दीवाली बाद जहरीली हुई हवा, दिल्ली सरकार ने बुलाई बैठक
नई दिल्ली । दीवाली से पहले दिल्ली वालों को प्रदूषण से राहत मिली थी। लेकिन दीवाली पर आतिशबाजी ने दीवाली के अगले दिन लोगों को जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर कर दिया। दिल्ली में प्रतिबंध के बावजूद पटाखे चले। एनसीआर के दूसरे शहरों में भी चले पटाखों से दिल्ली—एनसीआर में प्रदूषण काफी बढ़ गया। आतिशबाजी से AQI का स्तर तो बढ़ा ही। साथ ही धुंध छाने से कुछ इलाकों में 100 मीटर तक भी साफतौर पर कुछ नहीं दिख रहा था। इस बीच, बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने प्रदूषण की स्थिति की समीक्षा करने के लिए बैठक बुलाई ।
दीवाली की शाम राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक एक्यूआई (AQI) 218 था, जो प्रदूषण की खराब श्रेणी में आता है। दीवाली के अगले दिन दिल्ली—एनसीआर में खासकर पटाखे चलने के कारण हवा जहरीली हो गई। दिल्ली में आनंद विहार में एक्यूआई 900 पार गया। AQICN के मुताबिक आनंद विहार में यह 969 और पूसा 970 दर्ज किया गया। यह प्रदूषण स्तर के खतरनाक श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक 10 बजे आनंद विहार का एक्यूआई 333, पूसा का 383 दर्ज किया गया।
दीवाली के बाद भले ही हवा जहरीली हो गई हो, लेकिन दीवाली के दिन प्रदूषण से राहत मिली और लोगों ने दीवाली मनाने से पहले बीते सालों की तुलना में साफ हवा में सांस ली। दीवाली की आसमान साफ रहा और सुबह की शुरुआत खिली धूप के साथ हुई। दिल्ली का AQI सुबह 202 दर्ज किया गया। जो पिछले 8 साल में सबसे कम था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में पिछले साल दीवाली पर AQI 312 था। साल 2021 में 382, 2020 में 414, 2019 में 337, 2018 में 281, 2017 में 319 और 2016 में 431 दर्ज किया गया था।

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