के लिए दो एसयूवी खरीदने के लिए ऋण लेने की योजना बनाई है।" हालांकि पढ़ाई में रुचि होने के बावजूद उन्होंने नौकरी शुरू करने के लिए अयोध्या में कॉलेज के प्रथम वर्ष की पढ़ाई छोड़ दी। उन्होंने कहा, "कुछ साल पहले अयोध्या हमारे लिए कुछ पुराने मंदिरों से ज्यादा कुछ नहीं थी। मुझे यहां कोई अवसर नहीं दिख रहा था इसलिए काम की तलाश में यह जगह छोड़ने का फैसला किया। मुझे लगता है कि अब स्थिति बदल गई है।" पांडेय की तरह, मंदिर शहर के युवा भविष्य में मिलने वाले अवसर को देखते हैं और यहां इसका लाभ उठाना चाहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सेवा उद्योग में विशेष रूप से पर्यटन से जुड़े क्षेत्रों में अवसर मौजूद हैं। स्थानीय लोगों को इसकी संभावना तब दिखी, जब प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के अगले दिन मंगलवार (23 जनवरी) को दुनिया भर से पांच लाख से अधिक भक्तों ने दर्शन किए। मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों के अनुसार, सप्ताह के अंत तक आगंतुकों की संख्या 10 लाख तक पहुंच गई। इस शहर के अधिकांश होटलों के कमरे मार्च तक आरक्षित हो गये हैं, जिससे विभिन्न हिस्सों से आने वाले लोगों को आसपास के जिलों बाराबंकी, बस्ती और यहां तक कि लखनऊ और गोरखपुर में आवास की तलाश करनी पड़ रही है। आगंतुकों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए उप्र सरकार के श्रम और रोजगार मंत्री अनिल राजभर ने कहा, "अयोध्या अगले पांच वर्षों में आतिथ्य क्षेत्र से संबंधित लगभग पांच लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा करेगा।
राजभर ने कहा, "नौकरियों के अलावा युवाओं के लिए उद्यमी बनने और आगंतुकों या उनसे जुड़े उद्योगों की मांगों को पूरा करने के लिए छोटी कंपनियां स्थापित करने की भी बड़ी संभावना है।" मंत्री ने भरोसा दिया कि राज्य का श्रम और रोजगार विभाग युवाओं को रोजगार की सुविधा प्रदान करने के लिए अयोध्या में स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि "कर्मचारियों की आवश्यकता के संबंध में हम एक दर्जन से अधिक बड़े होटल ब्रांडों के साथ बातचीत कर रहे हैं जो या तो परिचालन में हैं या अगले कुछ वर्षों में परिचालन शुरू करेंगे। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन जल्द ही विभिन्न स्थानों पर तदर्थ आधार पर लोगों को नियुक्त करने के लिए अभियान चलाएगा।'' बीए अंतिम वर्ष के छात्र प्रभात गोंड, अयोध्या में फोटोग्राफी की एक छोटी दुकान चलाते हैं। उन्होंने इसे पिछले साल शौक के तौर पर शुरू किया था, लेकिन अब उनके पास पांच लोगों की टीम है। गोंड ने बताया, ‘‘हमारे पास मेरे और एक फोटो संपादक सहित चार फोटोग्राफर हैं। हम मुख्य रूप से बाहर से आने वाले आगंतुकों पर ध्यान केंद्रित करते हैं और उन्हें फोटो और वीडियो से संबंधित सेवाएं प्रदान करते हैं।'' पिछले साल स्नातक (विज्ञान) करने वाले संदीप तिवारी ने एक होटल प्रबंधन पाठ्यक्रम में दाखिला लिया है और पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद एक होटल में शामिल होना चाहते हैं। तिवारी की तरह, अयोध्या में कामता प्रसाद सुंदरलाल पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज के कई स्नातक छात्रों ने सेवा क्षेत्र के लिए खुद को तैयार करने के लिए स्पोकन इंग्लिश, आतिथ्य और यहां तक कि टूर ऑपरेटर के पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया है।
कॉलेज से बीएससी स्नातक विद्यांत सिंह ने कहा, मेरे एक रिश्तेदार एक टूर कंपनी के मालिक हैं और उन्हें किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जो विदेशी पर्यटकों के साथ अंग्रेजी में बातचीत कर सके। इसलिए मैंने कंपनी में शामिल होने के लिए छह महीने के स्पोकन इंग्लिश कोर्स में दाखिला लिया है।" कई युवाओं को शहर में आधिकारिक गाइड समेत विभिन्न क्षेत्रों में अंशकालिक रोजगार तत्काल मिला है। उन्नीस साल का ध्रुव शुक्ला भी गाइड का काम करता है, साथ ही वह श्रद्धालुओं को अन्य मंदिर भी लेकर जाता है। शुक्ला ने कहा, "मैं लता मंगेशकर चौक से आगंतुकों को ले जाता हूं और राम मंदिर में पूजा करने के बाद उन्हें हनुमानगढ़ी तथा अन्य मंदिरों के दर्शन कराता हूं।'' शुक्ला आगंतुकों के प्रति समूह से 500 से 1000 के बीच शुल्क लेते हैं। एक कॉलेज छात्र, शुक्ला ने पर्यटकों के लिए पूर्णकालिक गाइड बनने से पहले अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी करने की योजना बनाई है।
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जयपुर. राजस्थान में 15 फरवरी को ‘सूर्य सप्तमी' पर सभी सरकारी स्कूलों में सामूहिक ‘सूर्य नमस्कार' कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। स्कूल शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के निर्देश के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक आशीष मोदी ने एक आदेश जारी कर सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को सुबह की प्रार्थना में ‘सूर्य नमस्कार' कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य 15 फरवरी को सभी स्कूलों में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों द्वारा सामूहिक ‘सूर्य नमस्कार' आयोजित करके विश्व रिकॉर्ड बनाना है। मोदी ने बताया, ‘‘स्कूलों में ‘सूर्य नमस्कार' का अभ्यास पहले ही शुरू हो चुका है। सभी छात्रों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने माता-पिता और शिक्षकों के साथ ‘सूर्य नमस्कार' करें।'' उन्होंने कहा कि आयोजन ‘सूर्य सप्तमी' पर एक दिन के लिए किया जा रहा है और अगर सरकार निर्देश देगी तो ‘सूर्य नमस्कार' के स्वास्थ्य लाभ को देखते हुए इसे नियमित अभियान बनाने के लिए आगे आदेश जारी किए जाएंगे। मोदी ने कहा कि 23 जनवरी को जारी आदेश में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि शिक्षकों और छात्रों को योग्य प्रशिक्षकों द्वारा ‘सूर्य नमस्कार' का प्रशिक्षण दिया जाए। निदेशक ने कहा कि 15 फरवरी को सभी स्कूलों में छात्र, अभिभावक, शिक्षक, ग्रामीण एक साथ ‘सूर्य नमस्कार' कर ‘‘विश्व रिकॉर्ड'' बनाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा अधिकारियों को 15 फरवरी को दोपहर दो बजे तक प्रतिभागियों की संख्या के बारे में अद्यतन जानकारी भेजने के लिए भी कहा गया है।
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बरेली (उप्र). जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर कस्बा फरीदपुर में एक ही परिवार के पांच लोगों की घर में लगी आग में जिंदा झुलसकर मौत हो गयी। मरने वालों में तीन बच्चे भी शामिल थे। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले पर गहरा दुख प्रकट करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। पुलिस के अनुसार अजय गुप्ता उर्फ टिंकल पेशे से हलवाई थे और वह अपने परिवार के साथ तीन वर्ष से फरीदपुर के मोहल्ला फर्रखपुर में एक रिश्तेदार के मकान में किराए पर रहते थे। शनिवार रात सभी लोग एक ही कमरे में सोए थे। तड़के पड़ोसियों ने घर से धुआं निकलता देखा तो पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे का दरवाजा बाहर से बंद था और ताला लगा हुआ था। पुलिस दरवाजा तोड़कर कमरे में दाखिल हुई। अंदर पांच शव झुलसी हुई अवस्था में पड़े थे। कमरे में रखा सारा सामान जल चुका था।
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सूचना मिलते ही मृतक के परिजन व रिश्तेदार पहुंच गए। पुलिस के अनुसार घटना शनिवार-रविवार रात की है। रविवार सुबह सूचना मिलने पर बरेली के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) घुले सुशील चंद्रभान भी घटनास्थल पर पहुंचे। घटनास्थल पर मौजूद एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि फरीदपुर कस्बे में अजय गुप्ता उर्फ टिंकल (38), पत्नी अनीता (36), बेटा दिव्यांश (नौ), बेटी दिव्यांका (छह) और सबसे बेटा दक्ष (तीन) की जिंदा जलकर मौत हो गयी। एसएसपी ने बताया कि गुप्ता के घर में बाहर से ताला लगा हुआ था और प्रतीत होता है कि घटना के वक्त सभी पीड़ित घर के अंदर ही थे। पुलिस घटना के संबंध में गंभीरता से हर पहलू से जांच कर रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने बरेली जिले में अग्निकांड में हुई जनहानि पर गहरा दुख प्रकट करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री ने प्रभु श्री राम से दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना की है।'' जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। मृतकों के दाह संस्कार का पूरा खर्च जिला प्रशासन वहन करेगा।
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फिरोजाबाद (उप्र)। जिले के टूंडला थाना क्षेत्र में एक बेटे ने अपनी मां की कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने रविवार को हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार फिरोजाबाद जिले के टूंडला थाना क्षेत्र के मोहम्मदाबाद में शनिवार देर रात एक युवक ने अपनी मां सुशीला देवी (50) को बुरी तरह पीटा। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां रविवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। टूंडला के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) अन्वेष कुमार ने बताया कि 50 वर्षीय सुशीला देवी की बीती रात उसके बेटे आरोपी राकेश ने शराब के नशे में किसी बात को लेकर पिटाई कर दी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने परिजनों के सहयोग से घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया जहां आज सुबह उसने दम तोड़ दिया। सीओ ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है । उन्होंने बताया कि आरोपी मौके से फरार हो गया । उन्होंने कहा कि उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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नयी दिल्ली. बीते साल देश के प्रमुख शहरों में फ्लैट का औसत आकार 11 प्रतिशत बढ़ा है। इसकी चलते रियल एस्टेट कंपनियों उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप बड़े घरों का निर्माण कर रही हैं। रियल एस्टेट सलाहकार एनारॉक ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। एनारॉक ने सात प्रमुख शहरों के प्राथमिक आवास बाजार में 2023 के दौरान घरों की ताजा आपूर्ति का विश्लेषण किया है। आंकड़ों से पता चला है कि शीर्ष सात शहरों में औसत फ्लैट का आकार पिछले साल बढ़कर 1,300 वर्ग फुट हो गया, जो 2022 में 1,175 वर्ग फुट था। पिछले साल मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) और कोलकाता में औसत फ्लैट आकार कम हुआ है जबकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर)-दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और चेन्नई में यह बढ़ गया है। औसत फ्लैट आकार 2019 में 1,050 वर्ग फुट, 2020 में 1,167 वर्ग फुट और 2021 में 1,170 वर्ग फुट था।
एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, “पिछले साल बड़े लक्जरी घरों की आपूर्ति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। कुल नई परियोजनाओं में से लगभग 23 प्रतिशत लक्जरी श्रेणी में थीं।” पुरी ने कहा, “बड़े आकार के घरों की मांग कोविड-19 महामारी के कारण शुरू हुई थी, लेकिन तीन साल बाद भी इसके कम होने के कोई संकेत नहीं हैं। घर खरीदार की प्राथमिकताओं में इसका सामान्यीकरण हो गया है, जिससे यह मांग काफी टिकाऊ लगती है।” क्रिसुमी कॉरर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक मोहित जैन ने कहा कि समाज का आकांक्षी वर्ग ऐसे प्रीमियम घरों की मांग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जो विशाल और आकार में बड़े हैं। उन्होंने कहा, “यह प्रवृत्ति निकट भविष्य में भी जारी रह सकती है।”
एमएमआर में औसत फ्लैट आकार 2022 में 840 वर्ग फुट से पांच प्रतिशत घटकर 2023 में 794 वर्ग फुट रह गया। कोलकाता में औसत फ्लैट आकार 2022 में 1,150 वर्ग फुट से दो प्रतिशत घटकर 2023 में 1,124 वर्ग फुट रह गया। दिल्ली-एनसीआर में औसत फ्लैट आकार 2022 के 1,375 वर्ग फुट से 37 प्रतिशत (सर्वाधिक) बढ़कर 2023 में 1,890 वर्ग फुट हो गया। हैदराबाद में औसत फ्लैट आकार सर्वाधिक है। यहां औसत फ्लैट आकार 2022 के 1,775 वर्ग फुट से 30 प्रतिशत बढ़कर 2023 में 2,300 वर्ग फुट हो गया। बेंगलुरु में औसत फ्लैट आकार 2022 के 1,175 वर्ग फुट से 26 प्रतिशत बढ़कर 2023 में 1,484 वर्ग फुट हो गया। पुणे में औसत फ्लैट आकार 2022 के 980 वर्ग फुट से 11 प्रतिशत बढ़कर 2023 में 1,086 वर्ग फुट हो गया। चेन्नई में औसत फ्लैट आकार 2022 के 1,200 वर्ग फुट से पांच प्रतिशत बढ़कर 2023 में 1,260 वर्ग फुट हो गया।

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