यूजीसी ने भर्ती, पदोन्नति संबंधी 2025 मसौदा नियमों पर प्रतिक्रिया प्राप्त करने की समय सीमा बढ़ाई
नयी दिल्ली. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने बृहस्पतिवार को भर्ती एवं पदोन्नति संबंधी मसौदा नियमों पर प्रतिक्रिया प्राप्त करने की तिथि 28 फरवरी तक बढ़ा दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इससे पहले हितधारकों को पांच फरवरी तक अपनी प्रतिक्रिया भेजनी थी।
यूजीसी के सचिव मनीष जोशी ने कहा, ‘‘यूजीसी विनियमन, 2025 के मसौदे पर प्रतिक्रिया प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि बढ़ाने के लिए हितधारकों से प्राप्त अनुरोधों के मद्देनजर, यूजीसी ने अब समय सीमा 28 फरवरी तक बढ़ाने का फैसला किया है।'' यूजीसी ने पिछले महीने मसौदा (विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों में शिक्षकों और शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति और पदोन्नति के लिए न्यूनतम योग्यता तथा उच्च शिक्षा में उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने के उपाय) विनियमन, 2025 जारी किया था। आयोग ने कहा कि ये 2018 के दिशानिर्देशों की जगह लेगा। मसौदा नियमों के अनुसार, उद्योग विशेषज्ञों के साथ-साथ लोक प्रशासन, सार्वजनिक नीति और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के वरिष्ठ पेशेवर जल्द ही कुलपति के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र हो सकते हैं। मसौदा मानदंडों ने कुलपतियों की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय खोज-सह-चयन समिति गठित करने का अधिकार भी कुलपतियों को दिया है। यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने कहा, ‘‘यूजीसी मसौदा विनियम, 2025 का उद्देश्य अधिक समावेशी और पारदर्शी चयन प्रक्रिया शुरू करके विश्वविद्यालयों में उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करना है। प्रस्तावित मसौदा विनियम उच्च शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता और जवाबदेही को बनाए रखने का प्रयास करते हैं।''










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