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- -ठगी की रकम क्रिप्टोकरंसी के माध्यम से भेजी दुबई, 45 लाख की कार एवं नोट गि नने की मशीन जप्तदुर्ग । फर्जी सी.बी.आई. दिल्ली पुलिस का अफसर बनकर 41लाख रू. की ठगी करने वाले दो आरोपी दुर्ग पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं। गुजरात से दो आरोपियों को किया गिरफ्तार किया गया है।ठगी से प्राप्त पैसो को आरोपियों ने क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से दुबई भेजना व चंद घंटों में रूपयों को स्थानीय अंगड़िया के माध्यम से हवाला में लगा दिया गया। आरोपी के कब्जे से रूपये गिनने की मशीन, 45 लाख का इन्डेवर फोर्ड वाहन जप्त किया गया है।नगर पुलिस अधीक्षक दुर्गा चिराग जैन ने बताया कि कु. फरिहा अमीन कुरैशी पिता स्व. मोह. अमीन उम्र 62 साल साकिन एलआईजी 512 हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी बघेरा दुर्ग थाना कोतवाली दुर्ग के द्वारा 5 फरवरी 2025 को थाना कोतवाली दुर्ग में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि 21 जनवरी 2025 को प्रार्थिया के मोबाईल पर सुबह 10:35 मिनट पर दिल्ली पुलिस डिपार्टमेंट का एक विडियो कॉल आया, जिसके अनुसार उन्होने सी.बी.आई. पुलिस दिल्ली द्वारा संदीप कुमार के विरूद्ध मनीलॉन्ड्रींग केस ड्रगट्रेफेकिंग आईडेन्टिटी थेफ्ट केश में जांच की जा रही जिसमें उन्हे संदीप कुमार के कब्जे से 180 बैंक खाते प्राप्त हुए है, जिसमें एक खाता प्रार्थिया के नाम का एच.डी.एफ.सी. बैंक दिल्ली का होना बताये, जिसमें लगभग 8.7 करोड़ रूपये जमा है और संदीप कुमार ने पुछताछ के दौरान यह बताया गया है कि सभी खाता धारकों ने संदीप कुमार से 10 प्रतिशत लेकर व्यक्तिगत उपस्थित होकर अपने नाम से उक्त खाते खुलवाये है, इस संबंध में प्रार्थिया द्वारा मना किये जाने पर उक्त पुलिस अधिकारी ने प्रार्थिया का विवरण पुछा और बताया कि सारे विवरण उनके पास पहले से मौजूद है तत्पश्चात् उस पुलिस अधिकारी ने प्रार्थिया को तत्काल दिल्ली आकर बयान देने के लिए कहा अन्यथा गिरफ्तार करेगें। प्रार्थिया द्वारा असमर्थता बताये जाने पर उस पुलिस अधिकारी ने अन्य पुलिस अधिकारी से बात कर ऑनलाइन बयान देने और इंवेस्टिगेशन कराये जाने का निवेदन करने का कहा था। ऐसा करने पर एक पुलिस अधिकारी ऑनलाईन सुनील कुमार गौतम आई.पी.एस. दिल्ली पुलिस से प्रार्थिया का परिचय कराया गया, जिनके द्वारा इसी दिनांक को प्रार्थिया को पुछताछ कर बयान लिया गया और प्रार्थिया के नाम से जमा और अर्जित चल अचल संपत्ति का विवरण मांगा गया। पुलिस अधिकारी आई.पी.एस. गौतम ने प्रार्थिया से यह भी कहा की आरोपी संदीप कुमार बहुत ही बड़ा अपराधी है, यह प्रकरण बहुत बड़ा कॉन्फिडेनशियल केस है इसलिये इसकी गोपनीयता बनाये रखना जरूरी है प्रार्थिया अपने भारतीय स्टेट बैंक गंजपारा दुर्ग से अलग-अलग चरणो में आर.टी.जी.एस. के माध्यम से आर.बी.आई. इण्डिया में जमा कराया गया है जो कि लगभग (अक्षरी इकचालीस लाख रूपये) है। 4 फरवरी 2025 के दोपहर तक उक्त दिल्ली पुलिस अधिकारी से संपर्क नहीं होने पर प्रर्थिया के साथ धोखाधड़ी होने पर अपराध क्रमांक 66/2025, धारा 318 (4), 3 (5) बीएनएस कायम कर विवेचना में लिया गया है। थाना प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार यादव के नेतृत्व में सायबर सेल भिलाई से जानकारी प्राप्त हुआ, कि प्रार्थिया का रकम 09,50,000 रूपया दिनांक 29.01.2025 को राजकोट नागरिक सहकारी बैंक ब्रांच मोरबी गुजरात जो आस्था लांजिस्थ संस्था के नाम से संचालित है इनके खाता में रकम जाना पाया गया उक्त खाता का संचालक आरोपी प्रोपाईटर मनीष दोसी राजकोट गुजरात का होना पाया गया है, आरोपी का विडियो फुटेज भी पैसा निकालते समय संबंधित बैंक का सायबर सेल भिलाई को प्राप्त हुआ है, आरोपी मनीष दोसी पिता नरोत्तम भाई उम्र 46 साल निवासी नक्षत्र अपार्टमेन्ट 05 फलोर फ्लैट नं0 504 सनाडा रोड़ मोरबी थाना मेरबी सिटी ए डिविजन जिला मोरबी, गुजरात को विधिवत् गिरफ्तार किया गया है, तथा आरोपी मनीष दोसी से पूछताछ करने पर अन्य आरोपी असरफ खान निवासी सुरेन्द्रनगर गुजरात के द्वारा कहने पर उक्त रकम को अपने खाता में डलवाना बताया गया है, आरोपी असरफ खान के मोबाईल को चेक करने पर क्रिप्टो करेंसी से संबधित एप्प दिखने पर कड़ाई से पूछताछ करने पर सायबर ठगी से प्राप्त पैसो को क्रिप्टो करेंसी में लगाकर दुबई भेजना एवं स्थायीय अगड़िया के माध्यम से पैसो को हवाला में उपयोग करना बताये, सायबर ठगी से प्राप्त पैसा चंद घंटों में खातों के माध्यम से स्थानातरण होने के पश्चात् गुजरात के स्थानीय अगड़िया के द्वारा पैसो को अन्य आरोपी को भेज दिया जाता है। आरोपियों के कब्जे से पैसे गिन्ने की मशीन एवं 01 इन्डेवर फोर्ड वाहन क्रंमाक GJ 13 AR 2422 कब्जा पुलिस लिया गया। प्रकरण में धारा 317(2), 317(4), 61(2) (ए) बीएनएस, 66 (डी) आई.टी एक्ट जोड़ी गई है। आरोपीगण के खिलाफ अपराध सबुत पाए जाने से 29 एवं 30 मार्च को गिरफ्तार कर संबंधित न्यायालय मोरबी एवं न्यायालय सुरेन्द्रनगर गुजरात से ट्रांजिस्ट रिमांड लेकर थाना सिटी कोतवाली दुर्ग जिला दुर्ग लाकर न्यायालय दुर्ग के समक्ष पेश किया गया है। उक्त कार्यवाही में निरीक्षक विजय कुमार यादव, सउनि पूरनदास, आरक्षक सुरेश जायसवाल, एसीसीयू टीम राज कुमार चंद्रा, चित्रसेन साहू की सराहनीय भूमिका रही।
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भिलाई, नगर निगम का छत्तीसगढ़ शासन से बहुत दिनों से बहुत दिनों से लंबित मांग थी, कि नगर निगम भिलाई के संचित निधि एवं फ्रीहोल्ड की राशि भिलाई को वापस किया जाए। आज शासन द्वारा 10 करोड़ 50 लाख 36 हजार रुपए संचित निधि का एवं फ्री होल्ड की राशि 4 करोड़ 36 लाख 38000 प्राप्त हुए। इस राशि की मांग भिलाई नगर निगम द्वारा बार-बार मांग किया जा रहा था। पूर्व के आयुक्त एवं वर्तमान आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा शासन से बार-बार पत्राचार के माध्यम से निवेदन किया जा रहा था। भारसाधक उपमुख्यमंत्री के अनुमोदन से आज राशि नगर निगम भिलाई को प्राप्त हुआ। इसीलिए नगर निगम के आधिकारी कर्मचारियों में बहुत खुशी व्याप्त है। इसके लिए कर्मचारी संघ के सदस्य एवं अधिकारी कर्मचारियों ने छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री विष्णु देव साव, भारसाधक उप उपमुख्यमंत्री अरुण साव को धन्यवाद दिया। शासन ने हमारी लंबित मांगों को सुना इसके लिए हम सबको खुशी है। मिलने वाली राशि से उपादान भुगतान रिटायर्ड कर्मचारियों को किया जाएगा जो 2018 से लंबित था इसके साथ-साथ फ्रीहोल्ड से प्राप्त राशि का नगदी कारण एवं अन्य सत्व का भुगतान किया जाएगा।
आयुक्त पाण्डेय को इस प्रयास के लिए धन्यवाद देने वाले अधिकारी कर्मचारियों में राजस्व अधिकारी जेपी तिवारी, लेखा अधिकारी सी. बी. साहू, अभियंता संजय अग्रवाल, विनीत वर्मा, अर्पित बंजारे, नितेश मेश्राम, श्वेता वर्मा, सहायक राजस्व अधिकारी शरद दुबे, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, स्टोन पुरुषोत्तम साहू, नवीन साहू, शशांक शेखर आदि उपस्थित रहे। -
बिलासपुर, जिला शिक्षा अधिकारी अनिल तिवारी ने कल गुरुवार को प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना (मध्याहून भोजन) अंतर्गत शास.पू.मा.शा. कन्या गनियारी, वि.ख. तखतपुर जिला बिलासपुर में मध्याह्न भोजन का निरीक्षण किया गया। उन्होंने भोजन और सब्जी का स्वाद लिया। मध्याहून भोजन में चांवल, दाल, हरी सब्जी पकाया गया था। पका भोजन डीईओ द्वारा चखा गया। प्रधान पाठक श्रीमती अनिता शर्मा उपस्थित रही। पका हुआ भोजन निर्धारित मेनू और गुणवत्ता के अनुरूप स्तरीय पाया गया। डीईओ ने स्कूल में चल रही परीक्षा का भी निरीक्षण किया।
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दुर्ग . संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने कल गुरुवार को संभाग स्तर पर नगर पालिक निगमों की समीक्षा बैठक की, जिसमें कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। समीक्षा में ग्रीष्मकाल में जल प्रबंधन, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन और सिटी डेवलपमेंट प्लान जैसे प्रमुख मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
ग्रीष्मकाल में जल प्रबंधन के संदर्भ में श्री राठौर ने जल की बढ़ती खपत और जल स्रोतों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए वर्षा जल संचयन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने जलाशयों और कुओं में पानी इकट्ठा करने की प्रणाली स्थापित करने की बात की ताकि जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को जलाशयों की स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने सार्वजनिक जल उपयोगकर्ताओं को पानी बचाने के लिए जागरूक करने का महत्व बताया।प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत, श्री राठौर ने अपूर्ण और पूर्ण आवासों की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्माणाधीन आवासों को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने उन आवासों में गृह प्रवेश को भी प्राथमिकता देने की बात की जो पहले ही पूर्ण हो चुके हैं।स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन यूनिट की स्थापना पर चर्चा हुई। श्री राठौर ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सॉलिड और लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। कमिश्नर श्री राठौर ने विभिन्न विकास योजनाओं को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से लागू करने की दिशा में आवश्यक निर्देश दिए, ताकि नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सके। उन्होंने आवारा मवेशियों को हटाने के लिए दल गठित कर कार्ययोजना बनाने को कहा।साथ ही दल के माध्यम से मुआवना कर कानूनी कार्यवाही करने के निर्देश दिए।बैठक में संभाग के सभी नगर पालिक निगम आयुक्त, क्षेत्रीय अधिकारी पर्यावरण एवं संरक्षण मंडल श्रीमती अनिता सावंत, नगरीय प्रशासन एवं विकास के अधिकारी उपस्थित थे। - -मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ी अग्रवाल भवन में नवनिर्मित आडिटोरियम का लोकार्पण करते हुए दानदाताओं को किया सम्मानितरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज द्वारा दानशीलता दिवस पर आयोजित सम्मान एवं शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ी अग्रवाल भवन में समाज द्वारा नवनिर्मित 200 सीटर ऑडिटोरियम का लोकार्पण और दान दाताओं का सम्मान भी किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अग्रवाल समाज की दानशीलता के कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि मानवता की सेवा और दानशीलता के लिए अग्रवाल समाज हमेशा ही आगे रहा है। छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज का छत्तीसगढ़ से काफी पुराना नाता रहा है। लगभग 400 साल पहले जब से अग्रवाल समाज का छत्तीसगढ़ में पदार्पण हुआ है, तब से छत्तीसगढ़ के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि अग्रवाल समाज व्यापार व्यवसाय से जुड़ा हुआ है जो कठिन परिश्रम तथा लगन से कार्य करते हुए मानवता की सेवा में जुटा रहना वाला समाज है। अग्रवाल समाज के द्वारा कोविड की विषम परिस्थिति में भी मानव सेवा सम्बंधी किए गए कार्यों को भुलाया नहीं जा सकता।मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के दानदाताओं के सहयोग का उल्लेख किया। इनमें उन्होंने डीकेएस अस्पताल, एम्स, शीतलबांधा तालाब सहित अनेक कार्यों का उल्लेख किया। कृषि विश्वविद्यालय के लिए 1900 एकड़ भूमि समाज के दानदाताओं द्वारा दी गई है। अनेक धर्मशाला, तालाब, मंदिर, गौशाला, छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के द्वारा बनाई गई है। इन कार्यों से समाज का हर वर्ग लाभान्वित है। सामाजिक समरसता का इससे अनूठा उदाहरण और कुछ नहीं हो सकता।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ही नहीं बल्कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के लोगों ने सेवा के ऐसे काम किए हैं, जो सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, कन्या विवाह, रोजगार जैसे अनेक क्षेत्रों में आप सभी ने जरूरतमंदों की सेवा की है। हमारा प्रदेश छत्तीसगढ़ देश-दुनिया में सामाजिक समरसता के लिए जाना जाता है। इसके पीछे छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सपनों के अनुरूप 2047 में विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को पाने में अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रहेंगी। इस दौरान उन्होंने समाज के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ भी दिलाई। साथ ही मुख्य मंच से दान देने वाले अग्रणी परिवारों को सम्मानित किया। इस अवसर पर रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, रायपुर नगर निगम महापौर श्रीमती मीनल चौबे, श्री संजय श्रीवास्तव, श्री दाऊ अनुराग अग्रवाल सहित समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में विभिन्न मंडल एवं निगमों के नव नियुक्त अध्यक्षों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें उनके नवीन दायित्व के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस दौरान छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन (नागरिक आपूर्ति) अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कार्पोरेशन लिमिटेड अध्यक्ष श्री दीपक महस्के एवं छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव उपस्थित थे।
- भिलाईनगर। नगर निगम भिलाई ने उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए सस्ता मार्केट क्षेत्र में अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई की गई। नगर निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह बेदखली अभियान 03 अप्रैल 2025 को सुबह 11 बजे से शुरू किया गया। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा WPC No.-1728/2020 में दिए गए निर्देशों के आधार पर, नगर निगम को सस्ता मार्केट क्षेत्र में किए गए अवैध अतिक्रमणों को हटाने का आदेश दिया गया था। इसके तहत पुराने 30 वर्ष से अधिक के कब्जाधारियों पर कार्रवाई करते हुए आज दुकान खाली कराया गया। शुरू में कब्जे धारी द्वारा विरोध किया गया लेकिन न्यायालय के आदेश मजिस्ट्रेट पुलिस बल देखकर के शांत हो गए।कब्जाधारी के नाम पर भी पूर्व साडा वर्तमान नगर निगम भिलाई के द्वारा दुकान आवंटन किया गया था। अपने आवंटित दुकान पर काबिज थे, लेकिन इसके साथ-साथ दूसरे के नाम से आबंटित स्थल पर कब्जा करके दुकान संचालित कर रहे थे। यह भी देखने में आया कि अवैध कब्जा किए दुकान में कबाड़ सामान भर कर रखे थे, उसके सामने सड़क पर दुकान चला रहे थे। यह दुकान पूर्व साडा से 1994 में क्षेत्रफल 2.5×3.5 गुलाबचंद के नाम पर 3 नंबर, अकराज 5, सुरेंद्र 4 के नाम पर आबंटित था। आज दुर्ग मजिस्ट्रेट वास्तु मित्र दीवान, जोन 2 आयुक्त सतीश यादव, छावनी थाना प्रभारी चेतन सिंह चंद्राकर पुलिस दल के साथ उपस्थित होकर कारवाई करवाएं। कारवाई पश्चात तुरंत मूल आबंटितों को आज जगह नाप कर पजेशन दिया गया।कार्रवाई के दौरान जोन के सहायक राजस्व अधिकारी बसंत देवांगन, तोड़फोड़ प्रभारी हरिओम गुप्ता, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी वीरेंद्र बंजारे, तोड़फोड़ दस्ता से , मंगल जांगड़े, राजेंद्र सिंह, विष्णु सोनी, , गौरकरण कुर्रे, खेमराज आदि उपस्थित रहे।
- दुर्ग, / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र वैशाली नगर विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए क्षेत्र में विकास कार्याें के लिए 14 लाख 62 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। विधानसभा क्षेत्र वैशाली नगर के लिए विधायक श्री रिकेश सेन द्वारा अनुशंसित कार्यों का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी आयुक्त नगर पालिका निगम भिलाई तथा कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग दुर्ग जिला दुर्ग द्वारा किया जाएगा।जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार वैशालीनगर के जुनवानी खम्हरिया भाठा बौली तालाब के पास तथा फौजीनगर में सार्वजनिक सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 5-5 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी प्रकार वार्ड क्रमांक 20 के लोकांगन परिसर में 3 नग वॉटर कूलर विथ आरो के लिए 3 लाख 50 हजार तथा जैन श्वेताम्बर शांतिनगर के सामने सबमर्सिबल पंप सहित 01 नग बोर खनन् हेतु 1 लाख 12 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
- दुर्ग / निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में प्रवेश के संबंध में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में 9 अप्रैल 2025 को प्रातः 9.30 बजे लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई है। बैठक में शासकीय हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूल के सभी नोडल प्राचार्यों को निर्धारित समय में उपस्थिति सुनिश्चित करने कहा गया है।
- -पेयजल अथवा अन्य प्रयोजन हेतु नलकूप खनन के लिए पूर्वानुमति अति आवश्यक-पूर्वानुमति हेतु क्षेत्रवार प्राधिकृत अधिकारी नियुक्तदुर्ग, / दुर्ग जिले में आगामी ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 (क्रमांक-3) 1987 की धारा 03 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 30 जून 2025 अथवा मानसून के आगमन तक (दोनों में से जो बाद में आये उस तिथि तक) की अवधि के लिए दुर्ग जिले को जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है। उक्त अधिनियम की धारा 06 के अंतर्गत जिले में उक्त दर्शित अवधि में सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना कोई नया नलकूप पेयजल अथवा पेयजल के अलावा किसी अन्य प्रयोजन के लिए खनन नहीं करेगा। शासकीय/अर्धशासकीय/नगरीय निकायों को पेयजल हेतु अपने क्षेत्राधिकार सीमा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में नलकूप खनन हेतु अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी, परन्तु वे भी निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करेंगे। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने जन सुविधा को ध्यान में रखते हुए उक्त अधिनियम की धारा 06 के अंतर्गत नलकूप खनन हेतु अनुमति प्रदान करने के लिए अधिकारियों को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया है। जो संबंधित क्षेत्र में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी/नगरीय निकाय/तहसील से रिपोर्ट प्राप्त कर नियमानुसार अनुमति प्रदान करेंगे।प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला दुर्ग के संपूर्ण नगर निगम सीमा के तहत आने वाले क्षेत्र हेतु प्राधिकृत अधिकारी अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी दुर्ग होंगे। इसी प्रकार राजस्व अनुविभाग दुर्ग ग्रमीण क्षेत्र के तहत आने वाले क्षेत्र हेतु प्राधिकृत अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी. (रा.) दुर्ग को, छावनी भिलाई थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले क्षेत्र हेतु अनुविभागीय दण्डाधिकारी छावनी भिलाई को, राजस्व अनुविभाग धमधा के तहत आने वाले क्षेत्र हेतु अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) धमधा को, राजस्व अनुविभाग पाटन के तहत आने वाले क्षेत्र हेतु अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) पाटन को, राजस्व अनुविभाग भिलाई-3 के तहत आने वाले क्षेत्र हेतु अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) भिलाई-3 को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। समस्त प्राधिकृत अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियमों में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार नलकूप खनन आवश्यक होने पर अनुमति प्रदान करने की कार्यवाही करेंगे। बोरवेल खनन अथवा बोरवेल मरम्मत का कार्य पंजीकृत बोरवेल एजेंसी द्वारा ही किया जायेेगा। किसी भी व्यक्ति या एजेंसी द्वारा उक्त अधिनियम के उल्लंघन में नलकूप खनन करते पाए जाने पर उसके विरूद्ध नियमानुसार सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
- - तात्यापारा चौक स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में महिलाओं ने किया भव्य आयोजनरायपुर। तात्यापारा स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में नवरात्र की पंचमी के दिन माता कौशल्या की गोद भराई (डोहाळ जेवण) की रस्म हर्षोल्लास के साथ उत्सवपूर्वक पूरी की गई। मंदिर समिति की नमिता शेष ने बताया कि रामनवमी पर श्रीराम के जन्मोत्सव के पूर्व यह परंपरा निभाई जाती है। हम जिसे अपने घरों पर नवजात के जन्म के पहले गोद भराई की रस्म अदायगी की है। ठीक उसी तरह मंदिर समिति के सदस्यों और महिलाओं द्वारा यह रस्म निभाई गई। माता कौशल्या के स्नान, श्रृंगार के साथ उन्हें नाना प्रकार के व्यंजनों औऱ फलों का भोग लगाया गया। उनकी ओटी (आंचल) भरी गई।कार्यकारिणी सदस्य सुरेखा हिशीकर, रिया खानखोजे और आराधना शेष ने बताया कि कार्यक्रम में समाज की करीब सौ महिलाएं उपस्थित थीं। समाज की बुजुर्ग महिलाओं ने डोहाळ (गर्भवती महिला) के गीत के साथ माता कौशल्या और श्रीराम के सुंदर भजन गाये। उसके बाद आरती और प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर माता कौशल्या प्रतिमा और मंदिर में आयोजन स्थल की खूबसूरत सजावट की गई।
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल रायपुर समाजसेवा का एक ऐसा विशाल वृक्ष है, जिसकी जड़ों को न जाने कितने ही लोगों ने सींचा है। चिकित्सा के क्षेत्र में खासकर दिव्यांग बच्चियों के नि:शुल्क इलाज और बारंबार ऑपरेशन के संदर्भ में महाराष्ट्र मंडल को संबल प्रदान करने वाले और कई योजनाओं के क्रियान्वयन में डॉ. आनंद जोशी का अमूल्य व अविस्मरणीय योगदान रहा है। ऐसे समाजसेवी डॉ. जोशी का 85 वर्ष की आयु में पुणे में गुरुवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने ने डॉ. जोशी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी द्वारा क्रियान्वित समाजसेवी योजनाएं लोगों के लिए हमेशा प्रेरणास्पद रहेंगी।काले के अनुसार डॉ. आनंद जोशी सुप्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ थे। उन्होंने 1979- 80 में महाराष्ट्र मंडल की कार्यकारिणी, कोषाध्यक्ष और अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वहीं 1985 से 1991 तक महाराष्ट्र मंडल के न्यासी बोर्ड में में भी डॉ. जोशी ने कार्य किया। अपने उस कार्यकाल के दौरान उन्होंने महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित दिव्यांग बालिका विकास गृह में रहने वाली कई बच्चियों का आवश्यकतानुसार बार- बार नि:शुल्क आपरेशन किया।काले ने बताया कि मंडल द्वारा संचालित वाघोळीकर मेडिकल इंक्यूपमेंट योजना के क्रियान्वयन में डॉ. आनंद जोशी ने मार्गदर्शन भी किया। मंडल सचिव चेतन दंडवते, उपाध्यक्ष गीता दलाल, समन्वयक श्याम सुंदर खंगन सहित पूरी कार्यकारिणी ने डॉ. आनंद जोशी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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-भरत और राम के प्रेम का वर्णन कर भावुक हुईं अपर्णा मोघे
रायपुर। प्रभु श्रीराम के प्रति भरत के प्रेम, समर्पण और विश्वास का वर्णन करते हुए अपर्णा मोघे ने कहा कि पिता के एक आदेश को शिरोधार्य कर जहां राम ने स्वयं को जंगल का राजा सहर्ष स्वीकार कर लिया। वहीं दूसरी ओर जब भरत को यह पता चला कि उनके लिए माता कैकई ने अयोध्या का राज सिंहासन मांगा है, तो भाई के प्रेम में भरत ने बिना विलंब किए पूरी अयोध्या का त्याग कर राम की खोज में जंगल जाने का फैसला ले लिया। प्रभु राम के प्रति भरत के प्रेम का वर्णन करते हुए अपर्णा काफी भावुक हो गईं।महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में आयोजित रामनवमी महोत्सव के तीसरे दिन रामायण के पात्रों पर चर्चा के दौरान अपर्णा ने भरत के चरित्र की व्याख्या की। उन्होंने बताया कि जब माता कैकई ने राम के लिए 14 वर्ष का वनवास और भरत के लिए सिंहासन राजा दशरथ से मांगा, तो उस समय भरत और शत्रुघ्न ननिहाल प्रवास पर थे। राम के वियोग में दशरथ ने अपने प्राण त्याग दिए। तब भरत को अयोध्या बुलाकर पूरा घटनाक्रम बताया गया। इसे सुनने के बाद भरत अपनी माता पर नाराज हुए और उन्होंने राम की खोज के लिए वन जाने और अयोध्या का त्याग करने का मन बना लिया। राम के प्रति भरत का स्नेह देख तीनों माताएं करुणामयी हो गई और उन्होंने भरत के साथ वन जाने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि भरत जैसा प्रेम, समर्पण करने वाला भाई सभी को बनना चाहिए।धैर्य, त्याग, समर्पण और ममता की प्रतिमूर्ति है माता सुमित्राः शताब्दीरामायण के पात्र माता सुमित्रा पर चर्चा करते हुए वरिष्ठ सदस्य शताब्दी पांडे ने कहा कि यथा नाम तथा गुण.... सुमि यानी सुंदर और त्रा यानी त्राण अर्थात् कष्टों को तारणे वाली। बचपन से शुद्ध सात्विक और सदगुणी थी माता सुमित्रा। उनके जीवन दर्शन में धैर्य, त्याग, प्रेम और पवित्रता परिलक्षित होता है। परिवार पर विपत्ति, बड़ों की सेवा, महल के एकाकीपन के बीच सुमित्रा का नाम छूट जाता है। श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का स्नान, श्रृंगार, भोग माता सुमित्रा ही करती थीं।शताब्दी के अनुसार सुमित्रा इतिहास की पुनरावृत्ति नहीं बल्कि नवीन चेतना से सुसम्पन्न नारी है। वह एक आदर्श मां के रूप में लक्ष्मण को राम की सेवा के लिए प्रेरित करती है। सुमित्रा संसार की ऐसी मां थी, जिनकी इच्छा थी कि उनका पुत्र राजा नहीं अपने भाई का सेवक बने। उन्होंने अपने पुत्र से कहा कि अब राम तुम्हारे पिता और जानकी तुम्हारी माता है। उनकी सेवा ही तुम्हारा परम धर्म है। माता सुमित्रा अद्वितीय प्रबंधकीय गुण था। वह महल के समस्त प्रबंध देखती थीं। दासियों की नियुक्ति, पूजा, दान अन्य आयोजन का जिम्मा उन्हीं के पास था।सूपे जैसे जिसके नख, वही सूर्पनखा: खंगनसूर्पनखा पर गहन अध्ययन करने वाले सेवानिवृत्त ऑडिटर श्याम सुंदर खंगन ने कहा कि जिसके नाखून सूपे के जैसे हो, वहीं सूर्पनखा हो सकती है। सूर्पनखा एक राक्षसी थी, विद्रुप, भयानक लेकिन मोहमाया की कला में पारंगत। सूर्पनखा को दूसरे पुरुषों को रिझाना बखूबी आता था। भगवान राम और बाद में लक्ष्मण पर मोहित होने वाली सूर्पनखा ने दोनों भाइयों को प्रभावित करने के लिए खूबसूरत युवती का मायावी रूप धारण किया। फिर भी दोनों भाइयों को वो रिझा नहीं पाई। बार- बार सूर्पनखा के मायवी रूप से परेशान होकर आखिरकार लक्ष्मण उसके कान और नाक काट लिये। यहीं से रामायण में यूटर्न लेता है। सूर्पनखा एक ओर रावण के अहंकार का प्रतिरूप है, तो दूसरी ओर सुनियोजित षडयंत्र को मूर्तरूप देने में दक्ष थीं।कार्यक्रम समापन से पहले वल्लभ नगर केंद्र की महिलाओं ने सुमधुर भजन प्रस्तुत किये। महा आरती के बाद महाप्रसाद वितरित किया गया। - रायपुर - सम्पूर्ण नगर पालिक निगम रायपुर के परिक्षेत्र में श्री रामनवमी पर्व दिनांक 6 अप्रैल 2025 को मांस - मटन का विक्रय पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। इस सम्बन्ध में छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आदेश के परिपालन में रायपुर नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर से श्री रामनवमी पर्व दिनांक 6 अप्रैल 2025 को रायपुर नगर पालिक निगम के सम्पूर्ण परिक्षेत्र में स्थित पशुवध गृह एवं समस्त मांस - मटन विक्रय की दुकानों को बंद रखे जाने का आदेश जारी किया है। श्री रामनवमी पर्व दिनांक 6 अप्रैल 2025 को किसी भी दुकान में मांस - मटन विक्रय करते पाये जाने पर मांस - मटन जप्त करने की कार्यवाही की जायेगी और सम्बंधित व्यक्ति के विरूद्ध यथोचित कार्यवाही भी की जायेगी। श्री रामनवमी पर्व दिनांक 6 अप्रैल 2025 को नगर पालिक निगम रायपुर के जोन स्वास्थ्य अधिकारीगण, जोन स्वच्छता निरीक्षकगण मांस- मटन के विक्रय पर प्रतिबन्ध के आदेश का व्यवहारिक पालन सुनिश्चित करवाएंगे और इस हेतु अपने - अपने सम्बंधित जोन क्षेत्रों के मांस - मटन की दुकानों का सतत निरन्तर पर्यवेक्षण करेंगे।
- बिलासपुर, /राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत वर्ष 2023-24 में जारी विज्ञापन अनुसार कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर एवं रेडियोग्राफर/एक्स-रे टेक्नीशियन के पदों पर संविदा भर्ती हेतु दावा-आपत्ति निराकरण सूची जारी करते हुए इन पदों के लिए कौशल परीक्षा 11 अप्रैल को सवेरे 10 बजे से शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल राजेन्द्र नगर, नेहरू चौक में आयोजित की गई है। अभ्यर्थियों को निर्देशित किया गया है कि वे 10 बजे तक अपने मूल दस्तावेजों के साथ परीक्षा स्थल में उपस्थिति देंगे। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी कार्यालय के सूचना पटल एवं जिले के वेबसाईड www.bilaspur.gov.in का अवलोकन कर सकते हैं।
- बिलासपुर /स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संभाग स्तरीय मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता तृतीय श्रेणी के कुल 5 पदों पर भर्ती की जाएगी। संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा इसके लिए 4 अप्रैल से 19 अप्रैल तक आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। आवेदन ऑफलाईन मोड में स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन एवं अनुभव प्रमाण पत्र का प्रारूप संयुक्त संचालक कार्यालय में इस अवधि में प्राप्त किये जा सकतें हैं। इच्छुक आवेदक संयुक्त संचालक स्वास्थ्य कार्यालय नूतन चौक सरकण्डा में निर्धारित तिथि तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ. एस.के. तिवारी ने बताया कि आवेदक को मनोरोग सामाजिक कार्य में स्नातकोत्तर उपाधि एवं मनोरोग सामाजिक कार्य में एम.फिल. उपाधि धारक होने चाहिए। आवेदन केवल शैक्षणिक अर्हता पूर्ण करने वाले अभ्यर्थी का स्वीकार किया जाएगा। विस्तृत विवरण जिला प्रशासन बिलासपुर की वेबसाईट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट बिलासपुर डॉट जीओवी डॉट इन (www.bilaspur.gov.in) में देखी जा सकती है।
- -वित्तीय अनियमितताओं को रोकने और खरीदारों के हितों की रक्षा करने रेरा ने 17 बैंकों को किया सूचीबद्ध-रियल एस्टेट परियोजनाओं समय पर होंगी पूरी, खरीदारों को मिलेगा समय घररायपुर, / छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने और प्रोजेक्ट में भूमि -मकान आदि सम्पत्तियां खरीदने वाले लोगों के हितों को संरक्षित करने के उद्देश्य से रेरा ने रियल एस्टेट में वित्तीय अनुशासन और पादर्शिता लाने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है। राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में एक बैंक एम्पैनलमेंट इवेंट में रेरा ने 17 बैंकों को सूचीबद्ध किया और रियल एस्टेट प्रमोटरों के साथ अपने नए वित्तीय सुरक्षा मॉडल को साझा किया।कार्यक्रम में रेरा के अध्यक्ष श्री संजय शुक्ला ने बताया कि इस नए वित्तीय माडल का मुख्य उद्देश्य आबंटियों के निवेश को सुरक्षित रखना और धनराशि के दुरुपयोग को रोकना है। बैंकों के सिस्टम को रेरा नामित खातों के अनुरूप बनाया गया है ताकि लेनदेन में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बना रहे। साथ ही निधियों की निकासी, आवंटन और निगरानी सॉफ़्टवेयर-आधारित प्रणाली के माध्यम से होगी, जिससे मानव हस्तक्षेप न्यूनतम होगा और गलतियों की संभावना कम होगी।रेरा के अध्यक्ष श्री शुक्ला ने बताया कि इस नए वित्तीय माडल के अंतर्गत अब किसी भी रियल एस्टेट परियोजना में आबंटियों से प्राप्त कुल राशि का 70 प्रतिशत भाग एक रेरा नामित बैंक खाते में जमा करना अनिवार्य होगा। रियल एस्टेट सेक्टर में वित्तीय अनियमितताओं को रोकने और खरीदारों के हितों की रक्षा करने के लिए रेरा ने बैंकों को इस प्रक्रिया में शामिल किया है। सरकार द्वारा इस प्रणाली को अपनाने से रियल एस्टेट क्षेत्र को सुव्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। तय नियमों के तहत वित्तीय प्रबंधन आसान होगा, जिससे परियोजनाओं को सुचारू रूप से पूरा किया जा सकेगा। रियल एस्टेट क्षेत्र में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा देगा, जिससे सभी हितधारकों को लाभ मिलेगा।रेरा के अध्यक्ष श्री शुक्ला ने कहा कि इस नई व्यवस्था के तहत आबंटियों से प्राप्त धनराशि स्वचालित रूप से 70 प्रतिशत रेरा खाते में और 30 प्रतिशत अन्य आवश्यकताओं के लिए सुरक्षित होगी। यह राशि केवल परियोजना के वास्तविक विकास कार्य और उसके अनुपात में ही खर्च की जा सकेगी। बैंकों के सिस्टम को रेरा नामित खातों के अनुरूप बनाया गया है ताकि लेनदेन में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बना रहे। साथ ही निधियों की निकासी, आवंटन और निगरानी सॉफ़्टवेयर-आधारित प्रणाली के माध्यम से होगी, जिससे मानव हस्तक्षेप न्यूनतम होगा और गलतियों की संभावना कम होगी। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ रेरा के सदस्य श्री धंनजय देवांगन, रजिस्ट्रार सुश्री आस्था राजपूत, क्रेडाई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री पंकज लाहोरी एवं विभिन्न बैंकों के जोनल हेड शामिल हुए।हर प्रोजेक्ट के लिए मिलेगा रियल-टाइम अपडेटरेरा के इस पहल से बैंकों, प्रमोटरों और रियल एस्टेट के खरीदारों को लाभ होगा। इसके तहत सूचीबद्ध बैंकों को अब भौतिक दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे संचालन सुगम होगा। हर प्रोजेक्ट के लिए रियल-टाइम अपडेट मिलेगा, जिससे वित्तीय पारदर्शिता बढ़ेगी। बैंकिंग प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है, जिससे निधियों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित होगी। रियल एस्टेट प्रमोटरों और डेवलपर्स को अब बार-बार दस्तावेज जमा नहीं करने पड़ेंगे क्योंकि अब सभी दस्तावेज़ डिजिटल रूप से उपलब्ध होंगे जिससे प्रशासनिक प्रक्रिया सरल होगी।इसी तरह रियल एस्टेट खरीदारों को भी लाभ होगा। खरीदारों की जमा की गई धनराशि सुरक्षित रहेगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उनका पैसा सही ढंग से उपयोग हो। साथ ही परियोजनाओं को तय समय पर पूरा करने के लिए प्रमोटरों पर दबाव बनेगा, जिससे खरीदारों को घर मिलने में देरी नहीं होगी। वित्तीय अनुशासन मजबूत होने से रियल एस्टेट क्षेत्र में भरोसा बढ़ेगा।
- रायपुर । सिविल लाईन, रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाऊस के कन्वेन्शन हॉल में औद्योगिक विकास नीति 2024-30, रैम्प तथा इज ऑफ डूईंग बिजनेस पर गुरूवार को संभाग स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 पर शासन की मंशा तथा उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये किये गये नवीन प्रावधानों पर विचार व्यक्त कर उद्योगपतियों को अधिक से अधिक निवेश के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि हमारी औद्योगिक नीति काफी अच्छी है, इसमें कई ऐसे प्रावधान है जो उद्योगों को बढ़ावा देने में सहयोगी है। ऐसी नीतियों से प्रदेश में सकारात्मक माहौल निर्मित होगा और उद्योग व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।कार्यक्रम में उपस्थित उद्योगपतियों से उन्होंने कहा कि आप हमारी नीति का प्रदेश से बाहर भी प्रचार-प्रसार करे और व्यापार का ऐसा वातावरण बनाए कि छत्तीसगढ़ में ज्यादा से ज्यादा निवेश हो। कलेक्टर ने कहा की प्रशासन और इंडस्ट्रीज सेक्टर मिलकर ऐसा कार्य करेंगे कि छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति तेजी से हो, युवाओं को रोजगार मिले और हमारे प्रदेश का नाम पूरे देश में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाए। औद्योगिक विकास के लिए आप सभी को प्रशासन स्तर पर हर संभव सहयोग किया जाएगा।कार्यशाला का आयोजन रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह की अध्यक्षता, सीएसआईडीसी के कार्यपालक संचालक श्री आलोक त्रिवेदी व उद्योग संचालनालय से संयुक्त संचालक श्री शिव राठौर की उपस्थिति में किया गया। इस कार्यशाला में रायपुर संभाग में स्थापित उद्योगों के प्रतिनिधि और सीए प्रतिभागी के रूप में उपस्थित रहे।कार्यशाला में केंद्र सरकार द्वारा एमएसएमई उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये जारी रैम्प स्कीम की विस्तृत जानकारी ईवाय की टीम द्वारा दी गई। साथ ही राज्य की नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-30 पर विस्तृत परिचर्चा कर प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया गया।इस कार्यशाला का आयोजन उद्योग विभाग द्वारा किया गया, जिसमें जिला व्यापार उद्योग केंद्र, रायपुर के मुख्य महाप्रबंधक के साथ गरियाबंद, धमतरी और महासमुंद के महाप्रबंधक उपस्थित रहे।औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के विशेष प्रावधानइस नीति के माध्यम से राज्य के युवाओं के लिए कौशलयुक्त रोजगारों का सृजन करते हुए अगले 5 वर्षों में 5 लाख नए औपचारिक क्षेत्रों में रोजगार का लक्ष्य रखा गया है।इस नीति में स्थानीय श्रमिकों को औपचारिक रोजगार में परिवर्तित करने के लिए प्रशिक्षण कर प्रोत्साहन का प्रावधान करते हुए 1000 से अधिक रोजगार प्रदाय करने वाली इकाईयों को प्रोत्साहन के अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान में सहभागिता के लिए अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीर, भूतपूर्व सैनिकों (जिनमें पैरा मिलेट्री फोर्स भी सम्मिलित है), नक्सल प्रभावित, आत्म-समर्पित नक्सलियों एवं तृतीय लिंग के उद्यमों का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान किया गया है।औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की परिभाषा को भारत सरकार द्वारा परिभाषित एमएसएमई के अनुरुप किया गया है।इस नीति के अंतर्गत युवा अग्निवीरों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों को स्वयं के रोजगार धन्धे स्थापित करने पर विशेष अनुदान एवं छूट का प्रावधान किया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को स्वयं का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए इन वर्गों के उद्यमियों को मात्र 1 रूपये प्रति एकड़ की दर पर औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि दी जा रही है।औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विशिष्ट श्रेणी के उद्योगों जैसे फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाईल, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा गैर काष्ठ वनोपज प्रसंस्करण, कम्प्रेस्ड बॉयो गैस, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटीलिजेंस (ए.आई), रोबोटिक्स एण्ड कम्प्यूटिंग (जी.पी.यू), आई.टी., आई.टी.ई.एस./डेटा सेंटर जैसे नवीन सेक्टरों के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान है।
- दुर्ग, / औद्योगिक विकास नीति 2024-30, रैमपी योजना एवं उपयोगकर्ता प्रतिक्रिया और संवेदीकरण के तहत व्यापार करने में आसानी के लिए कार्यशाला का आयोजन 04 अप्रैल 2025 को दोपहर 12 बजे कला मंदिर सिविक सेंटर भिलाई में किया गया है। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के मुख्य महाप्रबंधक के अनुसार कलेक्टर दुर्ग की अध्यक्षता व उद्योग संचालनालय रायपुर के अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यशाला में विभिन्न औद्योगिक समूह भी सम्मिलित होंगे।
- दुर्ग, / परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना धमधा के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं के रिक्त पदों पर भर्ती किया जाना है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के लिए आवेदन 04 से 21 अप्रैल तक एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय धमधा में कार्यालयीन समय में सीधे अथवा पंजीकृत डॉक द्वारा जमा किया जा सकता है। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त आवेदन स्वीकार नही किए जाएंगे।आंगनबाड़ी केन्द्र तितुरघाट केन्द्र क्रमांक 02, परोड़ा केन्द्र क्रमांक 02, देउरकोना केन्द्र क्रमांक 02, पेण्ड्री (गो.) केन्द्र क्रमांक 03, बडे़पुरदा केन्द्र क्रमंाक 03, सिल्ली केन्द्र क्रमांक 02, करेली केन्द्र क्रमांक 03 एवं पथरिया (डो.) में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सहायिका के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं।आवेदन के लिए अर्हताएं- आवेदिका की आयु 18-44 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। 1 वर्ष या अधिक सेवा अनुभव रखने वाली कार्यकर्ता, सहायिका, सह सहायिका, संगठिता को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाएगी। आवेदिका उसी ग्राम की स्थाई निवासी होना चाहिए जिस ग्राम में आंगनबाड़ी केन्द्र स्थित है। शहरी क्षेत्रों में आवेदिका उसी वार्ड की निवासी होना चाहिए।निवासी होने के प्रमाण में- ग्राम की अद्यतन मतदाता सूची में नाम दर्ज एवं नगरी क्षेत्र होने पर संबंधित वार्ड की अद्यतन मतदाता सूची में नाम दर्ज हो तो आवेदन पत्र में उसके कमांक का उल्लेख कर प्रतिलिपि लगाई जाए अथवा ग्राम पंचायत के सरपंच तथा सचिव द्वारा संयुक्त हस्ताक्षरित अथवा पटवारी तथा नगरीय निकायों में वार्ड पार्षद अथवा पटवारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र जिसमें वार्ड एवं ग्राम में निवासरत रहने का पता सहित स्पष्ट उल्लेख हो, मान्य किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद हेतु 12वी अथवा 11वीं बोर्ड उत्तीर्ण, आंगनबाड़ी सहायिका पद हेतु 8वीं बोर्ड उत्तीर्ण होना चाहिए।
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रायपुर - आज नगर पालिक निगम रायपुर के राजस्व विभाग के अध्यक्ष श्री अवतार भारती बागल ने निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के तृतीय तल के सभाकक्ष में निगम राजस्व उपायुक्त डॉक्टर अंजलि शर्मा, राजस्व अधिकारी श्री खीरसागर नायक, सभी सहायक राजस्व अधिकारियों की प्रथम परिचयात्मक बैठक लेकर राजस्व विभाग के कार्यों, राजस्व वसूली कार्य की जानकारी प्राप्त की और नगर निगम रायपुर के सभी बड़े बकायादारों से बकाया राजस्व वसूली नियमानुकूल कड़ाई के साथ करने निर्देशित किया. राजस्व विभाग अध्यक्ष ने अधिकारियों से निगम हित में अधिकाधिक राजस्व वसूली करने और नगर निगम की आय बढ़ाने हेतु चर्चा की. साथ ही नगर निगम रायपुर की शेष बची दुकानों का विक्रय करने पर चर्चा की गयी.
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रायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर को सेवाएं देकर आज सेवानिवृत्त हुए नगर निगम जोन 6 के जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री संजीव शर्मा का जोन 6 कार्यालय में निगम को सेवाएं देने पर श्रीफल, शाल, स्मृतिचिन्ह देकर सम्मान निगम जोन 6 जोन कमिश्नर श्री रमेश जायसवाल और कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा सहित जोन 6 के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर किया और सेवानिवृत्त जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री संजीव शर्मा ने को सुखी, समृद्ध, स्वस्थ, दीर्घायु जीवन हेतु हार्दिक शुभकामनायें दीं.
- बिलासपुर । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल में 69वॉ रेल सेवा पुरस्कार समारोह का आयोजन कल दिनांक 04 अप्रैल 2025 को प्रातः 11 बजे नार्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट सभागार में किया जाएगा। मंडल रेल प्रबंधक, श्री राजमल खोईवाल इस समारोह के मुख्य अतिथि तथा मंडल सेक्रो अध्यक्षा श्रीमती भगवती खोईवाल विशिष्ट अतिथि होंगे।इस समारोह में मंडल के 56 रेल कर्मियों तथा विभिन्न विभागों को 11 रनिंग शील्ड विगत वर्ष उनके द्वारा किये गये उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत किया जाएगा ।इस अवसर पर मंडल के अधिकारीगण, कर्मचारीगण मान्यता प्राप्त संगठनों, एसोशिएशनों के पदाधिकारी, सेक्रो की सदस्याएं सहित रेलवे कर्मचारीगण उपस्थित रहेंगे ।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने 8 विशेषज्ञ चिकित्सकों व 31 चिकित्सा अधिकारियों के संविदा नियुक्ति आदेश जारी-स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने जारी किया आदेश-ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला अस्पतालों को मिले नए चिकित्सा अधिकारी व विशेषज्ञ चिकित्सकरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने व स्वास्थ्य सेवाओं की प्रदायगी हेतु पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा पदों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों व चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न शासकीय स्वास्थ्य केन्द्रों में में 31 चिकित्सा अधिकारियों (संविदा) व 08 विशेषज्ञ चिकित्सकों (संविदा) की पदस्थापना की गई है। जिससे त्वरित इलाज में तेजी आएगी और चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। इन डॉक्टरों को संबंधित जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला चिकित्सालयों में पदस्थ किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा आज इन नवीन संविदा चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं।विशेषज्ञ चिकित्सकों (संविदा) के जारी आदेश में डॉ. रितु बघमार जिला अस्पताल बलौदा बाजार-भाठापारा, डॉ. गौरव दानी जिला अस्पताल बेमेतरा, डॉ अशफाक हुसैन जिला अस्पताल दंतेवाड़ा, डॉ संतराम चुरेन्द्र व डॉ. ऋचा वर्मा की जिला अस्पताल दुर्ग, डॉ संजय कुमार सिंह जिला अस्पताल जांजगीर चांपा, डॉ मिलिंद मनोहर देवधर, शहरी सामुदायिक केन्द्र रायपुर व डॉ शिवम जायसवाल की जिला अस्पताल सूरजपुर में पदस्थापना की गई है।
- -बस्तर पंडुम की चर्चा देश-विदेश में - श्री केदार कश्यप-उप मुख्यमंत्री और वनमंत्री ने किया बस्तर पंडुम के संभागीय स्तरीय कार्यक्रम का उद्घाटन-मंत्रियों ने स्टॉल का अवलोकन करने सहित स्थानीय व्यंजन का स्वाद लेकर की सराहना-रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ बस्तर पंडुम का आयोजनरायपुर। राज्य शासन द्वारा बस्तर की समृद्ध जनजातीय कला एवं संस्कृति के धरोहर को पुनर्जीवित कर इसे देश और वैश्विक पटल पर रखने सहित स्थानीय जनजातीय समुदाय के लोगों को अमिट पहचान और समुचित सम्मान दिलाने के उद्देश्य से बस्तर पंडुम 2025 यथा बस्तर का उत्सव का भव्य संभागीय स्तरीय कार्यक्रम आयोजन दंतेवाड़ा के हाईस्कूल मैदान में किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने बस्तर पंडुम के संभागीय स्तरीय कार्यक्रम का उद्घाटन किया।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि नवरात्रि के अवसर पर बस्तर की वैभव-गौरवशाली संस्कृति को सहेजने और संवारने सहित वैश्विक पटल पर पहुंचाने के लिए सरकार ने बस्तर पंडुम कार्यक्रम का आयोजन किया है। जिससे बस्तर की संस्कृति, परंपरा को दुनिया के लोगों को जानने-समझने का अवसर मिलेगा। बस्तर अद्भुत सांस्कृतिक परम्परा, रीति रिवाज और जनजातीय व्यंजन से समृद्ध है, इस पावन धरा में जन्म लेना सौभाग्य की बात है। इस क्षेत्र में मेरा जन्म ना होने से यहाँ की संस्कृति और अनेक स्वादिष्ट व्यंजन से मैं वंचित रहा हूँ पर आज इस कार्यक्रम में मुझे बस्तर की सभी स्वाद का अनुभव करने का अवसर मिला। उन्होंने बस्तर में सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु सार्थक प्रयास करने की बात कही ।वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर पंडुम की चर्चा देश-विदेश में हो रही है लोग बस्तर की संस्कृति को समझने के लिए लालायित हो रहे हैं। इसके साथ ही बस्तर क्षेत्र के स्थानीय व्यंजन, वेशभूषा- आभूषण जोे विलुप्तप्राय हैं ऐसी समृद्ध संस्कृति को बचाने की पहल बस्तर पंडुम के माध्यम से की जा रही है। इस कार्यक्रम में समूचे संभाग के जिलों के प्रतिभागियों द्वारा शानदार प्रदर्शनी लगाई गई है। उन्होंने दंतेवाड़ा का फाल्गुन मंडई और बस्तर में आयोजित बस्तर दशहरा को सामाजिक समरसता का प्रतीक निरूपित करते हुए कहा कि समाज के लोग इस परंपरा को संवर्धित कर रहे हैं। हमारे बस्तर क्षेत्र में जन्म से मृत्यु तक पंडुम मनाते हैं। इस समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का संदेश देने में हमारी परंपरा, रीति -रिवाज की अहम भूमिका है। कार्यक्रम में विधायक श्री चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी ने भी संबोधित किया। संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य ने कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी ।कार्यक्रम के शुरुआत में दोनों मंत्रियों ने प्रदर्शनी में लगे जनजातीय कला स्टॉल का अवलोकन कर प्रदर्शनी में लगे जनजातीय संस्कृति के वाद्य यंत्र का वादन किया और स्थानीय एवं जनजातीय व्यंजन का स्वाद लेकर सराहना किए। इस अवसर पर विधायक दंतेवाड़ा श्री चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय, सीईओ श्री जयंत नाहटा सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।इस मौके पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ बस्तर पंडुम का भव्य आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम 2025 के अन्तर्गत सात विधाएं शामिल की गई है। जिसमें संभाग के सातों जिलों के विजेताओं के मध्य प्रतियोगिता आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में जनजातीय नृत्यों के तहत गेड़ी, गौर-माड़िया, ककसाड़, मांदरी, हुलकीपाटा, परब सहित लोक गीत श्रृंखला के तहत जनजातीय गीत-चौतपरब, लेजा, जगारगीत, धनकुल, हुलकी पाटा (रीति-रिवाज, तीज त्यौहार, विवाह पद्धति एवं नामकरण संस्कार आदि) जनजातीय नाट्य श्रेणी में भतरा नाट्य जिन्हें लय एवं ताल, संगीत कला, वाद्य यंत्र, वेशभूषा, मौलिकता, लोकधुन, वाद्ययंत्र, पारंपरिकता, अभिनय, विषय-वस्तु, पटकथा, संवाद, कथानक के मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया। इसके अलावा जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन के तहत धनकुल, ढोल, चिटकुल, तोड़ी, अकुम, झाब, मांदर, मृदंग, बिरिया ढोल, सारंगी, गुदुम, मोहरी, सुलुङ, मुंडाबाजा, चिकारा शामिल रहे। जिन्हें संयोजन, पारंगता, प्रकार, प्राचीनता के आधार पर अंक दिए गए। जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण का प्रदर्शन विधा में लुरकी, करधन, सुतिया, पैरी, बाहूंटा, बिछिया. ऐंठी, बन्धा, फुली, धमेल, नांगमोरी, खोचनी, मुंदरी, सुर्रा, सुता, पटा, पुतरी, नकबेसर जैसे आभूषण में एकरूपता, आकर्षकता, श्रृंगार, पौराणिकता को महत्व दिया गया। जनजातीय शिल्प एवं चित्रकला का प्रदर्शन विधा के अंतर्गत घड़वा, माटी कला, काष्ठ, ढोकरा, लौह प्रस्तर, गोदना, भित्तीचित्र, शीशल, कौड़ी शिल्प, बांस की कंघी, गीकी (चटाई), घास के दानों की माला प्रदर्शन प्रस्तुतियां हुई। साथ ही जनजातीय पेय पदार्थ एवं व्यंजन का प्रदर्शन-सल्फी, ताड़ी, छिंदरस, लांदा, कोसरा, जोन्धरा एवं मडि़या पेज, चापड़ा चटनी, सुक्सी पुड़गा,मछरी पुड़गा,मछरी झोर, आमट साग, तिखुर, बोबो इत्यादि के बनाने की विधि, स्थानीय मसाले, स्वाद, प्रकार का प्रस्तुतिकरण बस्तर पंडुम 2025 के मुख्य आकर्षण हैं।








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