यात्रियों की शिकायतों की सक्रियता से निगरानी के लिए सभी जोन, मंडलों में ‘वॉर रूम' होने चाहिए: रेलवे बोर्ड
नयी दिल्ली. रेलवे बोर्ड ने सभी जोन और मंडलों को पर्याप्त अधिकारियों के साथ ‘वॉर रूम' बनाने को कहा है, ताकि ‘‘रेल-मदद'' के माध्यम से प्राप्त यात्रियों की शिकायतों की सक्रियता से निगरानी और समाधान किया जा सके। शिकायत निवारण तंत्र, ‘‘रेल-मदद'' एक एकीकृत शिकायत-समाधान पहल है, जिसके तहत यात्री 139 नंबर पर कॉल करके या रेलवे के संबद्ध एप्लिकेशन (ऐप) या पोर्टल का उपयोग कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या सुझाव दे सकते हैं। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार ने हाल ही में मंडलों के निरीक्षण दौरे पर पाया कि उनमें से कई में उपयुक्त ‘‘वॉर रूम'' उपलब्ध नहीं है। मंडल नियंत्रण कार्यालय में शिकायत निवारण तंत्र की खराब स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए रेलवे बोर्ड ने विभिन्न जोन और मंडलों को भेजे अपने पत्र में कहा, ‘‘सभी मंडलों और जोन में रेल-मदद के जरिये मिलने वाली शिकायतों की सक्रिय निगरानी के लिए एक वॉर रूम होना चाहिए।'' कुछ मंडलों ने बोर्ड के निर्देशों को लागू करना शुरू कर दिया है, जिसमें संबंधित विभागों को वॉर रूम में अधिकारियों को तैनात करने के लिए कहा गया है। रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि कुमार ने कुछ मंडलों का निरीक्षण किया, जिसका उद्देश्य ‘‘वॉर रूम'' की वर्तमान स्थिति का पता लगाना और आवश्यक पहल के साथ उन्हें मजबूत करने के तरीके सुझाना था।










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