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- नयी दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी और आईआईएसईआर सहित उच्च शिक्षा संस्थानों में पिछले पांच वर्षों में 98 छात्रों ने आत्महत्या की है। वर्ष 2023 में अब तक उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों की आत्महत्या के 20 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें केंद्रीय विश्वविद्यालयों के नौ और आईआईटी के सात मामले शामिल हैं। केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री सुभाष सरकार ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। मंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में आत्महत्या के अधिकांश मामले इंजीनियरिंग संस्थानों से सामने आए हैं। आंकड़ों के अनुसार, आत्महत्या से मरने वाले 98 छात्रों में से सबसे अधिक मामले आईआईटी (39), एनआईटी (25), केंद्रीय विश्वविद्यालयों (25), आईआईएम (4), आईआईएसईआर (3) और आईआईआईटी (2) के थे। वर्षवार आंकड़ों के अनुसार, सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि 2023 में अब तक इन संस्थानों में 20, 2022 में 24, 2021 और 2020 में सात-सात, 2019 में 19 और 2018 में 21 छात्रों ने आत्महत्या की है। श्रेणीवार आत्महत्या पर एक अलग सवाल में, आंकड़ों से पता चला है कि इस साल आईआईटी में सात मामलों में से दो छात्र अनुसूचित जाति (एससी) और एक अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी से था। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में नौ मामलों में से छह एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों से थे।पिछले दो वर्षों में इन श्रेणियों के आईआईएम, एसपीए और आईआईएसईआर से आत्महत्या का कोई मामला सामने नहीं आया है। सरकार ने कहा कि कोविड-19 के दौरान और उसके बाद मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के मुद्दे को हल करने के लिए, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने विभिन्न कदम उठाए हैं और उच्च शिक्षा संस्थानों को सलाह जारी की है। मंत्री सरकार ने कहा, ‘‘यूजीसी ने उच्च शिक्षा संस्थानों में शारीरिक फिटनेस, खेल, छात्रों के स्वास्थ्य, कल्याण, मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘मंत्रालय ने अकादमिक तनाव को कम करने के लिए छात्रों के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में तकनीकी शिक्षा शुरू करने जैसे विभिन्न कदम उठाए हैं।
- आगरा ।मध्य प्रदेश के भोपाल से दिल्ली के निजामुद्दीन स्टेशन जा रही वंदे भारत ट्रेन पर आगरा रेल मंडल में बुधवार को हुए पथराव में ट्रेन के कोच के शीशे टूट गए। भोपाल से निजामउद्दीन स्टेशन के बीच चलने वाली वंदे भारत सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेन पर पहले भी पत्थरबाजी हो चुकी है। रेलवे सूत्रों ने बताया कि बुधवार को आगरा रेल मंडल के मनिया और जाजऊ स्टेशन के बीच में ट्रेन पर पथराव हुआ। उन्होंने बताया कि पथराव में सी-7 कोच के सीट नंबर 13-14 का शीशा टूट गया। सूचना पाकर पर रेलवे की टीम मौके पर पहुंची। इस संबंध में आगरा रेल मंडल की पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव का कहना है कि ट्रेन पर पथराव की सूचना मिली है, इसकी जांच करायी जा रही है। हालांकि किसी भी यात्री को चोट नहीं आयी है।
- नयी दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्रा ने बुधवार को कहा कि देश में 2,000 से अधिक मरीज स्वस्थ होने के बावजूद मानसिक चिकित्सालयों में हैं, जबकि उन्हें एक अतिरिक्त दिन के लिए भी वहां नहीं होना चाहिए। एनएचआरसी प्रमुख ने यहां विज्ञान भवन में मानसिक स्वास्थ्य विषय पर आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में अपने संबोधन के दौरान यह बात कही। न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा, ‘‘अस्पताल ऐसी जगह नहीं होती, जहां स्वस्थ हो चुके मरीजों को एक भी अतिरिक्त दिन के लिए रुकने की अनुमति दी जानी चाहिए।'' उन्होंने अपने संबोधन में एनएचआरसी की रिपोर्ट का जिक्र किया। यह रिपोर्ट आयोग के दलों और उसके विशेष प्रतिवेदकों द्वारा जुलाई 2022 से जनवरी 2023 तक देश के विभिन्न मानसिक स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों के किए गए दौरों पर आधारित है। एनएचआरसी प्रमुख ने कहा, ‘‘रिपोर्ट बताती है कि मानसिक चिकित्सालयों में 2,000 से अधिक मरीज स्वस्थ हो जाने के बावजूद रह रहे हैं, जबकि किसी अस्पताल में एक भी ऐसा मरीज नहीं होना चाहिए, जो स्वस्थ हो चुका है।अस्पताल स्वस्थ हो चुके मरीजों के रहने की जगह नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनमें से आधे मरीज (900 से अधिक) पश्चिम बंगाल के चार अस्पताल में हैं। यह न्याय का उपहास है।'' उन्होंने कहा कि स्वस्थ हो चुके मरीजों को ‘हाफ वे होम्स' (ऐसा स्थान जहां पूर्व कैदी व स्वस्थ हो चुके मनोरोगी रहते हैं) या वापस उनके परिवारों से मिलाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधिकारियों के बीच गंभीर समन्वय नहीं दिखता है। हाल में, आयोग के दलों ने ग्वालियर, आगरा और रांची में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों और अस्पतालों का दौरा किया था। एनएचआरसी प्रमुख ने कहा कि समाज को मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सोच बदलने की कोशिश करनी चाहिए और ‘‘खुले संवाद को प्रोत्साहित करना चाहिए जिससे समझ विकसित हो सके और करुणा पैदा हो सके।'' उन्होंने कहा, “हमें मानसिक बीमारी के प्रति महज दया की नहीं बल्कि करूणा की जरूरत है। मानसिक अस्वस्थता की स्थिति में गरिमा का संरक्षण किया जाना चाहिए। हमारा लक्ष्य 2017 के मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम के जरिए गरिमा को हासिल करने का है। इस कानून का मकसद मानवाधिकारों की रक्षा करना और खुदकुशी की कोशिश को अपराध के दायरे से बाहर करना है।” एनएचआरसी के प्रमुख ने कहा, “ 10 में से एक शख्स किसी न किसी तरह के मानसिक विकार का सामना कर रहा है। हम सालाना तौर पर करीब 13 हजार विद्यार्थियों की खुदकुशी का सामना करते हैं। इसके अलावा जेलों, अर्धसैनिक बलों और सशस्त्र बलों में भी आत्महत्याएं होती हैं। बड़ों के साथ दुर्व्यवहार और कार्यस्थल के तनाव पर ध्यान देना होगा।” उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को भी शारीरिक स्वास्थ्य जितनी ही अहमियत देनी चाहिए।मिश्रा ने कहा, “ कुछ राज्यों में राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण और एक जिले या जिलों के समूह के लिए मानसिक स्वास्थ्य समीक्षा बोर्ड का गठन नहीं किए जाने तथा राज्य मानसिक स्वास्थ्य नियम नहीं होने के कारण हमें 2017 का कानून लागू करने में बाधाओं का सामना करना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि आयोग के दलों ने मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा किया था और सामने आया कि इन केंद्रों में अक्सर मरीजों की तादाद स्वीकृत संख्या से ज्यादा होती है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा चिकित्सा सुविधाएं और साफ-सफाई के मानक स्वीकार्य स्तरों से काफी नीचे होते हैं।
- जूनागढ़ । गुजरात के जूनागढ़ शहर में एक जर्जर इमारत के ढह जाने की घटना में अपने पति और दो नाबालिग लड़कों की मौत के सदमे में 30 वर्षीय एक महिला ने तेजाब पीकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, महिला ने सोमवार को यहां एक इमारत ढह जाने की घटना में अपने पति और दो बच्चों को खो दिया था। पुलिस ने बताया कि महिला की पहचान मयूरी डाभी के रूप में हुई है, जिसकी मौत तेजाब पीने के कुछ घंटों बाद बुधवार तड़के यहां एक अस्पताल में हुई। पुलिस के मुताबिक, महिला अपने पति संजय डाभी (33) तथा बेटों तरुण (13) और दक्ष (सात) की मौत का गम बर्दाश्त नहीं कर सकी और उसने तेजाब पी लिया। ए-खंड के थानाध्यक्ष निरीक्षक नीरव शाह ने बताया कि मंगलवार शाम में इस महिला ने अपने पति एवं दोनों बच्चों की मौत के गम में खुदकुशी करने के लिए शौचालय को साफ करने में प्रयोग होने वाले तेजाब को पी लिया। उन्होंने बताया कि मृतका का पति एक ऑटोरिक्शा चालक था और सोमवार को शहर के दातर मार्ग में दो मंजिला एक जर्जर इमारत के ढह जाने की घटना में जान गंवाने वाले चार लोगों में से एक था। तीन अन्य लोगों में महिला के बेटे तरूण और दक्ष तथा एक चाय दुकानदार शामिल थे। महिला सब्जी लाने गयी थी तथा उसके पति एवं दोनों बेटे इस इमारत के नीचे ऑटो रिक्शा में बैठकर उसका इंतजार कर रहे थे।
- गुरुग्राम। लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर के उन्नयन में भारत एक बड़ी भूमिका निभा रहा है और वह और भी बड़ी भूमिका निभा सकता है। यह बात ‘यूरोपियन ओर्गनाइजेशन फॉर न्यूक्लियर रिसर्च' (सर्न)' की वैज्ञानिक अर्चना शर्मा ने कही। लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर विश्व का सबसे शक्तिशाली ‘पार्टिकल एक्सेलेटर' है जो वैज्ञानिकों को पदार्थ की मौलिक संरचना को समझने में मदद करता है। भारतीय मूल की वरिष्ठ वैज्ञानिक शर्मा ने कहा कि एलएचसी का उन्नयन 2025 में पूरा हो जाने की उम्मीद है और उसके बाद भारत के अनुसंधानकर्ताओं और उद्योग जगत के लिए नये अवसर उत्पन्न हो सकते हैं। एलसीएच फ्रांस और स्विटरजरलैंड के बीच जमीन के नीचे ‘सुपरकंडटिंग मैग्नेट' का 27 किलोमीटर लंबा छल्ला है।शर्मा ने ‘ कहा, ‘‘वहीं, भारत एक बड़ी भूमिका निभा रहा है और इससे भी बड़ी भूमिका निभा सकता है क्योंकि मुझे प्रचुर संभावना, प्रचुर प्रतिस्पर्धा, प्रचुर औद्योगिक घटक और विद्यार्थियों की ऐसी विशाल संख्या नजर आ रही है जिन्हें प्रशिक्षित किया जा सकता है जिससे भावी नेतृत्वकर्ताओं के लिए क्षमता निर्माण हो सकता है।'' सर्न दशकों से आण्विक भौतिकी में ऐतिहासिक खोजों में अग्रणी रहा है। उसका मुख्यालय जिनेवा में है।एलएचसी 2012 में ‘हिग्स बोसोन' या ‘गॉड पार्टिकल' की खोज समेत ब्रह्मांड के रहस्यों की गुत्थियां सुलझाने में अहम भूमिका निभाता रहा है। ‘हिग्स बोसोन' आण्विक भौतिकी के मानक प्रतिमान में प्राथमिक कण है। शर्मा उन गैसीय संसूचक को लेकर अपने काम के लिए जानी जाती हैं जिसके माध्यम से उन्होंने हिग्स बोसोन की खोज में योगदान दिया। ऐसा करने वाली एक एकमात्र भारतीय वैज्ञानिक हैं। एलएचसी के आगामी उन्नयन से कोलाइडर की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है जिससे वैज्ञानिक पदार्थ के मूलभूत घटकों और ब्रह्मांड को नियंत्रित करने वाली शक्तियों के बारे में और भी गहराई से जान पाएंगे।
- नयी दिल्ली। संसद परिसर में फोन पर बात कर रहे आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा के सिर पर कौवे के मंडराने को लेकर भाजपा ने बुधवार को उनपर तंज कसा तो युवा सांसद ने भी इस पर पलटवार किया। भाजपा की दिल्ली इकाई ने ट्विटर पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “झूठ बोले कौवा काटे।” उसके ट्वीट में कहा गया, “अब तक हमने इस बारे में सिर्फ सुना था लेकिन आज हमने देख भी लिया कि कौवा झूठे को कैसे काटता है।” भाजपा नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने तंज कसते हुए ट्वीट किया, “माननीय सांसद राघव चड्ढा जी पर कौवे के हमले की खबर से बेहद व्यथित हूं। आशा है आप स्वस्थ होंगे।” राघव चड्ढा ने दिल्ली भाजपा के उन्हें झूठा बताने वाले ट्वीट पर चौपाई के जरिये पलटवार करते हुए रिट्वीट किया, “राम चंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आयेगा, हंस चुगेगा दाना दुनका कौवा मोती खाएगा। आज तक सिर्फ सुना था, आज देख भी लिया।”
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नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को हंगामे के बीच वन-संरक्षण संशोधन विधेयक 2023 पारित कर दिया गया। यह विधेयक वन-संरक्षण अधिनियम 1980 में संशोधन के बारे में है। इसमें कुछ प्रकार की भूमि को अधिनियम के दायरे से बाहर करने का प्रावधान है। इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा परियोजनाओं, सड़क के किनारे छोटी सुविधाओं और निवास की ओर जाने वाली सार्वजनिक सड़कों के लिए आवश्यक, देश की सीमा के 100 किलोमीटर की सीमा के भीतर की भूमि शामिल है। इसमें वनों में की जाने वाली कुछ गतिविधियों को निर्दिष्ट किया गया है। इनमें शामिल हैं- चेक पोस्ट, बाड़ लगाना और पुल निर्माण करना। विधेयक में चिड़ियाघर, सफारी और इको-पर्यटन सुविधाओं की अनुमति का प्रावधान किया गया है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने विधेयक पर संक्षिप्त चर्चा का उत्तर देते हुए कहा कि वन संरक्षण- संशोधन विधेयक से आदिवासी समुदाय के हितों की रक्षा होगी, सीमावर्ती क्षेत्र मजबूत होंगे, कृषि वानिकी को बढ़ावा मिलेगा और वनवासियों के लिए विकास की गुंजाइश बढेगी। उन्होंने कुछ विपक्षी सदस्यों द्वारा उठाई गई इन चिंताओं को खारिज किया कि ये कानून बनने से आदिवासी समुदाय को बेदखल कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, इससे आदिवासी बस्तियों को फायदा होगा। भाजपा की दीया कुमारी तथा राजू बिष्ट, वाईएसआर कांग्रेस के बी.चंद्र शेखर, शिवसेना की भावना गवली, बहुजन समाज पार्टी के रितेश पांडे और बीजू जनता दल के भर्तृहरि महताब ने भी विधेयक चर्चा में भाग लिया। -
चंडीगढ़. हरियाणा के झज्जर जिले में कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे पर बुधवार को एक ट्रक ने एक कार को टक्कर मार दी, जिससे कार सवार तीन बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। बहादुरगढ़ सदर थाने के प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि यह दुर्घटना तड़के बहादुरगढ़ के पास हुई। घटना के समय कार सवार लोग राजस्थान से मेरठ जा रहे थे। कुमार ने बताया, "कार चालक ने अपना वाहन राजमार्ग के किनारे खड़ा किया था, तभी एक ट्रक ने कार को टक्कर मार दी, जिससे चार लोगों की मौत हो गई।
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लुधियाना. ‘ पुत्त जट्टा दें' , ‘ ट्रक बल्लिया' , ‘बदला जट्टी दा' और ‘ ऊंचा दर बाबा नानक दा' जैसे लोकप्रिय पंजाबी गीतों के गायक सुरिंदर शिंदा का लंबी बीमारी के बाद बुधवार को यहां के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। उन्होंने, लुधियाना के दयानंद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनकी उम्र करीब 65 वर्ष थी। उनके निधन पर गायकों, राजनेताओं सहित कई लोगों ने दुख व्यक्त किया।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ट्वीट में लिखा, ''प्रसिद्ध गायक सुरिंदर शिंदा जी के निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। 'पंजाब की आवाज' हमेशा के लिए खामोश हो गई।'' शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, "महान पंजाबी गायक सुरिंदर शिंदा के प्रशंसकों और परिवार के प्रति गहरी संवेदना। पंजाबी संगीत में उनका योगदान अमूल्य है। उनकी आवाज अविश्वसनीय रूप से शक्तिशाली थी। दुनिया भर में उनके लाखों प्रशंसक शिंदा जी को याद करेंगे। उनकी आत्मा को शांति मिले।" गायक और अभिनेता हरभजन मान ने भी शिंदा के निधन पर दुख व्यक्त किया और कहा कि पंजाबी संगीत को अपूर्णीय क्षति हुई है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ पंजाबी लोक गायकी के एक सुनहरे युग का अंत!'' शिंदा के परिवार में उनका एक बेटा मनिंदर शिंदा है और वह भी संगीतकार है। -
द्रास (लद्दाख) . रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि भारत अपना सम्मान और प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार करने को तैयार है। साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से ऐसी स्थिति में सैनिकों के समर्थन के लिए तैयार रहने का आह्वान भी किया। रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि युद्ध एक साल से भी अधिक समय से चल रहा है क्योंकि नागरिक आगे आए और युद्ध में हिस्सा ले रहे हैं। सिंह यहां 24वें करगिल विजय दिवस के अवसर पर करगिल युद्ध स्मारक पर बोल रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर, 1999 के करगिल युद्ध में अपना जीवन बलिदान करने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, ‘‘हम देश का सम्मान और प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं... अगर इसके लिए एलओसी पार करना हो, तो हम वह भी करने के लिए तैयार हैं... अगर हमें उकसाया गया और जरूरत पड़ी तो हम एलओसी को पार कर जाएंगे।'' मंत्री ने कहा, ‘‘जब भी युद्ध की स्थिति रहती है, हमारी जनता ने हमेशा हमारे जवानों का समर्थन किया है लेकिन यह समर्थन अप्रत्यक्ष रूप से रहा है। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे जरूरत पड़ने पर युद्धभूमि में सैनिकों को प्रत्यक्ष रूप से और मानसिक रूप से सहयोग करने के लिए तैयार रहें।'' सिंह ने कहा कि करगिल युद्ध भारत पर थोपा गया था और पाकिस्तान ने हमारी पीठ में ‘‘छुरा भोंका'' था।
उन्होंने कहा, ‘‘करगिल युद्ध भारत पर थोपा गया था। जिस वक्त भारत पाकिस्तान के साथ बातचीत के जरिए मुद्दों की सुलझाने की कोशिश कर रहा था... पाकिस्तान ने हमारी पीठ में छुरा भोंक दिया।'' उन्होंने कहा, ‘‘ऑपरेशन विजय के दौरान भारतीय सेना ने न सिर्फ पाकिस्तान बल्कि पूरी दुनिया को यह संदेश दिया था कि जब हमारे राष्ट्रीय हित की बात आएगी तो हमारी सेना किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगी।'' मंत्री ने कहा, ‘‘हम आज भी अपने राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।''
सिंह ने कहा, ‘‘करगिल युद्ध में लड़ाई लड़ने वाले कई सैनिक नवविवाहित थे, किसी की शादी होने वाली थी या कोई अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था। लेकिन उन्होंने अपनी जान की परवाह नहीं की और उसे देश के लिए कुर्बान कर दिया।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैं भारत मां के वीर सपूतों को सलाम करता हूं जिन्होंने देश को सर्वोपरि और अपना जीवन बलिदान कर दिया। उनकी कुर्बानी व्यर्थ नहीं गई, उनका योगदान भावी पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।'' रक्षा मंत्री ने सेना से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि इन गुमनाम नायकों का योगदान लोगों के जेहन में हमेशा याद रहे। भारतीय सेना ने 1999 में लद्दाख की अहम चोटियों पर कब्जा करने वाली पाकिस्तानी सेना को खदेड़ने के लिए भीषण जवाबी हमला किया था। करगिल विजय दिवस इस युद्ध में भारत की जीत की याद में मनाया जाता है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ‘मेरा गांव मेरी धरोहर' पहल के रूप में बृहस्पतिवार को एक डिजिटल मंच की यहां कुतुब मीनार से शुरुआत करेंगे। संस्कृति मंत्रालय ने यह जानकारी दी। मंत्रालय की ‘मेरा गांव मेरी धरोहर' (एमजीएमडी) पहल एक अखिल भारतीय परियोजना है, जिसे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के समन्वय से सांस्कृतिक मानचित्रण राष्ट्रीय मिशन शुरू कर रहा है। मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में बताया कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य भारत के 29 राज्य और सात केंद्र शासित प्रदेश में 6.5 लाख गांवों का एक व्यापक डिजिटल मंच पर सांस्कृतिक मानचित्रण करना है। शाह बृहस्पतिवार शाम सात बजे कुतुब मीनार पर एक भव्य कार्यक्रम के दौरान डिजिटल मंच की आधिकारिक शुरुआत करेंगे। इसमें कहा गया है कि यह मंच लोगों को भारत के गांवों से जोड़ेगा।
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द्रास (लद्दाख) . सेना प्रमुख मनोज पांडे ने बुधवार को कहा कि सशस्त्र बलों के समक्ष मौजूद खतरों एवं चुनौतियों के भविष्य में और जटिल होने की आशंका है और भारत को उनका सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। सेना प्रमुख ने कहा कि सशस्त्र बलों को संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखकर भविष्य की तैयारी करनी चाहिए। जनरल पांडे ने 24वें विजय दिवस के अवसर पर यहां करगिल युद्ध स्मारक में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारे समक्ष मौजूद खतरों एवं चुनौतियों के भविष्य में और जटिल होने की आशंका है। हमें तैयार रहना होगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम जरूरत के अनुकूल ढलने, लचीला बनने और त्वरित कार्रवाई संबंधी प्रक्रिया पर काम कर रहे हैं। हमारी सेना सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सक्षम और भविष्य के लिए तैयार ताकत के रूप में उभरेगी।'' सेना प्रमुख ने कहा कि देश 1999 के कारगिल युद्ध में सैनिकों के सर्वोच्च बलिदाल को सदैव याद रखेगा।
जनरल पांडे ने कहा, ‘‘ ऑपरेशन विजय एक मुश्किल तथा उच्च तीव्रता वाला सैन्य अभियान था। वह मुश्किल इलाका था जो दुश्मन के कब्जे में था। यह एक चुनौती थी जिसका हमारे सैनिकों ने पूरी बहादुरी के साथ सामना किया...। मैं अंतिम लक्ष्य हासिल करने में वायु सेना के जवानों के योगदान का भी जिक्र करना चाहूंगा।'' भारतीय सेना ने 1999 में लद्दाख की अहम चोटियों पर अवैध कब्जा करने वाली पाकिस्तानी सेना को खदेड़ने के लिए भीषण जवाबी हमला किया था। करगिल विजय दिवस इस युद्ध में भारत की जीत की याद में मनाया जाता है। सेना प्रमुख ने करगिल युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र भी अर्पित किया। -
नयी दिल्ली. वंदे भारत ट्रेनों पर पत्थर फेंके जाने की घटनाओं से रेलवे को 2019 से अब 55 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को यह जानकार दी। वैष्णव ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि पथराव की घटनाओं में शामिल रहने के मामले में 151 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी यात्री की जान चले जाने या किसी यात्री के सामान की चोरी या उसे हुए नुकसान की कोई घटना सामने नहीं आई है। रेल मंत्री ने कहा, ‘‘वंदे भारत ट्रेनों पर पथराव की कुछ घटनाएं सामने आई हैं। वर्ष 2019, 2020, 2021, 2022 और 2023 (जून तक) के दौरान, पथराव की घटनाओं में वंदे भारत ट्रेनों को हुई क्षति के कारण भारतीय रेलवे को 55.60 लाख रुपये का नुकसान हुआ।'' वैष्णव ने कहा कि यात्रियों और रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा के लिए रेलवे संरक्षा बल (आरपीएफ) जिला पुलिस और प्रशासन के साथ ‘ऑपरेशन साथी' चला रहा है।
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नई दिल्ली। ब्रिटिश सरकार ने यूके-इंडिया यंग प्रोफेशनल योजना के तहत अपना दूसरा बैलेट खोला है। यह यूनाइटेड किंगडम के वीज़ा के लिए स्नातक स्तर की योग्यता वाले 18 से 30 वर्ष की आयु के भारतीयों के लिए एक योजना है। यह बैलेट पात्र युवा भारतीयों को दो साल तक ब्रिटेन में रहने, काम करने या अध्ययन करने का अवसर प्रदान करता है।
नई दिल्ली में ब्रिटिश उच्चायोग ने ट्वीट कर यह जानकारी दी कि स्नातक या स्नातकोत्तर योग्यता वाले 18 से 30 वर्ष की आयु के भारतीय नागरिक भारत युवा पेशेवर योजना वीजा के लिए आवेदन कर सकते है। ब्रिटेन और भारत के बीच यह संयुक्त योजना औपचारिक रूप से इसी साल फरवरी में लॉन्च की गई थी। यह योजना उम्मीदवारों को उनके वीज़ा वैध होने के दौरान किसी भी समय ब्रिटेन में प्रवेश करने और अपने प्रवास के दौरान किसी भी समय छोड़ने या लौटने में सक्षम बनाएगी। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक द्वारा दोनों देशों के बीच एक समझौतें के तहत, ब्रिटिश नागरिकों को भी भारत में रहने और काम करने के लिए समान वीजा की पेशकश की जाएगी।वर्ष 2023 के लिए इस योजना के तहत कुल 3,000 स्थान उपलब्ध हैं। उम्मीदवारों को अपने वीज़ा के लिए आवेदन करने के छह महीने के भीतर ब्रिटेन की यात्रा करनी होगी। - नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पूरी दुनिया अब यह स्वीकार कर रही है कि भारत, लोकतंत्र की जननी है। उन्होंने कहा कि भारत का जीवंत लोकतंत्र सदियों से देशवासियों के लिए गौरव का विषय रहा है। प्रधानमंत्री ने आज दिल्ली के प्रगति मैदान में अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी-सह-सम्मेलन केंद्र-आईईसीसी का उद्घाटन करते हुए कहा है कि राष्ट्र जब आजादी के 75 साल का जश्न मना रहा है, ऐसे में 'भारत मंडपम' देश के लिए एक उपहार है। उन्होंने कहा कि 'भारत मंडपम' को देखकर हर भारतीय खुशी और गर्व से भर जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि आज करगिल विजय दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने करगिल युद्ध में अपने जीवन का बलिदान देने वाले प्रत्येक नायक को श्रद्धांजलि अर्पित की।प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि दुनिया का सबसे बड़ा संग्रहालय - 'युगे युगीन भारत' - जल्द ही दिल्ली में बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत अब वे उपलब्धियां हासिल कर रहा है जिनकी पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। श्री मोदी ने कहा कि ऐसा कोई भारतीय नहीं होगा जिसे नए संसद भवन पर गर्व महसूस नहीं होता हो।प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के तीसरे कार्यकाल में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी और तीसरे कार्यकाल में भारत का और भी तेजी से विकास होगा। उन्होंने सभी से, बड़ा सोचने, बड़े सपने देखने और बड़े कार्य करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस सिद्धांत को अपनाकर तीव्र गति से प्रगति कर रहा है।उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में तेरह करोड़ पचास लाख लोग गरीबी से बाहर आये हैं।श्री मोदी ने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भी कह रही हैं कि भारत में अत्यधिक गरीबी खत्म होने की कगार पर है। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि पिछले नौ वर्षों में जो फैसले लिये गये हैं और नीतियां बनाई गई हैं, वे देश को सही दिशा में ले जा रही हैं।श्री मोदी ने इस अवसर पर स्मारक टिकट और सिक्के भी जारी किये।प्रगति मैदान में पुरानी और अप्रचलित सुविधाओं को नया रूप देने वाली इस परियोजना को लगभग दो हजार सात सौ करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय परियोजना के रूप में विकसित किया गया है। लगभग एक सौ 23 एकड़ के परिसर क्षेत्र के साथ, आईईसीसी कॉम्प्लेक्स को भारत के सबसे बड़े बैठक, प्रोत्साहन, सम्मेलन और प्रदर्शनी स्थल के रूप में विकसित किया गया है। यह, आयोजनों के लिए कवर किए गए स्थल के रूप में, दुनिया के शीर्ष प्रदर्शनी और सम्मेलन परिसरों में गिना जाता है। इसमें कन्वेंशन सेंटर, प्रदर्शनी हॉल और एम्फीथिएटर सहित कई अत्याधुनिक सुविधाएं हैं।
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खजुराहो (मप्र) .केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को कहा कि पिछले कुछ साल में विमानन क्षेत्र में तेजी से वृद्धि हुई है और बेड़े का आकार 2013 में 400 विमानों से बढ़कर अब 700 हो गया है। अगले पांच साल में यह संख्या 1,500 तक बढ़ने की संभावना है। सिंधिया ने यहां एक सम्मेलन में भाग लेते हुए छोटे विमानों के लिए उड़ान 5.2 (उड़े देश का आम नागरिक) कार्यक्रम पेश किया। इसका उद्देश्य देश के दूरदराज क्षेत्रों में हवाई संपर्क बढ़ाना है। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी अधिकारियों से मंजूरी लेने को लेकर हेलीकॉप्टर परिचालकों के लिए मोबाइल एप्लिकेशन भी पेश किया। मंत्री ने उड़ान 5.2 कार्यक्रम और हेली सेवा ऐप मध्य प्रदेश के खजुराहो में 5वें हेलीकॉप्टर और छोटे विमान शिखर सम्मेलन (हेली शिखर सम्मेलन 2023) और तीन उड़ान प्रशिक्षण संगठनों (एफटीओ) के उद्घाटन के दौरान पेश किये। इस मौके पर सिंधिया ने कहा कि हमने आज छोटे विमानों के लिए उड़ान 5.2 कार्यक्रम शुरू किया। हमने 22 मार्ग आवंटित किये हैं। हेली सेवा के बारे में मंत्री ने कहा कि यह हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों के लिए एकल खिड़की सेवा मंच है जो मोबाइल फोन पर एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) से सभी मंजूरी प्राप्त करने में सक्षम होगा। हेली शिखर सम्मेलन 2023 का आयोजन नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने संयुक्त रूप से मध्य प्रदेश सरकार, पवन हंस लिमिटेड और उद्योग मंडल फिक्की के सहयोग से किया। सिंधिया ने लोकप्रिय पर्यटन शहर खजुराहो में तीन एफटीओ का भी उद्घाटन किया। इसके साथ मध्य प्रदेश में एफटीओ की संख्या छह.... खजुराहो में तीन और इंदौर, सागर और गुना में एक-एक...हो गयी है। सिंधिया ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश में खजुराहो और वाराणसी के बीच चौड़े आकार वाले विमान का उपयोग करके एक उड़ान जल्द ही शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि खजुराहो की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है और इसके हवाई संपर्क का विस्तार करना हमारा संकल्प है। मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले नौ साल में विमानन क्षेत्र में तेज वृद्धि हुई है। इस अवधि के दौरान नौ हेलीपोर्ट और दो जल हवाई अड्डों सहित 148 हवाई अड्डे विकसित किए गए हैं और अगले चार साल में यह संख्या 200 तक पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि विमान बेड़े के आकार में भी 75 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है जो 2013 में 400 हवाई जहाजों से बढ़कर अब 700 हो गई है। हम आने वाले 4 से 5 साल में इस संख्या को 1,200 से 1,500 के बीच बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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देहरादून. केदारनाथ धाम में शीशे का एक पारदर्शी गणना कक्ष बनाया गया है जहां सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से श्रद्धालुओं द्वारा दी जाने वाले दान-चढ़ावे की धनराशि एवं बहुमूल्य भेंटों पर निगरानी रखी जाएगी। इस व्यवस्था की शुरूआत सोमवार को बाबा केदार की विशेष पूजा-अर्चना के बाद की गयी ।
बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के कार्याधिकारी रमेश चंद्र तिवारी एवं श्रीकेदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने पूजा-अर्चना में शामिल होकर गणना कक्ष की शुरुआत की।इस अवसर पर मंदिर के पुजारी भी मौजूद थे । मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय द्वारा वित्तीय पारदर्शिता लाने के प्रयासों के तहत मंदिर में चढ़ने वाले दान-चढ़ावे के लिए शीशे का गणना कक्ष एक दानदाता के माध्यम से बनवाया गया है । इस वर्ष लगातार प्रतिकूल मौसम के चलते केदारनाथ धाम में सामग्री पहुंचाने में हुई कठिनाइयों के कारण शीश कक्ष के निर्माण में कुछ देरी हुई । - नयी दिल्ली। चीन तथा अमेरिका के बाद भारत 2020 से 2050 तक फेफड़ों में सूजन और वायु प्रवाह को बाधित करने वाले रोग ‘सीओपीडी' के कारण सबसे अधिक आर्थिक बोझ झेलने वाला तीसरा देश हो सकता है। ‘द लांसेट ग्लोबल हेल्थ' पत्रिका में प्रकाशित नए अध्ययन में यह कहा गया है। पत्रिका में कहा गया है कि दुनियाभर में मौत की तीसरी प्रमुख वजह क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मनरी डिजीज (सीओपीडी) के कारण 2019 में 33 लाख लोगों की मौत हुई। चीन में इस बीमारी से सबसे अधिक मौत हुई और उसके बाद भारत तथा अमेरिका में सीओपीडी से सबसे अधिक लोगों ने जान गंवायी। अध्ययन के अनुसार, सीओपीडी के कारण 2009 से 2019 के बीच दुनियाभर में हुई मौतों में 14.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई जिसकी वजह शहरीकरण, वायु प्रदूषण और तंबाकू का इस्तेमाल हो सकता है। इसमें कहा गया कि इस बीमारी से दुनिया की अर्थव्यवस्था पर 4.3 ट्रीलियन डॉलर का खर्च बढ़ सकता है जो 2019 में भारत के कुल सकल घरेलू उत्पाद का तकरीबन आधा है। सीओपीडी से जुड़ी 90 फीसदी मौत कम आय और मध्यम आय वाले देशों में हुई जबकि इन देशों की आबादी वैश्विक आबादी का केवल 83 फीसदी हिस्सा है। अध्ययन में कहा गया है कि अगर तंबाकू कंपनियां उभरते बाजार में अनियंत्रित रूप से बढ़ती रहीं, अधिक लोग शहरीकरण के कारण वायु प्रदूषण की जद में आते रहे और संक्रामक रोगों का फैलना जारी रहा तो इन मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि सरकार दीपावली तक देश में नयी सहकारी नीति लेकर आयेगी जो आने वाले 25 वर्षों के लिए सहकारिता का मानचित्र प्रस्तुत करेगी। लोकसभा में मणिपुर के मुद्दे पर नारेबाजी कर रहे विपक्षी दलों के सदस्यों के शोर-शराबे के बीच ‘बहु राज्य सहकारी समितियां संशोधन विधेयक, 2022' पर हुई संक्षिप्त चर्चा का जवाब देते हुए सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘ वर्ष 2003 के बाद से देश में कोई सहकारी नीति नहीं आई। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि विजयादशमी या ज्यादा से ज्यादा दीपावली तक हम नयी सहकारी नीति लेकर आएंगे।'' शाह ने कहा कि यह नयी सहकारी नीति आने वाले 25 वर्षों के सहकारिता का मानचित्र देश और दुनिया के समक्ष प्रस्तुत करेगी। सहकारिता मंत्री ने यह भी कहा कि देश में सहकारी संस्थानों से जुड़ा कोई एकीकृत डाटाबेस नहीं था, ऐसे में मौजूदा संस्थानों और जहां पर सहकारी संस्थान नहीं है, उनका एक राष्ट्रीय डाटाबेस तैयार करने का काम शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि इसका 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है और विजयादशमी के दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इसे ऑनलाइन जारी किया जायेगा। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने सहकारी शिक्षण के लिए आने वाले दिनों में सहकारिता विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। सहकारिता मंत्री अमित शाह के जवाब के बाद सदन ने शोर-शराबे के बीच ही ध्वनिमत से ‘बहु राज्य सहकारी समितियां संशोधन विधेयक, 2022' को मंजूरी दे दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 2 सालों में देश में सहकारिता क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन हुए हैं तथा केन्द्र सरकार ने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को पुनर्जीवित करने, इन्हें व्यवहार्य और बहुआयामी बनाने के लिए कई प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के 63,000 पैक्स का 2,500 करोड़ रुपए की लागत से कम्प्यूटरीकरण किया है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी नीत सरकार ने देश के करोड़ों लोगों को गैस सिलिंडर दिए हैं और अब पैक्स, एलपीजी वितरण का काम भी कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार देश के करोड़ों लोगों को मुफ्त अनाज दे रही है और अब इस खुदरा आउटलेट पर भी पैक्स का अधिकार होगा। शाह ने कहा कि अब पैक्स जनऔषधि केन्द्र भी चला सकेंगे और पानी समिति बनकर जल वितरण का काम भी कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मोदी ने पैक्स को भंडारण क्षमता के साथ जोड़ने का भी काम किया है और अब ये भंडारण का भी काम करेंगे। विधेयक पर संक्षिप्त चर्चा में हिस्सा लेते हुए भारतीय जनता पार्टी के मनोज कोटक ने कहा कि सहकारिता आंदोलन को नयी दिशा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने एक बड़ा खाका प्रस्तुत किया है जिसमें छोटे किसानों, रेहड़ी पटरी वालों और छोटे व्यवसायियों की चिंता की गई है। कोटक ने कहा कि यह विधेयक लाने की जरूरत इसलिए आई क्योंकि छोटे गांवों से लेकर कस्बों तक विभिन्न मंडलियों के संचालन के लिए कोई नियमन की व्यवस्था नहीं थी। इसका मकसद सहकारी मंडलियों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना है। चर्चा में हिस्सा लेते हुए वाईएसआर के एन श्रीकृष्णा ने कहा कि सहकारी समितियों का चुनाव संबंधी प्रावधान एक अच्छी पहल है। बहुजन समाज पार्टी के राम शिरोमणि वर्मा ने कहा कि कुछ राज्यों में सहकारी समितियों में अनियमितताओं, वित्तीय गबन, विवाद, पक्षपातपूर्ण आचरण जैसे कदाचार को रोकने के लिए यह विधेयक महत्वपूर्ण है। भाजपा के संतोष गंगवार ने कहा कि देश के सहकारिता के इतिहास में यह बड़ा कदम है जो परिवर्तनकारी बदलाव लेकर आयेगा। चर्चा के जवाब में शाह ने सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘मोदी जी ने हर परिवार को एलपीजी गैस सिलिंडर देकर महिलाओं को धुएं से बचाया, हर गरीब के घर में बिजली पहुंचाकर उसे उजाला देने का काम किया। पांच लाख रुपये तक की स्वस्थ्य सुविधाएं मुफ्त कर दीं।'' उनका कहना था, ‘‘अब जरूरत है रोजगार देने की। इसमें किसानी और सहकारिता आंदोलन एक प्रमुख जरिया है। सहकारिता आंदोलन को आवाज देने के लिए यह विधेयक बना है।'' सहकारिता मंत्री ने कहा, ‘‘बहु राज्यीय सहकारी संघ केंद्र सरकार का विषय है... इसमें जवाबदेही, पारदर्शिता और मुनाफा बढ़े, इसलिए यह विधेयक लाया गया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘पहले यह कहा जाता था कि सहकारिता में राजनीतिक हस्तक्षेप होता है। अब हम एक प्रावधान लेकर आए हैं जिसमें निर्वाचन अधिकरण बनाने का प्रावधान है। इससे सरकारी दखल कम हो जाएगा। निर्वाचन अधिकरण के प्रमुख की शक्तियां लगभग चुनाव आयुक्त के बराबर कर दी गई हैं।'' शाह ने कहा कि इस विधेयक के पारित होने के साथ सहकारिता आंदोलन में बड़े युग का परिवर्तन होगा। इस विधेयक को 20 दिसंबर, 2022 को संसद की एक संयुक्त समिति के पास भेजा गया था और समिति ने विधेयक के अधिकांश प्रावधानों पर सहमति जताते हुए 15 मार्च, 2023 को अपनी रिपोर्ट पेश की। बहु राज्यीय सहकारिता समिति कानून 1984 में लागू किया गया था। वर्ष 1987 में इस कानून के तहत ट्राइफेड (ट्राइबल को-ऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) को एक राष्ट्रीय स्तर की सहकारी संस्था के रूप में स्थापित किया गया था।
- नयी दिल्ली। भारत की अध्यक्षता में इस साल सितंबर में होने जा रहे जी20 शिखर सम्मेलन के उपलक्ष्य में सरकार 100 रुपये और 75 रुपये के दो स्मारक सिक्के जारी करेगी। सरकार की तरफ से जारी एक गजट अधिसूचना के मुताबिक, 100 रुपये के स्मारक सिक्के के केंद्र में ‘अशोक स्तंभ का सिंह शीर्ष' होगा जबकि इसके पिछले हिस्से पर देवनागरी में ‘सत्यमेव जयते' अंकित होगा। इस सिक्के के बाईं तरफ देवनागरी लिपि में ‘भारत' शब्द और दाईं तरफ अंग्रेजी में ‘इंडिया' शब्द अंकित होगा। अधिसूचना के अनुसार, स्मारक सिक्के की ऊपरी परिधि पर देवनागरी लिपि में ‘वसुधैव कुटुंबकम' लिखा होगा जबकि निचली परिधि पर अंग्रेजी में ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर' लिखा होगा। ये सभी खासियत 75 रुपये के स्मारक सिक्के में भी होंगी। दोनों सिक्कों का मानक वजन 35-35 ग्राम होगा और इनका व्यास 44 मिलीमीटर होगा। भारत के पास जी20 समूह की अध्यक्षता एक दिसंबर, 2022 से 30 नवंबर, 2023 तक है। यह समूह दुनिया की प्रमुख विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का एक मंच है। भारत की अध्यक्षता में जी20 देशों का शिखर सम्मेलन नौ और 10 सितंबर को नयी दिल्ली में होने वाला है।
- इंदौर (मध्यप्रदेश)। इंदौर में मसालों के 35 वर्षीय कारोबारी को सूदखोरी को लेकर परेशान करके कथित तौर पर खुदकुशी के लिए उकसाने के मामले में पुलिस ने मंगलवार को तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (एसीपी) आशीष पटेल ने ‘ बताया कि आजाद नगर क्षेत्र में रहने वाले वीरेंद्र सेन (35) ने अपने घर में कथित तौर पर फांसी लगाकर जान दे दी थी। उन्होंने बताया कि रसोई में इस्तेमाल होने वाले मसालों का कारोबार करने वाले सेन की कथित आत्महत्या मामले में आरोपी शंकर शर्मा, राजू पाल एवं सुनील रायकवार को हिरासत में लिया गया है, और उनसे पूछताछ की जा रही है। पटेल ने बताया कि आत्महत्या से पहले सेन ने एक वीडियो छोड़ा जिसमें वह रोते हुए कह रहे हैं कि वे तीनों लोगों की कथित सूदखोरी से तंग आकर जान दे रहे हैं। एसीपी ने बताया कि मसाला कारोबारी और तीनों लोगों के बीच करीब 12.5 लाख रुपये के लेन-देन के विवाद के बारे में पता चला है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। file photo
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जम्मू. तीन हजार से अधिक तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर में दर्शन के लिए मंगलवार सुबह जम्मू के भगवतीनगर आधार शिविर से रवाना हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 38 वाहन में सवार 1,160 तीर्थयात्री गांदेरबल जिले के बालटाल आधार शिविर की तरफ बढ़े, जबकि 81 वाहन का काफिला 1,865 तीर्थयात्री को लेकर अनंतनाग जिले के पहलगाम रवाना हुआ। अमरनाथ यात्रा के एक जुलाई को शुरू होने के बाद से 3.30 लाख से अधिक तीर्थयात्री बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।
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नयी दिल्ली. भारत में कोविड-19 के 21 नए मामले दर्ज किए गए और सक्रिय मामलों की संख्या अब 1,449 है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के रविवार सुबह आठ बजे तक अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण के कारण जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 5,31,915 है। कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4,49,95,332 हो गयी है। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 से स्वस्थ होने की दर 98.81 प्रतिशत दर्ज की गयी है। इस बीमारी से उबरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 4,44,61,968 हो गयी है तथा मृत्यु दर 1.18 फीसदी दर्ज की गयी है। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार देशव्यापी कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक 220.67 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं।
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मुंबई. महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के इरशालवाड़ी में हुए भूस्खलन में अपने परिवार के पांच सदस्यों को खोने वाले कमलू पारधी इतने दुखी हैं कि उनके शवों को नहीं देखना चाहते। पारधी (65) ने कहा कि क्षत-विक्षत शवों को बाहर निकालकर और दर्द देने से अच्छा है कि उन्हें मलबे में ही ‘रहने' दें। कमलू पारधी के परिवार के नौ सदस्य 19 जुलाई को हुए भूस्खलन में दब गए थे। स्थानीय लोग और बचाव दल परिवार के चार सदस्यों को ही सुरक्षित निकाल पाए। मुंबई से लगभग 80 किमी दूर तटीय जिले में एक पहाड़ी की ढलान पर स्थित आदिवासी गांव इरशालवाड़ी में 48 में से 17 घर पूरी तरह या आंशिक रूप से भूस्खलन के मलबे में दब गए थे। ‘‘ट्रैकिंग'' के लिए लोकप्रिय इरशालगढ़ किले के पास बसे इस गांव में पक्की सड़क तक नहीं है, जिस वजह से मिट्टी खोदने वाली मशीनों को वहां ले जाना आसान नहीं था। ऐसे में श्रमिकों की मदद से खोज और बचाव अभियान चलाया गया, जो रविवार को बंद किया जा चुका है। गांव में रहने वाले पारधी किसान हैं और वह ‘‘ट्रैकिंग'' के लिए इरशालगढ़ आने वाले पर्यटकों को घर में रुकने की सुविधा प्रदान करते थे। उन्होंने इस भूस्खलन में अपनी पत्नी, छोटे बेटे काशीनाथ, बहू, 14 वर्षीय पोते और पांच वर्षीय पोती को खो दिया। उन्होंने सोमवार को एक न्यूज़ एजेंसी से कहा, ‘‘मेरी पत्नी, बेटा, बहू और दो पोते-पोतियों वहीं दफन हो गए। उनके शव अब खराब हो गए होंगे और उनकी पहचान करना भी मुश्किल होगा। बेहतर होगा कि शवों को मलबे में ही छोड़ दिया जाए।'' वह पहाड़ी के नीचे थे और घर लौटते समय उन्हें भूस्खलन के बारे में पता चला।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं केवल कल्पना कर सकता हूं कि मेरे परिवार के सदस्यों के साथ क्या हुआ होगा। मुझे अपने पोते-पोतियों के चेहरे याद आते रहते हैं, लेकिन मैं क्या कर सकता हूं। मैं असहाय हूं। मैंने उनके लिए बहुत सपने देखे थे, अब सब खत्म हो गया।'' पारधी ने कहा कि मेरा बेटा काशीनाथ स्नातक की पढ़ाई कर चुका था और उसने ग्राम पंचायत सदस्य के रूप में भी काम किया था। उसने कोविड-19 महामारी के दौरान गांव में काफी लोगों की मदद की थी। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा बेटा ग्रामीणों की मदद के लिए हमेशा उपलब्ध रहता था। जब खोज और बचाव अभियान चल रहा था, मुझे उम्मीद थी कि परिवार के सभी सदस्यों को जीवित बाहर निकाल लिया जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।'' उन्होंने बताया कि भूस्खलन से मलबे का लगभग 20 फुट ऊंचा ढेर जमा हो गया था और बाहर निकाले गए कई शव सड़ चुके थे। अधिकतर लोगों की पहचान उनके कपड़ों से ही की गई। उन्होंने कहा, ‘‘ग्रामीणों और आदिवासी संगठन की सहमति के बाद खोज और बचाव अभियान बंद कर दिया गया है।''
पारधी ने बताया कि राज्य सरकार ने ‘‘कंटेनर'' में उन्हें अस्थायी रूप से आश्रय दिया है और सभी को गांव के करीब ही पुनर्वास कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास तीन एकड़ जमीन है, लेकिन अब मेरे साथ कोई नहीं है।''
आगरी सेना की रायगढ़ इकाई के प्रमुख और गांव के पूर्व सरपंच सचिन मटे ने भी कहा कि पुनर्वास जल्द से जल्द किया जाना चाहिए। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने मलबे से 27 शवों को निकालने के बाद रविवार को खोज और बचाव अभियान बंद कर दिया। राज्य मंत्री उदय सामंत ने रविवार को संवाददाताओं को बताया कि 57 लोग लापता हैं, जबकि 144 लोगों को पास के एक मंदिर में आश्रय दिया गया है।
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बिजनौर (उप्र) . जिले के कोतवाली देहात इलाके में अज्ञात वाहन की चपेट में आकर टेम्पो सवार एक महिला और उसके दो बच्चों की मौत हो गयी जबकि उसके पति सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। कोतवाली देहात के थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) जयवीर सिंह ने बताया कि सोमवार देर रात लगभग 12 बजे नजीबाबाद मार्ग पर ग्राम सिकंदराबाद के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से टेम्पो में सवार मीरा सैनी (32), उसकी पुत्री प्रिया (आठ) और पुत्र शिवम (सात) की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि मीरा का पति रोहित और भाई विकास समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। उन्होंने बताया कि तीनों घायलों को इलाज के लिए मेरठ रेफर किया गया है। पुलिस के अनुसार, परिवार मंडी धनौरा, अमरोहा से उत्तराखंड के ऋषिकेश एम्स में रोहित का उपचार कराने जा रहा था।

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