महामारी के बाद ज्यादातर युवा कर्मचारी रोज कार्यालय आने को तैयार नहीं : रिपोर्ट
मुंबई. कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद अब कार्यालय या दफ्तर धीरे-धीरे खुलने लगे हैं। लेकिन युवा कर्मचारी अब भी घर से ही काम करने के इच्छुक हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर 25 से 34 साल के ज्यादातर युवा कर्मचारियों का कहना है कि यदि नियोक्ता उन्हें रोज कार्यालय आने को कहेंगे तो वे नई नौकरी तलाशेंगे। एडीपी रिसर्च इंस्टिट्यूट की 'पीपल एट वर्क 2022: ए ग्लोबल वर्कफोर्स व्यू' रिपोर्ट के अनुसार, अधिक आयु वाले कर्मचारियों के मुकाबले युवा कर्मचारी रोजाना कार्यालय आकर काम नहीं करना चाहते हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि 18 से 24 आयु वर्ग के दस में सात (71 प्रतिशत) और 25 से 34 आयु वर्ष के दो तिहाई (66 प्रतिशत) कर्मचारी.कार्यालय से काम करने की स्थिति में दूसरी नौकरी के बारे में विचार कर सकते हैं। वहीं, 45 से 54 आयु वर्ग के 56 प्रतिशत कर्मचारी घर से ही काम करना चाहते है। कुल मिलाकर, रोजाना कार्यालय आने की बाध्यता की स्थिति में वैश्विक स्तर पर 64 प्रतिशत कर्मचारी कोई अन्य नौकरी तलाशना चाहेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सर्वेक्षण में भाग लेने वाले 76.38 प्रतिशत कर्मचारियों का कहना है कि कार्यालय से रोजाना काम करने की सूरत में वे नौकरी छोडऩे पर विचार करेंगे।









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