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नई दिल्ली। केन्द्रीय सूचना और प्रसारण सचिव अपूर्व चन्द्रा ने कहा है कि सरकार जल्द ही स्कूलों के पाठ्यक्रम में एनिमेशन, गेमिंग और वीएफएक्स विषय शुरू करेगी। उन्होंने आज मुंबई में फिक्की फ्रेम्स के उद्घाटन सत्र में कहा कि भारत को एनिमेशन वीएफएक्स और गेमिंग के क्षेत्र में विश्व स्तर पर आने की जरूरत है। श्री चन्द्रा ने भरोसा दिया कि सरकार एनिमेशन वीएफएक्स और गेमिंग उद्योग के लिए आवश्यक जनशक्ति का सृजन करने में मदद करेगी। श्री चन्द्रा ने यह भी घोषणा की, कि मुंबई के गोरेगांव फिल्म सिटी में राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र स्थापित किया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार ने इस केन्द्र के लिए तीस एकड भूमि आवंटित की है।
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नई दिल्ली। मौसम विभाग ने देश के उत्तर पश्चिमी इलाकों में तेज वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अगले दो दिनों में तेज वर्षा का अनुमान है। विभाग ने बताया है कि पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा के साथ पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में केंद्रित है, जिससे उत्तर पश्चिम भारत में वर्षा हो रही है। इसी कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी तेज वर्षा की आशंका है। इसी तरह पंजाब और हरियाणा में भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम कार्यालय ने कहा है कि मध्यप्रदेश में भी अगले तीन दिनों तक वर्षा का अनुमान है।
- पटना । पटना संग्रहालय के दो प्राचीन द्वारों में से एक द्वार जीर्णोंद्धार के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण लोगों में रोष है। बिहार की राजधानी पटना में अंग्रेजों के जमाने का यह संग्रहालय 1928 में बन कर तैयार हुआ था और इसमें दो द्वार थे… ‘प्रवेश द्वार’ और ‘निकासी द्वार’। पुराने पटना गया मार्ग पर स्थित संग्रहालय की इमारत के जीर्णोद्धार तथा विस्तार का कार्य चल रहा है, जिसकी शुरुआत अगस्त 2020 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की थी। इसी निर्माण कार्य के दौरान ‘निकासी द्वार’ क्षतिग्रस्त हो गया है।संग्रहालय के सुरक्षाकर्मियों ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया, ‘‘ इस द्वार से दिन रात ट्रक कच्चा माल लेकर आ जा रहे हैं। आशंका है कि ऐसे ही किसी ट्रक से टकरा कर द्वार पूर्व में क्षतिग्रस्त हुआ हो।’’द्वार के बाएं हिस्से को काफी नुकसान हुआ और द्वार के ऊपर का गुंबद अपने स्थान से हट गया है।
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आगरा. पर्यटक अब चांदनी रात में विश्व प्रसिद्ध ताजमहल का दीदार करने के लिए टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग करा सकेंगे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधीक्षण व पुरातत्वविद डॉ.राजकुमार पटेल सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोमवार से टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग की सेवा शुरू की गई है। पटेल ने बताया कि इन पांच दिनों (पूर्णिमा और उसके दो दिन पहले व दिन बाद)में यदि शुक्रवार का दिन हुआ तो उस दिन ताजमहल बंद रहेगा।उन्होंने बताया कि टिकट बुक कराने के लिए पर्यटक को अपना पहचान पत्र देना होगा। गौरतलब है कि हर महीने पूर्णिमा और उसके पहले व बाद के दो दिन यानी कुल कुल पांच दिन ताजमहल को रात में देखने की सुविधा दी जाती है।
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नयी दिल्ली. केंद्र सरकार अपने विभिन्न मंत्रालयों में रिक्त पदों को भरने के लिए 'मिशन मोड' में है और रोजगार मेले का अगला संस्करण 16 मई को 22 राज्यों में आयोजित किया जाएगा। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रोजगार अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए 70,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। प्रधानमंत्री ने पिछले साल अक्टूबर में रोजगार मेला योजना की शुरुआत की थी। इसी के तहत आगामी अभियान का 16 मई को 45 केंद्रों पर आयोजन किया जाएगा। इसी दिन भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 2014 में आम चुनाव जीता था। अधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में भर्ती की प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है, क्योंकि 2019 में सत्ता में आई सरकार अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में है। पहला रोजगार मेला 22 अक्टूबर, 2022 को आयोजित किया गया था और 75,000 लोगों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए थे। दूसरा रोजगार मेला 22 नवंबर, 2022 को आयोजित किया गया था और लगभग 71,000 नियुक्ति पत्र सौंपे गए थे। 20 जनवरी को तीसरे संस्करण में और 13 अप्रैल को चौथे संस्करण में भी इतनी ही संख्या में नियुक्ति पत्र वितरित गए थे। अधिकारियों ने कहा कि सभी मंत्रालय और विभाग मौजूदा रिक्तियों को 'मिशन मोड' में भरने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मंत्रालय में नियुक्तियों और रिक्तियों को भरने की निगरानी सभी केंद्रीय मंत्री खुद कर रहे हैं। मेलों में अब तक की गई नियुक्तियों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के कर्मी, निरीक्षक, उप निरीक्षक, कांस्टेबल, क्लर्क, स्टेनोग्राफर, निजी सहायक, आयकर निरीक्षक, कर सहायक, कनिष्ठ अभियंता, लोको पायलट, तकनीशियन, डाक सहायक, सहायक प्रोफेसर, शिक्षक और लाइब्रेरियन शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्रालय विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में बड़ी संख्या में पदों को भर रहा है। ये भर्तियां यूपीएससी, एसएससी और रेलवे भर्ती बोर्ड जैसी भर्ती एजेंसियों के माध्यम से की जा रही हैं। शीघ्र भर्ती के लिए चयन प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है।
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नयी दिल्ली. देश में अभी तक गर्मियों की फसल का रकबा मामूली घटकर 65.29 लाख हेक्टेयर रह गया है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। आंकड़ों से पता चलता है कि धान और तिलहन का रकबा कम है, जबकि दलहन और मोटे अनाज का रकबा बढ़ा है।
मंत्रालय ने सोमवार को 28 अप्रैल, 2023 तक ग्रीष्मकालीन फसलों के खेती के रकबे में हुई प्रगति का ब्योरा जारी किया। आंकड़ों के अनुसार, अभी तक धान का रकबा 27.45 लाख हेक्टेयर है, जो एक साल पहले की समान अवधि में 29.14 लाख हेक्टेयर था। दलहन का रकबा 16.23 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 17.57 लाख हेक्टेयर हो गया, जबकि मोटे अनाज का बुवाई क्षेत्र 10.19 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 10.86 लाख हेक्टेयर हो गया। गैर-खाद्यान्न श्रेणी में, तिलहन का रकबा 28 अप्रैल तक घटकर 9.40 लाख हेक्टेयर रह गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 10.46 लाख हेक्टेयर था। कुल मिलाकर, 28 अप्रैल तक गर्मियों की फसल का कुल रकबा 65.29 लाख हेक्टेयर था, जो एक साल पहले की समान अवधि के 66.02 लाख हेक्टेयर के आंकड़े से थोड़ा कम है। जायद व ग्रीष्मकालीन फसलों के उगाने का मौसम छोटा यानी -- मार्च-जून होता है। यह रबी (सर्दियों में बोई जाने वाली) और खरीफ (गर्मियों में बोई जाने वाली फसल) ऋतुओं के बीच होती है। जायद/गर्मी की फसलें वहां उगाई जाती हैं जहां सुनिश्चित सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध हों। -
नई दिल्ली। पद्म पुरस्कार 2024 के लिए ऑनलाइन नामांकन एक मई से शुरू हो गए हैं। इस साल पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन 15 सितंबर तक किये जा सकेंगें। गृह मंत्रालय ने कहा है कि पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन या सिफारिशें राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर ऑनलाइन प्राप्त की जाएंगी। पुरस्कार की घोषणा अगले साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाएगी।
पद्म पुरस्कार, यानी पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री, देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से हैं। 1954 में स्थापित, इन पुरस्कारों की घोषणा हर वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। - पुणे । महाराष्ट्र के पुणे शहर में पुलिस ने ऑस्कर पुरस्कार विजेता संगीतकार ए. आर. रहमान के एक कार्यक्रम को बंद करा दिया, क्योंकि यह रात 10 बजे की समय सीमा के बाद भी जारी था। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। रविवार को यहां हुए कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर ‘वायरल’ हुआ, जिसमें एक पुलिस अधिकारी को मंच पर जाते और रहमान, अन्य कलाकारों तथा आयोजकों को संगीत कार्यक्रम बंद करने के लिए कहते देखा जा सकता है।पुणे में राजा बहादुर मिल्स परिसर में रहमान (56) के कार्यक्रम को देखने के लिए काफी संख्या में लोग एकत्र हुए थे। गार्डन पुलिस थाने के निरीक्षक संतोष पाटिल ने बताया, ‘‘रात 10 बजे की समय सीमा पार हो जाने के कारण हमने उन्हें (रहमान को) और अन्य कलाकारों को कार्यक्रम बंद करने को कहा।’’ वीडियो में देखा जा सकता है कि पाटिल घड़ी की ओर संकेत करते हुए रहमान और अन्य कलाकारों को कार्यक्रम बंद करने के लिए कह रहे हैं।पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस सिलसिले में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।रहमान ने सोमवार को एक ट्वीट में कहा कि कार्यक्रम के दौरान दिये गये प्यार और उत्साह प्रदर्शित करने के लिए पुणे का शुक्रिया। हालांकि, उन्होंने घटना का जिक्र नहीं किया।रहमान ने ट्वीट में कहा, ‘‘बीती रात दिये गये आपके प्यार और प्रदर्शित किये गये उत्साह के लिए आपका शुक्रिया, पुणे! क्या शानदार कार्यक्रम था! हम आपके साथ फिर से गाने के लिए जल्द ही दोबारा वापस आएंगे।’’हालांकि, रहमान के एक सहयोगी ने कहा कि पुलिस पद्म भूषण से नवाजे जा चुके रहमान की ओर इशारा करने के बजाय कार्यक्रम के आयोजकों से बात कर सकती थी।सहयोगी ने कहा, ‘‘रात दस बजे की समय सीमा थी, लेकिन उन्होंने कहा कि यह अंतिम गीत है और केवल एक मिनट बचा है। पुलिस अधिकारी मंच पर चढ़ गये और रहमान की ओर इशारा करते हुए इसे बंद करने को कहा। पुलिस आयोजकों से बात कर सकती थी।’’कार्यक्रम के आयोजक डॉ हेराम्ब शेल्के ने कहा कि इस तरीके से कार्यक्रम बंद कराना रहमान के लिए असम्मानजनक है और यह अच्छे व शिष्ट तरीके से कराया जा सकता था।उन्होंने कहा, ‘‘अंतिम क्षणों में ऐसा नहीं होना चाहिए था, क्योंकि पूरा कार्यक्रम सुव्यवस्थित था।’’
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बाराबंकी . जिले के देवा क्षेत्र में तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि रविवार रात देवा कोतवाली क्षेत्र के चिनहट मार्ग स्थित इंदिरा नहर के पास शारदा प्रसाद रावत (45) और श्रीराज (35) नामक व्यक्ति सड़क के किनारे अपनी-अपनी मोटरसाइकिलें रोककर सामान खरीद रहे थे। उन्होंने बताया कि इसी बीच, एक तेज रफ्तार कार दोनों युवकों को रौंदते हुए आगे खड़ी दो कारों से जा टकराई। उन्होंने बताया कि इस घटना में रावत और श्रीराज गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने बताया कि दोनों व्यक्तियों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने हादसे का कारण बने वाहन को कब्जे में लेकर कार चालक की तलाश शुरू कर दी है।
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पटना. बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने पिछले एक साल में (30 अप्रैल तक) महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत जारी 1.2 करोड़ से अधिक ‘निष्क्रिय' जॉब कार्ड निरस्त कर दिये हैं। बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने सोमवार को कहा, “बिहार ग्रामीण विकास विभाग द्वारा चलाए गए अभियान के तहत (30 अप्रैल तक) पाया गया कि 3,85,69,626 में से कुल 1,23,13,927 जॉब कार्ड पिछले कई वर्षों से निष्क्रिय थे। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में जॉब कार्ड फर्जी थे या प्रदान किए गए आधार नंबर से लिंक (संबंद्ध) नहीं थे या फिर लाभार्थियों की मृत्यु हो गई थी। मंत्री ने कहा कि विभाग ने ऐसे सभी जॉब कॉर्ड को भौतिक सत्यापन करने के बाद निरस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि इसके अलावा बड़ी संख्या में उन मजदूरों के जॉब कार्ड भी रद्द कर दिए गए जो जॉब कार्ड प्राप्त करने के बाद राज्य से पलायन कर गए थे और उनके कार्ड पिछले कई वर्षों से निष्क्रिय हैं। उन्होंने कहा, “विभाग ने पिछले एक साल में राज्य के विभिन्न जिलों में मजदूरों को कुल 23.07 लाख नये जॉब कार्ड प्रदान किए हैं। साथ ही मनरेगा के प्रावधानों के तहत मांग के 15 दिनों के भीतर नौकरी चाहने वालों को योजना के तहत नौकरी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गये हैं और ऐसा ना करने पर संबंद्धित सरकारी अधिकारियों पर जुर्माना लगाया जाएगा।'' मंत्री ने कहा कि सबसे अधिक जॉब कॉर्ड वैशाली (8,89,150) जिले में रद्द किये गये हैं और इसके बाद पटना (7,55,308), समस्तीपुर (6,30,654), अररिया (6,14,530), दरभंगा (5,79,778), औरंगाबाद (2,20,330), बेगूसराय (3,13,696) आदि जिलों का स्थान है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सरकार ने वर्ष 2022-23 में 1.26 करोड़ जॉब कार्ड धारकों को रोजगार प्रदान किया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 को पहले राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम या नरेगा के रूप में जाना जाता था। मनरेगा का उद्देश्य प्रत्येक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों के रोजगार की गारंटी प्रदान करके ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका की सुरक्षा को मजबूत करना है।
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नयी दिल्ली. देश में बिजली खपत लगातार दूसरे महीने अप्रैल में 1.1 प्रतिशत घटकर 130.57 अरब यूनिट रही। विभिन्न इलाकों में हो रही बारिश से एसी, कूलर जैसे उपकरणों का उपयोग पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले कम होने से बिजली खपत कम हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार एक साल पहले इसी अवधि में बिजली खपत 132.02 अरब यूनिट रही थी जो अप्रैल 2021 में 117.08 अरब यूनिट थी। देश के विभिन्न भागों में बारिश से इस साल मार्च में भी बिजली खपत प्रभावित हुई। यह मार्च में 126.82 अरब यूनिट रही जो एक साल पहले इसी महीने में 128.47 अरब यूनिट थी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मार्च और अप्रैल में बारिश नहीं होती, तब बिजली खपत में अच्छी वृद्धि होती। उनका कहना है कि बारिश से बिजली की मांग कम हुई है क्योंकि लोग पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले एसी, कूलर जैसे उपकरणों का कम उपयोग कर रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार बिजली की अधिकतम मांग अप्रैल में बढ़कर 2,15,880 मेगावॉट पहुंच गयी।
इससे पिछले साल अप्रैल 2022 में यह 2,07,230 मेगावॉट थी। बिजली मंत्रालय के अनुसार इस साल बिजली की अधिकतम मांग इस गर्मी के मौसम में 2,29,000 मेगावॉट पहुंचने का अनुमान है। -
ठाणे. महाराष्ट्र के ठाणे जिले में पिछले महीने एक लोकल ट्रेन में मृत पाए गए 57 वर्षीय व्यक्ति की पहचान राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने उसकी शर्ट पर लगे टेलर के दुकान के टैग की मदद से की। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
डोंबिवली जीआरपी की वरिष्ठ निरीक्षक अर्चना दुसाना ने कहा कि छत्रपति शिवाजी टर्मिनस में एक लोकल ट्रेन में सवार यात्री की 23 अप्रैल को यात्रा के दौरान मौत हो गई। उन्होंने कहा कि दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया था। उन्होंने कहा कि मृत व्यक्ति की पहचान का पता लगाने की कोशिश करते हुए पुलिस को उसकी शर्ट पर एक दर्जी की दुकान का टैग लगा मिला और पता चला कि यह वंगानी में एक प्रतिष्ठान का है। अधिकारी ने कहा कि मृतक की पहचान महबूब नासिर शेख के तौर पर हुई है। उन्होंने बताया कि उसके परिवार का पता लगाकर उन्हें इसकी सूचना दी गई और रविवार को उसका अंतिम संस्कार किया गया। -
इंदौर . इंदौर में एक दम्पति उनकी दो बेटियों समेत चार बच्चों को लावारिस छोड़कर गायब हो गए और उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी । संयोगितागंज पुलिस थाने के प्रभारी तहजीब काजी ने बताया कि चारों बच्चे शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय के सामने रविवार रात लावारिस हालत में बिलखते मिले। उन्होंने बताया कि इन बच्चों में दो वर्षीय बालक, चार वर्षीय बालक, छह वर्षीय बालिका और आठ वर्षीय बालिका शामिल हैं। थाना प्रभारी के मुताबिक, बच्चों ने पुलिस को बताया कि वे बड़वानी जिले के रहने वाले हैं और उनके माता-पिता यह कहकर उन्हें लावारिस छोड़ गए कि वे थोड़ी देर में खाना लेकर आते हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने चारों बच्चों को बालकों के हितों के लिए काम करने वाली गैर सरकारी संस्था "चाइल्डलाइन" को आगामी विधिक प्रक्रिया के लिए सौंपा है और उनके माता-पिता की तलाश की जा रही है।
- नयी दिल्ली।उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को व्यवस्था दी कि वह जीवनसाथियों के बीच आई दरार भर नहीं पाने के आधार पर किसी शादी को खत्म करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपने विशेषाधिकारों का इस्तेमाल कर सकता है और हिंदू विवाह अधिनियम 1955 के तहत छह महीने की अनिवार्य अवधि के प्रावधान का इस्तेमाल किये बिना दोनों पक्षों को परस्पर सहमति के आधार पर तलाक की अनुमति दे सकता है।संविधान का अनुच्छेद 142 शीर्ष अदालत के समक्ष लंबित किसी मामले में ‘संपूर्ण न्याय’ के लिए उसके आदेशों के क्रियान्वयन से संबंधित है। अनुच्छेद 142(एक) के तहत उच्चतम न्यायालय की ओर से पारित आदेश पूरे देश में लागू होता है। हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13-बी आपसी सहमति से तलाक से संबंधित है और इस प्रावधान की उप-धारा (2) यह व्यवस्था करती है कि पहला प्रस्ताव पारित होने के बाद, पक्षकारों को दूसरे प्रस्ताव के साथ अदालत का रुख करना होगा, यदि तलाक संबंधी याचिका छह महीने के बाद और पहले प्रस्ताव के 18 महीने के भीतर वापस नहीं ली जाती है।न्यायमूर्ति एस. के. कौल की अध्यक्षता वाली पांच-सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा कि जीवनसाथियों के बीच रिश्तों में आई दरार भर नहीं पाने के आधार पर तलाक की अनुमति देना अधिकार नहीं, बल्कि विशेषाधिकार है, जिसका इस्तेमाल विभिन्न कारकों को ध्यान में रखते हुए बहुत ही सावधानी से किया जाता है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि दोनों पक्षों के साथ ‘पूर्ण न्याय’ हो।शीर्ष अदालत इन प्रश्नों पर अपना निर्णय दे रही थी कि क्या जीवनसाथियों के बीच आई दरार भर नहीं पाने के आधार पर किसी शादी को खत्म करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपने विशेषाधिकारों का इस्तेमाल करके तलाक की अनुमति दी जा सकती है, खासकर तब जब एक पक्ष तलाक देना न चाहता हो।पीठ ने कहा, ‘‘हमने अपने निष्कर्षों के अनुरूप, व्यवस्था दी है कि इस अदालत के लिए किसी शादीशुदा रिश्ते में आई दरार के भर नहीं पाने के आधार पर उसे खत्म करना संभव है। यह सरकारी नीति के विशिष्ट या बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन नहीं होगा।’’संविधान पीठ में न्यायमूर्ति कौल के अलावा न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति ए एस ओका, न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी भी शामिल थे।पीठ की ओर से न्यायमूर्ति खन्ना ने 61 पन्नों का फैसला लिखते हुए कहा, ‘‘हमने कहा है कि इस अदालत के दो फैसलों में उल्लेखित जरूरतों और शर्तों के आधार पर छह महीने की अवधि दी जा सकती है।’’शीर्ष अदालत ने पिछले साल 29 सितंबर को मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखा था।उसने दलीलों पर सुनवाई करते हुए कहा कि सामाजिक परिवर्तनों में थोड़ा समय लगता है और कई बार कानून बनाना आसान होता है, लेकिन समाज को इसके साथ बदलाव के लिए मनाना मुश्किल होता है।पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 142(1) के तहत शीर्ष अदालत की शक्ति और अधिकार क्षेत्र के दायरे तथा सीमा से संबंधित सवाल का जवाब देते हुए कहा कि शीर्ष अदालत प्रक्रिया के साथ-साथ मूल कानूनों से भी हट सकती है, यदि निर्णय मौलिक सामान्य और विशिष्ट सार्वजनिक नीति के विचारों के आधार पर इस्तेमाल किया जाता है।शीर्ष अदालत ने इस बात पर भी विचार किया कि क्या वह घरेलू हिंसा कानून, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 या भारतीय दंड संहिता की धारा 498-ए और अन्य प्रावधानों के तहत आपराधिक मुकदमों का भी निपटारा कर सकती है।न्यायालय ने यह स्पष्ट कर दिया कि कोई भी वादकार संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत एक रिट याचिका दायर करके न सुधर पाने वाले रिश्तों के आधार पर विवाह समाप्त करने का अनुरोध नहीं कर सकता।संविधान पीठ ने पूर्व में दिए गए शीर्ष अदालत के एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था दी गयी है कि इस तरह के किसी भी प्रयास को खारिज कर दिया जाना चाहिए और न सुधरने वाले रिश्तों के आधार पर अनुच्छेद 32 के तहत शीर्ष अदालत के समक्ष या अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय के समक्ष तलाक की याचिका दायर करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार सरकार ने निर्णय लिया है कि सभी राज्य अब केवल अपना नहीं, बल्कि अन्य राज्यों का स्थापना दिवस भी मनाएंगे। एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को बढ़ावा देने के लिए यह परंपरा शुरू की गयी है। सभी राज्यों का स्थापना दिवस अब देश के सभी राजभवनों में मनाया जाएगा।
आज गुजरात और महाराष्ट्र का स्थापना दिवस है। अन्य राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भी आज अपने-अपने राजभवनों में गुजरात और महाराष्ट्र का स्थापना दिवस मना रहे हैं। गुजरात और महाराष्ट्र के निवासियों को भी राजभवनों में आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में दोनों राज्यों के प्रतिभागी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे और अपनी बात कहेंगे।असम में भी आज गुजरात और महाराष्ट्र राज्य दिवस मनाया जा रहा है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया की उपस्थिति में आज शाम गुवाहाटी के राजभवन में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। दोनों राज्यों के लोक कलाकार, विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। असम में बड़ी संख्या में गुजरात और महाराष्ट्र के लोग रहते हैं जो राज्य के विकास में अपना योगदान कर रहे हैं। -
लुधियाना . पंजाब में लुधियाना जिले के घनी आबादी वाले ग्यासपुरा इलाके में रविवार को जहरीली गैस के रिसाव के कारण 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग बीमार पड़ गए। पुलिस ने बताया कि बीमार लोगों का एक अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किस गैस का रिसाव हुआ और इसका क्या कारण था, यह फिलहाल पता नहीं लगाया जा सका है।
बहरहाल, लुधियाना की उपायुक्त सुरभि मलिक ने बताया कि ऐसी आशंका है कि सीवर में कुछ रसायनों की मीथेन गैस से प्रतिक्रिया हुई होगी। उन्होंने बताया कि इलाके को खाली करा लिया गया है और गैस के फैलने पर रिसाव स्थल की घेराबंदी का दायरा बढ़ाया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि घटना में जान गंवाने वाले लोगों में श्वसन संबंधी समस्या का कोई लक्षण नहीं दिखा। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी आशंका है कि न्यूरोटॉक्सिन (विषाक्त पदार्थ के संपर्क में आने से तंत्रिका तंत्र की सामान्य गतिविधि में बदलाव) की वजह से मौत हुई है।'' जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल पर पहुंची राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम यह पता लगाएगी कि किस गैस का रिसाव हुआ और इसका स्रोत एवं कारण क्या था। उन्होंने कहा कि चूंकि, यह बेहद घनी आबादी वाला इलाका है, इसलिए तत्काल प्राथमिकता लोगों को वहां से सुरक्षित निकालना थी। लुधियाना की उपायुक्त ने बताया कि एनडीआरएफ का एक दल विभिन्न तरह के रसायनों के नमूने एकत्रित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब रासायनिक प्रक्रिया के बारे में पता चल जाएगा तो जानकारियां साझा की जाएगी। पुलिस ने इलाके को सील कर दिया है और वहां राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एक दमकल वाहन और एक एम्बुलेंस को तैनात किया गया है। उपायुक्त ने बताया कि जिस गैस का रिसाव हुआ है, उसका असर काफी हद तक कम हो गया है।
उन्होंने बताया कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है और उन्होंने लोगों से अफवाह फैलाने वालों से दूर रहने को कहा। उन्होंने लोगों से इलाके से दूर रहने की भी अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह पता लगाने के लिए जांच की जाएगी कि यह गैस कितनी दूर तक फैली।'' मलिक ने कहा, ‘‘हम यह पता लगाने के लिए सीवरों से नमूने एकत्रित कर रहे हैं कि यह किस तरह की गैस थी और किसी रासायनिक मिश्रण के बाद कौन-सी गैस निकली। हम इसकी जांच कर रहे हैं और यह कितनी दूर तक फैली, इसकी भी जांच कर रहे हैं।'' उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
इससे पहले, एनडीआरएफ के एक अधिकारी ने बताया कि अभी यह पता नहीं चला है कि इन लोगों की मौत किस वजह से हुई। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘पहले हम इसकी जांच करेंगे, फिर आपको जानकारी देंगे।'' पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घटना को बेहद दर्दनाक बताते हुए कहा कि हर संभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘लुधियाना के ग्यासपुरा इलाके में गैस रिसाव की घटना बेहद दर्दनाक है। पुलिस, जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम मौके पर मौजूद हैं। हर संभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है। -
नयी दिल्ली. भारत हिंसाग्रस्त सूडान में फंसे भारतीयों को वहां से निकालने के अपने अभियान के तहत रविवार को 229 लोगों के एक और समूह को स्वदेश लेकर आया। ये लोग बेंगलुरु पहुंचे। इससे एक दिन पहले सूडान से 365 लोग दिल्ली पहुंचे थे।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट किया, ऑपरेशन कावेरी' के तहत एक और उड़ान से 229 यात्रियों को बेंगलुरु लाया गया।'' निकासी अभियान के तहत, शुक्रवार को 754 लोग दो समूहों में भारत पहुंचे थे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सूडान से अब तक 1,954 लोगों को स्वदेश लाया जा चुका है। ‘ऑपरेशन कावेरी' के तहत भारत शरणार्थियों को सऊदी अरब के जेद्दा शहर ले जा रहा है, जहां से उन्हें स्वदेश वापस लाया जा रहा है। कुल 360 नागरिकों के पहले समूह को बुधवार को एक वाणिज्यिक विमान से नयी दिल्ली लाया गया था। वहीं, दूसरे समूह में अगले ही दिन भारतीय वायुसेना के सी-17 ग्लोबमास्टर विमान से 246 नागरिकों को मुंबई लाया गया था। -
इडुक्की (केरल). घरों और राशन की दुकानों में घुसकर चावल खाने वाले ‘अरिकोम्बन' नामक हाथी को रविवार सुबह पेरियार बाघ अभयारण्य के भीतरी इलाकों में छोड़ दिया गया। वन अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एक वन अधिकारी ने संवाददाताओं को बताया कि हाथी को रेडियो कॉलर लगा हुआ है और उससे संकेत मिल रहे हैं। एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘‘हमें रेडियो कॉलर से संकेत मिल रहे हैं। बाघ अभयारण्य से उसकी स्थिति पर नजर रखी जाएगी। वह पूरी तरह स्वस्थ है।'' अधिकारी ने कहा कि हाथी को शनिवार शाम बेहोश कर ट्रक से बाघ अभयारण्य ले जाया गया। हाथी को काबू करने का अभियान शनिवार सुबह तड़के शुरू हुआ और 12 घंटे से अधिक समय के बाद इसमें सफलता मिली। अधिकारी ने कहा कि अभियान में बड़ी संख्या में वनकर्मी और चार कुमकी (प्रशिक्षित) हाथी शामिल थे। उन्होंने कहा कि पहले दिन हाथी को काबू में करने का प्रयास नाकाम रहा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि इडुक्की के चिन्नकनाल और संथनपारा क्षेत्रों से बाघ अभयारण्य तक की यात्रा में बारिश के कारण जंगल की सड़कें कीचड़युक्त हो जाने की वजह से कुछ समय लगा। ‘अरिकोम्बन' हाथी ने चिन्नकनाल और संथनपारा क्षेत्रों में मानव बस्तियों को नुकसान पहुंचाया था। ‘अरिकोम्बन' को चिन्नकनाल से निकालने और प्रशिक्षित करने के प्रयासों को लेकर विवाद भी हुआ। एर्नाकुलम जिले के कोडानाड हाथी प्रशिक्षण केंद्र में इसे कुमकी हाथी बनाने के लिए पकड़ने और वश में करने के वन विभाग के कदम को लेकर कुछ पशु अधिकार संगठनों ने विरोध जताया था। इन संगठनों ने केरल उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी जिसपर सुनवाई करते हुए पीठ ने विभाग के कदम पर रोक लगा दी थी।
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नयी दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्यालय अपने पंचांग की 10 हजार प्रतियां देश के शैक्षणिक समुदाय को वितरित करेगा। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि यह पंचांग प्राचीन भारतीय ज्ञान प्रणाली पर आधारित है। अधिकारी ने बताया कि विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को अपना पंचांग जारी किया, जिसे हिंदू कैलेंडर भी कहा जाता है और इसकी एक हजार से अधिक प्रतियां वितरित की गईं। पंचांग ग्रहों की चाल पर आधारित है। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया, “शुक्रवार को पंजाब की एक हजार से अधिक प्रतियां वितरित की गईं और आने वाले दिनों में देश के शैक्षणिक समुदाय में नौ हजार और प्रतियां मुफ्त वितरित की जाएंगी।” अधिकारियों ने बताया कि पंचांग पश्चिमी कैलेंडर की तुलना में अधिक उन्नत है और “प्राचीन भारतीय ज्ञान के प्रसार” में मदद करेगा। इस पंचांग में सभी त्योहारों, ग्रहणों, तिथियों आदि की विस्तृत जानकारी दी गई है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात' एक ‘प्रेरणादायक मंच' में बदल गया है जो सतत विकास की प्राथमिकता वाले विषयों को प्रोत्साहित करता है और यह सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में भारत के प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण है। यह जानकारी बिल ऐंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा कराए गए अध्ययन से प्राप्त हुई है। ‘मन-की-बात : ए डिकेड ऑफ रिफ्लेक्शन' शीर्षक से किए गए अध्ययन में कहा गया कि वर्ष 2014 में प्रसारण शुरू होने के यह सरकार के नागरिकों तक पहुंचने के कार्यक्रम का ‘अहम स्तंभ' बन गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि अध्ययन का उद्देश्य वर्ष 2014 से 2023 के बीच प्रसारित ‘मन -की-बात' की 99 कड़ियों की ‘मात्रात्मक और गुणात्मक विश्लेषण' करना था साथ ही चर्चा के प्रमुख विषयगत क्षेत्रों की पहचान करना था। इस अध्ययन में इंस्टीट्यूट फॉर कम्पेटिटिवनेस (आईएफसी) अनुसंधान सहयोगी रहा जबकि ‘एक्सिस माई इंडिया' ज्ञान साझेदार रहा। रिपोर्ट में कहा गया ‘मन की बात' कोशिश ने वैश्विक और स्थानीय समस्याओं के प्रति जागरुकता पैदा की और जमीनी समाधानों का उत्सव मनाया। इसमें कहा गया कि इसने नागरिक सक्रियता को बढ़ावा दिया जिसने भारत की सतत विकास की दिशा में प्रगति में योगदान दिया। इसमें कहा गया कि पांच बिंदुओं- स्वच्छता और सफाई, स्वास्थ्य, आरोग्य, जल संरक्षण और स्थायीत्व को प्रोत्साहित किया गया। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘ आम नागरिकों की कोशिशों के उदाहरण पेश कर और बदलाव एवं प्रगति की कहानियों को साझा कर ‘मन की बात' स्वयं प्रेरणादायक मंच में तब्दील हो गया है। यह सतत विकास को प्राथमिकता वाली उन थीम के जरिये प्रोत्साहित कर रहा है जो भारत की सतत विकास लक्ष्य को हासिल करने के केंद्र में हैं।'' रिपोर्ट में कहा गया कि कार्यक्रम सरकार और नागरिकों द्वारा प्राथमिकता वाले क्षेत्र में उठाए गए कदमों को रेखांकित करता है और श्रोताओं को इस बदलाव की पहल में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करता है ताकि वे अपने समुदाय के लोगों और देश की जिंदगी में सतत बदलाव के लिए पहल कर सकें।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय दूरसंचार राज्यमंत्री देवसिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि 2024 तक देश के सभी गांवों में 4जी सेवा शुरू हो जाएगी। चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार लोगों को और बेहतर करने के लिए प्रेरित करते रहते हैं और उनका ‘मन की बात' कार्यक्रम सरकारी परियोजनाओं और सेवाओं को अंतिम छोर के व्यक्ति तक ले जाने की प्रेरणा देता है। चौहान ने कहा, “अगर हम 4जी परियोजना के बारे में बात करते हैं, तो लगभग 38,000-40,000 गांवों में सिग्नल नहीं है। प्रधानमंत्री कहते हैं कि आपने अच्छा काम किया है लेकिन हर घर तक पहुंचें। हमने 2024 तक 4जी को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। मंत्री ने कहा कि सभी वंचित गांवों में 4जी नेटवर्क पहुंचने से सामाजिक-आर्थिक बदलाव होगा और डिजिटल दूरी घटेगी।
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नयी दिल्ली. बिहार, झारखंड और ओडिशा समेत पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मई में तापमान सामान्य से अधिक रहने और कुछ दिन लू चलने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। आईएमडी ने मई के लिए तापमान और बारिश संबंधी मासिक पूर्वानुमान के तहत बताया कि पश्चिमोत्तर और पश्चिम-मध्य भारत के कुछ हिस्सों में रात में मौसम गर्म रहने और दिन में सामान्य से कम तापमान रहने की संभावना है। विभाग ने बताया कि कि मई में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों सहित देश के पश्चिमोत्तर और पश्चिम-मध्य हिस्सों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा, पूर्वोत्तर क्षेत्र, केरल, आंध्र प्रदेश और दक्षिण कर्नाटक के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। आईएमडी के अनुसार, मई में 61.4 मिलीमीटर की लंबी अवधि के औसत (एलएपी) की 91-109 प्रतिशत बारिश होने की संभावना है। विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि मई में बिहार, झारखंड, ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल, पूर्वी उत्तर प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों तथा पूर्वी मध्य प्रदेश, तेलंगाना और तटीय गुजरात के अधिकतर हिस्सों में सामान्य से अधिक गर्म हवाएं चलने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि मई में भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में मौजूद तटस्थ अल नीनो का प्रभाव रहने की संभावना है और मौसम संबंधी अधिकतर मॉडल मई से मानसून के दौरान क्षेत्र के गर्म होने का संकेत दे रहे हैं। ऐसा बताया जाता है कि अल नीनो या भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के गर्म होने का भारत में मानसूनी बारिश पर प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा, हिंद महासागर में समुद्र की सतह (जिसे हिंद महासागर द्विध्रुव (आईओडी) भी कहते हैं) के तापमान जैसे अन्य कारक भी मौसम को प्रभावित करने के लिए जाने जाते हैं। महापात्र ने कहा कि हिंद महासागर में मौजूद तटस्थ आईओडी संबंधी स्थितियां आगामी मौसम में सकारात्मक होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि सकारात्मक हिंद महासागर द्विध्रुवीय स्थितियां भारतीय मानसून के पक्ष में और अल नीनो के प्रभाव को कम करने में मदद करने के लिए जानी जाती हैं। इस महीने की शुरुआत में विभाग ने 87 सेंटीमीटर की लंबी अवधि के औसत (एलएपी) की 96 प्रतिशत बारिश होने की संभावना जताई थी।
- पुरी (ओडिशा) । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 100वीं कड़ी के प्रसारण से पहले जाने-माने रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने पुरी समुद्र तट पर कई रेडियो के साथ प्रधानमंत्री की एक कलाकृति बनाई है। पटनायक ने लगभग सात टन रेत का इस्तेमाल कर 100 रेडियो के साथ प्रधानमंत्री की आठ फुट ऊंची रेत की कलाकृति तैयार की। पटनायक के रेत कला विद्यालय के छात्रों ने कलाकृति को पूरा करने में उनकी मदद की। पटनायक ने कहा, ‘‘इससे पहले भी मैंने कार्यक्रम के लिए रेत की कुछ कलाकृतियां बनाई थीं।’’ साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने मासिक रेडियो कार्यक्रम की शुरुआत की थी।
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लुधियाना। पंजाब में लुधियाना जिले के गैसपुरा इलाके में रविवार को गैस रिसाव की घटना में नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य बीमार पड़ गए। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि किस गैस का रिसाव हुआ और इसका क्या कारण था, यह फिलहाल पता नहीं लगाया जा सका है।अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने इलाके को सील कर दिया है और वहां राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एक दमकल वाहन और एक एम्बुलेंस को तैनात किया गया है।उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक टीम भी घटनास्थल पर पहुंच चुकी है।लुधियाना के पुलिस आयुक्त मनदीप सिंह सिद्धू ने पुष्टि की कि इस घटना में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है। लुधियाना दक्षिण से आम आदमी पार्टी (आप) की विधायक राजिंदरपाल कौर छीना ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि अभी यह पता नहीं चल सका है कि गैस रिसाव किस वजह से हुआ। -
नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को नई दिल्ली में अखिल भारतीय वैदिक विज्ञान सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वेदों ने मानवता को सत्य, न्याय और पवित्रता पर आधारित उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने का मार्ग दिखाया है। श्री बिरला ने कहा कि विभिन्न युगों में वेदों पर व्यापक शोध किया गया है और वेदों में जो कुछ भी उल्लेख किया गया है, वह सच साबित हुआ है। वेदों के वैज्ञानिक पहलुओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वेदों में जो ज्ञान है वह मानवता के लिए बहुत ही वैज्ञानिक और उपयोगी है। इस मौके पर कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद थे।




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