भूमि आँवला के 7 चमत्कारिक औषधीय फायदे
प्रकृति ने हमें अनमोल औषधीय पौधों का खजाना दिया है, जिनमें भूमि आँवला (भूम्यामलकी) एक महत्वपूर्ण पौधा है। आयुर्वेद में इसे लीवर टॉनिक और पथरी नाशक माना गया है। इसका उपयोग लीवर रोग, किडनी स्टोन, पाचन विकार और मधुमेह जैसी समस्याओं में किया जाता है।
भूमि आँवला के पौधे की पहचान कैसे करें —
भूमि आँवला एक छोटा हरा-भरा पौधा है जो जमीन के पास फैलकर बढ़ता है। इसके पत्ते आँवला के पत्तों जैसे होते हैं और इसकी डंठल के नीचे छोटे-छोटे हरे फल लगते हैं, जो दानों के समान दिखते हैं। यही फल इसके औषधीय गुणों का प्रमुख स्रोत हैं। यह भारत के अधिकांश हिस्सों में, विशेष रूप से बरसात के मौसम में खेतों, बागानों और रास्तों के किनारे स्वाभाविक रूप से उग आता है।
✅️ भूमि आँवला के 7 चमत्कारिक औषधीय फायदे —
1️⃣ किडनी स्टोन में लाभकारी :-
भूमि आँवला का सबसे बड़ा गुण यह है कि यह गुर्दे की पथरी को गलाने और मूत्रमार्ग से बाहर निकालने में मदद करता है। यह पेशाब की रुकावट, जलन और मूत्र संबंधी संक्रमणों को भी दूर करता है।
2️⃣ लीवर को बनाए मजबूत :-
यह लीवर की कार्यक्षमता को बढ़ाता है और हेपेटाइटिस, फैटी लिवर व जॉन्डिस जैसी बीमारियों में अत्यंत लाभकारी है। यह लीवर को विषैले पदार्थों से मुक्त करके शरीर को डिटॉक्स करता है।
3️⃣ पाचन तंत्र को सुधारने में :-
भूमि आँवला गैस, अपच, पेट दर्द और कब्ज जैसी समस्याओं में बहुत उपयोगी है। इसका नियमित सेवन पाचन शक्ति को मजबूत करता है और भोजन का सही अवशोषण सुनिश्चित करता है।
4️⃣ शरीर की गर्मी और त्वचा की समस्या में राहत दे :-
यह शरीर की आंतरिक गर्मी को कम करता है, जिससे त्वचा पर निकलने वाले दाने, खुजली या एलर्जी जैसी समस्याएँ कम होती हैं।
5️⃣ ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में :-
इस पौधे में एंटी-डायबिटिक तत्व होते हैं जो रक्त शर्करा को नियंत्रित रखते हैं और इंसुलिन के स्तर को संतुलित करते हैं।
6️⃣ खून को साफ करने में :-
यह रक्त को शुद्ध करने में मदद करता है और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालकर त्वचा को स्वस्थ बनाए रखता है।
7️⃣ संक्रमण से बचाव :-
भूमि आँवला में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को इंफेक्शन से बचाते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
✅️ भूमि आँवला का काढ़ा बनाने का तरीका जाने —
■ ताज़े पौधे से :-
5–6 टहनियाँ (पत्ते और फल सहित) लें। उन्हें साफ पानी से धो लें, फिर 1 कप पानी उबालें और उसमें टहनियाँ डालें। लगभग 5–7 मिनट धीमी आँच पर पकाएँ। इसे छानकर गुनगुना पीएँ। स्वाद के लिए थोड़ा शहद या नींबू मिला सकते हैं।
■ सूखे पत्तों या पाउडर से :-
1 कप पानी में 1 चम्मच सूखा भूमि आँवला पाउडर डालें, 5 मिनट तक उबालें। इसे सुबह खाली पेट पीना सबसे ज्यादा लाभदायक होता है।
✅️ भूमि आँवला के पत्तियों और फलों का उपयोग —
1) रोज सुबह 4–5 ताज़ी पत्तियाँ चबाना लीवर और पाचन के लिए बहुत लाभदायक है।
2) छोटे हरे फलों का रस या पेस्ट बनाकर पीने से पेशाब की जलन, पथरी और मूत्र संक्रमण में राहत मिलती है।
3) एक चम्मच सूखा पाउडर गुनगुने पानी के साथ रोज लेना शरीर को डिटॉक्स करता है और लीवर को मजबूत बनाता है।
⚠️ सावधानियाँ —
■ लगातार 15–20 दिन सेवन के बाद 5–7 दिन का ब्रेक लेना चाहिए।
■ अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर में ठंडक अधिक बढ़ सकती है।
■ गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएँ इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करें।
भूमि आँवला का नियमित सेवन शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ लीवर, किडनी और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। यह सचमुच प्रकृति की एक अनमोल देन है, जो बिना किसी साइड इफेक्ट के अनेक गंभीर बीमारियों से बचाव करने में सहायक है।

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