रेल पटरियों को साफ करने वाले रोबोट समेत 185 नवाचार प्रदर्शित किए गए
चेन्नई. चेन्नई में राष्ट्रीय अनुसंधान प्रदर्शनी ‘आईआईएनवेनटिव' में प्रदर्शित 185 नवाचारों में वायु गुणवत्ता के आधार पर यात्रा मार्ग सुझाने वाला एक ऐप, गाय के गोबर पर आधारित एक ‘फोमिंग एजेंट', रेलवे पटरियों की सफाई के लिए एक रोबोट प्रणाली और बांस के पाउडर का उपयोग करके बोतलें बनाने की एक प्रणाली शामिल हैं। शिक्षा मंत्रालय (एमओई) के इस दो दिवसीय प्रमुख कार्यक्रम के तीसरे संस्करण का आयोजन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मद्रास द्वारा किया जा रहा है। इस बार इस प्रदर्शनी में न केवल आईआईटी बल्कि एनआईटी, आईआईएससी (बेंगलुरु) और आईआईएसईआर के नवाचार और उपकरण भी शामिल किए गए हैं। आईआईटी, हैदराबाद ‘हेल्दीरूट' नामक नेविगेशन ऐप पेश कर रहा है, जो वास्तविक समय के वायु गुणवत्ता आंकड़ों को यातायात प्रवाह के साथ जोड़ता है, ताकि उपयोगकर्ताओं को कम से कम यातायात भीड़ और बेहतर वायु गुणवत्ता वाले मार्ग सुझाए जा सकें। आईआईटी, हैदराबाद की अंतरा रॉय ने बताया, ‘‘मौजूदा ऐप मुख्य रूप से यातायात और समय संबंधी बेहतर रूट पर ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन खराब वायु गुणवत्ता के कारण स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करने में विफल रहते हैं। हमारा ऐप वायु प्रदूषण आंकड़ों को यातायात भीड़ के साथ एकीकृत करके, एक नया नेविगेशन समाधान प्रदान करता है।'' राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), केरल ने ‘एविबोट' प्रदर्शित किया है।
एनआईटी, कालीकट के सहायक प्रोफेसर ए पी सुधीर ने कहा कि यह रोबोट कुकुट व्यवसाय में स्वचालित प्रणाली की आवश्यकता को पूरा करता है। उन्होंने कहा कि उन्नत प्रौद्योगिकी से लैस यह रोबोट स्वयं ही अंडे एकत्र करता है, जिससे नुकसान सीमित होता है, उत्पादन बढ़ता है और मानव श्रम कम होता है। एनआईटी, सिलचर ने बांस के पाउडर का उपयोग करके बोतलें बनाने के लिए मैन्युअल रूप से संचालित प्रणाली विकसित की है।










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