- Home
- छत्तीसगढ़
-
- कार्यक्रम में महिलाओं ने दी रंगारंग प्रस्तुति
-सावन क्वीन प्रतियोगिता में माधुरी निगम प्रथम व अनिता टिकरिहा द्वितीय रही
रायपुर। छतीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी के आदर्शिनी महिला मण्डल द्वारा क्लब भवन डंगनिया में हरियाली तीज उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने रंगारंग प्रस्तुतियां दी।विभा पांडे की गणेश वंदना के साथ उत्सव की शुरुआत हुई। आभा चौकसे एवम साथियों ने बरसो रे मेघा..., ममता खंडेलवाल एवम साथियों ने माथे साजे बोरलो..., पूर्वा श्रीवास्तव, प्रीति साहू व साथियों ने ढाई शाम रोक लई..., मंजु नेताम व साथियों ने बलम सामी..., नमिता विश्वकर्मा ने साजन को बना लुंगी..., उर्मिला चौहान व साथियों ने मुड़ मुड़ के न देख..., यामिनी मोदी व साथियों ने ज़ुबी डूबी ज़ुबी डूबी. ., उदया पाठक ने पान खाए साईया...पर मनमोहक नृत्य पेश किया। वही आभा शुक्ला, अंजलि चंद्रा, दिव्या पत्रीकर, अनुराधा मुखर्जी ने सावन गीत गाए। इस दौरान सावन क्वीन प्रतियोगिता भी हुई। जिसमें माधुरी निगम प्रथम व अनिता टिकरिहा द्वितीय रही। अंत में अध्यक्ष श्रीमती कटियार ने 75 पौधे बांट कर पर्यावरण को संरक्षित करने का संदेश दिया। अध्यक्ष मंजुला सिंह ने मौसमी बीमारियों से सतर्क रहने की सलाह दी। इस अवसर पर प्रिया चौहान, प्रवीणा बापट, प्रशांति मूर्ति, वंदना खंडेलवाल, अमिता जैन, पूनम विश्वकर्मा आदि कमेटी के सदस्य उपस्थित थे। -
रायपुर / अवर सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला रायगढ़, विकासखंड लैलूंगा के ‘‘लैलूंगा नगर की आवर्धन जलप्रदाय योजना’’ की पुनरीक्षित लागत 18 करोड़ 1 लाख 4 हजार रूपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। स्वीकृति राशि में आकस्मिक शुल्क 1 प्रतिशत की पूर्व स्वीकृति 11.53 लाख रूपए तक सीमित करने की शर्त पर प्रदान की गई है। इस योजना का वित्तीय ढांचा 70 प्रतिशत अनुदान एवं 30 प्रतिशत ऋण पर आधारित होगा।
इस योजना को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाना आवश्यक होगा। योजना के कार्यों हेतु निविदा आमंत्रण के पूर्व कार्य विभाग के प्रावधानों के तहत् विस्तृत प्राक्कलन बनाकर सक्षम अधिकारी से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त किया जाना आवश्यक है। इस योजना के पूर्ण होने के बाद संधारण एवं संचालन का उत्तरदायित्व मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पंचायत लैलूंगा, जिला रायगढ़ का होगा। -
रायपुर, / अवर सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला बलौदाबाजार-भाटापारा विकासखंड पलारी स्थित ‘‘पलारी नगर की आवर्धन जलप्रदाय योजना’’ की पुनरीक्षित लागत 15 करोड़ 43 लाख 97 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति पदान की गई है। यह प्रशासकीय स्वीकृति आकस्मिक शुल्क 1 प्रतिशत की पूर्व स्वीकृति 10.55 लाख रूपए तक सीमित करने की शर्त पर प्रदान की गई है।
इस योजना को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाना आवश्यक होगा। योजना के कार्यों हेतु निविदा आमंत्रण के पूर्व कार्य विभाग के प्रावधानों के तहत् विस्तृत प्राक्कलन बनाकर सक्षम अधिकारी से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त किया जाना आवश्यक है। इस योजना के पूर्ण होने के बाद संधारण एवं संचालन का उत्तरदायित्व मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पंचायत पलारी, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा का होगा। - रायपुर / अवर सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला बीजापुर, विकासखंड भैरमगढ़ के ‘‘भैरमगढ़ नगर की आवर्धन जलप्रदाय योजना’’ की पुनरीक्षित लागत 20 करोड़ 85 लाख 47 हजार रूपए की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति प्रशासकीय स्वीकृति में आकस्मिक शुल्क 1 प्रतिशत की पूर्व स्वीकृति 15.78 लाख रूपए तक सीमित करने की शर्त पर प्रदान की गई है। इस योजना का वित्तीय ढांचा 70 प्रतिशत अनुदान एवं 30 प्रतिशत ऋण पर आधारित होगा।इस योजना को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाना आवश्यक होगा। योजना के कार्यों हेतु निविदा आमंत्रण के पूर्व कार्य विभाग के प्रावधानों के तहत् विस्तृत प्राक्कलन बनाकर सक्षम अधिकारी से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त किया जाना आवश्यक है। इस योजना के पूर्ण होने के बाद संधारण एवं संचालन का उत्तरदायित्व मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पंचायत भैरमगढ़, जिला बीजापुर का होगा।
- -विद्यार्थियों को जर्जर स्कूल भवन से मिलेगी मुक्ति, विद्यार्थी एवं शिक्षक खुशरायपुर । जिला खनिज निधि (DMF) खनन प्रभावित क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर सभी जिलों में डीएमएफ से लगातार स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा व्यवस्था एवं जनहित के कार्यों को कराने की पहल की जा रही है। इसी कड़ी में कोरबा जिला प्रशासन द्वारा जर्जर स्कूल भवनों का चिन्हांकन कर नए भवनों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। कोरबा के कलेक्टर श्री अजीत वसंत द्वारा जिले में 60 से अधिक नए स्कूल भवन निर्माण, अतिरिक्त कक्ष तथा जीर्णोद्धार कार्य के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही दस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बाउण्ड्री-वॉल निर्माण की भी मंजूरी प्रदान की गई है। कोरबा जिला प्रशासन द्वारा इस साल फरवरी माह में भी डीएमएफ से 88 नवीन स्कूल भवनों की स्वीकृति प्रदान की गई थी। दूरस्थ, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जर्जर स्कूल भवनों के स्थान पर नए भवन बनने से स्कूल में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों सहित शिक्षकों की भी समस्याएं दूर होंगी।डीएमएफ से कोरबा जिला प्रशासन द्वारा पोड़ी-उपरोड़ा विकासखण्ड के ग्राम जामपानी, पहाड़ी कोरवा बाहुल्य क्षेत्र ठिर्रीआमा, ग्राम मिसिया, जजगी, केरहरियापारा, अरसिया, झोंकापारा, पंथीपारा, मुकुवा, केसलपुर, सेनहा, पनगंवा, मांझापारा, सरभोका, मांझापारा-छागर थिला, जटगा, सासिन, कारीमाटी, जलके, पाली, मेरई, पतुरियाडाँड़, गिद्धमूड़ी, चोटिया, सिरमिना, पिपरिया और तुमान में नए स्कूल भवन की मंजूरी प्रदान की गई है। विकासखण्ड करतला के ग्राम खम्हारपारा, साजापानी, केनाभाठा, ठरकपुर, बड़मार, बैगापारा-घिनारा, ढिंटोरी, पकरिया, सेंदरीपाली, सिंधरामपुर, बोकरदा-बेहरचुआ, नवापारा, ठिठोली-चिचोली, पुरैना, पहाडग़ांव, बैगामार-चैनपुर, कथरीमाल, डोंगरापारा-जोगीपाली, मौहाडीह-खरवानी, और धनवारपारा-गिधौरी, पाली विकासखंड में ग्राम डूमरकछार, मांगामार, मादनपारा-मदनपुर, नुनेरा, रतखण्डी एवं अलगीडाँड़ तथा कोरबा विकासखंड के करमन्दी, गुरमा, बरीडीह, बलसेन्धा, बगबुड़ा और कटबितला में स्कूल भवन के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन स्वीकृतियों में ज्यादातर प्राथमिक स्कूल नवीन भवन (पुराने भवन का विनिष्टिकरण भी) शामिल हैं। कुछ गांवों में माध्यमिक शाला के लिए भवन, अतिरिक्त कक्ष, और प्रयोगशाला कक्ष के साथ ही जीर्णोद्धार कार्यों के लिए भी राशि मंजूर की गई है।नए भवन स्वीकृत होने पर विद्यार्थी और शिक्षक खुशजिला प्रशासन द्वारा जर्जर हो चुके स्कूल भवनों के लिए नए भवन स्वीकृत किए जाने पर विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों में भी खुशी है। करतला विकासखण्ड के दूरस्थ ग्राम बैगापारा-घिनारा में भी डीएमएफ से प्राथमिक शाला भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई है। वहां 38 साल पुराने शीटयुक्त छत वाले भवन में प्राथमिक शाला का संचालन किया जा रहा है। दो कमरों में संचालित इस विद्यालय में 57 विद्यार्थी हैं। विद्यालय की शिक्षिका श्रीमती शशिकला राठिया ने बताया कि यहां नए स्कूल भवन की सख्त आवश्यकता थी। जिला प्रशासन द्वारा नए भवन स्वीकृत किए जाने की सूचना मिली है। यह हमारे लिए खुशी की बात है। नए भवन बनने से विद्यार्थियों के साथ हमें भी राहत मिलेगी।इन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बनेगा बाउण्ड्री-वॉलमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए डीएमएफ से 23 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों लेमरू, श्यांग, केराकछार, अजगरबहार, फरसवानी, लाफा, सपलवा, कोरबी, सिरमिना, लालपुर, माचाडोली, भैसमा, कुदमुरा, तिलकेजा, कोरकोमा, चिकनीपाली, सरगबुंदिया, कटघोरा ब्लॉक के चाकाबुड़ा, चैतमा, तुमान, कटोरीनगोई, पिपरिया और महोरा में आवास निर्माण की स्वीकृति प्रदान की है। कलेक्टर द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भैंसमा, कोथारी, फरवानी, रामपुर, चाकाबुड़ा, उतरदा, पिपरिया, लालपुर, सिरमिना एवं तुमान में बाउण्ड्री-वॉल निर्माण की भी स्वीकृति प्रदान की गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के परिसर में आवास निर्माण होने से चिकित्सक सहित अन्य स्टॉफ आसानी से रूक पाएंगे। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बाउण्ड्री-वॉल बनने से मरीज और चिकित्सकीय स्टॉफ खुद को स्वास्थ्य केंद्र में सुरक्षित महसूस करेंगे।
- -कबीरधाम जिले के 59 मेघावी छात्राओं के हौसलों को मिली उड़ान-उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने मेघावी विद्यार्थियों को आगे बढ़ने और बेहतर कैरियर निर्माण के लिए बढ़ाया मनोबल-विद्यार्थियों ने उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त कर छत्तीसगढ़ सरकार को दिया धन्यवादरायपुर। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के प्रवास के दौरान जिले के 59 मेघावी विद्यार्थियों को स्वेच्छा अनुदान से 3 लाख 45 हज़ार का चेक प्रदान किया। कबीरधाम जिले के 59 मेघावी छात्राओं के हौसलों को उड़ान मिली है। इसमे कक्षा दसवीं के 49 मेघावी विद्यार्थी को 5-5 हजार रुपए की प्रतिमान से 2 लाख 45 हजार रुपए और कक्षा बारहवीं की 10 मेघावी विद्यार्थियों को 10-10 हजार रुपए की प्रतिमान से 1 लाख रुपए का चेक प्रदान किया। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कलेक्ट्रेट के सभा कक्ष में आयोजित एक कार्यक्रम में चेक प्रदान किया।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने विद्यार्थियों को आगे बढ़ने और आईएएस, आईपीएस, राज्य प्रशासनिक सेवा के उच्च पदों पर जाने और डॉक्टरी एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्रों में बेहतर कैरियर निर्माण के लिए मनोबल बढ़ाया। उन्होंने विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की सीख दी और कहा कि कड़ी मेहनत से ही हम सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकते है। सफलता की कोई शार्ट कट नही होता। उपमुख्यमंत्री ने कहा की आगे बढ़ने के लिए बेहतर संगति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हमें नशा से दूर रहना होगा। अच्छी किताबे और साहित्य का नियमित अध्ययन करना चाहिए। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त कर छत्तीसगढ़ सरकार को धन्यवाद दिया।
- रायपुर । उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज कवर्धा में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक के दौरान "उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम" के अंतर्गत सबको शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने जिले के तीस हजार असाक्षरों को साक्षर बनाने के उद्देश्य से सभी उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वयंसेवी शिक्षक के रूप में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।ज्ञात हो कि प्रदेश में 1 से 8 सितंबर तक साक्षरता सप्ताह मनाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत आज यह शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया था।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला रामकुमार भट्ट, जिला पंचायत सदस्य श्री रामकुमार भट्ट, कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे, जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अधिकारी, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, वन मंडलाधिकारी श्री शशि कुमार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री संदीप कुमार अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी श्री वाई डी साहू, सहायक संचालक श्री महेंद्र गुप्ता और जिला परियोजना अधिकारी श्री अवधेश नंदन श्रीवास्तव सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- मरवाही । श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना के तहत गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के 48 तीर्थयात्रियों को आज कलेक्ट्रेट परिसर से बिलासपुर रेल्वे स्टेशन के लिए रवाना किया गया।कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी और गणमान्य नागरिक कन्हैया राठौर ने तीर्थयात्रियों के वाहनों को हरी झंडी दिखाकर गंतव्य के लिए प्रस्थान किया। ये सभी तीर्थयात्री बिलासपुर से ट्रेन से श्री रामलला दर्शन करने अयोध्याy धाम जा रहे हैं। तीर्थयात्रियों को रवाना करने से पहले कलेक्टर ने सभी तीर्थ यात्रियों को मिठाई खिलाया और गुलाब का पुष्प भेंट कर उनके मंगलमय यात्रा की कामना की। तीर्थयात्रियों के दल में गौरेला विकासखण्ड से 18, पेंड्रा विकासखण्ड से 17 एवं मरवाही विकासखण्ड से 13 तीर्थयात्री शामिल है। इनमें 23 महिला और 25 पुरूष तीर्थयात्री शामिल है। तीर्थ यात्रियों के रवानगी के अवसर पर परियोजना निदेशक जिला पंचायत (डीआरडीए) के पी तेंदुलकर, एसडीएम पेंड्रारोड अमित बेक, जनपद सीईओ गौरेला एच एस खोटेल, जनपद सीईओ पेण्ड्रा संजय शर्मा उपस्थित थे।
- -पहाड़ी कोरवा बसाहटों में लगाया जा रहा पीएम जनमन शिविरजशपुरनगर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा के परिवारों को आगे बढ़ाने हेतु स्वास्थ्य शिक्षा, कौशल विकास, उनका आर्थिक विकास और रोजगार के साधन उपलब्ध कराने का विशेष प्रयास कर रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों के लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी सजग हैं। इसी कड़ी में जिला प्रशासन का अमला शिविर लगाकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही हैं। पीएम जनमन शिविर बगीचा विकासखंड के ग्राम पंचायत खाखरा में पहाड़ी कोरवा परिवारों के लिए शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें कुल 21 लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया गया और 46 लोगो का स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क दवाई प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम शिविर में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों का खून जांच, मलेरिया जांच, शुगर जांच प्राथमिकता से किया जा रहा है और आवश्यकता अनुसार स्वास्थ्य परामर्श भी दिया जा रहा है।
- -124 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए-आवेदन पर तत्काल निराकरण की कार्यवाही कर रहा है विद्युत विभाग-लोगों ने मुख्यमंत्री सहित शासन-प्रशासन को दिया धन्यवादजशपुरनगर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप जिले में विकास कार्यों की रूपरेखा बना कर योजनाबद्ध तरीके से क्रियान्यवन किया जा रहा है। आम लोगों के जीवन से जुड़ी सुविधाएं एवं समस्याओं के निराकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री के गृह निवास बगिया में मुख्यमंत्री कार्यालय कैंप की स्थापना इसी दिशा में उठाया गया कदम हैं। जहां लोगों की समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाता है।जशपुर जिला हाथी विचरण क्षेत्र हैं। जिले के दूरस्थ अंचलों में भी बिजली की संचालन निर्बाध रूप से हो इसके लिए विद्युत विभाग दिन हो या रात लगातार कार्य कर रहा है। आम लोगांे के आवेदन पर विभाग का अमला तत्कार संज्ञान लेकर काम में जुट जाता है। विद्युत विभाग बारिश हो या अंधड़, पेड़ का बिजली के तारों या खंभों में गिरने जैसी चुनौतियों का लगातार सामना करते हुए बिजली की सुविधा उपलब्ध करा रही है। विभाग के द्वारा पिछले लगभग 9 महीने में जशपुर जिलें में 578 ट्रांसफार्मर बदले गए हैं और 124 नया ट्रांसफार्मर नया लगाया गया है। इसके साथ ही विभाग द्वारा नई लाईन बिछाने, केबल, ग्रिप चेंज आदि कार्य भी सतत रूप से किया जा रहा है।विद्युत विभाग के द्वारा जिलें के विकासखंडों सहित इसके अंतर्गत आने वाले गांवों में विद्युतिकरण कार्य एवं इसके संचालन में आने वाले बाधाओं को तत्काल निराकरण किया जा रहा है। विभाग के द्वारा बिजली की लोड केपिसिटी के हिसाब से 578 ट्रांसफार्मर बदले गए हैं। जिनमें बगीचा विकासखंड में 42 ट्रांसफार्मर बदले गए हैं। इसी तरह दुलदुला विकासखंड में 45, जशपुर विकासखंड में 50, कुनकुरी विकासखंड में 106, मनोरा में 29, सन्ना में 42, पत्थलगांव में 144, कांसांबेल में 55 एवं फरसाबहार में 65 ट्रांसफार्मर बदले गए हैं।इसी तरह जिले के आठों विकासखंड में 124 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। जिसमें 100 केव्हीए का 16 ट्रांसफार्मर, 63 केव्हीए का 77 ट्रांसफार्मर और 25 केव्हीए का 31 ट्रांसफार्मर लगाया गया है। शहरों के साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था के निर्बाध रूप से संचालन से लोगों ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री सहित शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं।
- -चिरायु टीम स्कूलों का भ्रमण कर बीमारियों से प्रभावित बच्चों का कर रहे चिन्हांकन-गंभीर बच्चों को उच्च स्तरीय इलाज की दी जा रही सुविधारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, दूरस्थ अंचल के बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत, स्वास्थ्य विभाग की ’चिरायु’ टीम द्वारा स्कूलों का दौरा कर गंभीर बीमारियों से प्रभावित बच्चों का चिन्हांकन किया जा रहा है और उन्हें उच्च स्तरीय इलाज की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।इसी कड़ी में जशपुर जिले के स्वास्थ्य विभाग के चिरायु दल द्वारा स्कूलों में जाकर छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण उपरांत बीमारी से प्रभावित बच्चों को सुविधानुसार निःशुल्क दवाइयाँ और उच्च स्तरीय ईलाज की सुविधा दी जा रही है। चिरायु टीम ने हाल ही में पत्थलगांव विकासखण्ड के शासकीय प्री मैट्रिक कन्या एवं बालक छात्रावास लुडेग में स्वास्थ्य परीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान कुल 21 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें 6 बच्चों को आंखों से संबंधित समस्याएं, 11 को त्वचा संबंधी रोग, 2 बच्चे को पेट दर्द, और 2 अन्य बीमारियों से ग्रस्त पाये गये। चिरायु टीम ने इन सभी बच्चों को आवश्यक इलाज और दवाइयों की सुविधा प्रदान की। साथ ही उन्हें स्वास्थ्य शिक्षा भी दी गई, जिसमें साफ-सफाई रखने, मच्छरदानी का उपयोग करने, उबला हुआ पानी पीने और बरसात के मौसम में होने वाली मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों के बारे में बताया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य विभाग के अमले को निर्देश दिए है कि इस अभियान को और अधिक व्यापक बनाना सुनिश्चित करें। ताकि राज्य के सभी दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
- -मरीजों के लिए दवाईयों का पर्याप्त भण्डारण रहें-विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा महिला की जुड़वा नवजात शिशु स्वस्थ्य पाए गएरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की निगरानी के लिए स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जशपुर और जिला कार्यक्रम प्रबंधक के द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनोरा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान औषधि भंडार कक्ष में सभी आवश्यक दवाईयों की पर्याप्त भण्डारण पाई गई। इसके अलावा महिला और पुरुष वार्ड का निरीक्षण भी किया गया, जिसमें वार्ड को साफ-सुथरा पाया गया। लेबर रूम में दो प्रसूता महिलाएं थीं, जिनमें से एक विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा की महिला थी, जिसने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। दोनों नवजात स्वस्थ पाए गए। इसके साथ ही निर्माणाधीन ओपीडी कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण भी किया गया, जिसमें कार्य प्रगति पर पाया गया है।
- रायपुर / वाणिज्य और उद्योग एवं श्रम विभाग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन बुधवार 04 सितम्बर एवं गुरूवार 05 सितम्बर को नई दिल्ली प्रवास पर रहेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री देवांगन 04 सितम्बर को शाम 6.00 बजे स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। शाम 7.00 बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे तथा रात्रि विश्राम करेंगे। उद्योग मंत्री श्री देवांगन 5 सितम्बर को सबेरे 10.00 बजे सभी राज्यों के उद्योग मंत्रियों के कांन्फ्रेंस में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम द्वारिका स्थित पलाश हॉल में यशोभूमि, उद्योग संगम में आयोजित होगा। तत्पश्चात मंत्री श्री देवांगन शाम 7.00 बजे इंदिरा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय विमानतल नई दिल्ली से रायपुर के लिए प्रस्थान कर शाम 8.50 बजे रायपुर लौट आयेंगे।
-
- बायोमार्कर किट कोविड-19 के प्रारंभिक चरण में ही लगा सकती है बीमारी की गंभीरता का अनुमान
-प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया अभियान को बढ़ावा देने वाला रिसर्चरायपुर।, देश में स्वास्थ्य अनुसंधान अधोसरंचना को विकसित एवं सुदृढ़ करने के उद्देश्य से डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में स्थापित मल्टी-डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (एमआरयू/ बहु विषयक अनुसंधान इकाई) के वैज्ञानिकों की टीम ने ऐसा बायोमार्कर किट विकसित किया है जो कोविड-19 महामारी संक्रमण की गंभीरता का अनुमान प्रारंभिक चरण में ही लगा लेगा। कोविड-19 के प्रारंभिक चरण से प्रारंभ किये गये इस शोध के परिणाम हाल ही में विज्ञान पत्रिका साइंटिफिक रिपोर्ट्स (https://www.nature.com/articles/s41598-024-70161-8) में प्रकाशित हुई है जो प्रतिष्ठित नेचर प्रकाशन समूह द्वारा प्रकाशित किया गया है। रिसर्च के क्षेत्र में यह दुनिया का 5वां सबसे अधिक संदर्भित किया जाने वाला रिसर्च जर्नल है।महामारी की शुरुआत में, जबकि देश के कई प्रमुख वैज्ञानिक नए कोविड-19 डायग्नोस्टिक टेस्ट किट विकसित करने में जुटे हुए थे, रिसर्च पब्लिकेशन के करेस्पोंडिंग लेखक(प्रिसिंपल इन्वेस्टिगेटर) डॉ. जगन्नाथ पाल (एमबीबीएस, पीएचडी, हार्वर्ड कैंसर संस्थान (बोस्टन यूएसए) से पोस्टडॉक. की उपाधि प्राप्त) वरिष्ठ वैज्ञानिक, एमआरयू, ने कोविड-19 महामारी के प्रबंधन के उपरोक्त बुनियादी मुद्दे की दिशा में विचार करना शुरू किया, जो भविष्य में किसी भी महामारी की स्थिति से निपटने के लिए भी उपयोग में आ सकता है।कोविड-19 प्रोग्नोस्टिक बायोमार्कर किट (प्रारंभिक स्तर में रोग की गंभीरता का पूर्वानुमान) को विकसित करने वाले प्रमुख वैज्ञानिक एवं टीम लीडर डॉ. जगन्नाथ पाल के अनुसार, कोरोना महामारी के प्रारंभिक चरण में संसाधन एवं एंटी-वायरस दवाओं का बहुतायत मात्रा में प्रयोग हुआ, जिससे गंभीर दवा संकट के साथ-साथ रेमडेसिवीर जैसी जीवन रक्षक दवाओं का संकट भी उत्पन्न हुआ। शुरुआती चरण में यह पता लगाना मुश्किल होता था कि किन कोरोना रोगियों को मेडिकल की अग्रिम सुविधा की आवश्यकता है अथवा नहीं ? इसलिए पूर्वानुमानित परिणाम के आधार पर रोगियों के संक्रमण की गंभीरता को अलग-अलग श्रेणी में विभाजन करना आवश्यक था जिससे कि इन संसाधनों का गंभीर कोरोना रोगियों में उपयोग किया जा सके, परन्तु उस समय कोई भी ऐसा टेस्ट/जांच उपलब्ध नहीं था जिससे कि प्रारंभिक चरण में ही कोरोना रोगियों की गंभीरता का पता चल सके।तीन साल के अथक परिश्रम से मिली सफलताडॉ. पाल के नेतृत्व में एमआरयू रिसर्च टीम ने उपलब्ध सीमित संसाधन का उपयोग करके इस दिशा में काम करना शुरू किया और अंततः बायोमार्कर किट विकसित करने में सफलता हासिल कर ली, जिसका उपयोग करके कोरोना के गंभीरता की भविष्यवाणी प्रारंभिक चरण में ही की जा सकती है। इस शोध कार्य में वैज्ञानिकों ने क्यू पीसीआर (Quantitative PCR) आधारित टेस्ट का उपयोग करके एक सीवियरिटी स्कोर विकसित किया जिनकी संवेदनशीलता 91 प्रतिशत और विशेषता 94 प्रतिशत है। इस शोध दल में एक अन्य एमआरयू वैज्ञानिक डॉ. योगिता राजपूत, पेपर की पहली लेखिका ने विभिन्न विभागों के अन्य बहु-विषयक योगदानकर्ताओं के साथ समन्वय करते हुए चुनौतीपूर्ण परियोजना को मूर्त रूप में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।डॉ. पाल के आविष्कार के संभावित व्यावसायिक मूल्य को ध्यान में रखते हुए पं. जे.एन.एम मेडिकल कॉलेज ने भारतीय पेटेंट के साथ- साथ अंतर्राष्ट्रीय पेटेंट के लिए भी आवेदन किया है। डॉ. पाल के अनुसार, हाल ही में अमेरिका की पेटेंट सर्च एजेंसी ने अमेरिका में आविष्कार के संभावित व्यावसायिक महत्व को दर्शाते हुए उत्साहजनक रिपोर्ट प्रदान की है। इसका मतलब है कि भारत की आर्थिक वृद्धि में योगदान देने वाली चिकित्सा प्रौद्योगिकी को विदेशों में निर्यात करने का अवसर हमें मिल सकता है। एमआरयू का रिसर्च हमारे देश के प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया अभियान को भी बरकरार रखेगा। आम धारणा के विपरीत कि इस तरह के टेक्नोलॉजी के अविष्कार के लिए बड़े बुनियादी ढांचे, बड़े धन और जनशक्ति की आवश्यकता होती है। सफलता की कहानी संसाधन सीमित केंद्रों में काम करने वाले कई शोधकर्ताओं के लिए एक प्रेरक उदाहरण भी है। पं. जे.एन.एम मेडिकल कॉलेज की उपलब्धि एक उत्साहजनक उदाहरण स्थापित करेगी कि एक राज्य संचालित मेडिकल कॉलेज समय की आवश्यकता को पूरा करने के लिए मेडिकल टेक्नोलॉजी विकसित कर रहा है और इसके व्यावसायीकरण में भी अपना योगदान दे रहा है। - रायपुर । उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने रायपुर के सिविल लाइन स्थित अपने निवास पर राज्य के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल महामाया धाम रतनपुर पर आधारित पुस्तिका ‘छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल रतनपुर’ का विमोचन किया। उन्होंने पुस्तिका का विमोचन करते हुए कहा कि इसमें रतनपुर के सभी मंदिरों, तालाबों और सांस्कृतिक विरासतों की जानकारी दी गई है, जो बाहर से आने वाले तीर्थ यात्रियों एवं पर्यटकों के लिए मार्गदर्शिका के रूप में कार्य करेगी। उन्होंने रतनपुर के तीर्थ स्थल और पर्यटन स्थल के रूप में प्रचार-प्रसार के लिए भी इसे उपयोगी बताया। विमोचन के दौरान पुस्तिका के लेखक श्री बलराम पाण्डेय सहित सर्वश्री कन्हैया यादव, रविंद्र दुबे, संतोष तिवारी, तीरथ यादव, बबलू कश्यप तथा बिलासपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारी सर्वश्री संजय सोनी, वासित अली एवं ताहिर अली भी मौजूद थे।
- रायपुर, /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 928.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 3 सितम्बर सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1950.0 मिमी और बेमेतरा जिले में सबसे कम 500.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा जिले में 509.4 सूरजपुर जिले में 921.5 मिमी, बलरामपुर में 1332.7 मिमी, जशपुर में 796.6 मिमी, कोरिया में 936.2 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 936.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 747.7 मिमी, बलौदाबाजार में 951.3 मिमी, गरियाबंद में 896.6 मिमी, महासमुंद में 727.5 मिमी, धमतरी में 802.0 मिमी, बिलासपुर में 847.2 मिमी, मुंगेली में 957.0 मिमी, रायगढ़ में 893.5 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 540.5 मिमी, जांजगीर-चांपा में 1002.7 मिमी, सक्ती 858.2 मिमी, कोरबा में 1228.4 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 983.9 मिमी, दुर्ग में 547.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 746.9 मिमी, राजनांदगांव में 890.8 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 993.3 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 653.6 मिमी, बालोद में 926.4 मिमी, बस्तर में 988.8 मिमी, कोण्डागांव में 881.4 मिमी, कांकेर में 1084.6 मिमी, नारायणपुर में 1056.8 मिमी, दंतेवाड़ा में 1222.4 मिमी और सुकमा जिले में 1317.7 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
-
- 10 से 22 सितंबर तक स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित है EPPI Con 2024 कांफ्रेंस
रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल को 10 से 22 सितंबर तक स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित EPPI Con 2024 कांफ्रेंस में शामिल होने का आमंत्रण मिला है। आईआईएम रायपुर के तत्वाधान में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के ग्लोबल आउटरीच के डायरेक्टर ने स्वास्थ्य मंत्री को इस कांफ्रेंस में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। इस कांफ्रेंस के माध्यम से छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था पर चर्चा करने के साथ ही राज्य की प्राथमिक स्वास्थ्य इकाइयों (आशा कार्यकर्ता एवं मितानिन) को मजबूत करने की योजना पर कार्य होगा। कांफ्रेंस के मुख्य उद्देश्य के अनुसार आशा एवं मितानिन कार्यकर्ताओं को डिजिटल साक्षर बनाने के लक्ष्य पर काम करना है तथा उन्हें आईआईएम, आईआईटी, एम्स एवं एनएनएलयू के साथ मिलकर ट्रेनिंग देकर और सक्षम बनाना है ताकि राज्य मे निचले स्तर पर ही बुनियादी एवं प्रशिक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहें। - -डूमरबहार, बिलडेगी और सूरजगढ़ के 200 से अधिक कृषकों को 46 लाख से अधिक की राशि का वितरण-किसानों ने मुख्यमंत्री श्री साय को दिया धन्यवादरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। खेती किसानी में किसानों को आर्थिक रूप से मजबूती मिले इसके लिए पत्थलगांव क्षेत्र के किसानों को विगत दिवस जल संसाधन विभाग द्वारा निर्मित नहर के मुआवजा राशि का वितरण कृषकों को किया गया।पत्थलगांव क्षेत्र के किसानों को नहर निर्माण के लिए मुआवजा राशि वितरित की गई। डूमरबहार, बिलडेगी और सूरजगढ़ के लगभग 200 किसानों को 46 लाख 43 हजार 951 रुपये के चेक दिए गए। यह राशि किसानों को विधायक श्रीमती गोमती साय द्वारा वितरित की गई। राशि मिलने पर किसानों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया है।उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने सरकार द्वारा भूमिहीन किसानों को दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत 10,000 रुपये वार्षिक सहायता राशि देने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, अंत्योदय और प्राथमिकता राशनकार्डधारी 68 लाख परिवारों को आगामी पांच वर्षों तक निःशुल्क खाद्यान्न वितरण का भी निर्णय लिया गया है।प्रदेश सरकार ने अपने वादों को पूरा करते हुए किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ की मान से धान की खरीद की है। इस वर्ष प्रदेश में रिकॉर्ड 145 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। प्रदेश की कृषि हितैषी नीतियों के कारण किसानों के चेहरों पर संतोष और प्रसन्नता की झलक दिखाई दे रही है।
-
- संभागायुक्त श्री राठौर ने किया नये भवन का उद्घाटन*
दुर्ग / संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने आज दुर्ग स्थित हिन्दी भवन (पूर्व न्यायालय आयुक्त दुर्ग संभाग) में नवनिर्मित अनुविभागीय अधिकारी (रा.) कार्यालय भवन का उद्घाटन किया गया। पूर्व में यह तहसील कार्यालय दुर्ग के भवन में संचालित किया जा रहा था। उद्घाटन समारोह कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर एडीएम श्री अरविंद एक्का, सहायक कलेक्टर श्री एम.भार्गव, एसडीएम दुर्ग श्री हरवंश सिंह मिरी एवं राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- भिलाईनगर। नगर निगम भिलाई क्षेत्र में स्वाइन फ्लू के बीमारी के केस बढ़ रहे हैं, उसको देखते हुए महापौर नीरज पाल ने आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव एवं नगर निगम के अधिकारियों की बैठक ली। जिसमें इस बात पर चर्चा हुई, कि हम सब लोग किस प्रकार से इस बीमारी के प्रभाव को कम कर सके। नगर निगम भिलाई क्षेत्र के जो भी पीड़ित जो भी प्रभावित मरीज मिल रहे हैं। उनको बेहतर ट्रीटमेंट मिले प्राथमिक रूप से क्या बचाव किया जाए इसके लिए भी चर्चा की गई।जिला चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बंजारे, सर्ववीलायेन्स अधिकारी, सीएमओ दुर्ग, मलेरिया अधिकारी ने बताया गया कि एच-1, एन-1 के धनात्मक प्रकरण प्राप्त हो रहा है। इसके प्रमुख लक्षण सर्दी, खांसी, छीकना, बुखार आना, सिर दर्द, बदन दर्द, उल्टी-दस्त, थकावट हो सकती है। संक्रमण की अवधि 1-2 दिन तक हो सकती है।संक्रमण के प्रकार- संक्रमित व्यक्ति में लक्षण प्रारंभ होने के 3-5 दिवस तक अन्य व्यक्तियों को भी हो सकता है।स्वाइन फ्लू से बचावः- छीकते-खासते समय दूरी मेंटेन करें, मुंह पर रुमाल रखें, मुह पर मास्क लगाए, अनावश्यक बाहर न निकले, एक दूसरे से दूरी बनाए, पानी उबालकर पिए, हाथ को सेनीटाइज करे, हाथ साबुन से धोकर ही भोजन करें, बाहर खाने से बचे, बाहर से आए हुए व्यक्तियों से दूरी बनाए।स्वाइन फ्लू का लक्षण दिखने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायकि स्वास्थ्य केन्द्र, सुपेला शासकीय चिकित्सालय, जिला चिकित्सालय दुर्ग एवं चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज में संपर्क कर सकते है। चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल में स्वाइन फ्लू के लिए अलग से 30 बिस्तर का अलग से आइसोलेटेड वार्ड बनाया गया है एवं स्वाइन फ्लू के रोगियो के उपचार के लिए 30 बिस्तर का वार्ड भी बनाया गया है। जिला चिकित्सालय दुर्ग में भी 10 बिस्तर का अलग से वार्ड निर्धारित किया गया है, जहां पर स्वाइन फ्लू से संबंधित मरीजो का इलाज किया जा रहा है। महापौर नीरज पाल ने सभी से सहयोग की अपील की है। किसी भी प्रकार से पैनिक नहीं होना है कोरोना के समय जो प्रिकॉशन अपना रहे थे। उसी प्रकार से इसमे भी परहेज करना है। किसी भी प्रकार की बिमारी का लक्ष्ण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र एवं नगर निगम भिलाई के कन्ट्रोल रूम 0788-2294303 पर संपर्क कर सकते है।
- भिलाईनगर। पूर्व में दिये गये जानकारी के अनुसार नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के 50 भूखण्डो की नीलामी द्वारा आबंटित किया जाना है। जिससे संबंधित जानकारी वेबसाईट ीजचचेरूध्ध्मचतवबण्बहेजंजमण्हवअण्पद पर अपलोड कर दिया गया है। जो भी हितग्राही अपनी इच्छा के अनुसार नीलामी प्रक्रिया में भाग लेना चाहते है। उसका आॅनलाईन पंजीयन की समय सीमा 4 सितम्बर को 5ः30 बजे तक है। निर्धारित समय सीमा के अंदर पंजीयन कराने वाले ही हितग्राही आबंटन में भाग ले सकते है।आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव ने भूखण्ड खरीदने वाले इच्छुक व्यक्तियों से संबंधित पोर्टल पर अपने पंसद का प्लाट चयन करने हेतु समय सीमा के अंदर आवेदन करने की अपील की है। जिससे निर्धारित प्रक्रिया पुरी करके तिथि निर्धातिर कर संबंधित हितग्राहियो को बुलाकर 50 भूखण्डो की नीलामी की जा सकें। अतिरिक्त जानकारी वेबसाईट पर या संबंधित जोन कार्यालय से प्राप्त कर सकते है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में शासकीय आदेशानुसार नगरीय निगम में आम निर्वाचन हेतु आरक्षण के संबंध में अन्य पिछड़ा वर्ग के सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है। इसी तारतम्य में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य 20 अगस्त 2024 से 10 अक्टूबर 2024 तक कार्य किया जाना प्रस्तावित है। जिसके अंतर्गत प्रत्येक वार्ड के बीएलओ निर्धारित है, इनके द्वारा पूर्व में भी मतदाता पुनरीक्षण कार्य डोर-टू-डोर संपर्क कर मतदाता पुनरीक्षण सर्वे का कार्य संपादित किया जा रहा था।शासकीय आदेशानुसार बीएलओ बुथ लेवल का अधिकारी है, उसका दायित्व है घर-घर जाना, प्रत्येक घर में नये मदताओ का नाम जोड़ना, मृतक मतदाता का नाम काटना, जो अन्यत्र चले गये है मतदाता उनका नाम काटना इत्यादि कार्य दिया जाना है। ऐसी जानकारी मिली है, कि कुछ हाउसिंग सोसायटी के पदाधिकारी बीएलओ को अपने कालोनी के ब्लाक में आने में मना कर रहे है। जो शासकीय कार्य मे बाधा के रूप में है। किसी भी बीएलओ को किसी भी सोसायटी में आने से नहीं रोका जा सकता है। बीएलओ के पास अधिकारिक आदेश होता है किसी भी प्रकार का डाउट होने पर दिये गये उच्च अधिकारियो से संपर्क किया जा सकता है। उनके द्वारा पूछी जा रही जानकारी उपलब्ध कराना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। वास्तविक जानकारी अपने परिवार के संबंधीत फार्म में दर्ज करावे। अगर कोई सोसायटी या संस्था द्वारा अपने परिसर में बीएलओ को आने से मना करती है तो तो शासकीय आदेश की अवहेलना मानी जायेगी। संबंधित के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा मानकर नियमानुसार कानूनी कार्यवाही की जावेगी।आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव ने अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी, अतिरिक्त तहसीलदार ए.ई.आर.ओ विधानसभा 66 श्रीमती ख्याति नेताम, अतिरिक्त तहसीलदार ए.ई.आर.ओ विधानसभा 65 श्री गुरूदत्त पंच भाई, नोडल अधिकारी नरेन्द्र कुमार बंजारे, सहायक नोडल अधिकारी, बीएलओ, डाटा एन्ट्री आॅपरेटर की उपस्थिति में उनके द्वारा किये जा रहे कार्यो की समीक्षा की। सभी को निर्देश दिये की तय सीमा के अंदर एवं एक दुसरे से समन्वय बनाकर कार्यो को संपादित करें। फिल्ड में किसी प्रकार की समस्या आने पर अपने उच्च अधिकारियो से संपर्क कर सकते है।
- दुर्ग / जिला चिकित्सालय दुर्ग में 2 सितम्बर 2024 को डिलीवरी वार्ड में भर्ती मरीज श्रीमती तनुजा वर्मा उम्र 31वर्ष ( पति संजू वर्मा ) मरीज को बी निगेटिव दो यूनिट ब्लड की आवश्यकता थी, डोनर नहीं मिलने पर, ब्लड बैंक नोडल अधिकारी डॉ. प्रवीण अग्रवाल के निर्देश पर चिखली निवासी श्री जसप्रीत सिंह ने आकर बी निगेटिव ब्लड मरीज को दिया, यह उनके द्वारा तीसरी बार रक्तदान किया गया। रक्तदान के समय ब्लड बैक के नर्सिंग आफिसर सती गुप्ता, काउंसलर टीएस एंथोनी, ब्लड बैंक टेक्नोलॉजीस्ट रोशन सिंह, टेक्निशियन तरन्नुम, निगार, सूरज, मिनाक्षी, कौशल, हिमांशु, माला प्रशिक्षणार्थी प्राची, नेहा, भारती, ज्योति, गोवर्धन, डेमन एवं रेडक्रॉस सोसाइटी के प्रबंध कारिणी सदस्य और जीवन दीप समिति के आजीवन सदस्य दिलीप ठाकुर, जीवन दीप समीति के सदस्य प्रशांत डोंगावकर, सतीश सुराना की उल्लेखनीय भूमिका और सकारात्मक सहयोग रहा। सभी ने रक्तदाताओं को साधुवाद देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
- -अब तक 1023 मरीज को मिला स्वास्थ्य लाभ-जिले में स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन नम्बर का हो रहा है सुचारू संचालनजशपुरनगर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से जिले में स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन का संचालन किया जा रहा है।स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन प्रत्येक समय मरीज के स्वास्थ्य संबंधित परेशानी के समाधान हेतु उपलब्ध है। विकासखंड, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला चिकित्सालय से संबंधित मरीजों को तत्काल स्वास्थ्य संबंधी लाभ उपलब्ध कराया जाना स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन का उद्देश्य है। जशपुर जिले के अंतर्गत ही नहीं बल्कि मरीज-हितग्राहियों को जिले के बाहर रायपुर अन्य नजदीकी जिले अंबिकापुर, रायगढ़ तथा अन्य राज्य जैसे रांची में भी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन द्वारा कार्य किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत फ़रवरी 2024 से आज पर्यंत 1023 मरीज को स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया गया है।विदित हो कि सर्वप्रथम आवेदक आवेदन बगिया कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करते हैं। आवेदन प्रस्तुत होने के पश्चात तत्काल 5 मिनट के अंदर कार्यवाही की जाती है। दूरभाष द्वारा संपर्क कर संपूर्ण जानकारी लिया जाता है और स्वास्थ्य संबंधित निराकरण हेतु अन्य संबंधित चिकित्सा अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारी से संपर्क किया जाता है। संपर्क करने के बाद निराकरण करने हेतु मरीज से पुनः कॉल कर उनके स्वास्थ्य संबंधित समस्या का समाधान किया जाता है।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में स्कूली एवं कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए गौ विज्ञान परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का श्री गणेश पोला पर्व की पूर्व संध्या पर पोस्टर विमोचन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में मुख्यमंत्री निवास में आयोजित की गई।परीक्षा आयोजन की जानकारी देते हुए प्रांत संयोजक श्री इरन्ना सपारे एवं प्रांत परीक्षा प्रमुख श्री सुबोध राठी ने बताया कि विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर आयोजित यह परीक्षा 11 दिसंबर गीता जयंती के दिन पूरे प्रांत में एक साथ होगी। पूरे प्रदेश में 5 लाख विद्यार्थी इस परीक्षा में सम्मिलित होंगे। परीक्षाओं में हर श्रेणी में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली प्रतिभागियों को 12 जनवरी को आयोजित प्रदेश स्तरीय गौ सेवा संगम कार्यक्रम में पुरुस्कृत किया जाएगा।उन्होंने बताया कि इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य स्कूली एवं कॉलेज के विद्यार्थियों के बीच गाय के प्रति प्रेम भाव जागृत करना है। साथ ही वर्तमान पीढ़ी को गाय का धार्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व समझाना है। आज एक बहुत बड़ी पीढ़ी गाय से विमुख है जिसके कारण कहीं ना कहीं समाज गोपालन से विमुख हो रहा है। जिसके परिणाम स्वरूप गाय सड़कों पर है। गायों के सड़कों पर आने से रोज सैकड़ों सड़क दुर्घटनाएं घट रही है, जिसमें न सिर्फ गोवंश अपितु इंसानों की भी लगातार मौत हो रही है। गायों का स्थान किसान का घर है न की सड़क। गाय सिर्फ किसान के घर ही सुरक्षित रह सकती है।उन्होंने बताया कि गाय के सभी विषयों को लेकर आने वाले 5 महीने व्यापक जन जागरण अभियान संस्था के द्वारा चलाया जाएगा। इस अभियान में परीक्षा के साथ साथ, स्कूलों में गाय के महत्व की प्रदर्शनी, सेमिनार, व्याख्यान, गौ सेवा संगम सहित विविध आयोजन किए जाएंगे। इस आयोजन के माध्यम से प्रदेश के घर घर संपर्क कर गौमाता का महत्व समाज को बताया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अभियान के लिए शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए प्रदेश जनों से इस अभियान में ज्यादा से ज्यादा जुड़कर सहयोग करने का आग्रह भी किया है। इस अवसर पर पूरे प्रदेश के आए हुए गौसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


.jpg)
.jpg)
.jpg)








.jpg)








.jpg)
.jpg)



.jpg)