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- -हैण्डपंप पर निर्भरता हुई खत्मबिलासपुर /बिल्हा विकासखंड में स्थित है ग्राम लगरा जो जिला मुख्यालय से लगभग 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस ग्राम में 403 परिवार रहते हैं। जल जीवन मिशन आने के पहले गांव के लोगों को शुद्ध पेय जल सम्बंधित समस्या हमेशा बनी रहती थी। लगरा के लोगों को पीने के पानी के लिए हैण्डपंप पर निर्भर रहना पड़ता था। बरसात में गंदा पानी निकलने कि समस्या और गर्मी के दिनों में भू जल स्तर में गिरावट की समस्या होने के कारण हैण्डपंप से भी पानी नहीं मिल पाता था। गांव में हैण्डपंप होने के बाद भी पेयजल संबंधित समस्या बनी रहती थी। परन्तु जल जीवन मिशन के तहत पूरे लगरा गांव में 403 टेपनल कनेक्सन दिए गए हैं और जल जीवन मिशन के तहत 1,15,000 लीटर क्षमता वाली उच्च स्तरीय जलागार का निर्माण किया गया है। 5520 मीटर यू.पी. व्ही.सी. पाईप लाइन ग्राम मे बिछाया गया है।लगरा में जल जीवन मिशन का पानी पहुंचने से लोग खुश हैं। लगरा के लोगों को पेयजल संबंधित समस्या से निजात मिल गया है। हितग्राही श्रीमती राही विश्वकर्मा कहती है कि जल जीवन मिशन से पहले उन्हे पेयजल के लिए हैण्डपंप पर निर्भर रहना पड़ता था और अपनी बारी के इंतजार में बहुत समय व्यतित हो जाता था जिससे वे अपने घरेलू कार्य एवं कृषि कार्य करने में पिछड़ जाती थीं और कई महत्वपूर्ण कार्य समय के कमी के कारण चुक जाता था। जल जीवन मिशन के तहत अब घर पर ही टेप नल लगाये जाने से पानी भरने हेतु हैण्डपंप पर निर्भर नहीं होना पड़ता, अब सारा काम सही समय पर हो जाता है।इसी तरह हितग्राही श्रीमती राजेश्वरी यादव कहती है कि इस योजना से पहले पानी भरने के लिए उन्हें दूसरे मोहल्ले जाना पड़ता था वहां लोगों की भारी भीड़ हुआ करती थी जिसके कारण पानी भरने में बहुत मशक्कत करनी पड़ती थी और बहुत थकान हो जाता था, और कभी कभी लड़ाई झगड़ा भी हो जाया करता था परंतु अब जल जीवन मिशन योजना से घर पर ही शुद्ध पेयजल प्राप्त हो रही है जिससे मैं बहुत खुश हूं। लगरा के ग्रामवासियों का कहना है कि जल जीवन मिशन ने उनके जीवन स्तर में काफी परिवर्तन लाया है, जहां लोग पहले पेयजल के लिए अपना मुख्य कार्य भी छोड़ देते थे परंतु अब घर पर नल से जल मिल जाने से लोग अपने मुख्य कार्य जैसे कृषि एवं अन्य व्यवसाय आदि पर ध्यान दे पाते है जिससे लोगों के आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। इस योजना के लिए सभी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया।
- बिलासपुर।. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव 23 नवम्बर को बेमेतरा और बिलासपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे 23 नवम्बर को सवेरे साढ़े दस बजे बिलासपुर से सड़क मार्ग द्वारा बेमेतरा के लिए रवाना होंगे। वे दोपहर सवा 12 बजे बेमेतरा में श्रीराम एकेडमी का शुभारंभ करेंगे। वे दोपहर साढ़े 12 बजे श्रीराम एकेडमी से बेमेतरा के टाउन हॉल के लिए प्रस्थान करेंगे। श्री साव दोपहर 12:35 बजे टाउन हाल में बेमेतरा जिला अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल होंगे। वे दोपहर डेढ़ बजे बेमेतरा से बिलासपुर के लिए रवाना होंगे। वे दोपहर तीन बजे वापस बिलासपुर पहुंचेंगे।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव 23 नवम्बर को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ बिलासपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे दोपहर साढ़े तीन बजे सकरी रोड के लोकार्पण, दोपहर 03:50 बजे मिनोचा रोड के लोकार्पण और शाम चार बजे स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। श्री साव शाम पांच बजे लखीराम अग्रवाल ऑडिटोरियम में दैनिक नवप्रदेश समाचार पत्र के स्थापना दिवस पर आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल होंगे। वे शाम पौने छह बजे मिनी स्टेडियम और शाम 06:20 बजे मल्टीलेवल कार पार्किंग के लोकार्पण के बाद शाम पौने सात बजे अरपा तट पर राम सेतु मार्ग के लोकार्पण कार्यक्रम एवं बिलासपुर विकास दीप महोत्सव में शामिल होंगे। श्री साव शाम 07:40 बजे लाल बहादुर शास्त्री स्कूल में राउत नाच महोत्सव में शामिल होंगे।
- - लेजर और लाइट शो से बिखरेगी सतरंगी छटा- छत्तीसगढ़ी गायक अनुराग शर्मा देंगे विशेष प्रस्तुतिबिलासपुर, / 23 नवंबर की शाम बिलासपुर और अरपा के तट पर खास नजारा देखने को मिलेगा। शहर में पहली बार लेजर शो देखने को मिलेगा और 10 हजार दीयों से अरपा को जगमग करने की तैयारी है। इस अवसर पर अरपा के दोनों पुल को आकर्षक लाइट से सजाया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय विकास कार्यों के लोकार्पण कार्यक्रम के अंत में शाम 7 बजे नए रिवर व्यू श्री रामसेतु मार्ग का लोकार्पण करेंगे,जहां 10 हजार दीयें अरपा नदी में छोड़े जाएंगे,लेजर शो और आतिशबाजी से बिलासपुर विकास दीप महोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर शाम 6 बजे से सुप्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी गायक अनुराग शर्मा द्वारा अनुराग शर्मा म्यूजिकल नाइट का भी आयोजन किया जाएगा।
- -संत कबीर कृषि महाविद्यालय अनुसंधान केंद्र भवन का हुआ विधिवत लोकार्पण-किसानों को ट्रैक्टर, सब्जी कीट, मसूर मिनी कीट, मृदा स्वस्थ कार्ड और आइस बॉक्स का किया गया वितरण-कृषि महाविद्यालय के खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को किया गया सम्मानितरायपुर । कवर्धा के समीप घोटिया रोड पर स्थित 50 एकड़ में बनकर तैयार संत कबीर कृषि महाविद्यालय अनुसंधान केंद्र भवन का उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने विधिवत फीता काटकर लोकार्पण किया। कृषि महाविद्यालय के अनुसंधान केंद्र क्षेत्र के किसानों के लिए उन्नत कृषि तकनीक, प्रशिक्षण, और शोध का प्रमुख केंद्र बनेगा। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने किसानों को ट्रैक्टर, सब्जी कीट, मसूर मिनी कीट, मृदा स्वस्थ कार्ड और आइस बॉक्स का वितरण किया। इसके साथ ही कृषि महाविद्यालय के खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। उद्घाटन कार्यक्रम पर महाविद्यालय में जैविक किसान मेला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री संतोष पाण्डेय और पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, श्री कैलाश चंद्रवंशी, कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, अधिष्ठाता डॉ. राजीव श्रीवास्तव, संचालक विस्तार सेवाएं डॉ. एसएस टूटेजा, डॉ. संजय शर्मा, डॉ. निमोध प्रभ सहित जिले के किसान, छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि यह महाविद्यालय पूरे भारत में प्रथम स्थान पर आए इसके लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि 8 करोड़ की लागत से निर्मित 50 एकड़ में फैला महाविद्यालय परिसर और भवन न केवल उन्नत कृषि तकनीकों का विकास करेगा बल्कि किसानों को वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़ते हुए उनकी आय बढ़ाने में भी मदद करेगा। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कृषि को लाभकारी बनाया जाए। उन्होंने इस भवन को आधुनिक कृषि शिक्षा और अनुसंधान का केंद्र बताते हुए कहा कि यह केंद्र युवाओं को भी कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं की ओर प्रेरित करेगा। इसके अलावा, उन्होंने क्षेत्र के किसानों को हर संभव सहायता और सुविधा प्रदान करने का आश्वासन दिया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की पहल से राज्य का कृषि क्षेत्र आत्मनिर्भर बनेगा और यह केंद्र पूरे राज्य में आदर्श के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि कवर्धा के शुगर फैक्ट्री में सबसे अधिक रिकवरी आता है। यह किसानों की परिश्रम की देन है। उन्होंने कहा कि अनुसंधान केंद्र किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सहायक सिद्ध होगा।कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने संत कबीर कृषि महाविद्यालय अनुसंधान केंद्र भवन के लोकार्पण को ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय में किसानों और कृषि क्षेत्र के विकास के क्षेत्र में अनेक कार्य किए जा रहे है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने किसानों के लिए 3100 रुपये में धान खरीदी कर किसानों के खाते में राशि का अंतरण किया जा रहा है। विष्णुदेव साय की सरकार ने पिछले दो वर्षों का 4 हजार करोड़ रुपये का बोनस किसानों को दिया है। धान के समर्थन मूल्य और बोनस का एकमुश्त भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने मोदी गारंटी में महिलाओं के लिए चल रही योजनाओं के तहत महतारी वंदन योजना से 1 हजार रुपये राशि प्रदान कर रही है। उन्होंने कवर्धा क्षेत्र की समृद्धि और गन्ना-कपास उत्पादन की प्रशंसा करते हुए कहा कि अनुसंधान और आविष्कार से कृषि में और संभावनाएं बढ़ाई जा सकती हैं। यहां की जलवायु और सुविधाएं प्रदेश को कृषि के क्षेत्र में अग्रणी बनाएंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि ये योजनाएं गरीब, किसान, मजदूर, महिलाओं और युवाओं के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कवर्धा और आसपास के क्षेत्रों में गन्ना उत्पादन और देश में सबसे अधिक रिकवरी वाले कारखाने की प्रशंसा की। मंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र कृषि के क्षेत्र में नवाचार और समृद्धि के लिए एक आदर्श स्थान बन सकता है।सांसद श्री संतोष पांडेय ने लोकार्पण समारोह को गरिमामय बताते हुए कवर्धा की विशेषता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कवर्धा एक अत्यधिक उत्पादक क्षेत्र है, जहां गन्ना उत्पादन के कारण दो शक्कर कारखाने संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विष्णुदेव साय की सरकार किसानों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदेश सरकार ने किसानों से किए गए वादों को पूरा किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने भारत को कृषि प्रधान देश बताते हुए उन्नत कृषि तकनीकों के विकास पर जोर दिया। डबल इंजन की सरकार द्वारा किसानों की उन्नति के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने कहा कि सरकार सभी के विकास की दिशा में कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां किसानों का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की हर जरूरत का ध्यान रख रही है और उनकी उन्नति के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ के कृषि प्रधान राज्य होने के कारण यहां के किसान प्रदेश की आर्थिक रीढ़ हैं, और उनकी भलाई के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने समग्र विकास और समृद्धि के लिए सामूहिक भागीदारी पर जोर दिया।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा और कृषि मंत्री श्री नेताम ने किसानों को वितरण किया ट्रैक्टर और सामग्रीउपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम सहित अतिथियों ने कृषि भवन के लोकार्पण के अवसर पर बीज निगम द्वारा 05 हितग्राहियों को टैक्टर, 10 हितग्राहियों को मसूर कीट, 10 हितग्राहियों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड और 05 हितग्राहियों को मछली जाल का वितरण किया गया। इसके साथ ही उद्यानिकी विभाग द्वारा 05 हितग्राहियों को सब्जी कीट भी प्रदान किए गए। यह वितरण कार्यक्रम किसानों और कृषि क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। इन उपकरणों और सामग्री से किसानों को कृषि कार्यों में सहायता मिलेगी, जिससे कृषि उत्पादन और क्षेत्रीय विकास को नया बल मिलेगा।गन्ना उत्पादन की उन्नत तकनीकी के लिए टेक्निकल बुलेटिन का विमोचनउपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम सहित अतिथियों ने गन्ना उत्पादन की उन्नत तकनीकी को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष टेक्निकल बुलेटिन का विमोचन किया। यह बुलेटिन गन्ना किसानों के लिए नई तकनीकों और उन्नत पद्धतियों की जानकारी प्रदान करेगा, जिससे वे अपने उत्पादन को बढ़ा सकेंगे और कृषि क्षेत्र में सुधार ला सकेंगे। इसका उद्देश्य गन्ना उत्पादन में तकनीकी सुधारों को लागू करना और किसानों को बेहतर संसाधनों और जानकारियों से लैस करना है, ताकि वे अधिक लाभकारी तरीके से कृषि कार्य कर सकें।खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले महाविद्यालय के खिलाड़ियों को किया गया सम्मानितकार्यक्रम के दौरान खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले महाविद्यालय के खिलाड़ियों को सम्मानित किया। सम्मान समारोह में खिलाड़ियों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए जिन्होंने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और महाविद्यालय का नाम रोशन किया। इससे खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण को सराहते हुए उनके उत्साह को बढ़ावा मिला। उपमुख्यमंत्री और कृषि मंत्री ने खिलाड़ियों को अपनी शुभकामनाएं दीं और कहा कि खेलों में सफलता प्राप्त करना केवल शारीरिक मेहनत नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और समर्पण का परिणाम है।
- -ओलंपियन हाॅकी खिलाड़ी दानिश मुजतबा भी आयेरायपुर। 46वीं अखिल भारतीय विद्युत लॉन टेनिस स्पर्धा का आगाज 23 को होगा। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज की केंद्रीय क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक समिति इसकी मेजबानी कर रही है। इसमें विभिन्न प्रदेशों की विद्युत कंपनियों की नौ टीमें हिस्सा लेंगी। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के अध्यक्ष डॉ रोहित यादव 25 नवंबर को समापन समारोह में विजेताओं को पुरस्कार वितरित करेंगे। स्पर्धा का उद्घाटन समारोह कल 23 नवंबर को 11.30 बजे छछानपैरी स्थित एपीआईसीईएम टेनिस कोर्ट में होगा।उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री एसके कटियार होंगे तथा प्रबंध निदेशकगण श्री राजेश कुमार शुक्ला एवं श्री भीमसिंह कंवर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। समापन समारोह 25 नवंबर को दोपहर 2.30 बजे होगा, जिसमें मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव होंगे। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में प्रबंध निदेशकगण श्री राजेश कुमार शुक्ला एवं श्री भीमसिंह कंवर उपस्थित रहेंगे। इस स्पर्धा में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ सहित आंध्रप्रदेश, असम, कर्नाकट, उत्तरप्रदेश, तमिलनाडू, केरल, कोलकाता, तेलंगाना राज्य से विद्युत कंपनियों की टीमें शामिल होंगी।उत्तरप्रदेश पाॅवर कार्पोरेशन लिमिटेड में खेल अधिकारी के पद पर काम करते हुए श्री दानिश मुजतबा को दो बार भारतीय ओलम्पिक हाॅकी टीम में खेलने का मौका मिला। वे यूपी की टीम के मैनेजर बन कर आये है।(नोट - इंटरनेट में श्री दानिश मुजतबा की फोटो और अन्य सामग्री बहुतायत में उपलब्ध है। )
- रायपुर । औद्योगिक इकाइयों को वेब पोर्टल पर वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण की विवरणियां स्वयं भरने के प्रति संवेदनशीलता जागृत करने हेतु राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर द्वारा आज, जिला पंचायत कार्यालय, अत्तरमुड़ा, रायगढ़ के सभाकक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया ।कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अल्ताफ हुसैन हाजी, उपमहानिदेशक, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, रायपुर ने की । कार्यक्रम में प्रतिभागियों का स्वागत श्री ऋषभ सिंह श्याम, सहायक निदेशक, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, बिलासपुर द्वारा किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ श्री अल्ताफ हुसैन हाजी, उपमहानिदेशक द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया । राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (क्षेत्र संकार्य प्रभाग), सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रति वर्ष वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण संचालित किया जाता है । इसके अंतर्गत चयनित औद्योगिक इकाईयों द्वारा निर्धारित विवरणी भरकर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय को प्रस्तुत की जाती है ।
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रायपुर /जनसंपर्क संचालनालय द्वारा अधिमान्य मीडिया प्रतिनिधियों के अधिमान्यता परिचय पत्र नवीनीकरण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। अधिमान्यता नवीनीकरण हेतु 15 दिसम्बर 2024 तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किये जायेंगे।
अधिमान्यता नवीनीकरण हेतु जनसंपर्क संचालनालय की वेबसाइट www.dprcg.gov.in एवं https://jansampark.cg.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी अपने नवीनतम पासपोर्ट फोटो के साथ संबंधित जिला जनसंपर्क कार्यालय में जमा करना होगा। अधिमान्य पत्रकार अधिमान्यता परिचय पत्र की वैधता अवधि जारी परिचय पत्र के पीछे अंकित वैधता तिथि से ज्ञात कर सकते हैं। - -स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने उत्कृष्टता प्रमाण पत्र हासिल करने वाले अस्पतालों के डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टॉफ को दी बधाईरायपुर। उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने वाले राज्य के पांच आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र व एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS – National Quality Assurance Standard) प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया है।केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने नवम्बर माह में ही इन छः स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर मरीजों के लिए उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता का परीक्षण किया था। टीम ने इस संबंध में मरीजों से भी फीडबैक लिया था।स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम के मूल्यांकन में महासमुंद ज़िले के प्राथमिक स्वस्थ्य केंद्र लंबर को 94.24%, नारायणपुर ज़िले के आयुषमान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र करमरी को 91.87% व एड़का को 86.08% के साथ कांकेर जिले के आयुषमान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र अर्रा को 95.03%, तेलगरा को 93.53% व पर्रेकोदो को 89.81% अंक प्राप्त हुए हैं ।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने समर्पित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उत्कृष्टता प्रमाण पत्र हासिल करने वाले इन सभी अस्पतालों के डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टॉफ को बधाई दी है। उन्होंने भरोसा जताया है कि ये अस्पताल आगे भी अपनी उत्कृष्टता बरकरार रखते हुए मरीजों की सेवा करेंगे और प्रदेश के दूसरे अस्पतालों के लिए नए प्रतिमान स्थापित करेंगे। दूरस्थ अंचलों में स्थित शासकीय अस्पतालों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र मिलना इस बात का संकेत है कि राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं सभी क्षेत्रों तक पहुंच रही हैं।उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण-पत्र प्रदान करने के पूर्व विशेषज्ञों की टीम द्वारा अस्पताल की सेवाओं और संतुष्टि स्तर का विभिन्न मानकों पर परीक्षण किया जाता है। इनमें उपलब्ध सेवाएं, मरीजों के अधिकार, इनपुट, सपोर्ट सर्विसेस, क्लिनिकल सर्विसेस, इन्फेक्शन कंट्रोल, गुणवत्ता प्रबंधन और आउटकम जैसे पैरामीटर शामिल हैं। इन कड़े मानकों पर खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुणवत्ता प्रमाण-पत्र जारी किए जाते हैं।
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दुर्ग । शिक्षा ही एकमात्र माध्यम है जो आदिवासियों के जीवन स्तर को ऊपर उठाएगा। इसीलिए प्रत्येक आदिवासी ब्लॉक में 4 से 5 एकलव्य आदिवासी आश्रम होने चाहिए। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग शीघ्र ही आदिवासी वर्ग के लिए युवा संवाद एवं जन संवाद का कार्यक्रम नई दिल्ली में प्रधानमंत्री के साथ आयोजित करेगा। उपरोक्त बातें आज राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान दुर्ग जिले के भिलाई में आयोजित प्रेसवार्ता में कही ।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष अंतर सिंह आर्या ने कहा कि 13 मार्च 2024 को देश के राष्ट्रपति के द्वारा उन्हें राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष की शपथ दिलाई थी उसके बाद से ही वह पूरे देश के दौरे पर है। जिससे कि आदिवासियों तक भारत सरकार की योजना सीधे पहुंच रही है अथवा नहीं इसकी समीक्षा कर रहे हैं । छत्तीसगढ़ के भिलाई इस्पात संयंत्र में भी हजारों की संख्या में आदिवासियों को रोजगार प्राप्त हुआ है। आदिवासियों के लिए भारतीय संविधान में निर्धारित रोस्टर का पालन हो रहा है कि नहीं इसकी समीक्षा करने के लिए बीएसपी के दौरे पर हैं बीएसपी देश का महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठान है। जिसका लाभ आदिवासी वर्ग को मिलना चाहिए भारत सरकार के द्वारा आदिवासी वर्ग के लिए अनेको जन कल्याणकारी योजनाएं बनाई है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जमीन से जुड़े हुए हैं और वह प्रत्येक वर्ग की समस्याओं से भली भांति परिचित हैं। विशेष पिछड़ी आदिवासी वर्ग के लिए जनमन योजना बनाई गई है। विशेष कर बैगा आदिवासियों के लिए यह योजना लागू की गई है। धरातल पर जाकर हमने इस योजना की समीक्षा भी की है विशेष कर मध्य प्रदेश के डिंडोरी एवं मंडला क्षेत्र में इस योजना के तहत कार्य हो रहे हैं। मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति इसी योजना के माध्यम से हो रही है रोड, पानी, बिजली की सुविधा इन क्षेत्रों के आदिवासियों को प्राप्त हो रही है। इस योजना के माध्यम से विकास हो रहा है आदिवासी वर्ग के द्वारा इसकी सराहना भी की गई है।आदिवासी वर्ग के विकास के लिए उनका पूरा फोकस है विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय में युवाओं से उनके द्वारा संवाद भी किया जा रहा है और जनवरी 2025 में दिल्ली में 5000 आदिवासी युवाओं के साथ युवा संवाद कार्यक्रम आयोजन की योजना बना रहे हैं जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह करेंगे कि वह आदिवासी युवाओं के साथ सीधे संवाद करें ताकि उनका भी विकास हो सके एवं उन्हें रोजगार प्राप्त हो सके।श्री सिंह ने कहा कि वन्य ग्राम के तहत फॉरेस्ट विभाग को अधिकार प्राप्त थे परंतु अब वन्य ग्राम को राजस्व ग्राम बना दिया गया है और जो आदिवासी इन क्षेत्रों में खेती किसानी कर रहा है उन्हें चार हेक्टेयर भूमि अर्थात 10 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जा सके ऐसे प्रयास हैं उनके पास 30 से 35000 अभी आवेदन प्राप्त है जिनकी समीक्षा की जा रही है। रिमोट एरिया में जहां नेटवर्क की समस्या थी उसके लिए कलेक्टर के साथ बैठक कर मोबाइल टावर लगाने के लिए कहा गया है ताकि नेटवर्क की समस्या भी दूर हो सके। शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है जिससे आदिवासियों का विकास हो सकता है प्रत्येक आदिवासी ब्लॉक में 5 से 6 एकलव्य आवासी आश्रम होने चाहिए पूरे देश में 476 एकलव्य आवासीय आश्रम के निर्माण का कार्य चल रहा है। अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आर्या ने पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का भी माकुल जवाब दिया। - दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में जिला अस्पताल दुर्ग के शिशु रोग विभाग में राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताह मनाया गया। जिसके अंतर्गत विगत दिनों शिशु रोग विभाग द्वारा अस्पताल के टीकाकरण स्टाफ एवं एनआरसी स्टाफ एसएनसीयू स्टाफ, मितानिन और गार्ड की उपस्थिति में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिशु रोग विभाग प्रमुख डॉ. आर.के. मल्होत्रा, डीईआईसी इंचार्ज शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मित प्रसाद, एसएनसीयू इंचार्ज शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. वाय किरण द्वारा न्यू बोर्न केयर के अंतर्गत नवजात शिशु की देखभाल, स्तनपान, टीकाकरण, एंटीबायोटिक का उपयोग, नवजात शिशु में जन्मजात विकार विषय पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला चिकित्सालय दुर्ग में 18 बेड एसएनसीयू है, जिसमें हर महीना करीब 170 बच्चे भर्ती होते हैं। जिला चिकित्सालय में प्रति माह लगभग 700 डिलीवरी होती है। इस कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉक्टर हेमंत साहू के द्वारा बच्चों में होने वाले रोग एवं निदान के बारे में सभी को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में सभी इंचार्ज सिस्टर्स के साथ श्रीमती ममता शर्मा, श्रीमती मंजू नागरे, श्रीमती उषा गुप्ता एवं श्रीमती अनीता वर्मा उपस्थित थीं
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*-क्रेडा द्वारा डेवलप्ड ’’सौर समाधान ऐप’’ ऊर्जा एवं जल संरक्षण में कृषकों की करेगा मदद*
दुर्ग/ ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिसेंसी भारत सरकार के निर्देशानसार, कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में ऊर्जा एवं जल संरक्षण विषय पर कृषकों को जागरूक करने हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र अंजोरा दुर्ग में विगत दिन अर्द्ध दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में पशुचिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालय दुर्ग के वैज्ञानिक श्री विकास खुने ने ऊर्जा एवं जल संरक्षण के बारे में अवगत कर नयी तकनीकों के साथ कृषि किये जाने हेतु कृषकों को जागरूक किया गया। विषय विशेषज्ञ डॉ निशा शर्मा (कामधेनु वि.वि. अंजोरा) ने ऊर्जा एवं जल संरक्षण के महत्व को बताते हुये बचत हेतु किसानो को फसल चक्र परिवर्तन, गर्मी में धान के बदले अन्य फसल लेने हेतु कृषकों से आह्वान किया। विषय विशेषज्ञ डॉ रोशन लाल साहू (कामधेनु वि.वि. अंजोरा) ने कृषि में जल मितव्ययता तथा विपरीत परिस्थिति में फसल नष्ट होने पर फसल बीमा कराने, टपक एवं स्प्रींकलर द्वारा सिंचाई के साथ-साथ विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपस्थित कृषकों को प्रदान की। क्रेडा विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री भानुप्रताप द्वारा क्रेडा के ’’सौर समाधान ऐप’’ के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस ऐप का विमोचन 18 नवंबर 2024 को प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा बस्तर में किया गया। उक्त कार्यक्रम में श्री राजेश सिंह राणा मुख्य कार्यपालन अधिकारी क्रेडा द्वारा ऐप के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी मुख्यमंत्री महोदय, उप-मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लता उसेंडी, अन्य जनप्रतिनिधियों एवं कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न विभागों के प्रमुखों के समक्ष दिया गया। साथ ही अर्द्ध दिवसीय कार्यशाला में उपस्थित कृषकों को सौर समाधान ऐप द्वारा विभिन्न योजनाओं की जानकारी, योजनाओं हेतु आवेदन, शिकायतों पर कार्यवाही तथा क्रेडा अधिकारियों एवं अधिकारियों द्वारा ऑनलाईन मॉनिटरिंग के माध्यम से संयंत्रों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने के बारे में जानकारी दी गई तथा उनके मोबाईल में ऐप इंस्टाल कराया गया। कार्यक्रम में विभिन्न ग्रामों के लगभग 50 कृषक उपस्थित हुये। इन्हें फसल परिवर्तन, जल संरक्षण एवं ऊर्जा दक्ष पंप के बारे में जानकारी दी गई। श्री यतेश वर्मा (के. वॉय एनर्जी) द्वारा ऊर्जा दक्ष पंपों का प्रदर्शनीय कर ऊर्जा बचत की जानकारी दी गई, जिससे कृषकों द्वारा भविष्य में कृषि कार्य के लिए ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग एवं फसल चक्र अपनाते हुये जल संरक्षण हेतु संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में क्रेडा से श्री नितेश बन्छोर (सहायक अभियंता) श्री दिनेश चंद्रा (सहायक अभियंता), श्री हरीश श्रीवास्तव (उप-अभियंता), श्री विक्की चौधरी (उप-अभियंता), कु. यामिनी देवांगन (उप-अभियंता) एवं क्रेडा के अन्य स्टॉफ उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर/सफाई, पानी, बिजली, नवनिर्माण, शौचालय जीर्णोधार, एस.एल.आर.एम सेंटर आदि का रोज सुबह 7ः30 बजे से निरीक्षण करने आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय सभी जोन में दौरा कर रहे है। इसी तारतम्य में आज जोन क्रं. 03 मदर टेरेसा नगर क्षेत्र में निरीक्षण हेतु पहुंचे। तीनदर्शन मंदिर 18 नम्बर रोड डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, सुभाष चैंक बीएसपी पानी टंकी के पास हमर क्लीनिक निर्माण, अम्बेडर नगर सुलभ शौचालय गुपचुप मोहल्ला में निर्मित सुलभ का अवलोकन, 18 नम्बर रोड बैकुण्ठधाम तालाब, एस.एल.आर.एम. सेंटर में कचरा सेग्रिगेशन का कार्य, छावनी चैंक पावर हाउस अंडरब्रिज, विवेकानंद उद्यान, सेक्टर 02 छट तालाब, फुटबाल ग्राउण्ड आदि का निरीक्षण किए।आयुक्त दौरा करते-करते चंद्रा मोर्या चैंक अंडरब्रिज जल भराव क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे। वहां की स्थिति पूर्व की भांति जल भराव की बनी रहती है। थोड़ा भी पानी गिर जाने से आने-जाने वाले को परेशानी होती है। जल भराव को देखते हुए मोटर पम्प से पानी लिफ्ट करके खाली करना पड़ता है। इसको देखते हुए उन्होने अभियंता बसंत साहू को कहा हर समस्या का समाधान हो सकता है, प्रयास करना पड़ता है। रेल्वे के संबंधित विभाग में संपर्क कर उनके अभियंता से मिले और मिलकर तकनीकी त्रुटि के कारण जो समस्या आ रही है। उसका निराकरण का समाधान खोजें। हमे यह भी ध्यान देना है, कि हम सब किस प्रकार से बिना मोटर पम्प का इस्तेमाल किये जल भराव समस्या का निदान कर सकते है। यह पुरानी समस्या बन गई है, इसका उपाय हम सबको मिलकर ढुंढना होगा।एस.एल.आर.एम. सेंटर में स्वच्छता दीदी द्वारा किये जा रहे खाद का निर्माण एवं वहां की सफाई व्यवस्था देखकर आयुक्त ने तारीफ की कोई भी समस्या हो तो हमसे मिल सकते है। गुपचुप मोहल्ला अम्बेडकर नगर सुलभ शौचालय में पानी की व्यवस्था करवा के शीध्र उपयोगी बनाने को कहा।भ्रमण के दौरान जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, अभियंता बसंत साहू, नितेश मेश्राम, शंकर मरकाम, जनसम्पर्क अधिकारी अजय शुक्ला, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी विरेन्द्र बंजारे आदि उपस्थित रहे।
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सुकमा । जिले में आज सुबह सुरक्षाबलों ने एक बड़ी कार्रवाई में 10 नक्सलियों को मार गिराया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षाबलों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सरकार नक्सलवाद के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर में विकास, शांति और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बस्तर में शांति , विकास और प्रगति का दौर लौट आया है।उन्होंने सुरक्षा बलों को उनके अदम्य साहस और समर्पण के लिए बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ से नक्सलियों का सफाया निश्चित है । मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के द्वारा मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलियों के सफ़ाये के लक्ष्य की पूर्ति की दिशा में हम सुनियोजित तरीक़े से आगे बढ़ रहे है ।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय विगत दिवस राजधानी रायपुर के होटल अंब्रेसिया में छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित दीपावली मिलन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर कहा कि आप सभी ने बहुत सुंदर आयोजन किया है। आप सभी अपने परिवार जनों के साथ आए हैं, मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं।मुख्यमंत्री श्री साय ने द साबरमती रिपोर्ट फिल्म का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में इस फिल्म को हमने टैक्स फ्री कर दिया है और अभी मैंने मंत्री गणों और विधायकों के साथ इस फिल्म को देखा है। इस फिल्म में गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस में हुई घटना को बहुत सुंदर ढंग से फिल्माया गया है। मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि वे इस फिल्म को जरूर देखें। साथ ही इस फिल्म के संदर्भ में कहा कि सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं।मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभा रहा है। सीमेंट के सुचारू परिवहन से अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। अधोसंरचनाओं का निर्माण हम समय पर पूरा कर पाते है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारी गण और उनके परिजन उपस्थित थे।
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जशपुर । जिले में अवैध कारोबारियों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार सुबह कबाड़ी कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस ने गुप्त सूचना पर बनाई गई विशेष रणनीति के तहत पत्थलगांव, कांसाबेल और कुनकुरी सहित कई स्थानों पर छापेमारी कर लाखों रुपये की नकदी और भारी मात्रा में अवैध कबाड़ बरामद किया।
मामले की जानकारी देते हुए एसपी शशिमोहन सिंह ने बताया की अवैध कबाड़ी कारोबार की जानकारी मिलने के बाद एक विशेष अभियान चलाने की योजना बनाई गई। शुक्रवार सुबह 4 बजे पुलिस टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर एक साथ कार्रवाई शुरू की।पुलिस ने पत्थलगांव में कबाड़ी बिट्टू, सुंदर और विक्की के गोदामों पर छापा मारा। यहां से लोहे और अन्य धातुओं का अवैध भंडारण मिला।कांसाबेल में कबाड़न पूनम साहू के गोदाम से सैकड़ों कांसे और पीतल के बर्तन बरामद किए गए। इसके अलावा, 22 लाख 30 हजार रुपये नकद मिले, जिसके संबंध में पूनम कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकी। पुलिस ने इस मामले की सूचना आयकर विभाग को दी है।कुनकुरी के गिनाबहार गांव में कबाड़ी निजाबुल आलम के गोदाम से सरकारी सप्लाई के झूलों और रेलिंग का अवैध भंडार बरामद हुआ। यह सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का गंभीर मामला है।एसपी शशिमोहन सिंह ने इससे पहले मवेशी तस्करी और गांजा तस्करी के बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया है। इस ताजा कार्रवाई ने जिले के अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया है और संगठित अपराधों पर कड़ी चोट की है। एसपी शशिमोहन सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई जिले में संगठित अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा, “जिले में किसी भी तरह के अवैध कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।” - -गुड गवर्नेंस की रीजनल कॉन्फ्रेंस में बेस्ट प्रेक्टिसेस पर हुई चर्चा-रायपुर में चल रही है ‘गुड गवर्नेंस‘ पर दो दिवसीय रीजनल कॉन्फ्रेंस-देश के विभिन्न राज्यों के 150 प्रतिनिधि ले रहे भागरायपुर / भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार के संयुक्त तत्वाधान में नवा रायपुर में ‘‘गुड गवर्नेंस‘‘ पर दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन आज से शुरू हुआ। इस सम्मेलन में गुड गवर्नेंस की बेस्ट प्रेक्टिसेस, नागरिक सशक्तिकरण, शासन-प्रशासन के कामकाज और नागरिक सेवाओं की आम जनता तक पहुंच को आसान बनाने के लिए विभिन्न ई-प्लेटफार्म के उपयोग आदि से संबंधित विषयों पर हुए विचार-विमर्श के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सुशासन के लिए जनभागीदारी जरूरी है। इसके जरिए कठिन से कठिन चुनौतियों का समाधान किया जा सकता है। इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यो से आए 150 प्रतिनिधि सहित छत्तीसगढ़ राज्य के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भाग ले रहे हैं।सम्मेलन के पहले दिन के दूसरे सत्र में ‘‘जिला प्रशासन में महिला नेतृत्व‘‘ विषय पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ शासन की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने की। इस सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले की कलेक्टर श्रीमती मोनिका रानी एवं लखीमपुरी-खीरी की कलेक्टर श्रीमती दुर्गा शक्ति नागपाल और छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की कलेक्टर श्रीमती नम्रता गांधी ने सत्र को सम्बोधित किया। कलेक्टर श्रीमती मोनिका रानी ने सेवा से संतृप्तिकरण अभियान के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हमें फील्ड में जाकर जनता से मिलकर शासकीय सेवाओं की सहजता से आम जनता तक पहुंच सुनिश्चित करना चाहिए। कलेक्टर श्रीमती दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है क्योंकि वे मल्टीटास्कर, प्राकृतिक रूप से देखभाल करने वाली और संवेदनशील होती हैं। उन्होंने आगे कहा कि जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में महिलाओं के समूह केले की खेती और सह-उत्पाद निर्माण और ई-कॉमर्स से अपने उत्पाद का विक्रय कर रहा है। महिला समूहों के इस कार्य की प्रशंसा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने की है।धमतरी कलेक्टर श्रीमती नम्रता गांधी ने अपने व्यक्तव्य में नारी शक्ति से जल शक्ति जल जगार कार्यक्रम की सफलता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जन विश्वास एवं जनसहयोग से बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। जल जगार के बड़़े सार्थक परिणाम सामने आए हैं। जिले में जल संग्रहण और भू-जल स्तर बढ़ा है। फसल चक्र परिवर्तन किसानों ने अपनाया है। उन्होंने बच्चों के मेंटल हेल्थ, एजुकेशन विशेषकर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे आईआईटी, एम्स एवं मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।सम्मेलन के तीसरे सत्र ‘‘जिलों का समग्र विकास‘‘ विषय पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक ने की। इस सत्र में वक्ता के रूप में सहायक आयुक्त वेस्ट गारो हिल श्री चैतन्य अवस्थी, सुकमा कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव, कलेक्टर पठानकोट श्री आदित्य उप्पल ने अपने विचार साझा किए। श्री चैतन्य अवस्थी ने कहा कि उत्तर-पूर्व के क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थिति के कारण अधिक चुनौतियां होती हैं, जिनसे निपटने के लिए हमने जनभागीदारी और सशक्तिकरण, प्रतिस्पर्धा और तकनीक का उपयोग किया है। इससे जिले की उपलब्धियां पिछले वर्षों के मुकाबले दोगुनी हुई हैं। उन्होंने बताया कि पीएम आवास योजना के लिए बैंकों को रजिस्ट्रेशन डेस्क के रूप में उपयोग किया गया। पश्चिम गारो में उज्ज्वला, स्वनिधि, मुद्रा और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजनाओं के 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किए गए।कलेक्टर श्री ए. श्याम प्रसाद ने पारवथीपुरम मन्यम जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रिज्म-10 योजना की जानकारी दी। जिले के दुर्गम क्षेत्रों में मरीजों को हॉस्पिटल ले जाने के लिए डोली सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। कलेक्टर श्री आदित्य उप्पल ने कहा कि नागरिक केंद्रित सुशासन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने ‘सरकार आपके द्वार‘ कार्यक्रम शुरू किया है, इसके जरिए गांवों में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने और शिकायतों के निवारण पर मदद मिली है।सुकमा कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव ने जिले की कठिन भौगोलिक स्थिति और माओवाद आतंक की चुनौती का उल्लेख करते हुए कहा कि सुरक्षा के बिना विकास के काम को अंजाम देना कठिन है। इसलिए सुरक्षा कैंपों की स्थापना प्रमुखता से की जानी चाहिए। जिले में सुविधा शिविरों का आयोजन कर लोगों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। जिले में बंद पड़े 123 स्कलों को फिर से खोला गया है और विशेष जरूरतमंद बच्चों के लिए आकार कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
- - सुरक्षा बलों के जवानों ने नक्सल ऑपरेशन की सफलताओं और चुनौतियों को मुख्यमंत्री से किया साझारायपुर / आज जब युवा साथी मुझसे कहते हैं कि हम भी आपके जैसे बनना चाहते हैं, तब मैं गर्व और हौसले से भर जाती हूं। मैं चाहती हूं कि बस्तर के अधिक अधिक से अधिक युवा सुरक्षा बलों में भर्ती होकर देश की सुरक्षा में अपना योगदान दें। मुझे बहुत खुशी और गर्व है कि मैं इस सुरक्षा बल का हिस्सा हूं और नक्सल अभियानों में मेरी भूमिका रही है।सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन की जांबाज महिला कांस्टेबल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से उनके बस्तर के सेडवा कैंप प्रवास के दौरान ये बातें साझा की।मुख्यमंत्री श्री साय बस्तरिया बटालियन की महिला कांस्टेबल के आत्मविश्वास से भरे शब्दों को सुनकर गर्व से भर गए और शाबाशी देते हुए कहा कि जवानों के हौसलों से ही हमें ताकत मिलती है। उन्होंने कहा कि नक्सल ऑपरेशन में बस्तर की बहुत सारी बेटियां चुनौतियों के बीच सफलतापूर्वक काम कर रही हैं। बस्तर में नक्सलवादियों से मुकाबला करती हमारी बेटियों के पराक्रम का कोई सानी नहीं है।मुख्यमंत्री श्री साय को बताया गया कि सीआरपीएफ के चुनिंदा जवानों को कोबरा बटालियन में काम करने का मौका दिया जाता है। इन जवानों को नक्सल ऑपरेशन और जंगलवार में महारत हासिल है। जवानों ने टेकलगुड़ेम में कैम्प स्थापना के दौरान हुई घटना का जिक्र करते हुए बताया कि नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में हमारे कई साथी घायल हुए लेकिन हमारी टीम ने डटकर मुकाबला किया और कैम्प स्थापित करने में सफल हुए, जिसके कारण नक्सलियों को गांव छोडकर भागना पड़ा।जवानों ने अबूझमाड़ की चुनौतियों के बारे में मुख्यमंत्री को बताया। उन्होंने कहा कि दुर्गम इलाकों में कई तरह की चुनौतियों का सामना करने के बावजूद सभी जवानों का मनोबल ऊंचा है। हमारी तैनाती संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में होती है और हम हर तरह की चुनौतियों से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। हमारी कोशिश है कि हमारा राज्य नक्सलमुक्त हो। हम सब जवान टीम वर्क के साथ अभियानों को अंजाम देते हैं। नक्सल ऑपरेशन के दौरान जब जवान घायल होते हैं तब उनके लाइफ सपोर्ट के लिए भी टीम हमेशा मुस्तैद रहती है। ग्राउंड जीरो से हायर मेडिकल फेसिलिटिज तक जवानों को ले जाने के लिए एयर लिफ्ट करने का काम भी तत्काल किया जाता है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बस्तर प्रवास के दौरान अचानक ही सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन में जवानों से मिलने बस्तर जिले के सेडवा कैंप पहुंचे थे। यहां उन्होंने जवानों से खुलकर आत्मीयतापूर्वक बात की और जवानों ने भी मुख्यमंत्री से आत्मीय संवाद करते हुए माओवादी आतंक के उन्मूलन के प्रयास में अपने अनुभवों और चुनौतियों को साझा किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर जवानों की तारीफ करते हुए कहा कि नक्सलियों के विरुद्ध हमने जो सफलता हासिल की है, उसमें पुलिस और सुरक्षा बलों की अनेक टीमों और बटालियनों की साझी भागीदारी है। इसके साथ-साथ स्थानीय शासन के विभिन्न विभागों ने भी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवादी मानवता के दुश्मन हैं। बारूदी सुरंगें बिछाते हुए वे जरा भी नहीं सोचते कि इनसे आम लोगों की जानें भी जा सकती हैं। कई बार छोटे-छोटे बच्चे भी इन बारूदी सुरंगों की चपेट में आ जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोगों का काम सचमुच बहुत चुनौतीपूर्ण है, लेकिन हर चुनौती को चूर-चूर करना आप लोगों को आता है। आज हमारे जवान अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र में भी नक्सलवाद का सफाया करते हुए सफलता के झंडे लहरा रहे हैं। नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों ने देश के सामने संगठन और समन्वय का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है।
- -अब तक राज्य के लगभग 1.16 लाख से अधिक किसानों ने बेचा धान-धान खरीदी के एवज में किसानों को 971.16 करोड़ रूपए का भुगतानरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में अनवरत धान खरीदी का सिलसिला जारी है। 14 नवम्बर से शुरू हुए धान खरीदी अभियान में अब तक 5.37 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी हो चुकी है। राज्य में अब तक 1.16 लाख से अधिक किसानों ने अपना धान बेचा है। धान खरीदी के एवज में किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 971 करोड़ 16 लाख रूपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है।अधिकारियों ने बताया कि आज 21 नवम्बर को 26501 किसानों से 1.18 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी हुई है। इसके लिए 30828 टोकन जारी किए गए थे। आगामी दिवस के लिए 25840 टोकन जारी किए गए है।
- -वित्त मंत्री ने सुशासन पर आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन का किया शुभारंभ-देशभर में हो रहे नवाचारों, बेस्ट प्रेक्टिसेस और जनोन्मुखी कार्यों पर सम्मेलन में हो रहा विमर्श-केन्द्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय तथा राज्य शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा नवा रायपुर में दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजनरायपुर. । सुशासन विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है। इससे न केवल देश का सुव्यवस्थित विकास होता है, बल्कि यह नागरिकों के जीवन को भी बेहतर बनाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रारंभ हुए स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, जीएसटी, जैम पोर्टल, डिजिटल इनक्लुजन जैसे नवाचारों ने देश में बड़ा बदलाव लाया है। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज नवा रायपुर में केन्द्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग तथा छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा सुशासन पर आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए ये विचार व्यक्त किए। छत्तीसगढ़ सहित देशभर से आए भारतीय प्रशासनिक सेवा और केन्द्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अधिकारी सम्मेलन में सुशासन के लिए किए जा रहे नवाचारों, बेस्ट प्रेक्टिसेस और जनोन्मुखी कार्यों पर विमर्श कर रहे हैं।नागरिक केंद्रित सुशासन पर आयोजित दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को 55 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में ब्यूरोक्रेट्स की महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने सम्मेलन में भागीदारी कर रहे विभिन्न राज्यों के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों से कहा कि सुशासन, नवाचार और बदलाव के लिए खुद को ट्रांसफॉर्म करना होगा, ताकि आप लोगों की प्रतिभा और व्यक्तित्व में क्षरण न हो। समय के साथ स्वयं को बदलने वाले ही प्रासंगिक रहेंगे। श्री चौधरी ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और सुशासन से वर्ष 2047 तक 55 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरेगी।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने सम्मेलन में कहा कि कई कलेक्टर और अधिकारी प्रभावी नवाचार कर रहे हैं। समय और अपने क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप बेहतर नागरिक सेवाएं डिलीवर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज सभी अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने की जरूरत है, तभी कल्याणकारी पहलों को नागरिकों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था में छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के प्रति नजरिया तेजी से बदलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सम्मेलन में दो दिनों तक होने वाले नवाचारों, बेस्ट प्रेक्टिसेस और सुशासन के कार्यों की चर्चा से राज्य के अधिकारी भी प्रेरित होंगे और उन्हें यहां लागू करने की पहल करेंगे।मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन की सफलता तभी है जब हम जिनके लिए काम कर रहे हैं, उनके चेहरों पर मुस्कान ला पाएं। आपके लाभार्थी आपके कार्यों से संतुष्ट हैं, तो वही सुशासन की सफलता है। सुशासन के लिए लक्षित लोगों तक योजनाओं और कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक पहुंचाने के लिए अच्छी नीयत सबसे ज़रूरी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में विभिन्न विकास प्राधिकरणों के गठन, रायपुर में कैनाल लिंकिंग रोड, एक्सप्रेस वे के निर्माण जैसे कई उदाहरण देते हुए कहा कि शासन-प्रशासन में यहां भी कई नवाचार हो रहे हैं। क्षेत्रीय और स्थानीय जरूरतों को देखते हुए उनके अनुरूप लोगों के कल्याण के काम हो रहे हैं।केन्द्रीय प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री पुनीत यादव ने उद्घाटन सत्र में कार्मिक एवं जन शिकायतों के निराकरण के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया की कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर तेजी से शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है। देश के विभिन्न भागों में हो रहे नवाचार, बेस्ट प्रेक्टिसेस और सुशासन के कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित और पुरस्कृत किया जा रहा है।आज के पहले सत्र में चार राज्यों में हो रहे अलग-अलग नवाचारों को साझा किया गया। भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के महानिदेशक श्री एस.एन. त्रिपाठी ने इस सत्र की अध्यक्षता की। उत्तरप्रदेश में जल जीवन मिशन के संचालक श्री अनुराग श्रीवास्तव ने वहां सौर आधारित सफल जल प्रदाय योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि सौर आधारित जल प्रदाय योजनाओं से उत्तरप्रदेश में अगले 30 सालों में एक लाख करोड़ रुपए की बचत होगी। इन योजनाओं से कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा। ओड़िशा के कोरापुट जिले के कलेक्टर श्री वी. कीर्ति वासन ने ग्रामीण औद्योगिक काम्प्लेक्स के ज़रिए स्थानीय लोगों को रोज़गार से जोड़ने के लिए किए जा रहे नवाचार की जानकारी दी। भारतीय प्रशासनिक सेवा के नागालैंड के अधिकारी श्री थवासीलन ने अपने राज्य में नागालैंड स्वास्थ्य सुरक्षा सोसाइटी और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के नवाचार को साझा किया। इनके माध्यम से वहां कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा और राज्य से बाहर भी कैशलेस स्वास्थ्य बीमा लोगों को दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश में राजस्व विभाग की उपायुक्त सुश्री अलका सिंह ने वहां फरवरी माह से शुरू किए गए साइबर तहसील संबंधी नवाचार से अधिकारियों को रू-ब-रू कराया। वहां ‘संपदा’ पोर्टल से जमीन की ऑनलाइन रजिस्ट्री और तत्काल नामांतरण किया जा रहा है। आधुनिक तकनीकों के उपयोग से राजस्व मामलों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। राज्य में लैंड रिकॉर्ड्स के डिजिटलाइजेशन के बाद 13 तहसीलदार 1364 राजस्व न्यायालय संचालित कर रहे हैं।
- -मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता छू गई दिल वालों की नगरी दिल्ली के लोगों को भी-भारत मंडपम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की आत्मीयता ने जीता सबका दिल-मुख्यमंत्री श्री साय ने किया सियान का सम्मानरायपुर / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सादगी और संवेदनशीलता ने एक बार फिर लोगों के दिलों को छू लिया। यह दृश्य था राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान के भारत मंडपम में, जहां छत्तीसगढ़ दिवस के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन चल रहा था। छत्तीसगढ़ की परंपरा और कला की शानदार प्रस्तुतियां मंच पर हो रही थीं, और दर्शक तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ा रहे थे।इसी दौरान मुख्यमंत्री श्री साय की नजर दर्शकों के बीच एक वृद्ध व्यक्ति पर पड़ी, जो खड़े होकर कार्यक्रम देख रहे थे। मुख्यमंत्री ने तुरंत अपने सहायक से कहा कि उस बुजुर्ग को पास बुलाएं। कुछ ही पल में वह बुजुर्ग व्यक्ति मुख्यमंत्री के पास पहुंचे। श्री साय ने बड़े ही आत्मीय भाव से उनका स्वागत किया और उन्हें अपने पास बैठने का आग्रह किया।कार्यक्रम देखकर बाहर आये बुजुर्ग श्री रामावतार तिवारी ने बताया कि मुझे बहुत अच्छा लगा जब मुख्यमंत्री ने मुझे सम्मान दिया, अपने पास बैठाया और मेरा हालचाल पूछा। मुख्यमंत्री ने इतना बड़ा ओहदा हासिल करने के बाद भी अपनी विनम्रता और संस्कार को नहीं छोड़ा। श्री रामावतार तिवारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और सीधे सरल लोगों के बारे में सुनते आये हैं। वहां के मुख्यमंत्री से मिलकर लगा कि सीधे और सरल लोगों के मुखिया भी सीधे और सरल स्वभाव के हैं। मुख्यमंत्री श्री साय का हृदय संवेदनशीलता से परिपूर्ण है। हम एक दूसरे से अपरिचित भले ही हो सकते हों लेकिन संवेदनशील हृदय के द्वारा हम एक दूसरे की भावनाओं को प्रगाढ़ता से महसूस कर सकते हैं।
- -नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री ने दिया सम्मान-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाईरायपुर / छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले को मत्स्यपालन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट अवार्ड मिला है। आज 21 नवंबर को विश्व मत्स्यपालन दिवस के अवसर पर केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन, डेयरी एवं पंचायतीराज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, राज्य मंत्री प्रोफेसर एस.पी. सिंह बघेल एवं श्री जॉर्ज कुरियन ने छत्तीसगढ़ के मत्स्यपालन विभाग के संचालक श्री नारायण सिंह नाग, सहायक संचालक मत्स्यपालन कांकेर श्री एस.एस. कंवर को नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित सुषमा स्वराज भवन में ट्राफी एवं प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया। छत्तीसगढ़ राज्य को इससे पूर्व मत्स्यपालन के क्षेत्र में देश के बेस्ट इनलैंड स्टेट का अवार्ड मिल चुका है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांकेर को देश का बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट अवार्ड मिलने पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए कांकेर सहित राज्य के सभी मत्स्य कृषकों एवं मत्स्यपालन विभाग के अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ लैंडलॉक्ड प्रदेश होने के बावजूद भी मत्स्यपालन के क्षेत्र में देश में अग्रणी स्थान पर है। मछली बीज उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश का आत्मनिर्भर राज्य है। यह राज्य के मत्स्य कृषकों की मेहनत का परिणाम है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में मछली पालन के लिए 2.032 लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र है, जिनमें से 96 प्रतिशत में किसी न किसी रूप में मत्स्य पालन हो रहा है। राज्य में प्रतिवर्ष 546 करोड़ मत्स्य बीज तथा 7.30 लाख टन मत्स्य उत्पादन हो रहा है। यहां से पड़ोसी राज्यों को भी मत्स्य बीज का निर्यात होता है। राज्य मत्स्य बीज उत्पादन में देश में 6वें तथा मत्स्य उत्पादन में देश में 8 वें स्थान पर है। छत्तीसगढ़ राज्य के मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बैंक से ऋण की सुविधा प्रदान की जा रही है। पात्रतानुसार मत्स्य कृषकों को एक प्रतिशत से लेकर तीन प्रतिशत ब्याज पर अल्प अवधि ऋण भी दिया जा रहा है।
- महासमुन्द / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में जिले में धान के अवैध परिवहन, भंडारण पर सतत कार्यवाही जारी है। आज श्री उमेश कुमार साहू एसडीएम बागबाहरा के नेतृत्व में तीन अलग-अलग स्थानों से एक ही दिन में कुल 1590 कट्टा धान की ज़ब्ती की कार्यवाही की गई। उन्होंने बताया कि बागबाहरा अनुभाग के तहसील कोमाखान के ग्राम भिलाईदादर में सिन्हा किराना स्टोर्स में 1120 कट्टा अवैध धान प्रशासन ने जब्त किया गया। इस कार्यवाही में मंडी सचिव श्री कुशल राम धु्रव, मंडी इंस्पेक्टर श्री, हल्का पटवारी श्रीमती पूजा साहू शामिल थे। वहीं इस अभियान में ही अनुभाग बागबाहरा के तहसील कोमाखान में ग्राम टेमरी श्री साहू एसडीएम बागबाहरा श्री उमेश साहू के नेतृत्व में 170 कट्टा अवैध धान जब्ती की कार्यवाही की गई, जिसमें हल्का पटवारी श्री टोप सिंह धु्रव, श्री नंद कुमार सिदार मंडी उप निरीक्षक उपस्थित रहे। अनुभाग बागबाहरा के तहसील कोमाखान के ग्राम बोईरगांव में हल्का पटवारी श्री क्रांति कुमार यादव द्वारा 300 कट्टा अवैध धान की जब्ती की कार्यवाही की गई। इस प्रकार आज एक ही दिन में कुल 1590 कट्टा धान की ज़ब्ती की कार्यवाही की गई। उन्होंने बताया कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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राजनांदगांव । संचालनालय कृषि छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशन एवं कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अधिसूचना जारी कर दी गई है। वर्ष 2024-25 के रबी फसल बीमा की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर 2024 निर्धारित की गई है। छत्तीसगढ़ शासन ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले के किसान मुख्य फसल चना अन्य फसल गेहंू सिंचित, गेहंू असिंचित, राई, सरसों एवं अलसी का बीमा करा सकते हंै। किसानों के फसल को प्रतिकूल मौसम, सूखा, बाढ़, जलप्लावन, कीटव्याधि, ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को होने वाले नुकसान से राहत दिलाने के लिए बीमा में शामिल किए जाने वाले किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत ऋणी एवं अऋणी किसान जो भू-धारक एवं बटाईदार सम्मिलित हो सकते हैं, जो किसान अधिसूचित ग्राम व राजस्व निरीक्षक मंडल में अधिसूचित फसल के लिए वित्तीय संस्थानों से मौसमी कृषि ऋण स्वीकृत, नवीनीकृत की गई हो, योजना ऋणी कृषकों के लिए विकल्प चयन आधार पर क्रियान्वित होगी। ऋणी कृषक जो योजना में शामिल नहीं होना चाहते हैं, उन्हें स्व हस्ताक्षरित घोषणा पत्र बीमा आवेदन के अंतिम तिथि के 7 दिवस पूर्व तक संबंधित वित्तीय संस्था में जमा करना होगा। विकल्प चयन नहीं करने पर अनिवार्य रूप से बीमाकृत किया जाएगा। इनके अलावा ऐच्छिक आधार पर अधिसूचित फसल उगाने वाले सभी गैर ऋणी किसान जो योजना में सम्मिलित होने के इच्छुक हों वे बुआई प्रमाण पत्र क्षेत्रीय पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा सत्यापित कराकर एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत कर योजना का लाभ ले सकते हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत मौसम रबी वर्ष 2024-25 तक राजनांदगांव जिला के लिए भारतीय कृषि बीमा कंपनी अधिकृत हैं। किसानों द्वारा प्रदाय किए जाने वाली प्रीमियम दर, रबी वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत कुल बीमित राशि का 1.50 प्रतिशत किसानों द्वारा चना 600 रूपए, गेहूँ सिंचित 630 रूपए, गेहूं असिंचित 375 रूपए राई एवं सरसों 375 रूपए एवं अलसी 285 रूपए प्रति हेक्टेयर की दर से प्रीमियम राशि देय होगा। एक ही अधिसूचित क्षेत्र एवं अधिसूचित फसल के लिए अलग-अलग वित्तीय संस्थाओं से कृषि ऋण स्वीकृत होने की स्थिति में किसानों को एक ही स्थान से बीमा कराया जाना है। इसकी सूचना किसानों को संबंधित बैंक को देनी होगी। ऋणी एवं अऋणी किसानों द्वारा समान रकबा, खसरा का दोहरा बीमा कराने की स्थिति में जो रकबा पहले प्रविष्टि की गई हो, को बीमा कंपनी द्वारा स्वीकार किया जाएगा तथा अन्य सभी दावों को प्रावधानानुसार निरस्त करने का अधिकार होगा और ऐसे मामलों में संबंधित कृषक द्वारा भुगतान की गई प्रीमियम राशि वापस किया जाएगा। कृषकगण बीमा कराने की निर्धारित अंतिम तिथि 31 दिसम्बर 2024 के पूर्व अपने फसलों का बीमा अवश्य कराएं। इसके लिए अपने समिति, संबंधित बैंक, बीमा प्रदायक भारतीय कृषि बीमा कंपनी, लोक सेवा केन्द्र, एआईडीई मोबाईल एप से भी अपने फसलों का बीमा करा सकते हैं। -
- टेलीमेडिसिन प्रभावी इलाज का एक सफल साधन
- अब तक 33350 लोगों का इलाज
- पहुंच विहीन क्षेत्रों के लोगों को घर बैठे नि:शुल्क इलाज कराया जा रहा उपलब्ध
राजनांदगांव । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत जिले में ई-संजीवनी ओपीडी स्वास्थ्य सेवायें संचालित की जा रही है। जिसमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पदस्थ सीएचओ द्वारा विशेषज्ञ डाक्टरों से टेलीमेडिसिन के माध्यम से जुड़कर जटिल बीमारियों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परामर्श एवं ईलाज किया जाता है। जिसमें मरीज मोबाईल अथवा कम्प्यूटर से ऑनलाईन जुड़कर विशेषज्ञ डॉक्टरों से स्वास्थ्य परामर्श ले सकते हैैं। यह सुविधा जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर में उपलब्ध है।
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरत्न के मार्गदर्शन में प्रत्येक सप्ताह में टेलीमेडिसिन गतिविधियां का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें प्रत्येक सप्ताह के सोमवार को सामान्य एवं मानसिक रोगों का उपचार, मंगलवार को गैर संचारी रोग का उपचार, बुधवार को मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य का उपचार, गुरूवार को संक्रामक, नाक कान गला, नेत्र रोग संबंधित उपचार, शुक्रवार को बुजुर्ग स्वास्थ्य से संबंधित उपचार एवं शनिवार को किशोर स्वास्थ्य, दंत रोग से संबंधित नि:शुल्क उपचार एवं परामर्श दिया जाता है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री संदीप ताम्रकार ने बताया कि टेलीमेडिसिन प्रभावी ईलाज का एक सफल साधन है। इस योजना के माध्यम से अब तक 33350 लोगों का ईलाज किया जा चुका है। इस योजना के माध्यम से पहुंच विहीन क्षेत्रों के लोगों को घर बैठे नि:शुल्क ईलाज मुहैया कराया जा रहा है। ई संजीवनी की सुविधा कोई भी व्यक्ति ले सकता है। इसके लिए ई-संजीवनी ऐप डाउनलोड करके अपना पंजीयन कर कार्यालय समय में संजीवनी के अंतर्गत ऑनलाइन चिकित्सक से टेली कंसल्टेंसी के माध्यम से नि:शुल्क परामर्श ले सकते हैं। - -*बिना किसी दिक्कत के धान बेच पाने से खुश हैं किसान*बिलासपुर / जिले में गुरुवार को 1056 किसानों से 45 हजार क्विंटल धान की खरीदी की गई। इसे मिलकर अब तक 96 हजार क्विंटल से ज्यादा की खरीदी की जा चुकी है। अब तक 2050 किसानों ने धान बेचा है। खरीदी के साथ साथ भुगतान भी लगातार किया जा रहा है। अब तक 22 करोड़ से अधिक की राशि भुगतान की जा चुकी है।बिना कोई दिक्कत के आसानी से धान बेचने की व्यवस्था से किसानों में खुशी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से किसानों से धान खरीदा जा रहा है। कृषक उन्नति योजना की राशि मिलाकर उनसे 3100 प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। फिलहाल उन्हें समर्थन मूल्य मिल रहा है। अंतर की राशि का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक तौल से इस बार धान का वजन किया जा रहा है।





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