सद्गुरु ने परीक्षा से पहले तनाव से बचने और आनंदपूर्वक सीखने के मंत्र दिए
नयी दिल्ली .आध्यात्मिक नेता सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने प्रधानमंत्री की ‘परीक्षा पे चर्चा' के तहत शनिवार को छात्रों के साथ आनंदपूर्वक सीखने और परीक्षा से पहले तनाव से बचने के मंत्र साझा किए। उन्होंने कहा कि पाठ्यपुस्तकें बुद्धिमत्ता के लिए चुनौती नहीं हैं और छात्रों को अपने ऊपर तनाव को हावी नहीं होने देना चाहिए। पारंपरिक ‘टाउन हॉल' प्रारूप से हटकर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बार अधिक अनौपचारिक माहौल को प्राथमिकता दी और छात्रों को अपने वार्षिक संवाद के लिए दिल्ली की प्रतिष्ठित सुंदर नर्सरी ले गए। सद्गुरु ने कहा, ‘‘आपकी पाठ्यपुस्तक आपकी बुद्धिमत्ता के लिए चुनौती नहीं है, चाहे आप कोई भी हों। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपने अब तक स्कूल में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। मैं आपको बता रहा हूं कि पाठ्यपुस्तकें कोई चुनौती नहीं हैं।'' उन्होंने छात्रों से कहा, ‘‘आप खेल-खेल में क्यों नहीं सीख सकते? यदि आप इसे खेल-खेल में सीखते हैं, तो आपकी पाठ्यपुस्तक चुनौती नहीं होगी।'' छात्रों को ध्यान लगाने का गुर बताते हुए सद्गुरु ने कहा कि बुद्धिमत्ता का मतलब उपयोगिता से नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘बुद्धिमत्ता जीवन के अनुभव की गहराई पैदा करती है। अगर आप तनाव महसूस करते हैं, तो इसका मतलब है कि मस्तिष्क को ठीक से पोषण नहीं मिल रहा है।'' मुक्केबाज एम सी मैरीकॉम और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण जैसी प्रतिष्ठित हस्तियों ने भी ‘परीक्षा पे चर्चा' के विभिन्न एपिसोड में जीवन के प्रमुख पहलुओं पर अपने अनुभव और ज्ञान साझा किए हैं। स्कूल और कॉलेज के छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम का पहला संस्करण 2018 में दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित किया गया था। इसका सातवां संस्करण पिछले साल भारत मंडपम में ‘टाउन हॉल' प्रारूप में आयोजित किया गया था, जिसमें देश-विदेश के प्रतिभागी शामिल हुए थे।










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