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- नई दिल्ली। कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के लिए अपने कर्मचारियों को 50 प्रतिशत वेतनवृद्धि देना मुश्किल है। यूनियनों ने इसकी मांग प्रबंधन के समक्ष की है।यूनियन के एक नेता ने बताया कि चेयरमैन ने कहा है कि कंपनी के समक्ष वित्तीय दिक्कतों की वजह से कर्मियों को 50 प्रतिशत की वेतनवृद्धि देना संभव नहीं है। हिंद मजदूर सभा से संबद्ध हिंद खदान मजदूर फेडरेशन के अध्यक्ष नाथूलाल पांडेय ने कहा कि कर्मचारियों के वेतन के मुद्दे पर बुधवार को उनकी कोल इंडिया के चेयरमैन के साथ बैठक हुई। पांडेय ने कहा, ''चेयरमैन ने बताया कि कंपनी के समक्ष वित्तीय दिक्कतों की वजह से अभी कर्मचारियों को 50 प्रतिशत की वेतनवृद्धि देना मुश्किल है। यदि कंपनी 10 प्रतिशत की भी वेतनवृद्धि देती है, तो इससे उस पर 5,000 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ पड़ेगा।'' कोल इंडिया के कर्मचारियों के वेतन में प्रत्येक पांचवें साल में संशोधन किया जाता है। कर्मचारियों की वेतनवृद्धि जुलाई, 2021 में होनी थी। कोल इंडिया ने 2017 में कर्मचारी यूनियनों के साथ वेतन करार किया था। इसके तहत पांच साल के लिए कर्मचारियों के वेतन में 20 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव किया गया था। देश के कुल कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत हिस्सा कोल इंडिया का है। उसके कर्मचारियों की कुल संख्या 2.59 लाख है। इसमें से 15 हजार के करीब कार्यकारी स्टाफ है। कर्मचारी यूनियनों ने कोल इंडिया प्रबंधन को अपना मांग पत्र दिया है जिसमें पांच साल के अवधि के दौरान वेतन में कम से कम 50 प्रतिशत वृद्धि की मांग शामिल है।---
- मुंबई । भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को कहा कि वह अधिग्रहण कार्यक्रम (जी-सैप 2.0) के तहत 26 अगस्त 2021 को 25 हजार करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की खुले बाजार में खरीद करेगा। इससे पिछले महीने आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि आरबीआई का द्वितीयक बाजार जी-सैप अधिग्रहण कार्यक्रम बाजार के सहभागियों से गहरी प्रतिक्रिया प्राप्त करते हुए प्रतिभूति प्रतिफल अपेक्षाओं को स्थिर करने में सफल रहा है। उन्होंने मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद जी-सैप 2.0 के तहत 25 हजार करोड़ रुपये की दो और नीलामी की घोषणा की थी। पहली नीलामी 12 अगस्त को हुई। केंद्रीय बैंक ने बुधवार को एक बयान में कहा कि 26 अगस्त को एकाधिक मूल्य विधि का इस्तेमाल करते हुए वह बहु-सुरक्षा नीलामी के जरिए 25 हजार करोड़ रुपये की पांच सरकारी प्रतिभूतियां खरीदेगा। नीलामी के परिणाम की घोषणा भी उसी दिन की जाएगी।
- नयी दिल्ली । एचडीएफसी बैंक ने बुधवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नए कार्ड जारी करने के लिए बैंक पर लगाए गए प्रतिबंधों में राहत दी है।पिछले दो वर्षों में एचडीएफसी बैंक की इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और भुगतान सेवाओं में बाधा की कुछ घटनाओं के चलते आरबीआई ने दिसंबर और फरवरी में आदेश जारी कर नए क्रेडिट कार्ड जारी करने पर रोक लगाई थी।बैंक ने शेयर बाजार को बताया, ‘‘हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि आरबीआई ने 17 अगस्त 2021 को अपने एक पत्र के माध्यम से नए क्रेडिट कार्ड जारी करने पर लगाए गए प्रतिबंध में ढील दी है।’’एचडीएफसी बैंक ने आगे कहा कि आरबीआई की अगली समीक्षा तक डिजिटल 2.0 के तहत नियोजित डिजिटल कारोबार गतिविधियों के तहत नई पेशकश पर प्रतिबंध जारी रहेंगे। बैंक ने कहा, ‘‘हम आरबीआई के साथ मिलकर काम जारी रखेंगे और सभी मानकों पर अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।’’
- नयी दिल्ली। वाहन कंपनी रेनो इंडिया ने तोक्यो ओलंपिक में भारोत्तोलन में रजत पदक जीतने वाली साइखोम मीराबाइ चानू को अपना कॉम्पैक्ट एसयूवी मॉडल काइगर भेंट किया है। रेनो इंडिया ने बुधवार को बयान में कहा कि पूर्वी इम्फाल के एक गांव से आने वाली चानू ने न केवल पूरे देश का मान बढ़ाया, बल्कि अपने समर्पण और प्रतिबद्धता के जरिये वह अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रही हैं। रेनो इंडिया के उपाध्यक्ष (बिक्री एवं विपणन) सुधीर मल्होत्रा ने एसयूवी काइगर की चाबी मीराबाई चानू को सौंपी। रेनो काइगर चार मीटर से कम की कॉम्पैक्ट एसयूवी है जिसे भारत के लिए डिजाइन एवं विकसित किया गया है।
- नयी दिल्ली । उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला ने बुधवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका के कारण उत्पन्न अनिश्चितता के बावजूद महामारी से पूर्व के स्तर की ओर सामान्य हो रही है। अल्ट्राटेक सीमेंट लि. की वार्षिक आम बैठक में वर्चुअल माध्यम से शेयरधारकों को संबोधित करते हुए आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन ने कहा कि कोरोना रोकथाम टीकाकरण की रफ्तार तेज हो रही है। इससे कोविड की संभावित तीसरी लहर से लड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) और सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों ने महामारी के कारण पैदा हुई आर्थिक बाधाओं को रोकने में मदद की है। उन्होंने कहा, ‘‘आर्थिक संकेतक बताते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था भी तेजी से महामारी के पूर्व स्तर पर पहुंचने की ओर सामान्य हो रही है। चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 10 प्रतिशत से कुछ कम रहने का अनुमान है।'' उन्होंने कहा कि वित्तीय रुख स्पष्ट रूप से आने वाले वर्षों में सरकारी पूंजीगत व्यय में तेजी लाने के लिए तैयार है। विशेष रूप से राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन परियोजनाओं के संबंध में। बिड़ला ने कहा कि महामारी की शुरुआत के बाद नीतिगत समर्थन, वित्तीय प्रोत्साहन और आसान मौद्रिक नीतियां वैश्विक स्तर पर शानदार रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘व्यवसायों ने इस तरह काम करने के तरीके तैयार किए हैं जो महामारी से संबंधित स्थितियों और अनिश्चितताओं के अनुकूल हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) को उम्मीद है कि 2021 में विश्व अर्थव्यवस्था 6 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। '' उन्होंने कहा कि कैलेंडर वर्ष 2022 में वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 4.9 प्रतिशत से ऊपर रहने का अनुमान है। आदित्य बिड़ला समूह धातु, पल्प और फाइबर, रसायन, कपड़ा, कार्बन ब्लैक, दूरसंचार और सीमेंट जैसे क्षेत्रों में काम करता है। समूह 36 देशों में फैले अपने विदेशी परिचालन से 50 प्रतिशत से अधिक आय प्राप्त करता है।
- नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विभिन्न घटनाक्रम, उपभोक्ता शिकायतों की प्रवृत्ति और बैंकों से प्राप्त फीडबैक पर विचार करते हुए लॉकर सुविधा के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी किये हैं। मुंबई में बुधवार को जारी अधिसूचना में भारतीय रिजर्व बैंक ने बताया कि नये दिशा-निर्देश पहली जनवरी 2022 से प्रभावी होंगे और ये वर्तमान तथा नये लॉकरों पर लागू होंगे।बैंकों को खाली लॉकरों की शाखा-वार सूची बनानी होगी, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। बैंकों को इंडियन बैंकिंग एसोसिएशन द्वारा बनाए गए आदर्श लॉकर समझौता अपनाना होगा। इस आदर्श लॉकर समझौते में ग्राहकों द्वारा बैंक के लॉकरों में अवैध या खतरनाक वस्तुओं को रखने पर रोक लगाने का प्रावधान है।
- नयी दिल्ली। सार्वभौमिक सेवा दायित्व कोष (यूएसओएफ) ने पूर्वोत्तर राज्यों को द्रुत गति की इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने के लिए भारत संचार निगम लि. (बीएसएनएल) के साथ करार किया है। एक आधिकारिक बयान में मंगलवार को यह जानकारी दी गई है। बयान में कहा गया है कि तेज गति की इंटरनेट पहुंच से नागरिकों की विभिन्न ई-सेवाएं मसलन ई-गवर्नेंस, ई-शिक्षा, ई-स्वास्थ्य, ई-कॉमर्स, ई-बैंकिंग तक सेवाएं सुनिश्चित हो सकेंगी। बयान में कहा गया है कि देश के पूर्वोत्तर राज्यों को उच्च गुणवत्ता की तेज इंटरनेट सेवा के लिए यूएसओएफ ने बीएसएनएल के साथ करार किया है। इस करार के तहत बांग्लादेश सबमरीन केबल कंपनी के जरिये अगरतला को इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए 10 जीबीपीएस की अंतरराष्ट्रीय बैंडविद्थ किराये पर ली जाएगी। करार के तहत यूएसओएफ अंतरराष्ट्रीय बैंडविद्थ किराये पर लेने के लिए बीएसएनएल को तीन साल तक वित्तीय समर्थन उपलब्ध कराएगा। दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘‘पूर्वोत्तर के राज्यों में ई-सेवाओं तक बेहतर पहुंच के लिए नागरिकों को तेज गति की इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।'
- नयी दिल्ली। कृषि नवाचार स्टार्ट अप फार्मकार्ट नें बुधवार को तकनीकी प्लेटफॉर्म रेंट4फार्म की पेशकश के साथ कृषि उपकरण किराये पर उपलब्ध कराने के क्षेत्र में कदम रखा है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि ‘रेंट4फार्म' किसानों को प्रतिस्पर्धी दरों पर उच्च गुणवत्ता वाली मशीनरी और उपकरण किराए पर लेने में मदद करेगा। पहले चरण में, फार्मकार्ट ने 100 प्रमाणित उपकरण आपूर्तिकर्ताओं के साथ साझेदारी करके, बड़वानी, मध्य प्रदेश के निकट 200 गांवों में किराये की सेवाएं प्रदान करना शुरू कर दिया है। फार्मकार्ट के संस्थापक और सीईओ अतुल पाटीदार ने कहा, ‘‘हमने इस साल जून के मध्य में रेंट4फार्म शुरू किया था और प्रतिक्रिया काफी अच्छी रही है। अब, हम एक व्यापक क्षेत्र में सुविधा का विस्तार कर रहे हैं और कम से कम 10,000 किसानों की सेवा करने की उम्मीद कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 के अंत तक, कंपनी की योजना, पूरी तरह से संचालित मोबाइल एप्लिकेशन के साथ, 3,500 स्थानों के 20,000 किसानों तक सेवा पहुंचाने की है। मौजूदा समय में 1,00,000 से अधिक किसान फार्मकार्ट से जुड़े हुए हैं।उन्होंने कहा कि फार्मकार्ट के उत्पाद और सेवाएं मध्य प्रदेश के 3,500 गांवों में उपलब्ध हैं और कंपनी अन्य भौगोलिक क्षेत्रों में भी अपनी पहुंच कायम करने की प्रक्रिया में है। फार्मकार्ट का मुख्य कार्यालय बड़वानी मध्यप्रदेश में है और इसकी रणनीतिक टीम (स्ट्रेटजी टीम) टोरंटो, कनाडा में कार्यरत है।
- नयी दिल्ली। घरेलू रसोई गैस एलपीजी की कीमत में बुधवार को 25 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई, जो लगातार दूसरे महीने सीधी वृद्धि है।तेल कंपनियों की मूल्य अधिसूचना के अनुसार सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब दिल्ली में 859 रुपये प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर है।यह कीमतों में बढ़ोतरी का लगातार दूसरा महीना है। इससे पहले एक जुलाई को कीमतों में 25.50 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई थी।गैर-सब्सिडी वाले रसोई गैस की दरों में एक अगस्त को इसी अनुपात में वृद्धि की गई थी, और अब सब्सिडी वाले रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि की गई है।इसके साथ ही सब्सिडी वाली और बिना सब्सिडी वाली रसोई गैस की दरों में शायद ही कोई अंतर हो।सब्सिडी वाले एलपीजी की कीमत में एक जनवरी से कुल 165 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी हो चुकी है।सरकार ने हर महीने दरों में बढ़ोतरी कर एलपीजी पर मिलने वाली सब्सिडी को खत्म कर दिया है।घरेलू रसोई गैस की कीमत पिछले सात वर्षों में दोगुनी से अधिक हो गई है। एक मार्च 2014 को घरेलू गैस का खुदरा बिक्री मूल्य 410.5 रुपये प्रति सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) था। इस बीच मूल्य अधिसूचना के अनुसार देश भर में डीजल की कीमतों में 19 से 21 पैसे प्रति लीटर की कटौती की गई, जबकि पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
- मुंबई । वैश्विक बाजारों के मिलेजुले रुख के बीच आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में गिरावट से बुधवार को सेंसेक्स 163 अंक टूट गया। दिन में कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 56,118.57 अंक के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर तक गया था। हालांकि, बाद में इसमें गिरावट आई। अंत में सेंसेक्स 162.78 अंक या 0.29 प्रतिशत के नुकसान से 55,629.49 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 45.75 अंक या 0.28 प्रतिशत के नुकसान से 16,568.85 अंक पर बंद हुआ। दिन में कारोबार के दौरान इसने 16,701.85 अंक का अपना सर्वकालिक उच्चस्तर भी छुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में कोटक बैंक का शेयर सबसे अधिक दो प्रतिशत से ज्यादा नीचे आया। आईसीआईसीआई बैंक, पावरग्रिड, एचडीएफसी, इंडसइंड तथा एक्सिस बैंक के शेयर भी नुकसान में रहे। वहीं दूसरी ओर अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, नेस्ले इंडिया और बजाज ऑटो के शेयर लाभ में रहे। रिलायंस सिक्योरिटीज के रणनीति प्रमुख विनोद मोदी ने कहा, ‘‘रिकॉर्ड उच्चस्तर पर पहुंचने के बाद घरेलू सूचकांकों ने अपना समूचा लाभ गंवा दिया और बिकवाली दबाव के बीच ये नुकसान के साथ बंद हुए। विशेषरूप से निजी क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में गिरावट आई।'' रिजर्व बैंक ने निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक से नए क्रेडिट कार्ड जारी करने की रोक हटा दी है। इससे बैंक के शेयर में तेजी आई। अन्य एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई कम्पोजिट, हांगकांग का हैंगसेंग, जापान का निक्की तथा दक्षिण कोरिया का कॉस्पी लाभ में रहे। दोपहर के कारोबार में यूरोपीय बाजार नुकसान में थे। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट कच्चा तेल 0.90 प्रतिशत की बढ़त के साथ 69.65 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
- नई दिल्ली। . वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख तथा रुपये में तेजी के बीच बुधवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 152 रुपये के नुकसान से 46 हजार 328 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 46 हजार 480 रुपये प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ था।इसी तरह चांदी भी 286 रुपये के नुकसान से 62 हजार 131 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 62 हजार 417 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत रहा।अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना मामूली बढ़त के साथ 1,787 डॉलर प्रति औंस पर था। वहीं चांदी 23.74 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर थी। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, ''वैश्विक बाजारों के मिलेजुले रुख के बीच सोने के दामों में उतार-चढ़ाव रहा।
- नयी दिल्ली। शीर्ष अमेरिकी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट ने भारत, चीन और मैक्सिको जैसे बाजारों में परिचालन के सहारे 31 जुलाई को समाप्त दूसरी तिमाही में अपने अंतरराष्ट्रीय कारोबार में 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। कंपनी का 31 जुलाई, 2021 को समाप्त दूसरी तिमाही में कुल राजस्व 2.4 प्रतिशत बढ़कर 141.0 अरब डॉलर हो गया। इसकी शुद्ध बिक्री 139.8 अरब डालर थी, जिसमें वॉलमार्ट यूएस (अमेरिका) का योगदान 98.1 अरब डॉलर और वॉलमार्ट की अनुषंगी सैम्स क्लब का 18.6 अरब डॉलर था। वॉलमार्ट इंटरनेशनल का राजस्व दूसरी तिमाही में 23 अरब डालर रहा। इस राजस्व में भारत, चीन, जापान, अफ्रीका, कनाडा, ब्रिटेन, मैक्सिको, कनाडा और चिली जैसे बाजारों का परिचालन शामिल है। वॉलमार्ट के प्रेसीडेंट और सीईओ डग मैकमिलन ने वित्तीय कमाई से जुड़ी चर्चा के दौरान कहा, "(वॉलमार्ट) इंटरनेशनल के लिए यह तिमाही मजबूत बिक्री और लाभ में वृद्धि के साथ शानदार रही। भारत, मैक्सिको और चीन में मजबूती सहित स्थिर मुद्रा (स्थिर मुद्रा विनिमय दर) में शुद्ध बिक्री लगभग 13 प्रतिशत बढ़ी।
- मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक के एक लेख के अनुसार कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि पहली लहर की तुलना में कम रही और ऐसा मुख्य रूप से सरकारों द्वारा बेहतर आपूर्ति प्रबंधन के कारण हुआ। कोविड अवधि के दौरान 22 खाद्य पदार्थों के खुदरा और थोक मूल्यों पर आधारित इस लेख में कहा गया कि मार्च-मई 2020 की पहली राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन अवधि के दौरान मूल्य वृद्धि में औसत रूप से इजाफा हुआ और यह लॉकडाउन हटाए जाने के चरण के दौरान भी बनी रही।गतिशीलता सूचकांकों द्वारा किये गये मापन के मुताबिक ऐसा मुख्य रूप से उन बाजार केंद्रों के कारण हुआ जिन्हें ज्यादा गंभीर लॉकडाउन का सामना करना पड़ा। इसमें कहा गया, हालांकि कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान, लॉकडाउन की कम कठोर और स्थानीयकृत प्रकृति के साथ-साथ बेहतर आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन को दर्शाते हुए, मूल्य वृद्धि की सीमा अपेक्षाकृत रूप से कम रही। यह लेख रिजर्व बैंक के आर्थिक और नीति अनुसंधान विभाग के जिबिन जोस, विमल किशोर और बिनोद बी भोई ने लिखा है। हालांकि, रिजर्व बैंक ने कहा कि इस लेख में व्यक्त विचार लेखकों के हैं और वे रिजर्व बैंक के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। लेख में कहा गया कि महामारी की पहली लहर में लॉकडाउन अवधि के दौरान मूल्य अंतर में औसतन सात प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो लॉकडाउन हटाए जाने के चरण में कुछ कम होने के साथ बनी रही। इसके अलावा मूल्य अंतर में वृद्धि मुख्य रूप से ज्यादा गंभीर लॉकडाउन वाले केंद्रों की वजह से हुई जिससे मूल्य वृद्धि में लॉकडाउन की भूमिका का पता चलता है। इस दौरान दलहन और खाद्य तेलों में तीव्र मूल्य वृद्धि देखी गई जो कि घरेलू स्तर पर मांग- आपूर्ति की असंतुलित स्थिति को बताता है। वहीं अनाज और दूध के दाम में इस दौरान कोई उल्लेखनीय प्रभाव नहीं दिखाई दिया क्योंकि इनकी आपूर्ति बेहतर है और आपूर्ति श्रृंखला भी जबर्दस्त है। दूसरी लहर के दौरान स्थिति बेहतर रही। स्थानीय स्तर पर लगाये गये लॉकडाउन का सामूहिक सतर पर विभिन्न केन्द्रों में मार्जिन पर उल्लेखनीय प्रभाव नहीं पड़ा। हालांकि, खाद्य तेल और दालों के मार्जिन में कुछ वृद्धि देखी गई। मांग और आपूर्ति में लगातार कमी इसका कारण है। हालांकि, इसका दायरा कम रहा। वहीं अनाज और सब्जियों के मामले में मार्जिन कम हुये जिससे दूसरी लहर के लॉकडाउन के कम सख्त होने की प्रकृति का पता चलता है।
- नई दिल्ली। सरकार अगले तीन साल के दौरान नये उद्यमियों का पोषण करने वाले 'इनक्यूबेटर' और उन्हें आगे बढ़ाने वाले 'उत्प्रेरकों' का नेटवर्क बढ़ाने को प्रतिबद्ध है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को उद्यमियों और स्टार्ट-अप्स इकाइयों को अगले स्तर पर ले जाने के लिए केंद्र की प्रतिबद्धता जताते हुये यह बात कही।'आजादी के अमृत महोत्सव' के मौके पर वैष्णव ने 'अमृत महोत्सव श्री शक्ति चैलेंज-2021' की शुरुआत की। यह महिला उद्यमियों द्वारा विकसित प्रौद्योगिकी समाधानों को प्रोत्साहन देने पर केंद्रित है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है। अपने संबोधन में वैष्णन ने कहा कि 130 करोड़ की आबादी वाले देश में 100-300 इनक्यूबेटर पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने कहा, ''मेरा मानना है कि 1.3 अरब आबादी वाले देश में 100, 200 या 300 इनक्यूबेटर से काम नहीं चलने वाला। हम इनक्यूबेटर तथा एक्सेलेटर के नेटवर्क में कई गुना की बढ़ोतरी करेंगे। अगले तीन साल में हमारा लक्ष्य 10 गुना से 40 गुना का होगा।'' ये सभी पेशेवर तरीके से व्यवस्थत होंगे और ऐसे संस्थानों और उद्योगों में होंगे जहां वह ''वास्तविक मूल्य वर्धन'' कर सकें।
- मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक के एक लेख में मंगलवार को कहा गया कि घरेलू यूनिकॉर्न उद्यमों के प्रारम्भिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के साथ पूंजी बाजार में उतरने से वर्ष 2021 आईपीओ वर्ष बन सकता है। इन आईपीओ से जहां एक तरफ "घरेलू शेयर बाजारों में तेजी है वहीं वैश्विक निवेशकों में यह उन्माद भरने" का काम कर रहे हैं। यूनिकॉर्न उन स्टार्ट-अप को कहते हैं जिनका बाजार मूल्यांकन एक अरब डॉलर का हो जाता है।हाल के महीनों में नयी कंपनियों द्वारा लाए गए सफल आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में जारी तेजी को दिखाते हैं। रिजर्व बैंक ने 'अर्थव्यवस्था की स्थिति' विषय पर एक लेख में कहा, "... वृद्धि की रफ्तार वित्तीय बाजारों में नयी ऊर्जा भर रही है। वर्ष 2021 भारत में आईपीओ वर्ष बन सकता है। भारतीय यूनिकॉर्न - गैर-सूचीबद्ध स्टार्ट-अप - द्वारा (आईपीओ की) पहली पेशकश एक फूड डिलीवरी ऐप के शानदार आईपीओ के साथ हुई जिसके लिए 38 गुना ज्यादा आवेदन मिले। इनकी वजह से घरेलू शेयर बाजारों में तेजी का रुख है वहीं वैश्विक निवेशकों में उन्माद है।" लेख में जिस फूड डिलीवरी एप का उल्लेख किया गया है वह जोमैटो है जिसका आईपीओ हाल ही में पेश किया गया और उसे तय सीमा से 38 गुणा अधिक आवेदन प्राप्त हुये। यह लेख रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर माइकल देबब्रत पात्र के नेतृत्व में एक टीम ने लिखा है। हालांकि, रिजर्व बैंक ने कहा कि लेख में व्यक्त विचार लेखकों के हैं और जरूरी नहीं कि वे रिजर्व बैंक के विचारों का प्रतिनिधित्व करते हों। लेख में आगे एक वित्तीय सेवा ऐप पेटीएम का उदाहरण देते हुए कहा गया कि "एक भुगतान और वित्तीय सेवा ऐप द्वारा 2.2 अरब डॉलर जुटाने के लिए प्रस्तावित आईपीओ, भारत के डिजिटलीकरण - डिजिटल भुगतान समाधान, ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स को लेकर निवेशकों के उत्साह को दिखाता है।" लेख में कहा गया कि साफ तौर पर एक नये युग की शुरुआत हो चुकी है। ऐसा अनुमान है कि भारत में 100 यूनिकॉर्न हैं। ये कंपनियां विरासत में मिले धन, बैंक ऋण या व्यापार से इतर संपर्कों पर निर्भर नहीं करती बल्कि प्रतिभा और नवोन्मेषी विचारों पर आश्रित हैं। लेख में साथ ही कहा गया कि विनिर्माण गतिविधियों में धीरे-धीरे तेजी और सेवाओं के संकुचन में नरमी के साथ अर्थव्यवस्था में तेजी आ रही है। लेख के अनुसार कोविड-19 से जुड़े लॉकडाउन के हटने के बाद मांग के जोर पकड़ने के साथ मांग की कुल दशाएं बेहतर हो रही हैं, जबकि मानसून के अपने सामान्य स्तर पर पहुंचने और बुआई गतिविधियों में तेजी आने के साथ आपूर्ति की स्थिति भी सुधर रही है। लेख में कहा गया, "अर्थव्यवस्था में तेजी की पुष्टि करते हुए, विनिर्माण गतिविधि धीरे-धीरे तेज हो रही हैं जबकि सेवाओं का संकुचन कम हो गया है। सहज तरलता की स्थिति से प्रेरित होकर, वित्तीय स्थिति सौम्य रहती है और सुधार में मदद करती है।
- नयी दिल्ली। उषा इंटरनेशनल और सिडबी ने मंगलवार को उषा स्वावलंबन सिलाई स्कूलों के तीसरे चरण के शुभारंभ की घोषणा की जिसके तहत 10 राज्यों के 20 जिलों में 750 स्कूल खोले जाएंगे। कंपनी ने एक बयान में कहा कि ये सिलाई स्कूल अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, सिक्किम, त्रिपुरा, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में स्थापित किए जाएंगे। इसमें कहा गया कि कार्यक्रम के तीसरे चरण की शुरुआत ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले से की गयी और इसका उद्देश्य उद्यमिता संस्कृति को आगे बढ़ाते हुए महिलाओं को स्वतंत्र बनाकर और गृहउद्यमियों में बदलकर सशक्त करना है। इन स्कूलों में उषा इंटरनेशनल के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा इच्छुक महिला उद्यमियों को सिलाई मशीनों के रखरखाव और मरम्मत के साथ-साथ सिलाई के विभिन्न पहलुओं से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने वाली महिला उद्यमियों को उषा की पैरों से चलने वाली सिलाई मशीन, एक प्रमाणपत्र, एक प्रशिक्षण किट और एक उषा स्वावलंबन सिलाई स्कूल साइन बोर्ड दिया जाता है। पहले दो चरणों में देश के सात राज्यों में 1,700 सिलाई स्कूल खोले गए थे।
- नयी दिल्ली। बहुमूल्य धातुओं की वैश्विक कीमतों में सुधार तथा रुपये का मूल्य घटने के कारण राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोना 446 रुपये की तेजी के साथ 46,460 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 46,014 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी भी 888 रुपये की तेजी के साथ 62,452 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जो पिछले कारोबार में 61,564 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। डॉलर में मजबूती आने के कारण मंगलवार को विदेशीमुद्रा विनिमय कारोबार के आरंभिक दौर में डॉलर के मुकाबले रुपया तीन पैसे की गिरावट के साथ 74.27 रुपये प्रति डॉलर रह गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना तेजी के साथ 1,793 डॉलर प्रति औंस हो गया जबकि चांदी 23.88 डॉलर प्रति औंस पर लगभग स्थिर बनी रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा कि तेजी से फैलते कोरोना के डेल्टा संस्करण को लेकर चिंताओं के कारण सोने की कीमतों में तेजी देखी गई।
- नयी दिल्ली । बाबा रामदेव के नेतृत्व वाली पतंजलि आयुर्वेद की अनुषंगी खाद्य तेल कंपनी रुचि सोया को अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) के जरिए 4,300 करोड़ रुपये जुटाने के लिए पूंजी बाजार नियामक सेबी की मंजूरी मिल गयी है। एफपीओ को सूचीबद्ध इकाई में न्यूनतम 25 प्रतिशत सार्वजनिक शेयरधारिता के सेबी मानदंड को पूरा करने के लिए पेश किया जा रहा है। कंपनी ने जून में सेबी के पास मसौदा दस्तावेज दाखिल किया जिसपर 14 अगस्त को मंजूरी मिली। सेबी की वेबसाइट पर जारी ताजा जानकारी में यह दर्शाया गया है। मसौदा दस्तावेज के मुताबिक कंपनी एफपीओ से होने वाली आय का इस्तेमाल अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए कुछ बकाया ऋणों के भुगतान, अपनी बढ़ती पूंजी जरूरतों और अन्य सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों को पूरा करने के लिए करेगी। पतंजलि आयुर्वेद ने 2019 में रुचि सोया का अधिग्रहण किया था। यह एक सूचीबद्ध कंपनी है। रुचि सोया को दिवाला प्रक्रिया के तहत 4,350 करोड़ रुपये में पतंजलि ने हासिल किया। इसमें प्रवर्तकों की वर्तमान में 99 प्रतिशत हिस्सेदारी है और सूत्रों के अनुसार उन्हें एफपीओ के मौजूदा दौर में कम से कम अपनी नौ प्रतिशत हिस्सेदारी को बेचना होगा। सेबी नियम के मुताबिक प्रवर्तकों को कंपनी में कम से कम 25 प्रतिशत सार्वजनिक शेयरधारिता के नियम का अनुपालन करने की जरूरत है। इसके लिये रुचि सोया के पास तीन साल का समय है।
- नयी दिल्ली। उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी सैमसंग इंडिया ने कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) पहल के तहत राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के साथ करार किया है। इस गठजोड़ के तहत अगले कुछ साल के दौरान 50,000 युवाओं को प्रशिक्षण देकर इलेक्ट्रॉनिक्स खुदरा क्षेत्र में रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। मंगलवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि सैमसंग दोस्त (डिजिटल एंड ऑफलाइन स्किल्स ट्रेनिंग) के तहत प्रमुख स्मार्टफोन तथा इलेक्ट्रॉनिक सामान विनिर्माता कंपनी एनएसडीसी के देशभर में स्थित राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण केंद्रों के जरिये युवाओं को प्रशिक्षण देगी। स्कूलों से निकले युवाओं को देश में 120 स्थानों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत युवाओं को सैमसंग के खुदरा आउटलेट्स पर भी रोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए उन्हें भुगतान भी किया जाएगा। कंपनी ने इस बारे में एनएसडीसी के साथ सहमति ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। बयान में कहा गया है कि सैमसंग दोस्त इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र का सबसे बड़ा कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम है। पहला चरण पायलट आधार पर 2,500 भागीदारों के साथ शुरू किया जाएगा।सैमसंग दक्षिण-पश्चिम एशिया के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) केन कान्ग ने कहा, ‘‘सैमसंग दोस्त कार्यक्रम भारत सरकार के कुशल भारत कार्यक्रम से ही संबंधित है। यह हमारी युवा भारत की अगली पीढ़ी को सशक्त करने के दृष्टिकोण ‘‘पावरिंग डिजिटल इंडिया' के अनुरूप है।
- नयी दिल्ली। स्पाइसजेट ने मंगलवार को कहा कि वह अपनी कार्गो और लॉजिस्टिक सेवाओं को अपनी सहायक कंपनी स्पाइसएक्सप्रेस एंड लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड को स्थानांतरित कर रही है। स्पाइसजेट के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने एक बयान में कहा कि स्पाइसएक्सप्रेस को कारोबार का प्रस्तावित हस्तांतरण से नई कंपनी को अपने लॉजिस्टिक मंच और सेवा व्यापार को तेजी से विकसित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि स्पाइसएक्सप्रेस अपनी वृद्धि के लिए स्पाइसजेट से अलग पूंजी जुटाने में भी सक्षम होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि एक स्वतंत्र इकाई के रूप में स्पाइसएक्सप्रेस का प्रदर्शन स्पाइसजेट और उसके सभी शेयरधारकों के लिए फायदेमंद होगा। विमानन कंपनी ने एक बयान में कहा कि उसके द्वारा किए गए एक स्वतंत्र मूल्यांकन के तहत लॉजिस्टिक व्यवसाय की कीमत 2,555.77 करोड़ रुपये है।
- मुंबई। सेंसेक्स और निफ्टी का नये रिकॉर्ड बनाने का सिलसिला मंगलवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में भी जारी रहा। कमजोर वैश्विक रुख के बीच आईटी, एफएमसीजी और फार्मा कंपनियों के शेयरों में लिवाली से बाजार में तेजी रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन में कारोबार के दौरान 55,854.88 अंक के अपने नए सर्वकालिक उच्चस्तर तक गया। बाद में सेंसेक्स 209.69 अंक या 0.38 प्रतिशत के लाभ से 55,792.27 अंक के अपने नए रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 51.55 अंक या 0.31 प्रतिशत के लाभ से 16,614.60 अंक के अपने नए रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 16,628.55 अंक के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर को भी छुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में टेक महिंद्रा का शेयर सबसे अधिक तीन प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गया। टीसीएस, नेस्ले इंडिया, इन्फोसिस और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर भी लाभ में रहे। वहीं दूसरी ओर इंडसइंड बैंक, एनटीपीसी, भारती एयरटेल, एलएंडटी और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में गिरावट रही। सेंसेक्स के 30 शेयरों में 18 लाभ के साथ और 12 नुकसान के साथ बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप 0.71 प्रतिशत तक चढ़ गए।जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू बाजार लाभ-हानि के बीच झूलते रहे। वैश्विक स्तर पर संक्रमण की दर बढ़ने से चिंता बढ़ी है। चीन के इंटरनेट क्षेत्र के लिए सरकार ने नियमनों को कड़ा किया है।'' अन्य एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई कम्पोजिट, हांगकांग का हैंगसेंग तथा दक्षिण कोरिया का कॉस्पी उल्लेखनीय गिरावट के साथ बंद हुआ। दोपहर के कारोबार में यूरोपीय बाजार नुकसान में थे। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 11 पैसे टूटकर 74.35 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट कच्चा तेल 0.24 प्रतिशत टूटकर 69.34 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
- नयी दिल्ली। प्रमुख दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी, हीरो मोटोकॉर्प ने सोमवार को कहा कि उसने पिछले सप्ताह अपनी 10 वीं वर्षगांठ पर एक ही दिन में एक लाख से अधिक इकाइयों की बिक्री की। कंपनी ने इस साल नौ अगस्त को अपने अकेले ब्रांड की स्थापना के 10 साल पूरे कर लिए। हीरो मोटोकॉर्प ने जापान की होंडा कंपनी के साथ अपने पूर्ववर्ती संयुक्त उद्यम - हीरो होंडा को लेकर साझेदारी समाप्त होने के बाद नौ अगस्त, 2011 को लंदन में ओ-टू एरिना में अपनी नयी ब्रांड पहचान का अनावरण किया था। कंपनी के बिक्री और बिक्री बाद सेवा खंड के प्रमुख नवीन चौहान ने एक बयान में कहा, ‘‘नौ अगस्त को हमारी यात्रा के 10 साल पूरे करना हीरो मोटोकॉर्प के सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।'' उन्होंने कहा कि कंपनी के ग्राहकों ने ‘‘हमारे उत्पादों की श्रृंखला को भारी संख्या में खरीदा, जिससे हमें एक ही दिन में खुदरा बिक्री का यह रिकॉर्ड स्थापित करने में मदद मिली।'' कंपनी ने साथ ही कहा कि उसके स्कूटरों की दैनिक औसत बिक्री नौ अगस्त को दोगुनी हो गई।
- नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को अब तक के सबसे उच्चस्तर पर पहुंचे पेट्रोल, डीजल के दाम में कमी के लिये उत्पाद शुल्क में कटौती से इनकार करते हुये कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इन ईंधनों पर दी गई भारी सब्सिडी के एवज में किये जा रहे भुगतान के कारण उनके हाथ बंधे हुए हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाली पिछली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और केरोसिन की बिक्री उनकी वास्तविक लागत से काफी कम दाम पर की गई थी। तब की सरकार ने इन ईंधनों की सस्ते दाम पर बिक्री के लिये कंपनियों को सीधे सब्सिडी देने के बजाय 1.34 लाख करोड़ रुपये के तेल बॉंड जारी किए थे। उस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 100 डालर प्रति बैरल से ऊपर निकल गये थे। ये तेल बांड अब परिपक्व हो रहे हैं। सरकार इन बॉंड पर ब्याज का भुगतान भी कर रही है। सीतारमण ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यदि मुझ पर आयल बॉंड का बोझ नहीं होता तो मैं ईंधनों पर उत्पाद शुलक कम करने की स्थिति में होती। पिछली सरकार ने आयल बॉंड जारी कर हमारा काम मुश्किल कर दिया। मैं यदि कुछ करना भी चाहूं तो भी नहीं कर सकती क्योंकि मैं काफी कठिनाई से आयल बांड के लिये भुगतान कर रही हूं।'' सीतारमण ने कहा कि पिछले सात सालों के दौरान तेल बांड पर कुल मिलाकर 70,195.72 करोड़ रुपये के ब्याज का भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि 1.34 लाख करोड़ रुपये के जारी तेल बांड पर केवल 3,500 करोड़ रुपये की मूल राशि का भुगतान हुआ है और शेष 1.30 लाख करोड़ रुपये का भुगतान इस वित्त वर्ष से लेकर 2025-26 तक किया जाना है। सरकार को चालू वित्त वर्ष 2021-22 में 10,000 करोड़ रुपये, 2023-24 में 31,150 करोड़ रुपये और उससे अगले साल में 52,860.17 करोड़ तथा 2025-26 में 36,913 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। उन्होंने कहा, ‘‘ब्याज भुगतान और मूल राशि को लौटाने में बड़ी राशि जा रही है, यह अनुचित बोझ मेरे ऊपर है। वर्ष 2014-15 में बकाया राशि 1.34 लाख करोड़ रुपये थे और ब्याज का 10,255 करोड़ रुपये का भुगतान होना था। वर्ष 2015-16 से हर साल का ब्याज भुगतान 9,989 करोड़ रुपये का है।'' सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क को पिछले साल 19.98 रुपये से बढ़ाकर 32.9 रुपये प्रति लीटर कर दिया। महामारी के दौरान जहां एक तरफ मांग काफी कम रह गई वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम गिर गये। ऐसे में सरकार ने उत्पाद शुल्क बढ़ाया। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री रामेश्वर तेली ने पिछले महीने संसद को बताया कि केन्द्र सरकार को पेट्रोल और डीजल से कर प्राप्ति 31 मार्च को समाप्त वर्ष में 88 प्रतिशत बढ़कर 3.35 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई जो कि एक साल पहले 1.78 लाख करोड़ रुपये रही थी। महामारी पूर्व वर्ष 2018-19 में यह 2.13 लाख करोड़ रुपये रही थी। इससे यह माना जा रहा है कि उत्पाद शुल्क वृद्धि से प्राप्त राशि तेल कंपनियों को दी जाने वाली राशि से कहीं ज्यादा है। पिछले साल उत्पाद शुल्क वृद्धि के कारण पेट्रोल, डीजल की खुदरा कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनके दाम नीचे आ गये थे। लेकिन जैसे-जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम बढ़ने लगे तो यहां खुदरा बाजार में पेट्रोल, डीजल के दाम भी आसमान छूने लगे। आधे से ज्यादा देश में पेट्रोल के दाम 100 रुपये लीटर से ऊपर पहुंच गये वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश और ओडिशा में डीजल भी 100 रुपये लीटर से ऊपर निकल गया। सीतारमण ने कहा कि केन्द्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने का विकल्प खुला रखा है। ‘‘जब कभी राज्य इसके लिये तैयार होंगे, इसे जीएसटी के तहत ला दिया जायेगा।'' माना जा रहा है कि जीएसटी के दायरे में आने से पेट्रोलियम पदार्थों पर कर का बोझ कुछ कम होगा और कर के ऊपर कर लगने से बचा जा सकेगा।--
- नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडियन ऑयल ने देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मेधावी छात्राओं के लिये ‘मेधा छात्रवृत्ति योजना' शुरू की है। इसके तहत 30 राज्यों और केंद्रीय शिक्षा बोर्डों में दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं में सबसे ज्यादा अंक पाने वाली मेधावी छात्राओं को प्रमाणपत्र और 10 हजार रुपये की छात्रवृत्ति देकर सम्मानित किया जायेगा। कंपनी की विज्ञप्ति में यह कहा गया है। इंडियन ऑयल के चेयरमैन श्रीकांत माधव वैद्य ने कंपनी की ओर से सामाजिक दायित्व की इस पहल की शुरुआत करते हुये कहा कि इससे देशभर में कुल 2,250 लड़कियों को यह सम्मान मिलेगा। छात्रवृत्ति के तहत एक प्रमाणपत्र और दस हजार रुपये दिये जायेंगे। कंपनी योजना के तहत कुल 2.25 करोड़ की राशि वितरित करेगी। वैद्य ने कहा कि " मजबूत सामाजिक नेतृत्व के साथ एक जिम्मेदार कॉरपोरेट के रूप में इंडियन ऑयल युवाओं की शिक्षा संबंधी आवश्यकताओं को संबल प्रदान करने के लिए कई सीएसआर पहल कर रही है। हमें उम्मीद है कि ये छात्रवृत्तियां छात्राओं को अपने अकादमिक लक्ष्यों को प्राप्त करने और अपने लिए उज्ज्वल भविष्य बनाने की दिशा में प्रेरित करेंगी। हमारा यह मानना है कि शिक्षित लड़कियां मजबूत परिवार, समुदाय, और अर्थव्यवस्था का निर्माण करती हैं और हमारी यह पहल इसी विश्वास को प्रदर्शित करती है।" इंडियन आयल... तेल, गैस, पेट्रोकेमिकल्स और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत है। वित्त वर्ष 2020- 21 में कंपनी ने 21,836 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हासिल किया। कंपनी की श्रीलंका, मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, स्वीडन, अमेरिका और नीदरलैंड में सहायक कंपनियां हैं।
- नयी दिल्ली। शीर्ष प्रौद्योगिकी कंपनी सैमसंग ने सोमवार को कहा कि भारत में उसके अल्ट्रा-प्रीमियम गैलेक्सी जेड फोल्ड3 5जी और गैलेक्सी जेड फ्लिप3 5जी स्मार्टफोन की बिक्री 10 सितंबर से शुरू होगी। इन स्मार्टफोन की कीमत 84,999 रुपये से शुरू होगी। प्रीमियम स्मार्टफोन श्रेणी में एपल की प्रतिद्वंदी कंपनी सैमसंग ने पिछले हफ्ते अपने गैलेक्सी अनपैक्ड कार्यक्रम में दो हाई-एंड फोल्डेबल स्मार्टफोन का अनावरण किया था। कंपनी ने सोमवार को एक बयान में कहा, "भारत में उपभोक्ता गैलेक्सी जेड फोल्ड3 5जी और गैलेक्सी जेड फ्लिप3 5जी को सैमसंग डॉट कॉम और प्रमुख रिटेल स्टोर्स पर 24 अगस्त से 9 सितंबर, 2021 तक बुक कर सकते हैं। बिक्री 10 सितंबर, 2021 से शुरू होगी।" गैलेक्सी फोल्ड3 5जी स्मार्टफोन दो संस्करण- 12 जीबी रैम और 256 जीबी मेमोरी (1,49,999 रुपये) और 12 जीएम रैम और 512 जीबी मेमोरी (1,57,999 रुपये) में उपलब्ध होगा। गैलेक्सी फ्लिप 3 5जी 128 जीबी संस्करण की कीमत 84,999 रुपये होगी, जबकि 256 जीबी मॉडल 88,999 रुपये में उपलब्ध होगा।



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