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 हिमाचल और केरल में तबाही; असम में बाढ़ से मृतकों की संख्या बढ़कर 99 हुई

 नयी दिल्ली ।देश के कई हिस्सों में शनिवार को बारिश का प्रकोप कम हुआ, लेकिन इससे हुई तबाही का असर बरकरार रहा। असम में बारिश और बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 99 हो गई, जबकि हिमाचल प्रदेश में 153 सड़कें बंद होने से आवागमन प्रभावित रहा। केरल में मकानों और सड़कों को हुए नुकसान के कारण सैकड़ों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। असम आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बुलेटिन के अनुसार, शनिवार को भी राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही तथा एक और मौत की खबर के साथ मरने वालों की संख्या 99 हो गई। इसमें कहा गया कि असम में 1.47 लाख से अधिक लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। मौत का नया मामला गोलाघाट ज़िले से सामने आया है। इसके साथ ही, असम में इस साल बाढ़ से मरने वालों की संख्या 99 हो गई है। बुलेटिन में कहा गया कि बाढ़ से असम में 12 जिले-सोनितपुर, नागांव, गोलाघाट, शिवसागर, होजई, दरांग, जोरहाट, धेमाजी, चराइदेव, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर और विश्वनाथ प्रभावित हैं। चार दिन से लगातार हो रही बारिश के बीच, राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार का दिन दो वर्षों में अगस्त का सबसे अधिक बारिश वाला दिन दर्ज किया गया। महीने के पहले आठ दिनों में ही अगस्त में होने वाली औसत मासिक बारिश लगभग पूरी हो गई है। शनिवार को सुबह 8:30 बजे तक दिल्ली में 98.7 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई, जो अगस्त में 2024 के बाद की सबसे अधिक बारिश है। वर्ष 2024 में अगस्त के पहले दिन 107.6 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। लगातार बारिश के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में यातायात जाम की स्थिति देखने को मिली। कालिंदी कुंज बॉर्डर, आईटीओ, प्रेस एन्क्लेव मार्ग, गीतांजलि मार्ग और महरौली-बदरपुर रोड पर भारी जाम रहा। पूर्वी दिल्ली के कुछ हिस्सों में भी यातायात प्रभावित हुआ, जिसमें जीटी रोड के कुछ हिस्से शामिल हैं। अगस्त के पहले सात दिनों के दौरान दिल्ली में 127 मिमी बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार तक लगातार जारी बारिश ने राष्ट्रीय राजधानी को प्रभावित किया। शुक्रवार को हुई भारी बारिश के कारण दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव हो गया, नालों में पानी का बहाव बढ़ गया और कई जगहों पर दीवारों तथा मकानों के ढहने की घटनाएं सामने आईं। हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश के कारण 153 सड़कें बंद हो गई हैं। वहीं, शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार और मंगलवार को राज्य में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, शनिवार सुबह तक 77 जलापूर्ति योजनाएं और 92 ट्रांसफॉर्मर भी प्रभावित हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि 30 जून को मानसून शुरू होने के बाद से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 66 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 14 लोगों की जान भूस्खलन और एक व्यक्ति की मौत अचानक आई बाढ़ में हुई। उन्होंने बताया कि राज्य को कुल 835 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य में 14 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है।
 केरल में शनिवार को बारिश जारी रही। हालांकि, कई इलाकों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन कई सड़कें और मकान अब भी जलमग्न होने के कारण सैकड़ों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। अधिकारियों ने बताया कि अलप्पुझा के अपर कुट्टनाड और कुट्टनाड इलाकों तथा कोट्टायम जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में बाढ़ का सबसे अधिक असर रहा, हालांकि कई स्थानों पर पानी का स्तर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। कुछ इलाकों में बाढ़ का पानी केवल मामूली रूप से कम हुआ है, जबकि कई लोग अब भी फंसे हुए या प्रभावित हैं, क्योंकि उनके मकान और सड़कें अभी भी पानी में डूबी हुई हैं। अलप्पुझा-चंगनास्सेरी सड़क समेत कई प्रमुख सड़कें अब भी जलमग्न हैं, जिससे क्षेत्र में यातायात बाधित है। जलभराव वाले इलाकों से लोगों को निकालने और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए छोटी नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए एहतियाती कदम के तौर पर शनिवार को आठ जिलों-कासरगोड, कन्नूर, वायनाड, कोझिकोड, त्रिशूर, कोट्टायम, पथनमथिट्टा और अलप्पुझा के सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया। स्थानीय स्वशासन संस्थाओं, राजस्व अधिकारियों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से कहा गया कि जरूरत पड़ने पर कमजोर और जोखिम वाले लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई स्थानों और राज्य के पूर्वी हिस्सों में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है। अधिकारियों ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है।
 पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में दिन के दौरान बारिश हुई, जिनमें लुधियाना, पटियाला, पठानकोट, बठिंडा, हिसार, रोहतक, भिवानी, सिरसा और गुरुग्राम शामिल हैं। हरियाणा के फरीदाबाद में शनिवार को 50 से अधिक स्थानों पर जलभराव हो गया। पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही बारिश के कारण भारी यातायात जाम लगा और जनजीवन व्यापक रूप से प्रभावित हुआ। वहीं, सूरजकुंड रोड पर एक पुलिया का बड़ा हिस्सा धंस गया, जिससे पैदल यात्रियों और वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा हो गया। जिला प्रशासन के अनुसार, फरीदाबाद में शुक्रवार सुबह आठ बजे से शनिवार सुबह आठ बजे तक 120 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो शुरुआती अनुमान से अधिक है। दक्षिण-पश्चिमी मानसून के सक्रिय रहने के कारण राजस्थान के कई इलाकों में भी भारी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि अगले एक सप्ताह के दौरान पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मानसून के सक्रिय रहने की संभावना है। भारी बारिश के बाद कोटपूतली-बहरोड़ जिले से गुजरने वाले जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। शहरी इलाकों में पानी बाजारों और घरों में भी घुस गया। भरतपुर में बारिश के कारण स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद कर दिया गया। वहीं, अलवर के गोविंदगढ़ में एक मकान की छत ढह गई। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। जम्मू-कश्मीर में आने वाले दिनों में व्यापक बारिश और गरज-चमक होने की संभावना है। मौसम विभाग ने नौ से 11 अगस्त के बीच जम्मू संभाग के कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम, अगले कुछ दिनों में भारी बारिश के पूर्वानुमान और श्रद्धालुओं की संख्या में कमी को देखते हुए शनिवार को जम्मू से अमरनाथ यात्रा स्थगित कर दी गई। राजौरी जिले में एक दुखद घटना सामने आई है। हाल में हुई भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से क्षतिग्रस्त सड़क पर कीचड़ में कई घंटे तक फंसे रहने के बाद अस्पताल ले जा रहे वाहन में सवार 17 वर्षीय लड़की की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण शनिवार को नगालैंड के दीमापुर जिले के कई निचले इलाकों में बाढ़ आ गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। वहीं, घर में पानी घुसने के बाद करंट लगने से अंतिम वर्ष के एक कॉलेज छात्र की मौत हो गई। शनिवार सुबह से दीमापुर जिले में भारी बारिश हो रही है। अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा स्थिति मुख्य रूप से लगातार हो रही बारिश और ऊपरी इलाकों तथा पहाड़ी जलग्रहण क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में सतही जल बहाव के कारण बनी है। इससे दीमापुर के निचले हिस्सों में जल निकासी तंत्र में पानी का प्रवाह बढ़ गया है। एसडीआरएफ ने बाढ़ में फंसे एक घर से दो बच्चों और एक बुजुर्ग सहित नौ लोगों को सुरक्षित बचाकर बाहर निकाला। रिवर बेल्ट कॉलोनी स्थित एक छात्रावास से चार छात्रों को बचाया गया, जबकि होली क्रॉस स्कूल क्षेत्र में फंसे पांच अन्य लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से अगले पांच दिनों में ओडिशा में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। आईएमडी ने कहा कि इसके प्रभाव से उत्तरी और पश्चिमी ओडिशा के कुछ हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।

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