गणतंत्र दिवस पर समाजसेवी सुरेंद्र गुप्ता का राष्ट्र के नाम संदेश
-टी सहदेव
भिलाई नगर। भिलाई में शैक्षणिक और सामाजिक संस्थानों की स्थापना में अहम भूमिका निभाने वाले 70 वर्षीय मशहूर समाजसेवी सुरेंद्र गुप्ता ने 77 वें गणतंत्र दिवस पर राष्ट्र के नाम विशेषकर युवाओं को केंद्र में रखते हुए अपने संदेश में कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री और बुनियादी शिक्षा प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि किसी एक स्किल में महारत हासिल करने के साथ-साथ विशेषज्ञता ज़रूरी है। उन्होंने नेतृत्व गुण हासिल करने के लिए युवाओं को वरिष्ठों और अनुभवी व्यक्तियों से सलाह लेने की नसीहत भी दी, क्योंकि तजुर्बा सर्च इंजन पर नहीं मिलता। उन्होंने वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए लगातार सीखने और कार्य क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए अपस्किलिंग की अनिवार्यता पर जोर दिया है। जनरेटिव एआई को भविष्य की कुंजी बताते हुए सुरेंद्र गुप्ता ने कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए हार्ड वर्क के साथ-साथ स्मार्ट वर्क भी उतना ही जरूरी है।
वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने पांच स्किल्स
समाजसेवी गुप्ता ने वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने के लिए टॉप फाइव स्किल्स की जानकारी भी दी, ये हैं डिजिटल कौशल, उद्यमिता और व्यवसाय प्रबंधन, कृषि व्यवसाय और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, संचार साॅफ्ट स्किल्स तथा सतत और हरित कौशल। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, समय का सदुपयोग करने, अपने अनुभवों को सामाजिक कार्यों में लगाने तथा अकेलेपन से बचने के लिए खेल और सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा लेने का संदेश भी दिया। उन्होंने मिश्रित वर्ग के लिए भी संदेश दिया है। उनका कहना है कि संविधान भारत की नींव है, जो न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व का वादा करता है। देश की उत्तरोत्तर उन्नति को रेखांकित करते हुए उनका कहना था कि भारत ने 75 वर्षों में बुनियादी ढांचा, अर्थव्यवस्था और डिजिटल इंडिया जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है और जहां तक संविधान का प्रश्न है कि वह समय के साथ चलने के लिए जीवंत है, जिसमें सौ से अधिक संशोधन हुए हैं।
भिलाई पर समाजसेवी सुरेंद्र का नजरिया
उनके संदेश में शिक्षा का अधिकार और आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाओं का भी उल्लेख है। उन्होंने भिलाई पर अपना दृष्टिकोण रखा कि शहर के लिए सतत इस्पात उत्पादन और हरित विनिर्माण प्रौद्योगिकी में उत्कृष्टता केंद्र की आवश्यकता है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में इस केंद्र को भविष्य की पीढ़ियों को दिशा देने, रोजगार पैदा करने और भिलाई को वैश्विक मानचित्र पर चमकाने के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अपना संदेश इन पंक्तियों के साथ समाप्त किया 'संविधान की राह पर चलकर ही पहचान बनेगी, जब हर पीढ़ी जिम्मेदारी निभाएगी तभी भारत की शान बनेगी।


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