- Home
- देश
- लखनऊ. केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अयोध्या को कोलकाता से जोड़ने वाली ‘एयर इंडिया एक्सप्रेस' की उड़ान सेवा को हरी झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिजिटल के माध्यम से लखनऊ से हरी झंडी दिखाकर उड़ान सेवा की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या आने वाले समय में देश और दुनिया में पर्यटन स्थल के रूप में सबसे प्रमुख शहर बनने जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘अयोध्या में स्थानीय श्रद्धालु काफी संख्या में आते हैं, लेकिन यहां आने के लिए पूरे देश में जिस तरह की आतुरता है उसे देखते हुए श्रद्धालुओं के आवागमन को सुलभ बनाना हमारा दायित्व है, जिसे हमने निभाया है। इसके लिए नागर विमानन मंत्रालय ने जो काम किया है वह सराहनीय है।'' मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘चार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के साथ आज उत्तर प्रदेश हवाई संपर्क के मामले में एक महत्वपूर्ण राज्य के रूप में उभरा है। प्रधानमंत्री ने 30 दिसंबर को अयोध्या में महर्षि वाल्मिकी हवाई अड्डे का उद्घाटन किया था। दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद से उड़ानों के बाद अब अयोध्या से कोलकाता और बेंगलुरु के लिए भी ‘एयर इंडिया एक्सप्रेस' की यह सेवा शुरू होने जा रही है।'' योगी ने कहा, ‘‘अयोध्या भारत की सनातन आस्था का प्रतीक तो है ही, साथ ही प्रभु श्रीराम भी हमारे धर्म, काम और मोक्ष से जुड़े पुरषार्थ के प्रतीक हैं। पांच वर्षों के एक लंबे अंतराल के बाद पूरे देश ने अयोध्या के प्रति अपनी आस्था को व्यक्त किया है। आज उसका परिणाम हमारे सामने है। 22 जनवरी 2024 को रामलला अपनी जन्मभूमि पर अपने मूर्त रूप में विराजमान होंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘स्वाभाविक है कि पूरे देश में अयोध्या आगमन के लिए उत्सुकता और आतुरता है। उनके अयोध्या आगमन के लिए क्या संभावनाएं हो सकती हैं, इसके लिए आज से छह वर्ष पहले कल्पना कर ली गई थी कि अयोध्या में सड़कों को चार लेन का किया जाएगा। अयोध्या रेलवे लाइन का दोहरीकरण कार्य किया जाएगा। अयोध्या की पवित्र सरयू नदी में क्रूज सेवा शुरू होगी और अयोध्या में अतंरराष्ट्रीय हवाई अडडा होगा।'' मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अयोध्या में उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही 821 एकड़ भूमि नागर विमानन मंत्रालय को उपलब्ध करा चुकी है। अभी यहां 500 यात्री एक साथ इस विमान तल का उपयोग कर सकते हैं। साथ ही आठ विमान यहां उतर सकते हैं। भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए नागर विमानन मंत्रालय ने जो योजना बनाई है उस पर काम करने के लिए राज्य सरकार सकारात्मक सहयोग करेगी।'' इस अवसर पर सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश एक ऐसा राज्य है जो देश की प्रगति सुनिश्चित करता है। हमने पिछले साल नवंबर में दिवाली मनाई थी। इस बीच, मेरे राज्य (मध्य प्रदेश) के लोगों ने भी विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद तीन दिसंबर को दिवाली मनाई थी। अब, हम एक और दिवाली मनाएंगे। 22 जनवरी को।''
- मुंबई. प्रतिस्पर्धा में बढ़ोतरी के बीच लगभग 88 प्रतिशत पेशेवर इस साल अपनी नौकरी बदलने पर विचार कर रहे हैं। बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया है। लिंक्डइन की रिपोर्ट के अनुसार, चुनौतीपूर्ण आर्थिक माहौल में बेहतर कार्य-जीवन संतुलन की इच्छा (42 प्रतिशत) और अधिक वेतन (37 प्रतिशत) की आकांक्षा की वजह से ज्यादातर पेशेवर नौकरी बदलना चाहते हैं। लिंक्डइन की यह रिपोर्ट 24 नवंबर से 12 दिसंबर, 2023 के बीच देशभर में 1097 पूर्णकालिक या अस्थायी रोजगार में लगे पेशेवरों पर ‘सेंससवाइड' के एक शोध पर आधारित है। रिपोर्ट कहती है कि 88 प्रतिशत पेशेवर 2024 में नौकरी बदलने पर विचार कर रहे हैं। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में चार प्रतिशत अधिक है। ये पेशेवर अपने करियर में नया रास्ता चुनना चाहते हैं। सर्वेक्षण में शामिल 10 में से आठ (79 प्रतिशत) पेशेवरों ने कहा कि वे अपने उद्योग या मौजूदा भूमिका से अलग अवसर की तलाश में हैं। सर्वेक्षण में शामिल 72 प्रतिशत पेशेवरों ने कहा कि उन्होंने नौकरी खोजने के अपने दृष्टिकोण को बदल दिया है। अब वे वीडियो और डिजिटल बायोडाटा जैसे नए प्रारूपों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ज्यादातर पेशेवर कृत्रिम मेधा (एआई) का इस्तेमाल करने को भी इच्छुक हैं। लगभग 81 प्रतिशत पेशेवरों का कहना है कि एआई की मदद से उनकी नौकरी की तलाश अधिक प्रभावी और उत्पादक हो सकती है।
-
होशियारपुर . पंजाब के होशियारपुर जिले में बुधवार सुबह कोहरे के बीच एक बस के खड़े ट्रक से टकरा जाने से तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई और 13 अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि जालंधर स्थित पंजाब सशस्त्र पुलिस संस्थान से 30 पुलिसकर्मियों को लेकर गुरदासपुर जा रही बस होशियारपुर से 54 किलोमीटर दूर मुकेरियां में सुबह करीब सात बजे दुर्घटनाग्रस्त हो गई। होशियारपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र लांबा ने दुर्घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान सहायक उप-निरीक्षक हरदेव सिंह, बस चालक वरिष्ठ कांस्टेबल गुरप्रीत सिंह और महिला कांस्टेबल शालू राणा के रूप में की गई है। शवों को मुकेरियां सिविल अस्पताल के शवगृह में रखा गया है।
घायलों को दसूया और मुकेरियां के सिविल अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। - नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक महीने में तीसरी बार दक्षिणी राज्यों का दौरा करेंगे और अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा से पहले महाराष्ट्र भी जाएंगे। इस यात्रा के दौरान वह हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास के साथ ही कई कार्यक्रमों की शुरुआत भी करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बुधवार को बयान जारी कर यह जानकारी दी। पीएमओ की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 19 जनवरी को महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु का दौरा करेंगे।" बयान में कहा गया है कि वह सुबह लगभग 10:45 बजे महाराष्ट्र के सोलापुर में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे, इसके बाद दोपहर लगभग 2:45 बजे कर्नाटक के बेंगलुरु में बोइंग इंडिया इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी सेंटर का उद्घाटन करेंगे तथा बोइंग सुकन्या कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे । इसमें कहा गया है कि शाम लगभग छह बजे प्रधानमंत्री तमिलनाडु के चेन्नई में खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2023 के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। तीन राज्यों के उनके एकदिवसीय दौरे की शुरुआत महाराष्ट्र के सोलापुर से होगी जहां वह एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र में लगभग 2,000 करोड़ रुपये की आठ अमृत (कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन) परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत निर्मित 90,000 से अधिक घर लाभार्थियों को सौंपेंगे। इसके अलावा, वह सोलापुर में रायनगर हाउसिंग सोसाइटी के 15,000 घर भी सौंपेगे, जिनके लाभार्थियों में हजारों हथकरघा श्रमिक, विक्रेता, पावरलूम श्रमिक, कचरा बीनने वाले, बीड़ी श्रमिक, ड्राइवर और अन्य शामिल हैं। बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र में पीएम-स्वनिधि के 10,000 लाभार्थियों को पहली और दूसरी किस्त के वितरण की शुरुआत करेंगे। इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री बेंगलुरु में नए अत्याधुनिक बोइंग इंडिया इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी सेंटर (बीआईईटीसी) परिसर का उद्घाटन करेंगे। इसके अनुसार करीब 1,600 करोड़ रुपये के निवेश से निर्मित, 43 एकड़ का यह परिसर अमेरिका के बाहर बोइंग का सबसे बड़ा निवेश है। बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री बोइंग सुकन्या कार्यक्रम की भी शुरूआत करेंगे जिसका उद्देश्य देश भर से कुछ और लड़कियों को देश के बढ़ते विमानन क्षेत्र में प्रवेश का समर्थन करना है। पीएमओ ने बयान में बताया कि प्रधानमंत्री की जमीनी स्तर पर खेलों के विकास को बढ़ावा देने और उभरती खेल प्रतिभाओं को पोषित करने की अटूट प्रतिबद्धता के नतीजतन खेलो इंडिया यूथ गेम्स की शुरुआत हुई। इसमें कहा गया है कि अपनी इस यात्रा में प्रधानमंत्री छठे खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2023 के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। यह चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। खेलो इंडिया यूथ गेम्स के इस संस्करण में 5600 से ज्यादा एथलीट भाग लेंगे। ये 15 स्थलों पर 13 दिनों तक चलेगा। इसमें 26 खेल विधाएं, 275 से अधिक स्पर्धाएं और एक डेमो खेल शामिल होगा। ये 26 खेल विधाएं फुटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन जैसे पारंपरिक खेलों और कलरिपयट्टू, गटका, थांग ता, कबड्डी और योगासन जैसे पारंपरिक खेलों का मिश्रण हैं। बयान में कहा गया है कि तमिलनाडु के पारंपरिक खेल सिलंबम को खेलो इंडिया यूथ गेम्स के इतिहास में पहली बार डेमो खेल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। इसमें कहा गया है कि उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री, प्रसारण क्षेत्र से जुड़ी करीब 250 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत और शिलान्यास भी करेंगे। प्रधानमंत्री ने इस साल कई शुरुआत दक्षिण भारतीय राज्यों से की थी। प्रधानमंत्री ने नए साल के पहले हफ्ते के तीन दिन तमिलनाडु, लक्षद्वीप और केरल में बिताए।
-
नई दिल्ली। सरकार ने भारतीय स्टैम्प विधेयक 2023 के मसौदे पर सुझाव आमंत्रित किए हैं। लोगों से 30 दिन के अंदर अपने सुझाव देने को कहा गया है।केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने कहा कि राजस्व विभाग ने मौजूदा स्टैम्प कर व्यवस्था के अनुरूप भारतीय स्टैम्प विधेयक का मसौदा तैयार किया है।पारित हो जाने के बाद यह विधेयक भारतीय स्टैम्प अधिनियम 1899 का स्थान लेगा। स्टैम्प अधिनियम लेनदेन संबंधी लिखतों पर स्टैम्प के रूप में लगने वाले करों से संबंधित विधान निर्धारित करता है।मंत्रालय ने कहा कि आधुनिक स्टैम्प कर व्यवस्था के अनुरूप बनाने के लिए समय-समय पर अधिनियम में संशोधन किया गया है।
-
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज विकसित भारत संकल्प यात्रा के लाभार्थियों से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बातचीत करेंगे। वे इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित भी करेंगे। देशभर से विकसित भारत संकल्प यात्रा के हजारों लाभार्थी कार्यक्रम में शामिल होंगे। केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक और स्थायी प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे।
पिछले वर्ष 15 नवंबर को संकल्प यात्रा के शुभारंभ के बाद से प्रधानमंत्री नियमित रूप से लाभार्थियों से बातचीत करते रहे हैं। देशभर में चलाई जा रही इस यात्रा का उद्देश्य केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं की जानकारी देना है, ताकि सभी लक्षित लाभार्थियों तक इनका लाभ समयबद्ध ढंग से पहुंच सके।विकसित भारत संकल्प यात्रा में प्रतिभागियों की संख्या 15 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है। - भोपाल/ गुना. मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक कार के डिवाइडर से टकरा जाने से चार लोगों की मौत हो गयी और तीन अन्य घायल हो गये। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात को जिले के बदरवास कस्बे के बाईपास पर हुई। बदरवास थाना प्रभारी रवि चौहान ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है हादसा कार के डिवाइडर से टकराने के कारण हुआ, लेकिन मामले में जांच की जा रही है। अधिकारी ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि सभी कार सवार सड़क के दूसरी ओर जा गिरे, उनमें से एक तो झाड़ियों जा गिरा। उन्होंने बताया कि तीन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक की शिवपुरी जिला अस्पताल में मौत हो गई।अधिकारी ने बताया कि घायलों का गुना के जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।
- रांची. झारखंड की राजधानी रांची आ रही लंबी दूरी की बस में सवार तीन कारोबारियों से मंगलवार की सुबह बंदूक के बल पर कथित तौर पर 18 लाख रुपये नकद लूटने का मामला सामने आया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि वारदात दशम पुलिस थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 33 पर कोलकाता से रांची आ रही बस में हुई। दशम पुलिस थाना के प्रभारी प्रेम प्रताप ने बताया, ‘‘तीन कारोबारी कोलकाता में अपने ग्राहकों से पैसा एकत्र कर सोमवार की रात को बस में सवार हुए थे। चार अपराधी भी उसी बस में यात्री बनकर सवार हुए थे।'' उन्होंने बताया,‘‘बस जैसे ही सुबह करीब साढ़े पांच बजे बुंदु पहुंची चारों अपराधियों ने कारोबारियों को बंदूक के बल पर लूट लिया और इसके बाद नवाडीह में बस से उतर गए।'' प्रताप ने बताया कि कारोबारियों ने दावा किया है कि लुटेरों ने उनसे करीब 18 लाख की नकदी लूटी है। उन्होंने बताया, ‘‘आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।''
- अयोध्या. अयोध्या को एक मॉडल सौर शहर में बदलने के उद्देश्य से, देश में पहली बार, सरयू नदी में ‘सोलर पावर इनेबल्ड ई-बोट' (सौर नाव) को उतारा गया है। एक बयान के अनुसार उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा अभिकरण (यूपीनेडा) ने अयोध्या में सरयू नदी में इस नाव सेवा (बोट सर्विस) के नियमित संचालन की रूपरेखा तैयार कर ली है। इस नाव को सरयू घाट के किनारे ही बनाया (असेंबल) किया गया है तथा देश के विभिन्न कोनों से इसके कल-पुर्जे एवं अन्य साजो-सामान मंगाए गए हैं। फिलहाल एक नाव को तैयार कर लिया गया है तथा इसका परीक्षण किया जा रहा है।ऐसी संभावना हैं कि 22 जनवरी को श्री राम जन्मभूमि मंदिर में होने वाले प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इसका उद्घाटन किया जाएगा तथा आगे आने वाले दिनों में ऐसी अन्य नावों के नियमित संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। बयान के मुताबिक यह सौर नाव स्वच्छ ऊर्जा के जरिए संचालन की परिकल्पना के आधार पर कार्य करती है। यह ‘ड्यूअल मोड ऑपरेटिंग बोट' है जो 100 प्रतिशत ‘सोलर इलेक्ट्रिक पावर बेस' पर काम करती है। इसे सौर ऊर्जा से चार्ज करने के साथ ही विद्युत ऊर्जा के जरिए भी चलाया जा सकता है। इस नाव में एक बार में 30 लोग यात्रा कर सकेंगे तथा यह सरयू नदी में नया घाट से संचालित होगी। इस नाव यात्रा का समय 45 मिनट से एक घंटे तक रखा जाएगा जिसमें सरयू नदी के किनारे स्थित विभिन्न ऐतिहासिक मंदिरों एवं धरोहरों का दर्शन यात्री कर सकेंगे।
- अमरावती . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि पिछले 10 वर्षों के दौरान कई कर सुधार लाए गए, जिसके परिणामस्वरूप रिकॉर्ड कर संग्रह हुआ है। श्री सत्यसाई जिले के पलासमुद्रम में राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं स्वापक पदार्थ अकादमी (एनएसीआईएन) का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री एक सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि करदाताओं के पैसे का उचित उपयोग किया जा रहा है और जो भी (पैसा) एकत्र किया जाता है उसे विभिन्न रूपों में लोगों को वापस दिया जाता है। मोदी ने कहा, “पिछले दस वर्षों के दौरान कर प्रणाली में कई सुधार लाए गए। पहले अलग-अलग कर प्रणालियाँ हुआ करती थीं जिन्हें आम नागरिकों को समझना मुश्किल होता था। पारदर्शिता की कमी के कारण, ईमानदार करदाताओं और व्यापारियों को परेशानी हो रही थी।” प्रधानमंत्री ने कहा कि जीएसटी (माल एवं सेवाकर) के रूप में देश को एक आधुनिक कर प्रणाली मिली। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने आयकर प्रणाली को भी सरल बनाया है। देश में ‘फेसलेस टैक्स असेसमेंट' प्रणाली शुरू होने की ओर इशारा करते हुए मोदी ने कहा कि इन सुधारों के कारण आज देश में रिकॉर्ड कर संग्रह देखने को मिल रहा है। ‘फेसलेस टैक्स असेसमेंट' का मतलब आकलन की ऐसी व्यवस्था से है जहां करदाता आयकर विभाग का दौरा नहीं करते हैं और किसी भी आयकर अधिकारी के आमने-सामने/सीधे संपर्क में नहीं आते हैं। मोदी ने कहा कि भगवान राम सामाजिक जीवन में सुशासन की मिसाल हैं और वह एनएसीआईएन के लिए प्रेरणास्रोत हो सकते हैं, जिसकी भूमिका देश को एक आधुनिक पारिस्थितिकी तंत्र देने की है। प्रधानमंत्री ने कहा, "एनएसीआईएन की भूमिका देश को एक आधुनिक पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करने की है जो देश में व्यापार और व्यवसाय को आसान बनाएगा।"
- बारासात . पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में मंगलवार को एक स्कूल शिक्षक और उसके दो बच्चे अपने घर में मृत पाए गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि व्यक्ति का शव शिवदासपुर थाना क्षेत्र में हलीशहर के रामचंद्रपुर गांव में उसके घर में पंखे से लटका मिला था। उन्होंने बताया कि उसके बेटे और बेटी के शव पास में खेत में मिले थे।पुलिस ने बताया कि मामले में जांच जारी है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
- कोच्चि । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भारत में एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसके पास तेज विकास का प्रमाणित ट्रैक रिकॉर्ड और भविष्य के लिए स्पष्ट दृष्टिकोण है। प्रधानमंत्री यहां मरीन ड्राइव में दो से तीन बूथ स्तर के क्षेत्रों वाले ‘शक्ति केंद्रों’ के लगभग 6,000 प्रभारियों की एक पार्टी बैठक को संबोधित कर रहे थे।कार्यक्रम में उन्होंने नागरिकों के कल्याण के लिए अपनी सरकार द्वारा लागू की गई विविध पहलों पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पिछले नौ साल में भारत में करीब 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है।प्रधानमंत्री ने तर्क दिया, “यह इंगित करता है कि हमने विकसित राष्ट्र के लिए जो दिशा ली है वह सही है।”उन्होंने कहा, “भाजपा भारत की एकमात्र पार्टी है जिसके पास तीव्र विकास का प्रमाणित ट्रैक रिकॉर्ड और भविष्य के लिए स्पष्ट दृष्टिकोण है।”प्रधानमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोगों को यह बताने का भी आग्रह किया कि केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) का ट्रैक रिकॉर्ड भ्रष्टाचार के इतिहास का पर्याय है।मोदी ने मंगलवार को राज्य में पहुंचने पर हुए स्वागत का भी जिक्र किया और कहा कि केरल के लोगों ने उन्हें जो प्यार और स्नेह दिखाया है, उससे वह अभिभूत हैं।उन्होंने कहा कि मंगलवार को कोच्चि पहुंचने पर और आज सुबह त्रिप्रयार श्री रामास्वामी मंदिर जाने के रास्ते पर लोगों ने उन्हें आशीर्वाद दिया।
-
पुरी । ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और पुरी के पूर्व राजा, गजपति दिव्यसिंघा देबा ने पुरी में श्रीमंदिर परिक्रमा परियोजना के उद्घाटन के लिए अनुष्ठान में भाग लिया।पुरी में बहुप्रतीक्षित 800 करोड़ रुपये की श्रीमंदिर परिक्रमा प्रकल्प या श्री जगन्नाथ मंदिर विरासत गलियारा परियोजना का आज मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने उद्घाटन किया। इस परियोजना में तीर्थयात्रियों के लिए पार्किंग क्षेत्र, श्री सेतु, श्री दंड या सड़क, तीर्थयात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए बडा दंड तक एक समानांतर मार्ग, तीर्थयात्री केंद्र, विश्राम सुविधाएं, सामान घर, प्रसाधन और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इस ऐतिहासिक पावन अवसर पर समूचे तीर्थ शहर पुरी को फूलों, प्रकाश और भित्तिचित्रों से सजाया गया है।
क्यों खास है जगन्नाथ मंदिर कॉरिडोर
ओडिशा में पुरी जिले में स्थित जगन्नाथ धाम के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए यहां हेरिटेज कॉरिडोर विकसित किया गया है। इस परियोजना को श्रीमंदिर परिक्रमा प्रकल्प (एसपीपी) नाम भी दिया गया है। खास बात यह है कि इसके ठीक पांच दिन बाद अयोध्या के नवनिर्मित मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। जगन्नाथ मंदिर चार प्रमुख धामों में से एक है। महाप्रभु श्री जगन्नाथ, बहन देवी सुभद्रा और बड़े भाई महाप्रभु बलभद्र की पूजा पुरी में की जाती है। जगन्नाथ मंदिर की चारदीवारी के 75 मीटर के कॉरिडोर के भीतर के क्षेत्र को विकसित किया गया है।अक्तूबर 2019 में परियोजना को ओडिशा कैबिनेट से हरी झंडी मिली थी। नवंबर 2019 में इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण किया गया, जबकि इसका काम पिछले महीने ही पूरा हुआ है। 3200 करोड़ की इस परियोजना को कई भागों में बांटा गया था। अकेले श्री जगन्नाथ हेरिटेज कॉरिडोर के लिए 800 करोड़ रुपये आबंटित किए गए। इसके अलावा परियोजना में श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन भवन का पुनर्विकास, 600 लोगों की क्षमता वाला श्री मंदिर स्वागत केंद्र, जगन्नाथ सांस्कृतिक केंद्र, बदडांडा हेरीटेज स्ट्रीट स्केप, समुद्र तट विकास, पुरी झील और मूसा नदी पुनरुद्धार योजना समेत कई काम शामिल हैं।राज्य सरकार ने पुरी के अंदर यातायात की भीड़ से बचने के उद्देश्य से पर्यटकों को सीधी पहुंच प्रदान करने के लिए 200 करोड़ रुपये की लागत से 2.3 किमी लंबे 4-लेन श्री सेतु (ट्रम्पेट ब्रिज) का निर्माण कराया है। इसके अतिरिक्त, 90 करोड़ रुपये की लागत वाली 630 मीटर लंबी सड़क (श्री डांडा) भी बनाई गई है।परियोजना में और क्या बनाया गया है?7-मीटर ग्रीन बफर जोन10-मीटर अंतर (आंतरिक) प्रदक्षिणा14-मीटर लैंडस्केप जोन8-मीटर बाह्य (बाहरी) प्रदक्षिणा10 मीटर का सार्वजनिक सुविधा क्षेत्र4.5 मीटर सर्विस लेनहेरिटेज कॉरिडोर में तमाम सुख-सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कई निर्माण किए गए हैं, जैसेमुख्य वस्त्र कक्षमिनी क्लोक रूमसूचना सह दान कियोस्कश्री जगन्नाथ रिसेप्शन सेंटर (एसजेआरसी)श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) कार्यालयआश्रय मंडपशौचालयपुलिस सेवा केंद्रएटीएम कियोस्कविद्युत कक्षप्राथमिक चिकित्सा केंद्रपरियोजना से क्या बदलेगा?श्रीमंदिर परिक्रमा प्रकल्प परियोजना के जरिए पुरी शहर को एक नया रूप दिया गया है। हेरिटेज कॉरिडोर को एक बड़े खुले स्थान में बनाया गया है, क्योंकि रथ यात्रा सहित मंदिर के कई त्योहार यहीं से शुरू होते हैं। इससे श्रद्धालुओं का बड़ा जमावड़ा सुरक्षित माहौल में हो सकेगा। 75 मीटर के श्री जगन्नाथ हेरिटेज कॉरिडोर (एसजेएचसी) के भीतर मौजूद मठ मंदिरों के पुनर्विकास कार्य किए गए हैं। इन मठ मंदिरों का पुनर्विकास संबंधित मठ की सामान्य और विशिष्ट परंपराओं में वास्तुकला की कलिंगन शैली को ध्यान में रखकर किया गया है। - ग्वालियर. मध्यप्रदेश के ग्वालियर से अयोध्या सहित तीन शहरों को हवाई माध्यम से जोड़ने के लिये उड़ान सेवाओं की मंगलवार को शुरूआत की गयी और इस मौके पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत की आर्थिक और आध्यात्मिक ताकत को बढ़ाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दृष्टिकोण है। ग्वालियर को अयोध्या सहित तीन शहरों से जोड़ने वाली नई उड़ानों की शुरूआत के अवसर पर उन्होंने कहा कि उनके गृह राज्य मध्यप्रदेश से हवाई संपर्क में 2014 के बाद से काफी सुधार हुआ है। मध्यप्रदेश के ग्वालियर को अयोध्या, बेंगलुरु और दिल्ली से जोड़ने वाली दैनिक उड़ानों की शुरूआत के अवसर पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा, "यह हम सभी के लिए एक नई शुरुआत है। यह विश्व स्तरीय कनेक्टिविटी के माध्यम से भारत की आर्थिक और आध्यात्मिक शक्तियों को उजागर करने और बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण है।" उन्होंने कहा कि हवाई सेवाओं के विस्तार से पर्यटन और सभी प्रकार की आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होती है। सिंधिया आनलाइन माध्यम से चित्रकूट से इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
- यवतमाल. महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में मंगलवार सुबह एक ऑटोरिक्शा के नाले में गिर जाने से छह लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि हादसा सुबह करीब 11 बजे हुआ।पुसाद (देहात) थाने के निरीक्षक राजेश राठौड़ ने बताया कि नागपुर से 260 किलोमीटर दूर पुसाद के जवाहर नगर निवासी गणेश राठौड़ के परिवार के लगभग 15 लोग वाहन में सवार होकर उमरी पोहरा देवी जा रहे थे। उन्होंने बताया कि बेलगाव्हां पुल के पास चालक ने नियंत्रण खो दिया और ऑटोरिक्शा नीचे नाले में गिर गया। उन्होंने बताया कि आगे की जांच जारी है।
- रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिले में एक दंपति को अपनी नाबालिग बेटी की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। नाबालिग ने अपने माता-पिता को अपने बैंक खाते से पैसे देने से इनकार कर दिया था। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि 17 वर्षीय नाबालिग 13 जनवरी को अपने कमरे में फंदे से लटकी पाई गई थी। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि लड़की के भाई ने भदानीनगर पुलिस थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसके पिता और सौतेली मां ने पैसे देने से इनकार करने पर उसकी बहन की हत्या कर दी और उसके शव को फंदे से लटका दिया।
-
नयी दिल्ली. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने मंगलवार को कहा कि संगठन एक ऐसे समाज का निर्माण करना चाहता है जहां लोग ‘‘धार्मिक सिद्धांतों'' के अनुसार रहें । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के उपाध्यक्ष कपिल मिश्रा द्वारा यहां आयोजित ‘राम मंदिर से राम राज्य तक' कार्यक्रम में कुमार ने कहा कि ‘‘मंदिर वहीं बनाएंगे'' का वादा पूरा हो गया है और इसके लिए विहिप की ‘‘लड़ाई'' पूरी हो गई है। विहिप प्रमुख ने कहा, ‘‘हम एक ऐसा समाज बनाने के लिए तत्पर हैं जहां लोग धार्मिक सिद्धांतों के अनुसार रहें।'' अयोध्या में होने वाले ‘प्राण प्रतिष्ठा' समारोह पर कुमार ने कहा, ‘‘मंदिर वहीं बनाएंगे'' का वादा पूरा हो गया है और इसके साथ ही मंदिर के लिए हमारी लड़ाई भी पूरी हो गई है।
-
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि नई अयोध्या में अब कभी कर्फ्यू नहीं लगेगा, बल्कि राम नाम संकीर्तन होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब यहां कभी गोली नहीं चलेगी, बल्कि रामभक्तों को लड्डू के गोले मिलेंगे। उन्होंने 1990 में मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार द्वारा कारसेवकों पर गोली चलाने के आदेश के संदर्भ में यह बात कही है। उन्होंने यह भी कहा कि अब अयोध्या में कोई पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा रोकने का साहस नहीं करेगा। यहां जारी एक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी मंगलवार को ‘हेरिटेज हैंडवीविंग रिवाइवल चैरिटेबल ट्रस्ट' के प्रयास के तहत देश के 12 लाख हस्तशिल्पियों द्वारा श्रीरामलला के लिए तैयार विशिष्ट वस्त्र को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपे जाने के मौक़े पर लोगों को संबोधित कर रहे थे। यहां पांच कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “भारत में राम के बगैर कोई काम नहीं होता।”
-
महबूबाबाद (तेलंगाना) .ऑटोरिक्शा से यात्रा कर रहे एक ही परिवार के चार सदस्यों की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। सोमवार को पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि रविवार देर रात महबूबाबाद मंडल के कंबालापल्ली गांव में ऑटोरिक्शा दूसरी दिशा से आ रही कार से टकरा गया। दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने महबूबाबाद कस्बे के सरकारी क्षेत्रीय अस्पताल में दम तोड़ दिया। महबूबाबाद टाउन पुलिस स्टेशन के सर्किल इंस्पेक्टर ए सुरेश के अनुसार, पीड़ित महबूबाबाद जिले के गुडूर मंडल के चिन्ना येल्लापुर गांव के निवासी थे। वे गुड़िया बाबू मंदिर के दर्शन के लिए नागार्जुन सागर के पास गुंडला सिंगाराम गांव की यात्रा पर निकले थे। दुर्घटना में घायल हुए लोगों का महबूबाबाद क्षेत्रीय सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
महबूबाबाद पुलिस ने दुर्घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। -
अयोध्या (उप्र). श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोमवार को कहा कि मैसूर स्थित अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई राम लला की एक नयी मूर्ति को अयोध्या में राम मंदिर में स्थापना के लिए चुना गया है और 18 जनवरी को इसे श्री रामजन्मभूमि तीर्थ पर गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा। राय ने कहा कि 22 जनवरी को अयोध्या धाम में अपने नव्य भव्य मंदिर में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम और पूजन विधि 16 जनवरी से शुरू हो जाएगी, जबकि जिस प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जानी है, उसे 18 जनवरी को गर्भ गृह में अपने आसन पर खड़ा कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को पौष शुक्ल द्वादशी अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम संपन्न किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर 20 और 21 जनवरी को बंद रहेगा और लोग 23 जनवरी से फिर से भगवान के दर्शन कर सकेंगे। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की जानकारी देते हुए राय ने बताया, “ कार्यक्रम से जुड़ी सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। प्राण प्रतिष्ठा दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर प्रारंभ होगी। प्राण प्रतिष्ठा का मुहूर्त वाराणसी के पुजारी श्रद्धेय गणेश्वर शास्त्री ने निर्धारित किया है। वहीं, प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े कर्मकांड की संपूर्ण विधि वाराणसी के ही लक्ष्मीकांत दीक्षित द्वारा कराई जाएगी।” उन्होंने बताया, “ पूजन विधि 16 जनवरी से शुरू होकर 21 जनवरी तक चलेगी। 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के लिए न्यूनतम आवश्यक गतिविधियां आयोजित होंगी।” उन्होंने कहा कि राम लला की मौजूदा मूर्ति जो 1950 से वहां है, को भी नए मंदिर के गर्भगृह में रखा जाएगा। राय ने ये भी बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर गर्भ गृह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और सभी न्यायी उपस्थित रहेंगे। राय ने कहा, “ हमने मंदिर प्रांगण में आठ हजार कुर्सियां लगाई हैं, जहां विशिष्ट लोग बैठेंगे। देश भर में 22 जनवरी को लोग अपने-अपने मंदिरों में स्वच्छता और भजन, पूजन कीर्तन में हिस्सा लेंगे। प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम को लाइव देखा जा सकेगा।” उन्होंने कहा, “प्राण प्रतिष्ठा पूरी होने के बाद लोग शंख बजाएं और प्रसाद वितरण करें। अधिक से अधिक लोगों तक प्रसाद पहुंचना चाहिए। हमारे आयोजन मंदिर केंद्रित होने चाहिए। सांयकाल में सूर्यास्त के बाद घर के बाहरी दरवाजे पर पांच दीपक प्रभु की प्रसन्नता के लिए अवश्य जलाएं।” उन्होंने बताया, “ जिस प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा होनी है वो पत्थर की है। उसका वजन अनुमानित 150 से 200 किलो के बीच होगा। यह पांच वर्ष के बालक का स्वरूप है, जो खड़ी प्रतिमा के रूप में स्थापित की जानी है।” राय ने बताया कि जिस प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा होती है उसको अनेक प्रकार से निवास कराया जाता है जिसे पूजा पद्धति में अधिवास कहते हैं। इसके तहत प्राण प्रतिष्ठा की जाने वाली प्रतिमा का जल में निवास, अन्न में निवास, फल में निवास, औषधि में निवास, घी में निवास, शैय्या निवास, सुगंध निवास समेत अनेक प्रकार के निवास कराए जाते हैं। यह बेहद कठिन प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि लगभग 150 से अधिक परंपराओं के संत धर्माचार्य, आदिवासी, गिरिवासी, समुद्रवासी, जनजातीय परंपराओं के संत महात्मा कार्यक्रम में आमंत्रित हैं। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त भारत में जितने प्रकार की विधाएं हैं चाहे वो खेल हो, वैज्ञानिक हो, सैनिक हो, प्रशासन हो, पुलिस हो, राजदूत हो, न्यायपालिका हो, लेखक हो, साहित्यकार हो, कलाकार हो, चित्रकार हो, मूर्तिकार हो, उसके श्रेष्ठजन आमंत्रित किए गए हैं। मंदिर के निर्माण से जुड़े 500 से अधिक लोग जिन्हें इंजीनियर ग्रुप का नाम दिया गया है वो भी इस कार्यक्रम के साक्षी बनेंगे। लगभग 150 संप्रदायों के संत समारोह में शामिल होंगे उन्होंने बताया कि मानसरोवर, अमरनाथ, गंगोत्री, हरिद्वार, प्रयागराज का संगम, नर्मदा, गोदावरी, नासिक, गोकर्ण, अनेक स्थानों का जल आया है। राय ने बताया, “ हमारे समाज की सामान्य परंपरा भेंट देने की है, इसलिए दक्षिण नेपाल का वीरगंज, जो मिथिला से जुड़ा हुआ क्षेत्र है, से एक हजार टोकरी में भेंट आई है। इसमें अन्न, फल, वस्त्र, मेवे, सोना और चांदी भी है।” उन्होंने कहा, “इसी तरह सीतामढ़ी से जुड़े लोग भी आए हैं, जहां सीता माता का जन्म हुआ वहां से भी लोग भेंट लेकर आए हैं। यही नहीं, राम जी की ननिहाल छत्तीसगढ़ से भी लोग भेंट लाए हैं। एक साधु जोधपुर से अपनी गौशाला से घी लेकर आए हैं।
-
नयी दिल्ली. देश में पिछले नौ साल में 24.82 करोड़ लोग बहुआयामी यानी स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवनस्तर के मामले में गरीबी से बाहर आये हैं। नीति आयोग ने सोमवार को एक रिपोर्ट में कहा कि गरीबी में सबसे ज्यादा कमी उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में आई है। बहुआयामी गरीबी को स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवनस्तर में सुधार के जरिये मापा जाता है।
नीति आयोग के परिचर्चा पत्र के अनुसार, देश में बहुआयामी गरीबी 2013-14 में 29.17 प्रतिशत थी जो 2022-23 में घटकर 11.28 प्रतिशत रही। इसके साथ इस अवधि के दौरान 24.82 करोड़ लोग इस श्रेणी से बाहर आये हैं। आयोग ने कहा कि राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवनस्तर के मोर्चे पर स्थिति को मापती है। यह 12 सतत विकास लक्ष्यों से संबद्ध संकेतकों के माध्यम से दर्शाए जाते हैं। इनमें पोषण, बाल और किशोर मृत्यु दर, मातृत्व स्वास्थ्य, स्कूली शिक्षा के वर्ष, स्कूल में उपस्थिति, खाना पकाने का ईंधन, स्वच्छता, पीने का पानी, बिजली, आवास, संपत्ति और बैंक खाते शामिल हैं। नीति आयोग का राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) गरीबी दर में गिरावट का आकलन करने के लिए ‘अलकायर फोस्टर पद्धति' का उपयोग करता है। हालांकि, राष्ट्रीय एमपीआई में 12 संकेतक शामिल हैं जबकि वैश्विक एमपीआई में 10 संकेतक हैं। राज्य स्तर पर, उत्तर प्रदेश में 5.94 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले और इस मामले में यह सूची में शीर्ष पर है। इसके बाद बिहार में 3.77 करोड़ और मध्य प्रदेश में 2.30 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले। इस अवधि के दौरान एमपीएस के सभी 12 संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि नौ साल में 24.82 लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आयें। यानी हर साल 2.75 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले। नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बी वी आर सुब्रमण्यम ने कहा, ‘‘सरकार का लक्ष्य बहुआयामी गरीबी को एक प्रतिशत से नीचे लाना है और इस दिशा में सभी प्रयास किए जा रहे हैं।'' परिचर्चा पत्र में कहा गया है कि भारत गरीबी स्तर को इस साल एकल अंक में लाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसमें कहा गया है कि 2013-14 से 2022-23 की अवधि के दौरान बहुआयामी गरीबी में गिरावट की दर तेज रही है। सरकार के विभिन्न कदमों और योजनाओं से यह संभव हुआ है। परिचर्चा पत्र के अनुसार, भारत 2030 से काफी पहले सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) 1.2 (बहुआयामी गरीबी को कम-से-कम आधा करना) हासिल कर सकता है। - नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि त्रेता युग में राजा राम की कथा हो या आज की ‘राज-कथा', यह गरीब, वंचित और जनजातीय लोगों के कल्याण के बिना संभव ही नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व वाली सरकार इसी सोच के साथ लगातार काम कर रही है और इसी का प्रतिफल है कि जिनको कभी किसी ने पूछा नहीं, उनको मोदी आज पूछता भी है और पूजता भी है। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के एक लाख लाभार्थियों को पहली किस्त जारी करने के बाद वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से अपने संबोधन में मोदी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार के 10 साल गरीबों को समर्पित रहे। उन्होंने कहा, ‘‘त्रेता में राजा राम की कथा हो या आज की राज-कथा बिना गरीब, बिना वंचित, बिना वनवासी भाई-बहनों के कल्याण के संभव ही नहीं है। इसी सोच के साथ हम लगातार काम कर रहे हैं। हमने 10 साल गरीबों को समर्पित किए। गरीबों को 4 करोड़ से अधिक पक्के घर बनाकर दिए।'' उन्होंने कहा, ‘‘जिनको कभी किसी ने पूछा नहीं, उनको मोदी आज पूछता भी है और पूजता भी है।''प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लाभार्थियों को 540 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की गई। इस दौरान लाभार्थियों ने रसोई गैस कनेक्शन, बिजली, पाइप से पानी और आवास सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के बाद अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने संवाद के दौरान कहा, ‘‘हमारी सरकार का प्रयास है कि कोई भी उसकी कल्याणकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहे।'' अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि इन दिनों उन्होंने भी 11 दिन व्रत-अनुष्ठान का एक संकल्प किया हुआ है और इस दौरान वे श्री राम का ध्यान और स्मरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप प्रभु राम का स्मरण करेंगे तो माता शबरी की याद आना बहुत स्वाभाविक है। श्रीराम की कथा माता शबरी के बिना संभव ही नहीं है। अयोध्या से जब राम निकले थे तब तो वह राजकुमार थे। लेकिन राजकुमार राम, मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में हमारे सामने आए क्योंकि माता शबरी हो, केवट हो, निषाद राज हो... न जाने कौन-कौन से लोग... जिनके सानिध्य ने राजकुमार राम को प्रभु राम बना दिया।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाएं अति पिछड़े जनजातीय लोगों तक पहुंचें, यही पीएम-जनमन महाअभियान का उद्देश्य है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार पूरी ताकत लगा रही है कि हमारे अति पिछड़े जनजातीय भाई-बहनों तक सरकार की हर योजना जल्द से जल्द पहुंचे। मेरा कोई अति पिछड़ा भाई-बहन अब सरकार की योजना के लाभ से छूटेगा नहीं।'' उन्होंने कहा कि सिर्फ दो महीने में ही पीएम-जनमन अभियान ने वह लक्ष्य हासिल करने शुरू कर दिए हैं जो पहले कभी कोई नहीं कर सका। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय की भावी पीढ़ियों को अब किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े, इसके लिए उनकी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘पहले सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही चलती रहती थी और असली लाभार्थियों को पता ही नहीं चलता था। जिनको पता चल भी जाता था तो उनको कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। अब पीएम-जनमन महाअभियान में हमारी सरकार ने ऐसे सभी नियम बदल दिए हैं, जिससे आपको परेशानी होती हो।'' पिछले वर्ष 15 नवंबर को पीएम-जनमन की शुरूआत समाज के सबसे कमजोर जनजातीय समूहों के सामाजिक-आर्थिक कल्याण के लिए की गई थी। पीएम-जनमन का बजट लगभग 24,000 करोड़ रुपये का है और इसमें नौ मंत्रालयों के माध्यम से 11 महत्वपूर्ण पहलों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य सबसे कमजोर जनजातीय समूहों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इनमें सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण, बिजली, सडक और संचार जैसी सुविधा तथा टिकाऊ आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना शामिल है।
- जींद (हरियाणा) .राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का उल्लेख करते हुए रविवार को यहां कहा कि वर्षों का सपना अब पूरा होने जा रहा है। भागवत ने यहां तीन दिवसीय प्रवास के समापन पर अपने संबोधन में कहा,‘‘ अयोध्या में गुलामी का प्रतीक ढहाया गया लेकिन वहां किसी भी अन्य मस्जिद को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। कार सेवकों ने कहीं दंगा नहीं किया।'' अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन किया जा रहा है।आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘‘ मंदिर बनने का आनंद है। लेकिन अभी और बहुत काम करना है और यह भी ध्यान रखना है कि जिस तपस्या के चलते यह सपना पूरा हो रहा है वह आगे भी जारी रहे, ताकि गंतव्य की प्राप्ति हो।'' भागवत ने समाज को संगठित करने के लिए अधिक तेजी से कार्य करने पर बल देते हुए कहा कि जब संपूर्ण राष्ट्र एकजुट होकर मजबूती के साथ खड़ा होगा तो वह दुनिया का सारा अमंगल हरण कर फिर ‘विश्व गुरू' बन जाएगा। भागवत ने कहा कि दुनिया की ज्यादातर संस्कृतियां समय के साथ मिट गईं लेकिन हिंदू संस्कृति हर प्रकार के उतार-चढ़ाव का सामना करके भी अपना अस्तित्व बनाये रखने में सफल रही है। उन्होंने कहा, इतनी सारी भाषाएं, देवी- देवता, विविध पंथ होने के बावजूद भी उत्तर से दक्षिण तक और पूर्व से पश्चिम तक भारत का हर व्यक्ति यह मानता है कि हमें इस तरह से जीना है कि उसे देख कर दुनिया जीना सीखे।
- रांची. झारखंड के कोडरमा जिले में एक 'गिद्ध भोजनालय' स्थापित किया गया है, जिसका उद्देश्य गिद्धों का संरक्षण करना है जिनकी संख्या मवेशियों में दवाओं के व्यापक उपयोग के कारण तेजी से कम हो रही है। वन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि 'गिद्ध भोजनालय' कोडरमा जिले में स्थापित किया गया है और गौशालाओं एवं नगर पालिकाओं के लिए डाइक्लोफेनाक मुक्त मवेशियों के शव प्रदान करने के लिए एक प्रोटोकॉल तैयार होने के बाद इसे शुरू कर दिया जाएगा। गौशालाओं और नगर पालिकाओं से मिलने वाले मवेशियों के शव एक सीमांकित स्थल 'गिद्ध भोजनालय' में गिद्धों के लिए डाले जाएंगे। कोडरमा प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) सूरज कुमार सिंह ने बताया कि कोडरमा 'गिद्ध भोजनालय' की स्थापना तिलैया नगर परिषद अंतर्गत गुमो में एक हेक्टेयर भूमि पर की गई है क्योंकि इसे पक्षियों के लिए भोजन स्थल माना जाता है। उन्होंने बताया कि इसका विस्तार करने और चंदवारा खंड में ऐसा एक और 'गिद्ध भोजनालय' खोलने की योजना है। गिद्धों का संरक्षण जरूरी है क्योंकि ये पक्षी मृत जानवरों को खाते हैं और इस तरह से पर्यावरण को स्वच्छ रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कोडरमा में गिद्ध भोजनालय स्थापित किया गया है और गिद्धों को शव डालने के लिए गौशालाओं और नगर पालिकाओं के लिए एक प्रोटोकॉल तैयार किया जा रहा है। मृत मवेशियों को गौशालाओं और नगर पालिका क्षेत्रों से लाया जाएगा, लेकिन इससे पहले, उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि मृत मवेशी का शव डाइक्लोफेनाक या अन्य हानिकारक तत्वों से मुक्त है। प्रोटोकॉल तैयार होते ही 'गिद्ध भोजनालय' शुरू हो जाएगा।'' सिंह ने कहा, "गिद्ध भोजनालय राज्य में गिद्धों की घटती संख्या को बढ़ाने का एक प्रयास है। 'गिद्ध भोजनालय' स्थल पर बांस की बाड़ लगाई गई है ताकि कुत्ते या सियार जैसे अन्य जानवर प्रवेश न करें और शवों को न खाएं।'' विशेषज्ञों ने बताया कि झारखंड में पहले गिद्ध बहुतायत में पाए जाते थे, लेकिन प्रतिबंधित डाइक्लोफेनाक के प्रचलित उपयोग के कारण कोडरमा और हज़ारीबाग जिलों के कुछ हिस्सों को छोड़कर राज्य से यह पक्षी लगभग गायब हो गया है। डाइक्लोफेनाक का इस्तेमाल पशुओं में दर्द निवारक दवा के तौर पर होता है।
- नयी दिल्ली. मलेरिया का पता लगाने के लिए रैपिड टेस्ट किट, फसल को नष्ट होने से रोकने के लिए ‘एंटी-हेल गन' और कम लागत वाली भूस्खलन निगरानी एवं प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली उच्च शिक्षा संस्थानों के 120 नवाचारों में से हैं, जिन्हें आईआईटी हैदराबाद में दूसरे राष्ट्रीय अनुसंधान और विकास मेले ‘इनवेंटिव' में प्रदर्शित किया जाएगा। उन्नीस से बीस जनवरी तक आयोजित होने वाले मेले का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान करेंगे। मेला ‘इन्वेंटिव-2024' में विभिन्न संस्थानों की विस्तारित भागीदारी देखी जाएगी। 23 आईआईटी के अलावा, एनआईटी, आईआईएसईआर, आईआईआईटी, आईआईएससी बैंगलोर जैसे प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थान और देश के शीर्ष 50 एनआईआरएफ-रैंक वाले इंजीनियरिंग संस्थान अपना अनुकरणीय कार्य प्रस्तुत करेंगे। ‘इन्वेंटिव-2024' आयोजन समिति के अध्यक्ष बीवीआर मोहन रेड्डी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि इस कार्यक्रम में देश भर से भाग लेने वाले 53 प्रौद्योगिकी संस्थानों के शीर्ष 120 नवाचारों को शामिल किया जाएगा।

.jpeg)
.jpeg)




.jpeg)

.jpeg)




.jpeg)

.jpg)
.jpeg)
.jpeg)


.jpeg)

.jpeg)
.jpeg)



