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-जनादेश परब-एक वर्ष विश्वास का
-जनकल्याणकारी योजनाओं की हितग्राहियों के अनुभवों को दर्शाती पुस्तिकाओं का किया विमोचनरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने मंत्रिमण्डल के सदस्यों के साथ न्यू सर्किट हाउस सिविल लाईन में राज्य सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर प्रेस कान्फ्रेंस को सम्बोधित किया।इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों और तेंदूपत्ता संग्राहक हितग्राहियों को संबोधित पत्र ”विष्णु की पाती” , मुख्यमंत्री श्री साय के चुनिंदा भाषणों के चुनिंदा अंश पर आधारित 'उद्गार : विजन और विचार', प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के अनुभव को दर्शाती पुस्तिका 'खुशियों का आशियाना', महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के अनुभवों को दर्शाती पुस्तिका ' खुशियों का नोटिफिकेशन' , राज्य शासन के विजन को दर्शाती 'सेवा ही सर्वोपरि', छत्तीसगढ़ सरकार की विगत एक वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित 'सुशासन का एक साल, छत्तीसगढ़ हुआ खुशहाल' का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने शासन की एक वर्ष की उपलब्धियों के रिपोर्ट कार्ड 'जनादेश परब रिपोर्ट कार्ड' का विमोचन किया।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरूण साव एवं श्री विजय शर्मा सहित कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, वनमंत्री श्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, जनसंपर्क आयुक्त जनसंपर्क श्री रवि मित्तल, संचालक श्री अजय कुमार अग्रवाल उपस्थित थे। - भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र पावर हाउस टी मार्केट में शासन के 1 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में श्रमदान करके स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने साफ-सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किए। वहां उपस्थित व्यापारीगढण, जनप्रतिनिधि एवं आम नागरिकों को स्वच्छता ही सेवा की शपथ दिलाए। सभी से कहा प्रतिदिन अपने आस-पास की सफंई निरंतर करें। नगर निगम भिलाई अपने सफाई अमले के साथ टीम लगा कर अपना सफाई में योगदान दे रही है। आप सभी लोग भी अपना सहयोग प्रदान करें। यही अपेक्षा है कि नालियों में कचरा ना फेके निगम के सफाई मित्र को ही दुकानों से निकलने वाले कचरे को दें।खुर्सीपार क्षेत्र में बाबा बालकनाथ उद्यान का निरीक्षण किए। वहां पेड़ पौधो की कटाई-छटाई, ट्रिमिंग, सिंचाई व्यवस्था की निरीक्षण किए। अधिकारियो को निर्देशित किए कि उद्यान हरा-भरा रखना है। साथ ही तालाब की सफाई वहां पर लगे पोल, लाईट व्यवस्था व मोटर पम्प को भी देखे और लाईट को लगातार चालू न रखने व मोटर पम्प को तत्काल संधारण के निर्देश दिए। वहां से होते हुए लक्ष्मण तालाब का निरीक्षण करने पहुंचे वहां आम नागरिकों एवं सफाई करने वाले सफाई कर्मचारी से पूछे कि प्रतिदिन साफ-सफाई की जाती है या नहीं। कर्मचारियो ने बताया कि प्रतिदिन साफ-सफाई की जाती है। वहां से होकर खुर्सीपार क्षेत्र के वार्डो का निरीक्षण करने पहुंचे, वहां के लोगो से मिले। इसी दौरान नगर निगम का वाटर चेक पोस्ट से पानी का सप्लाई चालू था ।उसको पी करके गुणवत्ता की जांच किया साथ में स्थानीय नागरिकों से भी पूछे कि आपका जो पानी आ रहा है और साफ सुथरा, पीने योग्य है या कुछ कमी दिखता है। सभी ने कहा अभी पानी अभी ठीक आ रहा है। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किये की पानी का सैंपल अलग-अलग जगह से लिया जाए उसका परीक्षण लेबोरेटरी से भी किया जाए। और सफाई व्यवस्था एवं पानी सप्लाई के बारे में जानकारी प्राप्त किए। घरों में सप्लाई होने वाले पानी की अपने पी करके जांच किए, पानी में किसी प्रकार की अशुद्वि नहीं पाई गई। वहां से होते हुए छावनी तालाब का निरीक्षण करने पहुचे और पहुंचते ही तालाब की सफाई, लाईट, शौचालय इत्यादि का निरीक्षण किए।निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त, सतीश यादव, कार्यपालन अभियंता रवि सिन्हा, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, जोन राजस्व अधिकारी बालकृष्ण नायडू, जोन स्वास्थ्य अधिकारी बीरेन्द्र बंजारे, आदि उपस्थित रहे।
- धमतरी/ जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, धमतरी द्वारा 19 दिसम्बर को सुबह 11 से शाम चार बजे तक प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा। कम्पोजिट भवन स्थित जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र में आयोजित इस प्लेसमेंट कैम्प में निजी क्षेत्र के नियोजकों द्वारा कुल 321 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए साक्षात्कार लिया जाएगा। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि दसवीं, बारहवीं और स्नातक उत्तीर्ण शैक्षणिक योग्यताधारी प्लेसमेंट कैम्प में हिस्सा ले सकते हैं। आवेदकों को शैक्षणिक, तकनीकी योग्यता, जाति, निवास प्रमाण पत्र, रोजगार कार्यालय का जीवित पंजीयन प्रमाण पत्र और दो पासपोर्ट साईज फोटो के साथ निर्धारित तिथि को उपस्थित होने कहा गया है।
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दुर्ग/ राज्य शासन के नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव श्री एस बसवराजू द्वारा आज वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से नगरीय निकायों के चुनाव कार्याें में वार्डाे के आरक्षण के संबंध में जानकारी दी गई। उन्होंने कलेक्टर एवं नगर निगम आयुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी, अपर कलेक्टर श्री मुकेश रावटे, नगर निगम आयुक्त, नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से एनआईसी कक्ष दुर्ग से जुड़े। दुर्ग जिला कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी को नगर पालिक निगम/नगर पालिका परिषद/नगर पंचायतों के वार्डाें के आरक्षण की कार्यवाही हेतु विहित प्राधिकारी नियुक्त किया गया है। जिन निकायों में अभी निर्वाचन किया जाना है, केवल उन्हीं निकायों में वार्ड आरक्षण की कार्यवाही की जाएगी।
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दुर्ग/राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ नगर पालिका (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं महिलाओं के लिए वार्डों का आरक्षण) नियम-1994 के नियम-05 के अंतर्गत प्रदेश के नगर पालिक निगम/नगर पालिका परिषद/नगर पंचायतों के वार्डों के आरक्षण की कार्यवाही हेतु संबंधित जिले के कलेक्टर को विहित अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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दुर्ग/ भारत सरकार द्वारा खाद्य प्रसंस्करण उद्यम मंत्रालय ने एक पैकेज सहायता तथा सेवाओं के माध्यम से (पीएमएफएमई) प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना प्रारंभ की गई हैं। इच्छुक हितग्राहियों से योजना अंतर्गत ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित की गई है। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के मुख्य महाप्रबंधक श्री सीमोन एक्का से मिली जानकारी अनुसार इस योजना का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण एकल उद्यमी, एफपीओ, स्व सहायता समूह एवं सहकारिता को बैंक के माध्यम से क्रेडिट लिंक्ड पूंजी सब्सिडी दिया जाना है। इस योजना के तहत नवीन एवं मौजूदा दोनों उद्यमी को पात्र परियोजना लागत का 35 प्रतिशत अधिकतम 10 लाख तक छूट का प्रावधान है। हितग्राही स्वयं का योगदान 10 प्रतिशत एवं शेष राशि बैंक के माध्यम से ऋण प्रदाय किया जाएगा। इसमें सभी प्रकार के खाद्य सामग्री वनोपज पर आधारित निर्मित उत्पाद जैसे-आचार, ब्रेड, चिप्स, जूस (फूट जूस) नमकीन/मिक्चर, सत्तू, पनीर, पोटेटो फ्रेंच फाई, मिर्ची पावडर उत्पादन, मैगी, चूड़ा, सांस, आईस निर्माण, मिल्क प्लांट, मछली आहार, कार्बाेनेट वाटर, नूडल्स, धनिया पाउडर, मिठाई, तिलकुट, चटनी, पापड़, बिस्कुट, कुरकुरे, साबुदाना, सेवई, दाल, गजक, हल्दी पाउडर, गरम मसाला, उपमा, ड्राई फुट, पास्ता/मेक्रोनी, धान मिल, केक, घी, मुर्गी आहार, आटा चक्की उद्योग, गुड़ उत्पादन, ड्राई प्याज, चॉकलेट, ओट्स (दलिया), मिश्री दाना, बड़ी, चनाचूर, जैम/जैली, पेठा, आईसकेण्डी, पेड़ा, चिकी, मसाला, पोहा, चना भुजा, कैचअप, मूढ़ी, तेल मिल, टोस्ट, पशु आहार, मशरूम उत्पादन, मखाना, सोयाबीन का पनीर निर्माण, लहसुन प्याज अदरक पेस्ट निर्माण, पॉपकार्न, स्नेक्स (मक्रेन), बतासा निर्माण व अन्य खाद्य संबंधित उत्पादों को योजना के तहत लाभ प्रदान किया जाएगा। इच्छुक हितग्राही योजनांतर्गत योजना की वेबसाईट www.pmfme.mofpi.gov.in/pmfme/#/login पर जाकर ऑनलाईन आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। विस्तृत जानकारी हेतु कार्यालय, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, मालवीय चौक, दुर्ग एवं दूरभाष क्रमांक 9981140733 पर संपर्क कर सकते है।
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दुर्ग/ जिला चिकित्सालय दुर्ग में एडमिट गंभीर मरीज पार्वती साहू डिलीवरी वार्ड और कन्हैया दास मेल मेडिकल वार्ड दोनों को ए नेगेटिव ब्लड की आवश्यकता थी। ब्लड बैंक नोडल अधिकारी डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने बताया कि रक्तदाता हर्ष सोनी द्वारा ए नेगेटिव ब्लड और टिकेश्वर साहू द्वारा ए नेगेटिव ब्लड दिया गया। डिलीवरी वार्ड में एडमिट इंद्राणी के लिए दो यूनिट एबी नेगेटिव ब्लड की आवश्यकता थी, तो गोपाल गुप्ता द्वारा 104 बार एबी नेगेटिव और देवेश द्वारा 11वीं बार एबी नेगेटिव ब्लड दिया। नवदृष्टि फाउंडेशन के संस्थापक श्री राज अड़तीया द्वारा रक्तदाता उपलब्ध कराकर जान बचाई गयी। इस रक्तदान के समय रक्त कोष अधिकारी डॉ. पीयूष श्रीवास्तव, काउंसलर टी.एस. एंथोनी, स्टाफ नर्स तरूणा रावत, लैब इंचार्ज रूपेश सरपे, सीनियर लैब टेक्नीशियन महेंद्र चंद्राकर, मधुसूदन, कुसुम चंद्राकर, अटेंडेंट कौशल, हिमांशु चंद्राकर, माला, प्रशिक्षणार्थी वर्षा, मानसी, रूचि, धानेश्वरी उपस्थित थे। सभी ने रक्तदाता को साधुवाद देकर उसके उज्जवल भविष्य की कामना की।
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भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के जोन क्रमांक 01, 02 03, 04 अंतर्गत सिंगलयूज प्लास्टिक रखने एवं सोर्स सेग्रीगेशन पृथक कर गीला सूखा कचरा नहीं देने वाले व्यवसायियों पर अभियान चलाया गया। जोन के स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार अलग-अलग जोन क्षेत्रों का भ्रमण कर रही है। वहां जो भी व्यापारी खादय सामग्री विक्रय कर रहे है या ठेला, खुमचा, टिन शेड लगाकर व्यापार कर रहे उनके पास जाकर जांच कर रही है। जो भी व्यापारी सिगलयूज प्लास्टिक में खादय पदार्थ का विक्रय कर रहे है और गीला व सूखा कचरा अलग-अलग कर नहीं दे रहे है उन व्यापारियो पर चालानी कार्यवाही कर समझाइस दी जा रही है।
आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने सभी जोन आयुक्त को निर्देश दिए है कि जो भी व्यापारी सिंगलयूज प्लास्टिक में खादय सामग्री विक्रय कर रहे है या व्यवसाय परिसर, फल ठेला के आस-पास गंदगी फैला रहे है या फिर गीला एवं सूखा कचरे को अलग-अलग डस्ट बिन में नही डाल रहे है। उनके पास जाकर कार्यवाही कर उनसे चालानी कार्यवाही की जाए। इन व्यापारियो से की गई चालानी कार्यवाही, सत्यम बेकरी एवं कैफे से 1000, हरिओम पेन्टस से 1000, जायका बेकरी 2000, वेज रेस्टोरेंट से 1000 एवं उत्पल दुकान से 500, लक्ष्मीकांत जनरल स्टोर्स से 1000, हटकेवाड़ा से 2000, जैन बिजली से 600, महालक्ष्मी मेस होटल 3000, जेके फोटोकापियर 500, इंदौरी पोहा सेंटर 1000, अरिहंत अनाज भंडार 500, अपोलो फार्मेसी 800, बालाजी लेडिस मेचिंग सेंटर 200, सांई डिजिटल 1000, होम मोबाईल 500 की वसूली की गई। साथ ही जोन क्रमांक 03 अंतर्गत वार्ड क्रं. 37 नंदिनी रोड के व्यापारियो से 1800 रूपये चलानी कार्यवाही कर 18400 रूपये का दाण्डिक शुल्क वसूला गया।
वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, महापौर नीरज पाल, ने सभी व्यवसाईयों एवं ग्राहकों से अनुरोध किया है कि सिंगलयुज प्लास्टिक का उपयोग बंद करें। सब जानते हैं कि यह पर्यावरण के लिए, शरीर के लिए, जानवरों के लिए, बहुत ही हानिकारक है। फिर भी सब नहीं मानते हैं। वह दिन अच्छा था जब हम हम अपने घर से थैला लेकर जाते थे, समान लेकर आते थे, तो सबके लिए अच्छा था। पर्यावरण को बचाना है तो वही प्रक्रिया अपनाना होगा।
कार्यवाही के दौरान जोन प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना, अनिल मिश्रा, वीरेंद्र बंजारे, हेमंत माझी, जोन स्वच्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी, अंजनी सिंह, संतोष यादव, चूड़मणि यादव, संतोष हरमुख आदि उपस्थित रहे। -
भिलाई। नगर निगम भिलाई क्षेत्र में 150 से अधिक उद्यान है उन उद्यानों में साफ सफाई के लिए विशेष गैंग के द्वारा कार्ययोजना बनाकर अभियान चलाया जा रहा है आज नेहरू नगर के गणेश उद्यान में सफाई अभियान चलाया गया। भिलाई शहर के सभी जोन क्षेत्र में उद्यानों का निर्माण किया गया है। जहां पर आस-पास के वरिष्ठ नागरिकगण, बच्चे आदि खेलने, टहलने एवं व्यायाम करने आते रहते है। उद्यान साफ-सुथरा एवं हरा भरा रहने से पर्यावरण भी सुन्दर रहता है। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय का सख्त निर्देश है, कि सभी उद्यानों में कैलेंडर बनाकर के सफाई अभियान चलाया जाए। नगर निगम भिलाई के उद्यान साफ सुथरे हो, हरे-भरे हो, उसमें बराबर पानी मिले, खाद मिले जिससे हरियाली बनी रहे। इसके साथ ही नागरिकों से भी अपील है कि किसी प्रकार की गंदगी ना फैलाएं, पेड़ पौधों को ना तोड़े, उसे साफ सुथरा रखें। गार्डन को साफ सुथरा रखना सब की जिम्मेदारी है नगर निगम भिलाई के सीमित संसाधन है सभी उद्यानों में एक साथ सफाई नहीं की जा सकती है इसलिए सब लोग मिलकर सहयोग करेंगे, हमारे उद्यान हरे भरे रहेंगे।
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बालोद। जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम सिर्राभाठा में शासकीय उचित मूल्य की दुकान के संचालन हेतु 19 दिसम्बर 2024 तक आवेदन आमंत्रित किया गया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गुण्डदेही नेे बताया कि इच्छुक ग्राम पंचायत, महिला स्वसहायता समूह, प्राथमिक कृषि शाख समितियां, अन्य सहकारी समितियां, वन सुरक्षा समितियां एवं राज्य शासन द्वारा विर्निदिष्ट उपक्रम 19 दिसम्बर 2024 को शाम 05.30 बजे तक कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गुण्डदेही में आवश्यक दस्तावेज सहित निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि अन्य सहकारी समितियों एवं महिला स्व सहायता समूह होने की स्थिति में आवेदन तारीख के कम से कम 06 माह पूर्व पंजीकृत एवं कार्यरत होने तथा सामाजिक, आर्थिक क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव होना चाहिए।
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आम जनता की सहुलियत हेतु शुरू किए गए ’पहल’ चैटबाॅट के बेहतर संचालन हेतु जिला स्तरीय अधिकारियों को दिया गया प्रेजेंटेशन
समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की
बालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने कहा कि राज्य शासन के 01 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिले में विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार के साथ ही लाभान्वित हितग्राहियों द्वारा अपने अनुभव भी साझा किए जाएंगे। उक्त कार्यक्रमों के आयोजनों से लोगों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने प्रेरित किया जाएगा। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। बैठक में बताया गया कि 13 दिसंबर को जिला स्तर पर शासन के 01 वर्ष पूर्ण होने पर 01 वर्ष की उपलब्धियों एवं शासन की प्रमुख्या योजना पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। जिसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, सहकारिता विभाग तथा नगरीय प्रशासन विकास विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। 21 दिसंबर को ब्लाॅक मुख्यालयों में किसान सम्मेलन संबंधी कार्यक्रम का आयोजन कृषि विभाग और सहकारिता विभाग के माध्यम से किया जाएगा। 23 दिसंबर को विधानसभा मुख्यालयों में महतारी वंदन योजना से संबंधित कार्यक्रम का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया जाएगा। 25 दिसंबर को प्रत्येक अटल चैक पर कार्यक्रम का आयोजन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया जाएगा। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने उक्त कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से आयोजित करने के निर्देश सभी संबंधित अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आम जनता की सहुलियत एवं किसी कारणों से जनदर्शन में नही पहुँच पाने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन तक अपना सुझाव, शिकायत और प्रतिक्रिया प्रस्तुत करने की सुविधा प्रदान करने हेतु ’पहल’ चैटबाॅट व्हाट्सएप्प नंबर 9425242981 की सुविधा प्रदान की गई है। जिस पर आम जनता भ्प या भ्मससव लिखकर बातचीत की शुरूआत कर सकते हैं तथा अपनी मांग एवं समस्या को दर्ज कर सकते हैं। इस नई व्यवस्था की शुरूआत से जिले के आम नागरिकों एवं आवेदकों को अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु संयुक्त जिला कार्यालय या अन्य विभागों में आने की आवश्यकता नही होगी। उक्त ’पहल’ चैटबाॅट व्हाट्सएप्प नंबर 9425242981 की सुविधा के संबंध में बैठक में विस्तृत पे्रजेंटेशन भी दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि ’पहल’ चैटबाॅट के माध्यम से प्राप्त मांग, शिकायत आदि समय पर निराकरण तथा आवेदक को समय पर उनके दर्ज मांग एवं शिकायत के निराकरण की जानकारी भी दिया जाना सुनिश्चित करेंगे।
कलेक्टर ने बैठक में समय-सीमा के लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा भी की तथा उसका निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में आयुष विभाग द्वारा देश का प्रकृति परीक्षण अभियान के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई। यह अभियान ’एक कदम स्वस्थ भारत की ओर’ 25 दिसंबर 2024 तक चलाया जाएगा। जिसके तहत आयुष विभाग द्वारा तैयार किए गए मोबाईल एप्लिकेशन को इंस्टाल कर स्वास्थ्य जाँच कराने की जानकारी दी गई। बैठक में अपर कलेक्टर अपर कलेक्टर श्री दरबारी राम ठाकुर एवं सयंुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। -
भंडारण और विक्रय पर लगा प्रतिबंध
बिलासपुर/किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि आदान की उपलब्धता सुनिश्चित करने जिले में पदस्थ निरीक्षकों द्वारा सहकारी संस्थानों का सतत निरीक्षण एवं भंडारित आदानों का विधिवत नमूना लिया जाकर विश्लेषण हेतु शासन द्वारा अधिकृत प्रयोगशाला में भेजा जाता है। इसी कड़ी में सहकारी समिति दगौरी से 20.00 क्विंटल गेंहू बीज अमानक पाए गए। इन बीजों का नमूना लेकर छत्तीसगढ़ राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था कृषक संस्थान रायपुर में प्रशिक्षण किया गया, जिसमें ये बीज अमानक पाए गए। विश्लेषण परिणाम प्राप्त होने के बाद अमानक मिले 20.00 किंवटल बीज बैच/लॉट के विक्रय पर उप संचालक कृषि श्री पी.डी. हथेश्वर ने बीज गुण नियंत्रण 1983 के प्रावधान अनुसार खण्ड (11) में प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए गेंहू बीज भण्डारण एवं विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया।-file photo
- -कृषि में घटते संसाधनों, बढ़ती खाद्यान्न मांग तथा जलवायु परिवर्तन पर कृषि अर्थशास्त्रियों ने जताई चिंता-कृषि अर्थशास्त्र अनुसंधान संघ का तीन दिवसीय 32वां वार्षिक सम्मेलन प्रारंभरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में आज कृषि अर्थशास्त्र अनुसंधान संघ, नई दिल्ली का ‘‘उच्च, सतत और समावेशी विकास के लिए कृषि का डिजीटलीकरण’’ विषय पर तीन दिवसीय 32वां वार्षिक सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। इस सम्मेलन में देश भर के प्रमुख कृषि अर्थशास्त्री, नीति निर्माता एवं शोधकर्ता शामिल हुए। सम्मेलन में भारत में आगामी दो दशकों में कृषि क्षेत्र के सामने आने वाली महत्वर्पूण चुनौतियों पर विचार मंथन किया गया और घटते संसाधनों तथा बढ़ती हुई उत्पादन मांगों के युग में कृषि में डिजीटलीकरण को बढ़ावा देने तथा नवाचार एवं तकनीकी आधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाने पर जोर दिया गया। सम्मेलन में विशेषज्ञों द्वारा कहा गया कि भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होने तक देश को अपनी बढ़ती जनसंख्या की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व दबावों को सामना करना पड़ेगा। जल, जंगल और जमीन जैसे प्राकृतिक संसाधनों तथा जैव विविधता पर बढ़ते दबाव और उत्पादन मांगों के तेजी से बढ़ने के पूर्वानुमान के साथ कृषि क्षेत्र को इस अंतर को स्थायी रूप से पाटने के लिए परिवर्तनकारी रणनीति अपनाना होगा। शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल थे तथा अध्यक्षता कृषि अर्थशास्त्र अनुसंधान संघ के अध्यक्ष डॉ. पी.के. जोशी ने की।शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. गिरीश चंदेल ने आने वाले समय में संसाधनों की घटती उपलब्धता, बढ़ती जनसंख्या के दबाव तथा जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के लिए कृषि के क्षेत्र में डिजीटलीकरण को बढ़ावा देने तथा नवाचारी प्रयास किये जाने की आवश्यकता जताई। डॉ. चंदेल ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय में इस तरह के महत्वपूर्ण सम्मेलन का आयोजन यहां के शिक्षकों, वैज्ञानिकों तथा विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सम्मेलन में सार्थक चर्चा होगी तथा महत्वर्पूण अनुशंसाएं प्राप्त होंगी। शुभारंभ समारोह के अध्यक्ष डॉ. पी.के जोशी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जिस तेजी से विज्ञान ने तरक्की की है और तकनीकी विकास के करण जीवन के हर क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आया है, उस अनुपात में कृषि क्षेत्र में परिवर्तन दिखाई नहीं देते। हामरे पूर्वजों और हमारी पीढ़ी के बीच खेती करने के तौर तरीकों में ज्यादा अंतर देखने को नहीं मिलता। उन्होंने कृषि के क्षेत्र में क्रांतिकारी प्रौद्योगिकी विकास करने पर जोर दिया।शुभारंभ समारोह को सम्मेलन को इंडियन सोसायटी ऑफ एग्रीकल्चरल इकोनॉमिक्स के अध्यक्ष डॉ. डी.के. मरोठिया, सम्मेलन अध्यक्ष डॉ. प्रताप एस. बिरथल, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, छत्तीसगढ़ डॉ. ज्ञानेन्द्र मणि, कृषि अर्थशास्त्र अनुसंधान संघ के सचिव अंजनी कुमार, राष्ट्रीय जैविक स्ट्रैस प्रबंधन संस्थान, बरौंडा, रायपुर के निदेशक डॉ. पी.के. घोष ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित एल्यूमिनी पोर्टल ‘‘यूनी एल्यूमिनी’’ का लोकार्पण किया गया। विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित नवीन प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया। समारोह में कृषि महाविद्यालय रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. जी.के. दास, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान डॉ. वी.के. त्रिपाठी भी उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ. हुलास पाठक द्वारा किया गया।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय पीएम स्वनिधि व एनयूएलएम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले निकायों, बैंकों, लाभार्थियों एवं स्ट्रीट वेंडर्स को करेंगे पुरस्कृत-स्ट्रीट वेंडर्स को वित्तीय साक्षरता एवं वित्तीय समावेशन की दी जाएगी जानकारीरायपुर । नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) द्वारा 12 दिसम्बर को नगरीय निकायों, बैंकों, लाभार्थियों तथा स्ट्रीट वेंडर्स के सम्मान समारोह-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कार्यक्रम में पीएम स्वनिधि तथा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले निकायों, बैंकों, लाभार्थियों एवं स्ट्रीट वेंडर्स को पुरस्कृत करेंगे। रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित सम्मान समारोह-सह-कार्यशाला में स्ट्रीट वेंडर्स को वित्तीय साक्षरता एवं वित्तीय समावेशन की जानकारी भी दी जाएगी।सुडा द्वारा "उत्कृष्टता की ओर बढ़ते कदम” की थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ ही उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव, जल संसाधन तथा रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायकगण सर्वश्री राजेश मूणत, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा तथा महापौर श्री एजाज ढेबर भी शामिल होंगे।सुडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शशांक पाण्डेय ने बताया कि सम्मान समारोह-सह-कार्यशाला में पीएम स्वनिधि तथा डे-एनयूएलएम (दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नगरीय निकायों, बैंकों और लाभार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लाभार्थी ऐसे शहरी पथ विक्रेता जो बैंक से प्राप्त ऋण की अदायगी समय पर कर रहे हैं, उन्हें भी पुरस्कृत किया जाएगा। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में कार्यरत सिटी मिशन प्रबंधक व सामुदायिक संगठक तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना एवं एनयूएलएम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बैंकों के अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।कार्यशाला में भारतीय रिजर्व बैंक और राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी के अधिकारी शहरी पथ विक्रेताओं को वित्तीय साक्षरता एवं वित्तीय समावेशन की जानकारी देंगे। इस दौरान भारत पे, पेटीएम और गूगल पे के प्रतिनिधियों द्वारा "मैं भी डिजिटल अभियान" अंतर्गत डिजिटल लेन-देन के संबंध में परिचर्चा-सह-मार्गदर्शन कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। कार्यशाला में एमएमयू एप की लॉचिंग के साथ ही शहरी पथ विक्रेताओं को यूपीआई पेमेंट बॉक्स का वितरण भी किया जाएगा।पीएम स्वनिधि योजना में एक साल में 30,197 शहरी पथ विक्रेताओं को 52.85 करोड़ का दिया गया ऋणप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कोरोना महामारी के दौरान प्रभावित शहरी पथ विक्रेताओं एवं रेहड़ी-पटरी वालों के आजीविका संवर्द्धन के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का शुभारंभ किया गया है। कोरोना काल में लॉक-डाउन के दौरान शहरी पथ विक्रेताओं एवं रेहड़ी-पटरी वालों की आजीविका सबसे ज्यादा प्रभावित हुई थी, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा था। इस स्थिति से बाहर आने में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना बहुत प्रभावी सिद्ध हुई है। अनेक पथ विक्रेता योजना के माध्यम से अपनी आजीविका संवर्द्धन कर रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में पिछले एक वर्ष में राज्य के विभिन्न नगरीय निकायों में कुल 30 हजार 197 शहरी पथ विक्रेताओं को पीएम स्वनिधि योजना का लाभ देते हुए 52 करोड़ 85 लाख रुपए का ऋण वितरित किया गया है। योजना के प्रथम चरण में 19 हजार 162 हितग्राहियों को 19 करोड़ 15 लाख रुपए, द्वितीय चरण में 7089 हितग्राहियों को 14 करोड़ 14 लाख रुपए तथा तृतीय चरण में 3946 हितग्राहियों को 19 करोड़ 56 लाख रुपए का ऋण प्रदान किया गया है।
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- मुख्यमंत्री की पहल पर सुगमता से हो रही है धान की खरीदी
-खरीदी व्यवस्था का लगातार की जा रही है मॉनीटरिंग-धान खरीदी के एवज में 9.14 लाख किसानों को 9159.61 करोड़ रूपए का भुगतान-मिलर्स द्वारा धान उठाव शुरू, अब तक 2.31 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी-शिकायत एवं निवारण के लिए हेल्प लाइन नंबर 0771-2425463रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। वहीं धान खरीदी व्यवस्था पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। राज्य में धान 14 नवम्बर से शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। अब तक 42.83 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी के एवज में 9.14 लाख किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 9159 करोड़ 61 लाख रूपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। धान खरीदी के साथ-साथ मिलर्स द्वारा धान का उठाव भी शुरू कर दिया गया है। धान उठाव के लिए 2.31 लाख मीट्रिक टन धान के लिए डीओ जारी किया गया था, जिसके विरूद्ध 31 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आज 11 दिसम्बर को 84341 किसानों से 3.34 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। इसके लिए 94279 टोकन जारी किए गए थे। आगामी दिवस के लिए 92036 टोकन जारी किए गए हैं। - -मुख्यमंत्री ने की रायपुर में सेंटर फाॅर इनोवेशन, ट्रेड एंड स्किलिंग स्थापना, 1000 सीटर को-वर्किंग स्पेस निर्माण एवं प्रत्येक जोन में एक बाॅक्स स्पोर्ट्स काॅम्प्लेक्स निर्माण की घोषणारायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज भाठागांव स्थित अंतरराज्यीय बस स्टैंड में नवनिर्मित इनोवेशन सेंटर का फीता काटकर शुभारंभ किया। साथ ही जयस्तंभ चौक के मल्टीलेवल पार्किंग में नवनिर्मित को-वर्किंग स्पेस आरंभ का वर्चुअली लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सेंटर फाॅर इनोवेशन, ट्रेड एंड स्किलिंग की स्थापना, रायपुर जिले में 1000 सीटर को-वर्किंग स्पेस निर्माण और नगर निगम क्षेत्र के प्रत्येक जोन में एक-एक बाॅक्स स्पोर्ट्स काॅम्प्लेक्स निर्माण की घोषणा की। इस अवसर पर ओयो के फाउंडर श्री रितेश अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रूपए का निवेश करने और 15 हजार रोजगार सृजन करने की बात कहीं। इनोवेट के गेम जोन में मुख्यमंत्री श्री साय एवं ओयो फाउंडर श्री अग्रवाल ने टेबल टेनिस खेल में हाथ आजमाया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने एवं रोजगार के नये अवसर पैदा करने स्मार्ट सिटी का विचार क्रियान्वित किया। रायपुर को भी स्मार्ट सिटी के रूप में चयनित किया गया है। राज्य सरकार स्मार्ट सिटी के अनुरूप सुविधाओं को लगातार बढ़ाने के लिए पहल कर रही हैं। श्री साय ने कहा कि युवा उद्यमियों के दिमाग में उद्यम के बहुत से विचार हैं। वे अपना स्टार्टअप आरंभ करना चाहते हैं बस उन्हें थोड़ा सहयोग देने की आवश्यकता है फिर वे कमाल कर दिखाएंगे। सरकार युवाओं के लिए यही सपोर्ट सिस्टम तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन के कार्याें की सरहाना की।उन्होंने कहा कि स्टार्टअप के लिए एक आफिस, फर्नीचर, एक अच्छा लोकेशन, कंप्यूटर, वाईफाई चाहिए, लेकिन इतने सब कुछ के लिए ही जो बजट लगता है वो बहुत से युवा उद्यमियों के बस की बात नहीं होती। को-वर्किंग एंड इनोवेशन सेंटर के रूप में यही आफिस स्पेस उन्हें उपलब्ध करा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 48 लाख रुपए की लागत से जयस्तंभ चैक के मल्टीलेवल पार्किंग सेंटर में आरंभ स्टार्टअप को-वर्किंग सेंटर तथा एक करोड़ रुपए की लागत से अंतरराज्यीय बस टर्मिनल में इनोवेशन सेंटर तैयार किया गया है। यहां स्टार्टअप उद्यमियों को काम करने के लिए आफिस मिल जाएगा। साथ ही प्राइवेट कैबिन होंगे, कंप्यूटर मिल जाएंगे और फर्नीचर उपलब्ध होगा, कैफेटेरिया होगा। प्रेजेंटेशन के लिए आडिटोरियम होगा। उन्हें केवल अपने आइडिया पर काम करना होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि को-वर्किंग सेंटर होगा तो अन्य स्टार्टअप कंपनियां भी यहां आपरेट करेंगी। इस तरह से एक तरह की सोच वाले उद्यमी एक ही स्थान पर काम करेंगे, इससे वे आपस में विचारों को साझा भी करेंगे, जिससे नवाचार का एक बेहतरीन वातावरण राजधानी में तैयार होगा। उन्होंने कहा कि रितेश अग्रवाल ने छोटी सी उम्र में बड़ा मुकाम हासिल किया। उनके पास एक विचार था कि लोग अच्छे सुविधाजनक होटल चाहते हैं। डिजिटल क्रांति उसी समय शुरू हुई थी, लोग तेजी से स्मार्ट फोन अपना रहे थे, उन्होंने ओयो एप आरंभ किया और इस छोटे से विचार ने हास्पिटैलिटी सेक्टर में क्रांति ला दी। छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली युवाओं के पास भी ऐसे अनेक विचार हैं। उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए संकल्पित हैं। आज को-वर्किंग एंड इनोवेशन सेंटर की शुरूआत इसी का हिस्सा है।इस अवसर पर ओयो के फाउंडर श्री रितेश अग्रवाल ने कहा कि स्टार्टअप के जरिए हमें बड़ी सफलता मिली थी और वर्तमान में 22 हजार होटल संचालित हो रहा है। छत्तीसगढ़ में इनोवेट के शुरू होने से हजारों युवाओं को फाउंडर बनने का अवसर मिलेगा। गांव के युवाओं के सपने भी पूरे हो सकेंगे। श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आने वाले समय में 500 करोड़ रूपए निवेश करने की तैयारी हमारी कंपनी ने की है और 15 हजार रोजगार भी सृजनित किए जाएंगे। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियों की सरहाना करते हुए कहा कि यहां पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है, इससे निश्चित ही स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ एक स्टार्टअप राज्य बनेगा। श्री अग्रवाल ने खुशी जताते हुए कहा कि यह देखा गया है कि बड़ी कंपनी के शुभारंभ में उद्यमी पहुंचते थे, लेकिन आज छत्तीसगढ़ में सुखद अवसर है कि मुख्यमंत्री सहित अन्य सम्मानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए है।कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नवाचार की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए है। इससे जिले में रोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। 50 से अधिक महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप को भी बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने नवगुरूकुल संस्था के युवाओं को जाॅब आफर लेटर दिया। शी-हब से जुड़ी महिलाओं और स्टार्टअप कंपनियों के युवा उद्यमियों का सम्मान किया। साथ ही बी.पी.ओ. सेंटर से जुड़े युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया। कार्यक्रम के दौरान नवाचार क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारियों का सम्मान किया। इस अवसर पर विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, श्री विक्रम उसेंडी, कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 12 दिसंबर को राजधानी रायपुर, कोरबा और बिलासपुर जिले के तखतपुर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सवेरे 10.30 बजे रायपुर सिविल लाईन स्थित न्यू-सर्किट हाऊस में प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करेंगे।मुख्यमंत्री दोपहर 12.05 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 12.55 बजे कोरबा के मुड़ापार हेलीपेड पहुंचेेंगे और सीएसईबी फुटबॉल ग्राउण्ड में दोपहर 1 बजे मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम तथा विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकर्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे।मुख्यमंत्री श्री साय कोरबा से अपरान्ह 2.35 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 3.05 बजे बिलासपुर जिले के तखतपुर पहुंचेंगे और 3.10 बजे जे.एम.पी. शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रागंण में आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के लोकर्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होंगे तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के नवपदस्थ कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री शाम 4.15 बजे तखतपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 4.45 बजे रायपुर लौट आएंगे।मुख्यमंत्री श्री साय शाम 6 बजे रायपुर के पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में पीएम स्व-निधि, डे-एनयूएलएम अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए नगरीय निकायों, बैंकों तथा लाभार्थियों के सम्मान समारोह में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री रात्रि 7.15 बजे रायपुर के पंडरी अटल एक्सप्रेस-वे फ्लाईओव्हर के नीचे ‘बॉक्स स्पोर्स्टस कॉम्पलेक्स‘ का लोकार्पण करेंगे।
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- शासन के न्यौता भोजन की अवधारणा से बच्चों के फूड हैबिट में आया सकारात्मक परिवर्तन
- बच्चों को जब पढ़ाई के साथ मिला स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन तो स्कूल जाने में बढ़ी रूचि
- ग्राम डुन्डेरा के पीएमश्री शासकीय प्राथमिक शाला एवं शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में न्योता भोजन का हुआ बेहतरीन आयोजन
- जनसहभागिता से अभिभावकों तथा समाज का स्कूलों के प्रति बढ़ा दायित्व
राजनांदगांव । न्यौता भोजन की अवधारणा से बच्चों के फूड हैबिट में सकारात्मक परिवर्तन आया है। शासन के न्योता भोजन की पहल के कारगर परिणाम दिखाई दे रहे हैं। भोजन जब स्वादिष्ट व पौष्टिक हो और पढ़ाई करने के साथ-साथ ऐसा स्वादिष्ट व्यंजन मिले तो बच्चों में न केवल अध्ययन के प्रति रूचि बढ़ती है, बल्कि उनका स्वास्थ्य अच्छा रहता है। वहीं स्कूल जाने के लिए बच्चों में खुशी रहती है। ऐसी ही खुशी और मुस्कान दिखाई दे रही है, पीएमश्री शासकीय प्राथमिक शाला डुन्डेरा एवं शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डुन्डेरा के बच्चों के चेहरों पर। शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक शाला डुन्डेरा में उनकी थाली में आज परोसा गया है, गरमा-गरम जलेबी, भजिया, बर्फी, पूड़ी एवं अन्य सुरूचिपूर्ण भोजन। विभिन्न व्यंजनों के साथ बच्चों ने दैनिक भोजन दाल, चावल, पापड़, आलूगोभी की सब्जी, सलाद का आनंद लिया। बच्चों ने प्रार्थना कर भोजन खाना प्रारंभ किया। भोजन करने के पहले बच्चों ने हैंडवाश किया और अपने साफ-सुथरे हाथों को दिखाकर अपनी खुशी जाहिर की। वहीं पीएमश्री स्कूल डुन्डेरा में बच्चों को दाल, चावल, सब्जी, पूड़ी, पापड़, फल एवं मिठाई दी गई। शाला प्रबंधन एवं विकास समिति शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डुंडेरा के अध्यक्ष श्री विरेन्द्र कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि स्कूल में न्योता भोजन जनसहभागिता से अच्छी तरह संचालित हो रहा है। सहायक शिक्षक पीएमश्री प्राथमिक शाला डुंडेरा के श्री राकेश चंद्रवंशी ने बताया कि प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के तहत न्योता भोजन आयोजित किया जा रहा है। विशेष आयोजनों पर न्योता भोजन का आयोजन किया जा रहा है। शाला प्रबंधन समिति एवं पालकों द्वारा खासतौर पर जन्मदिन विभिन्न पर्व के अवसर पर न्योता भोजन का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज समिति के अध्यक्ष श्री प्रीतराम वर्मा की ओर से न्योता भोजन का आयोजन किया गया है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा बच्चों को पौष्टिक आहार देने के लिए जनसहभागिता से न्योता भोजन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिससे अभिभावकों तथा समाज की सहभागिता एवं दायित्व स्कूलों के प्रति बढ़ी है।
उल्लेखनीय है कि न्योता भोजन की अवधारणा एक सामुदायिक भागीदारी पर आधारित है। यह विभिन्न त्यौहारों या अवसरों जैसे वर्षगांठ, जन्मदिन, विवाह और राष्ट्रीय पर्व पर बड़ी संख्या में लोगों को भोजन प्रदान करने की भारतीय परम्परा पर आधारित है। समुदाय के सदस्य ऐसे अवसरों व त्यौहारों पर अतिरिक्त खाद्य पदार्थ या पूर्ण भोजन के रूप में बच्चों को पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन प्रदान कर सकते हैं। यह पूरी तरह स्वैच्छिक है और समुदाय के लोग अथवा कोई भी सामाजिक संगठन या तो पूर्ण भोजन का योगदान कर सकते हैं या अतिरिक्त पूरक पोषण के रूप में मिठाई, नमकीन, फल या अंकुरित अनाज के रूप में खाद्य सामग्री का योगदान दे सकते हैं। न्योता भोजन, स्कूल में दिए जाने वाले मिड-डे मील का विकल्प नहीं है, बल्कि यह इसके अतिरिक्त है। दान दाताओं को न्योता भोजन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। -
- उपभोक्ता के घर का बिजली बिल हो जाएगा शून्य
- घरों की छत पर रूफटॉप सोलर प्लांट हो रहा स्थापित
- जिले में घरों की छत पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए 527 आवेदन हुए प्राप्त, 19 हितग्राहियों के घरों में संयंत्र किए गए स्थापित
राजनांदगांव । शासन द्वारा शहरी एवं ग्रामीण घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छत पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने के उद्देश्य से प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना शुरू की गई है। योजनांतर्गत राजनांदगांव जिले में घरों की छत पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए 527 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 19 हितग्राहियों के घरों में संयंत्र स्थापित किए गए है। प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना फरवरी 2024 से प्रभावशील है। यह स्थापित प्लांट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से संयोजित होगा, जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड में दी गई बिजली के एवज में अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है। शासन द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत 30 हजार रूपए से 78 हजार रूपए तक की सब्सिडी प्रति प्लांट दिए जाने का प्रावधान है। रूफटॉप सोलर संयंत्र की क्षमता अनुसार लागत राशि एवं सब्सिडी अलग-अलग है। उपभोक्ता द्वारा सोलर प्लांट के ब्रांड चयन कर सकते हंै। 3 किलोवाट से अधिक क्षमता का प्लांट लगाने पर अधिकतम 78 हजार रूपए तक सब्सिडी का प्रावधान है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को वेबसाईट श्चद्वह्यह्वह्म्4ड्डद्दद्धड्डह्म्.द्दश1.द्बठ्ठ या क्करूस्ह्वह्म्4ड्डत्रद्धड्डह् म् मोबाईल एप पर पंजीयन कर लॉग इन आईडी प्राप्त करना होगा। इसके बाद वेब पोर्टल पर उपलब्ध वेंडर का चुनाव कर बिजली कर्मचारी की मदद से वेब पोर्टल पर पूर्ण आवेदन करना होगा। निर्धारित अनुबंध हस्ताक्षरित होने के पश्चात वेंडर द्वारा छत पर प्लांट की स्थापना एवं डिस्कॉम द्वारा नेट मीटर स्थापित किया जाता है। स्थापित प्लांट के सत्यापन पश्चात शासन द्वारा सब्सिडी ऑनलाईन जारी कर दी जाती है। इस दौरान यदि उपभोक्ता इच्छुक हो तो शेष राशि का प्रकरण 7 प्रतिशत ब्याज दर पर बैंक ऋण हेतु बैंकों को जनसमर्थन पोर्टल द्वारा ऑनलाईन प्रेषित किया जाता है। -
- वंशिका को पढ़ाई के लिए मिली एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि
- वंशिका और उनकी मां श्रीमती संगीता ने मुख्यमंत्री का किया आभार व्यक्त
- वंशिका को आगे की शिक्षा के लिए होगी मदद, गरीबी नहीं बनेगी शिक्षा के लिए बाधा
- श्रम विभाग में मां के श्रमिक पंजीयन होने से बिटिया वंशिका हुई लाभान्वित
राजनांदगांव । निर्माणी श्रमिक श्रीमती संगीता साहू की बिटिया वंशिका साहू को 10वीं कक्षा में राज्य स्तर पर टॉप 10 के छठवां स्थान प्राप्त करने पर राज्य शासन की ओर से 1 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि मिला है। आर्थिक रूप में बेहद कमजोर परिवार से संबंध रखने वाली वंशिका को आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए राज्य शासन की मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना मददगार बनी है। वंशिका ने बताया कि वे राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड के दूरस्थ वनांचल ग्राम हालेकोसा में निवास करती हैं और शिक्षा भी स्थानीय शासकीय स्कूल में पढ़ाई कर रही है। उन्होंने बताया कि उनकी मां श्रीमती संगीता साहू भवन निर्माण कार्य में मजदूरी का कार्य करती है और उनके पिता श्री तोरनलाल साहू की छोटी सी कपड़े की दुकान है। उनकी मां का छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में श्रमक पंजीयन कार्ड बना हुआ है। वंशिका ने बताया कि उनके माता-पिता मजदूरी करके दोनों भाई-बहन की पढ़ाई करा रहे हैं। वंशिका ने कहा कि प्राप्त राशि से शिक्षा के लिए मदद मिली है और मेरे माता-पिता के होने वाले खर्च का भार भी कम हुआ। माता-पिता के परिश्रम को ध्यान में रखते हुए वंशिका समर्पित भाव से पढ़ाई कर रही है। वंशिका डॉक्टर बनना चाहती हैं, जिसके लिए वह बॉयोलॉजी विषय लेकर पढ़ाई कर रही है। वंशिका ने 10वीं कक्षा में 97.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राज्य की मेरिट सूची में छठवां स्थान प्राप्त किया है।
वंशिका की मां श्रीमती संगीता ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में बहुत अच्छी है। वह शुरू से ही पढ़ाई में बहुत अच्छी थी। वह स्कूल से घर आने पर पढ़ाई में ज्यादा समय देती है। उन्होंने कहा कि उन्हें पता नहीं था कि श्रम विभाग में उनके श्रमिक पंजीयन कराने से उनकी बिटिया के श्रेष्ठ प्रदर्शन से 1 लाख रूपए की मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य शासन से प्राप्त राशि मेरी बिटिया के आगे की शिक्षा और डॉक्टर बनने के सपने के लिए बहुत मददगार होगी। वंशिका और उनकी मां श्रीमती संगीता साहू ने योजना के अंतर्गत उन्हें लाभान्वित करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को बहुत-बहुत आभार व्यक्त किया।
श्रमिकों के बच्चों को सरकार देती है राशि -
मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत छत्तीसगढ़ भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल की ओर से पंजीकृत निर्माणी श्रमिकों के मेधावी बच्चों की मदद की जाती है। कक्षा 10वीं से लेकर स्नातकोत्तर और व्यवसायिक पाठ्यक्रम में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने पर 5 हजार रूपए से लेकर 12 हजार 500 रूपए तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस योजना के तहत पंजीकृत निर्माणी श्रमिकों के बच्चे, जो छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा में टॉप-10 में स्थान प्राप्त करते हैं, उन्हें एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, साथ ही दोपहिया वाहन खरीदने के लिए एक लाख रूपया दिया जाता है। - -जिला न्यायालय सहित गरियाबंद, देवभोग, तिल्दा, राजिम और आरंग में भी होगा आयोजनरायपुर / राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के वार्षिक कलेण्डर के अनुसार 14 दिसंबर को को पूरे देश में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाना है। नेशनल लोक अदालत में न्यायालय में राजीनामा योग्य लंबित मामला, भाड़ा नियंत्रण, चेक बाउन्स, आबकारी विधि, सिविल विधि, यातायात संबंधी, परिवार न्यायालय, विद्युत, दूरसंचार, नगर निगम, जलकर, भूमिकर, श्रम विधि, आपराधिक विधि के मामलों का निराकरण राजीनामा के माध्यम से किया जाता है। जिला रायपुर तथा जिला गरियाबंद, तहसील देवभोग, तिल्दा, एवं राजिम तथा नवीन तहसील आरंग में नेशनल लोक अदालत का आयोजन 14 दिसम्बर शनिवार को एक साथ किया जायेगा। नेशनल लोक अदालत की तैयारी के संबंध में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर माननीय श्री बी०पी० वर्मा ने न्यायाधीशगण की बैठक ली। बैठक में उनके द्वारा निर्देश दिया गया है कि अधिक से अधिक मामलों को चिन्हांकित कर प्रीसिटिंग के माध्यम से राजीनामा के आधार पर प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाये। उनके द्वारा बताया गया कि, नेशनल लोक अदालत के माध्यम से जन जन को सरल, सस्ता, तथा सुलभ न्याय प्रदान कराया जाना है एवं व्यक्त किया कि, नेशनल लोक अदालत का प्रचार-प्रसार सार्वजनिक स्थल हाट बाजार, रेल्वे स्टेशन, बस स्टॅण्ड एवं ग्रामीण अंचल मुनादी कराकर किया जा रहा है, तथा इसके अतिरिक्त रेल्वे स्टेशन व चौक चौराहो में ट्रैफिक स्पीकर के माध्यम से भी नेशनल लोक अदालत का प्रचार प्रसार किया जा रहा है। इस बार लोगों को विशेष रूप से मोबाईल वैन के माध्यम से भी नेशनल लोक अदालत का लाभ उनके घर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा । लोक अदालत में पक्षकारों एवं अधिवक्ताओं की सुविधा हेतु हेल्प डेस्क का भी गठन किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है, जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आकर हेल्प डेस्क के माध्यम से लोक अदालत का लाभ प्राप्त कर सकते है।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को जारी की राशिरायपुर । नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने राज्य के 166 नगरीय निकायों को कुल 66 करोड़ छह लाख रुपए की पार्षद निधि जारी की है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने 14 नगर निगमों को 21 करोड़ 96 लाख रुपए, 48 नगर पालिकाओं को 20 करोड़ 70 लाख रुपए और 104 नगर पंचायतों को 23 करोड़ 40 लाख रुपए की पार्षद निधि जारी की है। नगरीय निकायों के विकास और नागरिकों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ये राशि प्रदान की गई है। वार्डों के विकास और आवश्यक कार्यों को पूरा करने के लिए इस निधि का उपयोग किया जाएगा।नगरीय निकायों को जारी की गई पार्षद निधि की यह राशि चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए निर्धारित कुल निधि का 50 प्रतिशत है। इससे पहले इस वर्ष जुलाई में भी निकायों को 65 करोड़ 72 लाख 24 हजार रुपए का आवंटन जारी किया गया था। पार्षद निधि के रूप में नगर निगमों में प्रत्येक वार्ड के लिए छह लाख रुपए, नगर पालिकाओं में प्रत्येक वार्ड के लिए साढ़े चार लाख रुपए और नगर पंचायतों में प्रत्येक वार्ड के लिए तीन लाख रुपए प्रावधानित है।उप मुख्यमंत्री तथा विभागीय मंत्री श्री अरुण साव से हाल ही में विभिन्न नगरीय निकायों के पार्षदों ने मुलाकात कर पार्षद निधि की राशि जारी करने की मांग की थी। श्री साव ने उनकी मांग पर त्वरित कार्यवाही करते हुए विभाग को पार्षद निधि जल्द जारी करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने नगरीय निकायों को इस निधि का उपयोग पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करने को कहा है। साथ ही सभी कार्यों का क्रियान्वयन वार्डों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पार्षदों की अनुशंसा से करने के निर्देश दिए हैं।श्री साव ने उम्मीद जताई है कि पार्षद निधि के माध्यम से वार्ड स्तर पर बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, जिससे नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा। सरकार का उद्दे श्य सभी को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने पार्षद निधि से कराए जाने वाले सभी कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अपनी सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर जनता के नाम संदेश देंगे, जिसका सीधा प्रसारण 12 दिसंबर को अपराह्न 4 बजे एवं रात्रि 8 बजे क्षेत्रीय समाचार चैनलों, आकाशवाणी, एफएम रेडियो एवं सीएमओ के सोशल मीडिया प्लेटफार्म से किया जाएगा।
- रायपुर /खेती-किसानी में उलझे द्वारिका पटेल ने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन उन्हें भी मुफ्त में तीर्थ यात्रा का मौका मिलेगा। उनकी पत्नी रामाबाई को भी कभी लगता नहीं था कि वह अपने पति के साथ रामलला का दर्शन करने अयोध्या जा पाएगी। जब से अयोध्या में मंदिर बना और रामलला विराजमान हुए तब से रामाबाई की इच्छा थी कि वह भी भगवान राम का दर्शन करें। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा तीर्थ यात्रियों का चयन किए जाने के लिए आवेदन मंगाए जाने पर पटेल दम्पति ने अपना आवेदन जमा किया और ये भाग्यशाली रहे कि लॉटरी में भी दोनों का नाम निकल आया। अपना नाम आने के बाद खुद को सौभाग्यशाली मानते हुए पति-पत्नी ने खुशी-खुशी कोरबा से अयोध्या तक यात्रा की। अयोध्या से रामलला का दर्शन करने के बाद खुद को धन्य समझने वाले पटेल दम्पति ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित छत्तीसगढ़ की सरकार को कोटि-कोटि धन्यवाद दिया।रामलला दर्शन तीर्थ यात्रा के यादगार पलों को बताते हुए द्वारिका प्रसाद खुद को बहुत रोमांचित महसूस करते हैं। पाली विकासखंड के ग्राम चैतमा में रहने वाले किसान द्वारिका पटेल ने बताया कि पत्नी रामाबाई के साथ रामलला दर्शन के लिए चयन होने के बाद दोनों कोरबा से बस में सवार होकर बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां अन्य यात्रियों के साथ सभी का स्वागत अभिनंदन किया गया। स्पेशल ट्रेन में सवार होने के बाद वे अयोध्या तक पहुंचे। इस दौरान ट्रेन में भजन-कीर्तन का माहौल था और भगवान श्री राम के जयकारे के साथ लंबी दूरी की यात्रा का पता ही न चला। अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर और उनकी प्रतिमा का दर्शन बहुत ही सुखद अनुभूति कराने वाला अविस्मरणीय पल था। रामाबाई ने बताया कि तीर्थ यात्रा में पति के साथ जाने का मौका मिला। अन्य तीर्थ यात्रियों के बीच मेल मिलाप और पारिवारिक रिश्ते जैसे अनुभव हुए। उन्होंने कहा कि यात्रा यादगार रही। अभी भी उस यात्रा को याद करने पर भगवान रामलला आंखों में दिखाई देते हैं। रामाबाई ने बताया कि हम दोनों दिन भर खेती किसानी के कार्य में व्यस्त रहते हैं और अपने गांव के आसपास से कही और नहीं जा पाते। छत्तीसगढ़ की सरकार ने घर से लेकर अयोध्या तक बस, स्पेशल ट्रेन और नाश्ते-भोजन के साथ रहने की व्यवस्था की और बिना पैसा लिए निःशुल्क में श्री रामलला दर्शन तीर्थ यात्रा योजना के माध्यम से हम जैसे परिवारों को सुनहरा मौका दिया उसके लिए हम हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।
- -118 लेक्चरर, 96 शिक्षक और 263 सहायक शिक्षकों, 40 पीवीटीजी सहित 500 से अधिक शिक्षकों की हुई नियुक्ति-शिक्षकों की नियुक्ति में विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार पहाड़ी कोरवा, बिरहोर समाज को मिली वरीयतारायपुर / कुछ समय पहले तक अपने विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर विद्यार्थी परेशान थे। स्कूलों में विषय से संबधित शिक्षक नहीं होन या फिर एकमात्र शिक्षक होने और कभी-कभी उनके अवकाश में रहने से अध्यापन ठप होने जाने की शिकायत पालकों की भी रहती थी। कई बार शिक्षकों की कमी को लेकर प्रदर्शन तक भी होते रहते थे। शिक्षकों की कमी का सबसे ज्यादा खामियाजा विद्यार्थियों को ही भुगतना पड़ता था। समय पर पाठयक्रम पूरे नहीं होते थे तो उन्हें विषय का ज्ञान भी नहीं मिल पाता था। कई बार तो शिक्षकों की कमी को देखते हुए कुछ विद्यार्थी अपने आसपास के विद्यालयों से दूर जाकर अन्य विद्यालय तक में पढ़ाई करते थे। वहीं शिक्षक नहीं होने पर सीमित संख्या में उपलब्ध शिक्षकों के कंधे पर भी अन्य विषयों का अध्यापन कराने की मजबूरी आ जाती थी। कुछ इन्हीं समस्याओं को ध्यान रखकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नवाचारी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दिशा निर्देशन में कलेक्टर श्री अजीत वसंत द्वारा कोरबा जिले में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार किया जा रहा है। जिले में सैकड़ों ऐसे विद्यालय थे, जहां शिक्षकों की कमी थीं, उन विद्यालयों में विषय से संबंधित लेक्चचर, शिक्षकों, सहायक शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गई है। अब शिक्षक नियुक्त हो जाने से विद्यालयों में अध्यापन व्यवस्था पहले से बेहतर हो गई है।कोरबा जिले में शिक्षा व्यवस्था को पहले से और बेहतर बनाने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं।कोरबा जिले में दो हजार से अधिक विद्यालय है। हायर सेकेण्डरी, माध्यमिक शाला, प्राथमिक शाला विद्यालय में शिक्षकों की कमी की शिकायत लगातार कलेक्टर के पास आती रहती थी। उन्होंने जिला खनिज संस्थान न्यास के माध्यम से सभी विद्यालयों की जानकारी जुटाकर शिक्षकों की कमी को दूर करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए। हायर सेकेण्डरी स्कूलों में विषय शिक्षकों की भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मंगाए गए और निर्धारित अर्हता पूरी करने वाले उम्मदवारों का चयन किया गया। प्राथमिक शाला कोरई में मानदेय के आधार पर नियुक्त हुई शिक्षिका चंद्रिका पैंकरा और प्राथमिक शाला कदमझेरिया की शिक्षिका शकुंतला कंवर ने बताया कि स्कूल में अतिथि शिक्षक के रूप में जिम्मेदारी मिलने के बाद वे भी जिम्मेदारी के साथ बच्चों का अध्यापन करा रहे हैं। यह खुशी की बात है कि शिक्षकों की नियुक्ति में पारदर्शिता बरतते हुए गांव के बेरोजगार योग्य युवाओं को भी अवसर दिया गया है। जिले के हायर सेकेण्डरी स्कूलों में कुल 118 लेक्चरर की नियुक्ति की गई। इसी तरह माध्यमिक शाला में 96 शिक्षकों और प्राथमिक शाला में 263 सहायक शिक्षकों सहित 40 पीवीटीजी शिक्षकों की नियुक्ति की गई। कुल 517 शिक्षकों की नियुक्ति जिले में की गई है। सभी शिक्षकों को मानदेय के आधार पर रखा गया है और डीएमएफ से उन्हें प्रतिमाह वेतन दिया जाता है। जिसमें रिक्त पदों के विरूद्ध शिक्षकों की नियुक्ति हो जाने से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक माहौल मिलने लगा है। उनका समय पर पाठयक्रम पूरा हो रहा है वहीं विषय ज्ञान का स्तर भी सुधरने लगा है। एकल शिक्षकीय विद्यालयों में भी शिक्षकों को राहत मिली है। अभिभावक भी इस व्यवस्था से संतुष्ट है। खास बात यह भी है कि शिक्षकों की नियुक्ति में जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार पहाड़ी कोरवा, बिरहोर समाज को भी वरीयता दी गई है। उन्हें भी उनकी योग्यता के आधार पर जिले के अनेक विद्यालयों में शिक्षक सहित भृत्य एवं अन्य पदों पर रखा गया है, ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत होकर समाज की मुख्यधारा में आ सकें।भृत्यों की नियुक्ति सहित अन्य सुविधाओं पर भी दिया गया है ध्यान -जिले के हायर सेकेण्डरी, माध्यमिक शाला, प्राथमिक शाला विद्यालय में लेक्चचर, शिक्षकों, सहायक शिक्षकों की नियुक्ति तो की ही गई है। इसके साथ ही विद्यालयों में 270 भृत्य भी नियुक्त किए गए हैं। कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने जर्जर विद्यालयों की भी सुध ली है। उन्होंने जर्जर भवनों की जानकारी मंगाकर नए भवन स्वीकृत किए हैं। जिले में संचालित शासकीय संस्थाओं के भवन, किचन शेड, शौचालय इत्यादि की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर आवश्यकता अनुसार स्वीकृति दी गई है। जिले के परीक्षा परिणाम में सुधार हेतु केंद्रीय परीक्षा पद्धति अपनाते हुए जिले के समस्त विद्यालय हेतु पाठ्यक्रम निर्धारित कर नियत समय पर त्रैमासिक एवं अर्धवार्षिक परीक्षा संचालित करने हेतु निर्देशित किया गया है। कक्षा 10वीं एवं 12वीं के कमजोर छात्र-छात्राओं के लिए बोर्ड परीक्षा के पूर्व शैक्षणिक स्तर में सुधार हेतु नवीन कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जिले के 2100 से अधिक प्राइमरी तथा मिडिल स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने नाश्ते वितरण कराए जा रहे हैं। खाना पकाने गैस कनेक्शन दी गई है। विद्यालयों में आवश्यक संसाधान मुहैया कराया जा रहा है और शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।















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