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- दुर्ग / जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र दुर्ग द्वारा जिले में नियोजक द्वारा उपलब्ध 70 रिक्त पदों को भरने के लिए 30 अगस्त 2024 को सुबह 10.30 बजे से जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग में प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा। प्लेसमेंट कैम्प में नियोजक टोटल कंट्रोल सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सिक्योरिटी गार्ड के 50 उपं सिक्योरिटी सुपरवाईजर के 20 पदों पर भर्ती की जाएगी। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग के उपसंचालक श्री आर.के. कुर्रे से मिली जानकारी के अनुसार इच्छुक आवेदक समस्त शैक्षणिक मूल प्रमाण एवं अंकसूची, पहचान पत्र (मतदाता परिचय पत्र, आधार कार्ड, पेन कार्ड, ड्रायविंग लाइसेंस, राशन कार्ड) रोजगार कार्यालय का पंजीयन पत्रक, छ.ग. निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र के साथ उपस्थित हो सकते है। पदों, योग्यता, आयु एवं अनुभव से संबंधित जानकारी आवेदक प्लेसमेंट केम्प स्थल पर प्राप्त कर सकते हैं।
- कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल कार्रवाईतहसीलदार, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने दी दबिशबिलासपुर/कलेक्टर श्री अवनीश शरण द्वारा टीएल में दिए गए निर्देशों पर एसडीएम, तहसीलदार ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। कल टीएल की बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए थे कि शैक्षणिक संस्थानों और अस्पताल के 100 मीटर के आसपास के पान ठेलो को हटाया जाए। इसी कड़ी में बिलासपुर तहसीलदार श्री अतुल वैष्णव ने राजस्व, नगर निगम, पुलिस के संयुक्त दल के साथ शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय कोनी के परिसर से लगे हुए कुल 8 दुकानों में तंबाखू संबंधित पदार्थों की जब्ती की और सभी दुकानदारों को समझाइश देते हुए दुकानों को सील किए जाने की कार्यवाही की गई । आगे भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी। कलेक्टर इसकी समीक्षा टीएल की बैठक में करेंगे।
- कलेक्टर ने जिला/विकासखण्ड, ग्राम स्तर एवं प्रत्येक केन्द्र स्तर पर पोषण माह का आयोजन कराने संबंधित अधिकारियों को दिए निर्देशदुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार जिले में सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 अंतर्गत 01 सितम्बर 2024 से 30 सितम्बर 2024 तक पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है। इसी संबंध में आज कलेक्टर सुश्री चौधरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागृह में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से अभियान के क्रियान्वयन की विस्तारपूर्वक जानकारी ली। महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी श्री अजय शर्मा ने अवगत कराया कि इस योजना का संचालन 01 अगस्त 2022 से किया जा रहा है। पूर्व वर्षों में आयोजित पोषण माह/पोषण पखवाड़ों में विभिन्न सहयोगी विभागों एवं डेव्हलेपमेंट संस्थाओं का सकिय एवं परिणाममूलक सहयोग प्राप्त होता रहा है। जनसमुदाय तक स्वास्थ्य पोषण एवं स्वच्छता संबंधित व्यापक एवं प्रभावी व्यवहार परिवर्तन हेतु जनआंदोलन के रूप में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने पोषण माह के प्रभावी सुचारू एवं परिणाममूलक आयोजन तथा गतिविधियों के आयोजन में जनप्रतिनिधियों, पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, स्थानीय निकाय के प्रतिनिधि, सहयोगी विभागों, स्वयं सेवी संस्थाओं, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों की सकिय भागीदारी, महिला स्व-सहायता समूहों, महिला मण्डली, नेहरू युवा केन्द्रों, नेशनल कैडिट कोर, राष्ट्रीय सेवा योजना आदि की सकिय भागीदारी सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सहयोगी विभागों के मैदानी अमले के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए जिला/विकासखण्ड, ग्राम स्तर एवं प्रत्येक केन्द्र स्तर पर पोषण माह का आयोजन किया जाना सुनिश्चित करने कहा।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने कहा कि पोषण माह 2024 का मुख्य उद्देश्य पोषण पंचायतों को सक्रिय करना है, इस हेतु ग्राम स्तर पर सरपंच एवं ग्राम पंचायतों को गतिविधियों का आधार बनाते हुए जनआंदोलन को जनभागीदारी के रूप में परिवर्तित करना है। बैठक के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय पोषण माह 2024 में मुख्य रूप से एनीमिया, वृद्धि निगरानी, पूरक आहार, पोषण भी पढ़ाई भी, बेहतर प्रशासन, पारदर्शिता और कुशल सेवा वितरण के लिए प्रौद्योगिकी, समग्र पोषण इत्यादि थीम्स पर गतिविधियाँ आयोजित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा पोषण माह 2024 अंतर्गत पंचायतीराज संस्थाओं, नगरीय निकायों, सहयोगी विभागों स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला स्व-सहायता समूहों, महिला मण्डलों, युवा समूहों, नेहरू युवा केन्द्रों, राष्ट्रीय सेवा योजना, नेशनल कैडेट कोर आदि के साथ समन्वय कर जिला स्तर पर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कार्ययोजना तैयार कर पोषण माह सितम्बर 2024 का प्रभावी आयोजन किया जाए। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित करते हुए कहा कि पोषण माह के दौरान की जाने वाली समस्त गतिविधियों को जनआंदोलन के डैशबोर्ड पोर्टल पर अनिवार्यतः उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उन्होेंने सभी सहयोगी विभागों को भी उनके स्तर से की जा रही गतिविधियों की प्रगति की डाटा एंट्री जनआंदोलन डैशबोर्ड पर नियमित रूप से किया जाना सुनिश्चित करने कहा।बैठक में नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, सहायक कलेक्टर श्री एम. भार्गव, जिला पंचायत के सीईओ श्री अश्वनी देवांगन, एसडीएम दुर्ग श्री हरवंश सिंह मिरी, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री लोकेश चन्द्राकर, संयुक्त कलेक्टर श्री मुकेश रावटे, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण सहित समस्त संबंधित विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर 29 अगस्त 2024 को प्रातः 7.30 बजे समृद्धि बाजार शीतला मंदिर के सामने हॉकी मैदान दुर्ग पर खेल दिवस का आयोजन किया जाएगा। खिलाड़ियों द्वारा क्रीडा कौशल का प्रदर्शन भी किया जाएगा। जिले के टीमों के मध्य हॉकी, फुटबॉल, मैच का आयोजन किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम सुबह 8 बजे प्रभात फेरी निकाला जाएगा। सुबह 9 बजे मेजर ध्यानचंद की जीवनी पर प्रकाश डाला जाएगा। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक खेलों का शो मैच और शाम 4.30 बजे खेल दिवस का समापन किया जाएगा।
- दुर्ग/ जिला पंचायत दुर्ग की सामान्य सभा की बैठक 30 अगस्त 2024 को दोपहर 1 बजे जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित की गई है। बैठक में कृषि विभाग, शिक्षा विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, खनिज विभाग के प्रमुखों को उपस्थित होने कहा गया है।
- दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभागार में गर्भधारण एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम 1994 एवं नियम 1996 पीसीपीएनडीटी की जिला सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में डॉ. मनोज दानी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग, डॉ.आर.के. खण्डेलवाल नोडल अधिकारी दुर्ग, डॉ. दिव्या श्रीवास्तव शिशु रोग विशेषज्ञ, डॉ. संध्या नगरिया प्रसूति विशेषज्ञ, श्री चंचल सेठिया समाज सेवी उपस्थित थे। कलेक्टर ने शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में उपलब्ध सोनोग्राफी मशीन की उपलब्धता की जानकारी ली और जिलेवासियों को सोनोग्राफी की सुविधा मुहैया कराने हेतु सोनोग्राफी डॉक्टर उपलब्ध कराने निर्देश दिये एवं सभी सोनोग्राफी सेंटरों में पीसीपीएनडीटी एक्ट का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करने कहा।
- बालोद। जिले में बालोद तहसील के अंतर्गत ग्राम सिवनी में न्यायिक अधिकारी-कर्मचारी हेतु शासकीय आवासगृह निर्माण हेतु भूमि चिन्हांकित की गई है। इस संबंध में किसी व्यक्ति अथवा संस्था के द्वारा दावा आपत्ति 30 अगस्त तक आमंत्रित की गई है। अतिरिक्त तहसीलदार बालोद ने बताया कि ग्राम सिवनी में न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी हेतु शासकीय आवासगृह निर्माण हेतु कार्यालय कलेक्टर से पत्र प्राप्त होने पर तहसील क्षेत्र में भूमि की तलाश की गई। जिसके अंतर्गत ग्राम सिवनी प.ह.न. 21 में खसरा नंबर 421/1 में से 1.60 हे. भूमि का चिन्हांकन करते हुए हल्का पटवारी से प्रस्ताव/नकल प्राप्त होने उपरांत आबंटन हेतु नियमानुसार कार्यवाही प्रारंभ की गई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में यदि किसी व्यक्ति अथवा संस्था को कोई दावा-आपत्ति हो तो आगामी सुनवाई तिथि 30 अगस्त तक अधोहस्ताक्षरकर्ता के न्यायालय में उपस्थित होकर अपना दावा-आपत्ति पेश कर सकते है। नियत तिथि के पश्चात प्राप्त दावा-आपत्ति पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों में प्रोबेशन पीरियड पर काम कर रहे डीएसपी स्तर के 24 अधिकारियों का मंगलवार को तबादला किया गया है। इन सभी को बीजापुर, कांकेर, बस्तर, सुकमा, नारायणपुर जैसे इलाकों में भेजा गया है।

-- - -रामविचार नेताम नई दिल्ली में आयोजित ' एग्री पंचायत ' कार्यक्रम में हुए शामिलरायपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम मंगलवार को नई दिल्ली में जागरण समूह द्वारा आयोजित ' एग्री पंचायत ' कार्यक्रम में शामिल हुए। जहां उन्होंने खेती से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए तकनीक आधारित कृषि पर जोर दिया। इसके अलावा उन्होंने छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था को देश के अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाए जाने की सलाह दी।कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तराखंड के कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी भी उपस्थित रहे।श्री नेताम ने कहा खेती-किसानी ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। कृषि के क्षेत्र में सम्पन्नता से ही छत्तीसगढ़ विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने में अपना योगदान दे सकेगा।श्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में कृषि के विकास तथा किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की किसान हितैषी सोच के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा किसानों की बेहतरी के लिए अनेक योजनायें संचालित की जा रही हैं और आगामी समय में सरकार द्वारा किसानों के हित में और कई नवीन योजनायें शुरू की जाएँगी। कृषि मंत्री ने खेती से अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए नवीन अनुसंधानों एवं नवाचारों को अपनाने पर जोर दिया।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश के लाखों किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदने की गारंटी को पूरा किया गया है। इसके लिए 32 हजार करोड़ रुपए के समर्थन मूल्य की राशि का भुगतान किसानों के खाते में किया गया, वहीं 24 लाख 75 हजार किसानों को कृषक उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि 13 हजार 320 करोड़ रुपए ट्रांसफर किया गया है। वहीं, छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन में रिकॉर्ड 145 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। इसके अलावा किसानों को दो साल के धान के बकाया बोनस राशि 3 हजार 716 करोड़ रुपए देने जैसे साहसिक निर्णय लिए गए हैं।श्री नेताम ने बताया केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में मिलेट उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है। तकनीक का उपयोग पैदावार बढ़ाने पर किया जा रहा है। वैल्यू एडिशन के माध्यम से किसान आर्थिक रूप से समृद्ध हो रहे हैं।उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व खाद्यान्न वितरण की बेहतर व्यवस्था है। देश के अन्य राज्यों द्वारा भी अपने यहां इसे अपनाया जा सकता है। कार्यक्रम में कृषि के क्षेत्र में विशेष उपलब्धि के लिए किसानों को सम्मानित भी किया गया। पर्ल फार्मिंग के लिए अशोक मानवानी, डेट्स फार्मिंग के लिए सदुला राम चौधरी, खेती में नवाचार के लिए नरेंद्र सिंह मेहरा व रायपुर छत्तीसगढ़ के वैभव चावड़ा को ड्रैगन फ्रूट फार्मिंग के लिए श्री नेताम के हाथों अवार्ड्स दिए गए।
- -कृष्ण लीला हमें सिखाती है जीवन जीने की कला-मुख्यमंत्री ने दही हांडी फोड़ कर गोविंदा टोलियों का किया उत्साहवर्धन-मुख्यमंत्री विशाल दही हांडी उत्सव में हुए शामिलरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मंगलवार को राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में आयोजित विशाल दही हांडी उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दही हांडी उत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने अपनी लीला से हमें जीवन जीने की कला सिखाई है। महाभारत में श्री कृष्ण ने अन्याय के विरुद्ध लड़ने का संदेश दिया। अन्याय के खिलाफ लड़ना ही सबसे बड़ा धर्म है। भगवान श्री कृष्ण ने हमें कर्म की प्रधानता की शिक्षा दी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री कृष्ण प्रकृति प्रेमी थे। जब हम भगवान कृष्ण को याद करते हैं तो हमें यमुना नदी का किनारा याद आता है, बांसुरी की तान याद आती है और गौ माता का झुंड याद आता है। सनातन धर्म में प्रकृति की पूजा की जाती है। पीपल, बरगद आदि वृक्षों को पूजनीय माना गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी एक पेड़ मां के नाम लगाने का आह्वान किया है। मैं सभी से अनुरोध करता हूँ कि वे अपनी माँ के नाम से एक पेड़ जरूर लगाएं। भगवान कृष्ण के प्रति भी हमारी सच्ची श्रद्धा तभी प्रकट होगी, जब हम एक पेड़ मां के नाम लगाकर प्रकृति के प्रति अपना दायित्व पूरा करेंगे। विशाल दही हांडी कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आयी गोविंदा टोलियों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने दही हांडी फोड़ कर गोविंदा टोलियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक श्री किरण सिंहदेव, श्री ईश्वर साहू, गुरु खुशवंत साहेब, श्री मोतीलाल साहू तथा स्वामी श्री राजीव लोचन जी महाराज, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, श्री बसन्त अग्रवाल और आयोजन समिति के सदस्यगण सहित विशाल जनसमूह उपस्थित था।
- -पोटा केबिन के 69 बालिकाओं को किया साइकिल वितरणरायपुर / प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप और बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री महेश कश्यप के द्वारा मंगलवार को जिले के ग्रामों में देवगुड़ी बनाए जाने हेतु भूमिपूजन किया गया। देवगांव पोटा केबिन में आयोजित कार्यक्रम में 69 बालिकाओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल वितरित किए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि पढ़ाई का समय जीवन में एक बार मिलता है, जिसका सही उपयोग कर अपने जीवन को सुखमय बनाने के लिए अच्छे से पढ़ाई करें और जीवन में परिवर्तन लाएं। जिले के अंदरूनी क्षेत्र से आकर पोटा केबिन जैसे संस्था में रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं बच्चे अपने माता-पिता के लिए एक चिराग के समान हैं। उन्होंने छात्र- छात्राओं से कहा कि अच्छे से पढ़ लिख कर अपने माता-पिता के साथ-साथ पूरे जिले और प्रदेश का नाम रोशन करें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि गुरुजनों के बताए हुए रास्ते पर चलकर अपने जीवन को साकार बनाएं और मेहनत कर कामयाबी हासिल करें।मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि कठिन परिश्रम करने से जीवन में बदलाव निश्चित ही प्राप्त होती है। पढ़ाई के साथ-साथ कौशल विकास के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने की आवश्यकता है, जिससे हमारे देश को आगे बढ़ाने में सहयोग मिलेगा।बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री महेश कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों ने संस्कृति और परंपरा को बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत की हैं उन्हें बचाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। बालिकाओं ने बस्तर के संस्कृति के ऊपर प्रस्तुत कार्यक्रम को देखकर सांसद ने कहा कि मैं अपने पूर्वजों को धन्यवाद ज्ञापित करता हूं जिन्होंने हमारी संस्कृति और परंपरा को संरक्षित रखे। उन्होंने अपने सांसद बनने के बाद पहली बार संसद भवन पहुंच कर बस्तर के विकास के लिए प्रश्न उठाए हैं। उन्होंने बताया कि रेल मार्ग अंतागढ़ से लेकर जगदलपुर तक 126 किलोमीटर बढ़ाने और रायपुर धमतरी से होते हुए केशकाल से जगदलपुर तक और जगदलपुर से दंतेवाड़ा होते हुए बीजापुर से महाराष्ट्र तक रेल मार्ग बनाया जाएगा। सांसद ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया। इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक रूपसाय सलाम, कलेक्टर बिपिन मांझी, डीएफओ सच्चिदानंद के. सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे।
- -राज्य सरकार जवानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है: श्री केदार कश्यपरायपुर, /प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, सहकारिता एवं कौशल विकास तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने नारायणपुर जिला के दो दिवसीय प्रवास के दौरान मंगलवार को नारायणपुर पुलिस थाना में डीआरजी के जवानों को 150 बाइक वितरण कर नक्सल ऑपरेशन में सफलता प्राप्त करने के लिए जवानों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने जवानों का हाल-चाल पूछा और नक्सल ऑपरेशन में सफलता प्राप्त करने के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक रूप साय सलाम, कलेक्टर श्री बिपिन मांझी, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, डीएफओ सच्चिदानंद के. सहित अधिकारीगण मौजूद थे।मंत्री श्री कश्यप ने जवानों की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि ये मोटरसाइकिलें उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि करेंगी और सुरक्षा अभियानों में सहायता प्रदान करेंगी।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हमेशा जवानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रही है, और यह वितरण उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- रायपुर / संचालनालय कोष, लेखा एवं पेंशन द्वारा आगामी लेखा प्रशिक्षण सत्र के लिये 01 सितंबर से 30 सितंबर 2024 के मध्य की अवधि में आवेदन पत्र स्वीकार किये जायेंगें। इस तिथि के पूर्व एवं पश्चात प्राप्त आवेदन-पत्रों पर विचार नही किया जाएगा। निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र के साथ नोटराइज्ड शपथ-पत्र संलग्न होना अनिवार्य है। प्राचार्य शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला से मिली जानकारी के अनुसार लेखा प्रशिक्षण सत्र नवंबर 2024 से फरवरी 2025 के लिए 3 वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर चुके लिपिक वर्गीय कर्मचारी अपने कार्यालय प्रमुख के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र में के आवेदन पत्र भेज सकते है। यह आवेदन शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला, नगर घड़ी चौक रायपुर को 30 सितंबर 2024 तक कार्यालयीन समय में प्राप्त हो जाना चाहिए।लिपिक वर्गीय कर्मचारी से आशय ऐसे कर्मचारी से है जिनकी पदस्थापना लिपिकीय संवर्ग के पद पर हुई है न कि किसी तकनीकी संवर्गीय पद पर इसी प्रकार केवल सचिवालय, वन विभाग के ऐसे स्टेनो जो केम्प कलर्क के रूप में कार्य करते हो तथा संचालनालय कोष, लेखा एवं पेंशन के स्टेनोग्राफर को छोड़कर अन्य विभागों के स्टेनोग्राफर्स प्रवेश के पात्र नही है। मानक आवेदन पत्र पर ही आवेदन स्वीकार किये जायेंगें। आवेदन जिस सत्र के प्रशिक्षण हेतु किया गया है, उस सत्र के लिये ही मान्य होगा। पूर्व प्रचलित आवदेन पत्र स्वीकार नही किये जायेगें। आवेदन पत्र के साथ अन्य आवश्यक सुसंगत दस्तावेज संलग्न होना चाहिए।
- नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने मंगलवार को नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों मंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों में कृषि विकास से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। श्री नेताम और श्री जोशी ने आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी नीतियों के प्रभाव पर भी चर्चा की, जिसमें किसानों की समस्याओं के समाधान और उनके जीवन स्तर में सुधार के उपायों पर जोर दिया गया। इस भेंट के दौरान, दोनों मंत्रियों ने कृषि क्षेत्र में आपसी सहयोग और अनुभवों के आदान-प्रदान की संभावनाओं पर भी चर्चा की, जिससे दोनों राज्यों को लाभ मिल सके।
- -नई दिल्ली के द्वारका में स्थित छत्तीसगढ़ निवास का अवलोकन, सुविधाओं में सुधार के दिए निर्देशनई दिल्ली । छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने मंगलवार को नई दिल्ली के द्वारका में स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने हॉस्टल में रह रहे छात्रों से मुलाकात की और उनकी शैक्षिक प्रगति और जीवनशैली के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस हॉस्टल में अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC), और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्र रह कर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ लोकनिर्माण विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह भी इस दौरे में उनके साथ उपस्थित थे।हॉस्टल में छात्रों से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री ने उनकी समस्याओं और चुनौतियों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने कहा, "आप सभी हमारे राज्य का भविष्य हैं, और सरकार आपकी शिक्षा और विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।" उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहें और राज्य के विकास में योगदान दें। छात्रों ने अपनी पढ़ाई और हॉस्टल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में बताया, और कुछ बुनियादी आवश्यकताओं की ओर भी ध्यान दिलाया। उपमुख्यमंत्री श्री साव ने उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए तुरंत कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।इस संवाद के दौरान उपमुख्यमंत्री ने छात्रों को बताया कि सरकार उनके लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी, अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के छात्रों की शिक्षा और उनके भविष्य के प्रति गंभीर है और इस दिशा में लगातार कदम उठा रही है।ट्राइबल यूथ हॉस्टल के निरीक्षण के बाद,l उपमुख्यमंत्री श्री साव ने द्वारका में स्थित छत्तीसगढ़ निवास का भी दौरा किया। उन्होंने वहाँ की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि छत्तीसगढ़ से दिल्ली आने वाले नागरिकों और अधिकारियों के लिए उचित सुविधाएँ उपलब्ध हो। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ निवास के कर्मचारियों से मुलाकात की और उन्हें निर्देश दिया कि वे राज्य के लोगों की सेवा में सदैव तत्पर रहें।उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव के इस दौरे का उद्देश्य राज्य के छात्रों और नागरिकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर बनाना और उनकी समस्याओं का समाधान करना था।
- -बिश्रामपुर एवं सूरजपुर में आयोजित हुआ कार्यक्रमरायपुर /महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े बिश्रामपुर और सूरजपुर में कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित मटकी फोड़ कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि इस उल्लासमयी अवसर पर क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर धार्मिक उत्सव की खुशियों को साझा करने का अनुभव अद्वितीय है। हम आशा करते हैं कि आने वाले वर्षों में भी ऐसे ही धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की सफलता का सिलसिला जारी रहेगा।इस अवसर पर मंत्री राजवाड़े ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत लोगों का सम्मान भी किया। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि भगवान श्री कृष्णा को हर व्यक्ति पूजता है और वह हर भक्त का मनोकामना पूर्ण करते हैं। भगवान श्री कृष्णा सदैव ही सत्य की राह पर चलना सीखते हैं उन्होंने सत्य के राह पर चलते हुए ही महाभारत में जीत दिलाई थी। आप सभी ऐसे ही धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करते रहें ताकि आपके जिले में धर्म और संस्कृति को बढ़ावा मिले और छोटे बच्चे आगे चलकर सही दिशा में बड़े मुकाम पर पहुंचे।कार्यक्रम की शुरूआत भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा-अर्चना से हुई। मटकी फोड़ कार्यक्रम की गतिविधियाँ शुरू की गईं, जिसमें विभिन्न लोग उत्साहपूर्वक भाग लेते नजर आए। इस आयोजन ने सभी को एकजुट होने और धार्मिक मान्यताओं के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करने का एक शानदार मौका प्रदान किया। सभी की सक्रिय भागीदारी और उत्साहपूर्ण उत्सव ने इस आयोजन को विशेष बना दिया।कार्यक्रम के दौरान लोगों ने उत्साहपूर्वक मटकी फोड़ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, जिसमें छोटे और बड़े सभी ने अपनी ऊर्जा और कौशल का प्रदर्शन किया। इस आयोजन के माध्यम से सभी ने आनंद का अनुभव किया और पर्व की शुभकामनाओं को एक-दूसरे के साथ साझा किया।
- -महतारी वंदन योजना से आर्थिक रूप से सशक्त होने में भी मिल रही है मददरायपुर / बलौदाबाजार जिले के सुदूर अंचल में स्थित ग्राम बल्दाकछार में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति कमार महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना बड़ी खुशी लेकर आई है। महतारी वंदन योजना ने यहाँ के बांस शिल्प कला में नई जान डाल दी है। महतारी वंदन योजना से मिले पैसों से यहां की महिलाओं को बांस शिल्प कला को नई पहचान दिलाने का मौका मिल रहा है और उन्हें स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त होने में भी मदद मिल रही है।बल्दाकछार के कमारपारा में निवासरत श्रीमती चांदनी बाई कमार ने बताया कि वह परंपरागत रूप से बांस शिल्प की कला कृति बनाकर एवं कृषि के समय कृषक मजदूरी का कार्य करके जीवकोपार्जन करती है। पहले वह आर्थिक तंगी के कारण बांस शिल्प बनाने के लिए बांस नहीं खरीद पाती थी पर अब उन्हें महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह 1 हजार रूपये मिलते है, जिसका उपयोग वह बांस खरीदने में करती है। वह झेंझरी, सुपा, पर्रा, टुकनी सहित अन्य सजावटी वस्तुएं अधिक संख्या में बना पाती है, जिसे बेचकर उन्हें अच्छी खासी आमदनी मिल रही है। श्रीमती चांदनी ने महतारी वंदन योजना के लिए राज्य सरकार को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इसकी राशि बढ़ाने के लिए आग्रह की है। उसी गांव कि श्रीमती ममता कमार भी महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग बांस शिल्प एवं अपनी बच्ची 1 वर्षीय लवली कमार के शिक्षा के लिए बचत कर रही है। महतारी वंदन योजना से हर माह मिलने वाली राशि उनके लिए बहुत बड़ा सहारा है। छत्तीसगढ़ की परंपरा रही है कि यहां बेटियों को अगाध स्नेह और सम्मान दिया जाता है। बेटियों का हर घर में विशेष स्थान होता है। तीज- त्यौहारों में बेटियों और बहनों को स्नेह से भेंट और राशि दी जाती है। इसी के तहत संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने माताओं-बहनों को त्यौहार पर यह उपहार भेंट की है।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा महत्वपूर्ण लोकेशन का भूखण्ड नीलामी के माध्यम से आबंटित किये जायेगे। पूर्व साडा वर्तमान नगर निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत विभिन्न लोकेशन पर प्लाट आबंटन के लिए उपलब्ध है। जिसे शासन से प्राप्त मार्गदर्शन अनुसार भूखण्डो की नीलामी करके अधिकतम बोली दाता को प्लाट आबंटित किये जायेगंे।
नगर निगम भिलाई के वेबसाईड पर नगर तथा ग्राम निवेश दुर्ग से अनुमोदित चिन्हित मानचित्र के अनुसार 50 भूखण्ड नीलामी हेतु उपलब्ध है। प्रमुख रूप से नगर निगम भिलाई के जोन-01 नेहरू नगर में मोतीलाल नेहरू नगर पूर्व के 10 भूखण्ड, दक्षिण गंगोत्री व्यावसायिक योजना के 10 भूखण्ड, प्रियदर्शिनी परिसर पश्चिम व्यावसायिक योजना के 4 भूखण्ड है। इसी तारतम्य में जोन-02 वैशाली नगर के जवाहर नगर आवासीय योजना के 6 भूखण्ड एवं जोन-03 मदर टेरेसा नगर आवासीय योजना के 7 भूखण्ड तथा जोन-04 शिवाजी नगर आवासीय योजना के 13 भूखण्ड उपलब्ध है। इस प्रकार कुल 50 भूखण्डो के संबंध में जानकारी नगर निगम के वेबसाईट htpps://eproc.cgstate.gov.in पर अपलोड कर दिया गया है।
भूखण्ड खरीदने वाले इच्छुक व्यक्ति संबंधित पोर्टल पर अपने पसंद का प्लाट चयन कर सकते है। भूखण्ड के संबंध में अधिक जानकारी की किस प्लाट के लिए, कितनी अमानत राशि जमा करके नीलामी में सहभागी बना जा सकता है, उसका उल्लेख है। भूखण्ड के वास्तविक लोकेशन के बारे में जानकारी जोन के राजस्व अधिकारी से प्राप्त की जा सकती है।
गौरतलब है, कि सभी भूखण्ड पूर्णतः रिक्त है, जारी किये गये नक्शे के अनुरूप है। आबंटन की प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित बाजार मूल्य का 10 प्रतिशत अमानत के रूप में जमा करना अनिवार्य है। उसके बाद नीलामी में भागीदार बना जा सकता है। अधिकतम बोली दाता को भूखण्ड आबंटित किया जायेगा। निर्धारित तिथि के अंदर प्रक्रिया में शामिल होना अनिवार्य है। आबंटन कि प्रक्रिया पश्चात नियमानुसार आबंटिती को भूस्वामीत्व प्रदान किया जायेगा। - -बस्तर के शिल्पियों द्वारा बुने गए पीले खादी सिल्क से निर्मित किया गया है विशेष परिधान-छत्तीसगढ़वासियों के प्रेम, आस्था और समर्पण का प्रतीक है यह परिधानरायपुर / प्रभु श्री रामलला अयोध्या मे प्राण प्रतिष्ठा के बाद अपनी सम्पूर्ण दिव्यता और आभा से सुशोभित हैं। प्राणप्रतिष्ठा के पश्चात पहली जन्माष्टमी में बस्तर के श्रमसाधकों द्वारा विशेष रूप से तैयार किए गए पीले खादी सिल्क से निर्मित शुभवस्त्र से सुशोभित प्रभु श्री रामलला की अलौकिक छटा दर्शनीय है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पुनीत अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ स्थल में श्रीरामलला को छत्तीसगढ़ में निर्मित पीली खादी सिल्क से निर्मित वस्त्र धारण कराना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। यह वस्त्र बस्तर के शिल्पियों द्वारा निर्मित है। दंडकारण्य जहां मर्यादा पुरुषोत्तम ने अपने वनवास का अधिकांश समय व्यतीत किया, वहां से भेजा वस्त्र धारण करने का समाचार वास्तव में भावुक करने वाला है। भांचा श्रीराम की कृपा उनके ननिहाल पर बरसती रहे यही कामना है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जहां के लोगों ने भगवान श्रीराम और माता कौशल्या का सदैव प्रेम और आशीर्वाद पाया है, यहां की माटी में आज भी वही दिव्यता है जो भगवान राम के चरणों से पवित्र हुई है। छत्तीसगढ़ जिसे प्रभु श्री राम के ननिहाल होने का गौरव है यहां पग-पग में प्रभु श्री राम की यादें दिखाई पड़ती है। बस्तर अंचल जिसे दंडकारण्य भी कहा जाता है, जहां प्रभु राम ने वनवास काल का अधिकांश समय व्यतीत किया है, वहां के शिल्पियों द्वारा कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर उनके ननिहाल से भेजा गया विशेष परिधान धारण करना छत्तीसगढ़ के जन-जन के लिए गर्व का क्षण है। मामागांव के परंपरागत वस्त्रों में भांचा राम के सुशोभित होने से सभी छत्तीसगढ़वासियों का हृदय गर्व और असीम आनंद से परिपूर्ण है। यह अद्वितीय वस्त्र हमारी परम्पराओं और संस्कारों का प्रतीक है जो भगवान श्री राम और माता कौशल्या को छत्तीसगढ़ की भूमि से जोड़ता है। यह वस्त्र केवल एक परिधान नही, बल्कि हमारी संस्कृति, हमारी परंपरा, हमारी अडिग आस्था और भांचा राम के प्रति हमारे प्रेम एवम श्रद्धा का प्रतीक है।भांचा राम के यह वस्त्र केवल धागे से नहीं बल्कि उनके ननिहाल के भक्तों द्वारा श्रद्धा और स्नेह से बुने गए हैं। बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और छत्तीसगढ़ की अनुपम कला को दर्शाते ये वस्त्र छत्तीसगढ़ वासियों की आस्था और समर्पण का प्रतीक भी है। असली स्वर्ण-चूर्ण से हस्तछपाई की गई यह खादी सिल्क, उन अनगिनत घंटों की मेहनत की साक्षी है, जो बस्तर के शिल्पकारों ने भगवान राम के प्रति अपनी अनन्य भक्ति में समर्पित करते हुए बिताए हैं।‘भांचा राम‘ के रूप में श्रीराम का प्रेम और आशीर्वाद यहाँ के लोगों के हृदय में सदैव प्रवाहित होता रहा है। छत्तीसगढ़ की पावन माटी आज भी उस स्नेह और श्रद्धा को संजोए हुए है, जिससे माता कौशल्या ने अपने पुत्र को संस्कारित किया। यह वही धरती है जहां श्रीराम ने अपने वनवास के समय अपार प्रेम और सम्मान पाया, यहाँ का एक एक कण आज भी भांचा राम और माता कौशल्या की अनुपम गाथा को संजोए हुए है।उल्लेखनीय है कि श्री कृष्ण जन्मोत्सव का पर्व अयोध्या में अत्यंत भव्य तरीके से मनाया गया। प्रभु श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात यह पहली जन्माष्टमी है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और उमंग देखा गया। जन्मोत्सव के लिए मंदिर की रंग-बिरंगे फूलों से आकर्षक सजावट के साथ ही भोग के लिए पंजीरी, पंचामृत और अनेकों व्यंजन तैयार किये गये। इस पावन अवसर पर कीर्तन, भजन का आयोजन भी किया गया।
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बिना अनुमति के गायब रहने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई के निर्देश
टीएल बैठक में लंबित मामलों की समीक्षा
बिलासपुर/कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने कहा है कि स्कूल और अस्पताल की बाउंड्री से 100 मीटर के आस पास पान ठेले नहीं होने चाहिए। उन्होंने सभी एसडीएम को सख्त निर्देश दिए कि इसका निरीक्षण कर तत्काल कार्रवाई करें। उन्होंने सुरक्षा के मद्देनजर सभी निजी और सरकारी अस्पतालों में जगह -जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगाने कहा है। कलेक्टर ने इस आशय के आदेश आज इस टीएल की बैठक में दिए। उन्होंने अस्पताल और स्कूल से बिना अनुमति के अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्रवाई करने कहा। कलेक्टर ने आज टीएल बैठक में लंबित मामले और राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं में प्रगति की समीक्षा की। बैठक में नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, डीएफओ श्री सत्यदेव शर्मा, सीईओ जिला पंचायत श्री आरपी चौहान, एडीएम श्री आर.ए. कुरूवंशी सहित सभी विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
जिला कार्यालय के मंथन सभा कक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि विगत दिनों एसडीएम और तहसीलदारों द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों और स्कूलों का निरीक्षण किया गया। बिना अनुमति के गायब रहने वाले शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्रवाई करने संबंधित विभागों को कहा है। उन्होंने शत प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए 1 से 15 सितंबर तक विशेष शिविर आयोजित करने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने स्वाइन फ्लू सहित मौसमी बीमारियों के ताजा हालात की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इससे निपटने के अलर्ट रहने कहा। कलेक्टर ने खेती किसानी की भी जानकारी ली। कलेक्ट्रेट के प्रतिलिपी शाखा को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बताया गया कि जिले में 1 से 30 सितंबर तक पोषण माह मनाया जाएगा। इस दौरान जिले में पोषण चौपाल लगाया जाएगा और पोषण के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। बच्चों का वजन लेकर उनके पोषण स्तर की जांच की जाएगी। माताओं को पोषण के विषय में जानकारी दी जाएगी। पोषण माह में विभिन्न गतिविधियों के द्वारा लोगों को सही पोषण के प्रति जागरूक किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि 29 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस दिन सभी स्कूलों, अस्पतालों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 1 से 18 वर्ष तक के बच्चों को कृमि की दवाई दी जाएगी। -
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे शुभारंभ, अध्यक्षता करेंगे कृषि मंत्री
दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में जुटेंगे देश भर के कृषि अभियंता
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में ‘‘सतत विकास के लिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार हेतु कृषि अभियंताओं का योगदान’’ विषय पर 29 से 30 अगस्त 2024 को कृषि अभियंताओं का 36वां राष्ट्रीय सम्मेलन एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन सह संगोष्ठी का शुभारंभ दिनांक 29 अगस्त को प्रातः 10ः45 बजे नवीन सभागृह (कृषक सभागार) में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे। समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ शासन में कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रामविचार नेताम करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, केन्द्रीय भू-जल बोर्ड, भारत सरकार के अध्यक्ष डॉ. सुनील के. अम्बस्ट तथा इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजिनियर्स (इंडिया) के उपाध्यक्ष डॉ. नूतन के. दास उपस्थित रहेंगे। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजिनियर्स (इंडिया) छत्तीसगढ़ स्टेट सेन्टर, रायपुर एवं स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, कृषि अभियांत्रिकी संकाय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन सह संगोष्ठी में वर्तमान समय में कृषि के विकास हेतु बहु प्रासंगिक विषयों जैसे - इंजीनियरिंग इनपुट का संरक्षण और प्रबंधन, फार्म मशीनरी, कृषि प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन, गैर पारंपरिक ऊर्जा स्त्रोत, मिट्टी और जल संरक्षण और प्रबंधन’’ आदि पर विस्तृत चर्चा होगी एवं शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। इनमें मुख्यतः कृषि में जुताई-बुआई से लेकर कटाई-मड़ाई एवं प्रसंस्करण की क्रियाओं का मशीनीकरण, ड्रोन का उपयोग, रिमोट सेंसिंग एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग, कृषि बागवानी में अत्याधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोबोटिक्स एवं आई.ओ.टी. का प्रयोग आदि विषयों पर सार्थक संवाद, प्रदर्शन, प्रस्तुतिकरण एवं विचारों का आदान-प्रदान होगा। जलवायु परिवर्तन एवं कृषि कार्यों के समय पर संपादन में कृषि श्रमिकों की घटती उपलब्धता के परिपेक्ष्य में कृषि अभियंताओं के बढ़ते महत्व एवं कस्टम हायरिंग जैसे क्षेत्रों में उद्यमिता विकास की असीम संभावनाओं पर प्रकाश डाला जाएगा। इस कार्यक्रम में अभियंता, उद्यमी, वैज्ञानिक, उद्योगपति, शोधकर्ता, प्रगतिशील कृषक एवं देश के विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के विद्वत्तजन शामिल हांगे तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए यथोचित रणनीति को अंतिम रूप देने देंगे।
कार्यक्रम के आयोजन सचिव एवं स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विनय कुमार पाण्डेय ने बताया कि इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में आई.आई.टी. खड़गपुर के पूर्व प्राध्यापक एवं सी.एस.वी.टी.यू., भिलाई के पूर्व कुलपति डॉ. बी.सी. मल, परभणी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. इंद्रमणी, डॉ. सिंह कुलपति मेरठ विश्वविद्यालय, डॉ. गौड़ कुलपति, वैशाली, बिहार, डॉ. सयाली, सचिव और महानिदेशक, इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), कोलकाता, डॉ. ए.के. सिंह, सहायक महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, भारत सरकार, नई दिल्ली डॉ. रमना राव, निदेशक एन.आई.टी., रायपुर, डॉ. मेहता निदेशक, केन्द्रीय कृषि इंजीनियरिंग संस्थान, भोपाल, सहित देश भर के विख्यात विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे। -
-स्कूल में खेल गतिविधि के लिए एक लाख रुपये देने की घोषणा की
दुर्ग / प्रदेश के राजस्व, खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंक राम वर्मा आज दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के अंतर्गत ग्राम जामगांव आर में सरस्वती हायर सेकेंडरी स्कूल के स्थापना दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने स्कूल के 34वां स्थापना दिवस पर सभी को बधाई दी। उन्होंने सभी को कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई दी। उन्होंने कहा यह स्कूल आदर्श नागरिक बनाने का कार्य करता है। संस्कारवान विद्यार्थी यहां की देन है। यह स्कूल गुरुकुल से कम नही है। एक विचार हमारे जीवन को बदल सकती है। एक विचार समाज मे क्रांति ला सकती है। विचार हमारी जिंदगी बदल देती है। मंत्री श्री वर्मा ने विद्यार्थियों से कहा कि संगति अच्छे सकारात्मक सोच वाले से कीजिये जो आपके विचार को प्रभावित कर सके। उन्होंने संस्था संचालक की मांग पर उन्होंने स्कूल में खेल गतिविधि को बढ़ाने 1 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही मंत्री श्री वर्मा ने स्कूल के उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्रा-छात्राओं को प्रमाण पत्र भी वितरित किया।
कार्यक्रम में श्री देवनारायण साहू ने भी विचार व्यक्त किया। विद्यालय के विद्याथियों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। इस अवसर पर संस्था संचालक श्री आसकरण जैन, प्राचार्य श्री पी.एल. बंजारे, शिक्षकगण, गणमान्य नागरिक तथा एसडीएम श्री लवकेश ध्रुव, तहसीलदार श्रीमती मीना साहू व अन्य अधिकारी और विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे। -
-स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 के मानक मापदण्डों के अनुरूप तैयारियों का कलेक्टर ने लिया जायजा
-स्वच्छता सर्वेक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए
-सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करने वालों पर होगी सख्त कार्यवाही
दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में नगरीय निकाय के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने अधिकारियों से स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 के मानक मापदण्डों के अनुरूप तैयारियों का जायजा लिया। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए नगरीय निकायों में सफ़ाई के साथ-साथ सौंदर्यीकरण पर भी फोकस करने कहा। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों के वार्डों में स्वच्छता निरीक्षण हेतु अधिकारियों को पांच-पांच वार्डों का भ्रमण कर जानकारी संबंधित सीएमओ को अवगत कराने के दायित्व सौंपे गये हैं। अधिकारियों द्वारा प्राप्त सुझाव के अनुरूप सुधार करने कहा। उन्होंने निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप सफाई पर विशेष ध्यान रखने को कहा। इसी दौरान उन्होंने नगरीय निकायों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, सेग्रीगेशन, वेस्ट मैनेजमेंट, सीटी ब्यूटीफिकेशन इत्यादि विषयों पर भी फोकस कर योजनाबद्ध तरीके से क्रियान्वयन करने अधिकारियों को निर्देशित किया। साथ ही उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को कम करने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही। उन्होंने कहा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगाने उपयोगकर्ताओं पर चालान लगाये जाए, इसके बावजूद सिंगल यूज प्लास्टिक प्रयोग करते पाए जाने पर कड़ी कार्यवाही की जाए।
बैठक में नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, जिला पंचायत के सीईओ श्री अश्वनी देवांगन, सहायक कलेक्टर श्री एम. भार्गव, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री लोकेश चन्द्राकर, नगर निगम रिसाली के आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, नगर निगम भिलाई चरोदा के आयुक्त श्री दशरथ राजपूत, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी एवं श्री विरेन्द्र सिंह, सभी एसडीएम, सभी जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ सहित समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे। - रायपुर / बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखण्ड शंकरगढ़ के ग्राम लरंगी के प्रगतिशील कृषक श्री अमलू के पास 02 एकड़ खेत है और इनका पारिवारिक पेशा खेती-बाड़ी है। श्री अमलू परम्परागत् तरीके से खेती करते थे, पर विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं एवं उन्नत तकनीकी ज्ञान के अभाव में उत्पादन इतना कम होता था कि परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो जाता था। इसके अलावा भविष्य की पारिवारिक जिम्मेदारियां भी अंधकारमय दिखाई दे रहीं थी। अमलू कहता है कि मिर्च की खेती करने से मेरे आय के स्त्रोत में बढ़ोत्तरी होने पर मेरी आर्थिक स्थिति में सुधार आ रही है। श्री अमलू के इस जुनून को देखते हुए आस-पास के कृषक भी उद्यानिकी फसल को अपनाने हेतु प्रेरित हो रहे हैं।श्री अमलू अपनी आय को बढ़ाने के लिए एक दिन विकासखण्ड के उद्यानिकी विभाग गया तथा अधिकारियों से सम्पर्क कर खेती की उन्नत तकनीक के बारे में चर्चा की। उन्हें बताया गया कि विकासखण्ड में संचालित राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजनांतर्गत प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम आयोजन किया गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेकर अमलू ने सब्जी उत्पादन के साथ-साथ अंतरवर्ती फसल करने का निर्णय लिया। उन्होंने उद्यान विभाग से मिर्च बीज प्राप्त कर अपने 02 एकड़ खेत में मिर्च की खेती की, जिसके लिए 80 हजार रूपये खर्च करना पड़ा। साथ ही उद्यान विभाग द्वारा उन्हें मिर्च की खेती करने के लिए 20 हजार रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ।श्री अमलू की मेहनत और उद्यानिकी विभाग की मदद से मिर्च की बम्पर फसल हुई ह,ै जिससे किसान अमलू के चेहरे की मुस्कान और आय स्त्रोत में बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने बताया कि खेती से लगभग 100 क्विंटल मिर्च प्राप्त हुये जिसका बाजार मूल्य 02 लाख 30 हजार रूपये है। खर्च काटकर अमलू को लगभग 01 लाख 50 हजार रूपये की बचत प्राप्त हुई।
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-कलेक्टर ने जिला/विकासखण्ड, ग्राम स्तर एवं प्रत्येक केन्द्र स्तर पर पोषण माह का आयोजन कराने संबंधित अधिकारियों को दिए निर्देश
दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार जिले में सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 अंतर्गत 01 सितम्बर 2024 से 30 सितम्बर 2024 तक पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है। इसी संबंध में आज कलेक्टर सुश्री चौधरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागृह में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से अभियान के क्रियान्वयन की विस्तारपूर्वक जानकारी ली। महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी श्री अजय शर्मा ने अवगत कराया कि इस योजना का संचालन 01 अगस्त 2022 से किया जा रहा है। पूर्व वर्षों में आयोजित पोषण माह/पोषण पखवाड़ों में विभिन्न सहयोगी विभागों एवं डेव्हलेपमेंट संस्थाओं का सकिय एवं परिणाममूलक सहयोग प्राप्त होता रहा है। जनसमुदाय तक स्वास्थ्य पोषण एवं स्वच्छता संबंधित व्यापक एवं प्रभावी व्यवहार परिवर्तन हेतु जनआंदोलन के रूप में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है।
कलेक्टर सुश्री चौधरी ने पोषण माह के प्रभावी सुचारू एवं परिणाममूलक आयोजन तथा गतिविधियों के आयोजन में जनप्रतिनिधियों, पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, स्थानीय निकाय के प्रतिनिधि, सहयोगी विभागों, स्वयं सेवी संस्थाओं, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों की सकिय भागीदारी, महिला स्व-सहायता समूहों, महिला मण्डली, नेहरू युवा केन्द्रों, नेशनल कैडिट कोर, राष्ट्रीय सेवा योजना आदि की सकिय भागीदारी सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सहयोगी विभागों के मैदानी अमले के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए जिला/विकासखण्ड, ग्राम स्तर एवं प्रत्येक केन्द्र स्तर पर पोषण माह का आयोजन किया जाना सुनिश्चित करने कहा।
कलेक्टर सुश्री चौधरी ने कहा कि पोषण माह 2024 का मुख्य उद्देश्य पोषण पंचायतों को सक्रिय करना है, इस हेतु ग्राम स्तर पर सरपंच एवं ग्राम पंचायतों को गतिविधियों का आधार बनाते हुए जनआंदोलन को जनभागीदारी के रूप में परिवर्तित करना है। बैठक के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय पोषण माह 2024 में मुख्य रूप से एनीमिया, वृद्धि निगरानी, पूरक आहार, पोषण भी पढ़ाई भी, बेहतर प्रशासन, पारदर्शिता और कुशल सेवा वितरण के लिए प्रौद्योगिकी, समग्र पोषण इत्यादि थीम्स पर गतिविधियाँ आयोजित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा पोषण माह 2024 अंतर्गत पंचायतीराज संस्थाओं, नगरीय निकायों, सहयोगी विभागों स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला स्व-सहायता समूहों, महिला मण्डलों, युवा समूहों, नेहरू युवा केन्द्रों, राष्ट्रीय सेवा योजना, नेशनल कैडेट कोर आदि के साथ समन्वय कर जिला स्तर पर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कार्ययोजना तैयार कर पोषण माह सितम्बर 2024 का प्रभावी आयोजन किया जाए। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित करते हुए कहा कि पोषण माह के दौरान की जाने वाली समस्त गतिविधियों को जनआंदोलन के डैशबोर्ड पोर्टल पर अनिवार्यतः उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उन्होेंने सभी सहयोगी विभागों को भी उनके स्तर से की जा रही गतिविधियों की प्रगति की डाटा एंट्री जनआंदोलन डैशबोर्ड पर नियमित रूप से किया जाना सुनिश्चित करने कहा।
बैठक में नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, जिला पंचायत के सीईओ श्री अश्वनी देवांगन, एसडीएम दुर्ग श्री मुकेश रावटे, सहायक कलेक्टर श्री एम. भार्गव, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री लोकेश चन्द्राकर, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण सहित समस्त संबंधित विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।








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