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 एचपीवी टीकाकरण के शुभारंभ दिवस पर कुल 23 किशोरी बालिकाओं को लगाया गया एचपीव्ही का टीका

 - एचपीवी टीकाकरण के लिए कुल 32 स्वास्थ्य केन्द्रों को चिन्हांकित
राजनांदगांव । राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के अवसर पर जिले में एचपीवी टीकाकरण का शुभारंभ जिला चिकित्सालय राजनांदगांव से किया गया। शुभारंभ दिवस पर कुल 23 किशोरी बालिकाओं को एचपीव्ही का वैक्सीन लगाया गया। जिले में एचपीवी वैक्सीनेशन के लिए कुल 32 स्वास्थ्य केन्द्रों को चिन्हांकित किया गया है, जहां लगभग 10 हजार 500 लाभार्थियों को टीकाकरण किया जाएगा। इस दौरान संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेन्द्र प्रसाद, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री संदीप ताम्रकर, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री पूजा मेश्राम, अस्पताल सलाहकार श्री अविन चौधरी, डॉ. स्नेहा जैन, श्री विकास राठौर, श्री अखिलेश चोपड़ा, श्री हितेश कुलहाड़े, श्री कौशल शर्मा, श्रीमती वंदना कोसरिया, श्रीमती निहारीका टोप्नो, श्री अखिलेश सिंह, श्री हेमंत साहू, श्री मनीष निमजे, स्टॉफ नर्स श्रीमती मंजू कामड़े, स्टॉफ नर्स श्रीमती फालेश्वरी मरावी, मितानीन प्रशिक्षक श्रीमती किरण यादव सहित अन्य मितानीन एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसरों में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है। राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम (एनसीआरपी) 2022 के अनुसार प्रतिवर्ष लगभग 11.6 लाख महिलाओं में कैंसर के नए मामले पाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के उद्देश्य से एचपीवी टीकाकरण किया जा रहा है। इसके अंतर्गत ऐसी सभी किशोरियां पात्र होंगी, जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन मना लिया है, किंतु अभी 15वां जन्मदिन नहीं मनाया है। शासकीय स्वास्थ्य केन्द्रों में एचपीवी टीकाकरण नि:शुल्क उपलब्ध रहेगा। अभिभावक अपनी पात्र किशोरियों का पंजीकरण युवीन पोर्टल के माध्यम से करा सकते हैं। सीएमएचओ डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि एचपीवी टीकाकरण के बाद सामान्यत: हल्का दर्द, सूजन, ललिमा या बुखार जैसे हल्के प्रतिकूल प्रभाव हो सकते हैं, जो सामान्य रूप से 2 से 3 दिनों में पैरासिटामोल की दवा से ठीक हो जाते हैं। टीकाकरण के बाद लाभार्थियों को 30 मिनट तक ऑब्जर्वेशन रूम में रखा जाएगा, ताकि किसी भी प्रतिकूल प्रभाव का उचित प्रबंधन किया जा सके। उन्होंने बताया कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है और विश्व भर में करोड़ों लोगों को लगाया जा चुका है। टीकाकरण सत्र चिकित्सा अधिकारी की उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा। आयु के प्रमाण के लिए आधार कार्ड या अन्य फोटो पहचान पत्र मान्य होंगे। पहचान पत्र उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में माता-पिता द्वारा हस्ताक्षरित शपथ पत्र भी मान्य किया जाएगा।

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