केरा बाई की सफलता की कहानी : बाड़ी से बनी आत्मनिर्भरता की राह
बिलासपुर. जनपद पंचायत बिल्हा के भैंसबोड क्लस्टर अंतर्गत ग्राम पंचायत निपानिया की एकता स्व-सहायता समूह से जुड़ी केरा बाई आज गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। कभी केवल घरेलू कार्यों तक सीमित रहने वाली केरा बाई ने जब समूह से जुड़ने का निर्णय लिया, तब उनके जीवन में एक नई शुरुआत हुई। समूह की बैठकों में भाग लेने से उनमें आत्मविश्वास का संचार हुआ और उन्होंने घर की चौखट से बाहर निकलकर कुछ नया करने का साहस जुटाया।
समूह से ऋण के रूप में मिली आर्थिक सहायता ने उनके सपनों को पंख दिए। उन्होंने अपनी बाड़ी में सब्जी-भाजी उगाने का कार्य प्रारंभ किया। मेहनत, लगन और नियमित देखभाल के कारण उनकी बाड़ी हरी-भरी हो उठी। ताज़ी और जैविक सब्जियों की मांग बढ़ने लगी और धीरे-धीरे यह कार्य उनकी आजीविका का मजबूत माध्यम बन गया।
आज केरा बाई न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। केरा बाई ने बताया कि महतारी वंदन योजन के तहत मिलने वाली से उनकी छोटी छोटी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है। और वे “लखपति दीदी” बनने की ओर मजबूती से अग्रसर हैं।वे कहती हैं, “समूह से जुड़ने के बाद मुझे अपने भीतर की शक्ति का एहसास हुआ। अब मैं आत्मविश्वास के साथ काम करती हूं और अपने परिवार का सहारा बनी हूं। जिसके लिए मै प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की आभारी हूं।







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