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सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
बालोद/राज्यपाल श्री रमेन डेका मंगलवार 01 अपै्रल एवं बुधवार 02 अपै्रल को बालोद जिले के प्रवास पर रहेंगे। जिला प्रशासन द्वारा जिले में राज्यपाल के प्रवास कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज कलेक्टोरेट परिसर में निर्धारित स्थानों का भ्रमण कर राज्यपाल श्री रमेन डेका के प्रवास कार्यक्रम के तैयारियों का जायजा लिया। इसके अंतर्गत उन्हांेने राज्यपाल का संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के अलावा परेड एवं सलामी स्थल तथा राज्यपाल द्वारा संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौध रोपण हेतु निर्धारित स्थल का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस एवं राज्यपाल कार्यालय के सुरक्षा अधिकारियों के साथ राज्यपाल के आगमन एवं प्रस्थान के निर्धारित रूट एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को जिले में राज्यपाल के प्रवास कार्यक्रम को सफल एवं बेहतर बनाने हेतु सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक, एसडीएम श्री सुरेश साहू सहित राज्यपाल कार्यालय के अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। - बिलासपुर/ विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार शराब के सेवन से पूरे विश्व में प्रतिवर्ष 20 लाख व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। नशापान से मुख्य रूप से कैंसर, अस्थमा, हृदयघात, उच्च रक्तचाप, अल्सर, मधमेह, नेत्रों की खराबी, नपुंसकता, पागलपन, उदररोग, क्षयरोग आदि व्याधियां होती है। इसके साथ ही पारिवारिक कलह, आर्थिक समस्या, सामाजिक प्रतिष्ठा में गिरावट की स्थिति नशा पीड़ित व्यक्तियों में परिलक्षित होती है। मादक द्रव्यों एवं पदार्थों का दुरुपयोग करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण की अपरिहार्यता के दृष्टिगत् रखते हुये गांव से शहर तक नशामुक्ति अभियान के तहत् जनजागरुकता कार्यक्रम का आयोजन जिले के समाज सेवी संस्थाओं तथा विभागीय कलाकारों के माध्यम से विभिन्न विकासखंडों एवं शासकीय,अशासकीय संस्थाओं में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।नशामुक्ति अभियान के तहत् विकासखंड कोटा में रथ के माध्यम से, शिवतराई कोटा में राष्ट्रीय सेवा योजना जी.जी. यू द्वारा, नशा मुक्ति केन्द्र लोखंडी, जस्टिस तन्खा मेमोरियल बिलासपुर, ब्रम्हकुमारी प्रजापति, गायत्री परिवार एवं आश्रयदत्त कर्मशाला, बिलासपुर आदि में नुक्कड़ नाट्य, शपथ, जनजागरुकता रैली, संगोष्ठी आदि के माध्यम से कार्यक्रम आयोजित कर लोगों के बीच जागरुकता फैलाय गयी। उक्त कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्रीमती सरस्वती रामेश्री, परिवीक्षा अधिकारी, श्रीमती सरस्वती जायसवाल, श्री प्रशांत मोकाशे, सहायक सांख्यिकी अधिकारी, बीना दीक्षीत, सौरभ दीवान, अजय धुर्वे, वमशी कृष्णा, विजय केशकर, एल.डी भांगे, दादूलाल बरेठ, राजेश सिसोदिया, कौशल कश्यप, राधेश्याम यादव, पुनाराम ध्रुव, अजय सिंह, एवं समाज सेवी संस्था सत्यभामा अवस्थि, शोभना शुक्ला,एस.पी.चतुर्वेदी, जगदीश सिंह राजा आदि उपस्थित थे।
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रायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ दिनांक 1 अप्रेल 2025 मंगलवार को प्रातः 11 बजे चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर रायपुर नगर पालिक निगम जोन 2 के कार्यालय में पहुंचकर जोन के पदेन अध्यक्ष का पदभार सम्हालेंगे और पदभार ग्रहण करने के तत्काल पश्चात सबसे पहले जोन क्रमांक 2 क्षेत्र के अंतर्गत कार्यरत 50 सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों को सम्मानित करते हुए उनका अभिनन्दन करेंगे. उसके पश्चात श्री सूर्यकान्त राठौड़ जोन 2 कार्यालय में वार्ड पार्षदों और जोन अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक लेकर जोन के सभी विभागों के कार्यों की समीक्षा कर जोन क्षेत्र के सभी वार्ड पार्षदों और अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ समन्वय बनाकर नगर निगम जोन क्रमांक 2 के पदेन अध्यक्ष का कार्य दायित्व निभाएंगे.
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बिलासपुर/ग्रामीण विकास मंत्रालय एवं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा संचालित महिला सिलाई व ब्यूटी पार्लर मैनेजमेंट उद्यमी (महिला) प्रशिक्षण अवधि 01.04.2025 से 30.04.2025*कॉस्टयूम ज्वैलरी निर्माण दिनांक* 01.4 2025 से 13.4.2025 तक हेतु बिलासपुर, मुंगेली एवं गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के ग्रामीण बेरोजगार से आवेदन आमंत्रित किया जाता है I
35 -35 हितग्राहियों का चयन आवेदन की प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा Iदस्तावेज आधार कार्ड , राशन कार्ड या मनरेगा कार्ड ,स्वयं का बैंक पासबुक ,(समस्त 3 प्रति)फोटो 5 प्रति शैक्षणिक योग्यता कम से कम 8 वीं पास आयु 18 से 45 वर्षपूर्णतः निःशुल्क ,आवासीय, भत्ता तथा प्रशिक्षण के व्यवस्था के साथ पता एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान कोनी थाना के पास तुर्काडीह पुल के सामने ,बिलासपुर। - *पीडब्ल्यूडी के सभाकक्ष में स्व सहायता समूहों के लाभार्थियों से भेंट एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में विभागवार करेंगे चर्चा*दुर्ग / छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका आज और कल दुर्ग जिले के प्रवास पर रहेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्यपाल श्री डेका 31 मार्च 2025 को शाम 6.45 बजे राजभवन रायपुर से बीएसपी हाई स्कूल सेक्टर-7 ग्राउंड भिलाई के लिए कार द्वारा प्रस्थान कर शाम 7.30 बजे भिलाई पहुचेंगे और एक शाम श्री राम खाटू श्याम के नाम कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे रात्रि 8 बजे कार द्वारा सर्किट हाउस दुर्ग के लिए प्रस्थान कर रात्रि 8.05 बजे सर्किट हाउस दुर्ग पहुचेंगे। राज्यपाल यहाँ पर रात्रि विश्राम करेंगे। राज्यपाल श्री डेका 01 अप्रेल 2025 को पूर्वान्ह 10.55 बजे सर्किट हाउस से कार द्वारा प्रस्थान कर पूर्वान्ह 11 बजे पीडब्लयूडी के सभाकक्ष पहुचेंगे और स्व सहायता समूह व केंद्रीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की बैठक में शामिल होंगे। वे दोपहर 12.30 बजे कार द्वारा पीडब्ल्यूडी सभाकक्ष से प्रस्थान कर दोपहर 12.35 बजे सर्किट हाउस दुर्ग पहुंचेंगे। राज्यपाल श्री डेका अपरान्ह 1.30 बजे सर्किट हाउस दुर्ग से कार द्वारा बालोद के लिए प्रस्थान करेंगे।
- -बारहमासी आवागमन की सुविधा होगी-सीआरपीएफ के जवान पुल पर मोर्चा लगाकर दे रहे हैं सुरक्षारायपुर / कभी नक्सलियों के अभेद किला जाने वाले अबूझमाड़ अब उनके के लिए सुरक्षित नहीं रह गया है, यहां भी जवानों के द्वारा लगातार ऑपरेशन चलाकर बड़ी सफलताएं हासिल की जा रही हैं। पहुंचविहीन माड़ तक अब बारिश में भी आवाजाही हो सकेगी, माड़ तक जाने वाले रास्ते में सबसे बड़ी बाधा अब तक इंद्रावती नदी ही रही है, चाहे दंतेवाड़ा की तरफ से या बीजापुर की तरफ से, दंतेवाड़ा में इंद्रावती में पहले ही दो पुल बनकर तैयार हो गए हैं, एक छिंदनार में और दूसरा करका घाट में, जिससे अबूझमाड़ के 50 से अधिक गांव के लोगों को सुविधा मिल रही है।उसी इंद्रावती में अब तीसरा पुल फुंड़री के पास बन रहा है, इस पुल का 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है 20 प्रतिशत बचा हुआ काम भी बारिश तक पूरी हो जाएगी। इस पुल के शुरू होने से 12 ग्राम पंचायत के 50 से अधिक गांव के लोग बीजापुर जाने वाली नेशनल हाइवे 63 से सीधे जुड़ जाएंगे। जिस माड़ तक अभी तक पहुंचना आसान नहीं था वह अब सीधे नेशनल हाइवे से जुड़ जाएगा।648 मीटर लंबा बन रहा है उच्च24 घंटे माड़ पर जवान रख रहे नजरइस पुल को बनाने के लिए सीआरपीएफ का कैंप इंद्रावती नदी के किनारे लगाया गया है, जवान 24 घंटे माड़ से होने वाली हर गतिविधियों को नाकाम कर पुल तैयार करवा रहे हैं। पुल के ऊपर ही जवानों ने मोर्चा बना रखा है और बैरियर में हर आने-जाने वालों से पूछताछ होती है।यह उच्च स्तरीय पुल फुंडरी में इंद्रावती नदी पर 35 करोड़ 60 लाख की लागत से 648 मीटर लंबा पुल बन रहा है, वहीं 208 मीटर नेशनल हाइवे और 242 मीटर बांगोली की तरफ एप्रोच सड़क भी तैयार की जा रही।पुल बनते ही अबूझमाड़ का तीसरा द्वार शुरू हो जाएगा जवानों की भी अबूझमाड़ में दस्तक बढ़ जाएगी, अभी बारिश में यहां नक्सली ट्रेनिग कैंप चलाते है। बारिश भर इंद्रावती उफान पर रहती है, नक्सली यहां बारिश के 4 महीने स्वतंत्र होकर अपनी गतिविधियां चलाते थे, अब उस पर भी अंकुश लग जाएगा। उल्लेखनीय है कि 2018 में सुरक्षा के बीच इस पुल का काम शुरू हुआ था, नक्सलियों द्वारा पुल निर्माण में बाधा डालने प्रेशर आईईडी लगा जवानों को नुकसान पहुंचाने यहां हमेशा प्रयास करते हैं।
- -सिंधी समाज के त्याग, तप और तरक्की को किया नमनरायपुर, /छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जयस्तंभ चौक, रायपुर में भगवान झूलेलाल की जयंती और चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) पर्व पर आयोजित शोभायात्रा का पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत किया। यह शोभायात्रा नगर भ्रमण के बाद जयस्तंभ चौक पहुंची, जहां मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धा और उल्लास के साथ शामिल होकर समूचे सिंधी समाज को पर्व की शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री ने इस पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को भगवान झूलेलाल जयंती, चेट्रीचण्ड्र पर्व, हिंदू नववर्ष एवं नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान झूलेलाल केवल सिंधी समाज के आराध्य नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, साहस और सेवा भाव के प्रतीक हैं। चेट्रीचण्ड्र का यह पर्व नए वर्ष की उम्मीद, विश्वास और विजय की शुरुआत है।मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान झूलेलाल और मां भवानी से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कहा किnनवरात्रि के साथ प्रारंभ हो रहे इस शुभ समय में हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि समाज और देश के लिए मिलकर काम करें।”मुख्यमंत्री ने सिंधी समाज के संघर्षों, परिश्रम और उपलब्धियों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि देश के विभाजन के बाद जब सिंधी समाज को अपना सबकुछ छोड़कर नए सिरे से जीवन शुरू करना पड़ा, तब भी आपने हार नहीं मानी। आपकी कर्मठता, एकजुटता और आत्मबल ने आपको देश के हर कोने में सम्मानजनक स्थान दिलाया है।मुख्यमंत्री ने भारत रत्न श्री लालकृष्ण आडवाणी जी का विशेष रूप से स्मरण करते हुए कहा कि आडवाणी जी जैसे महान नेता सिंधी समाज की प्रेरणा हैं, जिन्होंने उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री जैसे दायित्वों को निभाकर राष्ट्रनिर्माण में अविस्मरणीय योगदान दिया।उन्होंने आगे कहा कि सिंधी समाज का योगदान व्यापार, संस्कृति, शिक्षा और राष्ट्रसेवा के हर क्षेत्र में अनुकरणीय है। आपकी एकजुटता और पारिवारिक मूल्य आज भी नई पीढ़ी को रास्ता दिखाते हैं।इस अवसर पर रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री किरण देव, श्री पुरंदर मिश्रा, सिंधी काउंसिल के अध्यक्ष श्री ललित जयसिंघ, श्री श्रीचंद सुंदरानी, श्री संजय श्रीवास्तव, पार्षद अमर गिदवानी, फिल्म अभिनेत्री श्रीमती भाग्यश्री सहित अनेक गणमान्यजन, जनप्रतिनिधि और समाज के पदाधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ईद-उल-फितर की मुबारकबाद देते हुए सभी प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और शांति की कामना की है। उन्होंने कहा कि ईद का त्यौहार इंसानियत, भाईचारे और सौहार्द्र का प्रतीक है। यह पर्व मिलजुलकर रहने, भेदभाव मिटाने और सौहार्द्र बढ़ाने का संदेश देता है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय मधुकर खेर की पुण्यतिथि (31 मार्च) पर उन्हें स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में हिंदी और अंग्रेजी पत्रकारिता को समृद्ध करने में उनका योगदान अमूल्य है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्व. श्री मधुकर खेर ने अपनी निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहितकारी पत्रकारिता के माध्यम से समाज को जागरूक करने, जनसमस्याओं को सामने लाने और सकारात्मक बदलाव को प्रेरित करने का कार्य किया। उनकी लेखनी न केवल सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रही, बल्कि जनचेतना को प्रखर बनाने का माध्यम भी बनी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री खेर का समर्पण और उनकी पत्रकारिता की विरासत आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है। उनके विचार, सिद्धांत और मूल्य हमें निष्पक्ष, सशक्त और समाजोन्मुखी पत्रकारिता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
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- विधायक चन्द्राकर ने हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास की सौंपी चाबी
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के घरों में हुआ प्रवेश
- आवास योजना के तहत जिले में ऐतिहासिक प्रगति: ग्रामीणों के जीवन में बदलाव
दुर्ग/प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आज कोलिहापुरी पंचायत भवन में महागृह प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया। इस दिन का महत्व हिंदू नववर्ष, चैत्र प्रतिपदा और नवरात्रि के शुभ अवसर पर और भी बढ़ गया। हजारों ग्रामीण परिवारों ने अपने नवनिर्मित पक्के घर में प्रवेश किया। यह दिन उनके लिए सपना सच होने जैसा था और इस उत्सव ने उन्हें आत्मनिर्भर और सुरक्षित जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाने का मौका दिया।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दस लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से मकान की चाबी सौंपी और दस अन्य हितग्राहियों को आवास स्वीकृति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने इस योजना को गरीबों और जरूरतमंदों के लिए एक वरदान बताया। विधायक श्री चंद्राकर ने कहा कि घर हर व्यक्ति का सपना होता है और यह सपना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए लाखों गरीब परिवारों के लिए साकार हो रहा है। इस योजना के अंतर्गत सभी पात्र हितग्राहियों को पक्का घर मिल रहा है, जिससे उनका जीवन बेहतर हो रहा है और उनकी सामाजिक स्थिति में सुधार आ रहा है।
विधायक श्री चंद्राकर ने कहा कि दुर्ग जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सर्वाधिक आवासों का निर्माण कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। यह प्रदेश के विकास और इस योजना की प्रभावशीलता का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार और केन्द्र सरकार मिलकर गरीबों और जरूरतमंदों के लिए लगातार काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने न केवल गरीबों को घर दिया, बल्कि महिलाओं के लिए कई योजनाएं लागू कीं, जैसे उज्ज्वला योजना, जन-धन योजना, और अन्य योजनाओं के माध्यम से उन्होंने महिलाओं को सशक्त बनाया और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए।
विधायक श्री ललित चंद्राकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार ने कई योजनाओं के माध्यम से गरीबों की मदद की है। प्रधानमंत्री ने जन-धन योजना के तहत करोड़ों लोगों के बैंक खाते खोलने का काम किया, ताकि हर नागरिक को बैंकिंग सेवाएं मिल सकें और लाभ सीधे उनके खातों में पहुंचे। साथ ही उज्ज्वला योजना के तहत गरीब महिलाओं को गैस कनेक्शन दिए गए, ताकि वे चूल्हे से होने वाली बीमारियों से बच सकें और सुरक्षित जीवन जी सकें। इसके अलावा, रोटी, कपड़ा और मकान इन तीन मुख्य जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। यह योजना ग्रामीण इलाकों में गरीबी उन्मूलन और समाज के कमजोर वर्ग को मुख्यधारा में लाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार के प्रयासों से आज लाखों परिवारों को उनका अपना घर मिल रहा है, जो उनके जीवन में सुख, समृद्धि और सुरक्षा लेकर आ रहा है।
कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने भी इस अवसर पर सभी हितग्राहियों को गृह प्रवेश की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज का दिन बहुत शुभ है, क्योंकि यह दिन उन परिवारों के लिए है, जो अब अपने पक्के घर में रहेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में अब तक की गई प्रगति का विवरण दिया। कलेक्टर ने बताया कि अब तक 9203 आवासों की स्वीकृति दी जा चुकी है, 5537 आवासों को पहली किश्त और 4409 आवासों को दूसरी किश्त मिल चुकी है। 2313 आवास पूरी तरह से तैयार हो चुके हैं और लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जिन लोगों का पक्का घर अभी तक नहीं बन पाया है, वे अपने ग्राम पंचायत में पंजीयन करा सकते हैं, और जिनके आवास अधूरे हैं, उन्हें स्थानीय आवास मित्रों की मदद से जल्द ही पूरा किया जाएगा। उन्होंने सभी ग्रामीणों से अपील की कि वे इस योजना का पूरा लाभ उठाएं और सभी प्रक्रियाओं को सही तरीके से पूरा करें, ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को इस योजना से वंचित न रहना पड़े। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे। -
भिलाई। नगर निगम भिलाई क्षेत्र में डेढ़ सौ से अधिक उद्यान है। सभी उद्यानों का रखरखाव एवं मेंटेनेंस का काम करना एक बड़ी जिम्मेदारी है। किसी भी नगर की आकर्षण एवं खूबसूरती मे प्रमुख स्थान वहां के उद्यानो का स्थान आता हैं। उद्यानों का उपयोग वहां के स्थानीय निवासियों द्वारा किया जाता है। नगर निगम भिलाई द्वारा बहुत सारे उद्यानों को व्यवस्थित करके वहां के स्थानीय निवासियों को समिति बनाकर के दिया जा रहा है। इसमें स्थानीय निवासी भी बहुत ही खुशी-खुशी इस कार्य को करने के लिए तैयार हो रहे हैं। इसमें दोनों पक्ष की भागीदारी हो रही है। नगर निगम को अपने सीमित संसाधन से सभी उद्यानों का मेंटेनेंस एवं रख रखा करने में परेशानी हो रही है। शासन से भी दिशा निर्देश प्राप्त है की जन भागीदारी से कार्यों को करना ज्यादा हितकारी है। उद्यान विभाग के प्रभारी अध्यक्ष श्रीमती नेहा साहू भी लोगों से मिलकर के प्रोत्साहित कर रही है। नेहरू नगर निवासी श्रीमती गीता मोदी ने बताया कि हमारे बगल में स्थित मिलेनियम पार्क बहुत ही आकर्षक हो गया है। हम सब महिलाएं बैठकर के यहां पर भजन कीर्तन रामायण करती हैं, हम लोग यहां सुबह योग प्राणायाम करते हैं। मीटिंग भी करते हैं। निगम के अधिकारी तुलेश्वर साहू पार्षद चंदेश्वरी बाधे बहुत सहयोग कर रही हैं। कोई भी बाहरी असामाजिक सामाजिक लड़के लड़कियां घूमते हुए मिलते हैं हम सब महिलाएं समूह बना करके जाती हैं उनको भगा देती हैं। अब उनका आना कम हो गया है मैं तो जोर से डांटती हूं । इसकी इसकी जिम्मेदारी हम सब लेने के तैयार हैं। इसका देखरेख करेंगे पानी डालेंगे। अभी मोर शहर मोर जिम्मेदारी के अंतर्गत देने के लिए प्रमुख रूप से तैयार उद्यान है। शिवाजी, मिलेनियम, महाराणा प्रताप, पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी, पिंक गार्डन, शास्त्री पार्क, हैप्पी गार्डन, सम्राट अशोक उद्यान, कोहका गार्डन ,परी गार्डन इत्यादि। महापौर नीरज पाल ने भी स्थानी नागरिकों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में लोग रुचि लेकर के अपने क्षेत्र के उद्यानों का देखरेख करें। इससे हमारा शहर व्यवस्थित रहेगा, निगम भी उसमें भरपूर सहयोग करेगा।
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भिलाई। पवित्र चैत्र नवरात्रि का पर्व शुरू हो गया है। बहुत सारे पैदल तीर्थ यात्री मां बमलेश्वरी के दर्शन के लिए पदयात्रा करते हैं। उनको किसी प्रकार की चलने में परेशानी ना हो इसके लिए नगर निगम भिलाई द्वारा जी रोड से लगा हुआ सर्विस रोड से मे सफाई एवं धुलाई का कार्य किया जा रहा है। जिससे तीर्थ यात्रियों को पदयात्रा में कोई परेशानी ना हो। इसमें यातायात विभाग एवं नगर निगम भिलाई के अधिकारी एवं कर्मचारी मिलकर के कार्य योजना बना रहे हैं। कुछ दिक्कतें आ रही है, नेशनल हाईवे विभाग द्वारा सड़क पर मेंटेनेंस का कार्य कराया जा रहा है। जिससे वाइब्रेटर मशीन से सड़क पर तोड़ने का कार्य किया जा रहा है। जिसके कारण बहुत गिट्टी के टुकड़े एवं मालवा रोड के किनारे बिखरे हैं। उसके उसको भी व्यवस्थित करने के लिए नेशनल हाईवे विभाग से संपर्क किया जा रहा है। वह भी ठीक किया जाएगा। अभी वर्तमान में सुविधा को देखते हुए जो भी व्यवस्था हो सकती है निगम भिलाई द्वारा किया जा रहा है। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, महापौर नीरज पाल, आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, ने सभी पद यात्रियों को शुभकामना देते हुए उनसे अपील की है कि सावधानी पूर्वक बताए हुए मार्ग से चले। निगम भिलाई द्वारा उन्हें पूरी सुविधा प्रदान की जाएगी। नगर निगम भिलाई के रैन बसेरा में रुक करके विश्राम कर सकते हैं। रास्ते में रोड के समीप बहुत सारे सुलभ शौचालय को व्यवस्थित कर दिया गया हैं उसका भी उपयोग कर सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर नगर निगम भिलाई के जोन कार्यालय दो एवं चार मुख्य कार्यालय में भी उनकी व्यवस्था की गई है। रास्ते में जगह-जगह पर डस्टबिन रखा हुआ है जो भी खाद्य सामग्री है। उसको इधर-उधर ना फेक डस्टबिन में डालें। कुछ समाजसेवी संस्थाओं द्वारा बीच में पद यात्रियों के खाने विश्राम करने की व्यवस्था की जाती है। उनसे भी आग्रह है कि अपने स्थल पर डस्टबिन रखें शहर को स्वच्छ एवं साफ रखने में सहयोग करें।
- -जागरुकता का संदेश दे रहे हल्क, थॉर और आयरनमैनरायपुर। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत रायपुर नगर निगम ने शहर के विभिन्न स्थानों की दीवारों पर रंग-बिरंगी और आकर्षक सेल्फी पॉइंट्स तैयार किए गए हैं। इसमें नागरिकों और खास तौर पर युवाओं को स्वच्छता के प्रति जागरूकता से जोड़ने के लिए एनिमेटेड हीरोज़ जैसे हल्क, थॉर और आयरनमैन की पेंटिंग्स का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही युवतियों के लिए तितली और पक्षी के पंखों की पेंटिंग से सेल्फी पॉइंट्स तैयार किया गया है। वहीं युवाओं में क्रिकेट के खुमार पर आधारित ग्रैफिटी के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है। साथ ही अनुपयोगी वस्तुओं से सजावट का काम किया गया है। इसको लेकर नागरिकों का अच्छा फीडबैक मिल रहा है और शहर की खूबसूरती भी बढ़ रही है।अगर आपने इन सेल्फी पॉइंट्स पर तस्वीरें खिंचवाई हैं, तो हमें टैग करें और अपने अनुभव साझा करें!#SelfiePoint #Graffiti#SwachhRaipur #SelfieWithSwachhata #SwachhBharatMission #Raipur
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रायपुर । आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का माना स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट में रायपुर पहुंचने पर राजधानी शहर की प्रथम नागरिक नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने समस्त नगरवासियों की ओर से उन्हें बुके प्रदत्त कर उनका आत्मीय स्वागत किया.। प्रधानमंत्री ने आज छत्तीसगढ़ राज्य की जनता को 33700 करोड़ रूपये की रेल, सड़क, बिजली की जन कल्याणकारी परियोजनाओं की एकमुश्त शानदार सौगातें दी हैँ.।
- -तीन लाख गरीबों का सपना हुआ पूरा, पहुंचे खुद के पक्के मकानों में-सोमारी पुनेम, दल्लुराम बैगा और जगतपाल राम को प्रधानमंत्री ने अपने हाथों से सौंपी नए आवास की चाबी-दूरस्थ वनांचलों में भी गरीबों और वंचितों के अब खुद के पक्के घर, सुरक्षा और सम्मान के साथ चिंतामुक्त रह रहे अपने सपने के आशियानों मेंबिलासपुर। छत्तीसगढ़ के तीन लाख गरीब परिवारों के लिए आज का दिन बेहद खास और अविस्मरणीय है। आज चैत्र नवरात्रि के पहले दिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें उनके सपनों के आशियानों में गृहप्रवेश कराया। इनमें बड़ी संख्या में दूरस्थ वनांचलों के गरीब और वंचित परिवार भी शामिल हैं। ये ऐसे परिवार हैं जो प्रधानमंत्री आवास जैसी योजना नहीं होती तो शायद ही कभी अपने खुद के पक्के मकान का सपना पूरा कर पाते। यह योजना प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों का बड़ा सपना पूरा कर रही है।प्रधानमंत्री ने आज बिलासपुर के मोहभट्ठा में दूरस्थ अंचलों के तीन आदिवासी परिवारों को खुद अपने हाथों से नए आवासों की चाबी सौंपी। बीजापुर जिले के चेरपाल पंचायत की श्रीमती सोमारी पुनेम, कबीरधाम जिले के ग्राम हाथीडोब के श्री दल्लुराम बैगा और जशपुर जिले के करदना पंचायत के पहाड़ी कोरबा श्री जगतपाल राम को जब प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रतीक रूप में मंच से उनके नवनिर्मित पक्के आवासों की चाबी सौंपी तो उनकी खुशियां देखते ही बनती थी।रोटी, कपड़ा और मकान हर इंसान की सबसे बुनियादी जरूरतें हैं। पिछड़े ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में जहां आज भी संसाधनों की भारी कमी है, वहां एक पक्का घर सिर्फ एक दीवार और छत नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का प्रतीक है।दीवारों की नहीं सपने के पूरे होने की मुस्कानराष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरबा समुदाय के जशपुर जिले के सुदूर अंचल में बसे ग्राम करदना के श्री जगतपाल राम वर्षों से एक टूटी-फूटी झोपड़ी में अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे। बरसात के मौसम में छत से पानी टपकता था, चारों ओर कीचड़ और भीतर डर का माहौल बना रहता था। सांप-बिच्छुओं का डर, हर साल झोपड़ी की मरम्मत का बोझ, और बिजली जैसी मूलभूत सुविधा का भी अभाव था।प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना जगतपाल के लिए उम्मीद की रोशनी लेकर आई। योजना के तहत मिली दो लाख रुपए की सहायता से जगतपाल ने साफ-सुथरा, मजबूत पक्का घर बनवाया जहां न केवल रहने के लिए कमरे हैं, बल्कि शौचालय और बिजली भी है। अब उनका परिवार मूसलाधार बारिश के थपेड़ो, जंगली जानवर और रात के अंधेरे के खतरों से सुरक्षित है।आज जब जगतपाल अपने घर के सामने बैठते हैं, तो उनके चेहरे पर संतोष की मुस्कान होती है। यह मुस्कान सिर्फ दीवारों की नहीं, बल्कि सपने के पूरे होने की मुस्कान है। जगतपाल की ही तरह हजारों गरीब और वंचित आदिवासी परिवारों की भी ऐसी ही कहानी है जिनका जीवन प्रधानमंत्री आवास योजना ने खुशियों से भर दिया है।टूटे सपनों को मिला सहारा और मिट्टी के आंगन में उग आई उम्मीद की छतवर्षों तक संघर्ष करते हुए सोमारी पुनेम ने कभी नहीं सोचा था कि उसके सिर पर एक दिन पक्की छत होगी। पति के निधन के बाद वह अपने बेटे के साथ एक छोटे से टपकते छप्पर के नीचे जीवन की अनगिनत कठिनाइयों के बीच अपना जीवन-यापन कर रही थी। नियद नेल्ला नार योजना शुरू होने के बाद जब उसे प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली, तो उसकी आंखें चमक उठी। वह बताती है - "मैंने अपने पास जो थोड़ी-बहुत बचत थी, वही लगाई। हर दिन मजदूरों के साथ बैठकर खुद ईंटें उठाई। घर बनता गया... और मेरा आत्मविश्वास भी। आखिरकार महीनों की मेहनत के बाद पक्का आवास बनकर तैयार हो गया। अब बारिश की बूंदें डर नहीं, राहत देती हैं... रातें भी सुकूनभरी लगती हैं। धूप से अब सिर्फ दीवारें नहीं, सम्मान भी बचता है।"बीजापुर के चेरपाल में रहने वाली 60 साल की सोमारी कहती है - "आज जब मैं अपने घर के दरवाजे से अंदर जाती हूं, तो लगता है कि मैं अकेली नहीं हूं। मेरे साथ मेरे स्वर्गीय पति का सपना भी इस घर में सांस ले रहा है।"प्रधानमंत्री आवास योजना ने सोमारी को सिर्फ एक मकान नहीं दिया। यह योजना उसके जीवन में भरोसे की नींव, आत्मसम्मान की दीवारें और भविष्य की छत बनकर उतरी है।"सिर पर पक्की छत नहीं थी... अब एक घर है जिसमें गरिमा और सुरक्षा दोनों हैं"विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के दल्लुराम बैगा कभी कच्ची मिट्टी और खपरैल के घर में भय और असुरक्षा के साये में रहते थे। बरसात में छत से टपकते पानी, कमजोर मिट्टी की दीवारें और रात के सन्नाटे में रेंगते जहरीले जीव-जंतु... ऐसे हालात में पूरे परिवार के साथ रहना रोज का संघर्ष था।प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत दल्लुराम का आवास स्वीकृत होने के बाद उसके सपनों के घर का सफर शुरू हुआ। आवास निर्माण के लिए दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता के साथ ही 95 दिनों की मनरेगा मजदूरी के रूप में 23 हजार रुपए भी मिले। अन्य योजनाओं से रसोई गैस, शौचालय और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं भी मिलीं। अब दल्लुराम और उसका परिवार न केवल सुरक्षित मकान में रह रहा है, बल्कि आत्मसम्मान और गर्व के साथ समाज में अपनी पहचान भी बना रहा है।
- -प्रधानमंत्री ने अभनपुर-रायपुर मेमू ट्रेन सेवा का किया शुभारंभरायपुर / रायपुर से नया रायपुर राजधानी क्षेत्र रेल नेटवर्क से जुड़ गया है। अब यहां आवागमन के लिए मेमू ट्रेन नियमित रूप से चला करेगी। रायपुर रेल्वे स्टेशन से मंदिर हसौद होते हुए नया रायपुर सीबीडी, केन्द्री होते हुए अभनपुर और अभनपुर से रायपुर ट्रेन के जरिए आवागमन हो सकेगा। इससे मंदिर हसौद, मंत्रालय, सचिवालय, नया रायपुर, अभनपुर आवागमन में सस्ता और आसान होगा। इससे शासकीय कर्मचारियों सहित नया रायपुर के नागरिकों और विद्यार्थियों को एक नई सुविधा सुलभ हो गई है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज छत्तीसगढ़ के मोहभट्ठा बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभनपुर-रायपुर मेमू ट्रेन सेवा का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस मौके पर छत्तीसगढ़ में 2,695 करोड़ रूपए की लागत से पूरी हो चुकी चार रेल परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करने के साथ ही उन्होंने 7 रेल परियोजनाओं की आधारशिला रखी।रायपुर अभनपुर मेमू ट्रेन का ठहराव मंदिर हसौद, सीबीडी, केंद्री और अभनपुर स्टेशनों पर होगा। रेल यात्री रायपुर से नवा रायपुर और अभनपुर की यात्रा कर सकेंगे, वो भी महज दस रुपये में। अभनपुर-रायपुर के बीच चलने वाली मेमू ट्रेन अत्याधुनिक थ्री-फेज़ है। बड़ी और खास बात ये है कि ये अत्याधुनिक ट्रेन ऊर्जा दक्षता, उच्च गति और बेहतर आराम के साथ यात्रियों को एक नया अनुभव प्रदान करेगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में भी कई रेल सेक्शनों में थ्री-फेज़ मेमू ट्रेनें चलाई जा रही हैं। हर कोच में सौंदर्यपूर्ण इंटीरियर, कुशन वाली सीटें, बड़ी खिड़कियां, स्लाइडिंग दरवाजे और मोबाइल चार्जिंग सॉकेट उपलब्ध है। जीपीएस-आधारित पीएपीआईएस के तहत डिस्प्ले स्क्रीन और लाउडस्पीकर प्रत्येक कोच में लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को स्टेशन की जानकारी मिलेगी। सीसीटीवी निगरानी प्रणाली भी उपलब्ध कराई गई है। प्रत्येक ट्रेलर कोच में पर्यावरण-अनुकूल बायो-टॉयलेट्स की सुविधा है।
- -प्रधानमंत्री जनमन योजना बनी आत्मसम्मान की छत – एक सजीव संवाद की प्रेरक कहानी-तीन लाख गरीबों का सपना हुआ पूरा, पहुंचे खुद के पक्के मकानों में-सोमारी पुनेम, दल्लुराम बैगा और जगतपाल राम को प्रधानमंत्री ने अपने हाथों से सौंपी नए आवास की चाबी-दूरस्थ वनांचलों में भी गरीबों और वंचितों के अब खुद के पक्के घर, सुरक्षा और सम्मान के साथ चिंतामुक्त रह रहे अपने सपने के आशियानों में-रायपुर, /प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जब बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में आयोजित आमसभा एवं विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास समारोह के दौरान हितग्राहियों से संवाद किया, तो मंच पर एक विशेष क्षण आया – प्रधानमंत्री और दल्लु राम बैगा के बीच सरल, संक्षिप्त किन्तु सजीव, आत्मीय एवं सारगर्भित संवाद।प्रधानमंत्री ने मुस्कराकर पूछा –“पक्का मकान बन गया है?”दल्लु राम ने हाथ जोड़कर जवाब दिया –“हां, बन गया है।”प्रधानमंत्री श्री मोदी ने फिर स्नेहपूर्वक पूछा –“अच्छा लग रहा है की नहीं?”भावुक दल्लु राम ने जवाब दिया“अच्छा लग रहा है।”प्रधानमंत्री ने अंत में पूछा –“बाकी सब ठीक है?”दल्लु राम ने आत्मविश्वास के साथ कहा –“ठीक है।”यह संवाद कोई औपचारिक प्रश्नोत्तर नहीं था, बल्कि विश्वास, संवेदना और साझेदारी का साक्षात चित्रण था।छत्तीसगढ़ के तीन लाख गरीब परिवारों के लिए आज का दिन बेहद खास और अविस्मरणीय है। आज चैत्र नवरात्रि के पहले दिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें उनके सपनों के आशियानों में गृहप्रवेश कराया। इनमें बड़ी संख्या में दूरस्थ वनांचलों के गरीब और वंचित परिवार भी शामिल हैं। ये ऐसे परिवार हैं जो प्रधानमंत्री आवास जैसी योजना नहीं होती तो शायद ही कभी अपने खुद के पक्के मकान का सपना पूरा कर पाते। यह योजना प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों का बड़ा सपना पूरा कर रही है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज बिलासपुर के मोहभट्ठा में दूरस्थ अंचलों के तीन आदिवासी परिवारों को खुद अपने हाथों से नए आवासों की चाबी सौंपी। बीजापुर जिले के चेरपाल पंचायत की श्रीमती सोमारी पुनेम, कबीरधाम जिले के ग्राम हाथीडोब के श्री दल्लुराम बैगा और जशपुर जिले के करदना पंचायत के पहाड़ी कोरवा श्री जगतपाल राम को जब प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रतीक रूप में मंच से उनके नवनिर्मित पक्के आवासों की चाबी सौंपी तो उनकी खुशियां देखते ही बनती थी। रोटी, कपड़ा और मकान हर इंसान की सबसे बुनियादी जरूरतें हैं। पिछड़े ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में जहां आज भी संसाधनों की भारी कमी है, वहां एक पक्का घर सिर्फ एक दीवार और छत नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का प्रतीक है।विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के दल्लुराम बैगा कभी कच्ची मिट्टी और खपरैल के घर में भय और असुरक्षा के साये में रहते थे। बरसात में छत से टपकते पानी, कमजोर मिट्टी की दीवारें और रात के सन्नाटे में रेंगते जहरीले जीव-जंतु... ऐसे हालात में पूरे परिवार के साथ रहना रोज का संघर्ष था।प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत दल्लुराम का आवास स्वीकृत होने के बाद उसके सपनों के घर का सफर शुरू हुआ। आवास निर्माण के लिए दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता के साथ ही 95 दिनों की मनरेगा मजदूरी के रूप में 23 हजार रुपए भी मिले। अन्य योजनाओं से रसोई गैस, शौचालय और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं भी मिलीं। अब दल्लुराम और उसका परिवार न केवल सुरक्षित मकान में रह रहा है, बल्कि आत्मसम्मान और गर्व के साथ समाज में अपनी पहचान भी बना रहा है।दीवारों की नहीं सपने के पूरे होने की मुस्कानराष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरबा समुदाय के जशपुर जिले के सुदूर अंचल में बसे ग्राम करदना के श्री जगतपाल राम वर्षों से एक टूटी-फूटी झोपड़ी में अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे। बरसात के मौसम में छत से पानी टपकता था, चारों ओर कीचड़ और भीतर डर का माहौल बना रहता था। सांप-बिच्छुओं का डर, हर साल झोपड़ी की मरम्मत का बोझ, और बिजली जैसी मूलभूत सुविधा का भी अभाव था।प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना जगतपाल के लिए उम्मीद की रोशनी लेकर आई। योजना के तहत मिली दो लाख रुपए की सहायता से जगतपाल ने साफ-सुथरा, मजबूत पक्का घर बनवाया जहां न केवल रहने के लिए कमरे हैं, बल्कि शौचालय और बिजली भी है। अब उनका परिवार मूसलाधार बारिश के थपेड़ो, जंगली जानवर और रात के अंधेरे के खतरों से सुरक्षित है।आज जब जगतपाल अपने घर के सामने बैठते हैं, तो उनके चेहरे पर संतोष की मुस्कान होती है। यह मुस्कान सिर्फ दीवारों की नहीं, बल्कि सपने के पूरे होने की मुस्कान है। जगतपाल की ही तरह हजारों गरीब और वंचित आदिवासी परिवारों की भी ऐसी ही कहानी है जिनका जीवन प्रधानमंत्री आवास योजना ने खुशियों से भर दिया है।टूटे सपनों को मिला सहारा और मिट्टी के आंगन में उग आई उम्मीद की छतवर्षों तक संघर्ष करते हुए सोमारी पुनेम ने कभी नहीं सोचा था कि उसके सिर पर एक दिन पक्की छत होगी। पति के निधन के बाद वह अपने बेटे के साथ एक छोटे से टपकते छप्पर के नीचे जीवन की अनगिनत कठिनाइयों के बीच अपना जीवन-यापन कर रही थी। नियद नेल्ला नार योजना शुरू होने के बाद जब उसे प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली, तो उसकी आंखें चमक उठी। वह बताती है - "मैंने अपने पास जो थोड़ी-बहुत बचत थी, वही लगाई। हर दिन मजदूरों के साथ बैठकर खुद ईंटें उठाई। घर बनता गया... और मेरा आत्मविश्वास भी। आखिरकार महीनों की मेहनत के बाद पक्का आवास बनकर तैयार हो गया। अब बारिश की बूंदें डर नहीं, राहत देती हैं... रातें भी सुकूनभरी लगती हैं। धूप से अब सिर्फ दीवारें नहीं, सम्मान भी बचता है।"बीजापुर के चेरपाल में रहने वाली 60 साल की सोमारी कहती है - "आज जब मैं अपने घर के दरवाजे से अंदर जाती हूं, तो लगता है कि मैं अकेली नहीं हूं। मेरे साथ मेरे स्वर्गीय पति का सपना भी इस घर में सांस ले रहा है।" प्रधानमंत्री आवास योजना ने सोमारी को सिर्फ एक मकान नहीं दिया। यह योजना उसके जीवन में भरोसे की नींव, आत्मसम्मान की दीवारें और भविष्य की छत बनकर उतरी है।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्टा में आयोजित आमसभा एवं विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को आज एक विशेष मोमेंटो भेंट किया, जो छत्तीसगढ़ की वीरांगना बिलासा देवी केवट की स्मृति में तैयार किया गया है। यह मोमेंटो न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि नारी शक्ति, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता की जीवंत अभिव्यक्ति भी है।छत्तीसगढ़ की बिलासा देवी एक साहसी, परिश्रमी और दूरदर्शी महिला थीं, जिनके नाम पर छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहर बिलासपुर का नाम पड़ा। वे केवट समुदाय से संबंध रखती थीं—एक ऐसा समुदाय, जो भारतीय इतिहास में जल परिवहन, सेवा भाव और ईमानदारी के लिए जाना जाता है। भगवान श्रीराम के जीवन में केवट समुदाय की भूमिका आज भी आदर्श के रूप में स्मरण की जाती है।महिला सशक्तिकरण की प्रेरणास्रोतबिलासा देवी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि महिलाएँ सीमाओं को पार कर इतिहास रच सकती हैं। उनके नेतृत्व, परिश्रम और कौशल ने यह सिद्ध किया कि चाहे वह प्रशासन हो या सामाजिक नेतृत्व—नारी कहीं भी पीछे नहीं। यह मोमेंटो उन्हीं मूल्यों और प्रेरणाओं का दर्पण है।यह भेंट प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस दूरदर्शी नेतृत्व के साथ प्रतिध्वनित होती है, जिसके केंद्र में नारी शक्ति और राष्ट्र निर्माण में सहभागिता की संकल्पना है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘उज्ज्वला योजना’, ‘महिला स्वयं सहायता समूह’, ‘नारी शक्ति मिशन’ जैसी योजनाएँ इसी दिशा में उठाए गए ऐतिहासिक कदम हैं। यह मोमेंटो केवल एक शिल्पकृति नहीं, बल्कि एक वैचारिक प्रतीक है—जो दर्शाता है कि भारत का भविष्य तभी उज्ज्वल होगा, जब उसकी महिलाएँ सशक्त होंगी। यह भेंट छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत, वर्तमान प्रयासों और भविष्य की संभावनाओं का समन्वय है।बिलासा देवी केवट का यह प्रतीक प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भेंट कर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महिलाओं के सामर्थ्य और भारतीय संस्कृति के यशस्वी मूल्यों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित भी किया है।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा और जनजातीय परंपराओं की जीवंत प्रस्तुति के रूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में आयोजित आमसभा और लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह में एक विशेष मोमेंटो भेंट किया, जो बांस से निर्मित अनूठे जनजातीय वाद्ययंत्र "उसुड़" का प्रतीक है। यह मोमेंटो छत्तीसगढ़ की गोंडी संस्कृति, बस्तर की कला और नारी शक्ति की विविध परंपराओं का संगम है।"उसुड़": बांस से बना जीवंत संगीत वाद्ययंत्रगोंडी बोली में "उसुड़" कहा जाने वाला यह वाद्ययंत्र पूरी तरह बांस से निर्मित होता है। लगभग ढाई से तीन फीट लंबा यह वाद्य, हाथों से पकड़कर घुमाकर बजाया जाता है, जिससे एक विशेष कंपन और ध्वनि उत्पन्न होती है। इसके ऊपरी भाग में लोहे के तीन गोल वासर लगाए जाते हैं और बाहरी सतह को गर्म लोहे से दागकर पारंपरिक शैली में सजाया जाता है। यह वाद्ययंत्र एक सांस्कृतिक प्रतीक है, जो छत्तीसगढ़ की जनजातीय आत्मा को दर्शाता है।जनजातीय शिल्पगुरु श्री बुटलूराम मायरा का योगदानइस वाद्ययंत्र को नारायणपुर जिले के देवगांव निवासी जनजातीय शिल्पकार श्री बुटलूराम मायरा ने अपने हाथों से निर्मित किया है। श्री मायरा विगत चार दशकों से जनजातीय कला के संरक्षण और संवर्धन में सक्रिय हैं। उनके योगदान की सराहना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी स्वयं ‘मन की बात’ के 115वें एपिसोड में कर चुके हैं।बस्तर की कला को राष्ट्रीय मंच पर पहुँचायाबांस शिल्प और तुमा (सूखी लौकी) शिल्प में पारंगत श्री मायरा ने न केवल बस्तर की लोककला को जीवित रखा, बल्कि 60 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ा। इसके साथ ही उन्होंने जनजातीय नृत्य दलों का गठन कर देशभर में छत्तीसगढ़ की संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया। उनके इस प्रेरणादायक कार्य हेतु उन्हें वर्ष 2024 में "शहीद वीर नारायण सिंह सम्मान" से सम्मानित किया गया।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया गया यह मोमेंटो केवल एक सांस्कृतिक उपहार नहीं, बल्कि भारत की विविधता, नारी शक्ति, जनजातीय आत्मनिर्भरता और स्थानीय प्रतिभा के उत्थान का प्रतीक है। यह प्रधानमंत्री जी की "वोकल फॉर लोकल" और "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" की परिकल्पना से गहराई से जुड़ा हुआ है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा भेंट किया गया यह मोमेंटो छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपरा, बांस शिल्प, सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में चल रहे प्रयासों का जीवंत प्रतीक है। यह भेंट प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में स्थानीय कौशल, सांस्कृतिक समरसता और महिला सशक्तिकरण को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में एक सार्थक योगदान है।
- रायपुर /प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में आयोजित आमसभा और विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में कोसा सिल्क से निर्मित एक विशेष हस्तनिर्मित शॉल भेंट किया, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध बुनाई परंपरा और जनजातीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह शॉल न केवल कपड़े का एक सुंदर नमूना है, बल्कि छत्तीसगढ़ की कला, संगीत और जनजातीय अस्मिता का जीवंत दस्तावेज भी है। यह शॉल पूरी तरह हस्तनिर्मित है और इसमें राज्य की स्थानीय बुनकर परंपरा की गहराई को दर्शाया गया है। इस शॉल पर बांस से निर्मित पारंपरिक वाद्ययंत्र ‘टोड़ी’ और बस्तर के प्रसिद्ध ‘बाइसन हॉर्न माड़िया नृत्य’ को कढ़ाई के माध्यम से दर्शाया गया है। टोड़ी वाद्ययंत्र छत्तीसगढ़ की जनजातीय जीवनशैली में संगीत का अभिन्न हिस्सा है। वहीं माड़िया जनजाति का यह नृत्य शौर्य, ऊर्जा और सामूहिक एकता की अभिव्यक्ति है। यह शॉल केवल वस्त्र नहीं, बल्कि जनजातीय गर्व, सांस्कृतिक विविधता और शिल्प कौशल की अभिव्यक्ति है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया गया यह कोसा शॉल छत्तीसगढ़ की हुनरमंद बुनकर महिलाओं, जनजातीय समुदायों, और लोक परंपराओं की महत्ता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का एक भावनात्मक और सशक्त प्रयास है। यह भेंट भारत की विविधता में एकता, और लोककला के माध्यम से जुड़ाव का प्रतीक है।
- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू नववर्ष के शुभारंभ के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर विकास की नई रोशनी फैली है, जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को 33,700 करोड़ रुपए से अधिक की बहुआयामी परियोजनाओं की सौगात दी है। उन्होंने जनसभा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया।जनकल्याण और अधोसंरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदममुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा लोकार्पित एवं शिलान्यास की गई परियोजनाएं रेल, सड़क, ऊर्जा, ईंधन, आवास और शिक्षा से जुड़ी हैं, जो न केवल लोगों के जीवन में खुशहाली और सुविधा का नया सूर्याेदय लाएंगी, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ की नींव भी मजबूत करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की गारंटी पर लोगों ने भरोसा किया जिससे विधानसभा और लोकसभा चुनावों में डबल इंजन की सरकार बनी और अब स्थानीय निकाय चुनावों में तीसरा इंजन भी जुड़ गया है।2047 के विकसित भारत की ओर छत्तीसगढ़ का मजबूत कदममुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भावी पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखकर 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ इसमें ऊर्जा, खनिज और कृषि के क्षेत्र में राष्ट्रीय आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायक बनेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि जैसे कार्यक्रमों के जरिए अंतिम छोर तक लाभ पहुंचा है। साथ ही रेल, सड़क, एयर कनेक्टिविटी और डिजिटल नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है।आदिवासी विकास में विशेष योगदानमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री जन-मन, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने जनजातीय बहुल छत्तीसगढ़ को एक नई दिशा और दशा दी है। भारत अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में अयोध्या में श्रीरामलला का भव्य मंदिर बना और प्रयागराज महाकुंभ में भारत की संस्कृति की भव्यता को दुनिया ने देखा।छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंसमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों के सशक्तिकरण के लिए सरकार पूरी शक्ति से जुटी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने अंत में प्रधानमंत्री जी के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि जब-जब छत्तीसगढ़ के विकास के लिए हमने मांग की, आपने अपेक्षा से अधिक दिया। इसके लिए हम सदैव आभारी रहेंगे। उन्होंने प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
- -बस्तर में बदलाव और आर्थिक स्वावलंबन के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का जताया आभाररायपुर, / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज बिलासपुर के मोहभट्ठा में आयोजित कार्यक्रम में बस्तर ओलंपिक का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि इस आयोजन में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। मैं छत्तीसगढ़ के युवाओं का उज्ज्वल भविष्य देख रहा हूं। बस्तर ओलंपिक का सफल और शानदार आयोजन एक सुखद बदलाव का प्रमाण है। छत्तीसगढ़ संसाधनों, सपनों और सामर्थ्य से भरपूर है। आज से 25 वर्ष बाद जब हम छत्तीसगढ़ की स्थापना का 50वां वर्ष मनाएंगे तब छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में से एक होगा।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को देखने और सुनने के लिए युवा, बस्तर ओलंपिक विजयी प्रतिभागी, लखपति दीदियां, नगरीय निकायों और त्रि-स्तरीय पंचायतों के निर्वाचित पदाधिकारी मोहभट्ठा पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान बस्तर ओलंपिक के विजयी प्रतिभागी अपने हाथों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की तस्वीर को लहराते रहे और बीच-बीच में प्रधानमंत्री जिंदाबाद के नारे भी लगाए। बस्तर ओलंपिक के प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बनता था। बीते सवा सालों में बस्तर के समग्र विकास और वहां के लोगों की बेहतरी के लिए डबल इंजन की सरकार के नेतृत्व में किए जा रहे कार्यों के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। यहां यह उल्लेखनीय है कि नक्सल हिंसा कमजोर होने के बाद लोगों में उत्साह को बढ़ाने के लिए बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया गया। इसमें 1 लाख 65 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसमें नक्सल हिंसा से अपना अंग गंवा चुके लोगों ने भी हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर में अपने मन की बात कार्यक्रम में बस्तर ओलंपिक की सराहना की और इसे बदलते हुए बस्तर का प्रतीक बताया था।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य में महिलाओं को आजीविका मूलक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में अब तक सवा दो लाख महिलाएं लखपति दीदी की श्रेणी में आ चुकी हैं। इस वित्त वर्ष में 10 लाख महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा गया है।
- रायपुर, / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज छत्तीसगढ़ के मोहभट्ठा बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर अभनपुर-रायपुर मेमू ट्रेन सेवा का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस अवसर पर 2,695 करोड़ रूपए की लागत से पूरी हो चुकी चार रेल परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करने के साथ ही 7 रेल परियोजनाओं की आधारशिला रखी। छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विकास और यात्रियों को किफायती एवं सुगम परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम है। इन परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।रायपुर और अभनपुर के बीच मेमू ट्रेन शुरू होने से आम लोगों के लिए आवागमन किफायती और आसान होगा। इस ट्रेन का ठहराव मंदिर हसौद, सीबीडी, केंद्री और अभनपुर स्टेशनों पर होगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 747 करोड़ की लागत से राजनांदगांव-बोरतलाव तक बिछाई गई तीसरी रेल लाइन, 353 करोड़ की लागत से मंदिर हसौद-केन्द्री-अभनपुर नई रेल लाइन, 88 करोड़ की लागत से दुर्ग-रायपुर स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली के साथ ही छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण का लोकार्पण किया।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने खरसिया-झाराडीह पांचवीं रेल लाइन, सरगबुंदिया-मड़वारानी तीसरी-चौथी रेल लाइन, दाधापारा-बिल्हा-दगोरी चौथी रेल लाइन, निपनिया-भाटापारा-हथबंद चौथी रेल लाइन, भिलाई-भिलाई नगर-दुर्ग लिंक केबिन चौथी रेल लाइन, राजनांदगांव-डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन, और करगी रोड-सल्का रोड तीसरी रेल लाइन का शिलान्यास किया।वन मंत्री श्री केदार कश्यप इस मौके पर अभनपुर रेल स्टेशन पर आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में मौजूद लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि रेल सुविधाओं का विकास राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। रेल संपर्क का विस्तार दूरदराज के क्षेत्रों में रोजगार और व्यापार के नए अवसर खोलेगा, जिससे आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों को विशेष रूप से लाभ मिलेगा।सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर से अभनपुर के बीच शुरू की गई मेमू ट्रेन का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय व्यापार और परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि भविष्य में रेल सुविधाओं का विस्तार बस्तर, सरगुजा और जशपुर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक किया जाए, ताकि छत्तीसगढ़ का बड़ा हिस्सा रेल्वे नेटवर्क से जुड़े। कार्यक्रम में विधायक श्री राजेश मूणत, श्री सुनील कुमार सोनी, श्री पुरन्दर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, श्री गुरु खुशवंत साहेब, श्री इंद्र कुमार साहू, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नगर निगम कमिश्नर श्री विश्वदीप, ज़िला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे।
- बीजापुर । सुरक्षा बलों को बीजापुर जिले में बड़ी सफलता मिली है। । 68 लाख रुपए के इनामी 13 माओवादियों सहित कुल 50 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। जिसमें बटालियन नम्बर 01 सदस्य-01, पीएलजीए कंपनी नम्बर 02 सदस्य-04, कंपनी नम्बर 07 पार्टी सदस्य-01, कुतुल एरिया कमेटी, नेशनल पार्क एरिया कमेटी शमिल है। बीजापुर एसपी जितेन्द्र यादव ने नक्सलियों को मुख्यधारा में स्वागत करते हुए अन्य नक्सलियों को मुख्यधारा में जुडऩे की अपील की है।सीआरपीएफ के डीआईजी देवेन्द्र सिंह नेगी ने बताया कि अंदरूनी क्षेत्रों में नवीन सुरक्षा कैम्प की स्थापना के साथ शासन की विकासोन्मुखी कार्य सडक़ों का विस्तार, परिवहन की सुविधा, पानी, बिजली एवं शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजना ग्रामीणों तक पहुंचने लगी है। सुरक्षा बलों का ग्रामीणों के साथ हो रहे सकारात्मक संवाद, सामुदायिक पुलिसिंग के तहत् दी जा रही कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के व्यापक प्रचार प्रसार से माओवादी संगठन से मोहभंग हुआ है। समर्पण करने वालों में पीएलजीए बटालियन नम्बर 01 सदस्य, कंपनी नम्बर 02 एवं 07 सदस्य, एसीएम, जनताना सरकार अध्यक्ष, केएएमएस अध्यक्ष, सीएनएम अध्यक्ष, मिलिशिया कमाण्डर, मिलिशिया डिप्टी कमांडर, मिलिशिया प्लाटून सदस्य, मिलिशिया सदस्य एवं सावनार, कोरचोली, कमलापुर आरपीसी के अन्य सदस्य है शामिल ।वहीं बीजापुर एसपी जितेन्द्र यादव ने बताया कि 1 जनवरी 2025 से अब तक माओवादी घटना में शामिल 153 माओवादी गिरफ्तार हुए, 157 माओवादियो ने आत्मसमर्पण किया एवं जिले में अलग-अलग मुठभेड़ में कुल 83 माओवादी मारे गए है । वही आज रोनी परसिक ,रविन्द्र कारम ,राकेश कड़ती,बटालियन नं. 01 व 02 में पीएलजीए सदस्य इनाम 08 -08.00 लाख का इनामी है। छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल उन्मूलन नीति और नियद नेल्लानार योजना के कारण कई माओवादी आत्मसमर्पण कर रहे हैं। यह योजना नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है । इस योजना के तहत, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जाती हैं, जैसे कि पुनर्वास, रोजगार और शिक्षा । इसके अलावा, नक्सल हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए भी राहत और पुनर्वास की व्यवस्था की जाती हैबीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने नक्सलियों से अपील की है कि वे सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं और समाज की मुख्यधारा में शामिल हों । बाहरी लोगों की भ्रामक बातों और विचारधारा से बाहर निकलें और समाज की मुख्यधारा में शामिल हों, जहाँ वे निर्भीक रूप से सामान्य जीवन व्यतीत कर सकें। आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीतियों से प्रभावित होकर भारत के संविधान पर विश्वास रखते हुए उक्त माओवादियों द्वारा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया गया। आत्मसमर्पण करने पर इन्हें उत्साहवर्धन हेतु शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत् 25- 25 हजार रूपये नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है।
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-देश की जनता को जागरूक और सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम है ‘मन की बात’ : मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में नवगुरुकुल और नेतृत्व साधना केंद्र की बालिकाओं के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 120वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री किरण देव और विधायक श्री पुरंदर मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही।मुख्यमंत्री श्री साय ने चैत्र नवरात्रि के शुभ अवसर पर बालिकाओं के साथ आत्मीय संवाद किया और उन्हें उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मन की बात कार्यक्रम आज देश की जनता को जागरूक बनाने का सशक्त मंच बन चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम के माध्यम से विशेष रूप से छात्रों और युवाओं को कड़ी मेहनत, नवाचार और सकारात्मक सोच की प्रेरणा देते हैं। यदि हम सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ें, तो समाज और जीवन में बड़ा परिवर्तन संभव है।भारतीय संस्कृति, नवाचार और सामाजिक समरसता का संवाहकमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने वाला मंच है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम जनता से सीधे जुड़ने का सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसमें देश के नवाचार, जन भागीदारी, प्रेरक कहानियाँ, जल संरक्षण, योग, आयुर्वेद और वीर सैनिकों सहित खिलाड़ियों और वैज्ञानिकों के योगदान को उजागर किया जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चियों से अपील की कि वे इस कार्यक्रम से प्रेरणा लेकर अपने सपनों को आकार देने के लिए संकल्पबद्ध होकर आगे बढ़ें।नवगुरुकुल और नेतृत्व साधना केंद्र की बालिकाओं से आत्मीय भेंटमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बालिकाओं से संवाद करते हुए उनके मेहनत और संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि आप सभी तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटी हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी बेटियाँ जीवन में अवश्य सफल होंगी। आप सबकी उपलब्धियों में सहभागी बनना मेरे लिए गर्व का विषय है। बालिकाओं ने भी मुख्यमंत्री श्री साय से संवाद करते हुए अपने अनुभव साझा किए और मुख्यमंत्री निवास में बिताए गए इन खास पलों को यादगार बताया।तकनीकी प्रशिक्षण और प्रशासनिक तैयारी की नई उड़ाननवगुरुकुल संस्था की छात्रावास अधीक्षिका सुश्री रेणुका चंदन ने जानकारी दी कि नवगुरुकुल से निकले कई छात्र-छात्राएं आज बैंगलोर और हैदराबाद की प्रमुख आईटी कंपनियों में कार्यरत हैं। इसी तरह नेतृत्व साधना केंद्र में सीजीपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाती है। यहाँ रहने वाले बच्चों को निःशुल्क आवास और भोजन की सुविधा दी गई है। इस वर्ष केंद्र के 11 बच्चों ने पीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है और वे अब मुख्य परीक्षा में भाग लेंगे। उल्लेखनीय है कि रायपुर जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित नवगुरुकुल संस्थान में बच्चों को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, कोडिंग एवं डिकोडिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।



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