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 स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया, डेंगू  की रोकथाम  के लिए आवश्यक व्यवस्था की जा रही सुनिश्चित

राजनांदगांव। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में वर्षा ऋतु में मलेरिया, डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्षा ऋतु में मलेरिया, डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए नागरिकों से अपने घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखने, कहीं भी पानी जमा न होने देने, कूलर एवं पानी संग्रहित करने वाले पात्रों की नियमित सफाई करने, मच्छरदानी का नियमित उपयोग करने तथा मलेरिया या डेंगू के लक्षण जैसे बुखार आने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप स्वास्थ्य केंद्र में मलेरिया की जांच हेतु रैपिड डायग्नोस्टिक किट, आवश्यक दवाइयां तथा लार्वीसाइड की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। सभी स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए है तथा स्वास्थ्य कर्मियों को सतत निगरानी, डेंगू संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान एवं प्रबंधन तथा त्वरित कार्रवाई करने कहा गया है। जिले में लगातार फीवर सर्वे, स्वास्थ्य शिविर, मलेरिया एवं डेंगू की जांच, तथा शीघ्र उपचार की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जिससे संभावित मरीजों की समय पर पहचान कर उपचार सुनिश्चित किया जा सके। जनजागरूकता के लिए जिले में आईईसी एवं बीसीसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को घर एवं आसपास पानी जमा न होने देने, कूलर, टंकी, गमलों एवं अनुपयोगी पात्रों का पानी नियमित रूप से खाली करने, मच्छरदानी का उपयोग करने तथा बुखार होने पर तत्काल जांच कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। मच्छरों की उत्पत्ति रोकने के लिए सोर्स रिडक्शन गतिविधियों को प्राथमिकता दी जा रही है। 
रूके हुए जल स्रोतों में गम्बूसिया मछलियों का छोड़ा जा रहा है। सभी सीएचसी, पीएचसी एवं एसएचसी में लार्वीसाइड उपलब्ध कराकर उसका उपयोग कराया जा रहा है। रूके हुए जल स्रोतों में गम्बूसिया मछलियों का संवर्धन एवं विसर्जन किया जा रहा है तथा आवश्यकतानुसार लार्वीसाइड का उपयोग किया जा रहा है। जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में लार्वीसाइड उपलब्ध कराया गया है। नगर निगम द्वारा शहरी क्षेत्रों में नियमित मैपिंग के आधार पर फॉगिंग कार्य कराया जा रहा है। जिससे मच्छरों की संख्या को नियंत्रित किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निगम के समन्वय से संवेदनशील क्षेत्रों में संयुक्त रूप से मलेरिया एवं डेंगू नियंत्रण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जागरूकता अभियान अंतर्गत जिले के विद्यालयों में नारा लेखन, भाषण, चित्रकला, रंगोली एवं अन्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को मलेरिया, डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों से बचाव की जानकारी दी जा रही है, ताकि विद्यार्थी अपने परिवार एवं समाज को भी जागरूक कर सकें।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम  नवरतन ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में 25 स्वदेशी मलेरिया के मामले दर्ज हुए थे, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 15 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं, जो स्थानीय संक्रमण में कमी का सकारात्मक संकेत है। हालांकि इस वर्ष प्रवासी आबादी में मलेरिया के मामलों की अधिकता देखी गई है, जिसके मद्देनजऱ प्रवासी श्रमिकों एवं उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी, जांच एवं उपचार की व्यवस्था की गई है। वहीं वर्षा ऋतु को देखते हुए डेंगू की रोकथाम हेतु लार्वा सर्वे, कंटेनर सर्वे, सोर्स रिडक्शन एवं जनजागरूकता गतिविधियों को भी विशेष रूप से सुदृढ़ किया गया है। पिछले वर्ष जिले में पात्र हितग्राहियों को मच्छरदानियों का वितरण किया गया था। इस वर्ष भी आवश्यक मैपिंग कर मच्छरदानी वितरण की कार्ययोजना बनाई जा रही है। साथ ही राज्य शासन से दिशा-निर्देश प्राप्त होते ही चिन्हित क्षेत्रों में पाइरेथ्रम स्प्रे का कार्य भी प्रारंभ किया जाएगा।

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