मन की बात को लेकर आयोजित सम्मेलन में महिला को हुई प्रसव पीड़ा, आरएमएल में दिया बेटे को जन्म
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी में ‘मन की बात' कार्यक्रम की 100वीं कड़ी को लेकर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में शिरकत के दौरान स्वयं सहायता समूह की सदस्य पूनम देवी को प्रसव पीड़ा हुई जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उन्होंने बेटे को जन्म दिया। पूनम (24) बुधवार को विज्ञान भवन में आयोजित सम्मेलन में विशेष रूप से आमंत्रित किए गए लोगों में शामिल थीं। प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम के एक एपिसोड में लखीमपुरी खीरी के पास के एक स्वयं सहायता समूह की सदस्य के तौर पर उनके काम का जिक्र किया था। एक अधिकारी ने बताया कि नौ माह की गर्भवती पूनम को विज्ञान भवन में सम्मेलन के दौरान प्रसव पीड़ा हुई जिसके बाद उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। साथ ही अधिकारी ने कहा कि वह अब अपने गांव लौट गई हैं। लखीमपुर खीरी में स्वयं सहायता समूह केले के तने से फाइबर का उपयोग करके हैंडबैग, चटाई और अन्य वस्तुएं बनाता है। इसके जरिये न केवल गांव की महिलाओं को अतिरिक्त आय होती है बल्कि वे अपशिष्ट को घटाने में भी मदद करती हैं। पूनम, आमंत्रित किए गये उन 100 अतिथियों में शामिल थी, जिनके असाधारण योगदान के लिए उनके नाम का उल्लेख प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' की पिछली कड़ियों में किया था। 'मन की बात' की 100 वीं कड़ी का जश्न मनाने के लिए इस एक दिवसीय सम्मेलन का विज्ञान भवन में आयोजन किया गया था। इस सम्मेलन का उद्घाटन उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर शामिल थे। 'मन की बात' की 100वीं कड़ी का प्रसारण रविवार को होगा।
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