टीबी मुक्त भारत की दिशा में बालोद का ऐतिहासिक कदम: 100 से अधिक ग्राम पंचायतों को क्षयरोग से मुक्त करने का लक्ष्य
बालोद,। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2023 में शुरू किए गए टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान ने देश भर में क्षयरोग के खिलाफ एक मजबूत जनांदोलन का रूप ले लिया है। भारत को टीबी से पूरी तरह मुक्त करने के इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य में स्थानीय निकायों और ग्राम पंचायतों की भूमिका सबसे अहम साबित हो रही है। इस राष्ट्रीय अभियान में छत्तीसगढ़ राज्य ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है, और इस सफलता की एक बहुत ही उज्ज्वल और प्रेरणादायक शुरूआत बालोद जिले में हो रही है।
बालोद जिले ने टीबी उन्मूलन की दिशा में बेहतर समर्पण दिखाया है, विगत वर्ष जिले की 72 ग्राम पंचायतों ने टीबी मुक्त होने का गौरवपूर्ण प्रमाण पत्र हासिल किया था। यह आंकड़ा बताता है कि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों ने कितनी गंभीरता से काम किया है। इस वर्ष जिले के सभी विकासखंडों में बेहतरीन कार्य करते हुए इस बार 100 से अधिक ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में इन ग्राम पंचायतों में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन द्वारा कड़ाई से सत्यापन का कार्य जारी है। जल्द ही आधिकारिक रूप से इन पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। बालोद जिले की इस अभूतपूर्व सफलता के पीछे रणनीतियों और जमीनी स्तर के प्रयासों का सीधा योगदान है। जिसमें सामुदायिक भागीदारी से टीबी के संभावित मरीजों की खोज कर रहे हैं। अब टीबी को छिपाने की नहीं, बल्कि सामने आकर इलाज कराने की बात हो रही है। इस अभियान की सबसे खास बात निक्षय मित्र की पहल है। समाज के सक्षम लोग, अधिकारी और संस्थाएं मरीजों को गोद ले रही हैं। मरीजों को नियमित रूप से पोषण कीट उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनके शरीर को बीमारी से लड़ने की ताकत मिल रही है। टीबी केवल शरीर को नहीं, मन को भी तोड़ता है। पंचायत स्तर पर मरीजों को न केवल मुफ्त इलाज मिल रहा है, बल्कि उन्हें यह अहसास भी दिलाया जा रहा है कि इस लड़ाई में वे अकेले नहीं हैं। घर-घर जाकर सर्वे करने और शुरुआती लक्षणों को पहचान कर तुरंत जांच कराने से संक्रमण को फैलने से रोका जा रहा है। जिले में कुल 07 टीबी मितान कार्यरत है, जो कि टीबी की दवाई से ठीक होकर गांव गांव में टीबी उन्मूलन हेतु जागरूकता का कार्य निरंतर कर रहे हैं। टीबी मितान के द्वारा टीबी के मरीजों के घर जाकर उन्हें टीबी की दवाई खाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अंतर्गत बेहतर कार्य करने हेतु दिशानिर्देश भी दिए हैं। जिले के सभी विकासखंडों में जिस गति और उत्साह के साथ टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान चल रहा है, वह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि टीबी को जड़ से खत्म करने का राष्ट्रीय लक्ष्य अब दूर नहीं है। जब गांव स्वस्थ होगा, तभी देश सशक्त होगा। बालोद के स्वास्थ्य कर्मियों, पंचायत प्रतिनिधियों और आम नागरिकों का यह संयुक्त प्रयास निश्चित रूप से टीबी मुक्त जिला बनाने की ओर अग्रसर है। आज बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. जे.एल. उईके, जिला टीबी अधिकारी डाॅ जी आर रावटे, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री अखिलेश शर्मा सहित अन्य संबंधित मौजूद थे।
टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने आप भी नि-क्षय मित्र बनकर कर मदद कर सकते हैं
भारत को टीबी मुक्त बनाने के राष्ट्रीय संकल्प के तहत जिला स्वास्थ्य समिति और राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, बालोद द्वारा एक सराहनीय पहल की जा रही है। टीबी के मरीजों को कुपोषण से बचाने और उनके शीघ्र स्वस्थ होने में मदद करने के लिए उन्हें एक विशेष पोषण आहार किट प्रदान किया जा रहा है। इसके तहत आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और संस्थाओं से आगे आकर नि-क्षय मित्र बनने और मरीजों की सहायता करने की अपील की गई है। टीबी के इलाज के दौरान मरीजों को उच्च प्रोटीन और पौष्टिक आहार की सख्त आवश्यकता होती है। इसे ध्यान में रखते हुए, जिला क्षय उन्मूलन केंद्र द्वारा एक मरीज के लिए निर्धारित मासिक फूड बास्केट में 06 प्रकार की पौष्टिक सामग्रियां शामिल की गई है। इस प्रकार एक फूड बास्केट का कुल अनुमानित मूल्य लगभग 500 रूपए होता है, जो एक मरीज के लिए महीने भर का अतिरिक्त पोषण सुनिश्चित करता है। नि-क्षय मित्र योजना के तहत कोई भी व्यक्ति या संस्था टीबी रोगियों को गोद ले सकती है। नि-क्षय मित्र बनकर आप मरीजों को पोषण आहार के साथ-साथ अतिरिक्त जाँच समर्थन और व्यावसायिक समर्थन भी दे सकते हैं। जो भी व्यक्ति या संस्था इस पुनीत कार्य से जुड़ना चाहती है, वह टीबी इंडिया डाॅट जीओवी डाॅट इन पर जाकर नि-क्षय मित्र के रूप में अपना रजिस्ट्रेशन करा सकती है। इसके अलावा, योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए स्वास्थ्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-11-6666 पर भी संपर्क किया जा सकता है।






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