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प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच लाखों अभ्यर्थियों ने नीट पुनर्परीक्षा दी

नयी दिल्ली. प्रश्नपत्र लीक होने के कारण तीन मई को हुई परीक्षा रद्द किए जाने के बाद, लाखों मेडिकल अभ्यर्थी रविवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) की पुनर्परीक्षा में दूसरी बार शामिल हुए। यह मुद्दा सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था और इसके खिलाफ व्यापक जन आंदोलन भी शुरू हो गया था।
 अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने यह परीक्षा भारत के 551 शहरों में 5,440 केंद्रों और विदेशों में 14 केंद्रों पर आयोजित की। उन्होंने बताया कि परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए 51,311 जैमर लगाये गये थे।
 इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली के ओखला स्थित एनटीए मुख्यालय में नीट-यूजी पुनर्परीक्षा के सुचारु संचालन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। शिक्षा मंत्रालय ने कहा, ''एनटीए ने मंत्री को परीक्षा के कुशल और पारदर्शी ढंग से संचालन के लिए की गई तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी दी।'' पुनर्परीक्षा अपराह्न दो बजे शुरू हुई जो शाम 5.15 बजे तक चली। दिव्यांग अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए शाम 6:20 बजे तक अनुमति दी गई। परीक्षा अंग्रेजी और 12 भारतीय भाषाओं में आयोजित की गई।
 मध्य प्रदेश में पुनर्परीक्षा देने के बाद एक अभ्यर्थी ने  बताया, "प्रश्नपत्र अच्छा था और इस बार की व्यवस्थाएं कहीं बेहतर थीं, विशेषकर पहचान सत्यापन की व्यवस्था।" अभ्यर्थी ने कहा, "हालांकि दोबारा परीक्षा देना थोड़ा असामान्य लगा, लेकिन पुनः परीक्षा ने चयन का एक और अवसर दिया, जिससे आत्मविश्वास और उम्मीद की भावना भी बनी रही।" एक अन्य अभ्यर्थी ने कहा, "प्रश्नपत्र बहुत लंबा था और उम्मीद से अधिक कठिन था। मेरा पिछला प्रयास ठीक रहा था, लेकिन इस बार परीक्षा उतनी अच्छी नहीं गई।" बेंगलुरु में परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते समय एक अभ्यर्थी ने कहा कि केवल भौतिकी का खंड कठिन था, जबकि अन्य सभी खंड अपेक्षाकृत आसान थे। अभ्यर्थी ने कहा, ''हमें प्रश्न पढ़ने और समस्याओं को हल करने के लिए अधिक समय मिला, जिससे मुझे अपना प्रदर्शन बेहतर करने में मदद मिली।'' हालांकि कुछ अभ्यर्थियों और उनके परिजनों ने परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में आने वाली यात्रा संबंधी कठिनाइयों को उठाया। भोपाल में दो अभ्यर्थियों को देर से पहुंचने के कारण परीक्षा केंद्र में प्रवेश से वंचित कर दिया गया। अभ्यर्थियों में से एक के चाचा आमिर कादरी ने कहा, ''मैं अपने भतीजे के साथ उसकी परीक्षा के लिए यहां आया हूं। परीक्षा केंद्र जाते समय हम दुर्घटना का शिकार हो गए और हमें थोड़ी देर हो गई, क्योंकि मेरे भतीजे को प्राथमिक उपचार दिया गया। अब जब हम यहां पहुंच चुके हैं, तो हमें प्रवेश से वंचित किया जा रहा है। अधिकारी कह रहे हैं कि परीक्षा शुरू हो चुकी है और हमें प्रवेश की अनुमति देना संभव नहीं होगा।'' भारी बारिश ने कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों को प्रभावित किया, जिससे शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया और यातायात व्यवस्था बाधित हो गई। कोलकाता में एक घायल अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र पर अलग कक्ष दिया गया, साथ ही चिकित्सा सहायता और एक एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की गई। अभ्यर्थी सृष्टि दुबे 14 जून को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं और उन्होंने विशेष व्यवस्था के लिए अधिकारियों से सहायता मांगी थी। प्रधान ने व्यक्तिगत रूप से अभ्यर्थी के माता-पिता से बात की, जिन्होंने एनटीए और अधिकारियों द्वारा दी गई सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। मुंबई में, कर्मचारियों की जारी हड़ताल के बीच बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं यातायात (बेस्ट) ने पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए विशेष बस सेवाओं की व्यवस्था की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोलकाता से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचने के बाद अपने आवास की ओर प्रस्थान को कुछ समय के लिए टाल दिया ताकि नीट पुनर्परीक्षा देने वाले किसी भी अभ्यर्थी को यातायात पाबंदियों के कारण असुविधा नहीं हो। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री अपराह्न लगभग एक बजे हवाई अड्डे पहुंचे, लेकिन वहां से तुरंत लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास रवाना होने के बजाय वहीं रुके रहे। गुजरात में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट)-स्नातक 2026 शुरू हुई। परीक्षा को सुचारू और निष्पक्ष ढंग से आयोजित करने के लिए गुजरात पुलिस ने परीक्षा केंद्रों पर ड्रोन और सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया था। गुजरात पुलिस के अनुसार, राज्य में 211 केंद्रों पर लगभग 79,400 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हुए।
 अधिकारियों ने बताया कि रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बिहार में लाखों अभ्यर्थी नीट-यूजी पुनर्परीक्षा में शामिल हुए। पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने परीक्षा से पहले पत्रकारों से कहा, ''परीक्षा के लिए सर्वोत्तम व्यवस्थाएं की गई हैं।'' दिल्ली में पुनः परीक्षा दे रहे अभ्यर्थी किशन ने कहा कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले की परीक्षा की तुलना में अधिक सख्त है। उन्होंने  कहा, ''पिछले एक महीने में बहुत कुछ हुआ है। मैंने जितनी हो सके उतनी तैयारी की है, और अब मैं सिर्फ परीक्षा देना चाहता हूं। मुझे बस यही उम्मीद है कि परीक्षा निष्पक्ष रूप से आयोजित हो।'' दिल्ली में नीट अभ्यर्थी सोनिया ने कहा कि वह इस बार पहले की परीक्षा की तुलना में अधिक तनाव महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा, ''अगर पिछली बार भी ऐसी सुरक्षा व्यवस्था होती, तो प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका कम होती और विद्यार्थियों को इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती।'' ओडिशा में अभ्यर्थी पार्थसारथी राउत ने कहा कि वह मेडिकल कॉलेज में दाखिला पाने के लिए पुनर्परीक्षा में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ओडिशा में हजारों अभ्यर्थियों ने नीट-यूजी पुनर्परीक्षा दी।
 अधिकारियों ने बताया कि पुनर्परीक्षा राज्यभर में 130 से अधिक केंद्रों पर आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि परीक्षा के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। वहीं, एक खबर में कहा गया कि बुर्का पहने एक नीट अभ्यर्थी ने आरोप लगाया कि उसे राजस्थान के अजमेर में स्थित एक परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। अभ्यर्थी कुलसुम बानो ने दावा किया कि वह पहले की परीक्षा में भी शामिल हुई थीं।
 उन्होंने कहा, ''मैं नीट परीक्षा देने के लिए ब्यावर से आई हूं। जब मैंने तीन मई को परीक्षा दी थी, तब भी मैं इसी तरह के कपड़े पहनकर आई थी-बुर्का और दुपट्टा। पहले उन्होंने कहा कि प्रवेश के लिए मुझे दुपट्टा हटाना होगा; फिर उन्होंने यह भी कहा कि मुझे बुर्का भी हटाना पड़ेगा।" बानो ने कहा, ''अगर एनटीए ने हमें अनुमति दी है, तो ये लोग हमें नहीं रोक सकते... अगर मुझे परीक्षा देनी है और वे मुझे इस पोशाक में अंदर नहीं जाने देते, तो मैं परीक्षा ही नहीं दूंगी।'' उन्होंने कहा, ''मेरे लिए परीक्षा मायने नहीं रखती; मेरे लिए मेरा 'बुर्का' और मेरी पहचान मायने रखती है।'' बाद में, एनटीए ने स्पष्ट किया कि अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति दे दी गई।
 अहमदाबाद में नीट-यूजी पुनर्परीक्षा के एक केंद्र के बाहर उस समय थोड़ी देर के लिए हंगामा हुआ जब कुछ अभिभावकों ने तलाशी के दौरान 'कंठी' (पवित्र धागा) हटाए जाने पर आपत्ति जताई, जबकि हिजाब पहनी छात्राओं को अंदर जाने की अनुमति दी गई थी। पुलिस ने यह जानकारी दी। बाद में पुलिस ने परीक्षा केंद्र के बाहर एकत्र अभिभावकों और समूहों के सदस्यों को एनटीए के ड्रेस कोड संबंधी दिशा-निर्देश समझाए, जिसके बाद यह मामला सुलझ गया। राजस्थान में नीट-यूजी की पुनर्परीक्षा कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित हुई।
 रविवार को व्यापक सुरक्षा व्यवस्था और एनटीए के दिशा-निर्देशों के कड़े पालन के बीच कोटा के 92 परीक्षा केंद्रों पर नीट पुनर्परीक्षा शांतिपूर्ण और सुचारु रूप से आयोजित की गई। कोटा के जिलाधिकारी पीयूष समारिया के अनुसार, परीक्षा के निष्पक्ष और पारदर्शी संचालन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं। इसके तहत शहर में स्थानीय पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की तैनाती की गई थी। एमबीबीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नीट-यूजी पुनर्परीक्षा रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच झारखंड में शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित की गई। राज्यभर में कुल 67 केंद्र स्थापित किए गए थे, जहां लगभग 30,000 अभ्यर्थियों ने पुनः परीक्षा दी। रांची के पुलिस अधीक्षक (नगर) पारस राणा ने  बताया कि सभी 21 केंद्रों पर पुनः परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित की गई।

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