- Home
- छत्तीसगढ़
- -स्कूलों से लगे दुकानों व ठेलों से हजारों नग गुटका पाउच जब्त, लाखों रुपए जुर्माना-मजिस्ट्रेट, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई-कई दुकान सीलबंद किए गएबिलासपुर । जिले में आज अवैध रूप से संचालित तंबाकू और इसके उत्पादों की दुकानों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई। खासकर स्कूल और इसके 100 मीटर के दायरे में आने वाले दुकानों और ठेलों को लक्षित कर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने सघन अभियान चलाया। नगर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में एक साथ अभियान चला। इस दौरान हजारों नग गुटका पाउच, बीड़ी, सिगरेट, गुड़ाकू सहित अन्य अवैध सामग्री जब्त किए गए। दुकान मालिक और ठेला वालों से लाखों रुपए जुर्माना वसूला गया। उन्हें आइंदा ऐसी आपत्तिजनक सामग्री नहीं बेचने की चेतावनी भरी हिदायत भी दी गई। कोटपा एक्ट यानी कि तंबाकू के सेवन और व्यापार को नियंत्रित करने वाला संसद से पारित एक कानून है। जिसके तहत शैक्षणिक और स्वास्थ्य केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में नशीले पदार्थों के विक्रय पर सख्त प्रतिबंध है।नगर निगम बिलासपुर की राजस्व, पुलिस, और कार्यपालिक दंडाधिकारी की संयुक्त टीम द्वारा जोन क्रमांक 3 के अंतर्गत राजेंद्र नगर स्कूल नेहरू चौक के सामने देवांगन पान सेंटर, दीपक डेली नीड्स, अनुसूचित जनजाति जाति हॉस्टल जरहाभाटा के पास बाबा डेली नीड्स एवं पटेल पान सेंटर, नवीन प्राथमिक शाला राजीव गांधी चौक के पास मिलन पान सेंटर, साहू टी स्टॉल अमित चाय कॉफी, अंबेडकर स्कूल सत्यम चौक के पास हरि पान सेंटर एवं शकुंतला सहारे की दुकान कुल नौ दुकानों पर कोटपा एक्ट के अंतर्गत करवाई करते हुए तंबाकू सिगरेट आदि पदार्थ जप्त किए गए। साथ ही कुछ दुकानों को सील करने की कार्रवाई की गई। इस दौरान रुपए 22 हजार की चालानी कार्रवाई निगम एवं कोटपा एक्ट अंतर्गत संयुक्त रूप से की गई। नायब तहसीलदार सिद्धी गवेल के नेतृत्व में निरीक्षण दल ने नूतन चौक और सरकंडा इलाके में 5 दुकानों पर कार्रवाई कर 1900 रुपए का चालान काटा गया। नायब तहसीलदार राहुल शर्मा की टीम ने बुधवारी बाजार और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में 6 दुकानों पर 3300 रुपए का जुर्माना लगाया। अतिरिक्त तहसीलदार शिल्पा भगत ने शास्त्री स्कूल और लक्ष्मीबाई स्कूल के आसपास कार्रवाई की। गनियारी क्षेत्र में 20 व्यक्तियों के विरुद्ध 23 हजार 200 रुपए का चालान काटा गया। उसलापुर क्षेत्र में 20 ठेलों और दुकानों पर कार्रवाई की गई। ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत द्वारा चालान काटा गया। सिरगिट्टी क्षेत्र में छह दुकानों से सामान जब्त कर 650 रुपए चालान लिया गया। खैरा जयराम नगर में स्कूल के सामने किराना दुकानों की जांच की गई और तंबाकू युक्त सामग्री जब्त कर थाना प्रभारी को सुपुर्द किया गया। मल्हार नगरीय क्षेत्र में स्कूल से लगे 6 दुकानों पर एक्शन लिया गया। पचपेड़ी तहसील क्षेत्र में भी 5 दुकानों के खिलाफ कार्रवाई कर सामग्री जब्त किया गया। मस्तूरी में सांदीपनी एकेडमी पेंडारी में भी ठेले वालों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इसी प्रकार तखतपुर, बिल्हा और कोटा अनुविभाग में भी सघन कार्रवाई की गई। कलेक्टर ने इस अभियान को आगे भी जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
-
-समय पर नहीं खुले कई स्कूल, शो कॉज नोटिस
-स्कूल टाइम में बाहर बैठ गप्पे हॉक रहे थे शिक्षक
बिलासपुर, / जिला शिक्षा अधिकारी टीकाराम साहू द्वारा आज प्रातः7.30बजे से दोपहर 2 बजे तक विकासखंड तखतपुरऔर कोटा विकासखण्ड के दर्जनों स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण किया । जिसमें तखतपुर विकासखंड अन्तर्गत शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक शाला पोड़ी(भरनी)प्रातः7.35बजे बंद पाया गया । शा उ मा वि पोड़ी प्रातः 8 बजे तक खुला नही था। ग्रामीणो द्वारा प्राचार्य का शिकायत भी किये। प्राथमिक एवं पूर्व माध्यामिक शाला नवापारा घुटकू में सिर्फ दो शिक्षक समय पर उपस्थित पाए गए । दोनों शाला के प्रधान पाठक एवं अन्य शिक्षक विलंब से शाला में उपस्थित हुए। शासकीय प्राथमिक शाला चक्राकुंड में शिक्षक अध्यापन के समय बाहर बैठे हुए पाए गए एवं कक्षा में बच्चे स्वयं से पढ़ते हुए पाए गए। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला गनियारी , खरगहना, में निरीक्षण के दौरान गनियारी प्राचार्य आकस्मिक अवकाश में थी एवं अन्य शिक्षक शिक्षिकाएं कक्षाओं में अध्यापन कार्य करते हुए पाए गए। जिला शिक्षा अधिकारी महोदय द्वारा कक्षा में छात्र छात्राओं से विषय संबंधित प्रश्न किये तथा गणित व विज्ञान में बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने हेतु छात्र /छात्राओं को टिप्स दिए। शिक्षको को रुचिपूर्वक अध्यापन हेतु प्रेरित किये। तत्पश्चात कोटा विकासखंड के पीपर तराई एवं खुरदुर, नवापारा,खरगहनी शाला का निरीक्षण किया गया निरीक्षण के दौरान पीपर तराई में उपस्थित दोनों शिक्षिका कार्यालयीन कार्य करते पाए गए। प्राथमिक/ पूर्व माध्यमिक शाला खुरदुर में शिक्षक उपस्थित मिले एवं अध्यापन कार्य कराते हुए पाए गए। प्राथमिक शाला नवापारा खुरदुर में दोनों शिक्षक विलंब से शाला में उपस्थित हुए। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा मध्याह्न भोजन स्वयं चखकर निरीक्षण किया गया और संतोषप्रद पाया गया। और सभी शालाओं में साफ सफाई, मध्याह्न भोजन मेनू अनुसार बनाने एवं शिक्षकों को पाठ्यक्रम अनुसार अध्यापन कार्य कराने हेतु निर्देशित किया गया।अनियमित शिक्षको प्रधान पाठकों व प्राचार्यों को नोटिस जारी किया जायेगा। निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्कूलों से 11 शिक्षक बीएलओ ड्यूटी के कारण शाला से अनुपस्थित पाए गए
- -स्कूलों की दक्षता बढ़ाना सुनिश्चत करें : सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशीरायपुर। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने प्रदेश के स्कूलों में राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण के मद्देजर स्कूलों की दक्षता बढ़ाने के लिए गंभीरता के साथ तैयारी करने के निर्देश दिए है। गौरतलब है कि आगामी माह के 4 दिसम्बर को कक्षा 3री, 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों की दक्षता को राष्ट्रीय सर्वेक्षण होना है। इसके तहत केन्द्रीय स्कूल शिक्षा मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्कूलों में विद्यार्थियों की दक्षता का परीक्षण किया जाएगा।शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने विभागीय अधिकारियों को राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए हर स्तर पर व्यापक प्रशासनिक, प्रबंधकीय व अकादमिक तैयारी प्रारंभ करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण-2024 के आकलन कार्य के सभी जिलों में शत-प्रतिशत क्रियान्वयन को सुनिश्चित कराने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक तथा प्राचार्य डाइट को संयुक्त रूप से नोडल अधिकारी बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य के 99 जिला स्तरीय अधिकारी जिले में परख क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं 146 विकासखंडों में बीईओ, बीआरसीसी तथा संकुल प्राचार्य को संयुक्त जिम्मेदारी सौंपते हुए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।शिक्षा सचिव श्री परदेशी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत देश भर में एक साथ होने जा रहे इस सर्वेक्षण का प्राथमिक उद्देश्य स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठचर्या रूपरेखा 2023 के साथ उच्च गुणवत्ता युक्त वैश्विक मूल्यांकन विकसित करना है। उल्लेखनीय है कि केंद्र शासन द्वारा प्रस्तावित राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जा चुका है। इस राष्ट्रीय सर्वेक्षण में नवीन शिक्षा नीति के लक्ष्यों के अनुरूप कक्षा 3री, 6वीं और 9वीं में आधार भूत प्रारंभिक एवं मध्य चरणों के अंत में छात्रों की दक्षता का आकलन किया जा रहा है। यह सर्वेक्षण छत्तीसगढ़ के मात्र छात्र-छात्रों का नहीं बल्कि, शिक्षक, स्कूल तथा संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था का मूल्याँकन सिद्ध होगा, जिसके आधार पर भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ सहित अन्य सभी राज्यों की शैक्षणिक गुणवत्ता का श्रेणी निर्धारण भी होगा ।उन्होंने बताया कि परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण में कक्षा 3री के लिए भाषा, गणित एवं हमारे आसपास की दुनिया से 90 मिनट में 45 प्रश्न पूछे जाएँगे। कक्षा 6वीं के लिए उक्त विषयों से संबंधित 51 प्रश्न 90 मिनट में पूछे जाएँगे। कक्षा 9वीं में भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान के 60 प्रश्न 120 मिनट पर हल करने होंगे। परीक्षार्थियों को एक ही प्रश्न पत्र दिया जायेगा। परख मूल्याँकन माइनस मार्किंग नहीं होगी। केंद्र सरकार के नियमानुसार जिस माध्यम की शाला चयनित की गई, उस माध्यम की प्रथम भाषा पर सर्वे अर्थात् प्रश्नपत्र होगा । यदि अंग्रेजी माध्यम की कई शाला सेम्पल शाला के रूप में चयनित की जाती हैं, तो वहाँ अंग्रेजी भाषा में आकलन परीक्षा निर्धारित होगी ।राज्य में परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 के लिए सेंपल शालाओं के रूप में जिले की शासकीय सहित राज्य शासन से अनुदान प्राप्त शालाओं, गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय शालाओं, केंद्रीय, नवोदय विद्यालयों को सीधे भारत शासन, स्कूल शिक्षा वि नई दिल्ली द्वारा चयनित व निर्धारण किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के लिए 33 जिलों में कुल 3420 को चुना गया है। इस मूल्याँकन सर्वेक्षण या परीक्षा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मूल्याँकन कार्य की पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के शासकीय या अशासकीय किसी भी शिक्षक को परीक्षक या पर्यवेक्षक के रूप में कार्य में नियुक्त नहीं किया जायेगा, बल्कि परीक्षा का मूलभूत कार्य राज्य के शासकीय डाइट कालेज में छात्राध्यापक या प्रशिक्षु शिक्षक अर्थात् अध्यनरत डीएलएड, बीएड एवं एमएड के प्रशिक्षणार्थियों द्वारा संपन्न कराया जायेगा ।विशेष परिस्थिति में शासकीय कॉलेज के विद्यार्थी, अशासकीय प्रशिक्षण संस्थाओं के डीएलएड, बीएड, एमएड प्रशिक्षणार्थियों को लिया जा सकेगा। परीक्षा कार्य संपन्न कराने वाले ऐसे लगभग 3800 छात्राध्यापकों को जिले के 33 डाइट के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वे सुचारू पूर्वक परीक्षा कार्य बिना बाधा के पूरा करा सकें। इस सर्वेक्षण के पारदर्शी क्रियान्वयन हेतु भारत सरकार द्वारा सीबीएसई के प्रशासनिक व अकादमिक अमले को ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्त किया गया है जो प्रत्येक निर्धारित परीक्षा केंद्र में मानटरिंग करेंगे।राज्य के विद्यार्थी अपनी शैक्षिक दक्षता का राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें इसके लिए परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण की पूर्व तैयारी के रूप में एससीईआरटी तथा समग्र शिक्षा राज्य परियोजना कार्या द्वारा राज्य के सभी स्कूलों के कक्षा 3री, 6वीं तथा 9वीं के विद्यार्थियों को प्रश्न बैंक एवं रीडिंग कार्ड उपलब्ध कराया गया है। उनके लिए विशेष तौर पर सभी निजी व सरकारी स्कूलों में मॉक टेस्ट का विशेष आयोजन किया जा रहा है। इस कार्य में राज्य के लगभग 146 निजी शिक्षा महाविद्यालयों के 19 हजार छात्र अध्यापकों का भी स्वैच्छिक सहयोग लिया जा रहा है।
- -बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी और बर्ड काउंट इंडिया के विशेषज्ञों ने दिए सुझावरायपुर। गिद्ध संरक्षण पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन में छत्तीसगढ़ वन विभाग द्वारा इस कार्यक्रम में शोधकर्ता, छात्र, और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एकत्रित हुए, जहां गिद्ध संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की गई। कार्यशाला में बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी और बर्ड काउंट इंडिया जैसे प्रतिष्ठित संगठनों के विशेषज्ञों ने गिद्धों की वर्तमान स्थिति, उनकी संख्या में गिरावट के कारण और उनके लिए सकारात्मक वातावरण बनाने के उपायों पर चर्चा की।शोधकर्ताओं और छात्रों ने गिद्ध संरक्षण के महत्व और उससे संबंधित चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम में न केवल गिद्ध संरक्षण के प्रयासों को प्रोत्साहन दिया, बल्कि सभी प्रतिभागियों को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित भी किया। शोधकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ में गिद्धों की गणना से जुड़े आंकड़े प्रस्तुत किए। इंद्रावती टाइगर रिजर्व और अचानकमार टाइगर रिजर्व के प्रयासों को विशेष रूप से सराहा गया, जहां गिद्ध संरक्षण के लिए वल्चर रेस्टोरेंट और वल्चर सेफ जोन जैसी पहल की जा रही हैं। वन विभाग, पशु चिकित्सा विभाग और ड्रग कंट्रोल विभाग के साथ समन्वय स्थापित करेगा।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) श्री प्रेम कुमार ने कहा कि गिद्ध संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ वन विभाग नागरिकों की भावनाओं को गिद्धों से जोड़ने का प्रयास करेगा, जिससे वे इनके संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनें। बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में व्हाईट रम्पड वल्चर को पुनः बसाने के प्रयास किए जाएंगे। इसी तरह वन विभाग, पशु चिकित्सा विभाग और ड्रग कंट्रोल विभाग के साथ समन्वय स्थापित करेगा, ताकि पालतू जानवरों के उपचार के दौरान उपयोग किए जाने वाले घातक दवाईयों पर प्रतिबंध लगाया जा सके।इसी तरह स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे छात्रों को प्रकृति और गिद्ध संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके। संरक्षण के प्रयासों को सुदृढ़ करने के लिए वन विभाग एनजीओ, शोधकर्ताओं और अन्य संबंधित संगठनों के साथ समन्वय करेगा। गिद्धों के आवास और उनकी गतिविधियों को समझने के लिए एक निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी और उनका जियोटैगिंग किया जाएगा।इस कार्यशाला में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री आर. के. सिंह, सहायक प्रधान मुख्य वन संरक्षक, योजना एवं विकास श्री अरुण कुमार, सीसीएफ वाइल्डलाइफ एवं फील्ड डायरेक्टर, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व श्रीमती सातोविषा समझदार, संचालक, जंगल सफारी रायपुर श्री धम्मशील गणवीर, उप निदेशक, अचानकमार टाइगर रिजर्व श्री यू. आर. गणेश, उप निदेशक, इंद्रावती टाइगर रिजर्व श्री संदीप बालगा और डीएफओ, कवर्धा श्री शशि कुमार उपस्थित रहे।पैनल चर्चा में शोधार्थी डॉ. विभू प्रकाश, वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया डॉ. सुरेश कुमार, श्री क्रिस्टोफर बाउडेन, डॉ. काजवीन उमरीगर श्री शेखर कोलिपाका और श्री दिलशेर खान ने अपने अनुभव साझा किए और गिद्ध संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
- महासमुंद ।भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा दाल के व्यापारियों (मिलर्स, डीलर्स, ट्रेडर्स, स्टॉकिस्ट, आयातक) को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं। जिला स्तर पर इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रशासनिक कार्यवाही तेज कर दी गई है।खाद्य अधिकारी ने बताया कि दाल कारोबारियों को निर्देश दिया गया है कि अरहर और अन्य दालों (काबुली चना को छोड़कर) पर लागू स्टॉक सीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यापारी जो अभी तक पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें तत्काल पंजीकरण कराना होगा। साथ ही, अपने स्टॉक की नियमित घोषणा उपभोक्ता मामले विभाग के पोर्टल (fcainfoweb.nic.in@psp) पर दर्ज करनी होगी।मौजूदा स्थिति के अनुसार, राज्य में लगभग 50% पंजीकृत व्यापारियों द्वारा ही स्टॉक की घोषणा की जा रही है। शेष व्यापारियों को भी नियमित घोषणा करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी व्यापारी का स्टॉक निर्धारित सीमा से अधिक पाया जाता है, तो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी और मामला सक्षम अधिकारी को प्रस्तुत किया जाएगा।जिला स्तर पर निगरानी हेतु नोडल अधिकारी नियुक्तदालों की निगरानी और मॉनिटरिंग के लिए श्री मनीष यादव, सहायक खाद्य अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। संपर्क के लिए उनका मोबाइल नंबर +91-9926545105 जारी किया गया है। त्योहारी मौसम में दाल की कीमतों पर अनुचित वृद्धि को रोकने के लिए प्रशासन सक्रिय रूप से सतत निगरानी करेगा।प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि वे अपने प्रभार क्षेत्र में खुदरा संघों के साथ समय-समय पर बैठकें आयोजित करें। दाल कारोबारियों को पोर्टल पर स्टॉक की घोषणा करने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके अलावा, बड़े खुदरा विक्रेताओं द्वारा 30 किलो के थोक पैक में दाल बेचने की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी, ताकि जीएसटी से बचने के प्रयासों को रोका जा सके।
- -29 नवम्बर तक कर सकेंगे आवेदनरायपुर। संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण के द्वारा वार्डन, स्टोरकीपर, सहायक ग्रेड-3 एवं भृत्य के कुल 16 पदों पर संविदा भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया। जिनमें राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई बिलासपुर हेतु वार्डन (पुरूष) 1 पद, वार्डन (महिला) 1 पद, स्टोरकीपर 1 पद, सहायक ग्रेड-3 के 1 पद एवं भृत्य के 02 पद शामिल हैं। इसके साथ ही मैदानी कार्यालयों के लिए भृत्य के 10 पद शामिल हैं।संचालक खेल एवं युवा कल्याण श्रीमती तनुजा सलाम ने बताया कि विभागीय सेटअप अनुसार ऐसे सभी रिक्त पद जिन पर वित्त विभाग से भर्ती की अनुमति प्राप्त है, उन पर जल्द से जल्द भर्ती की कार्यवाही सम्पन्न कराई जाएगी। संविदा के रिक्त पदों पर विज्ञापन जारी कर दिया गया है। वित्त विभाग से अनुमति प्राप्त नियमित पदों पर लोक सेवा आयोग तथा व्यापम के माध्यम से सीधी भर्ती के लिए भी शीघ्र प्रस्ताव भेजा जाएगा।उपर्युक्त उल्लेखित संविदा के रिक्त पदों के लिए इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी निर्धारित प्रारूप में अंतिम तिथि 29 नवम्बर 2024 तक शाम 5 बजे तक आवेदन पत्र रजिस्टर्ड पोस्ट के माध्यम से जमा करा सकते हैं। प्राप्त आवेदनों पर विभागीय भर्ती नियमों के अनुरूप भर्ती समिति की अनुशंसा पर भर्ती की कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए संचालक ने भर्ती समिति का गठन कर दिया है। आवेदन पत्र विभागीय वेबसाइटwww.sportsyw.cg.gov.inसे डाउनलोड किया जा सकता है। आवेदन पत्र एवं विस्तृत विज्ञापन खेल एवं युवा कल्याण विभाग के विभागीय वेबसाइट और संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम रायपुर के सूचना पटल पर उपलब्ध है।
-
रायपुर। उत्तर अबूझमाड़ में आज हुई मुठभेड़ में 05 नक्सलवादियों को ढेर करने में मिली सफलता पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों को दी बधाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 11 महीनों के दौरान हमारे जवानों ने नक्सलवाद के उन्मूलन में लगातार बड़ी सफलता प्राप्त की है। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है।
उन्होंने कहा है कि मुहिम शुरू होने के बाद से अब तक 200 से ज्यादा नक्सलवादियों को ढेर किया जा चुका है। आज हुई मुठभेड़ में भी हमारे जवानों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है। हमारे दो जवान घायल हुए हैं, जिनके समुचित उपचार की व्यवस्था के निर्देश मैंने दिए हैं। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं अभियान की मॉनिटरिंग कर रहा हूं। अधिकारियों से पल-पल की जानकारी ले रहा हूं। - रायपुर,। उत्तर बस्तर के अबूझमाड़ क्षेत्र में पुलिस और सुरक्षा बलों के संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान आज माओवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जवानों ने बहादुरी से लड़ते हुए 5 माओवादियों को ढेर किया। इस ऑपरेशन में बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ के दौरान 2 जवान घायल हुए, जिनकी स्थिति अब सामान्य और खतरे से बाहर बताई गई है। दोनों जवानों को बेहतर इलाज के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।इस उपलब्धि पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि- "नारायणपुर-कांकेर जिले की सीमा पर सुबह से ही रुक-रुक कर गोली बारी हो रही थी। मुठभेड़ में 5 नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं। हमारे 2 जवान घायल हुए हैं परंतु वो खतरे से बाहर हैं... " "नक्सल मोर्चे पर हमारे जवान बहादुरी से लड़ रहे हैं। हम छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त करने के संकल्प को पूर्ण करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।"उपमुख्यमंत्री ने घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए उनकी वीरता की सराहना की है। उन्होंने इस अभियान में शामिल सभी सुरक्षा बलों को बधाई दी और उनकी कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा की।
- रायपुर। : नक्सल प्रभावित नारायणपुर और कांकेर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच आज मुठभेड़ हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षाबलों इस गोलीबारी में 5 नक्सलियों को मार गिराया है, उनके शव भी बरामद कर लिए गए हैं। इसके अलावा सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया है।अधिकारियों के मुताबिक 15-16 नवंबर की दरमियानी रात्रि को जिला नारायणपुर , कांकेर के सीमावर्ती क्षेत्र उत्तर अबूझमाड़ क्षेत्र में माओवादियो की उपस्थिति की सूचना प्राप्त होने पर सर्चिंग अभियान पर संयुक्त पुलिस पार्टी गई थी। सर्चिंग के दौरान आज सुबह 8 बजे से लगातार डीआरजी,एसटीएफ और बीएसएफ की संयुक्त पुलिस पार्टी और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई । सर्चिंग में दो महिला माओवादी सहित कुल 05 वर्दीधारी नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। दल में जिला रिजर्व बल (डीआरजी), एसटीएफ और सीमा सुरक्षा बल के जवान शामिल थे।दो जवान घायलछत्तीसगढ़ में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबल के दो जवानों के भी घायल होने की खबर है। आईजी बस्तर पी सुंदरराज ने बताया कि दोनों जवान खतरे से बाहर हैं। उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर के लिए एयरलिफ्ट किया गया है।
- दुर्ग । छावनी एवं वैशाली नगर थाना के सीमा क्षेत्र रामनगर मुक्तिधाम तालाब के पीछे शनिवार की तड़के आपसी विवाद के बाद चाकू से गोद कर एक युवक की हत्या कर दी गई है। घटना सुबह 4:30 बजे की बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही छावनी थाना प्रभारी चेतन चंद्राकर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। हत्या के एक आरोपी एवं नाबालिग को हिरासत में ले लिया गया है।छावनी थाना प्रभारी चेतन चंद्राकर ने बताया कि मृतक रोहित सिंह उम्र करीब 23 24 वर्ष निवासी जामुल का रहने वाला है आरोपी जय मारकंडे एवं उसके नाबालिग साथी के द्वारा इस घटना को अंजाम दिया गया है। पुलिस के द्वारा दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एक आरोपी को पावर हाउस रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया।
- -संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के उन्नयन कार्यक्रम के लिए चयनित हुआ ग्राम धुड़मारास-साहसिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध बस्तर के धुड़मारास गांव की पहचान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हुई स्थापित-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाईरायपुर / छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के छोटे से गांव धुड़मारास ने देश और दुनिया में अपनी अनोखी पहचान बनाई है। बस्तर जिले के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के उन्नयन कार्यक्रम के लिए चयनित किया गया है। संयुक्त राष्ट्र के पर्यटन ग्राम उन्नयन कार्यक्रम के लिए 60 देशों से चयनित 20 गांवों में भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के धुड़मारास ने भी अपनी जगह बनाई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए पर्यटन विभाग की टीम के साथ ही बस्तर जिला प्रशासन तथा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धुड़मारास की सफलता का मुख्य श्रेय यहां के स्थानीय निवासियों को जाता है, जिन्होंने अपने पारंपरिक ज्ञान और संसाधनों को संरक्षित रखते हुए इसे आकर्षक पर्यटक स्थल में बदल दिया है। धुड़मारास प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। बस्तर के अदभुत आदिवासी जीवनशैली, पारम्परिक व्यंजन, हरियाली और जैव विविधता से समृद्ध यह गांव पर्यटकों के लिए एक आकर्षक ही नहीं बल्कि रोमांचक स्थल है।धुड़मारास गांव दुनिया भर के उन 20 गांवों में से एक है जिसे सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव उन्नयन कार्यक्रम में भाग लेने के लिए चुना गया है। धुड़मारास को इसकी अनूठी सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संुदरता और सतत पर्यटन विकास की क्षमता के कारण चुना गया है। उन्नयन कार्यक्रम में शामिल होने से गांव को उन संसाधनों तक पहंुंच प्राप्त होगी जो इसके पर्यटन बुनियादी ढांचे को बढ़ाने, सांस्कृतिक संपत्तियों को बढ़ावा देने और ग्रामवासियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार में मदद करेंगे। विश्व स्तर पर पर्यटन गांव के रूप में इस गांव की पहचान स्थापित होने का तात्पर्य यह भी है कि लंबे समय के बाद बस्तर में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है। उल्लेखनीय है कि धुड़मारास तथा बस्तर के ही चित्रकोट गांव को इस वर्ष 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव का पुरस्कार मिला था।प्रकृति की गोद में बसा धुड़मारास गांव घने जंगलों से घिरा हुआ है। गांव के बीच से बहती कांगेर नदी इसे मनमोहक बना देती है। बस्तर के लोग मेहमाननवाजी के लिए जाने जाते हैं। यही वजह है कि स्थानीय लोग अपने घरों को पर्यटकों के लिए उपलब्ध करवा रहे हैं, ठहरने की सुविधा उपलब्ध करवाने से उन्हें रोजगार मिल रहा है। गांव के युवा पर्यटकों को आसपास के क्षेत्रों की सैर कराते हैं। स्थानीय खानपान के अंतर्गत पर्यटकों को बस्तर के पारम्परिक व्यंजन परोसे जाते हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर में पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए ट्रैकिंग ट्रेल और कैंपिंग साइट विकसित करने सहित होम-स्टे की सुलभता हेतु पहल कर रही है। साथ ही स्थानीय शिल्पकारों और कलाकारों को प्रोत्साहन दे रही है, जिससे ईलाके के रहवासी ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार की उपलब्धता होने के साथ आय संवृद्धि हो सके। राज्य सरकार पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु क्षेत्र में सड़कों और परिवहन सुविधाओं का विकास पर भी ध्यान दे रही है। बस्तर के पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में देश के पर्यटकों सहित अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए व्यापक प्रचार- प्रसार किया जा रहा है। वहीं स्थानीय हस्तशिल्प और कला को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।छत्तीसगढ़ सरकार के वन एवं पर्यटन विभाग ने धुड़मारास को ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब जिले के नागलसर और नेतानार में भी स्थानीय युवाओं की ईको पर्यटन विकास समिति द्वारा गांव में बहने वाली शबरी एवं कांगेर नदी में कयाकिंग एवं बम्बू राफ्टिंग की सुविधा पर्यटकों को मुहैया कराई जा रही है। साथ ही स्थानीय व्यंजन से पर्यटकों को बस्तर के पारम्परिक खान-पान का स्वाद मिल रहा है।गांव के युवाओं की ईको पर्यटन विकास समिति कांगेर नदी में कयाकिंग और बम्बू राफ्टिंग की सुविधाएं पर्यटकों को उपलब्ध करवाती है, जिससे इस समिति को अच्छी आमदनी हो रही है। यह पर्यटन समिति अब अपनी आय से गांव में पर्यटकों के लिए प्रतीक्षालय और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित कर रहे हैं।बेस्ट टूरिज्म विलेज धुड़मारास की कहानी यह साबित करती है कि जब सामुदायिक भागीदारी और शासन का सहयोग मिलता है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी आर्थिक और सांस्कृतिक विकास संभव है। यह गांव अब बस्तर के अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बन गया है। यही वजह है कि कांगेर घाटी नेशनल पार्क के नागलसर और नेतानार में भी ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिल रहा है।
- -अब गाइड लाइन मूल्य पर ही लगेगा रजिस्ट्री शुल्क, वास्तविक मूल्य पर मिल सकेगा बैंक लोनरायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने संपत्ति खरीदने वाले मध्यम वर्ग के लोगों को बड़ी राहत दी है। अब किसी भी प्रापर्टी की खरीद-बिक्री में गाइड लाइन दर से सौदे की रकम अधिक होने पर भी रजिस्ट्री शुल्क गाइड लाइन दर के अनुसार ही लिया जाएगा। इससे बैंक लोन पर निर्भर मध्यम वर्गीय परिवार को वास्तविक मूल्य के आधार पर ऋण मिल सकेगा।उल्लखेनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की अध्यक्षता में पिछले दिनों कैबिनेट की बैठक में लिए गए इस फैसले से विशेषकर उन नागरिकों को लाभ होगा, जो बैंक ऋण के माध्यम से संपत्ति खरीदते हैं। पूर्व में संपत्ति की खरीद-बिक्री में गाइड लाइन दर और सौदे की राशि में जो भी अधिक होता था, उस पर रजिस्ट्री शुल्क देना आवश्यक था। उदाहरण के लिए यदि किसी संपत्ति का गाइड लाइन मूल्य 6 लाख रुपये है और उसका सौदा 10 लाख में हुआ, तो रजिस्ट्री शुल्क 10 लाख पर 4 प्रतिशत के हिसाब से 40 हजार रुपये देना पड़ता था।इस नियम में संशोधन के बाद संपत्ति खरीदने वाले अब सौदे की रकम गाइड लाइन दर से अधिक होने पर भी वास्तविक मूल्य को अंकित कर सकते हैं और इसके लिए उन्हें कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। 6 लाख रुपये की गाइड लाइन मूल्य वाली प्रॉपर्टी का सौदा 10 लाख में होता है, तो भी रजिस्ट्री शुल्क 6 लाख के 4 प्रतिशत के हिसाब से 24 हजार रुपये देय होगा। इस तरह 16 हजार रुपये की बचत होगी।खास बात यह है कि इस संशोधन से मध्यम वर्गीय परिवारों को वास्तविक मूल्य के आधार पर अधिक बैंक ऋण प्राप्त करने में सहूलियत होगी। इसके अलावा इस निर्णय संपत्ति बाजार में पारदर्शिता व स्पष्टता को बढ़ाने में भी सहायक होगा और वास्तविक मूल्य दर्शाने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलेगा।
- -प्रदेश के शहरी आवासहीनों का मिलेगा स्वयं का पक्का आवास: डिप्टी सीएम श्री सावउप मुख्यमंत्री श्री साव ने स्वयं हितग्राहियों के घर पहुंचकर किया सर्वेक्षणरायपुर // प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 अंतर्गत हितग्राही सर्वेक्षण कार्य 15 नवंबर से से शुरू हो गया है। इसके तहत प्रदेश के शहरी आवासहीनों का स्वयं का पक्का आवास मिलेगा। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने जिला मुख्यालय मुगेली स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल दाऊपारा मुंगेली में प्रदेशव्यापी सर्वेक्षण कार्य का शुभारंभ किया। इससे पहले उन्होंने जिला मुख्यालय मुंगेली के वार्ड क्रमांक 16 में धन्नू निर्मलकर और सुजीत पतरस के घर पहुंचकर हितग्राही सर्वेक्षण किया और पीएम आवास के लिए उनका फार्म भरवाया। कार्यक्रम की शुरूआत मॉ सरस्वती की छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।इस अवसर डिप्टी सीएम श्री साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस है, गुरु नानक जयंती है, देव दीपावली है और कार्तिक पूर्णिमा भी है और आज पहले चरण में आवास से वंचित लोगों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 का शुभारंभ किया गया। इसके लिए मैं आप सबको बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति आवास योजना से वंचित नहीं होगा। शहरी गरीबों के पक्के मकान का सपना अब पूरा होगा। उन्होंने कहा कि एक गरीब मां का बेटा जब देश का प्रधानमंत्री बनता है, तो उन्हें गरीबों की कैसी चिंता होती है, इसका प्रधानमंत्री आवास योजना से बड़ा कोई उदाहरण नहीं हो सकता है। हर एक व्यक्ति का सपना होता है कि उसका खुद का पक्का मकान हो। परिवार के साथ पक्का मकान में सम्मानपूर्वक जीवन बिता सके। गरीब के इस सपना को साकार करने का बीड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उठाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सांय-सांय विकास के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को शहरी क्षेत्र के हितग्राहियों का सर्वेक्षण कार्य गंभीरतापूर्वक करने के निर्देश दिए। साथ ही हितग्राहियों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस योजना का लाभ उठाने और पक्के आवास के अपने सपने को साकार करने की अपील की।कलेक्टर श्री राहुल देव ने कहा कि न सिर्फ प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का भी जिले में बेहतर कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप जो व्यक्ति आवास योजना से वंचित है, उनका नाम भी जोड़ने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन की पूरी टीम हर गरीब के सपने को साकार करेगी। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 का प्रदेशव्यापी शुभारंभ जिले से होना सौभाग्य की बात है। उन्होंने योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आश्वस्त किया। कार्यक्रम को नगर पालिका अध्यक्ष श्री संतूलाल सोनकर और उपाध्यक्ष श्री मोहन मल्लाह ने भी संबोधित किया।सूडा के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय ने बताया कि रैपिड असेसमेंट सर्वे अन्तर्गत प्रथम चरण में निकाय में पीएम आवास योजना शहरी अन्तर्गत विगत 02 वर्षों में प्राप्त ऐसे लाभार्थियों के आवेदन, जिन्हें आवास योजना का लाभ नहीं मिला है, उन लाभार्थियों से संपर्क कर उनका विवरण यूनिफाईड वेब पोर्टल पर दर्ज किया जावेगा। प्रथम चरण की समाप्ति उपरान्त द्वितीय चरण में शहर के प्रमुख स्थानों पर शिविर आयोजित कर इच्छुक लाभार्थियों से आवेदन प्राप्त कर उनका विवरण पोर्टल पर दर्ज किया जावेगा। प्रथम एवं द्वितीय चरण उपरान्त निकाय क्षेत्र अन्तर्गत सघन डोर-टू-डोर सर्वे किया जावेगा। नवीन आवासों के लिए ऑनलाइन वेबसाइट Https://pmaymis.gov.in/PMAYMIS2_2024/OpenN/EligiblityCheck.aspx और क्यूआर कोड लिंक के जरिए आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए संबंधित नगरी निकाय के प्रधानमंत्री आवास योजना कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, वनमंडलाधिकारी श्री संजय यादव, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, गणमान्य नागरिक श्री गिरीश शुक्ला, श्री शैलेश पाठक, श्री प्रेम आर्य सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और बड़ी में संख्या में आम लोग मौजूद रहे।डिप्टी सीएम ने पीएम आवास पूर्ण हितग्राहियों को सौंपी चाबी, स्कूली विद्यार्थियों को किया सम्मानितडिप्टी सीएम श्री साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण अंतर्गत आवास निर्माण कार्य पूर्ण होने पर कुंती यादव, दुर्गा निर्मलकर, कांति यादव, निर्मला यादव और निशा सारथी को चाबी सौंपी और उन्हें बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने जनजातीय गौरव दिवस अंतर्गत 14 नवंबर को आयोजित निबंध प्रतियोगिता में प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यालय के प्रतिभागियों को सम्मानित किया, इनमें कु. स्वीटी पाटले, काजल पात्रे, दीपाली राजपूत और आर्यन कुलमित्र शामिल है।
- -प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लिए सर्वेक्षण शुरू, नए हितग्राहियों को भी अब मिलेंगे आवासपिछले 11 माह में लगभग 50 हजार आवासों का निर्माण पूर्णरायपुर / छत्तीसगढ़ में पिछले साल दिसम्बर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद से शहरों में प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों में तेजी आई है। दिसम्बर-2023 से अक्टूबर-2024 के बीच पिछले 11 महीनों में ही करीब 50 हजार आवासों के निर्माण पूर्ण किए गए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हर गरीब के लिए आशियाने के सपने को पूरा करने का काम छत्तीसगढ़ में तेजी से हो रहा है। दिसम्बर-2023 में राज्य में नई सरकार के गठन के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के कार्यों में तेजी लाते हुए 49 हजार 834 आवासों का काम पूर्ण किया गया है। इनमें विभिन्न शहरों के हितग्राहियों द्वारा अपनी खुद की जमीन पर बनाए गए 44 हजार 419 और योजना के साथ भागीदारी में किफायती आवासीय परियोजनाओं के माध्यम से निर्मित 5415 आवास शामिल हैं।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने बताया कि बीते 11 महीनों में योजना की भौतिक और वित्तीय प्रगति में अच्छी तेजी आई है। सभी नगरीय निकायों में बनाए जा रहे आवासों और निर्माण एजेंसियों के कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है और उन्हें गरीबों के आशियाने के सपने को जल्द पूरा करने के लिए तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 11 महीनों के दौरान हर माह औसतन हितग्राहियों द्वारा अपनी खुद की भूमि में बनाए जा रहे 4002 मकानों के काम पूर्ण किए गए हैं, जबकि वर्ष 2018 से 2023 के बीच यह औसत केवल 1592 थी। योजना के साथ भागीदारी में बनाए जा रहे किफायती आवासीय परियोजनाओं के निर्माण और आबंटन में भी तेजी लाते हुए विगत 11 महीनों में 7348 परिवारों को आवास आबंटित कर 5855 हितग्राहियों को पूर्ण आवासों में व्यवस्थापित किया गया है।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लिए भी प्रदेश में सर्वेक्षण शुरू हो गया है। इसके अंतर्गत ऐसे शहरी पात्र परिवार जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण में आवास नहीं मिल पाए थे, उन्हें पक्का मकान उपलब्ध कराया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में हितग्राहियों की सुविधा के लिए आवास हेतु आवेदन की प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। आवास के आवेदन सरलतापूर्वक ऑनलाईन माध्यम से भारत सरकार के अधिकृत पोर्टल पर स्वयं हितग्राही द्वारा दर्ज किया जा सकता है। इसके साथ ही प्रदेश की सभी 189 अधिसूचित नगरीय निकायों में हेल्पडेस्क के माध्यम से भी आवेदन की प्रक्रिया संपादित की जा सकती है।प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत राज्य के विभिन्न नगरीय निकायों में कुल दो लाख 49 हजार 166 आवास स्वीकृत हैं। इनमें लाभार्थियों द्वारा अपनी खुद की भूमि पर बनाए जाने वाले दो लाख 11 हजार 069 और किफायती आवासीय परियोजनाओं के तहत बनने वाले 38 हजार 097 आवास शामिल हैं। शहरी गरीबों के स्वयं के पक्के मकान का सपना जल्द से जल्द पूरा करने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा तेजी से इन आवासों का निर्माण किया जा रहा है। योजना के तहत राज्य में अब तक कुल एक लाख 96 हजार 967 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं, जिनमें से एक लाख 74 हजार 967 आवास हितग्राहियों द्वारा बनाए गए हैं। वहीं किफायती आवासीय परियोजनाओं के तहत 21 हजार 600 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत प्रदेश के नगरीय निकायों में अभी कुल 48 हजार 346 आवासों का काम प्रगति पर है, जिन्हें तेजी से पूरा किया जा रहा है।
- महासमुंद। बसना अनुविभागीय अधिकारी श्री मनोज खांडे के निर्देशन में बीते कल देर रात बसना के ग्राम अंकोरी मे विशाल गजेंद्र और जगदीश सिदार के घर में क्रमशः 479 और 400 कट्टा धान के अवैध भंडारण पर सख्ती बरतते हुए कुल 879 कट्टा धान जब्त कर मंडी अधिनियम के तहत करावाई किया गया। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि अंकोरी के विशाल गजेंद्र और जगदीश सिदार के घर मे बिना पर्याप्त दस्तावेज के धान का भंडारण किया गया है। तत्पश्चात राजस्व की टीम ने छापामार कार्रवाई की और दस्तावेज मांगे, परंतु पर्याप्त दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे। इस मामले में प्रशासन द्वारा धान को जब्त कर मंडी अधिनियम के तहत करवाई कर जब्त किया गया था।कारवाई के पश्चात जाँच मे गए अधिकारियो के साथ विशाल गजेंद्र द्वारा बदसलुकी और दुर्व्यवहार किया गया साथ ही देख लेने की धमकी भी दी गई। उक्त कृत्य के चलते अनुविभागीय अधिकारी श्री मनोज खांडे द्वारा कार्रवाई करते हुए विशाल गजेंद्र को जेल भेजा गया।ज्ञात है कि कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देश पर अवैध परिवहन और भण्डारण पर लगातार सख्ती से कारवाई की जा रही है और जांच में दोषी पाए जाने वालों पर उचित कार्रवाई की जा रही है।कार्रवाई मे अनुविभागीय अधिकारी श्री मनोज खांडे,तहसीलदार ममता ठाकुर फ़ूड इंस्पेक्टर, मंडी उपनिरीक्षक,पटवारी मौजूद थे।उल्लेखित है कि प्रशासन द्वारा पहले दिन ही सरायपाली, पिथौरा मे बड़ी कारवाई की गई है। जिसमे ट्रक मे अवैध परिवहन करते और 1000 कट्टा धान का भण्डारण किया गया था।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पंजाब केसरी लाला लाजपत राय की 17 नवंबर को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि लाला लाजपत राय ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अमर सेनानी लाला लाजपत राय के बलिदान ने स्वाधीनता आंदोलन को एक नई गति दी। स्वाधीनता आंदोलन में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ ही लाला जी ने हिन्दी भाषा के प्रचार प्रसार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके ओजस्वी विचार आज भी हमें प्रेरित करते है और देश की सेवा करने के लिए प्रोत्साहित करते है। हम सभी को देश की तरक्की के लिए लाला लाजपत राय के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेना चाहिए। हम सभी को उनके वक्तृत्व और कृतित्व से प्रेरणा लेकर मिलजुलकर देश की तरक्की के लिए काम करना चाहिए।
- -हाथी प्रभावित इलाके से आए कलाकारों ने गांव में स्ट्रीट लाइट लगवाने का किया आग्रह : मुख्यमंत्री ने दी मंजूरीरायपुर / राजधानी रायपुर में आयोजित दो दिवसीय जनजातीय गौरव दिवस में अपनी कला का प्रदर्शन करने आए जशपुर जिले के मुंडारी नृत्य दल के कलाकारों ने आज रात यहां मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि राजधानी के मुख्य समारोह में अपनी कला का प्रदर्शन करके उनके दल के सदस्य काफी उत्साहित हैं। उन्होंने इस आयोजन के माध्यम से मिले अवसर के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।मुख्यमंत्री ने इन कलाकारों से इनके गांव का हालचाल भी पूछा, जिसके जवाब में दल के सदस्यों ने बताया कि वे लोग बादलखोल अभ्यारण्य के बगीचा विकासखंड की ग्राम पंचायत बछरांव के निवासी हैं। यहां मुड़ा, नगेशिया, पहाड़ी कोरवा और उरांव जनजाति के परिवार निवासरत हैं। यह क्षेत्र हाथी प्रभावित है। तीन हजार की आबादी वाले इस गांव में इन लोगों ने सात स्ट्रीट लाइट की मांग मुख्यमंत्री से की। मुख्यमंत्री ने उन्हें स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए आश्वस्त किया।लोक कलाकारों के इस दल में प्रतिभा मुंडा, मीना मुंडा, शांता, विष्णु बरला, रामदयाल, सुनीता, अनुराधा, अमिता बरला, विष्णु मांझी और विश्वनाथ प्रधान आदि शामिल थे।
- -मुख्यमंत्री ने 14 नवंबर को किया था नयी “छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024-30” का विमोचनरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बीते 14 नवंबर को छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 का विमोचन किया। इसके साथ ही सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 (#CGIndustrialPolicy24) पूरे दिन ट्रेंडिंग करता रहा। एक्स हैंडल पर #CGIndustrialPolicy24 पहले नंबर था।ग़ौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में सरकार बनने के साथ ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नयी औद्योगिक नीति बनाने की घोषणा की थी। इसे अमलीजामा पहनाते हुए राज्य गठन के 25वें वर्ष यानी रजत जयंती के साथ ही जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर 14 नवंबर को नयी छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 पर विमोचन किया। विमोचन के बाद श्री साय ने इसे ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि इस औद्योगिक नीति का निर्माण सभी की सहभागिता से किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद यह 6वीं औद्योगिक नीति है जिसमें प्रदेश के युवाओं को अधिक-से-अधिक रोज़गार, पर्यटन और स्वास्थ्य के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने का प्रावधान किया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में भी उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस नयी नीति से अग्निवीरों, अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं के लिए भी रोज़गार और स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त होगा।नयी औद्योगिक विकास नीति में पर्यावरण संरक्षण का भी समुचित प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लागत को कम करते हुए, औद्योगिक पार्क, रेल, सड़क और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना हमारा लक्ष्य है।
- -मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होकर अभिभूत हुए किसान हरिराम और उत्तमरायपुर । समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र भाठागांव बी में धान खरीदी के कार्य का विधिवत् शुभारंभ किया गया। धान खरीदी के पहले दिन मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति में संपन्न धान खरीदी के कार्य के शुभारंभ में शामिल होने का अवसर प्राप्त होने पर इस दौरान मौजूद कृषकों ने इस पल को अपने लिए अविस्मरणीय पल बताते हुए इसकी मुक्तकंठ से सराहना की। इस अवसर पर धान की बिक्री करने हेतु धान खरीदी केन्द्र में पहुँचे ग्राम मोंगरी निवासी कृषक हरिराम साहू एवं ग्राम भाठागांव बी निवासी कृषक उत्तम निषाद मुख्यमंत्री के हाथों से सम्मानित होने पर बहुत ही अभिभूत हुए। इन दोनों किसानों ने इस पल को अपने जीवन का सबसे यादगार और रोमांचकारी क्षण बताया।उन्होंने कहा कि अपने धान की बिक्री के लिए धान खरीदी केन्द्र में पहुँचने पर राज्य के मुखिया के हाथों से सम्मानित होना निश्चित रूप से हमारे लिए गौरव की बात है। यह क्षण उनके स्मृति पटल पर सदैव अंकित रहेगा। किसान हरिराम साहू ने बताया कि वे एक मध्यमवर्गीय किसान है। श्री साहू ने कहा कि राज्य शासन की समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना उनके परिवार की खुशहाली के लिए बहुत बड़ा आर्थिक आधार है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी केन्द्र में उन्होंने कुल 65 क्विंटल 20 किलो पतला धान की बिक्री की है। श्री साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा प्रति क्विंटल 3100 रुपये की दर पर प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का निर्णय लिया गया है, जो बहुत ही सराहनीय एवं किसान हितैषी फैसला है। इसी प्रकार ग्राम भाठागांव बी के किसान श्री उत्तम निषाद ने कहा कि राज्य शासन के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि उनके परिवार के लिए मुश्किल वक्त का सहारा साबित होती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने एक सच्चे अभिभावक की तरह राज्य की किसानों की वास्तविक जरूरतों को समझते हुए धान खरीदी के दर में जो वृद्धि की है, उससे उनके जैसे अनेक किसान लाभान्वित होंगे। श्री उत्तम निषाद ने कहा कि राज्य शासन के इस निर्णय से राज्य के किसान बहुत ही प्रसन्नचित होकर इस योजना की भूरी-भूरी सराहना कर रहे हैं। उन्होंने इस किसान हितैषी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ सरकार को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है। धान खरीदी केन्द्र में धान बिक्री के लिए आने वाले किसानों के लिए छांव, बैठक, शुद्ध पेयजल, शौचालय आदि सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है। इससे सभी किसान सुगमता से बिना किसी असुविधा के धान की बिक्री कर पा रहे हैं।
- रायपुर / धमतरी जिले के ग्राम मसाडबरा में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत आवास हितग्राही श्रीमती भगवंतीन कमार ने बताया कि वे काफी खुश हैं। उन्हें अपने सपनों का पक्का मकान तैयार होकर मिल गया और जिले के प्रभारी मंत्री ने उनके आवास का उद्घाटन किया है। उन्होंने प्रसन्न होकर कहा कि हमने सपने में भी नहीं सोचा था कि हमारा कभी पक्का मकान होगा। इसके लिए वे प्रदेश के मुखिया श्री विष्णु देव साय का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहतीं हैं कि सरकार ने विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की हैं। वहीं हितग्राही बाल प्रसाद कमार ने बताया कि पहले उनकी टूटी-फूटी घास-फूंस और मिट्टी की कच्ची झोपड़ी थी, जिसमें उन्हें आए दिन जंगली जानवरों और कीडे-मकोड़ों सहित बारिश में टपकने का डर लगा रहता था। आज अपने पक्के मकान में प्रवेश कर वे काफी खुश हैं। उन्होंने बताया कि अब हम अपने पक्के मकान में परिवार के साथ सुख-चैन से रहेंगे।राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने धमतरी जिले के नगरी विकासखण्ड के ग्राम सांकरा में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कमार बसाहट मसानडबरा पहुंचकर प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बने आवासों का पूजा-अर्चना कर उद्घाटन किया। उन्होंने पक्के मकान में प्रवेश कर रहे हितग्राहियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। गांव पहुंचने पर विशेष पिछड़ी जनजाति कमार ने मंत्री श्री वर्मा का स्वागत किया। इस अवसर पर मंत्री ने उपस्थित ग्रामीणों से तीर-धनुष के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि शासन विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा-सीधा लाभ इन वर्गों को मिले, इसके लिए शिविर इत्यादि आयोजित कर लाभ दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत पक्का मकान बनने से इनके जीवन स्तर में काफी सुधार होगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और ग्रामीणजन उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि ग्राम मसाडबरा में 43 परिवार निवासरत हैं और जनसंख्या 173 है। यहाँ प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 31 आवास स्वीकृत हुए हैं।
- -खुड़िया में जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन-बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर उनके संघर्षों को किया गया यादरायपुर। आदिवासी सांस्कृतिक परंपराओं और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर उनके संघर्षों को स्मृतियों में संजोने के लिए आज मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के ग्राम खुड़िया के शासकीय हाई स्कूल मैदान में जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार के जमुई से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया और देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। खुड़िया में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव शामिल हुए। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जननायक थे। उन्होंने आदिवासी समुदाय को जल, जंगल व जमीन को बचाने के लिए जागरूक किया और उन्हें अपने हक की लड़ाई लड़ने की प्रेरणा दी। भगवान बिरसा मुंडा ने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 15 नवम्बर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को हर साल जनजाति गौरव देश के रूप में मनाया जाता है। श्री साव ने कहा कि आज खुड़िया क्षेत्र में 18 करोड़ की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण हुआ है। इसके साथ ही खुड़िया में 538 आवास स्वीकृत हुआ है। इसके लिए सभी को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद आदिवासी समाज की बेहतरी के लिए लगातार कार्य हो रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी ने आदिवासियों के उत्थान के लिए अलग से विभाग बनाया। आदिवासी समाज के बच्चों को पढ़ाई के लिए जगह-जगह छात्रावास एवं एकलव्य विद्यालय खोले जा रहे हैं। हमारी सरकार आदिवासी समाज की बेहतरी के लिए लगातार योजना बनाकर कार्य कर रही है। आदिवासी समाज के भाई-बहनों की तरक्की और वनांचल के विकास के लिए हमारी सरकार समर्पित है और पूरी तत्परता से कार्य कर रही है। आज आदिवासी समाज की बेटी राष्ट्रपति के रूप में देश के सर्वाेच्च संवैधानिक पद पर बैठी हैं। यह सौभाग्य की बात है कि आज छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज का बेटा मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। 'हमने बनाया है हम ही संवारेंगे' के मूल मंत्र के साथ आज छत्तीसगढ़ का सर्वांगीण विकास हो रहा है।मुख्य अतिथि श्री साव ने स्टॉलों का किया अवलोकनमुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्यक्रम स्थल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया और शासन द्वारा जनजाति एवं अन्य समुदायों को लाभान्वित करने विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली। श्री साव ने महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में बच्चों का अन्नप्राशन कराया और महिलाओं एवं बच्चों को पौष्टिक आहार किट भी वितरित किए। समाज कल्याण विभाग के स्टाल में हितग्राही को ट्रायसायकल का वितरण किया। शासन की विभिन्न योजनाओं से जागरूक एवं लाभान्वित करने आदिवासी विकास, जिला पंचायत, वन, शिक्षा, श्रम, मछली पालन, पशुपालन, उद्यानिकी सहित 20 से अधिक विभागों ने स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।उत्कृष्ट कार्यों के लिए जनजातीय समाज प्रमुखों को मिला सम्मानश्री साव ने कार्यक्रम में आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से भेंट-मुलाकात की और 80 से अधिक जनजातीय समाज प्रमुखों को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। इनमें पूर्व जनपद सदस्य, समाज अध्यक्ष, शिक्षक, सेवानिवृत्त शिक्षक सहित समाज के अन्य प्रतिष्ठित नागरिक शामिल हैं।स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिवारजनों को किया सम्मानितकार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री साव ने मुंगेली जिले के 15 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और 6 वीर शहीदों के परिवारजनों का हालचाल जाना और उन्हें शाल व श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।विकास कार्यों का किया गया लोकार्पण एवं शिलान्यासश्री साव ने कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 5 विकास कार्यों के लोकार्पण और 3 निर्माण कार्यों के शिलान्यास सहित 17 करोड़ 59 लाख 92 हजार रूपए के कार्य शामिल हैं। कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग अंतर्गत 9 करोड़ 58 लाख 71 हजार रुपए, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 5 करोड़ 8 लाख 2 हजार रुपए के कार्यों का शिलान्यास और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत 2 करोड़ 93 लाख 19 हजार रूपए का लोकार्पण किया गया।
- रायपुर / जल, जंगल, जमीन के रक्षक धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिन 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर 13 से 15 नवम्बर तक तीन दिवसीय राज्य स्तरीय जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान नवा रायपुर द्वारा साइंस कॉलेज मैदान में किया गया। इस प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय औेर तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नगद राशि और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।इस चित्रकला प्रतियोगिता के आयोजन का उद्देश्य बच्चों की रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करना है। जब बच्चे ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं, तो उन्हें विभिन्न प्रकार के विषयों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जो उनकी कल्पना और रचनात्मकता को चुनौती देते हैं। नियमों या दिशा-निर्देशों से सीमित न होकर अपनी सोंच को चित्रकला के माध्यम से बच्चे अपनी कलात्मक क्षमताओं को विकसित कर सकते हैं और अपनी अनूठी शैली और अभिव्यक्ति की खोज कर सकते हैं। ड्राइंग प्रतियोगिताएँ बच्चों को अन्य युवा कलाकारों के साथ बातचीत करने, अपने विचार साझा करने और एक-दूसरे से सीखने का अवसर प्रदान करके सामाजिक कौशल को बढ़ावा दे सकते हैं। ऐसी प्रतियोगिताएँ समुदाय, टीमवर्क और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा देता है, जो बच्चों को उनके सामाजिक कौशल विकसित करने में मदद कर सकती है।धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती पर तीन दिवसीय राज्य स्तर पर आयोजित जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता के लिए चार वर्ग में विभाजित कर प्रतियोगिता कराई गई। प्रथम वर्ग 12 से 18 वर्ष तक की आयु के प्रतिभागियों के लिए 13 नवंबर को आयोजित चित्र कला प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार कांकेर के श्री डेलियंश पदृदा को 10 हजार रूपए औैर प्रमाण पत्र प्रदान कर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। इसी प्रकार द्वितीय पुरस्कार सुकमा के श्री हरीश कुमार को 8 हजार रूपए और तृतीय पुरस्कार गरियाबंद के चन्द्र कुमारी नागेश को 5 हजार रूपए और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। इसी प्रकार 14 नवंबर को आयोजित 12 से 18 वर्ष तक की आयु के जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता के प्रतिभागियों में प्रथम पुरस्कार बालोद के दिव्यांशु को 10 हजार रूपए औैर प्रमाण पत्र प्रदान कर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। इसी प्रकार तृतीय पुरस्कार बीजापुर के श्री डालजीव कोरेटी को 5 हजार रूपए और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया।जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता के 18 से 30 वर्ष तक की आयु वर्ग के प्रतिभागियों में प्रथम पुरस्कार धमतरी के श्री अवध राम कंवर को 20 हजार रूपए औैर प्रमाण पत्र प्रदान कर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। इसी प्रकार द्वितीय पुरस्कार महासमुंद के श्री गुलशन ठाकुर को 15 हजार रूपए और तृतीय पुरस्कार दंतेवाडा के श्री पंकज कुमार नेताम को 10 हजार रूपए और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता के प्रतिभागियों में प्रथम पुरस्कार दुर्ग के हरीय कुमार गोंड को 20 हजार रूपए औैर प्रमाण पत्र प्रदान कर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। इसी प्रकार द्वितीय पुरस्कार सरगुजा के श्री भगत राम को 15 हजार रूपए और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया और तृतीय पुरस्कार महासमुंद के श्री चुम्मन लाल कर्री को 10 हजार रूपए और प्रमाण पत्र से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया।इस अवसर पर आदिवासी विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम, राज्यसभा सदस्य श्री अरुण सिंह, विधायक सर्व श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, श्री मोती लाल साहू, श्री विकास मरकाम, प्रमुख सचिव आदिवासी विकास श्री सोनमणि बोरा, संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानन्द, आयुक्त श्री नरेंद्र दुग्गा, कमिश्नर रायपुर महादेव कावरे सहित आदिवासी समुदाय के लोग और बड़ी संख्या में कलाकार उपस्थित थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिन 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में श्री दामेसाय बघेल द्वारा लिखित पुस्तक ’हल्बा जनजाति की वाचिक परम्पराएं’ का विमोचन किया। ’हल्बा जनजाति की वाचिक परम्पराएं’ में जनजातियों की प्राचीन जीवनशैली के संबंध में पुरखों की व्यवस्था, जन्म संस्कार, विवाह संस्कार, मृतक संस्कार का उल्लेख किया गया है। इसी प्रकार देव संस्कार का ताना-बाना, रीति-रिवाज, देवी-देवताओं के मान्यताएं, मौखिक कला साहित्य, संस्कृति, किवदंतियां, महान विभूतियों के योगदान जड़ी-बुटी के जानकार, ऐतिहासिक, पुरातात्विक धरोहर पर लेख को समाहित किया गया है।हल्बा जनजाति की वाचिक परम्पराएं’ नामक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर आदिवासी विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम, राज्यसभा सदस्य श्री अरुण सिंह, विधायक सर्व श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, श्री मोती लाल साहू, श्री विकास मरकाम, प्रमुख सचिव आदिवासी विकास श्री सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानन्द, संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, आयुक्त श्री नरेंद्र दुग्गा, कमिश्नर रायपुर महादेव कावरे सहित आदिवासी समुदाय के लोग और बड़ी संख्या में कलाकार गण उपस्थित थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय जननायकों के अमूल्य योगदान पर आधारित शौर्याजंलि कैलेण्डर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने वन अधिकारों की मान्यता से सम्बंधित एटलस पुस्तक का भी विमोचन किया।भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय जननायकों ने अमूल्य योगदान देकर और मां भारती के चरणों में अपना सब कुछ न्यौछावर कर देश को आजाद कराया। आदिमजाति कल्याण विभाग द्वारा स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे सेनानियों को नमन करने के साथ ही उनकी स्मृति अक्षुण्ण रखने के लिए यह कैलेण्डर प्रकाशित कराया है। विभाग द्वारा जनजातीय जननायकों को भगवान बिरसा मुंडा के 150 वीं जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर उनके जन्म दिवस और बलिदान दिवस को स्मरण करते हुए नमन करने का प्रयास किया है।जनजातीय जननायकों के अमूल्य योगदान पर आधारित कैलेण्डर विमोचन के अवसर पर आदिवासी विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम, राज्यसभा सदस्य श्री अरुण सिंह, विधायक सर्व श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, श्री मोती लाल साहू, श्री विकास मरकाम, प्रमुख सचिव आदिवासी विकास श्री सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानन्द, संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, आयुक्त श्री नरेंद्र दुग्गा, कमिश्नर रायपुर महादेव कावरे सहित आदिवासी समुदाय के लोग और बड़ी संख्या में कलाकार उपस्थित थे।
- -विभिन्न राज्यों के जनजातीय नर्तक दलों ने शानदार प्रस्तुति से समा बांधारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में दो दिवसीय जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए।मुख्यमंत्री की उपस्थिति में विभिन्न राज्यों के लोक नर्तक दलों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों में उत्साह भर दिया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम, उत्तराखंड समेत छत्तीसगढ़ के जनजातीय एवं लोक कलाकारों ने प्रस्तुति दी।त्रिपुरा से आए ब्रू रियांग जनजाति समुदाय के नर्तक दल ने परंपरागत लोकनृत्य होजागिरी की प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस नृत्य में ब्रू रियांग जनजाति समुदाय की युवतियों ने सिर के ऊपर बोतल को संभालते हुए अद्भुत सामंजस्य के साथ प्रस्तुति दी। नृत्य के दौरान नर्तकों के कलात्मक प्रदर्शन को भी दर्शकों की खूब सराहना मिली।इसके पूर्व हिमाचल प्रदेश के लोक कलाकारों ने मनमोहक कायांग नृत्य की प्रस्तुति दी, जो हिमाचल प्रदेश के सबसे लोकप्रिय नृत्यों में से एक है। इस नृत्य में नर्तक दल एक दूसरे की भुजाओं को बुनकर माला जैसा पैटर्न बनाया, धीर-धीरे कदमताल करते हुए प्रतीकात्मक रूप से माला की मोती जैसे बिखरते हुए फिर जुड़ते हुए पारंपरिक कपड़े पहने और गहनों से सुसज्जित नृत्य प्रस्तुत किया।इसके बाद मेघालय के गारो नृत्य की प्रस्तुति हुई। गारो समुदाय के लोग इस नृत्य में फसल कटाई के बाद देवता मिसी सालजोंग की आराधना कर उन्हें धन, धान्य के लिए अपनी आस्था और निष्ठा व्यक्त करते हैं। इस नृत्य में लोक वाद्य के प्रयोग से उत्पन्न ध्वनि ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।इसी क्रम में मिजोरम के मिजो और चरमा जनजाति समुदाय ने युद्ध कौशल, शौर्य, पराक्रम और युद्ध विजय के प्रतीक नृत्य मिजो प्रस्तुत किया। इस नृत्य के जरिए समुदाय ने वीर गाथा का जीवंत प्रदर्शन किया जिसमें यह बताया गया कि युद्ध के दौरान किस तरह समुदाय के वीर योद्धा ने गांव की रक्षा, जिसके बाद ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक उनका सम्मान किया। इसी तरह उत्तराखंड के जनजाति समुदाय ने हारुल नृत्य का प्रस्तुत किया जोकि हाटी जनजाति का पारंपरिक नृत्य और लोकगीत की एक खास शैली है। हारुल नृत्य जौनसार-बावर और चकराता क्षेत्र में किया जाता है। हारुल नृत्य में वीर पांडवों के साहस और वीरता, देवी-देवताओं की कहानियां, देवभूमि के इतिहास और जनजाति की संस्कृति से जुड़ी घटनाओं को बड़े ही रोचक ढंग से पेश किया गया। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से आए लोक कलाकारों ने भी छत्तीसगढ़ के प्रचलित लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी।उल्लेखनीय है कि महोत्सव के पहले दिन सिक्किम लिंबू जनजाति समुदाय द्वारा चाकोस तांगनाम नृत्य, गुजरात के लोक नर्तक दल ने सिद्धि गोमा नृत्य, अरुणाचल प्रदेश के कलाकारों ने गेह पदम ए ना न्यी, मध्यप्रदेश डिंडोरी के गोंड जनजाति ने सैला रीना, जम्मू कश्मीर से गुज्जर समुदाय ने गोजरी लोक नृत्य, छत्तीसगढ़ के माड़िया जनजाति ने गौर माड़िया नृत्य, उत्तराखंड के जनजातीय समुदाय द्वारा दिया बाती नृत्य, तेलंगाना के द्वारा मथुरी नृत्य, उत्तर प्रदेश के द्वारा कर्मा नृत्य, कर्नाटक के द्वारा सुगाली नृत्य, आंध्र प्रदेश के द्वारा ढीमसा नृत्य, दमन दीव द्वारा तारपा नृत्य तथा राजस्थान के जनजातीय कलाकारों द्वारा चकरी नृत्य की प्रस्तुति दी गई थी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के जनजातीय कलाकारों द्वारा अलग-अलग तीज त्यौहारों के लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी गई ।





.jpg)
.jpg)


.jpg)
.jpg)
















.jpg)