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मुख्यमंत्री के सुशासन में धान उपार्जन केन्द्रों में की गई है माइक्रो एटीएम की व्यवस्था
किसान अब माइक्रो एटीएम से निकाल पा रहे हैं 10 हजार तक की राशि
बालोद। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में राज्य में किसानों के हित में लगातार योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन एवं उनकी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष पहल की जा रही है। वर्तमान में धान खरीदी महाभियान के अंतर्गत किसानों द्वारा उपार्जन केन्द्रो मे धान विक्रय किया जा रहा है। इस दौरान किसानों को त्वरित रूप से धनराशि उपलब्ध कराने जिले के सभी धान उपार्जन केन्द्रों में माइक्रो एटीएम की सुविधा प्रदान की गई है। माइक्रो एटीएम की सुविधा मिलने से किसानों को अब अपनी जरूरतों के अनुसार धान उपार्जन केन्द्रो में 02 हजार से लेकर 10 हजार रूपयंे तक की धनराशि अपने एटीएम कार्ड के माध्यम से निकाल पा रहे हंै।
धान उपार्जन केेेेन्द्रों में माइक्रो एटीएम की सुविधा मिलने से जिले के किसान काफी खुश हैं उन्हे अपनी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने हेतु राशि निकालने के लिए बैंक का चक्कर नही लगाना पड़ रहा है। उन्हें उपार्जन केन्द्र मे ही आसानी से धनराशि प्राप्त हो पा रही है। माइक्रो एटीएम की सुविधा लेने वाले नया पारा बालोद के किसान श्री दानी साहू ने बताया कि शासन द्वारा दी गई यह सुविधा हम किसानों के लिए काफी मददगार साबित हुआ है। उसने बताया कि जब फसल पककर तैयार हो जाती है तो उसे काटने और धान के रूप में उपार्जन केन्द्र तक लाने में काफी व्यस्तता रहती है। ऐसे समय में हमें फसल कटाई हेतु मजदूरों के मजदूरी भुगतान, धान की मिंजाई सहित धान उपार्जन केन्द्र तक धान के परिवहन हेतु भुगतान के लिए धनराशि की काफी जरूरत होती है। ऐसे व्यस्त समय में हमें पहले बैंक या दूर स्थित एटीएम का चक्कर लगाना पड़ता था। लेकिन अब उन्हे धान उपार्जन केन्द्र में ही माइक्रो एटीएम की सुविधा मिल जाने से मजदूरी भुगतान, परिवहन हेतु भुगतान सहित अन्य छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में काफी सहुलियत मिली है। किसान श्री दानी साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का खुशी-खुशी आभार व्यक्त करते हुए उन्हे धन्यवाद दिया है। उसने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में किसानो के हित में लगातार प्रयास किया जा रहा है जिसके परिणाम भी धान उपार्जन केन्द्रो में की गई बेहतर व्यवस्था से नजर आ रहा है। -
19 नवंबर से 10 दिसम्बर तक किया जाएगा विभिन्न गतिविधियों का आयोजन
बालोद। विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने वीडियों कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से ’हमारा शौचालय हमारा सम्मान’ पखवाड़ा का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ’हमारा शौचालय हमारा सम्मान’ पखवाड़ा के उद्देश्य एवं समय सारणी की जानकारी दी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सोनादेवी देशलहरा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ संजय कन्नौजे, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कृतिका साहू, मीना सत्येन्द्र साहू सहित उपसंचालक पंचायत श्री आकाश सोनी तथा सरपंचगण उपस्थित थे।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने बताया कि ’हमारा शौचालय हमारा सम्मान’ पखवाड़ा अंतर्गत 19 नवम्बर से 05 दिसम्बर तक मिशन फंक्शनेलिटि अंतर्गत सामुदायिक शौचालय का रिपेयर, रिस्टोर तथा रिफाईन पर ध्यान केन्द्रित करना तथा व्यक्तिगत शौचालय व सामुदायिक शौचालय के सौंदर्याकरण का कार्य किया जाएगा। इसी तरह 05 दिसम्बर से 09 दिसम्बर तक शौचालय की क्रियाशीलता में सुधार, पेंटिंग सामुदायिक सहभागिता, बेस्ट शौचालय का आंकलन हेतु सर्वेक्षण करना। 10 दिसम्बर को अभियान का समापन, बेस्ट शौचालय को अवार्ड का वितरण किया जाएगा। -
बालोद। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे ने सोमवार 18 नवंबर को जिला पंचायत के सभाकक्ष में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की महत्वपूर्ण योजना की विकासखण्डस्तरीय बैठक ली। बैठक में सीईओ डाॅ. कन्नौजे ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रागीण, मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति के संबंध में विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2016-23 के प्रथम किश्त प्राप्त एवं निर्माणाधीन आवासों के हितग्राहीवार, स्तरवार एवं वित्तीय वर्ष 2024-25 में आबंटित नवीन लक्ष्य के विरुद्ध में प्रथम किश्त प्राप्त हितग्राहियों के कार्य प्रारंभ एवं प्रगति के संबंध में समीक्षा किया गया है। उन्होंने योजनान्तर्गत वर्ष 2016-23 तक स्वीकृत प्रथम विगत प्राप्त अपूर्ण, निर्माणाधीन आवासो तथा द्वितीय एवं तृतीय प्राप्त पूर्णता हेतु लंबित आवासी को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले को आबंटित नवीन लक्ष्य के विरूद्ध में जनपद पंचायत बालोद को प्रदाय कूल लक्ष्य 1991 के विरूद्ध में 1280 आवास स्वीकृत व 717 स्वीकृति हेतु शेष है। स्वीकृति के विरूद्ध में 1210 हितग्राहियों को प्रथम किश्त की राशि आबंटित कर कुल 314 आवासों का ही निर्माण कार्य प्रारंभ कराया गया है। डाॅ. कन्नौजे ने 883 अप्रारंभ आवासों को यथाशीघ्र प्रारंभ कराने तथा स्वीकृति हेतु शेष 717 आवासों को यथाशीघ्र स्वीकृति प्रदान करने के निर्देश दिए।
बैठक में सीईओ कन्नौजे ने महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2023-24 तक के कार्यों को 30 नवंबर 2024 तक पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि आधारित कार्यों का व्यय के प्रतिशत लक्ष्य अनुसार वित्तीय वर्ष के अंत तक पूर्ण करने एवं पीओ लॉगिन में लंबित सामाजिक अंकेक्षण के प्रकरण को 30 नवंबर 2024 तक अनिवार्यतः विलोपन करने के निर्देश दिए। डाॅ. कन्नौजे ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत् निर्माणाधीन कचरा संग्रहण शेड को 10 दिवस के भीतर पूर्ण करने तथा सभी घरो में नियमित रूप से डोर टू डोर कचरा संग्रहण कराये जाने, सभी ग्राम पंचायतो में यूजर चार्ज कलेक्ट करने एवं स्वच्छता ग्राहियों के मानदेय वितरण को नियमित रूप से करने निर्देश दिए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों की लोकोस प्रोफाईल एण्ट्री समय-सीमा में पूर्ण कराने एवं बैंक लिंकेज के प्रकरणों को शत-प्रतिशत बैंको में प्रेषित करने के निर्देश दिए। -
समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश
बालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत पंजीकृत किसानों के वास्तविक रकबे की धान की खरीदी करने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिससे कि इस कार्य में त्रुटि एवं गड़बड़ी की गुंजाईश बिल्कुल भी न रहे। श्री चन्द्रवाल आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में राजस्व, सहकारिता, खाद्य सहित अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को उक्ताशय के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य को शासन के विशेष प्राथमिकता वाली योजना है। जिसे ध्यान में रखते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को जिले में इस कार्य को पूरी तरह से पारदर्शिता एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने हेतु पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री डीआर ठाकुर सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य को विशेष सावधानी के साथ पूरा करते हुए धान खरीदी केंद्रों में धान की अवैध बिक्री की रोकथाम हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने बारी-बारी से विभागवार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इसके अंतर्गत उन्होंने जल जतन योजना के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने जल जतन योजना अंतर्गत जन चैपाल एवं जन जागृति के माध्यम से आम जनता को जल संरक्षण एवं पानी के बचत के उपायों की जानकारी प्रदान करने के निर्देश दिए। श्री चन्द्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिला चिकित्सालय में अग्निशमन यंत्र की समुचित व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अस्पताल में अग्निशमन यंत्र को पूरे समय क्रियाशील रखने तथा इनका समुचित रखरखाव के भी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय बालोद में मोतियाबिंद आॅपरेशन के कार्यों के संबंध में जानकारी ली तथा अस्पताल में मोतियाबिंद का आॅपरेशन शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए। श्री चन्द्रवाल ने राज्य शासन के निर्देशानुसार विद्यार्थियों के शिक्षा ऋण के प्रकरणों के स्वीकृति के संबंध में जानकारी लेते हुए विद्यार्थियों को विशेष प्राथमिकता के साथ शिक्षा ऋण प्रदान करने के निर्देश दिए। जिले के 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों के लिए कैरियर काउंसलिंग के आयोजन के संबंध में जानकारी लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को इसके लिए विस्तृत कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। - महासमुंद / तहसील महासमुंद अंतर्गत ग्राम सिंघनपुर में राजस्व एवं मंडी विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 24 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया। यह कार्यवाही लघु फुटकर व्यापारी रेखराम साहू के खिलाफ की गई, जो बिना वैध दस्तावेज के धान का भंडारण कर रहा था।प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभागीय टीम ने सूचना के आधार पर मौके पर छापेमारी की। जांच में पाया गया कि धान का संग्रहण नियमानुसार नहीं था, जिसके चलते धान जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई। इस कदम का उद्देश्य अवैध धान व्यापार पर लगाम लगाना और मंडी नियमों को सख्ती से लागू करना है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपना धान केवल अधिकृत केंद्रों पर ही बेचें और किसी भी अवैध गतिविधि से दूर रहें।
- -गंभीरतापूर्वक एवं सर्तकता से करें मतगणना कार्य, सभी कर्मचारियों के व्यवहार सहज हो: कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह-बेहतर तरीके से प्रशिक्षण करें एवं कुशलतापूर्वक करें मतगणना: संयुक्त निर्वाचन पदाधिकारी श्री ध्रुव-प्रशिक्षण स्थल पर बनाया गया मतगणना हाॅल का माॅडलरायपुर । रायपुर दक्षिण विधानसभा उप निर्वाचन 2024 के तहत 23 नवंबर को रायपुर जिले के सेजबहार स्थित शासकीय इंजीनियरिंग काॅलेज में मतगणना होगी। इसी परिपेक्ष्य में आज सिविल लाइंस स्थित सर्किट हाउस के सभाकक्ष में मतगणना कर्मियों का प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। जहां रिटर्निंग अधिकारी, सहायक रिटर्निंग अधिकारी, सुरक्षा नोडल, पोस्टल बैलेट नोडल, टेबुलेशन नोडल ,मतगणना पर्यवेक्षक, मतगणना सहायक एवं माइक्रो आब्जर्वर को मतगणना का प्रशिक्षण दिया गया। राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर ने कर्मियों को मतगणना में बरते जाने वाले सावधानियों और हर पहलुओं के बारिकियों की जानकारी दी। प्रशिक्षण स्थल पर मतगणना हाॅल का माॅडल बनाया गया। जहां पर सभी मतगणना दल ने माॅडल का अवलोकन कराया गया। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डाॅ. गौरव सिंह ने कहा कि सभी कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और बेहतर स्कील के साथ कार्य करें। सभी कर्मी मतगणना कार्य के दौरान व्यवहार सहज रखें। डाॅ. सिंह ने कहा कि टीम निर्वाचन प्रक्रिया का पूर्ण रूप से पालन करें।कलेक्टर ने कहा कि हर राउण्ड के बाद राजनैतिक अभिकर्ता के टेबुलेशन चार्ट पर अवश्य हस्ताक्षर लें। उन्होंने कहा कि मतगणना कार्य संवेदनशील है और बहुत ही सावधानीपूर्वक इस कार्य का क्रियान्वित करें।संयुक्त निर्वाचन पदाधिकारी श्री पी. एस. ध्रुव ने कहा कि सभी कर्मचारी बेहतर तरीके से प्रशिक्षण प्राप्त करें साथ ही मतगणना का कार्य कुशलतापूर्वक किया जाएं। प्रशिक्षण की बारिकियों को समझा जाए और उसी के अनुरूप कार्य किया जाएं। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, रिटर्निंग आॅफिसर श्री पुष्पेंद्र शर्मा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री उमाशंकर बंदे समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- बिलासपुर / जिले में आज 14,900 क्विंटल धान की खरीदी की गई। विभिन्न खरीदी केंद्रों पर 285 किसानों से यह खरीदी की गई है। इसे मिलकर पिछले तीन खरीदी दिवसों में 41 हजार क्विंटल से ज्यादा की खरीदी की जा चुकी है। अब तक 800 किसानों ने धान बेचा है। खरीदी के साथ साथ भुगतान भी लगातार किया जा रहा है। बिना कोई दिक्कत के आसानी से धान बेचने की व्यवस्था से किसानों में खुशी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से किसानों से धान खरीदा जा रहा है। कृषक उन्नति योजना की राशि मिलाकर उनसे 3100 प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। फिलहाल उन्हें समर्थन मूल्य मिल रहा है। अंतर की राशि का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा।
- -कलेक्टर ने एयरपोर्ट का निरीक्षण कर 6 माह में काम पूरा करने दिए निर्देश-स्मार्ट सिटी बिलासपुर ने तैयार किया है नया डिजाईनबिलासपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट का कायाकल्प किया जा रहा है। शासन द्वारा इसके लिए 5 करोड़ रूपए की राशि मंजूर की गई है। कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार के साथ एयरपोर्ट का आज देर शाम निरीक्षण किया। उन्होंने इस कार्य के लिए 15 दिन में टेंडर जारी करते हुए हर हाल में 6 माह के भीतर काम पूरा करने के निर्देश पीडब्ल्यूडी विभाग को दिए हैं। एयरपोर्ट का नया डिजाईन स्मार्ट सिटी बिलासपुर द्वारा तैयार किया गया है। निरीक्षण के दौरान एयरपोर्ट डायरेक्टर एन. बीरेन, पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता सी.के. पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।कलेक्टर ने इस सिलसिले में अधिकारियों की बैठक लेकर जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने नये डिजाईन के संबंध में अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। कलेक्टर एयरपोर्ट में 3सीआईएफआर के संबंध में चल रहे कार्यो को देखा। कामों की गति में तेजी लाकर इन्हें जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने रनवे स्ट्रीट आईसोलेशन वे, फायर एप्रोेच रोड, रनवे लाईट, एप्रॉन हाई मास्ट, सेफ्टी वॉच टावर का आवलोकन किया।
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-जयराम नगर बनेगा मॉडल सोलर विलेज
-30 हजार से 78 हजार तक मिल सकता है अनुदान-लक्ष्य प्राप्ति के लिए तेजी से कार्य करने दिए निर्देशबिलासपुर, /कलेक्टर अवनीश शरण ने बिजली विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने व्यापक प्रचार-प्रसार कर योजना का लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। वर्तमान प्रगति पर असंतोष जाहिर करते हुए तेजी से काम करने के निर्देश दिए। योजना में पंजीकृत उपभोक्तओं से व्यक्तिगत संपर्क कर उन्हें लाभान्वित करने को कहा है। योजना के प्रचार के लिए वाहन सूर्यघर रथ को भी कलेक्टर ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।उल्लेखनीय है कि पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत बिलासपुर जिले को इस साल 8000 का लक्ष्य मिला है। जिसके तहत 6912 उपभोक्ताओं का पंजीयन कर लिया गया है। इनमें से 1102 लोगों के आवेदन भी मिल चुके है। वेण्डर सेलेक्शन के बाद 57 उपभोक्ताओं के घरों में बिजली संयत्र भी स्थापित किये जा चुके हैं। योजना में अपना अंशदान के लिए बैंक से लोन दिये जाने का भी प्रावधान है। ऐसे 23 प्रकरणों को स्वीकृति के लिए बैंक भेजा गया है। कलेक्टर ने सभी बैंकों को जल्द स्वीकृति प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।बैठक में योजना के अंतर्गत मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित करने के लिए मस्तुरी विकासखण्ड के जयराम नगर का चयन किया गया। जयराम नगर में विस्तृत सर्वेक्षण कर ग्राम के समस्त शासकीय भवनों में सौर संयत्र की स्थापना, चौक-चौराहों में प्रकाश व्यवस्था हेतु सोलर हाई मास्ट संयत्रों की स्थापना एवं पेयजल व्यवस्था हेतु सोलर ड्यूल पम्पों की स्थापना के लिए बनाये गये विस्तृत प्रस्ताव का अनुमोदन भी किया गया। बैठक में जिला पंयायत सीईओ संदीप अग्रवाल, एसई रूरल सुरेश कुमार जांगड़े, एसई शहर पीआर साहू, ईई मिलिन्द पाण्डेय, सईद मुख्तार, जीएल चंन्द्रा सहित जिला प्रभारी क्रेडा,एलडीएम श्री उरांव तथा पार्षद सुश्री श्रद्धा जैन उपस्थित थीं।क्या है पीएम सूर्यघर योजना -पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत शासन द्वारा शहरी एवं ग्रामीण घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर रूफ टॉप सोलर प्लाण्ट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उक्त स्थापित प्लाण्ट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से जुड़ेगा जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड में दी गई बिजली के एवज में अतिरिक्त आमदनी भी मिल जाती है। शासन द्वारा इस योजना में 30 हजार रूपये से लेकर 78 हजार रूपये तक अनुदान भी दिया जाता है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता पीएम सूर्यघर डॉट जीओव्ही डॉट इन वेब पोर्टल अथवा पीएम सूर्यघर एप्प में पंजीयन करा सकता है। - -स्वच्छाग्राही दीदियों को मोमेंटो देकर किया गया सम्मानित-जिला पंचायत अध्यक्ष ने बैगा आदिवासी हितग्राहियों को शौचालय निर्माण के लिए स्वीकृति पत्र बांटाबिलासपुर, /विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर उपमुख्यमंत्री सह विभागीय मंत्री श्री विजय शर्मा ने ‘‘हमारा शौचालय हमारा सम्मान अभियान’’ का शुभारंभ वीडियों कॉन्फ्रेंस के जरिए किया। यह अभियान 19 नवंबर से 10 दिसंबर 2024 तक चलेगा। जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सिंह चौहान, जिला पंचायत सभापति श्री राजेश भार्गव, जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप कुमार अग्रवाल, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण टीम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत तथा जिले के 62 ग्रामों के सरपंच भी शामिल हुए।जिले में आयोजित जिला प्रबंधन समिति के बैठक के पश्चात् जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण सिंह चौहान ने 08 बैगा जनजाति के हितग्राहियों को व्यक्तिगत शौचालय निर्माण कार्य के लिए स्वीकृति आदेश तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत कचरा संग्रहण कार्य में संलग्न स्वच्छाग्राहियों को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए 10 स्वच्छाग्राहियों को मोमेन्टो प्रदान कर सम्मानित किया गया। बैगा हितग्राहियों के घरों में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण कार्य का स्वीकृति आदेश प्राप्त करते हुए हितग्राहियों का खुशी देखते ही बन रही थी। हितग्राहियों ने बताया कि शौचालय स्वीकृति प्रदान कर हमे सम्मान प्रदान किया गया है। उन्होंने शासन को धन्यवाद दिया। स्वच्छाग्राही दीदियों ने कहा कि हमें कचरा संग्रहण कार्य के लिए प्राप्त होने वाले मानदेय मिलने से हमारी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है।
- -शहर को उच्च स्तरीय खेल सुविधाओं की देंगे सौगात-कलेक्टर ने निरीक्षण कर तैयारियों का लिया जायजाबिलासपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के 23 नवम्बर को बिलासपुर आने की संभावना बन रही है। श्री साय बिलासपुर शहर को स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करोड़ों रूपयों के विकास कार्यो की सौगात देंगे। मुख्य रूप से खेल से जुड़ी बुनियादी सुविधाएं इसमें शामिल हैं। वे शहर में आयोजित विशाल राउत नाचा महोत्सव में भी शिरकत करेंगे। जिला प्रशासन एवं नगर निगम द्वारा मुख्यमंत्री जी के आगमन की तैयारियां शुरू कर दी गई है। कलेक्टर अवनीश शरण एवं निगम आयुक्त श्री अमित कुमार ने इस सिलसिले में आज स्थल निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।कलेक्टर ने आज सवेरे सिटी कोतवाली के समीप मल्टी लेवल पार्किंग, दयालबंद में मिनी स्टेडियम एवं संजय तरण पुष्कर में स्पोर्टस कॉम्पलेक्स का निरीक्षण किया। मल्टी लेवल पार्किंग में ग्राउण्ड फ्लोर पर 46 दुकान और तीन मंजिला पार्किग 270 चार पहिया वाहन एवं 200 मोटर बाईक के पार्किंग की व्यवस्था है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 25 करोड़ 17 लाख की लागत से इसका निर्माण किया गया है। दयालबंद स्थित मिनी स्टेडियम में आउटडोर एवं इण्डोर दोनों तरह के स्पोर्टस की सुविधा है। लगभग 22 करोड़ की लागत से निर्मित इस स्टेडियम में क्रिकेट, बेडमिन्टन, टेबल टेनिस, स्नूकर, स्क्वेश और जिम की सुविधा मिलेगी। इसी तरह संजय तरण पुष्कर में 12 करोड़ की लागत से स्पोर्टस कम्पलेक्स तैयार किया गया है। उन्होंने स्मार्ट सिटी और डीएमएफ से निर्मित मिनोचा कॉलोनी सड़क एवं संकरी सड़क का भी निरीक्षण किया।कलेक्टर ने कोनी में सिटी बस स्टैण्ड का भी अवलोकन किया। निगम को मिलने वाली 50 इलेक्ट्रिक सिटी बसें यहीं से संचालित होगी। उन्होंने सुरक्षित रखने के लिए उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने तिफरा रैन बसेरा की तरह यहां पर भी यात्रियों के लिए एक रैन बसेरा बनाने के निर्देश दिए ताकि गरीब यात्री यहां ठहर सकें। कलेक्टर ने रिवर फ्रन्ट व्यू के सौंन्दर्यीकरण कार्य को भी देखा और दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने शहर के प्रवेश द्वार-लालखदान और सीपत मार्र्गें का अवलोकन किया और इनकी साफ सफाई एवं डिवाईडर के रंगरोगन करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शहर के प्रवेश के दौरान ही उस शहर के बारे में लोगों के दिमाग मेंइमेज बनता है। इसलिए सभी प्रवेश द्वारों की अच्छी सफाई और सौन्दर्यीकरण होना चाहिए। इस अवसर पर स्मार्ट सिटी परियोजना के जीएम तकनीकी श्री जयप्रकाश मिश्रा सहित अन्य अधिकारी एवं इंजीनियर उपस्थित थे।
- बिलासपुर, / प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ग्रामीण इलाकों में आवास मित्र की भर्ती के लिए 21-22 नवम्बर को काउंसिलिंग आयोजित की गई है। काउंसिलिंग संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ कार्यालय में सवेरे साढ़े 10 बजे से शुरू होगी। आवास मित्र का चयन मेरिट के अनुसार क्लस्टर वार किया जाएगा। जिला पंचायत बिलासपुर द्वारा दावा आपत्ति के निराकरण के बाद पात्र उम्मीदवारों की सूची सभी जनपद पंचायतों को उपलब्ध करा दी गई है। जिले की सरकारी वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट बिलासपुर डॉट जीओवी डॉट इन पर भी सूची उपलब्ध है। काउंसिलिंग की सूचना के लिए अलग से कोई पत्राचार नहीं किया जाएगा। मार्गदर्शिका और विज्ञापन में दिए गए शर्तों के अनुसार भर्ती की प्रक्रिया पूर्ण की जायेगी।
- बिलासपुर, /डीएमएफ मद से लैब टेक्नीशियन की भर्ती के लिए जारी प्रक्रिया के तहत सीएमएचओ कार्यालय द्वारा फिर से दावा आपत्ति आमंत्रित की गई है। इच्छुक उम्मीदवार 25 नवम्बर को शाम 5 बजे तक सीएमएचओ कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं। दावा आपत्ति के लिए एक प्रारूप निर्धारित किया गया है, जो कि कार्यालय की सूचना पटल अथवा जिले की वेबसाइट पर देखा जा सकता है।
- -किसानों से व्यवस्थाओं की ली जानकारी-इलेक्ट्राॅनिक तौल सहित बायोमैट्रिक सिस्टम का किया अवलोकनरायपुर । कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने आज आरंग ब्लाॅक के धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया और किसानों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। किसानों ने खरीदी केंद्रों में मिलने वाले व्यवस्थाओं के प्रति संतुष्टि जताई। साथ ही कलेक्टर ने केंद्र में आए नमी मापक यंत्र से धान की नमी की जांच की। कलेक्टर ने इलेक्ट्राॅनिक तौल और बायोमैट्रिक सिस्टम का निरीक्षण किया। कलेक्टर डाॅ. सिंह ने मंदिरहसौद, नगपुरा और पचेडा सोसायटियों का दौरा कर वहां किसानों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया और धान खरीदी प्रक्रिया की स्थिति को अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से किया जाएं। उन्होंने बताया कि किसानों को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर धान की खरीदारी की सुविधा दी जा रही है, और केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही कलेक्टर ने किसानों से सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर ने नमी मापक यंत्र से धान की नमी जांची। उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा निर्धारित की गई है कि 17 प्रतिशत से अधिक नमी न हो। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, डीसीसीबी सीईओ श्रीमती अपेक्षा व्यास, खाद्य नियंत्रक श्री भूपेंद्र मिश्रा, कृषि उपसंचालक श्री के.के. कश्यप, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री नकुल चंद्रवंशी समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 14 नवंबर से धान खरीदी का कार्य किया जा रहा है।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार-खुशियां मिली अपार, खुशहाल होने लगे किसानरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार में किसानों को उनके उपज एवं मेहनत का पूरा-पूरा दाम मिलने लगा है। किसानों को धान का समर्थन मूल्य पर 72 घंटे के भीतर मिल रहा है। आरंग के चटौद निवासी किसान श्री धनश्याम वर्मा ने अपने खेत के 37 क्विंटल धान पचेडा सोसायटी में बेचा। इसके बाद 72 घंटे के भीतर उनके मोबाइल पर राशि पहुंचने का मैसेज आया। इसके बाद उनकी खुशियां दोगुनी हो गई। श्री वर्मा बताते है कि धान की कीमत का सबसे अधिक दाम मिलना काफी अच्छी बात है और इस राशि से खेती को बढ़ावा मिलेगा। इससे पालन-पोषण बेहतर तरीके से कर सकेंगे।किसान श्री धनश्याम वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरा किया। उन्होंने कहा कि धान की सही कीमत मिलना हमारे लिए एक बड़ी राहत है। मुख्यमंत्री ने किसानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता साबित की है, और इस पहल से हम जैसे लाखों किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही किसानों को उनके उपज का सही मूल्य समय पर मिलना सुनिश्चित होगा। प्रदेश सरकार का यह निर्णय किसानों को बल दे रहा है।
- -दिव्यांग पुनर्वास केंद्र और गारमेंट फैक्ट्री का किया अवलोकन, बस्तर ओलंपिक में भी हुए शामिलरायपुर / उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने दो दिवसीय बस्तर प्रवास के दूसरे दिन आज बीजापुर में सड़क और पुल निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों का भी जायजा लिया। श्री साव ने इस दौरान ग्रामीणों से चर्चा कर विभिन्न योजनाओं के मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने बीजापुर एजुकेशन सिटी में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र ‘समर्थ’ का भ्रमण कर बच्चों से मुलाकात की और उनके समूह नृत्य की प्रस्तुति भी देखी। श्री साव ने जैतालूर स्थित गारमेंट फैक्ट्री में महिलाओं का काम देखा। वे मिनी स्टेडियम में आयोजित बस्तर ओलंपिक में भी शामिल हुए। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक और प्रमुख अभियंता डॉ. एम.एल. अग्रवाल भी कार्यों के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बीजापुर में नेलसनार से गंगालूर तक निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण किया। 50 किलोमीटर लंबाई के इस सड़क के 39 किलोमीटर हिस्से का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। श्री साव ने अधिकारियों को काम में तेजी लाते हुए शेष 11 किलोमीटर सड़क का काम जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने भैरमगढ़ विकासखंड के फुंडरी में निर्माणाधीन उच्च स्तरीय पुल का भी निरीक्षण किया। यह पुल बीजापुर को नारायणपुर से जोड़ेगा, जिससे बीजापुर और रायपुर की दूरी कम हो जाएगी। इसके निर्माण से बांगोली और बेलनार सहित कई गांवों के लोग बारहों महीने आवागमन कर सकेंगे। इससे व्यापक रूप से शासन की योजनाओं को अंदरुनी ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जा सकेगा। उप मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को पुल के निर्माण के बाद सड़कों के विस्तार के लिए सुरक्षा कैम्प स्थापित करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अधिकारियों और निर्माण कंपनियों से गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए दोनों कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित अति संवेदनशील क्षेत्र में निर्माणाधीन ये सड़क और पुल बीजापुर जिले के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां नक्सलियों का गढ़ कहे जाने वाले कई गांव स्थित हैं। इनके निर्माण से शासन-प्रशासन पर ग्रामीणों का भरोसा बढ़ेगा। साथ ही इनसे माओवादी घटनाओं पर अंकुश लगाने में भी सहायता मिलेगी।श्री साव ने बीजापुर जिले के गदामली ग्राम पंचायत के आश्रित वन ग्राम मिंगाचल में जल जीवन मिशन के कार्यों का अवलोकन किया। मिंगाचल में सोलर आधारित तीन स्ट्रक्चर के माध्यम से 42 घरों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। जल जीवन मिशन के तहत 65 लाख रुपए से अधिक की लागत से गांव में यह व्यवस्था की गई है। श्री साव ने हर घर जल उत्सव कार्यक्रम में यहां की सरपंच श्रीमती लक्ष्मी कांता सकनी को अभिनंदन पत्र प्रदान किया। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर हर घर नल से पेयजल आपूर्ति के साथ ही महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी एवं अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की मैदानी स्तर पर जानकारी ली।बस्तर में बदल रहे हालात, नियद नेल्ला नार से अंदरूनी क्षेत्रों में हो रहा तेजी से विकास – श्री अरुण सावउप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बीजापुर के मिनी स्टेडियम में आयोजित बस्तर ओलंपिक को संबोधित करते हुए कहा कि विष्णु देव सरकार के कार्यों से बस्तर में बदलाव की बयार दिख रही है जिसका उदाहरण ये 12 हजार खिलाड़ी हैं जो बस्तर ओलंपिक में शामिल हो रहे हैं। मैं इन खिलाड़ियों के जज्बे को सलाम करता हूं और उम्मीद करता हूं कि बस्तर एवं बीजापुर के खिलाड़ी अपनी बेहतरीन खेल प्रतिभा का परिचय देकर देश-दुनिया में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि बीजापुर अत्यंत सुदूर क्षेत्र है। हमारी सरकार ने भटके हुए लोगों से मुख्य धारा में लौटने का आह्वान किया है, ताकि वे बेहतर जिंदगी जीकर अपने और अपने परिवार का सुनहरा भविष्य गढ़ सकें।श्री साव ने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नियद नेल्ला नार से अंदरुनी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण सहित स्कूलों, आंगनबाड़ियों, बिजली, पानी व स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। लोगों को शासन की योजनाओं से जोड़ने आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेज सुलभ कराए जा रहे हैं। आवासहीन परिवारों का सर्वे कर पक्का आवास दिया जा रहा है। हमारे सुरक्षा बलों के जवानों का बीजापुर के विकास में बड़ा योगदान है जिनकी सुरक्षा के साये में लोगों को शासन की योजनाओं में शामिल कर सरकार बेहतर जिंदगी दे रही है। श्री साव के बीजापुर में निर्माण कार्यों के निरीक्षण और विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के दौरान कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत के सीईओ श्री हेमंत रमेश नंदनवार और पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
- -कांकेर जिला बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट अवार्ड के लिए हुआ चयनित-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाईरायपुर, / छत्तीसगढ़ राज्य में मत्स्य पालन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले को मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश में बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट अवार्ड के लिए चुना गया है। कांकेर जिले को यह राष्ट्रीय अवार्ड 21 नवंबर विश्व मात्स्यिकीय दिवस के अवसर पर मिलेगा। केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन, डेयरी एवं पंचायतीराज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित सुषमा स्वराज भवन में आयोजित कार्यक्रम यह सम्मान प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी एवं पंचायतीराज राज्य मंत्री प्रोफेसर एस.पी. सिंह बघेल एवं श्री जॉर्ज कुरियन भी उपस्थित होंगे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांकेर को देश का बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट अवार्ड के लिए चयन होने पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए कांकेर सहित राज्य के सभी मत्स्य कृषकों एवं मछलीपालन विभाग के अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ लैंड लॉक प्रदेश होने के बावजूद भी मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश में अग्रणी स्थान पर है। मछली बीज उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश में छठवें स्थान पर हैं। यह उपलब्धि हमारे राज्य के मत्स्य कृषकों की मेहनत का परिणाम है। छत्तीसगढ़ मछली बीज उत्पादन के मामले में न सिर्फ पूरी तरह से आत्मनिर्भर है, बल्कि पड़ोसी राज्यों को भी मछली बीज निर्यात कर रहा है।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में कुल 1,29,039 जल स्त्रोत उपलब्ध है, जिसका जल क्षेत्र 2.032 लाख हेक्टेयर है, जिनमें 96 प्रतिशत में किसी न किसी रूप में मत्स्य पालन हो रहा है। 3571 कि.मी का नदीय जलक्षेत्र भी उपलब्ध है। सघन मत्स्य पालन हेतु अतिरिक्त जलक्षेत्र निर्मित किया जा रहा है. अब तक कुल 6783 हेक्टर जलक्षेत्र निर्मित हो चुका है। एक समय था जब छत्तीसगढ़ मत्स्य बीज के लिए पश्चिम बंगाल राज्य पर निर्भर था। कुल 82 नवीन हैचरी निर्मित कर 115 हैचरियों के माध्यम से 546 करोड़ मत्स्य बीज का प्रति वर्ष उत्पादन होने से राज्य न सिर्फ आत्मनिर्भर हुआ अपितु अन्य राज्यों को भी मत्स्य बीज निर्यात कर रहा है।छत्तीसगढ़ में वर्तमान में प्रति वर्ष 7.30 लाख टन मत्स्य उत्पादन हो रहा है। राज्य अन्तर्देशीय मत्स्य उत्पादन में देश में 8 वें स्थान पर है। राज्य में अतिरिक्त मत्स्य उत्पादन हेतु जलाशयों एवं बंद खदानों में अब तक 9551 केज, 415 बायोफ्लॉक, 06 आर.ए.एस. एवं 253 बॉयोफलॉक पॉण्ड स्थापित किए गए हैं। रायपुर, दुर्ग बिलासपुर एवं जांजगीर में थोक मत्स्य बाजार की स्थापना की गई। प्रदेश के मत्स्य पालकों का एन.एफ.डी.पी. योजना अंतर्गत पंजीयन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य के मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बैंक से ऋण की सुविधा प्रदान की जा रही है। पात्रतानुसार मत्स्य कृषकों को एक प्रतिशत से लेकर तीन प्रतिशत ब्याज पर अल्प अवधि ऋण भी दिया जा रहा है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने करने की घोषणा की है। इस फिल्म में 22 साल पहले गुजरात के गोधरा में हुए ट्रेन हादसे की कहानी की सच्चाई को दिखाने की कोशिश की गई है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म इसलिए भी देखी जानी चाहिए क्योंकि अतीत का अध्ययन ही हमें वर्तमान और भविष्य के बारे में बेहतर मार्गदर्शन दे सकता है। उन्होंने कहा है कि यह फिल्म इतिहास के उस भयावह सत्य को उजागर करने का अत्यंत सराहनीय और प्रभावशाली प्रयास है जिसे निहित स्वार्थ के लिए छुपाने का प्रयास किया गया था। यह फिल्म तात्कालिक सिस्टम की उस सच्चाई को उजागर करती है, जो झूठे नरेटिव फैलाकर सत्य को दबाने का निंदित प्रयास करती थी। फिल्म दर्दनाक घटना को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है।
- -विश्व शौचालय दिवस के मौके पर 19 नवम्बर से 10 दिसंबर तक स्वच्छता और शौचालय के उपयोग पर जागरूकता सहित विभिन्न कार्यक्रमों का होगा आयोजनरायपुर / उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य जल्द ही ओडीएफ प्लस में मॉडल स्टेट बनने जा रहा है। राज्य में 36 लाख परिवारों के यहां शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। वहीं 13137 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। श्री शर्मा आज अपने निवास कार्यालय से विश्व शौचालय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों से वर्चुअली सम्बोधित कर रहे थे।गौरतलब है कि विश्व शौचालय दिवस के मौके पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा पूरे राज्य में हमारा शौचालय, हमारा सम्मान की थीम पर 19 नवंबर से 10 दिसम्बर तक स्वच्छता के महत्व और शौचालय के उपयोग पर जन जागरूकता सहित विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस मौके पर 5 हितग्राहियों को व्यक्तिगत शौचालय का स्वीकृति पत्र एवं 5 स्वच्छाग्राही दीदियों को स्वच्छता किट का वितरण किया।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए आगे कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के कल्पना को साकार करने का प्रण लेते हुए 2 अक्टूबर, 2014 को स्वच्छ भारत मिशन का शंखनाद किया। प्रधानमंत्री का यह प्रण आज संपूर्ण राष्ट्र का प्रण बन चुका है। स्वच्छ भारत के निर्माण को एक जनक्रांति का स्वरूप देने की कड़ी में 19 नवम्बर, 2024 विश्व शौचालय दिवस से 10 दिसम्बर, 2024 मानव अधिकार दिवस तक पूरे राष्ट्र में अभियान मनाया जा रहा है।श्री शर्मा ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में कोई भी परिवार बिना शौचालय के न हो इसके लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। यक्तिगत शौचालयों का उपयोग केवल एक व्यक्तिगत सुविधा नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज को स्वस्थ, स्वच्छ और सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यह पहल न केवल वर्तमान पीढ़ी बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक स्वस्थ और स्वच्छ वातावरण प्रदान करने में सहायक होगी।श्री शर्मा ने कहा कि घरों में शौचालय नहीं होने के कारण महिलाओं को खुले में शौच के लिए घर से बाहर जाना पड़ता था, जिससे उनकी गरिमा और सुरक्षा पर प्रश्न चिन्ह रहता था। व्यक्तिगत शौचालयों ने उन्हें इस असुविधा से मुक्त किया है। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। गांव के आस-पास के वातावरण में स्वच्छता बनी रहती है, जिससे बीमारियों पर नियंत्रण रखना आसान हो जाता है। कार्यक्रम को प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका बारीक सिंह, मिशन संचालक सुश्री जयश्री जैन ने भी सम्बोधित किया।
- -प्रत्येक बच्चे के विकास के लिए सकारात्मक और सुरक्षित वातावरण देना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर / मुख्यमंत्री श्री साय ने 20 नवंबर को विश्व बाल अधिकार दिवस के अवसर पर सभी बच्चों के सुरक्षित, स्वस्थ और खुशहाल भविष्य की कामना की है। विश्व बाल अधिकार दिवस के अवसर पर जारी अपने संदेश में उन्होंने कहा है कि वयस्कों के समान बच्चों को भी कुछ अधिकार दिए गए हैं। हर बच्चे को जीने के अधिकार के साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, समानता और पोषण पाने सहित कई अधिकार हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं। बच्चों के अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता जरूरी हैं। बच्चों को स्वस्थ,सुपोषित,शिक्षित और सुरक्षित जीवन देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बाल अधिकार दिवस ऐसा ही अवसर है, जब हम बच्चों के लिए अपनी जिम्मेदारियों और प्रतिबद्धताओं को फिर से दोहराते हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी की कोशिश हो कि प्रत्येक बच्चे को विकास के लिए सकारात्मक और सुरक्षित वातावरण मिल सके। श्री साय ने बच्चों को ढेर सारा प्यार देते हुए ईश्वर से अपनी कृपा सभी बच्चों पर बनाए रखने की प्रार्थना की है।
- -निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का ध्यान रखने के दिए निर्देश, जल जीवन मिशन के कार्यों को दिसम्बर-2024 तक पूर्ण करने कहारायपुर।. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज बीजापुर जिला मुख्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने बस्तर संभाग के नारायणपुर, सुकमा एवं दंतेवाड़ा जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग सहित बीजापुर जिले में विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। श्री साव ने बैठक में अंदरूनी इलाकों में सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण कार्यो में तेजी लाते हुए समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में अनावश्यक लेट-लतीफी करने वाले और गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देने वाले ठेकेदारों के कार्यों को निरस्त कर ब्लैक लिस्टेड करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री साव ने बैठक में बीजापुर के आवापल्ली, बासागुड़ा, जगरगुंडा मार्ग की प्रगति की जानकारी ली और इसका निर्माण कार्य आगामी दिसम्बर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने 50 किलोमीटर लंबाई के नेलसनार-गंगालूर मार्ग के शेष बचे 11 किलोमीटर का निर्माण कार्य भी जल्दी पूरा करने को कहा। श्री साव ने बीजापुर से भोपालपटनम मार्ग में मोदकपाल के पास सड़क दुर्घटनाओं पर नाराजगी व्यक्त करते हुए दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने भारत सरकार के महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के कार्यों को दिसम्बर-2024 तक पूर्ण करने को कहा। उन्होंने बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत तीन चरणों के सर्वे कार्य को जल्द पूरा करते हुए सभी पात्र हितग्राहियों को योजना से लाभान्वित करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बीजापुर एवं बस्तर संभाग सुदूरवर्ती एवं दूरस्थ क्षेत्र है। यहां काम करने में कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। चुनौतियों के बीच काम करने का अनुभव अलग होता है। आप लोगों को बस्तर के सरल-सहज आदिवासी भाई-बहनों के विकास और कल्याण के कार्य करने का मौका मिला है। आप लोग संवेदनशीलता के साथ बस्तरवासियों की तकलीफों को समझें और उनसे प्रेमपूर्वक बातें कर उनकी समस्याओं का समाधान करें। बीजापुर के कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने बैठक में विकास योजनाओं और जिले में संचालित योजनाओं की जानकारी दी। पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, जिला पंचायत के सीईओ श्री हेमंत रमेश नंदनवार, डीएफओ श्री रामाकृष्णा रंगानाथा वाय., इन्द्रावती टाइगर रिजर्व के उप निर्देशक श्री संदीप बल्गा और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता डॉ. एम.एल. अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
- दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने जिले में पदस्थ अपर कलेक्टरों के मध्य कार्य विभाजन किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अपर कलेक्टर श्री अरविन्द कुमार एक्का को अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट जिला दुर्ग के न्यायालयीन कार्य, दुर्ग अनुभाग एवं भिलाई-3 अनुभाग के अंतर्गत छ.ग. भू-राजस्व संहिता से संबंधित अपील पुनरीक्षण एवं पुर्नविलोकन प्रकरण के निराकरण हेतु कलेक्टर की शक्तियों का उपयोग करने (प्रत्येक दसवां प्रकरण कलेक्टर न्यायालय को अंतरित), दुर्ग अनुभाग एवं भिलाई-3 अनुभाग के अंतर्गत भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 240 एवं 241 के अंतर्गत कलेक्टर को प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुये प्रकरणों में समुचित आदेश पारित करने हेतु अधिकृत किया गया है। रोस्टर के अनुसार तहसील/अनुविभाग कार्यालय/उप पंजीयक कार्यालय/जनपद कार्यालय का निरीक्षण, महिला एवं बाल विकास विभाग के नस्तियों का निराकरण (स्थानांतरण/पदस्थापना/अनुशासनात्मक कार्यवाही से संबंधित नस्तियां कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएंगी), शासकीय कर्मचारियों के लिए शासन से प्राप्त होने वाले स्वत्वों के संबंध में वैध वारिसान प्रमाण पत्र जारी करना, शासकीय कार्यालयों के उपयोग हेतु भवन के किराया निर्धारण, प्रमाण पत्र जारी करना (2500 रु. तक के किराया) इसके ऊपर के प्रकरणों की नस्तियों को कलेक्टर को प्रस्तुत करना), अनुपयोगी डेड स्टॉक जो 5000 रू. तक की कीमत का हो, को अपलेखन करने का अधिकार, चोरी हुए 2000 रू. तक की सामग्री को अपलेखन करने का अधिकार, समयावधि में पेश शस्त्र लाईसेंसों का नवीनीकरण, शस्त्र अनुज्ञप्ति स्वीकृति एवं नवीनीकरण आदेश के पश्चात लाईसेंस बुक तथा लाईसेंस पंजी के प्रविष्टियों पर हस्ताक्षर एवं सत्यापन, अस्थायी फटाका लाईसेंसों का नवीनीकरण, 20,000 रू. तक आवर्ती व्यय स्वीकृति का अधिकार (उपजिलाध्यक्ष एवं तहसीलदारों के यात्रा भत्ता एवं औषधि देयकों की स्वीकृति), सेवानिवृत्त तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के परिवार कल्याण निधि, समूह बीमा योजना की राशि, ग्रेच्यूटी एवं जी.पी.एफ./डी.पी.एफ. जमा राशि का भुगतान, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की यात्रा देयकों एवं चिकित्सा प्रतिपूर्ति देयकों की स्वीकृति, शासकीय वाहन के टायर, ट्यूब एवं बैटरी नियमानुसार क्रय करने की स्वीकृति, शासन के नियमों एवं निर्देशों के अनुरूप टेलीफोन, विद्युत, पीओएल, शासकीय वाहनों के मरम्मत के व्यय की स्वीकृति, दुर्ग तहसील के अवैध उत्खनन के प्रकरणों का प्रावधान अनुसार निराकरण एवं नोडल अधिकारी जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र दुर्ग व नोडल अधिकारी बायोमेट्रिक सिस्टम स्थापना जिला कार्यालय दुर्ग का प्रभार सौंपा गया है।अपर कलेक्टर श्री अरविन्द एक्का के माध्यम से विभिन्न शाखाओं की नस्तियाँ कलेक्टर सुश्री चौधरी को प्रस्तुत की जायेंगीे। जिनमें प्रोटोकाल अधिकारी, वित्त/स्थापना शाखा, भू-अभिलेख शाखा, डायवर्सन शाखा, लायसेंस शाखा, जिला नाजिर शाखा, चिटफंड शाखा, सांख्यिकी लिपिक, एस डब्ल्यू, सिविल सूट शाखा, सीएसआर मद शाखा, सहायक अधीक्षक सामान्य शाखा, खनिज शाखा, अल्प बचत शाखा, जिला कोषालय, आबकारी विभाग, श्रम विभाग/बाल श्रमिक परियोजना, चिप्स शाखा/लोक सेवा केन्द्र, जिला योजना मण्डल, छ.ग. आवास साफ्टवेयर/भवन निर्माण नियमितीकरण, जिला कार्यालय परिसर के कार्यालयों/विभिन्न शाखाओं का आकस्मिक निरीक्षण, आदिम जाति कल्याण विभाग के नस्तियों का निराकरण, अन्तयावसायी वित्त विकास निगम, पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम के नस्तियों का अंतिम निराकरण, जेल/होमगार्ड/सैनिक कल्याण बोर्ड इत्यादि शाखाओं के साथ-साथ कलेक्टर द्वारा समय-समय पर सौंपे गये अन्य कार्य भी शामिल है।इसी प्रकार अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह को उप जिला निर्वाचन अधिकारी दुर्ग (सामान्य निर्वाचन), उप जिला निर्वाचन अधिकारी दुर्ग (स्थानीय निर्वाचन), परिसीमन (पंचायत एवं नगरीय निकाय), चिटफंड कंपनी के प्राप्त आवेदनों के निराकरण, नजूल एवं नजूल जांच से संबंधित समस्त नस्तियों एवं प्रकरणों का अंतिम निराकरण करने (भूमि आबंटन के प्रकरणों को छोड़कर), नजूल शाखा के केवल हुडको भिलाई से संबंधित समस्त नस्तियों का जिसमें कलेक्टर का आदेश अनिवार्य ना हों, अपर कलेक्टर के रूप में निराकरण का दायित्व सौंपा गया है। हुडको से संबंधित समस्त अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी करने, नजूल शाखा के प्रकरणों एवं नस्तियों का जिनमें कलेक्टर का आदेश अनिवार्य न हो, अपर कलेक्टर के रूप में निराकरण, 4000 वर्गफुट तक के नजूल पट्टे का नवीनीकरण, ऋणमुक्ति अधिनियम 1976, पट्टाधृति अधिनियम 1984/1998 के अंतर्गत प्रकरणों का निराकरण, नोडल अधिकारी राजीव गांधी आश्रय योजना 2019 एवं पट्टाधृति अधिनियम 1984, विभागीय जांच अधिकारी जिला कार्यालय दुर्ग का दायित्व दिया गया। अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह के माध्यम से विभिन्न शाखाओं की नस्तियाँ कलेक्टर सुश्री चौधरी को प्रस्तुत की जायेंगीे। जिसमें वरिष्ठ लिपिक 1, 2 एवं 3 शाखा, नगरीय प्रशासन (डूडा) शाखा, मुख्यमंत्री घोषणा शाखा के साथ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा समय-समय पर सौंपे गये, अन्य कार्य शामिल है।अपर कलेक्टर श्री मुकेश रावटे को सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रथम अपील प्रकरणों का निराकरण, जिला विवाह अधिकारी, प्रोटोकॉल शाखा, भू-अभिलेख शाखा एवं डायवर्सन शाखा, भू-अर्जन/भू आबंटन अधिकारी, लायसेस शाखा, सांख्यिकी लिपिक शाखा, सहायक अधीक्षक सामान्य शाखा, सिविल सूट व्यवहारवाद शाखा, जिला दुर्ग स्थित विभिन्न विभाग/कार्यालयों का निरीक्षण हेतु प्रभारी अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है। अपर कलेक्टर श्री रावटे को सीएसआर शाखा, डीएमएफ शाखा, मानव अधिकार आयोग के प्रकरण/नागरिकता प्रमाण पत्र, नशा मुक्ति अभियान जिला दुर्ग, उद्यानिकी विभाग दुर्ग, आदिम जाति कल्याण विभाग दुर्ग, जिले अंतर्गत सड़क मरम्मत निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के पर्यवेक्षक, कौशल विकास, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग, चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति शासकीय महाविद्यालय कचान्दूर दुर्ग एवं कॉल सेंटर शाखा जिला कार्यालय दुर्ग के नोडल अधिकारी का दायित्व दिया गया है। धमधा/पाटन अनुभाग के अंतर्गत छ.ग. भू-राजस्व संहिता से संबंधित अपील पुनरीक्षण एवं पुर्नविलोकन प्रकरण के निराकरण हेतु कलेक्टर की शक्तियों का उपयोग (प्रत्येक दसवां प्रकरण कलेक्टर न्यायालय को अंतरित) एवं धमधा/पाटन अनुभाग के अंतर्गत भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 240 एवं 241 के अंतर्गत कलेक्टर को प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुये प्रकरणों में समुचित आदेश पारित करने हेतु अधिकृत किया गया है। अपर कलेक्टर श्री रावटे धमधा, पाटन तहसील के अवैध उत्खनन के प्रकरणों का प्रावधान अनुसार निराकरण का कार्य करेंगे। सक्षम अधिकारी नगर भूमि सीमा दुर्ग (अधिनियम समाप्ति उपरांत शेष अनुसांगिक कार्यवाही हेतु), राजस्व विभाग से संबंधित विधानसभा प्रश्नों की जानकारी समय पर भेजने हेतु नस्ती कलेक्टर के समक्ष पेश करना, जिले के प्राकृतिक आपदा के प्रकरणों के निराकरण (आर.बी.सी. 6-4), मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव द्वारा आयोजित विडियो कांफ्रेसिंग का कार्य, शिकायत शाखा से प्राप्त नस्तियॉं (आवश्यकता अनुसार महत्वपूर्ण होने से कलेक्टर को प्रस्तुत), पीजीएन के आवेदन पत्रों का निराकरण एवं अन्य मदों से प्राप्त होने वाली शिकायतों की समय-समय पर समीक्षा तथा व्यक्तिगत रूचि लेकर निराकरण करने का दायित्व सौंपा गया है। इसके साथ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा समय-समय पर सौंपे गये कार्यों का दायित्व भी शामिल है।अपर कलेक्टर श्री रावटे के माध्यम से विभिन्न शाखाओं की नस्तियाँ कलेक्टर सुश्री चौधरी को प्रस्तुत की जायेंगीे। जिनमें खाद्य शाखा, नजूल व नजूल जांच, भू-अर्जन व भू- बंटन शाखा, स्वेच्छानुदान, जनसंपर्क, मुख्यमंत्री सहायता शाखा, सी एम घोषणा, जनगणना शाखा, सहायक अधीक्षक राजस्व/राजस्व मोहर्रिर शाखा, सहायक अधीक्षक (सामान्य)/वरिष्ठ लिपिक-1, 2, 3,/पासपोर्ट शाखा, राजस्व लेखा शाखा/बाढ़ राहत एवं आपदा प्रबंधक/सूखा राहत शाखा, प्रेषक व मुद्रलेखन शाखा, मुख्य प्रतिलिपि शाखा, प्रपत्र एवं लेखन सामग्री/लायब्रेरी शाखा, पर्यावरण अधोसंरना मद, 20 सूत्रीय, 15 सूत्रीय एवं अल्पसंख्यक आयोग, काउन्टर शाखा, जवाहर नवोदय विद्यालय बोरई/केन्द्रीय विद्यालय दुर्ग/नेहरू युवा केन्द्र/खेल विभाग दुर्ग/शिक्षा के अधिकार कानून के अंतर्गत, सचिव रविशंकर स्टेडियम/मानस भवन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जानकारी प्रस्तुत करना एवं समय-समय पर कलेक्टर द्वारा सौंपे गए अन्य कार्य शामिल है।
- दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग दुर्ग मंडल के अधीक्षण अभियंता श्री संजीव ब्रिजपुरिया ने जल जीवन मिशन के तहत मोतीमपुर समूह जल प्रदाय योजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने योजना के कार्यों का जायजा लिया और एजेंसी को कार्य को तेजी से करते हुए तकनीकी गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए। अधीक्षण अभियंता श्री ब्रिजपुरिया ने कहा कि जल जीवन मिशन सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सभी घरों को नल कनेक्शन प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलकर काम करना होगा। मोतीमपुर समूह जल प्रदाय योजना से क्षेत्र के कई गांवों को लाभ मिलेगा। इस योजना के पूरा होने से ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा और उनकी जीवनशैली में सुधार आएगा। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता श्री उत्कर्ष उमेश पांडेय, सहायक अभियंता श्री प्रकाश सिंह ठाकुर, उपभियंता सुश्री कल्पना पोया और टीपीआई एजेंसी के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
- -10 नवाचारी शिक्षक, 6 उत्कृष्ट शाला और 7 संकुल समन्वयक को मिला सम्मानदुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने जिले में संचालित आचार्य विनोबा भावे शिक्षक कार्यक्रम के अंतर्गत 23 शिक्षकों को सम्मानित किया। जिसमें धमधा ब्लॉक के 11, पाटन ब्लॉक के 07 और दुर्ग ब्लॉक के 05 शिक्षक शामिल है। जिले के विभिन्न स्कूलों के 10 शिक्षकों को माह सितम्बर और अक्टूबर के लिए ’पोस्ट ऑफ द मंथ’ और ’बोलेगा बचपन’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। साथ ही उत्कृष्ट दुर्ग कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 10वीं एवं 12वीं की माह सितम्बर में आयोजित मासिक परीक्षा मे उत्कृष्ट परिणाम देने वाले 6 विद्यालय के प्राचार्यों को एवं माह अगस्त से अक्टूबर तक जिस क्लस्टर के विद्यालयों ने सक्रिय सहभागिता के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, उन संकुलों के 7 संकुल समन्वयकों को सम्मानित किया गया। विनोबा ऐप के माध्यम से हर महीने जिले के नवाचारी शिक्षकों को ’’पोस्ट ऑफ द मंथ’’ और विभिन्न कौशल संवर्धन पहल में उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया जाता है। इसके अलावा बोलेगा बचपन, टॉप 3 क्लस्टर और उत्कृष्ट दुर्ग कार्यक्रम में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों का भी सम्मान किया जाता है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कलेक्टर सुश्री चौधरी ने सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई दी और उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने सभी शिक्षकों से छात्रों के समग्र विकास के लिए इसी तरह कार्य करते रहने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में ओपन लिंक्स फाउंडेशन के जिला समन्वयक प्राची तुमसरे और जिले के अनेक शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम में संयुक्त कलेक्टर श्री एम. भार्गव, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री राजीव कुमार पाण्डेय, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्द मिश्रा, विनोबा नोडल डॉ. पुष्पा पुरुषोत्तमन, डीएमसी श्री सुरेन्द्र पांडे, एपीसी श्री विवेक शर्मा, एमआईएस प्रशासक श्री संजय कुमार वर्मा एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री कैलाश साहू उपस्थित थे।
- दुर्ग / राज्य नोडल अधिकारी उपायुक्त श्री आर.के.शर्मा ने विगत दिवस दुर्ग जिले का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने विकासखण्ड पाटन में मनरेगा के निर्माण कार्याे का निरीक्षण किया गया।भ्रमण के दौरान उप आयुक्त द्वारा विकासखण्ड पाटन के निर्माण कार्य और ग्राम पंचायत मोतीपुर आंगनबाड़ी भवन एवं सोक पीट निर्माण कार्यो का निरीक्षण किया। उन्होंने आंगनबाडी केन्द्र में उपस्थित बच्चों से बात की। इस पर तकनीकी सहायक ने बताया कि आंगनबाड़ी केन्द्र जर्जर होने के कारण आंगनबाड़ी बनाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कर रहे हितग्राही से भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए 90 दिवस की मजदूरी प्राप्त हुई। आवास में दो रूम एक किचन का निर्माण किया गया है। हितग्राही ने बताया कि वह पहले कच्चे मकान में रहता था अब आवास मिल जाने से उनका परिवार एक पक्के छत के नीचे जीवन यापन करेगा। वही उन्होंने ग्राम पंचायत तेलीगुण्डरा में तालाब के किनारे वृक्षों को सुरक्षित किए गए अमृत सरोवर निर्माण की सराहना की। ग्राम पंचायत भवन में मनरेगा के तहत पंजी के संधारण व दस्तावेज की जांच की गई। इस पर रोजगार सहायक को संधारित पंजी को अद्यतन करने के निर्देश दिए गए।ग्राम पंचायत तेलीगुण्डरा में 28 हितग्राही का आजीविका हेतु प्रोजेक्ट उन्नति के तहत हितग्राहियों को आचार आगबत्ती, फिनाईल, निरमा, साबुन बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान प्रशिक्षण में शामिल भुनेश्वरी वर्मा से चर्चा की गई। उन्होंने हितग्राहियों को प्रशिक्षण का लाभ लेकर आजीविका की गतिविधियों को आगे बढ़ाने को कहा। साथ ही उन्होंने गुजरा ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम पंचायत गुजरा के डबरी निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। साथ ही मनरेगा के तहत उचित मूल्य की दुकान, हाट सेग्रीगेशन यार्ड, बाजार चबूतरा निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया। उन्होंने गुणवत्तायुक्त निर्माण कार्यो की प्रंशासा की। भ्रमण के दौरान तकनीकी समन्वयक सहायक परियोजना अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी पाटन तकनीकी सहायक, रोजगार सहायक उपस्थिति थे।







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