ब्रेकिंग न्यूज़

संविधान हमारी सामूहिक अस्मिता का मूल आधार, परिवार की तरह एक सूत्र में पिरोता है: मुर्मू

नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को कहा कि देश का संविधान भारतवासियों की सामूहिक अस्मिता का मूल आधार है तथा यह ‘‘विलक्षण ग्रंथ'' सभी नागरिकों को एक परिवार की तरह एकता के सूत्र में पिरोता है। राष्ट्रपति ने 76वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में जो आज व्यापक परिवर्तन हुआ वो संविधान में निर्धारित रूपरेखा के बिना संभव नहीं हो सकता था। मुर्मू ने कहा, ‘‘भारत के गणतांत्रिक मूल्यों का प्रतिबिंब हमारी संविधान सभा की संरचना में भी दिखाई देता है। उस सभा में देश के सभी हिस्सों और सभी समुदायों का प्रतिनिधित्व था। सबसे अधिक उल्लेखनीय बात यह है कि संविधान सभा में सरोजिनी नायडू, राजकुमारी अमृत कौर, सुचेता कृपलानी, हंसाबेन मेहता और मालती चौधरी जैसी 15 असाधारण महिलाएं भी शामिल थीं।'' राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में जब महिलाओं की समानता को एक सुदूर आदर्श समझा जाता था तब भारत में महिलाएं, राष्ट्र की नियति को आकार देने में सक्रिय योगदान दे रही थीं। मुर्मू ने कहा, ‘‘हमारा संविधान एक जीवंत दस्तावेज इसलिए बन पाया है, क्योंकि नागरिकों की निष्ठा, सदियों से, हमारी नैतिकता-परक जीवन-दृष्टि का प्रमुख तत्व रही है। हमारा संविधान, भारतवासियों के रूप में, हमारी सामूहिक अस्मिता का मूल आधार है जो हमें एक परिवार की तरह एकता के सूत्र में पिरोता है।'' उनके अनुसार, पिछले 75 वर्षों से संविधान ने देश की प्रगति का मार्ग प्रशस्त किया है।
 मुर्मू ने कहा, ‘‘आज के दिन, हम, संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉक्टर भीमराव आंबेडकर, सभा के अन्य प्रतिष्ठित सदस्यों, संविधान के निर्माण से जुड़े विभिन्न अधिकारियों और ऐसे अन्य लोगों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं जिनके कठिन परिश्रम के फलस्वरूप हमें यह विलक्षण ग्रंथ प्राप्त हुआ।'' उन्होंने कहा कि संविधान लागू होने के बाद के ये 75 वर्ष हमारे युवा गणतंत्र की सर्वांगीण प्रगति के साक्षी हैं। राष्ट्रपति ने इस बात का उल्लेख किया, ‘‘स्वाधीनता के समय और उसके बाद भी देश के बड़े हिस्से में घोर गरीबी और भुखमरी की स्थिति बनी हुई थी। लेकिन, हमारा आत्म-विश्वास कभी डिगा नहीं। हमने ऐसी परिस्थितियों के निर्माण का संकल्प लिया जिनमें सभी को विकास करने का अवसर मिल सके। हमारे किसान भाई-बहनों ने कड़ी मेहनत की और हमारे देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमारे मजदूर भाई-बहनों ने अथक परिश्रम करके हमारे अवसरंचना और विनिर्माण क्षेत्र का कायाकल्प कर दिया। उनके शानदार प्रदर्शन के बल पर आज भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व के आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित कर रही है। आज का भारत, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नेतृत्व की स्थिति हासिल कर रहा है। संविधान में निर्धारित रूपरेखा के बिना यह व्यापक परिवर्तन संभव नहीं हो सकता था।''

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english