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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के परीक्षा पे चर्चा के सातवें संस्करण के लिए माय जीओवी पोर्टल पर एक करोड से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। ये कार्यक्रम इस महीने की 29 तारीख को आयोजित होगा। शिक्षा मंत्रालय ने बताया है कि इस वर्ष चार हजार से अधिक प्रतिभागी प्रधानमंत्री मोदी के साथ चर्चा करेंगे। मंत्रालय के अनुसार कार्यक्रम नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। चर्चा में भाग लेने के लिए माई जीओवी पोर्टल पर 11 दिसम्बर 2023 से इस महीने की 12 तारीख तक छठी से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता शुरू की गई है। इसमें चयनित दो हजार पचास प्रतिभागियों को परीक्षा पे चर्चा-किट प्रदान की जाएगी जिसमें प्रधानमंत्री द्वारा लिखित पुस्तक ''एक्जाम वॉरियर्स'' हिंदी और अंग्रेजी में तथा एक प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।
मंत्रालय ने बताया है कि परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम से पहले 12 जनवरी राष्ट्रीय युवा दिवस से लेकर 23 जनवरी तक विद्यालय स्तर पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर देशभर के पांच सौ जिलों में एक चित्रकला प्रतियोगिता होगी।इस कार्यक्रम में देश-विदेश से विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक प्रधानमंत्री से परीक्षा से जुड़े मुद्दों और स्कूल के बाद के जीवन की चुनौतियों पर चर्चा करते हैं। परीक्षा पे चर्चा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक्जाम वॉरियर्स अभियान का एक हिस्सा है जिसका उद्देश्य युवाओं के लिए तनावमुक्त माहौल तैयार करना है। - मुंबई. भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की वरिष्ठ अधिकारी रश्मि शुक्ला को बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र का नया पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया गया। राज्य के गृह विभाग ने इस आशय का आदेश जारी किया। वर्ष 1988 बैच की आईपीएस अधिकारी शुक्ला प्रतिनियुक्ति पर सशस्त्र सीमा बल की महानिदेशक के रूप में पदस्थ थी। पूर्व डीजीपी रजनीश सेठ के 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने के बाद मुंबई पुलिस आयुक्त विवेक फणसलकर को डीजीपी महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।
- अयोध्या. अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के निमंत्रण पत्र निर्माणाधीन मंदिर की भव्यता को प्रदर्शित कर रहे हैं, इसमें मंदिर की एक भव्य तस्वीर के साथ ही ‘बालरूप प्रभु राम' की तस्वीर को भी दर्शाया गया है। बड़े आकार और सुंदर डिजाइन वाले निमंत्रण पत्र में एक पुस्तिका भी है, जिसमें राम जन्मभूमि आंदोलन में शामिल रहे कुछ प्रमुख व्यक्तियों का संक्षिप्त परिचय दिया गया है। 22 जनवरी को मंदिर में "प्राण प्रतिष्ठा" के लिए अयोध्या को सजाया जा रहा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसमें शामिल होंगे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मंदिर के ट्रस्ट श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की आमंत्रितों की सूची में सात हजार से अधिक लोगों के नाम हैं, जिनमें पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, मौजूदा क्रिकेटर विराट कोहली, बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन और अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी व गौतम अडाणी शामिल हैं। मेहमानों को निमंत्रण पत्र भेजे जा रहे हैं।ट्रस्ट के एक शीर्ष अधिकारी ने यहां बताया ''निमंत्रण पत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में छपवाए गए हैं।'' अतिथि सूची में बड़ी संख्या में साधु-संत और कुछ विदेशी आमंत्रित लोग भी शामिल हैं। प्रत्येक निमंत्रण पत्र में मुख्य निमंत्रण पत्र, "प्राण प्रतिष्ठा" कार्यक्रम पत्र, राम जन्मभूमि आंदोलन की यात्रा और प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इसमें भूमिका निभाने वाले लोगों का परिचय देती एक पुस्तिका शामिल है। मुख्य निमंत्रण पत्र के कवर पर राम मंदिर की एक छवि है और इसके नीचे 'श्री राम धाम' और उसके नीचे 'अयोध्या' छपा हुआ है। मुख्य निमंत्रण पत्र के कवर पर ‘‘अपूर्व अनादिक निमंत्रण" (हिन्दी) भी छपा हुआ है। इसमें यह भी उल्लेख है कि "प्राण प्रतिष्ठा" के लिए "शुभ मुहूर्त" दोपहर 12:20 बजे है और तारीख - सोमवार, 22 जनवरी, 2024 है। अंदर, समारोह कार्ड में उल्लेख किया गया है कि समारोह "प्रधानमंत्री, भारत", नरेन्द्र मोदी, आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की गरिमामय उपस्थिति में होगा। प्रसिद्ध टीवी धारावाहिक "रामायण" में भगवान राम और देवी सीता की भूमिका निभाने वाले अभिनेता क्रमश: अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया को भी समारोह में आमंत्रित किया गया है।
- भुवनेश्वर. ओडिशा की लांजिया साओरा पेंटिंग, डुंगरिया कोंध कढ़ाई वाली शॉल और खजुड़ी गुड़ सहित सात उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (जीआई) का दर्जा दिया गया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। क्षेत्र विशेष में पाए जाने वाले विशिष्ट उत्पादों को अलग खूबियों की वजह से जीआई का दर्जा दिया जाता है। अधिकारी के अनुसार, चेन्नई स्थित जीआई रजिस्ट्री ने ढेंकनाल मगजी (खाद्य पदार्थ), सिमिलिपाल काई चटनी, नयागढ़ कांतिमुंडी बैंगन और कोरापुट कालाजीरा चावल को भी बुधवार को भौगोलिक संकेतक का दर्जा देने की घोषणा की। इसके साथ ही ओडिशा में पाए जाने वाले 25 उत्पादों को अबतक यह दर्जा मिल चुका है।इस बीच, राज्य अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति विकास, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने सोशल मीडिया मंच फेसबुक पर लिखा, ‘‘ ओडिशा के लांजिया साओरा की पेंटिंग ने आधिकारिक तौर पर जीआई का दर्जा हासिल कर लिया है।
- नयी दिल्ली. स्मार्टफोन विनिर्माता कंपनी वीवो ने ‘वीवो एक्स100' श्रृंखला के फोन पेश करने की बृहस्पतिवार को घोषणा की। कंपनी का लक्ष्य ‘प्रीमियम' खंड में अपनी उपस्थिति मजबूत करना है। वीवो की ओर से जारी बयान के अनुसार, नई एक्स100 सीरीज में एक्स100 प्रो और एक्स100 शामिल है। ये जेडईआईएसएस कैमरे से लैस हैं और इसकी कीमत 63,999 रुपये से अधिक होगी। वीवो इंडिया के उत्पाद प्रबंधन प्रमुख विकास टैगरा ने कहा, ‘‘ एक्स100 श्रृंखला उपभोक्ताओं को बेहतरीन ‘मोबाइल फोटोग्राफी' अनुभव प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।'' एक्स100 प्रो 89,999 रुपये में उपलब्ध होगा, जबकि एक्स 100 (12जीबी+256जीबी) 63,999 रुपये और 69,999 (16जीबी+512जीबी) रुपये में उपलब्ध होगा। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ वीवो देश में ‘प्रीमियम' खंड में अपनी उपस्थिति मजबूत करना चाहती है।''प्रवक्ता ने कहा कि वीवो इस साल की शुरुआत में नोएडा में नई सुविधा में उत्पादन शुरू करने की प्रक्रिया में है। वर्तमान में वीवो की ग्रेटर नोएडा में विनिर्माण इकाई है, जहां सालाना करीब छह करोड़ फोन का विनिर्माण होता है। कंपनी ने प्रमुख कार्ड सेवा प्रदाताओं के क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर बिना अतिरिक्त लागत के मासिक किस्त की सुविधा और ‘कैशबैक ऑफर' की भी घोषणा की है।
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नई दिल्ली। सरकार ने चार हजार सात सौ 97 करोड़ रुपये की लागत से पृथ्वी विज्ञान योजना लागू करने का फैसला किया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में आज यह फैसला किया गया। इस योजना में फिलहाल जारी पांच स्कीमों को शामिल किया जाएगा।
ये हैं- वातावरण और जलवायु अनुसंधान- मॉडलिंग आब्जर्विंग सिस्टम्स एंड सर्विसेज-ए सी आर ओ एस एस, समुद्री सेवाएं, मॉडलिंग एप्लीकेशन, संसाधन और प्रौद्योगिकी- ओ स्मार्ट, पोलर साइंस एंड क्रायोस्फेयर्स रिसर्च- पी ए सी ई आर, सीस्मोलोजी एंड जियोसाइंसिज- एस ए जी ई और अनुसंधान, शिक्षा, प्रशिक्षण और आउटरीच- आर ई ए सी एच ओ यू टी।पृथ्वी विज्ञान योजना का उद्देश्य भू-प्रणाली और परिवर्तन के महत्वपूर्ण संकेत रिकॉर्ड करने के लिए वातावरण, समुद्र, भू-मण्डल, हिम-मण्डल और पृथ्वी के ठोस हिस्से का दीर्घकालिक अवलोकन करना है। मौसम, समुद्र और जलवायु खतरों को समझने और अनुमान लगाने तथा जलवायु परिवर्तन के विज्ञान को समझने के लिए मॉडलिंग प्रणालियों का विकास करना भी इसका उद्देश्य है। - अयोध्या. अयोध्या में राम मंदिर में 22 जनवरी को प्रस्तावित राम लला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले उत्तर प्रदेश सरकार एक अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का आयोजन करेगी। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बृहस्पतिवार को कहा गया कि अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने उत्सव की तैयारी शुरू कर दी है, जिसके 19 से 21 जनवरी के बीच होने की संभावना है। इस पतंग महोत्सव देश और दुनिया भर के प्रसिद्ध पतंगबाजों को अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस उत्सव को भव्य पैमाने पर आयोजित करने के लिए देश और विदेश में आयोजित होने वाले विभिन्न पतंग उत्सवों से प्रेरणा ली जा रही है। इस पूरे आयोजन को मूर्त रूप देने के लिए एडीए द्वारा प्राइवेट एजेंसियों से आवेदन मांगा गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि पतंग महोत्सव के लिए एजेंसी का चयन आठ जनवरी तक कर लिया जाएगा। कार्यक्रम में 50 विशेष आमंत्रित लोगों को समायोजित करने के लिए एक वीवीआईपी लाउंज के साथ 750 लोगों के बैठने की व्यवस्था के साथ एक आगंतुक क्षेत्र डिजाइन किया जाएगा। विज्ञप्ति में कहा गया है कि कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को बाजरा से बने और अवधी व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर मिलेगा।
- बेंगलुरु। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सूर्य का अध्ययन करने के लिए देश के पहले अंतरिक्ष-आधारित मिशन ‘आदित्य एल1’ यान को शनिवार को पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर उसकी अंतिम गंतव्य कक्षा में स्थापित करने की तैयारी कर ली है। इसरो अधिकारियों के अनुसार, अंतरिक्ष यान पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर सूर्य-पृथ्वी प्रणाली के ‘लैग्रेंज प्वाइंट 1 (एल 1) के आसपास एक ‘हेलो’ कक्षा में पहुंचेगा। ‘एल1 प्वाइंट’ पृथ्वी और सूर्य के बीच की कुल दूरी का लगभग एक प्रतिशत है।‘लैग्रेंज प्वाइंट’ वह क्षेत्र है जहां पृथ्वी और सूर्य के बीच गुरुत्वाकर्षण निष्क्रिय हो जाएगा।हेलो’ कक्षा, एल 1 , एल 2 या एल 3 ‘लैग्रेंज प्वाइंट’ में से एक के पास एक आवधिक, त्रि-आयामी कक्षा है।उन्होंने कहा कि ‘एल1 प्वाइंट’ के चारों ओर ‘हेलो’ कक्षा में उपग्रह से सूर्य को लगातार देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे वास्तविक समय में सौर गतिविधियों और अंतरिक्ष मौसम पर इसके प्रभाव का अवलोकन करने में अधिक लाभ मिलेगा।इसरो के एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा, ‘‘शनिवार शाम लगभग चार बजे आदित्य-एल1 को एल1 के चारों ओर एक ‘हेलो’ कक्षा में पहुंचा देगी। यदि हम ऐसा नहीं करते हैं, तो संभावना है कि यह शायद सूर्य की ओर अपनी यात्रा जारी रखेगा।’’इसरो के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी-सी57) ने दो सितंबर को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) के दूसरे प्रक्षेपण केंद्र से आदित्य-एल1 को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया था।उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष यान विभिन्न चरणों से होकर गुजरा और पृथ्वी के प्रभाव क्षेत्र से बचकर, सूर्य-पृथ्वी ‘लैग्रेंज प्वाइंट 1’ (एल 1) की ओर बढ़ गया।‘आदित्य एल1’ को सूर्य परिमंडल के दूरस्थ अवलोकन और पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर ‘एल1’ (सूर्य-पृथ्वी लैग्रेंजियन बिंदु) पर सौर हवा का वास्तविक अवलोकन करने के लिए डिजाइन किया गया है।अधिकारियों ने बताया कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य सौर वातावरण में गतिशीलता, सूर्य के परिमंडल की गर्मी, सूर्य की सतह पर सौर भूकंप या ‘कोरोनल मास इजेक्शन’ (सीएमई), सूर्य के धधकने संबंधी गतिविधियों और उनकी विशेषताओं तथा पृथ्वी के करीब अंतरिक्ष में मौसम संबंधी समस्याओं को समझना है।
- नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग (ईसी) अगले सप्ताह आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के दौरे के साथ लोकसभा चुनाव के लिए राज्यों की तैयारियों की समीक्षा शुरू करेगा. मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार के नेतृत्व में आयोग के अधिकारी सात से 10 जनवरी के बीच आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रहेंगे. मुख्य निर्वाचन आयुक्त के साथ निर्वाचन आयुक्त - अनूप चंद्र पांडे और अरुण गोयल भी होंगे.यात्रा से पहले उप निर्वाचन आयुक्त छह जनवरी को दोनों राज्यों में तैयारियों के बारे में आयोग को जानकारी देंगे. लोकसभा चुनाव की तैयारियों की निगरानी के लिए उप निर्वाचन आयुक्तों ने लगभग सभी राज्यों का दौरा किया है. निर्वाचन आयोग के लिए विधानसभा या लोकसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दलों, वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों और इसकी जमीनी चुनाव मशीनरी से मिलने के लिए राज्यों का दौरा करना आम बात है. अभी यह निश्चित नहीं है कि निर्वाचन आयोग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा करेगा या नहीं. आयोग उन राज्यों का दौरा नहीं कर सकता है जहां हाल में विधानसभा चुनाव हुए थे.2019 में लोकसभा चुनाव 10 मार्च को घोषित किए गए और 11 अप्रैल से 19 मई तक सात चरणों में चुनाव आयोजित किए गए थे. मतगणना 23 मई को की गई थी.
- नयी दिल्ली. कांग्रेस ने राहुल गांधी के नेतृत्व में मणिपुर से मुंबई तक 14 जनवरी से शुरू होने वाली यात्रा का नाम बृहस्पतिवार को बदलकर ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा' कर दिया। यह यात्रा अरुणाचल प्रदेश सहित 15 राज्यों के 100 लोकसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। पार्टी ने दावा किया कि यह पैदल मार्च राहुल गांधी की पूर्व की यात्रा की तरह ही ‘‘परिवर्तनकारी'' साबित होगा। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी ‘इंडिया' गठबंधन के सभी नेताओं को इस यात्रा के मार्ग में कहीं भी शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रही है। रमेश ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यहां अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में महासचिवों, राज्य प्रभारियों, राज्य इकाई प्रमुखों और कांग्रेस विधायक दल नेताओं के साथ लगभग तीन घंटे की बैठक में यात्रा के मार्ग को अंतिम रूप दिया गया। पार्टी की ओर से जारी यात्रा मार्ग के मुताबिक, यात्रा उत्तर प्रदेश में सबसे लंबी अवधि तक रहेगी, जो 11 दिन में 1,074 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यह यात्रा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों अमेठी, रायबरेली, वाराणसी और प्रयागराज से होकर गुजरेगी। रमेश ने कहा कि ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के तहत 6,713 किलोमीटर की दूरी बसों के जरिये और पैदल तय की जाएगी। यात्रा 14 जनवरी को इंफाल से शुरू होकर 66 दिन में 110 जिलों, 100 लोकसभा सीटों और 337 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। रमेश ने कहा कि ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा' उतनी ही परिवर्तनकारी साबित होगी जितनी कन्याकुमारी से कश्मीर तक 'भारत जोड़ो यात्रा' हुई थी। पहले की ‘भारत न्याय यात्रा' का नाम बदलने का कारण बताते हुए, रमेश ने कहा कि खरगे सहित बैठक में भाग लेने वाले सभी सदस्यों का एकमत विचार था कि ‘भारत जोड़ो यात्रा' की सफलता ने इसे अपने आप में एक ‘ब्रांड' बना दिया है और लोगों के मन में यह बात बैठ गई है कि इसका मूल्य खत्म नहीं होना चाहिए। रमेश ने कहा, ‘‘‘न्याय' का विचार भारतीय संविधान की प्रस्तावना की पहली पंक्ति से आता है जो अपने सभी नागरिकों के लिए सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से न्याय सुनिश्चित करता है।'' उन्होंने कहा कि इसके बाद स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा आता है और ये सभी परस्पर जुड़े हुए सिद्धांत हैं। रमेश ने कहा कि ‘भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान राहुल गांधी ने बढ़ती असमानता, बढ़ते सामाजिक ध्रुवीकरण और बढ़ते राजनीतिक अत्याचार और अधिनायकवाद के तीन बड़े मुद्दे उठाए थे और इससे निजात पाने के लिए लोगों को न्याय सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, ‘‘न्याय की अवधारणा यात्रा की अवधारणा है, चूंकि हमारी एक यात्रा भारतीय राजनीति में परिवर्तनकारी साबित हुई, इसलिए हर कोई इस बात पर एकमत था कि हमें दोनों को जोड़ना चाहिए...न्याय यात्रा का उद्देश्य है।'' कांग्रेस नेता ने यह भी बताया कि पहले यह घोषणा की गई थी कि यात्रा 14 राज्यों को कवर करेगी, पर नेताओं के दिमाग में अरुणाचल प्रदेश भी था लेकिन कुछ तार्किक और सुरक्षा मुद्दे थे, जिन्हें अब सुलझा लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसलिए, यात्रा अब अरुणाचल प्रदेश सहित 15 राज्यों से गुजरेगी। यात्रा और उसके मार्ग का विवरण देते हुए रमेश ने कहा कि यह 14 जनवरी को इंफाल से शुरू होगी और 107 किलोमीटर और चार जिलों को कवर करते हुए एक दिन के लिए मणिपुर में रहेगी। रमेश ने कहा कि फिर यह नगालैंड में प्रवेश करेगी और दो दिन में 257 किलोमीटर और पांच जिलों को कवर करेगी और आठ दिनों में असम में 833 किलोमीटर और 17 जिलों से होकर गुजरेगी। इसके बाद यात्रा एक-एक दिन के लिए अरुणाचल प्रदेश और मेघालय जाएगी। कार्यक्रम के अनुसार, पश्चिम बंगाल में यात्रा पांच दिन की होगी, जिसमें 523 किमी और सात जिले शामिल होंगे। यात्रा के तहत बिहार में चार दिन में 425 किमी दूरी तय की जाएगी और सात जिलों को कवर किया जाएगा। रमेश ने कहा कि झारखंड में यात्रा आठ दिन में 804 किलोमीटर तय करेगी और 13 जिलों से गुजरेगी। यह यात्रा ओडिशा में चार दिन में 341 किमी की दूरी तय करेगी और चार जिलों से गुजरेगी। गांधी के नेतृत्व वाली यात्रा छत्तीसगढ़ में पांच दिन में 536 किमी दूरी तय करेगी और सात जिलों से होकर गुजरेगी। रमेश ने कहा कि पूर्व से पश्चिम की यह यात्रा उत्तर प्रदेश में अधिकतम 11 दिन की होगी, जिसमें 1,074 किमी दूरी तय की जाएगी। उत्तर प्रदेश के 20 जिलों से यात्रा गुजरेगी। मध्य प्रदेश में यात्रा सात दिन में 698 किमी तय करेगी और नौ जिलों तथा राजस्थान में एक दिन में दो जिले से होकर गुजरेगी। यात्रा गुजरात और महाराष्ट्र में पांच-पांच दिन में क्रमशः 445 किमी और 479 किमी की दूरी तय करेगी। रमेश ने कहा कि ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा' 20 या 21 मार्च को मुंबई में समाप्त होगी। यह पूछे जाने पर कि क्या आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं को भी यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा, रमेश ने कहा कि यात्रा के विभिन्न पड़ाव पर ‘इंडिया' के सभी घटक दलों के नेताओं को यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ‘आप' गठबंधन का हिस्सा है। ‘भारत जोड़ो यात्रा' सात सितंबर 2022 को शुरु हुई थी। कांग्रेस ने कहा था कि इस यात्रा से हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में विधानसभा चुनावों में पार्टी को फायदा हुआ। पार्टी ने दावा किया था कि इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा और जनता के साथ जुड़ाव मजबूत हुआ। ‘भारत जोड़ो यात्रा' 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 75 जिलों और 76 लोकसभा क्षेत्रों से होकर गुजरी थी।
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नयी दिल्ली. शिक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश भर के स्कूली छात्रों को गुजरात के वडनगर शहर में स्थित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्कूल में सात दिवसीय अध्ययन दौरे पर जाने का मौका मिलेगा। मंत्रालय ने कार्यक्रम में पंजीकरण के इच्छुक कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। मंत्रालय के अनुसार पूरे साल हर सप्ताह 10 लड़कियों और 10 लड़कों समेत 20 छात्रों का एक समूह कार्यक्रम में भाग लेगा। मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, "प्रेरणा: एक अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम" का उद्देश्य सभी प्रतिभागियों को एक सार्थक, अद्वितीय और प्रेरक अनुभव प्रदान करना तथा उन्हें नेतृत्व गुणों के साथ सशक्त बनाना है।” मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "प्रेरणा भारतीय शिक्षा प्रणाली के सिद्धांतों और मूल्य-आधारित शिक्षा के दर्शन को एकीकृत करने की मजबूत प्रतिबद्धता से प्रेरित है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की आधारशिला है।" यह कार्यक्रम गुजरात के वडनगर में 1888 में स्थापित वर्नाक्युलर स्कूल से संचालित किया जाएगा। स्कूल से प्रधानमंत्री मोदी ने भी पढ़ाई की है।
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भुवनेश्वर. ओडिशा के मयूरभंज जिले में बृहस्पतिवार को रसायन से भरे एक टैंकर और एक कंटेनर ट्रक के बीच टक्कर हो गई जिसमें दोनों गाड़ियों के चालकों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के बाद दोनों वाहन खड्ड में गिर गए और उनमें आग लग गई।
पुलिस ने बताया कि यह हादसा बांग्रीपोसी घाट पर हुआ।पुलिस के अनुसार, रसायन से भरे टैंकर के 15 फुट गहरे खड्ड में गिरने के बाद उसमें आग लग गई और इसके बाद आग की लपटों ने दूसरे ट्रक को भी अपनी चपेट में ले लिया। बांग्रीपोसी थाने के प्रभारी अधिकारी कमलकांत दास ने बताया कि आग पर काबू पाने में चार घंटे लगे और दोनों चालकों के जले हुए शव बरामद किए गए हैं। वहीं, एक अन्य हादसे में राज्य के ढेंकनाल जिले में ट्रक, डंपर और बस में टक्कर हो गई। बस में 50 यात्री सवार थे जो पिकनिक मनाकर लौट रहे थे। यह हादसा महाबिरोड थाना क्षेत्र के भेजिया चौराहे पर हुआ। बस संबलपुर जिले से जाजपुर के बड़चना जा रही थी तभी यह एक डंपर से टकरा गई। इसके बाद एक अन्य ट्रक ने बस को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में बस और डंपर के चालकों समेत नौ लोग घायल हो गए। घायलों में से पांच की हालत गंभीर है, जिन्हें एक स्थानीय अस्पताल से कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेज दिया गया। शुरुआती जांच के अनुसार, यह हादसा घने कोहरे के चलते कम दृश्यता के कारण हुआ। -
हावड़ा (पश्चिम बंगाल) .पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में बृहस्पतिवार को एक तेज रफ्तार वाहन ने सड़क किनारे खड़े पुलिस के गश्ती वाहन को पीछे से जोरदार टक्कर मारी, जिससे एक उपनिरीक्षक सहित दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई और तीन अन्य लोग घायल हो गए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी के मुताबिक, यह दुर्घटना बृहस्पतिवार तड़के बगनान थाना क्षेत्र के बरुंडा इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग 16 पर हुई। अधिकारी ने बताया कि हावड़ा शहर की ओर जा रहे एक वाहन ने सड़क किनारे खड़ी पुलिस की गश्ती वैन को पीछे से जोरदार टक्कर मारी और मौके से फरार हो गया। उन्होंने बताया कि गश्ती वैन में मौजूद लोगों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उप-निरीक्षक सुजॉय दास (45) और होम गार्ड पलाश सामंता (31) को मृत घोषित कर दिया गया। अधिकारी ने बताया, शेष तीन पुलिसकर्मियों की पहचान चालक अबू बकर (28), होम गार्ड सुखदेब विश्वास (25) और आलोक बार (26) के रूप में हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए कोलकाता स्थित एसएसकेएम अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया और वे फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में हैं। अतिरिक्त महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक (दक्षिण बंगाल) सिद्धि नाथ गुप्ता ने हावड़ा (देहात) पुलिस अधीक्षक स्वाति भंगालिया के साथ घटनास्थल का दौरा किया और बताया कि टक्कर मारने वाले वाहन का पता लगाने के प्रयास जारी हैं और मामले की जांच की जा रही है।
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मुंबई. पिछले साल दिसंबर में नौकरी क्षेत्र में सुधार के संकेत मिलने से इस साल कुल भर्तियों में 8.3 प्रतिशत वृद्धि होने की संभावना है। बृहस्पतिवार को जारी एक रिपोर्ट में यह बात कही गई। फाउंडइट वार्षिक रुझान रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर, 2023 में भर्तियों में दो प्रतिशत वृद्धि हुई। रिपोर्ट के अनुसार, कुल भर्तियों में 2024 के लिए 8.3 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। इसमें बेंगलुरु में नियुक्तियों में 11 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। जिन प्रमुख क्षेत्रों में भर्तियों में वृद्धि होगी उनमें विनिर्माण, बीएफएसआई (बैंकिंग, वित्तीय सेवा और बीमा) क्षेत्र, वाहन खंड, खुदरा और यात्रा और पर्यटन शामिल हैं। फाउंडइट इनसाइड ट्रैकर (फिट) से मिले आंकड़ों के अनुसार, 2023 में भर्ती गतिविधियां 2022 से पांच प्रतिशत धीमी रहीं। हालांकि, साल के अंतिम महीने में भर्ती सूचकांक में दो प्रतिशत वृद्धि दिखी, जिससे इस साल सकारात्मक रुझान की उम्मीद दिखी है। रिपोर्ट में कहा गया, “साल 2023 के अंत तक अर्थव्यवस्था में बदलाव दिखा, जिसने 2022 के मध्य से लगातार बनी पिछली प्रवृत्ति को तोड़ दिया। नौकरी बाजार ने बदलाव के एक चरण में प्रवेश किया, जहां नौकरी छोड़ने और भर्ती करने की दरें, दोनों स्थिर हो गईं।” रिपोर्ट के अनुसार, “नौकरी के कम अवसरों के बावजूद, नौकरियां पैदा होने और नियुक्तियों के बीच असंतुलन कंपनियों के लिए सही प्रतिभा खोजने में चल रही कठिनाइयों को दर्शाता है।” इसमें कहा गया कि 2023 में कुछ क्षेत्रों ने उल्लेखनीय मजबूती और वृद्धि दिखाई और जो चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच सफल हो गए। समुद्री और पोत परिवहन उद्योग में भर्तियों में 28 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।
रिपोर्ट में कहा गया कि इसी तरह, खुदरा और यात्रा एवं पर्यटन क्षेत्र, दोनों में 25 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जबकि विज्ञापन, बाजार अनुसंधान और जनसंपर्क क्षेत्र में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई। ‘फिट' अपने मंच पर जनवरी-दिसंबर, 2023 के आंकड़ों का विश्लेषण किया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 में उभरती प्रौद्योगिकियों के विशेषज्ञों की मांग बढ़ने का अनुमान है। -
मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपने नियमों के अनुपालन में विभिन्न खामियों के लिए गुजरात के पांच सहकारी बैंकों को दंडित करते हुए उनपर पिछले एक महीने में 50,000 रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया है। केंद्रीय बैंक ने बृहस्पतिवार को अलग-अलग बयानों में कहा कि 13 दिसंबर, 2023 को जारी आदेश में उसने वडोदरा के श्री भारत सहकारी बैंक पर अन्य बैंकों में जमा रखने संबंधी उसके दिशानिर्देशों के अनुपालन में विफल रहने के साथ 2016 के जमा पर ब्याज नियमों का उल्लंघन करने के लिए पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया। आरबीआई ने कहा कि इन पांच बैंकों में से प्रत्येक पर जुर्माना विनियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर आदेश देना नहीं है। आरबीआई ने एक अन्य मामले में सात दिसंबर, 2023 को जारी आदेश में गुजरात के छोटा उदयपुर जिले के संखेड़ा में स्थित संखेड़ा नागरिक सहकारी बैंक पर निदेशकों, रिश्तेदारों और मनचाही फर्मों/संस्थाओं को ऋण और अग्रिम देने में निर्देशों का पालन न करने के लिए और प्राथमिक सहकारी बैंकों द्वारा अन्य बैंकों में जमा राशि पर मानदंडों का उल्लंघन करने पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया। केंद्रीय बैंक ने आठ दिसंबर, 2023 को जारी आदेश में केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) निर्देशों का अनुपालन नहीं करने और जमा पर ब्याज दरों को पूरा नहीं करने के लिए गुजरात के कच्छ जिले में स्थित भुज वाणिज्यिक सहकारी बैंक पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। आरबीआई ने 13 दिसंबर के आदेश में जमा दरों का अनुपालन न करने के लिए गुजरात के दाहोद जिले के लिमडी में स्थित लिमडी नगरीय सहकारी बैंक पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया। आरबीआई ने सात दिसंबर, 2023 को एक अन्य आदेश में विभिन्न निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए गुजरात के पारलाखेमुंडी स्थित सहकारी शहरी बैंक पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
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नयी दिल्ली। जब कोई ट्रेन 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हो तो क्या टक्कर रोधी प्रणाली ‘कवच' कुशलता एवं प्रभावी तरीके से काम करेगी। भारतीय रेलवे ने इसका जवाब तलाशने के लिए 30 दिसंबर को मथुरा और पलवल के बीच पहली बार कवच लगे इंजन को 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर परीक्षण किया। इससे पहले, दक्षिण मध्य रेलवे में तीन खंडों में प्रणाली शुरू करने से पहले विभिन्न स्थानों पर 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ऐसे परीक्षण किए गए थे। आगरा मंडल की जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) प्रशस्ति श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘नतीजा (नये परीक्षण का) बेहद उत्साहजनक रहा है। हम अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (आरडीएसओ) एवं अन्य हितधारकों के साथ रिपोर्ट का विस्तार से विश्लेषण करेंगे ताकि यह देखा जा सके कि किन क्षेत्रों में सुधार किये जाने की जरूरत है।'' ‘कवच' प्रणाली के तहत किसी भी आपातकालीन स्थिति में चालक के विफल होने पर स्वचालित रूप से ब्रेक लग सकते है। रेलवे सूत्रों के अनुसार प्रणाली की दक्षता जांचने के लिए और अधिक परीक्षणों की आवश्यकता हो सकती है।
अधिकारी ने कहा, इसके अलावा, यदि प्रणाली के सभी मापदंड 140 किमी प्रति घंटे पर ठीक काम कर रहे हैं, तो हम 160 किमी प्रति घंटे तक की उच्च गति पर परीक्षण करेंगे।'' श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘हमने मथुरा (स्टेशन को छोड़कर) और पलवल के बीच 80 किलोमीटर की दूरी पर एक संपूर्ण कवच नेटवर्क विकसित किया है। इसमें स्टेशन क्षेत्रों और अन्य स्थानों पर रेलवे पटरियों पर आरएफआईडी टैग लगाना शामिल है।'' रेलवे के अनुसार, कवच प्रणाली दक्षिण मध्य रेलवे क्षेत्र में 1,465 किमी मार्ग और 139 लोकोमोटिव पर तीन खंडों में पहले से ही काम कर रही है। गति प्रतिबंध के कारण हालांकि उस मार्ग पर परीक्षण नहीं किया जा सकता है। एक रेलवे अधिकारी ने कहा, ‘‘इस दिल्ली-आगरा खंड को छोड़कर, भारत के सभी रेल नेटवर्क पर रेलगाड़ियां अधिकतम 130 किमी प्रति घंटे की गति से चलती हैं।'' कवच चलती रेलगाड़ियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है। इसे तीन भारतीय कंपनियों के सहयोग से आरडीएसओ द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है।
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ग्वालियर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को कहा कि गाय की पूजा करना 33 करोड़ देवी-देवताओं की पूजा करने के समान है। वह ग्वालियर के दौरे पर थे, जहां उन्होंने एक व्यापार मेले का उद्घाटन किया।उन्होंने कहा, “सनातन संस्कृति को समझने के लिए (हमारे पास) मेला संस्कृति मौजूद है। मेले कला की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं। मेले व्यापार को बढ़ावा देने का माध्यम हैं।” उन्होंने मुगलों द्वारा तोड़े गए मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए लंबे समय तक इस क्षेत्र के शासक रहे सिंधियों की प्रशंसा भी की। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की सराहना करते हुए, यादव ने कहा कि 22 जनवरी को इसके उद्घाटन से लोगों को तीसरी बार दिवाली मनाने का मौका मिलेगा, उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इसमें भागीदार होगी। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में संस्कृति का पुनरुद्धार हो रहा है।
इससे पहले, यहां लाल टिपारा इलाके में संचालित 'गौशाला' के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा, "गौ माता की पूजा करने का मतलब 33 करोड़ देवताओं की पूजा करना है। -
नयी दिल्ली। आगामी लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी के घोषणापत्र का मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी संभालने वाली कांग्रेस की समिति ने गुरुवार को अपनी पहली बैठक की और दस्तावेज में शामिल किए जाने वाले विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। लगातार करीब 10 साल से सत्ता पर काबिज भाजपा से सत्ता छीनने की कोशिश में जुटी कांग्रेस का लक्ष्य जनता के सामने एक वैकल्पिक सकारात्मक एजेंडा पेश करना है।
समिति के अध्यक्ष पी. चिदंबरम ने बैठक के बाद कहा, “घोषणापत्र समिति की यह पहली बैठक थी। यह प्रारंभिक विचारों का आदान-प्रदान था कि हम घोषणापत्र के प्रारूप के साथ कैसे आगे बढ़ते हैं। अगली बैठक अगले सप्ताह होगी।” चिदंबरम के अलावा, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंह देव समिति का हिस्सा हैं। सिंह देव समिति के संयोजक हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा, जयराम रमेश, शशि थरूर, रंजीत रंजन, गौरव गोगोई, के. राजू और गैखंगम भी समिति का हिस्सा हैं और बैठक में शामिल हुए। राज्यसभा सदस्य इमरान प्रतापगढ़ी, गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जिग्नेश मेवाणी और कांग्रेस अध्यक्ष के कार्यालय में समन्वयक गुरदीप सप्पल और अमिताभ दुबे भी अहम समिति का हिस्सा हैं और बैठक में शामिल हुए।
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दीव। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार ने भारत में पूरे खेल पारिस्थितिकी तंत्र को बदल दिया है जिससे देश में एक मजबूत खेल संस्कृति विकसित हो रही है। केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव के हिस्से दीव के घोघला समुद्र तट पर आयोजित ‘बीच गेम्स 2024' के उद्घाटन समारोह में एक अधिकारी ने प्रधानमंत्री का संदेश पढ़ा। मोदी ने अपने पत्र में कहा, ‘‘किसी भी देश की प्रगति अक्सर खेलों में उसके प्रदर्शन से झलकती है इसलिए भारत में एक मजबूत खेल संस्कृति विकसित होते देखना खुशी की बात है। हमारे खिलाड़ी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में उत्कृष्टता के माध्यम से देश को गौरवांवित कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा ‘‘पिछले दशक में हमने खेल के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को बदल दिया है। चाहे वह छोटे शहरों और कस्बों से खेल प्रतिभाओं की पहचान करना और उन्हें अवसर प्रदान करना हो या आधुनिक खेल बुनियादी ढांचे का निर्माण करना हो। इसके अलावा पिछले कुछ वर्षों में खेलों में भारतीय युवाओं को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।'' दीव में आयोजित बीच गेम्स 2024 पर खुशी व्यक्त करते हुए मोदी ने कहा कि यह पहली बार है कि भारत में कई प्रतियोगिताओं के बीच गेम्स आयोजित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री का संदेश आईएएस अधिकारी अमित सिंगला ने पढ़ा।
दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल ने बताया कि 20 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1,200 से अधिक प्रतिभागी सात दिनों तक विभिन्न आयु वर्गों में आठ खेलों में प्रतिस्पर्धा करेंगे। खेल 11 जनवरी को समाप्त होंगे। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र भारत में विश्व बीच खेलों के आयोजन की योजना बना रहा है। ठाकुर ने कहा कि बीच खेलों के कारण आने वाले वर्षों में दीव में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी और अगले 10 वर्षों में इस आयोजन के कारण यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या पांच गुना बढ़ जाएगी। खेल मंत्री ने कहा कि स्थानीय प्रतिभाओं को निखारने में मदद के लिए केंद्र ने देश भर में 1,000 ‘खेलो इंडिया केंद्र' बनाने का फैसला किया है और ये सभी इस साल मार्च से पहले तैयार हो जाएंगे। - नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में लक्षद्वीप द्वीप समूह की अपनी यात्रा के दौरान समुद्र के नीचे के जीवन का पता लगाने के लिए ‘स्नॉर्कलिंग' का लुत्फ उठाया। मोदी ने समुद्र के नीचे का जीवन पता लगाने संबंधी तस्वीरें सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट कीं और अरब सागर में स्थित द्वीपों में प्रवास के अपने ‘उत्साहजनक अनुभव' को साझा किया। उन्होंने लिखा, ‘‘जो लोग रोमांचकारी अनुभव लेना चाहते हैं, लक्षद्वीप उनकी सूची में जरूर होना चाहिए। मेरे प्रवास के दौरान, मैंने स्नॉर्कलिंग की भी कोशिश की। यह कितना उत्साहजनक अनुभव था!'' ‘स्नॉर्कलिंग' एक लोकप्रिय गतिविधि है जहां लोग समुद्र की सतह पर तैरते हुए उसके नीचे के समुद्री जीवन का पता लगाते हैं। स्नॉर्कलर्स अपनी दृष्टि के लिए मुखौटा पहनते हैं, सांस लेने के लिए स्नॉर्कल पहनते हैं, और कभी-कभी दिशा और गति के लिए पंख पहनते हैं। बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों की ओर से एक वीडियो भी साझा किया गया जिसमें प्रधानमंत्री समुद्र में डुबकी लगाते और पानी के अंदर मछलियों के बीच तैरते दिख रहे हैं। इस वीडियो में प्रधानमंत्री समुद्र तट पर बैठकर कुछ काम करते भी दिख रहे हैं।मोदी ने लक्षद्वीप के समुद्र तटों पर सुबह की सैर और समुद्र तट के किनारे कुर्सी पर बैठे फुर्सत के कुछ क्षणों की तस्वीरें भी साझा कीं। उन्होंने कहा, ‘‘प्राकृतिक सुंदरता के अलावा, लक्षद्वीप की शांति भी मंत्रमुग्ध कर देने वाली है। इसने मुझे यह सोचने का अवसर दिया कि 140 करोड़ भारतीयों के कल्याण के लिए और कड़ी मेहनत कैसे की जाए।'' मोदी कोच्चि-लक्षद्वीप द्वीप पनडुब्बी ऑप्टिकल फाइबर कनेक्शन का उद्घाटन करने और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा और पांच मॉडल आंगनवाड़ी केंद्रों के नवीनीकरण की आधारशिला रखने के लिए दो और तीन जनवरी को लक्षद्वीप में थे। उन्होंने कई परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया।उन्होंने कहा, ‘‘हाल ही में मुझे लक्षद्वीप के लोगों के बीच रहने का अवसर मिला। मैं अब भी यहां के द्वीपों की आश्चर्यजनक सुंदरता और यहां के लोगों की अविश्वसनीय गर्मजोशी से चकित हूं। मुझे अगाती, बंगाराम और कावारत्ती में लोगों से बातचीत करने का अवसर मिला। मैं द्वीपों के लोगों को उनके आतिथ्य के लिए धन्यवाद देता हूं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि लक्षद्वीप में उनकी सरकार का ध्यान विकास के माध्यम से जीवन का उत्थान करना है।उन्होंने कहा कि भविष्य के बुनियादी ढांचे के निर्माण के अलावा, यह जीवंत स्थानीय संस्कृति की रक्षा के साथ-साथ बेहतर स्वास्थ्य देखभाल, तेज इंटरनेट और पीने के पानी के अवसर पैदा करने के बारे में भी है। उन्होंने कहा, ‘‘जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, वे इस भावना को दर्शाती हैं।''
- नयी दिल्ली। अयोध्या में तीन मंजिला राम मंदिर का निर्माण इस साल दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने गुरुवार को यह जानकारी दी। विस्तृत क्षेत्र में फैले मंदिर परिसर में अन्य ढांचे भी होंगे।नृपेंद्र मिश्रा ने कहा, ‘‘हम सभी भगवान राम द्वारा कर्तव्य निर्वहन में प्रदर्शित की गई मर्यादा का पालन कर रहे हैं।'' अयोध्या में 22 जनवरी को मंदिर के उद्घाटन की तैयारियां की जा रही हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसमें शामिल होंगे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने समारोह में 7,000 से अधिक लोगों को आमंत्रित किया है।निर्माण कार्य के बारे में पूछे जाने पर मिश्रा ने कहा, ‘‘अभी, भूतल का निर्माण हुआ है, पहली और दूसरी मंजिल का निर्माण दिसंबर 2024 तक पूरा हो जाएगा।'' निर्माण कार्य में चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘प्रतिदिन चुनौतियां आती हैं। लेकिन, मुझे लगता है कि चुनौतियों का हल अपने आप हो जाता है। अगली सुबह, हम देखते हैं कि समाधान खुद ब खुद हो गया है।'' न्यास के महासचिव चंपत राय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि कोई भी कार्य इस तरह से नहीं किया जाएगा जो नियमों, सिद्धांतों, मर्यादा पुरषोत्तम राम के जीवन के खिलाफ हो। मिश्रा ने कहा, ‘‘वह बहुत स्पष्ट हैं। सरकार को जो कुछ भी कर दिया जाना है, दिया जाएगा। इसलिए हम उस मर्यादा का पालन कर रहे हैं।'' मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि श्रद्धालु निर्माण की गुणवत्ता और इसके टिकाऊपन से संतुष्ट होंगे। मिश्रा ने कहा कि वे इसके कम से कम 1,000 साल टिकने की उम्मीद कर रहे हैं इसलिए ‘‘हमारी जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं।'' मूर्ति चुनने के विषय पर उन्होंने कहा कि इस बारे में निर्णय कर राय साझा करेंगे।तीन मूर्तियां तैयार की जा रही हैं और उनमें से एक को मंदिर में स्थापित किया जाएगा।हाल में एक आपात बैठक में, न्यास के सदस्यों ने तीनों मूर्तियों को एक क्रम प्रदान किया था। उन्होंने कहा कि राय उपयुक्त समय पर इस बारे में निर्णय साझा करेंगे। मिश्रा ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि न्यास तीनों मूर्तियों को लेगा। और भविष्य में, इन मूर्तियों का कैसे उपयोग किया जाएगा, इस बारे में न्याय निर्णय लेगा। इन तीन मूर्तियों में से एक को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।'' उन्होंने कहा कि अगले चार-पांच महीनों में कम से कम 75,000 से एक लाख लोगों के मंदिर की यात्रा करने का अनुमान है।
- अयोध्या । अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य द्वार पर हाथियों, शेरों, भगवान हनुमान और 'गरुड़' की अलंकृत मूर्तियाँ स्थापित की गई हैं। मंदिर ट्रस्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। ये मूर्तियाँ राजस्थान के बंसी पहाड़पुर क्षेत्र से प्राप्त बलुआ पत्थर का उपयोग करके बनाई गई हैं।ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पूर्व में कहा था, “मंदिर में प्रवेश पूर्व दिशा से और निकास दक्षिण दिशा से होगा। संपूर्ण मंदिर अधिरचना अंततः तीन मंजिला होगी होगी।” मुख्य मंदिर तक पहुंचने के लिए पर्यटक पूर्वी दिशा से 32 सीढ़ियां चढ़ेंगे।मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को राम मंदिर की ओर जाने वाले मुख्य द्वार पर मूर्तियां स्थापित की गईं। इन मूर्तियों को मंदिर की ओर जाने वाली सीढ़ियों के दोनों ओर लगाए गए स्तरीय फलकों पर स्थापित किया गया है। ट्रस्ट द्वारा साझा की गई तस्वीरों के अनुसार, निचले फलक पर हाथी की एक-एक मूर्ति है, दूसरे स्तर पर शेर की एक मूर्ति है और सबसे ऊपर वाले फलक पर, भगवान हनुमान की मूर्ति एक तरफ है जबकि दूसरी तरफ ‘गरुड़' की मूर्ति है। पारंपरिक नागर शैली में निर्मित मंदिर परिसर 380 फीट लंबा (पूर्व-पश्चिम दिशा), 250 फीट चौड़ा और 161 फीट ऊंचा होगा। मंदिर की प्रत्येक मंजिल 20 फीट ऊंची होगी और इसमें कुल 392 खंभे और 44 द्वार होंगे।
- अयोध्या (उप्र)। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की देखरेख कर रहे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की विभिन्न विशेषताओं के बारे में गुरुवार को जानकारी साझा की। इसके मुताबिक राम मंदिर का अपना जल उपचार संयंत्र और एक बिजली उपकेंद्र होगा। ट्रस्ट के अनुसार मंदिर परिसर में एक सीवेज उपचार संयंत्र, जल उपचार संयंत्र, अग्नि सुरक्षा के लिए जल आपूर्ति और एक स्वतंत्र बिजली उपकेंद्र होगा। इसके अलावा 25 हजार लोगों की क्षमता वाले एक तीर्थयात्री सुविधा केंद्र (पीएफसी) का निर्माण किया जा रहा है जिसमें तीर्थयात्रियों के लिए चिकित्सा और लॉकर की सुविधा होगी। ट्रस्ट द्वारा सोशल मीडिया पर जारी की गई जानकारी के मुताबिक मंदिर का निर्माण पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से किया जा रहा है। इसका निर्माण पर्यावरण-जल संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए किया जा रहा है और ट्रस्ट के अनुसार 70 एकड़ क्षेत्र के 70 प्रतिशत हिस्से को हरा-भरा रखा गया है। मंदिर में निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के लिए समारोह 22 जनवरी को निर्धारित है जिसमें प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। ट्रस्ट के मुताबिक मंदिर का निर्माण पारंपरिक नागर शैली में किया जा रहा है जिसकी लंबाई (पूर्व-पश्चिम) 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट और ऊंचाई 161 फीट है। मंदिर तीन मंजिला है, जिसकी प्रत्येक मंजिल 20 फीट ऊंची है। इसमें कुल 392 खंभे और 44 दरवाजे हैं। मुख्य गर्भगृह में भगवान राम का बाल स्वरूप (श्री राम लला की मूर्ति) होगा और पहली मंजिल पर श्री राम दरबार होगा। ट्रस्ट के मुताबिक मंदिर में प्रवेश पूर्व दिशा से सिंह द्वार से होगा। परिसर के चारों कोनों पर सूर्य देव, देवी भगवती, भगवान गणेश और शिव को समर्पित चार मंदिर होंगे। ट्रस्ट ने बताया कि मंदिर की नींव का निर्माण रोलर-कॉम्पैक्ट कंक्रीट (आरसीसी) की 14 मीटर मोटी परतों से किया गया है, जो इसे कृत्रिम चट्टान का रूप देता है। सीलन से सुरक्षा के लिए ग्रेनाइट का उपयोग करके 21 फुट ऊंचे चबूतरे का निर्माण किया गया है।
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नयी दिल्ली. साइबर अपराधियों ने देश को एक अप्रैल 2021 से 10,300 करोड़ रुपये से अधिक की चपत लगाई, लेकिन एजेंसियां इसमें से 1127 करोड़ रुपये देश में ही रोकने में कामयाब रहीं। ‘इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर' (आई4सी) ने बुधवार को यह दावा किया। ‘आई4सी' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राजेश कुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा कि 2021 में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर 4.52 लाख से अधिक साइबर अपराध के मामले दर्ज किए गए जो 2022 में 113.7 प्रतिशत बढ़कर 9.66 लाख हो गए। ‘आई4सी' साइबर अपराध से समन्वित और व्यापक तरीके से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक ढांचा और पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा स्थापित एक निकाय है।
कुमार ने कहा कि 2023 में एनसीआरपी पर 15.56 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए यानी प्रति लाख जनसंख्या पर 129 साइबर अपराध के मामले दर्ज किए गए। कुमार ने कहा, ‘‘भारत को एक अप्रैल, 2021 से 31 दिसंबर, 2023 तक कथित तौर पर 10,319 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है... हम 1127 करोड़ रुपये को रोकने में कामयाब रहे हैं, जिसमें से 9-10 प्रतिशत राशि पीड़ितों के खातों में भेज दी गई।'' साइबर अपराधियों का विवरण देते हुए अधिकारियों ने कहा कि लगभग 50 प्रतिशत साइबर हमले कंबोडिया, वियतनाम, चीन और अन्य देशों से संचालित होने वाले ‘गिरोह' द्वारा किए जा रहे हैं। पीड़ितों के खातों में राशि दोबारा भेजने में आने वाली कठिनाइयों का जिक्र करते कुमार ने कहा कि सरकार नई मानक संचालन प्रक्रिया तैयार कर रही है जिसके जल्द ही सामने आने की संभावना है, इसके बाद पीड़ितों के लिए अपने पैसे का दावा करना आसान हो जाएगा। अभी किसी पीड़ित को अपना पैसा वापस पाने के लिए अदालत से आदेश लेना पड़ता है। इस संंबंध में गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्य अग्रणी हैं, जहां लोग अपना पैसा पाने के लिए लोक अदालतों और मजिस्ट्रेट के समक्ष गुहार लगा रहे हैं। -
नयी दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने नियोक्ताओं के लिए अधिक पेंशन का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों का वेतन विवरण अपने डेटाबेस में अपलोड करने की समय सीमा 31 मई तक बढ़ा दी है। श्रम मंत्रालय ने एक बयान में यह जानकारी देते हुए कहा कि ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी मंडल के चेयरमैन ने नियोक्ताओं के लिए संबंधित ब्योरा अपलोड करने की समय सीमा बढ़ाने का फैसला किया है। इससे पहले उच्च अंशदान पर ऊंची पेंशन का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों का वेतन विवरण अपलोड करने के लिए नियोक्ताओं को 31 दिसंबर, 2023 तक का समय दिया गया था। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने सभी ग्राहकों को उच्च अंशदान पर अधिक पेंशन के लिए विकल्प/संयुक्त विकल्प चुनने के लिए आवेदन जमा करने के लिए एक ऑनलाइन सुविधा प्रदान की थी। उच्चतम न्यायालय के चार नवंबर, 2022 के आदेश के तहत ईपीएफओ ने पात्र पेंशनभोगियों/ ईपीएफओ सदस्यों को उच्च पेंशन विकल्प की पेशकश की थी। ऑनलाइन आवेदन सुविधा 26 फरवरी, 2023 को शुरू की गई थी जिसे दो बार विस्तार देते हुए 11 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया था। इस दौरान पेंशनभोगियों एवं मौजूदा कर्मचारियों से अधिक पेंशन का विकल्प चुनने संबंधी 17.49 लाख आवेदन प्राप्त हुए। इसके बादे नियोक्ताओं को अपने इच्छुक कर्मचारियों का वेतन विवरण अपलोड करने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया गया था। बाद में उसे 31 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया था।









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