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- -01 से 19 वर्ष के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को-स्कूल एवं नजदीकी आंगनबाड़ी केन्द्र में कराया जाएगा दवाई का सेवनबालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एमके सूर्यवंशी के मार्गदर्शन में ‘‘राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम’’ का आयोजन 29 अगस्त 2024 को किया जाएगा। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी डाॅ. जे. के. सिंह ने बताया कि बच्चों तथा किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर, एनीमिया के रोकथाम, बौद्धिक विकास तथा शाला में उपस्थिति में सुधार हेतु जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का आयोजन 29 अगस्त 2024 को किया जाएगा। जिसके अन्तर्गत 01 से 19 वर्षीय बच्चों तथा किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजाॅल 400 मिलीग्राम की गोली का सेवन उनके स्कूल तथा आंगनबाड़ी केन्द्र में कराया जाएग। शेष रह गए बच्चों को 04 सितम्बर 2024 को माॅपअप दिवस में कृमिनाशक दवा का सेवन कराया जाएगा। मितानिनों द्वारा स्कूल व आंगनबाड़ी केन्द्र नहीं जाने वाले 01 से 19 वर्षीय बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को नजदीकी आंगनबाड़ी केन्द्र में दवाई का सेवन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले के कुल लक्षित बच्चों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजाॅल खिलाने हेतु सभी आवश्यक तैयारियाँ पूर्ण किया जा चुका है।
- बालोद ।मेजर ध्यानचंदजी की स्मृति में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग बालोद तथा जिला हाॅकी संघ के तत्वाधान में राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
- -जर्जर स्कूल भवनों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों को बेहतर बनाने हेतु नियमित रूप से निरीक्षण करने के दिए निर्देशबालोद । कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में जिले में शासन के जन कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने जिले के जर्जर स्कूल भवनों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों के स्थिति में सुधार हेतु किए जा रहे कार्यों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने जिला स्तरीय तकनीकी टीम के अधिकारियों को नियमित रूप से स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। श्री चन्द्रवाल ने अधिकारियों को स्कूलांे एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों का नियमित रूप से निरीक्षण कर जर्जर भवनों को आवश्यकतानुसार डिस्मेंटल एवं मरम्मत कर इन भवनों को बेहतर बनाने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने कहा कि स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरी है। उन्होंने किसी भी स्थिति में जर्जर भवनों में कक्षा संचालित नही करने तथा स्कूल एवं आंगनबाड़ी केन्द्र भवन जर्जर होने पर उपयुक्त भवनों में कक्षा संचालन की वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, संयुक्त कलेक्टर श्री डीआर ठाकुर एवं श्रीमती पूजा बंसल सहित जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में श्री चन्द्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से राज्य सरकार के द्वारा अभी हाल में ही पदस्थ किए गए ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने के लिए 02 वर्षों के अनुबंध वाले कुल 22 चिकित्सा अधिकारियों में से अब तक कार्यभार ग्रहण करने वाले चिकित्सा अधिकारियों के संबंध में जानकारी ली। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले मंे अब तक 19 नव नियुक्त चिकित्सा अधिकारियों ने अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में इन सभी नव नियुक्त चिकित्सा अधिकारियों को जिला चिकित्सालय बालोद में 15 दिन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके उपरांत इन्हें इनके पदस्थापना स्थल में कार्य करने भेजा जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि इन सभी चिकित्सा अधिकारियों को एमबीबीएस की परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत 02 वर्षों के अनुबंध के आधार पर इनकी नियुक्ति ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा प्रदान करने के लिए की गई है। उन्होंने बताया कि इनकी नियुक्ति से काफी हद तक जिले में चिकित्सकों की कमी की समस्या दूर होगी। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने विभागवार समय-सीमा के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सभी प्रकरणों का निर्धारित समयावधि में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री चन्द्रवाल ने जिले के सुदूर वनांचल के आदिवासी बाहुल्य ग्राम हुच्चेटोला के ग्रामीणों के वार्षिक आय को दुगुना करने हेतु किए जा रहे उपायों की भी समीक्षा की। इसके अंतर्गत उन्होंने विभिन्न विभागों के द्वारा अपने-अपने विभागीय योजनाओं से ग्रामीणों को लाभान्वित कर ग्रामीणों के आय में वृद्धि हेतु किए जा रहे कार्यों के संबंध में भी जानकारी ली। इस दौरान श्री चन्द्रवाल ने अंतर विभागीय समन्वय के प्रकरणों की भी समीक्षा की।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के जोन क्रमांक 03 मदर टेरेसा नगर क्षेत्र के दुकानों का निरीक्षण किया गया। जिसमें जोन क्षेत्र के 16 दुकानो पर खादय पदार्थ, स्ट्रीट फूड, गुमस्ता लाईसेंस एवं सिंगल युज प्लास्टिक की जाॅच की गई। दुकानदारो के पास जाॅच के दौरान सिंगल युज प्लास्टिक मिलने पर उनके खिलाफ जुर्माने की कार्यवाही भी की गई।
इन प्रमुख बाजारो मेें कार्यवाही की गई जवाहर मार्केट, सकुर्लर मार्केट, फल मार्केट, सब्जी मार्केट, मटन मछली मार्केट, लिंक रोड पर सिंगलयुज प्लासिटक एवं चालानी कार्यवाही करते हुए 600 रूपये जुर्माना लगाया गया। गंदगी फैलाने वालो पर 20700 जुर्माना लगाया गया। खाद पदार्थ गुणवत्ता की जाॅच 6 दुकानो से 750 रूपये का अर्थदण्ड। वायु प्रदुषण फैलाने वाले घरेलू उद्योगो पर 1000 रूपये अर्थदण्ड कुल 23050 रूपये का अर्थदण्ड वसूला गया। कुल 117 व्यापारियो पर कार्यवाही की गई।कार्यवाही के दौरान वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक के.के.सिंह, जोन के स्वच्छता निरीक्षक विरेन्द्र बंजारे, पर्यवेक्षक सुरेश पटेल, बिरबल भारती, जयंत मेश्राम, एस पपईया, रंगबादुर सोनी, एस. विनोद, हेमकुमार, यशकुमार आदि उपस्थित रहे। - बिलासपुर /कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व अधिकारियों ने 24 अगस्त को एक साथ 48 स्कूलों और अस्पतालों का आकस्मिक निरीक्षण किया था। स्कूलों और अस्पतालों से बिना अनुमति के गायब रहने वाले और समय से पहले जाने वाले कर्मचारियों पर जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की गई है। निरीक्षण के दौरान अस्पतालों और स्कूलों से गायब रहने वाले 70 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। 30 अधिकारी-कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने का आदेश जारी किया गया है।उल्लेखनीय है कि एसडीएम और उनकी टीम ने 15 स्कूलों का निरीक्षण किया। स्कूल से नदारद रहने वाले 19 शिक्षकों के वेतन में कटौती की गई है एवं 5 को कारण बताओ सूचना जारी किया गया है। एक के विरूद्ध कार्रवाई के लिए प्रस्ताव संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग को भेजा गया है। राजस्व टीम द्वारा 33 अस्पतालों का निरीक्षण किया गया और 54 अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस जारी करते हुए 11 के एक दिन के वेतन में कटौती का आदेश जारी किया गया है। सीएमएचओ ने बताया कि बिल्हा विकासखंड के 12 अस्पतालों में अनुपस्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कडार के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, उप स्वास्थ्य केन्द्र पोड़ी के आरएचओ दिनेश साहू, साजिदा खानम, सिलपहरी के श्री दिलीप कौशिक, सरिता श्रीरंगे, चन्द्रप्रभा साहू, उपस्वास्थ्य केन्द्र करमा की सीएचओ दुर्गा सक्सेना, ढेका अस्पताल की साधना चन्द्रा, संध्या साहू, पौंसरा अस्पताल की सीएचओ प्रीति साहू, श्री शाश्वत पवार, बसहा अस्पताल की सीएचओ त्रिवेणी धीवर, सेन्दरी के पीसी साहू, सुमन रानी मिश्रा, सिद्धी थवाईत और सेमरताल की सीएचओ पूनम कश्यप और आरएचओ सावित्री धु्रव आदि कर्मचारियों को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है। इसी प्रकार मस्तूरी के अस्पतालों से नदारद रहने वाले रिसदा के आरएचओ श्री राजेश श्रीवास्तव, केड़िया अस्पताल के विजय कुमार गुप्ता, कोकड़ी के आरएचओ श्री संदीप केशरवानी, पीएचसी लोहर्सी के चिकित्सा अधिकारी महेन्द्र मधुकर, संगीता चेलके, ड्रेसर अन्नपूर्णा थवाईत, संगीता चेलक, पचपेड़ी के नेत्र सहायक अधिकारी तारा साहू, के. पदमाराव, बसंती मधुकर, रेखा राय, प्रमिला मरावी, टीकेश्वर साहू, संजय ठाकुर शामिल है। तखतपुर के अस्पतालों से गायब रहने वालों में पाली अस्पताल से तृप्ति शर्मा, लाल दास बंजारा, जय प्रकाश मिश्रा और पीएचसी जूना पारा से सुनील कुमार सुमन के नाम शामिल है। कोटा में पीएचसी केंदा के चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विनीता पाण्डेय, डॉक्टर युगविजया मीरा, श्री अरूण देवांगन, श्री आशिष अग्रवाल, श्री सतीश चौहान, सुपरवाईजर संतोष साहू के नाम शामिल है। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गांधीचौक में चिकित्सकों की अनुपस्थिति पाई गई और आयुष्मान आरोग्य मंदिर मंगला में दोपहर 2 बजे ओपीडी बंद होना पाया गया। यहां संबंधित सीएचओ का 1 दिवस के वेतन के कटौती का आदेश जारी हुआ है। इसी प्रकार 2 लोगों को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है।जिला शिक्षा अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार बिल्हा ब्लॉक के 7 विद्यालयों में निरीक्षण के दौरान गायब रहने वाले शिक्षकों के एक दिन का वेतन काटने का आदेश जारी किया गया है। इनमें शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक शाला सरकण्डा के शिक्षक श्रीमती उषा उपाध्याय, श्रीमती शैल कश्यप, मोनालिसा संत, शारदा पाण्डेय, पूर्णिमा मिश्रा, एस.के डहरिया, एचएल सोनले, आरके दुबे, शुभनय गोले, अर्चना शुक्ला, नीतू यादव, राजेश चतुर्वेदी, अमित नामदेव, एक्ता पाण्डेय, मंगला स्कूल की शिक्षिका श्रीमती श्रद्धा शास्त्री, श्रीमती बेरथा एक्का और शासकीय पूर्व माध्यमिक कन्या शाला सरकण्डा के शिक्षक श्री शिव कुमार शुक्ला आदि शामिल है। इसी प्रकार बच्चों को समय से पहले छुट्टी देने वाले और सस्था में साफ-सफाई नहीं रखने पर शोकॉज नोटिस जारी किया गया है। इसमें सिलपहरी स्कूल के शिक्षक श्री रामाधार गोंड और हरदीकला के शिक्षक श्री रामाअवतार पटेल शामिल है। बिल्हा बीईओ को भी शोकॉज नोटिस जारी किया गया है और मस्तूरी ब्लॉक के सेजेस पचपेड़ी के प्राचार्य श्री सी.के. राठौर से भी इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। बंधवापारा शासकीय प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक श्री राजेश कुमार विश्वकर्मा के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग को भेजा गया है।
- कलेक्टर ने ग्राम झलमला में किया शुभारंभ, व्यवस्थाओं का अवलोकन कर बेहतर संचालन के दिए निर्देशबालोद । जिले के ग्राम झलमला में आज विशेषीकृत दत्तकग्रहण अभिकरण का शुभारंभ कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने किया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस विशेषीकृत दत्तकग्रहण अभिकरण का मुख्य उद्देश्य माता-पिता द्वारा त्याग दिए गए बच्चों का देखभाल करना तथा बालक कल्याण समिति के माध्यम से उन्हें गोद लेने वाले परिजनों को सौंप दिया जाता है। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने झलमला में शुभारंभ हुए विशेषीकृत दत्तकग्रहण अभिकरण के कक्षों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा उसके संचालन के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी से कहा कि वे जिले में विशेषीकृत दत्तकग्रहण अभिकरण का बेहतर संचालन सुनिश्चित करें।जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विपिन जैन ने बताया कि किशोर न्याय अधिनियम 2015 यथा संशोधित 2021 के प्रावधानों के अनुसार विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण का शुभारंभ किया गया है। उल्लेखनीय है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण स्थापित करने का निर्देश दिया गया था जिसके अनुक्रम में बालोद जिले मे भी उक्त शासकीय संस्था की स्थापना की गई है। इस संस्था में 0 से 6 वर्ष के अनाथ, परित्यक्त एवं अभ्यर्पित बालकों का पुर्नवास किया जावेगा। सर्व प्रथम बालक कल्याण समिति के माध्यम से प्राप्त होने वाले ऐसे बालको को विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण में रखा जावेगा तथा ऐसे अभिभावकों को कारा (केन्द्रीय दत्तक ग्रहण एजेंसी) के माध्यम से क्रमशः गोद दिया जा सकेगा। इस संस्था में बालकों के रहने, खाने, चिकित्सा सहित अन्य सभी व्यवस्था राज्य शासन द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।उन्होंने बताया कि ऐसे अविभावक जो 0 से 06 वर्ष के बच्चों को गोद लेना चाहते है उन्हे सर्वप्रथम स्वयं को कारा (केन्द्रीय दत्तक ग्रहण एजेंसी) में पंजीकृत करना होगा तथा उनका नंबर आने पर जिला कलेक्टर के माध्यम से गोद देने संबंधी कानूनी कार्यवाही की जावेगी। बगैर उपरोक्त प्रक्रिया का पालन किये यदि कोई व्यक्ति 0 से 06 वर्ष के बच्चों को गोद अथवा देता है तो यह पूर्णतः गैर कानूनी होगा तथा ऐसी स्थिति में संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्यवाही की जा सकेगी। इस अवसर पर संरक्षण अधिकारी श्री नारेन्द्र साहू, जिला समन्वयक श्री वेदप्रकाश साहू, काउंसलर श्रीमती प्रतिमा मण्डावी सहित चाईल्ड लाईन एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण के कर्मचारी उपस्थित थे।
- -नगपुरा स्थित श्री उवसग्गहाराम पार्श्वनाथ मंदिर में की पूजा अर्चना-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में साफ सफाई पर रखें विशेष ध्यान- संभाग आयुक्त श्री राठौरदुर्ग / दुर्ग संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने आज ग्राम पंचायत नगपुरा का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों से तथा छात्र-छात्राओं से शैक्षणिक विषयों पर चर्चा की और स्कूल परिसर में पेड़-पौधे लगाने के निर्देश दिए।इसी प्रकार संभागायुक्त श्री राठौर ने नगपुरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी सहित सभी वार्ड्स का अवलोकन किया। इस दौरान पूछताछ करने पर लैब टेक्नीशियन के मातृत्व अवकाश पर होने की जानकारी दी गई। इस पर संभाग आयुक्त ने विकास खंड चिकित्सा अधिकारी को जल्द से जल्द अंशकालीन लैब टेक्नीशियन की भर्ती किए जाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार उन्होंने सफाईकर्मी एवं आवश्यकतानुसार अन्य पदों पर भी अंशकालीन कर्मचारियों की भर्ती किए जाने के निर्देश दिए।भ्रमण के दौरान संभागायुक्त श्री राठौर प्राकृतिक एवं योग चिकित्सालय आरोग्यम् पहुंचे। जहां आरोग्यम् के चिकित्सक डॉ. दानेश्वर टंडन ने संभाग आयुक्त श्री राठौर को चिकित्सालय में उपचारित होने वाले रोगों के संबंध में जानकारी दी। डॉ. टंडन ने बताया आरोग्यम में मेदस्विता मोटापा, डायबिटीज, डिप्रेशन, मानसिक तनाव, हृदय से संबधित बिमारियाँ, अस्थमा, ब्रोन्काईटिस, एलर्जी, गाठियावात, घुटनों का दर्द, गाउट वात रक्त स्पॉन्डीलॉयटिस, कमर दर्द, साइटिका, चर्मरोग। ऐसीडिटी, बदहजमी, पेप्टीक अल्सर, अल्सरेटिव कोलाईटिस, स्त्री के मासिक धर्म से संबंधित समस्या, किडनी से संबंधित बिमारियाँ, सिर दर्द, माइग्रेन, अनिद्रा के साथ साथ ज्ञान तंतु से संबंधित बीमारियाँ जैसे-पार्कीन्सन, पैरालिसिस, आल्जायमर्स और चलने फिरने की बीमारियों का उपचार किया जाता है। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने आरोग्यं अस्पताल के संपूर्ण परिसर का निरीक्षण कर साफ सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।श्री उवसग्गहाराम पार्श्वनाथ मंदिर में की पूजा अर्चनाःसंभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर ने नगपुरा स्थित श्री उवसग्गहाराम पार्श्व तीर्थ पहुंचकर श्री पार्श्वनाथ जी के दर्शन किए और पूजा अर्चना की। ट्रस्ट की ओर से उन्हें शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम दुर्ग श्री हरिवंश सिंह मिरी, तहसीलदार श्री पंचराम सलामे के साथ-साथ अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।
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दुर्ग / विकासखण्ड पाटन के ग्राम कौही में 29 अगस्त 2024 को आयोजित होने वाले जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई है। शिविर की सूचना पृथक से दी जाएगी
- दुर्ग /दुर्ग जिले की देशी/कम्पोजिट मदिरा दुकानों के लिये भवन किराये पर लिये जाने हेतु निविदा आमंत्रित की जाती है। मदिरा दुकानों की जानकारी एवं निविदा शर्तें/फार्म कार्यालय सहायक आयुक्त आबकारी, जिला-दुर्ग (उप महाप्रबंधक, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड, दुर्ग) से 23 अगस्त 2024 से समस्त कार्यालयीन दिवसों में प्राप्त की जा सकती है। निविदा 02 सितम्बर 2024 को सायं 3 बजे तक कार्यालय में जमा किया जा सकेगा। निविदा 02 सितम्बर 2024 को सायं 4 बजे खोली जायेगी।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में एक फोन कॉल पर समस्या का समाधान हो रहा है। वार्ड क्रमांक 8 के कचना निवासी श्री संजय गहरे ने कचना स्थित बीएसयूपी कालोनी के आस पास अवैध दुकान संचालन के साथ साथ अतिक्रमण की शिकायत की थी। लेकिन किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने के चलते उन्होंने कलेक्टोरेट के जनसमस्या निवारण कॉल सेंटर में फोन किया और जहां से उनकी समस्याओं का निराकरण करने के लिए संबंधित विभाग को जानकारी दी गयी। जिसके बाद बीएसयूपी कालोनी के आस पास संचालित अवैध दुकानों को हटवा कर अतिक्रमण को भी हटवाया गया। समस्या का निदान होने पर श्री गहरे काफी खुश है और उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति भी आभार जताया।
- -’मिला महतारी वंदन योजना का पैसा ’रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में एक फोन कॉल पर समस्या का समाधान हो रहा है। आंरग के वार्ड क्रमांक 5 समुदा निवासी श्रीमती टिकेश्वरी साहू ने महतारी वंदन योजना की राशि नहीं मिलने की शिकायत की थी। उन्होनें बताया कि महतारी वंदन योजना के लिए आवेदन किया था। लेकिन उनको योजना के तहत प्रदेश सरकार से मिलने वाली राशि नहीं मिल रही थी। इसको लेकर उन्होनें संबंधित विभागों और बैंको में जानकारी भी मांगी। लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने कलेक्टोरेट के जनसमस्या निवारण कॉल सेंटर में फोन किया और उनकी समस्याओं का निराकरण करने के लिए संबंधित विभाग को जानकारी दी गयी। जिसके बाद उनको महतारी वंदन योजना की राशि मिल गई। समस्या का निदान होने पर श्रीमती साहू काफी खुश है और उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति भी आभार जताया।
- -4 सितम्बर को होगा माप-अप दिवसरायपुर । राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम की शुरूआत 29 अगस्त से की जाएगी। इस कार्यक्रम के तहत स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। इससे बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगे। कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने आज कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्राॅस सभाकक्ष में अंतर्विभागीय बैठक लेकर जिला शिक्षा अधिकारी को शत-प्रतिशत बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा का सेवन कराया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही महिला बाल विकास विभाग को आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत, गैर पंजीकृत बच्चे और शाला त्यागी बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाने की बात कहीं। कलेक्टर डाॅ. सिंह ने कहा कि बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा अच्छी स्थिति में मिले। कोई भी बच्चे दवा के सेवन से छूटे न, इसका विशेष ध्यान रखें। इसकी माॅनीटरिंग भी करने के निर्देश दिए।उल्लेखनीय है कि कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम वर्ष में 2 बार छः माह के अंतराल में फरवरी व अगस्त के माह में मनाया जाता है। जिसमें 1 वर्ष से 19 वर्ष के बच्चों को स्कूल एवं आंगनबाड़ी केन्द्र, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, मदरसा, निजी स्कूल, अनुदान प्राप्त स्कूल, महाविद्यालय व तकनीकी शिक्षा संस्थान में दवा एल्बेंडाजोल निर्धारित खुराक में खिलाई जाएगी। साथ ही छुटे हुए बच्चों को 4 सितम्बर 2024 को माप-अप दिवस पर दवा सेवन कराया जाएगा। कृमि बहुत गंभीर समस्या है। इसकी वजह से बच्चे बार-बार बीमार पड़ते है। इसका प्रभाव उनके शारीरिक व मानसिक विकास पर पड़ता हैं। इसलिए इसके रोकथाम के लिये एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाती है।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी, डीपीएम श्री मनीष मेजरवार समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
- रायपुर । रायपुर जिले के बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में शासकीय उचित मूल्य की 11 नयी राशन दुकानें खुलेंगी। इन दुकानों के लिए एसडीएम कार्यालय द्वारा 15 सितम्बर तक निर्धारित प्रपत्र में आवेदन मंगाए गये हैं। इन 11 नयी दुकानों के खुल जाने से बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में लोगों को रियायती दरों पर राशन की उपलब्धता आसान होगी, साथ ही राशन दुकानों पर लगने वाली भीड़ से भी निजात मिलेगी।रायपुर के अनुविभागीय राजस्व अधिकारी श्री नंद कुमार चौबे ने बताया कि राज्य शासन के निर्देश अनुसार हितग्राहियों को उचित मूल्य की दुकानों से आसानी से रियायती दरों पर राशन उपलब्ध कराने के लिए वर्तमान में संचालित दुकानों का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में पांच सौ राशन कार्डों पर एक राशन दुकान संचालित करने के उद्देश्य से बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में 11 नयी दुकानें खोली जानी है। इन दुकानों के आवंटन के लिए एसडीएम कार्यालय रायपुर के कक्ष क्रमांक-1 में निर्धारित प्रपत्र में भरा आवेदन एवं जरूरी दस्तावेज 15 सितम्बर 2024 तक जमा किए जा सकते हैं। श्री चौबे ने बताया कि बीरगांव नगर पालिका क्षेत्र में सबसे अधिक 3 दुकानें रावांभाठा जोन में वार्ड क्रमांक 9, 10 और 15 में खोली जाएंगी। उरला जोन में वार्ड क्रमांक-1 और 5 में, उरकुरा जोन में वार्ड क्रमांक-17 और 19 तथा सरोरा जोन में वार्ड क्रमांक -38 एवं 40 में दो-दो नयी राशन दुकानें खुलेंगी। अछोली जोन में वार्ड क्रमांक-6 और बीरगांव जोन में वार्ड क्रमांक-35 में एक-एक राशन दुकान शुरू की जाएगी।
- दुर्ग / एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई-01 द्वारा नगर पालिक निगम भिलाई अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र शिवाजी नगर वार्ड क्रमांक-37 एवं शंकर नगर छावनी वार्ड क्रमांक-41 में सहायिका के 02 पदों पर और आंगनबाड़ी केन्द्र खुर्सीपार जोन-03 क्रमांक 01 वार्ड क्रमांक-48 में कार्यकर्ता के 01 पद तथा फौजी नगर वार्ड क्रमांक 24 में सहायिका के एक पद हेतु आवेदन आमंत्रित किया गया था।एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई-01 चिखली जुनवानी से प्राप्त जानकारी अनुसार अंतिम तिथि उपरांत प्राप्त आवेदनों की स्कूटनी कर निर्धारित मापदण्ड के आधार पर अनुमोदित अंतरिम मूल्यांकन पत्रक कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई-01 चिखली एवं नगर पालिक निगम भिलाई के कार्यालय परिसर में चस्पा कर दी गई है। उक्त अंतरिम मूल्यांकन पत्रक में वरियता/प्राथमिकता के संबंध मेें किसी आवेदिका को दावा-आपत्ति हो तो 30 अगस्त 2024 से 11 सितम्बर 2024 तक कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई-01 चिखली जुनवानी में कार्यालयीन समय में अपनी लिखित दावा आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। उक्त तिथि के उपरांत प्राप्त दावा आपत्ति पर विचार नही किया जाएगा।
- दुर्ग/ जिले के विधानसभा क्षेत्र अहिवारा के अंतर्गत तीन कार्यों के लिए 39 लाख 90 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। अहिवारा विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा द्वारा अनुशंसित उक्त कार्यों के लिए कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत उक्त राशि की स्वीकृति दी है। जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार कलेक्टर द्वारा अहिवारा विधानसभा अंतर्गत डॉ. मनराखन लाल साहू शासकीय महाविद्यालय जामुल भिलाई में कम्प्यूटर प्रयोगशाला की स्थापना कार्य, डिजिटल क्लास अध्ययन कक्ष और सार्वजनिक वाटर पेयजल की स्थापना कार्य हेतु 21 लाख 90 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
- -जिले से लगभग 300 जूनियर, यूथ रेडक्रॉस एवं काउंसलर होंगे शामिल-इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी हेतु उपसमिति का किया जाएगा गठनदुर्ग /कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी एवं जिला अध्यक्ष इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा विगत दिवस समय-सीमा की बैठक के दौरान जिले में 18 से 22 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले प्रथम राज्य स्तरीय जूनियर रेडक्रॉस मीट 2024 की जानकारी दी। उन्होंने आयोजित होेने वाले आगामी इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी मीट के लिए उपसमिति गठित करने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया।आगामी प्रथम राज्य स्तरीय जूनियर रेडक्रॉस मीट 2024 के लिए जिले में प्रस्तावित कार्ययोजना बनाई गई है, जिसके तहत सर्वप्रथम दल प्रभारियों के द्वारा सभी प्रतिभागियों का पंजीयन किया जाएगा। शिविर में उपस्थित प्रतिभागियों के आवास की सुविधा दी जाएगी। शिविर स्थल में रेडक्रॉस के सम्मानित अधिकारी एवं स्टाफ सदस्य हेतु स्वीच काटेज का निर्माण किया जाएगा। शिविर के सभी प्रशिक्षणार्थियों के लिए विशाल डोम का निर्माण किया जाएगा।इसी प्रकार सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताएं भी शिविर स्थल पर ही सपन्न होगी। इसके सफल संचालन हेतु प्रभारियों एवं निर्णायक दल का गठन किया जाएगा। निर्णायक उस विधा के जानकार को रखा जाएगा। सभी प्रकार के प्रशिक्षण एवं कार्यशाला राज्य शाखा एवं जिले में उपलब्ध प्रशिक्षकों के द्वारा दी जाएगी। साथ ही रेडक्रॉस के इतिहास, संगठन एवं रेडक्रॉस की गतिविधियों के विषयों पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी।सभी प्रतिभागियों को पंजीयन के दौरान एक किट दिया जाएगा। इस किट में शिविर पुस्तिका, पेन, बैच, कैप. स्कार्फ, वागल रहेगा। शिविर स्थल में ही लगभग 20-30 स्टालों निर्माण किया जाएगा। जिसमें छत्तीसगढ शासन के विभागों के द्वारा प्रदर्शनी, माडल की स्थापना की जाएगी। अस्पताल के लिए शिविर स्थल परिसर में रूम में अस्थाई अस्पताल के निर्माण किया जाएगा, जिसमें 24 घंटे स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रहेंगी। सभी प्रतिभागियों को दुर्ग जिले में स्थित छत्तीसगढ़ राज्य गौरव भिलाई इस्पात संयंत्र, प्रसिद्ध मैत्रीबाग, आईआईटी भिलाई सहित जिले आसपास दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इसके लिये टीम भी बनायी जाएगी। इस कार्यक्रम के अंतर्गत शिविर में सभी प्रतिभागियों, रेडक्रॉस के अधिकारियों एवं सम्मानित निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्ग शहर में निश्चित स्थानों पर स्थानीय निकाय के सहयोग से स्वच्छता सेवा कार्यक्रम किया जाएगा। इसके लिये रेडक्रॉस की टीम एवं स्थानीय निकाय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा संचालन किया जाएगा।रेडकास का इतिहास, संगठन, गतिविधियां, प्राथमिक उपचार, यातायात नियम, एडस् जागरूकता, आपदा प्रबंधन, सहित अन्यों विषयों पर प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। जिले से लगभग 300 जूनियर, यूथ रेडक्रॉस एवं काउंसलर भाग लेंगे। बैठक में नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, सहायक कलेक्टर श्री एम. भार्गव, जिला पंचायत के सीईओ श्री अश्वनी देवांगन, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री लोकेश चन्द्राकर, नगर निगम रिसाली के आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, नगर निगम भिलाई चरोदा के आयुक्त श्री दशरथ राजपूत, एसडीएम दुर्ग श्री हरवंश सिंह मिरी, संयुक्त कलेक्टर श्री मुकेश रावटे एवं श्री विरेन्द्र सिंह, सभी एसडीएम, सभी जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ सहित समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज उड़ीसा के सुंदरगढ़ जिले के ग्राम केंदुडीही पहुंचकर वहां केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल उरांव की धर्मपत्नी स्वर्गीय श्रीमती झिंगिया उरांव के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए । उन्होंने स्वर्गीय श्रीमती झिंगिया उरांव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री जुएल उरांव और उनके परिजनों से मिलकर शोक संवेदना प्रकट की।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेई जब वर्ष 1999 में प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने पहली बार आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन किया। इस मंत्रालय के पहले मंत्री श्री जुएल उरांव बने। उन्होंने श्री उरांव के साथ अपने घनिष्ठ संबंधों को याद करते हुए कहा कि श्री जुएल उरांव उनके बड़े भाई जैसे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय जब सांसद थे, तब श्री उरांव ने उनके संसदीय क्षेत्र में अनेक विकास कार्यों के लिए राशि दी। मुख्यमंत्री ने श्रीमती झिंगिया उरांव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति की सफलता के पीछे उनकी धर्मपत्नी का बड़ा योगदान होता है। बीते वर्षों में हमारे भाई जुएल उरांव जी ने जनहित में जो काम किए हैं, उनमें हमेशा भाभी जी सहभागी रहीं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के कृषि एवं आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, पूर्व मंत्री सुश्री लता उसेंडी भी मुख्यमंत्री के साथ थीं।
- -1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों व किशोरों को दी जाएगी कृमि की दवा-प्रदेश के 33 जिलों में कुल 107.97 लाख बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्यरायपुर। छत्तीसगढ़ में 29 अगस्त 2024 को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश के 1 वर्ष से 19 वर्ष के सभी बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को आंगनबाड़ी केन्द्रों, शासकीय विद्यालयों, स्वास्थ्य केन्द्रों, अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों और तकनीकी शिक्षा संस्थानों में कृमि की दवा का सेवन कराया जाएगा। बच्चों व किशोरों के अच्छे स्वास्थ्य, बेहतर पोषण,नियमित शिक्षा तक पहुंच और जीवन की गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी के लिए कृमिनाशक दवा देना आवश्यक है।शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के उप संचालक डॉ. व्ही.आर. भगत ने बताया कि प्रदेश में 1 से 19 वर्ष के 1 करोड़ 7 लाख 97 हजार बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि स्कूलों में शिक्षकों द्वारा एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कृमिनाशक दवा एल्बेन्डाजॉल 400 एमजी की दवा का सेवन कराया जाएगा। 04 सितम्बर 2024 को मॉप-अप दिवस का आयोजन किया जाएगा जिसमें दवा सेवन से छूटे हुए बच्चों व किशोरों को दवा सेवन कराया जाएगा। इससे उनके स्वास्थ्य एवं पोषण के स्तर, एनीमिया की रोकथाम, बौद्धिक विकास तथा शाला में उपस्थिति में सुधार आएगा। शिक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कृमिनाशक दवा एल्बेन्डाजॉल का सेवन कराकर कृमि नियंत्रण किया जाएगा जिसमें 01 वर्ष से 02 वर्ष के बच्चों को आधी गोली (पीसकर), 02 से 03 वर्ष के बच्चों को एक गोली (पीसकर), 03 से 05 वर्ष के बच्चों को एक गोली चबाकर, 06 से 19 वर्ष के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एक गोली चबाकर पानी के साथ खिलाई जाएगी।डॉ. भगत ने बताया कि कृमिनाशक दवा का सेवन बच्चों, किशोरों व किशोरियों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है। बच्चों के शरीर में कृमि के कारण कुछ सामान्य प्रतिकूल प्रभाव जैसे जी मिचलाना, उल्टी, दस्त, पेट में हल्का दर्द और थकान का अनुभव हो सकता है। इसके अतिरिक्त जिन बच्चों को तीव्र कृमि संक्रमण होता है, उन्हें आमतौर पर कुछ अस्थायी प्रभाव भी हो सकते हैं, जिनको आसानी से स्कूल और आंगनबाड़ी केन्द्रों में ही देखभाल करते हुए ठीक किया जा सकता है। बच्चों एवं किशोरों में ये लक्षण पाए जाने पर उन्हें पीने का साफ़ पानी दें और उन्हें अपनी निगरानी में रखें।कृमि की दवा वर्ष में दो बार देना आवश्यकराष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रो में बच्चों को एक-एक अल्बेंडाजोल की टेबलेट खिलाई जाएगी। ऐसे बच्चे और किशोर-किशोरी जो स्कूल नहीं जाते हैं उन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार पेट में कृमि होने के कई तरह की समस्या हो सकती है। ऐसे लक्षण के प्रति माता-पिता को जागरूक रहना चाहिए। कृमि के कारण बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लगता व खाने में रूचि घटती है। बच्चे अधिक भोजन करेंगे, लेकिन शरीर में नहीं लगेगा। अल्बेंडाजोल की गोली खिलाने से बच्चे एनीमिया का शिकार होने से बच सकते हैं। इससे मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है और बच्चे का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। मानसिक और शारीरिक विकास के लिए 01 से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाना जरूरी है।
- रायपुर / प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार और मरीजों की सुविधा के लिए बिना किसी वैध अनुमति से संचालित निजी अस्पताल तथा डायग्नोस्टिक सेंटरों पर कार्रवाई के निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने दिए हैं । इसी कड़ी में आज बलौदाबाजार जिले के कसडोल विकासखंड के 12 चिकित्सा संस्थानों में नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश कुमार अवस्थी के मार्गदर्शन में टीम ने दबिश देकर निरीक्षण किया साथ ही नोटिस देकर विधिवत अनुमति लेने की अंतिम चेतावनी दी गई है।सीएमएचओ ने बताया की जिले में इस प्रकार के बिना अनुमति के खोले गए संस्थानों के निरीक्षण हेतु टीम का गठन किया गया है। आज इस टीम द्वारा ही दबिश दी गई। परीक्षण के दौरान इन संस्थानों द्वारा बिना नर्सिंग होम एक्ट में पंजीयन संचालन करना पाया गया है। इसके लिए स्थान पर ही उन्हें नोटिस दिया गया। नोटिस में उल्लेख है की बिना अनुमति संस्था का संचालन करने पर प्रथम बार संचालक पर राज्य उपचर्या गृह तथा रोगोपचार सम्बंधी स्थापनाएँ अनुज्ञापन नियम 2010 के अध्याय एक के नियम 4 के अनुसार 20 हज़ार के जुर्माने का प्रावधान है। जबकि दूसरी बार ऐसा करते पाए जाने पर दोष सिद्ध होने पर 03 वर्ष का कारावास अथवा 50 हज़ार जुर्माना अथवा दोनों के भागी होंगे।जिन संस्थाओं की जांच की गई उसमें वर्मा पैथोलॉजी कटगी,गायत्री क्लीनिक कटगी, गुप्ता क्लीनिक कटगी , क्योर बे ई क्लीनिक कसडोल,रामगोपाल साहू लैब कसडोल,शर्मा मेटा पैथोलॉजी कसडोल,सिटी डेंटल केयर कसडोल,कबीर पैथोलोजी कसडोल,वासु पैथोलॉजी छांछी, ओम हेल्थ सेंटर छांछी,श्री रत्ना क्लीनिक कसडोल मानस पैथोलॉजी कसडोल शामिल है। सी एम एच ओ के अनुसार आगे भी जिले में यह जांच जारी रहेगी तथा बिना अनुमति संचालित संस्थाओं पर कार्रवाई की जाएगी।
- 23 अगस्त से 10 सितंबर तक होगा दूसरे चरण का आयोजनरायपुर। आदिम जाति विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम आदिम जाति विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम की पहल पर प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा एवं सचिव सह आयुक्त श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा के कुशल नेतृत्व में ‘‘प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान’’ (पीएम-जनमन) के दूसरे चरण अंतर्गत प्रदेश स्तर पर मिशन मोड पर पीवीटीजी परिवारों को केंद्र और राज्य सरकार के योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। वहीं पीवीटीजी बसाहटों का सुव्यवस्थित विकास भी किया जा रहा है। पीएम जनमन योजना का दूसरा चरण 23 अगस्त से प्रारंभ होकर 10 सितंबर तक आयोजित होगी।दूसरे चरण में प्रत्येक पीवीटीजी बसाहट के पास ही शिविर लगाकर हितग्राहियों का आधार कॉर्ड, राशन कॉर्ड, पीएम जनधन खाता, आयुष्मान भारत कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम मातृ वंदन योजना, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार पत्र, बिजली, पानी, पक्की सड़क एवं अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही सभी नोडल विभागों से प्राप्त लक्ष्य के विरूद्ध की गई प्रगति की ऑनलाइन एंट्री भी की जा रही है।दूसरे चरण अंतर्गत अब तक 30 हजार 393 पीवीटीजी हितग्राहियों ने करवाया पंजीयनदूसरे चरण के अंतर्गत अब तक प्रदेश स्तर पर 18 पीवीटीजी बसाहटों वाले जिलों में कुल 284 कैम्प लगाए गए हैं। इनमें अभी तक 30 हजार 393 पीवीटीजी हितग्राहियों ने अपना पंजीयन करवाया है। अब तक की प्रगति के संबंध में प्राप्त जानकारी अनुसार इसमें 1013 हितग्राहियों का आधार कार्ड, 1813 हितग्राहियों का आयुष्मान भारत कार्ड, 269 हितग्राहियों को पीएम किसान सम्मान निधि, 305 हितग्राहियों का किसान क्रेडिट कार्ड, 553 हितग्राहियों का पीएम जनधन योजना, 98 हितग्राहियों को पीएम मातृ वंदन योजना, 723 हितग्राहियों का राशन कार्ड, 414 हितग्राहियों का जाति प्रमाण-पत्र, 420 हितग्राहियों का वन अधिकार पत्र बनाकर लाभान्वित किया जा चुका है। इसके अलावा 821 पीवीटीजी बसाहटों में सुदर वॉल पेंटिंग भी गई है। दूसरे चरण में पीवीटीजी हितग्राहियों को आकर्षित करने हेतु 104 कैम्प वेन्यू पर सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं, योजना के प्रचार-प्रसार हेतु 710 होर्डिंग्स, पोस्टर, बैकड्रॉप कैम्प वैन्यू पर लगाए गए हैं इनमें योजना अंतर्गत दिए जाने वाले लाभ की संक्षिप्त जानकारी बहुत ही सारगर्भित ढंग से दी गई है।उल्लेखनीय है कि योजना अंतर्गत 9 केन्द्रीय मंत्रालयों के माध्यम से 11 महत्वपूर्ण गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जाना है। इन गतिविधियों में पक्के घर का प्रावधान, पक्की सड़क, नल से जल/समुदाय आधारित पेयजल, छात्रावासों का निर्माण, मोबाइल मेडिकल यूनिट, आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से पोषण, बहुउददेशीय केन्द्रों का निर्माण, घरों का विद्युतीकरण (ग्रिड तथा सोलर पावर के माध्यम से), वनधन केन्द्रों की स्थापना, इंटरनेट तथा मोबाइल सर्विस की उपलब्धता और आजीविका संवर्द्धन हेतु कौशल विकास शामिल हैं। कुल मिलाकर विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों एवं उनकी बसाहटों का संपूर्ण विकास करना ही इस योजना का मुख्य लक्ष्य है। इन सभी गतिविधियों का क्रियान्वयन मिशन मोड में तीन वर्ष की अवधि में पूर्ण कर सभी बसाहटों को आवश्यकतानुसार अधोसरंचनात्मक रूप से सुदृढ़ बनाना है।
- -स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अधिकारियों को शिविर लगाकर बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने किया निर्देशित-एडवायसरी में दिए गए दिशा-निर्देशों का गंभीरपूर्वक किया जाए पालन- श्री जायसवालरायपुर, / प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सभी जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों को मंकी पॉक्स (एम-पॉक्स) नामक बीमारी के बचाव व रोकथाम हेतु जारी एडवायजरी में दिए गए दिशा-निर्देशों का गंभीरपूर्वक पालन करने के निर्देश दिए हैं।गौरतलब है कि स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 20 अगस्त 2024 को मंकी पॉक्स (एमपॉक्स) नामक बीमारी के बचाव व रोकथाम हेतु एडवायजरी जारी की गई है। मंकी पॉक्स (एम पॉक्स) को विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा 14 अगस्त 2024 को पब्लिक हेल्थ एमरजेन्सी ऑफ इंटरनेशनल कान्स (पीएचईआईसी) को घोषित किया गया है। विभिन्न देशों में संक्रमण के प्रसार को दृष्टिगत रखते हुए भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा सर्वेलेंस, जांच एवमं उपचार हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं, जिसके अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में भी मंकी-पॉक्स प्रकरणों की सर्वेलेंस, त्वरित पहचान, जांच एवं उपचार हेतु दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं।मंकी-पॉक्स क्या हैमंकी-पॉक्स एक जीनेटिक बीमारी है जो मुख्य रुप से मध्य और पश्चिम अफ्रीका के क्षेत्रों में होता है, परन्तु वर्तमान परिदृश्य में कुछ अन्य देशों में प्रकरण प्राप्त हो रहे हैं तथा भारत के केरल राज्य में मार्च 2024 में प्रकरण प्राप्त हुए हैं।मंकी-पॉक्स से संक्रमित व्यक्ति में सामान्यतः बुखार, चकत्ते एवं लिम्फ नोड्स में सूजन पायी जाती है। मंकी-पॉक्स एक स्व-सीमित (सेल्फ-लिमिटेड) संक्रमण है, जिसके लक्षण सामान्यतः 2-4 सप्ताह में समाप्त हो जाते हैं। मंकी-पॉक्स संक्रमण के गंभीर प्रकरण सामान्यतः बच्चों में पाए जाते हैं। जटिलताओं एवं गंभीर प्रकरणों में मृत्यु दर 1 से 10 प्रतिशत है। मंकी-पॉक्स संक्रमण होने एवं लक्षण उत्पन्न होने का इनक्यूबेशन पीरियड सामान्यतः 6-13 दिन का होता है, परन्तु यह 5 से 25 दिवस तक हो सकता है। मंकी-पॉक्स का संक्रमण त्वचा में चकत्ते आने के 1-2 दिवस पूर्व से लेकर सभी चकत्तों से पपड़ी के गिरने/समाप्त होने तक मरीज के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों में फैल सकता है।मंकी-पॉक्स वायरस का संक्रमण पशु से मनुष्य में एवं मनुष्य से मनुष्य में फैल सकता है। मनुष्य से मनुष्य में संक्रमण मुख्य रूप से लार्ज रेस्पिरेटरी सिस्टम के माध्यम से लम्बे समय तक संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में रहने से होता है। वायरस का संक्रमण शरीर के तरल पदार्थ घाव के सीधे संपर्क में आने से अथवा अप्रत्यक्ष संपर्क जैसे दूषित कपड़ों, लिनेन इत्यादि के उपयोग से फैल सकता है। पशुओं से मनुष्यों में संक्रमण का प्रसार गांव के सीधे संपर्क में आने से हो सकता है।मंकी पॉक्स संभावित प्रकरणों के सर्वेलेंस हेतु दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। जिसके अनुसार मंकी पॉक्स के संभावित प्रकरणों का सर्विलांस कर त्वरित पहचान जांच एवं उपचार किए जाने हेतु प्रकरण को आइसोलेट कर संक्रमण का प्रसार रोका जाना, मरीज को उपचार दिया जाना, मरीज के संपर्क व्यक्तियों की पहचान किया जाना, स्वास्थ्य कार्यकर्ता को संक्रमण से बचाव हेतु आगाह किया जाना एवं संक्रमण के नियंत्रण और प्रसार को रोकने हेतु प्रभावी कदम उठाया जाना आवश्यक है।मंकी-पॉक्स सर्वेलेंस हेतु इस दिशा-निर्देश में दिए मानक-परिभाषाओं का उपयोग किया जाना, प्रत्येक संभावित प्रकरण की सूचना जिला सर्वेलेंस इकाई/राज्य सर्वेलेंस इकाई में अनिवार्य रूप से दिया जाना आवश्यक होगा। इसके एक भी पुष्टिकृत प्रकरण को माना जाए एवं जिला स्तरीय रैपिड रिस्पॉन्स टीम द्वारा तत्काल विस्तृत आउटब्रेक इनवेस्टिगेशन कर प्रतिवेदन राज्य कार्यालय को प्रेषित किया जाएगा। मंकी-पॉक्स के संभावित प्रकरणों की जांच हेतु निर्धारित प्रक्रिया अनुसार सैंपल संग्रहण कर जांच हेतु चिन्हांकित लेबोरेटरी में भेजा जाएगा। मंकी-पॉक्स के प्रत्येक पॉजिटिव मरीज के सभी संपर्क व्यक्ति की पहचान करने हेतु सभी जिलों में जिला सर्वेलेंस अधिकारी के अधीन कांटेक्ट ट्रेसिंग दल का गठन किया जाएगा। संपर्क व्यक्ति को मंकी-पॉक्स मरीज के संपर्क में आने के 21 दिवस तक बुखार या त्वचा में चकत्ते हेतु दैनिक मॉनिटरिंग किया जाएगा। संपर्क व्यक्तियों को 21 दिवस तक ब्लड, ऑर्गन, टिसू, सीमन इत्यादि डोनेशन करने से रोका जाए एवं ऐसे चिकित्सा कर्मी जो बिना प्रतिरक्षा उपकरण के मंकी-पॉक्स मरीज या उसके द्वारा उपयोग किये हुए वस्तुओं के संपर्क में आया हो उसे 21 दिन तक मॉनिटर किया जाए व लक्षण-रहित चिकित्सा कर्मी को चिकित्सा कार्य से ना रोका जाये, ऐसे निर्देश दिए गए हैं।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बीमारी को सज्ञान में लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जिले के सभी विकासखण्डों एवं विशेष रूप से ग्राम पंचायतों में शिविर लगाकर नागरिकों को एम-पॉक्स बीमारी, इसके संक्रमण व बचाव हेतु उपायों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी एडवायसरी में दिए गए सभी आवश्यक दिशा-निर्देशों का गंभीरतापूर्वक पालन सुनिश्चित करने कहा है।
- टी.बी. उन्मूलन परियोजना के राज्य स्तरीय प्रसार कार्यक्रम में शामिल हुए राज्यपालरायपुर। प्रधानमंत्री टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत देश में वर्ष 2025 तक टी.बी. रोग जड़ से समाप्त करने के लिए सबको एक साथ मिलकर काम करना है। टी.बी. उन्मूलन समुदाय के सहयोग के बिना संभव नहीं है। टी.बी. के प्रति सभी को जागरूक होना होगा। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज टी.बी. उन्मूलन के लिए चलाई जा रही एलाइस परियोजना के राज्य स्तरीय प्रसार कार्यक्रम में उक्त बाते कही।रीच संस्था के सहयोग से छत्तीसगढ़ सहित देश के चार राज्यों में यह परियोजना चलाई जा रही है। रीच छत्तीसगढ़ में राज्य टी.बी. कार्यक्रम केे साथ एक भागीदार के रूप में कार्य कर रहा है। रीच ने टी.बी. रोग से लड़ कर इससे मुक्त होने वाले टी.बी. चैम्पियंस का एक नेटवर्क बनाया है। एलाइस परियोजना के तहत 904 टी.बी. चैम्पियंस को प्रशिक्षित किया गया है जो सरकार के साथ मिलकर टी.बी. उन्मूलन और स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए काम कर रहे हैं। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि हम सभी को मिलकर इस परियोजना के उद्देश्य को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि केन्द्र व राज्य शासन इस बीमारी को देश में जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन इसके लिए जनजागरूकता भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के पहल पर चलाए जा रहे प्रधानमंत्री टी.बी. मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत निक्षय मित्र बनें और एक या एक से अधिक टी.बी. मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण आहार या अन्य सहायता प्रदान कर सकते हैं।इस अवसर पर राज्यपाल ने एलाइस परियोजना से संबंधित रिपोर्ट का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन रीच संस्था की श्रीमती सरला सिंघानिया ने किया। टी.बी. रोग से लड़कर चैम्पिंयन बनी दुर्ग की कुमारी चंद्रकला यादव ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि 10 वर्ष पूर्व उसे टी.बी. हुआ था लेकिन पूर्ण इलाज से वह ठीक हो गई है और दूसरे टी.बी. रोग से पीड़ित व्यक्तियों को भी वह प्रेरित करती है, साथ ही राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में भी सहयोग देती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ के संचालक डॉ. जगदीश सोनकर ने भी अपने विचार रखे।इस अवसर पर एलाइस परियोजना के मैनेजर, रीच संस्था के सदस्य तथा टी.बी. रोग से मुक्त होने वाले चैम्पिंयस उपस्थित थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से कल यहां उनके निवास कार्यालय में नुआखाई शोभायात्रा संचालन समिति रायपुर के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को नुआखाई पर्व शोभायात्रा के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का निमंत्रण दिया।मुख्यमंत्री को समिति के सदस्यों ने बताया कि आगामी 3 सितम्बर को शाम 5 बजे राजधानी रायपुर के ग्रास मेमोरियल खेल मैदान में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रतिनिधिमंडल को नुआखाई पर्व की अग्रिम बधाई देते हुए आमन्त्रण के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। इस अवसर पर नुआखाई शोभायात्रा संचालन समिति रायपुर से श्री प्रताप,श्री गोपाल सोना,श्री रघुचंद्र निहाल,श्री जितेन्द्र,श्री गणेश हरपाल, श्री वैष्णव,श्री भरत छुरा जी,श्री चंदु बघेल जी,श्री सुरज, श्री पंकज, श्री राजु,श्री रमन ताण्डी उपस्थित रहे ।
- रायपुर /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 892.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 28 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1862.9 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 497.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 909.1 मिमी, बलरामपुर में 1312.8 मिमी, जशपुर में 767.5 मिमी, कोरिया में 927.2 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 904.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 740.6 मिमी, बलौदाबाजार में 928.1 मिमी, गरियाबंद में 838.2 मिमी, महासमुंद में 680.8 मिमी, धमतरी में 778.3 मिमी, बिलासपुर में 840.0 मिमी, मुंगेली में 938.8 मिमी, रायगढ़ में 867.3 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 523.6 मिमी, जांजगीर-चांपा में 981.8 मिमी, सक्ती 843.3 मिमी, कोरबा में 1208.6 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 905.4 मिमी, दुर्ग में 533.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 699.6 मिमी, राजनांदगांव में 869.6 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 981.3 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 643.4 मिमी, बालोद में 908.3 मिमी, बेमेतरा में 496.2 मिमी, बस्तर में 925.7 मिमी, कोण्डागांव में 849.6 मिमी, कांकेर में 1064.9 मिमी, नारायणपुर में 1002.5 मिमी, दंतेवाड़ा में 1110.6 मिमी और सुकमा जिले में 1193.0 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हर सप्ताह गुरुवार को होने वाला जनदर्शन इस गुरूवार 29 अगस्त को अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है।

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