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- -45 से 55 प्रतिशत तक मिल रहा अनुदान-चालू वित्तीय वर्ष में 19306 किसानों का 16154 हेक्टेयर कृषि रकबा सिंचित-ड्रिप सिंचाई प्रणाली - सब्जी, फल, बागवानी एवं नकदी फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी-अल्प वर्षा क्षेत्रों में यह योजना किसानों के लिए वरदानरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषि उत्पादन एवं रकबा बढ़ाने हेतु निरंतर प्रयास किया जा रहा है। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के प्रयासों से प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत राज्य के 19306 किसानों को स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई प्रणाली का लाभ दिलाते हुए उनके 16154 हेक्टेयर खेती भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने हेतु किसानों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। इस योजना के तहत लघु सीमांत कृषकों को 55 प्रतिशत तथा दीर्घ किसानों के लिए 45 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान किया गया है। जिससे किसान कम लागत में आधुनिक सिंचाई तकनीक का लाभ उठा सकें।छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अधिकारियों ने बताया कि स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई प्रणाली के उपयोग से फसलों को आवश्यकतानुसार एवं सामान रूप से पानी उपलब्ध हो रहा है। इससे जल की 30 से 40 प्रतिशत तक बचत हो रही है। साथ ही खेतों में जल अपव्यय पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है। सीमित जल संसाधनों के बेहतर उपयोग से खेती अधिक लाभकारी बन रही है।ड्रिप सिंचाई प्रणाली विशेष रूप से सब्जी, फल, बागवानी एवं नकदी फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है, जबकि स्प्रिंकलर प्रणाली से दलहन, तिलहन एवं अनाज फसलों की उत्पादकता में वृद्धि दर्ज की जा रही है। किसानों के अनुसार इन प्रणालियों के उपयोग से उपज में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि तथा उर्वरक एवं श्रम लागत में कमी आई है।इस योजना के अंतर्गत किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, डिज़ाइन अनुमोदन एवं स्थापना में सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है। इससे किसानों में आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ी है और वे वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। सूखा एवं अल्प वर्षा प्रभावित क्षेत्रों में यह योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। कम पानी में अधिक उत्पादन होने से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ हो रही है और उनकी आय में स्थायी वृद्धि हो रही है। वर्ष 2025-26 में अब तक स्प्रिंकलर के सेट 15 हजार 757 कृषकों के खेतों में 12 हजार 212 हेक्टेयर एवं ड्रिप सिस्टम के 3 हजार 549 कृषकों के खेतों में 3 हजार 942 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थापना हुई।
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- वाहन चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य रूप से करें उपयोग
- सभी शासकीय कर्मचारी वाहन चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य रूप से करें उपयोग- यातायात नियमों का करें पालन- दुर्घटनाजन्य स्थलों का चिहांकन कर आवश्यक सुधार कार्य करवाने के दिए निर्देशराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली। कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग में दुर्घटनाजन्य स्थलों का चिहांकन करने तथा आवश्यक सुधार कार्य करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्घटनाजन्य स्थानों में स्पीड ब्रेकर, साईन बोर्ड, हाईमास्ट लाईट लगाने के लिए कहा। सड़क दुर्घटना की रोकथाम के लिए यह जरूरी है कि हम सभी अपने जीवन को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक सावधानी रखें तथा यातायात नियमों का पालन करें। कलेक्टर ने कहा कि सभी शासकीय कर्मचारी वाहन चलाते समय हेलमेट अनिवार्य रूप से उपयोग करेंगे। कार चलाते समय सीट बेल्ट का उपयोग करेंगे। उन्होंने यातायात नियमों का पालन नहीं करने वालों पर चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्घटनाजन्य स्थान के संबंध में जानकारी ली तथा नगर निगम क्षेत्र के ऐसे स्थान जहां अंधेरा है, वहां लाईट की व्यवस्था करने कहा। साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी एवं जागरूकता के लिए कहा।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र नायक ने राष्ट्रीय राजमार्ग, राजकीय एवं अन्य मार्ग में चिन्हांकित दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों के संबंध में जानकरी प्रदान की। उन्होंने चिखली फ्लाई ओव्हर, गठुला नाला, अम्बेडकर चौक, रेंगाकठेरा, बुंदेलीकला, माँ बंजारी मंदिर चौक जैसे स्थानों में दुर्घटनाजन्य स्थलों के संबंध में बताया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा एवं डीएसपी श्रीमती तनुप्रिया ठाकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। -
- अधिकारियों को सौंपे गए दायित्व
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह के सफल आयोजन के लिए सभी जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर ने गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह के आयोजन के संबंध में दिशा-निर्देश देते हुए अधिकारियों को दायित्व सांैपे। उन्होंने मुख्य अतिथि आगमन, ध्वजारोहण के कार्यक्रम के साथ ही बैठक व्यवस्था, कार्यक्रम स्थल की साज-सज्जा, पेयजल, स्वल्पाहार, साफ-सफाई, पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन प्रतिबद्धतापूर्वक करेंगे। इस अवसर पर पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम भी होगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को गणतंत्र दिवस समारोह में विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों से संबंधित झाँकी तैयार करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। - -नकदी फसल, उद्यानिकी, तिल-अरहर की फसलों पर करें विशेष फोकसरायपुर। आदिम जाति विकास मंत्री तथा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज अपने एक दिवसीय जिला प्रवास के दौरान कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शासन की प्राथमिकता एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल विशेष रूप से उपस्थित थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध पूर्णता और आमजन तक वास्तविक लाभ सुनिश्चित करना रहा।प्रभारी मंत्री श्री नेताम ने बैठक में कहा कि पुराने बजट में स्वीकृत सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने आजीविका मिशन, मखाना उत्पादन, मत्स्य पालन और कृषि से जुड़े विषयों पर जिले की परिस्थितियों के अनुरूप ठोस और व्यावहारिक रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। प्राकृतिक खेती की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए इसे व्यापक रूप से बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।मंत्री श्री नेताम ने कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि इस जिले की जलवायु नकदी फसलों के लिए अत्यंत अनुकूल है। उन्होंने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी, दलहन-तिलहन, सब्जी एवं अन्य नकदी फसलों की ओर प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। मखाना की खेती को जिले के लिए संभावनाशील बताते हुए इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ करने तथा कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र को संयुक्त रूप से तिल एवं अरहर की खेती को बढ़ावा देने के लिए वैज्ञानिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।मंत्री श्री नेताम ने पशुधन विकास एवं मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा में उन्होंने कुक्कुट पालन, बकरी पालन, सूकर पालन और मत्स्य पालन को ग्रामीण आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया और अधिक से अधिक किसानों को प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता से जोड़ने पर बल दिया।आदिम जाति विकास मंत्री श्री नेताम ने समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत स्वीकृत सड़कों, पुल-पुलियों, आंगनबाड़ी, सामुदायिक भवनों एवं आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत सभी स्वीकृत आवासों को उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने इसके व्यापक विस्तार एवं प्रभावी क्रियान्वयन को गति देने के निर्देश दिए और कहा कि यह योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। विद्युत विभाग को सभी योजनाओं की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में खाद्य, राजस्व, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, बिजली, लोक सेवा गारंटी सहित सभी विभागों की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री श्री नेताम ने कहा कि शासन की हर योजना पारदर्शी, परिणामोन्मुखी और समयबद्ध होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य कर जिले के समग्र विकास को गति देने और आम जनता का विश्वास मजबूत करने पर बल दिया।बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री यशवंती सिंह, कलेक्टर डी. राहुल वेंकट, जिला पंचायत सीईओ सुश्री अंकिता सोम सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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रायपुर ।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने प्रशिक्षण प्राप्त करने आये सुकमा जिले के 75 ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों के दल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने गांवों के पंचायत प्रतिनिधियों से उनके ग्रामों के विकास पर विस्तृत चर्चा की। इस दल में सुकमा जिले के ग्राम सरपंच, उपसरपंच, पंच शामिल थे। सभी ने उपमुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखी। सभी से मुलाकात कर उन्होंने उनके ग्रामों की समस्याओं को जाना।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने सभी से चर्चा में वनोपज के संग्रहण एवं विपणन के संबंध में जानकारी ली। जिसपर ग्राम पंचायत जनप्रतिनिधियों ने बताया कि वे स्थानीय बिचौलियों को अपने वनोपज का विक्रय करते हैं, जिसपर उपमुख्यमंत्री ने उन्हें वनोपज का ग्राम के युवाओं द्वारा संग्रहण करा कर शासन के माध्यम से बड़े बाजारों तक पहुंचाते हुए अपने वनोत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने वनोपजों के स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण कराकर उनका मूल्यवर्धन करने की सलाह दी। इसके लिए सभी ग्रामों के 10-10 लोगों को हैदराबाद जैसे बड़े बाजारों में शैक्षणिक भ्रमण कराकर उन्हें प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन के लाभों से अवगत कराने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।उन्होंने सभी पंचायत जनप्रतिनिधियों से गांवों में शांति बहाल होने के साथ ही विकास के तीव्र गति से चलाने और इलवद पंचायत योजना का लाभ लेने को प्रेरित किया। जनप्रतिनिधियों ने भी अपने ग्रामों की समस्याओं को उनके समक्ष रखा जिस पर उपमुख्यमंत्री ने उन्हें जल्द से जल्द निराकरण हेतु आश्वश्त किया। उन्होंने ग्रामों में बिहान योजना, बैंकिंग सुविधा, सड़क, बस्तर ओलंपिक, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सुविधा पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर पंचायत विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह भी उपस्थित थीं। - - हाई रिस्क वाली गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग के कार्य में अनिवार्य रूप से प्रगति लाएं- कक्षा दसवीं एवं बारहवीं के बेहतर परीक्षा परिणामों के लिए बच्चों को प्रतिदिन लेखन का अभ्यास कराने के लिए कहा- एकीकृत किसान पोर्टल अंतर्गत किसानों की पंजीयन संबंधी समस्याओं का करें शीघ्र निराकरण- कृषकों की सुविधा के लिए एकीकृत किसान पोर्टल 7 जनवरी तक रहेगा ओपन- फूड सेफ्टी विभाग को जिले के खाद्य प्रतिष्ठानों में मिठाई, दूध, पनीर एवं अन्य खाद्य पदार्थों की जांच के लिए लगातार निरीक्षण करने के दिए निर्देश- जिले के वरिष्ठजनों को नि:शुल्क जीवन सहायक उपकरण प्रदाय करने हेतु 12 जनवरी से 15 जनवरी तक मूल्यांकन शिविर का आयोजन- आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के माध्यम से सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी उपस्थिति देना करें सुनिश्चित- साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक संपन्नराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि कृषकों की सुविधा के लिए एकीकृत किसान पोर्टल 7 जनवरी तक खुला रहेगा। किसानों के पंजीयन उपरांत विभिन्न किसानों द्वारा संशोधन के लिए आवेदन किया जा रहा है। उन्होंने किसानों की पंजीयन एवं संशोधन संबंधी समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छोटे किसानों के धान की खरीदी प्राथमिकता से करें। उन्होंने धान खरीदी अंतर्गत सभी नोडल अधिकारियों को धान उपार्जन केन्द्रों में भौतिक सत्यापन, पंचनामा एवं अन्य व्यवस्था का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने हाई रिस्क वाली गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग के कार्य में अनिवार्य रूप से गति लाने केलिए कहा। उनकी सोनोग्राफी, स्वास्थ्य सुविधाओं, दवाईयों पर विशेष ध्यान देते हुए कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिलाओं के ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए शिविर लगाकर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने फूड सेफ्टी विभाग को जिले के खाद्य प्रतिष्ठानों में मिठाई, दूध, पनीर एवं अन्य खाद्य पदार्थों की जांच के लिए लगातार निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थ अमानक पाए जाने पर कार्रवाई करें। कलेक्टर ने पीजीएन पोर्टल, सीएम जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन के प्रकरणों की गहन समीक्षा की तथा इसका शीघ्र निराकरण करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने दायित्वों का प्रतिबद्धतापूर्वक निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के माध्यम से सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी उपस्थिति देना सुनिश्चित करेंगे। जिससे कार्य के प्रति विश्वनीयता और अनुशासन बना रहेगा।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कक्षा दसवीं एवं बारहवीं के बेहतर परीक्षा परिणामों के लिए बच्चों को प्रतिदिन लेखन का अभ्यास कराने के लिए कहा। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, अपार आईडी और उनके अध्ययन के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि परीक्षा को ध्यान में रखते हुए बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देना है। उन्होंने 11 से 15 जनवरी तक जिले में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता की तैयारी करने के लिए शिक्षा विभाग को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम एलिम्को जबलपुर द्वारा राजनांदगांव जिले के वरिष्ठजनों को नि:शुल्क जीवन सहायक उपकरण प्रदाय करने हेतु 12 जनवरी से 15 जनवरी तक मूल्यांकन शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें एलिम्को के तकनीकी दल द्वारा परीक्षण किया जाएगा। शिविर में वृद्धजनों को व्हीलचेयर, वाकिंग स्टिक, स्पाईनल स्पोर्ट जैसे विभिन्न तरह की जीवन सहायक उपकरण का उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने सभी जनपद सीईओ को वरिष्ठजनों के लिए नि:शुल्क सहायक उपकरण से लाभान्वित करने के लिए मुनादी कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सियान गुढ़ी के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले में विद्युत विभाग द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर लगाए जाने के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एवं शासन के अन्य योजनाओं की समीक्षा की। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जनमानस को अधिक से अधिक लाभन्वित करने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सूर्यसभा का आयोजन किया जा रहा है, इसे जारी रखें तथा योजना के संबंध में जनमानस को अधिक से अधिक जानकारी प्रदान करें। उन्होंने ई-ऑफिस के माध्यम से किए जा रहे कार्यों के संबंध में जानकारी ली। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान सभी एसडीएम वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
- राजनांदगांव । पीएमश्री योजना अंतर्गत जिले के 4 पीएमश्री शासकीय हायर सेकेण्डरी शालाओं में आत्मरक्षा प्रशिक्षण के तहत जुडो, कराटे, ताईक्वांडों, किक, बॉक्सिंग, मार्शल आर्ट विधाओं में दक्ष योग्यताधारी खिलाडिय़ों एवं प्रशिक्षकों से आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए थे। प्राप्त आवेदन पत्रों की स्कूटनी उपरांत पात्र-अपात्र आवेदकों की सूची जारी की गई है। जारी सूची के संबंध में 8 जनवरी 2026 शाम 5 बजे तक दावा-आपत्ति प्रस्तुत की जा सकती है। जारी पात्र-अपात्र सूची का अवलोकन जिला परियोजना कार्यालय के कक्ष क्रमांक 89 के सूचना पटल पर किया जा सकता है। इस संबंध में अन्य जानकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
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-रिया की उपलब्धि प्रदेश की नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए बनेंगी प्रेरणा- उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
रायपुर। बिहार की राजधानी पटना में 25 से 29 दिसंबर तक आयोजित साउथ एशियन बॉल बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हाँसिल किया। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत, नेपाल, भूटान और श्रीलंका सहित चार देशों की टीमों ने भाग लिया था।इस चैंपियनशिप में भारत की विजेता टीम का हिस्सा बनकर देश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाली कवर्धा की होनहार खिलाड़ी सुश्री रिया तिवारी का उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सम्मान किया। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने रिया को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनकी उपलब्धि की सराहना की तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि रिया तिवारी की यह उपलब्धि न केवल कवर्धा जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रिया ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा, अनुशासन और कठिन परिश्रम से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रिया भविष्य में भी देश के लिए अनेक पदक जीतेंगी और प्रदेश की नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने यह भी कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकें।रिया ने कहा कि इस सफलता का पूरा श्रेय मेरे माता-पिता और मेरे कोच श्री अविनाश चौहान एवं श्री जय किशन को जाता है। उनके निरंतर मार्गदर्शन, अनुशासन और प्रेरणा के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं हो पाती। हर कठिन समय में उन्होंने मेरा आत्मविश्वास बनाए रखा और मुझे आगे बढ़ने की शक्ति दी। यह जीत मेरे लिए केवल एक पदक नहीं, बल्कि मेरे खेल जीवन की एक नई शुरुआत है। मैं आगे भी पूरे समर्पण और मेहनत के साथ देश और प्रदेश के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का प्रयास करूंगी -
बिलासपुर / मंगला धूरीपारा की रहने वाली श्रीमती ममता कौशिक का जीवन कभी कठिनाइयों से भरा था। सीमित आय में घर चलाना और ऊपर से कच्चे मकान की परेशानियाँ, बरसात में टपकती छत, गर्मी में तपता कमरा और हर मौसम में असुरक्षा का एहसास। परिवार की आय इतनी नहीं थी कि वे पक्का मकान बनवा सकें। पक्का घर उनके लिए सिर्फ एक सपना था। यह सपना तब हकीकत में बदला जब उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का लाभ मिला। योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता से उनका वर्षों पुराना सपना साकार हुआ। आज श्रीमती ममता कौशिक अपने पक्के घर में सुरक्षित, सम्मानजनक और सुकूनभरा जीवन जी रही हैं। जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री का आभार जताया है।
ममता बताती हैं, “पहले हर बरसात अपने साथ डर लेकर आती थी, कच्चे घर की मुश्किलें बारिश में और बढ़ जाती थी। पक्का घर बनने के बाद अब अपने घर की मजबूत छत के नीचे बच्चों और परिवार के साथ चौन की नींद सो पाती हूँ। यह सिर्फ घर नहीं, बल्कि मेरे जीवन की नई शुरुआत है।” वे मानती हैं कि अगर यह योजना न होती तो पक्का घर बनवाना उनके परिवार के लिए असंभव ही रहता, और वे रोजाना कच्चे घर की मुश्किलों से जूझते रहते। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की यह पहल गरीब परिवारों को सम्मान की छत के साथ आत्मसम्मान और स्थिरता भी दे रही है। -
रायपुर ।छत्तीसगढ़ में बच्चों के संरक्षण, अधिकारों की सुरक्षा और उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण नीति–2025 के ड्राफ्ट प्रारूप को अंतिम रूप देने हेतु राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा यूनिसेफ (UNICEF) के सहयोग से आयोजित यह कार्यशाला एक सुदृढ़, समन्वित एवं अधिकार-आधारित बाल संरक्षण तंत्र विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रही।
कार्यशाला में नीति के मसौदे पर विशेषज्ञों, हितधारकों एवं विभागीय अधिकारियों से अंतिम सुझाव प्राप्त किए गए। इस दौरान बाल विवाह एवं बाल श्रम की रोकथाम, अनाथ व बेसहारा बच्चों का पुनर्वास, बाल तस्करी, हिंसा, उपेक्षा, कुपोषण तथा साइबर अपराधों से बच्चों की सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन विमर्श हुआ।महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने नीति के ड्राफ्ट एवं कार्ययोजना की प्रस्तुति देते हुए बताया कि यह नीति किशोर न्याय अधिनियम, 2015, UNCRC एवं अन्य राष्ट्रीय विधिक प्रावधानों के अनुरूप, राज्य की सामाजिक व भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है।कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बाल अधिकारों की निगरानी, शिकायत निवारण तंत्र को सशक्त करने तथा संस्थागत एवं गैर-संस्थागत देखभाल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर बल दिया।इस अवसर पर संयुक्त सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती फरिहा आलम,संचालक समाज कल्याण श्रीमती रोक्तिमा यादव, संचालक ट्रेज़री और एकाउंट श्रीमती पद्मिनी भोई साहू,संचालक महिला एवं बाल विकास डॉ . रेणुका श्रीवास्तव, यूनिसेफ की प्रतिनिधि सुश्री चेतना देसाई, कर्नाटक राज्य के प्रतिनिधि, संयुक्त संचालक श्री नन्दलाल चौधरी, उप संचालक श्रीमती नीलम देवांगन सहित स्वास्थ्य, गृह (पुलिस), श्रम, पंचायत एवं नगरीय प्रशासन विभागों के अधिकारी, SCPS/DCPS, स्वयंसेवी संस्थाएं एवं कानूनी विशेषज्ञ उपस्थित रहे।तकनीकी सत्र में सुश्री अर्लेन मनोहरन, श्री सोनीकुट्टी जॉर्ज, श्री एम.आर. गोविंद बेनीवाल, सुश्री निमिषा श्रीवास्तव, सुश्री नूपुर पांडे, श्री चिरंजीवी जैन, श्री प्रमोद गुप्ता एवं श्री प्रभात कुमार ने नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, बहु-विभागीय समन्वय और निगरानी व्यवस्था पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।ड्राफ्ट नीति की समीक्षा हेतु प्रतिभागियों को विभिन्न समूहों में विभाजित कर गहन चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्राप्त सुझावों को सम्मिलित कर छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण नीति–2025 को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिससे यह राज्य के प्रत्येक बच्चे के लिए सुरक्षा और अधिकारों का मजबूत कवच बन सके। - रायपुर ।प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन 07 जनवरी से 08 जनवरी दो दिवसीय दौरे पर खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मुंगेली, कोरबा जिले के दौर पर जाएंगे। इस दौरान वे 07 जनवरी को प्रातः 10:00 बजे रायपुर से खैरागढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे। दोपहर 02:00 बजे खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के कलेक्ट्रेट सभागृह में विभागीय अधिकारियों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक लेंगे। दोपहर 03:30 बजे खैरागढ़-छुईखदान-गंडई से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। मंत्री श्री देवांगन 08 जनवरी 2026 को प्रातः 10:00 बजे रायपुर से मुंगेली के लिए प्रस्थान करेंगे, दोपहर 12:30 बजे मुंगेली जिले के कलेक्ट्रेट सभागृह में विभागीय अधिकारियों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक लेंगे। इसके पश्चात् दोपहर 03:00 बजे मुंगेली जिले से कोरबा जिले के लिए प्रस्थान करेंगे। शाम 06:00 बजे चारपारा कोहड़िया कोरबा आगमन एवं विश्राम।
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-शासकीय अस्पताल में अत्याधुनिक ऑर्थोपेडिक सर्जरी से मरीजों को मिल रही राहत
रायपुर ।डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के ऑर्थोपेडिक विभाग में अब टोटल हिप रिप्लेसमेंट (THR) एवं टोटल नी रिप्लेसमेंट (TKR) जैसी अत्याधुनिक सर्जिकल सुविधाएं पूर्व की भाँति सुचारु रूप से मरीजों के लिए उपलब्ध हैं। अस्थि रोग विभाग की इस सुविधा से कूल्हे एवं घुटने की गंभीर समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है।अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. आर. के. दास के अनुसार, गठिया, ऑस्टियोआर्थराइटिस, रूमेटॉइड आर्थराइटिस, दुर्घटना या लम्बे समय से जोड़ों के दर्द से पीड़ित मरीजों के लिए यह सर्जरी अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है। सर्जरी के पश्चात मरीज सामान्य जीवन की ओर तेजी से लौट पा रहे हैं।उन्होंने मरीजों से अपील की है कि हिप (कूल्हे) या नी (घुटने) की पुरानी समस्या को नजरअंदाज न करें और समय पर ऑर्थोपेडिक विभाग की ओपीडी में परामर्श लेकर उपचार कराएं।अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि अम्बेडकर अस्पताल में टोटल हिप रिप्लेसमेंट एवं टोटल नी रिप्लेसमेंट की सुविधा पूर्व की भाँति पूरी तरह उपलब्ध है। अत्याधुनिक तकनीक, मानक प्रोटोकॉल एवं अनुभवी चिकित्सकों की टीम द्वारा यह सर्जरी सुरक्षित रूप से की जा रही है। विगत कुछ दिनों में करीब 8 मरीजों की जोड़ प्रत्यारोपण सर्जरी की जा चुकी है।इन सर्जरी के माध्यम से मरीजों को लम्बे समय से चले आ रहे असहनीय दर्द से स्थायी राहत मिलती है तथा उनके जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होता है। शासकीय अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को आयुष्मान योजना के द्वारा निशुल्क उच्चस्तरीय इलाज मिल रहा है। -
-बॉलीवुड और छालीवुड के कलाकारों सजेगी शाम
-भव्य और गरिमापूर्ण आयोजन के लिए निर्देश-प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र बनाने की जाएगी पहलमहासमुंद /ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक नगरी सिरपुर में माघ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाला तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव 01 से 03 फरवरी 2026 तक भव्य गरिमापूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से आयोजित किया जाएगा। महोत्सव की तैयारियों का जायजा लेने आज शाम कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह एवं जिला प्रशासन की टीम सिरपुर पहुंची और आयोजन स्थल सहित विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, सिरपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री धम्म शील गणवीर मौजूद थे।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री लंगेह ने आयोजन को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं जन सुविधाओं से युक्त बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिरपुर महोत्सव जिले की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है, आयोजन में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।कलेक्टर ने महोत्सव परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, पार्किंग, विद्युत व्यवस्था, अग्निशमन एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य मंच तक पहुंचने वाले मार्गों को पर्याप्त चौड़ा रखने, सुगम आवागमन सुनिश्चित करने तथा दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठने की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए।कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि महोत्सव परिसर में विभागीय स्टॉल, स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन, स्व-सहायता समूहों के उत्पाद, वन उत्पाद, पर्यटन एवं संस्कृति से जुड़े स्टॉल लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सिरपुर एवं आसपास के स्थानीय व्यवसायियों, सरस मेला, स्व-सहायता समूहों तथा कारीगरों को स्टॉल आबंटन में प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे स्थानीय आजीविका को बढ़ावा मिल सके। स्टॉल ले-आउट इस प्रकार तैयार किया जाए कि आगंतुकों को आसानी से भ्रमण करने की सुविधा मिले तथा आपातकालीन स्थिति में निकास मार्ग बाधित न हो।महोत्सव के दौरान बॉलीवुड कलाकारों सहित स्थानीय एवं छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की आकर्षक छटा देखने को मिलेगी। कार्यक्रम का आयोजन प्रति दिन सायं 04ः00 बजे से रात्रि 10ः00 बजे तक किया जाएगा। इस अवसर पर प्रतिदिन महानदी आरती का आयोजन भी किया जाएगा। कलेक्टर ने मुख्य मंच को आकर्षक एवं सांस्कृतिक थीम आधारित सजावट देने के निर्देश दिए। महोत्सव परिसर में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।साफ-सफाई एवं कचरा प्रबंधन हेतु स्थानीय पंचायत को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक दिन कार्यक्रम समाप्ति के बाद कचरा उठाव अनिवार्य रूप से किया जाएगा। महोत्सव के दौरान प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने के निर्देश दिए गए। सड़क किनारे लगे स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत एवं अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था, तथा महोत्सव परिसर की सड़कों की आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं। पेयजल टैंकरों के नियमित क्लोरीनेशन एवं गुणवत्तापूर्ण जल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल का विस्तृत ले-आउट अतिशीघ्र तैयार किया जाएगा तथा विभिन्न सुविधाओं की सतत निगरानी हेतु एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम महासमुंद श्रीमती अक्षा गुप्ता, सरपंच श्रीमती पुष्पा के माली, तहसीलदार, जनपद सीईओ, लोक निर्माण, पीएचई, आर ई एस शिक्षा, श्रम, पीएचई, जल संसाधन, कृषि, महिला बाल विकास, पुलिस सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। - रायपुर। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए तीसरे बजट की तैयारियाँ प्रारंभ कर दी गई हैं। इसी क्रम में गृह विभाग के बजट निर्माण को लेकर मंत्रालय में सोमवार को उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में गृह विभाग से संबद्ध पुलिस, पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन, नगर सेना एवं एसडीआरएफ, जेल एवं सुधारात्मक सेवाएँ, लोक अभियोजन, राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला, सैनिक कल्याण, संपदा संचालनालय, छत्तीसगढ़ स्टेट गैरेज, मेडिको-लीगल संस्थान तथा छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकार इकाइयों के विभागाध्यक्षों ने भाग लिया। सभी विभागों से प्राप्त बजट अनुदान प्रस्तावों पर बिंदुवार और विस्तृत चर्चा की गई।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए कहा कि बजट निर्माण में मितव्ययता और प्राथमिकताओं का संतुलन आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि अनावश्यक व्ययों पर नियंत्रण रखते हुए कानून व्यवस्था सुदृढ़ीकरण, पुलिस बल की क्षमता वृद्धि, आवास एवं आधारभूत संरचना, आपदा प्रबंधन, फॉरेंसिक सुविधाओं का आधुनिकीकरण, जेल सुधार तथा अभियोजन की प्रभावशीलता जैसे आवश्यक मदों के लिए पर्याप्त और समयोचित प्रावधान सुनिश्चित किए जाएँ।उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बजट प्रस्ताव परिणामोन्मुखी हों और उनसे जनसुरक्षा, त्वरित न्याय, तथा सेवा-प्रदाय की गुणवत्ता में प्रत्यक्ष सुधार दिखाई दे। आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, उपकरणों के उन्नयन और मानव संसाधन विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने प्रस्तावों में स्पष्ट लक्ष्य, अपेक्षित परिणाम और व्यय-लाभ विश्लेषण का समावेश करें।बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने समन्वय और समयबद्धता पर बल देते हुए कहा कि गृह विभाग का बजट राज्य की कानून-व्यवस्था, आपदा तैयारी और न्यायिक प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा। सभी इकाइयों को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित समय-सीमा में संशोधित एवं सुदृढ़ प्रस्ताव प्रस्तुत करें, ताकि बजट को अंतिम रूप दिया जा सके। इस बैठक में एसीएस श्री मनोज पिंगुआ, डीजीपी श्री अरूण कुमार गौतम, डीजी जेल श्री हिमांशु गुप्ता, सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, सचिव श्री रमेश शर्मा, सचिव नेहा चंपावत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पुलिस श्री प्रदीप गुप्ता, उप पुलिस महानिरीक्षक श्री मनीष शर्मा, संचालक अग्निश्मन श्री चन्द्र मोहन सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर।मुख्यमंत्री निवास कार्यालय रायपुर में 8 जनवरी गुरुवार को जनदर्शन का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस अवसर पर प्रदेशवासियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का त्वरित और संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को समयबद्ध समाधान मिल सके।
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-बिलासपुर नगर निगम एवं आसपास के क्षेत्रों के विकास को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित
-न्यायधानी बिलासपुर के समग्र विकास और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर हुई व्यापक चर्चा
बिलासपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में बिलासपुर नगर निगम एवं आसपास के क्षेत्रों के विकास को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में बिलासपुर शहर तथा बाह्य क्षेत्रों में संचालित एवं प्रस्तावित विकास कार्यों, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायधानी बिलासपुर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए यहां संतुलित, समावेशी और योजनाबद्ध विकास आवश्यक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की ओर अग्रसर है और इसी के अनुरूप शहरी अधोसंरचना को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रगतिरत योजनाओं को तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और इससे जुड़ी परियोजनाओं पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर को उद्योग एवं पर्यटन की दृष्टि से प्राथमिकता में रखते हुए विकास की योजनाएं तैयार की जाएं। श्री साय ने बताया कि पिछले दो वर्षों में सरकार द्वारा निरंतर नए विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। साथ ही आने वाला बजट भी अत्यंत महत्वपूर्ण होगा और इसके माध्यम से “विकसित छत्तीसगढ़” की संकल्पना भी साकार होगी। उन्होंने कहा कि विभागों के आपसी समन्वय से ही बेहतर परिणाम सामने आएंगे और गांवों के साथ-साथ शहरों के विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
बैठक में सड़क, पुल-पुलिया, पेयजल, ड्रेनेज, प्रदूषण मुक्त शहर, यातायात व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कल्याण, आवास, ई-बस सेवा, हवाई यातायात, ट्रांसपोर्ट नगर, उद्योग एवं व्यापार, पर्यटन तथा अरपा विशेष क्षेत्र विकास परियोजना (अरपा साडा) से जुड़े विषयों पर बिंदुवार मंथन किया गया और विभिन्न विषयों पर सहमति भी बनी। इसमें सिम्स के नए अस्पताल भवन के लिए एएस जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को पीपीपी मोड पर संचालित करने का निर्णय लिया गया। बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार हेतु डिफेंस को राशि हस्तांतरित किए जाने की जानकारी दी गई, जिस पर जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। साथ ही एयरपोर्ट के अन्य विकास कार्यों एवं नाइट लैंडिंग सुविधा को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए। ट्रांसपोर्ट नगर सिलपहरी के विकास का कार्य सीएसआईडीसी द्वारा किए जाने तथा भूमि हेतु आवेदन प्रस्तुत करने पर सहमति बनी। उसलापुर रेलवे ओवरब्रिज के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने और इसे आगामी बजट में शामिल करने का निर्णय लिया गया।
इसके अतिरिक्त बिलासपुर के राजीव गांधी चौक, नेहरू चौक, महामाया चौक (वाय आकार) - रतनपुर मार्ग तक 305 करोड़ की लागत से फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण, पुराना बस स्टैंड चौक पर सीएमडी चौक-इमलीपारा रोड-टैगोर चौक-जगमल चौक तक 115 करोड़ की लागत से फ्लाई ओवर का निर्माण, एफसीआई गोडाउन व्यापार विहार क्षेत्र को सिरगिट्टी-महमंद बायपास से जोड़ने हेतु 320 करोड़ की लागत से तारबहार फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार शहर के यातायात दबाव को कम करने हेतु 950 करोड़ की लागत से फोरलेन बिलासपुर रिंग रोड निर्माण के लिए एनएचएआई की सहमति के आधार पर लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी। खारंग जलाशय में पाराघाट व्यपवर्तन योजना के लिए 328 करोड़ रुपये, नगर निगम क्षेत्र में अरपा नदी के एसटीपी एवं ड्रेनेज कार्यों के लिए 252 करोड़ रुपये तथा बिलासपुर शहर की जलभराव समस्या के समाधान हेतु आपदा प्रबंधन निधि से 150 करोड़ रुपये दिए जाने की सहमति बनी। बिलासपुर में कैंसर अस्पताल के लिए टाटा मेमोरियल अस्पताल से चर्चा करने, कानन पेंडारी के सामने अंडरपास निर्माण, कोनी से बिरकोना,खमतराई,बहतराई मार्ग के निर्माण, 24×7 जल आपूर्ति योजना हेतु डीपीआर तैयार करने तथा अरपा साडा क्षेत्र के विकास के लिए टीएनसीपी एवं जिला अधिकारियों की बैठक कर पूर्व योजनाओं पर चर्चा तथा इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, विधायक श्री अमर अग्रवाल, विधायक श्री सुशांत शुक्ला, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह तथा विभिन्न विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। - भिलाई:। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने आज जोन-1 अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन पानी टंकी, आवासीय कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था और उद्यानों में बच्चों के लिए लगाई गई खेल सामग्रियों का बारीकी से अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।नेहरू नगर जोन-1 अंतर्गत चौहान ग्रीन वैली के समीप ई डब्लू एस हेतु प्रधानमंत्री आवास क्षेत्र में बन रही पानी टंकी का आयुक्त ने निरीक्षण किया। आयुक्त ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को देखते हुए टंकी के साइज को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। इस टंकी के पूर्ण होने से क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों को नियमित और सुचारू पेयजल आपूर्ति का लाभ मिलेगा।निरीक्षण के दौरान आयुक्त खम्हरिया दीनदयाल कॉलोनी पहुंचे, जहाँ उन्होंने देखा कि कॉलोनी वासियों द्वारा घरों के ऊपर से कचरा फेंका गया है। इसे गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली को तत्काल कचरा हटाने, नियमित सफाई के साथ पेनाल्टी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कॉलोनी में कड़ी कार्रवाई की जाए, जिनको साफ सफाई पसंद नहीं है । साथ ही उन्होंने कॉलोनी की पेयजल व्यवस्था की भी समीक्षा किए हैं।नेहरू नगर स्थित नमो उद्यान के सौंदर्यीकरण और बच्चों के मनोरंजन पर ध्यान देते हुए निगम द्वारा नई खेल सामग्रियां स्थापित की गई हैं। आयुक्त ने इनका निरीक्षण किया और उद्यान के बेहतर रखरखाव पर जोर दिया।इस भ्रमण के दौरान जोन आयुक्त अजय राजपूत, कार्यपालन अभियंता सुनील जैन, संजय अग्रवाल, सहायक अभियंता फत्तेलाल साहू, उप अभियंता बसंत साहू, अर्पित बंजारे, सहायक राजस्व अधिकारी सुनील जोशी, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना सहित निगम के अन्य कर्मचारी एवं सुपरवाइजर उपस्थित रहे।
- -लापरवाही के कारण जलभराव की समस्या, अनुबंध के अनुसार मार्च 2024 तक निर्माण हो जाना था-एसटीपी प्रारम्भ होते तक तालाब किनारे एसटीपी के समीप तालाब में गन्दगी नहीं जाने देने तत्काल जाली लगवाने के दिए निर्देशरायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे पर्यावरण प्रेमी एनजीओ ग्रीन आर्मी ऑफ रायपुर के अनुरोध पर एनजीओ द्वारा स्थानीय निवासियों और रायपुर नगर पालिक निगम, स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से महाराजबन्द तालाब में लगातार चलाये जा रहे तालाब की श्रमदान से सफाई के महाभियान का निरीक्षण करने रायपुर नगर निगम जोन 5 जोन अध्यक्ष श्री अम्बर अग्रवाल, जोन 6 अध्यक्ष श्री बद्री प्रसाद गुप्ता, पार्षद श्री प्रमोद कुमार साहू सहित रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड की सी ओ ओ सुश्री ऋचा चंद्राकर, जोन 6 जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव, कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा, श्री दिनेश सिंहा, सहायक अभियंता श्री अजय श्रीवास्तव, उप अभियंता सर्वश्री राहुल थोरानी, शुभम तिवारी, योगेन्द्र साहू जोन स्वास्थ्य अधिकारी सर्वश्री वीरेन्द्र चंद्राकर, संदीप वर्मा, श्री अदिव्य हजारी सहित अन्य सम्बंधित रायपुर नगर निगम और रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारियों, पूर्व पार्षद श्रीमती सरिता वर्मा, ग्रीन आर्मी के श्री अमिताभ दुबे सहित अन्य पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों की उपस्थिति में किया.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने महाराजबंध की श्रमदान से सफाई का महाभियान चलाने के ग्रीन आर्मी ऑफ रायपुर की टीम ki सराहना की और कहा कि ऐसे सफाई महाभियान में सभी नागरिकों की सहभागिता आवश्यक है, जिससे शहर के तालाबों को स्वच्छ और सुन्दर जनसहभागिता से मिलकर बनाया जा सके.महापौर ने सम्बंधित जोन स्वास्थ्य अधिकारी को नागरिकों द्वारा श्रमदान कर तालाब से बाहर निकाले गए कचरे को तत्काल सड़क के किनारे से हटाए जाने की व्यवस्था देने निर्देश दिए हैँ.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सम्बंधित अधिकारियों को कार्य तत्काल गतिमान कर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैँ और 3 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट महाराजबन्द तालाब में प्रारम्भ होते तक तालाब किनारे एसटीपी के समीप जाली तत्काल लगवाने के निर्देश दिए हैँ, ताकि गन्दगी तालाब के भीतर ना जाने पाए. महापौर ने सम्बंधित जोन 4 के जोन स्वास्थ्य अधिकारी को प्रगतिरत एसटीपी के समीप महाराजबंध तालाब की विशेष सफाई अभियान चलाकर शीघ्र करवाने के निर्देश दिए हैँ.
- -बुड़दी, गगपल्ली और किस्टाराम के अस्पतालों को केंद्र सरकार से मिली मान्यतारायपुर। सुकमा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के निरंतर प्रयासों ने आज एक नया इतिहास रच दिया है। सुकमा ज़िले के घोर नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुड़दी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर गगपल्ली और आयुष्मान आरोग्य मंदिर किस्टाराम को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स(NQAS) प्रमाण पत्र से नवाजा गया है। यह उपलब्धि केवल एक सर्टिफिकेट नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रशासन 'अंतिम व्यक्ति' तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के अपने संकल्प को सिद्ध कर रहा है।कठिन चुनौतियों के बीच 'क्वालिटी' का कीर्तिमानसुकमा जैसे संवेदनशील ज़िले में, जहाँ भौगोलिक परिस्थितियाँ और सुरक्षा की चुनौतियाँ अक्सर बाधा बनती हैं, वहां के स्वास्थ्य केंद्रों का राष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। इन केंद्रों ने सेवा प्रावधान, मरीज के अधिकार और संक्रमण नियंत्रण जैसे 8 कड़े मानकों पर 70% से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी उत्कृष्टता साबित की है।प्रशासन की रणनीति और सफलता के सूत्रज़िला प्रशासन ने इन केंद्रों में बुनियादी ढाँचे और नैदानिक देखभाल को बेहतर बनाने के लिए नियद नेल्लानार के अंतर्गत विशेष कार्ययोजना तैयार की गई थी जिसमेंसतत मॉनिटरिंग- दुर्गम क्षेत्रों में दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई।संक्रमण नियंत्रण- अस्पतालों में स्वच्छता और बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट को प्राथमिकता दी गई।रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण- मरीजों को न केवल उपचार मिले, बल्कि उनके अधिकारों और सम्मान का भी पूरा ध्यान रखा गया।कलेक्टर ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धिकलेक्टर श्री अमित कुमार ने बताया कि सुकमा जिले के 3 स्वास्थ्य केंद्रों को NQAS सर्टिफिकेट मिलना जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों का राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना यह दर्शाता है कि प्रशासन की प्राथमिकता शिक्षा और स्वास्थ्य के जरिए विकास को गति देना है।क्या है NQAS और इससे क्या बदलेगाNQAS सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए बनाया गया एक सख्त फ्रेमवर्क है। इस प्रमाणन के बाद अब इन केंद्रों को भारत सरकार की ओर से वित्तीय प्रोत्साहन भी मिलेगा। इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य सुविधाओं के और अधिक विस्तार और रखरखाव के लिए किया जाएगा, जिससे भविष्य में स्थानीय ग्रामीणों को और भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
- रायपुर ।समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पिछले दो वर्षों में समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए व्यापक एवं प्रभावी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, विधवा एवं परित्यक्त महिलाएं तथा उभयलिंगी व्यक्तियों के सामाजिक पुनर्वास और आर्थिक सशक्तिकरण हेतु योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत 22 लाख से अधिक हितग्राहियों को पेंशन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, जिनमें से अधिकांश को डीबीटी के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित किया गया है। दिव्यांगजनों के लिए यूडीआईडी कार्ड, छात्रवृत्ति, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण, विवाह प्रोत्साहन योजना और विशेष शिक्षण संस्थानों के माध्यम से हजारों दिव्यांगजन लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से अब तक लाखों वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, विधवाओं एवं परित्यक्त महिलाओं को निःशुल्क तीर्थ यात्रा कराई गई है।प्रेस वार्ता में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि नशामुक्ति, उभयलिंगी व्यक्तियों के सशक्तिकरण, वृद्धाश्रम संचालन, मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों के पुनर्वास तथा ‘सियान हेल्पलाईन’ जैसी पहलों से समाज के कमजोर वर्गों को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है और समाज कल्याण विभाग की योजनाएं धरातल पर प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं।
- रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि विगत दो वर्षों में छत्तीसगढ़ शासन ने महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के जीवन में सकारात्मक और ठोस बदलाव लाने के लिए ऐतिहासिक पहल की है। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को सम्मान, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करना है।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से 69 लाख से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिला है और अब तक 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है। योजना का सामाजिक प्रभाव यह है कि बड़ी संख्या में महिलाएं अब पारिवारिक और आर्थिक निर्णयों में स्वतंत्र भूमिका निभा रही हैं। वहीं प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के तहत 4.81 लाख महिलाओं को 237 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है, जिससे छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया है।प्रेस वार्ता में मंत्री ने कहा कि राज्य में कुपोषण के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। नवंबर 2023 की तुलना में नवंबर 2025 तक स्टंटिंग, वेस्टिंग और अंडरवेट बच्चों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। 19 लाख से अधिक हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें महिला स्व सहायता समूहों की भागीदारी से पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण वितरण सुनिश्चित हुआ है।महिला सुरक्षा एवं संरक्षण के क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में सखी वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से हजारों महिलाओं और बच्चों को त्वरित सहायता प्रदान की गई है। बाल संरक्षण सेवाओं, दत्तक ग्रहण, फॉस्टर केयर और न्यायिक प्रकरणों के निराकरण में भी छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है।मंत्री श्रीमती राजवाड़े कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन, नई नियुक्तियों, डिजिटल उपस्थिति प्रणाली और ई-भर्ती पोर्टल जैसी पहलों से विभागीय कार्यप्रणाली को सुदृढ़ किया गया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत हजारों बेटियों के विवाह गरिमामय ढंग से संपन्न कराए गए हैं।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाएं छत्तीसगढ़ को एक सुरक्षित, सशक्त और समावेशी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं।
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- आयुष्मान कार्ड एवं आयुष्मान वय वंदना कार्ड पंजीयन में राजनांदगांव जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर
राजनांदगांव । जिले में स्वास्थ्य सेवाओं एवं सुविधाओं के उन्नयन के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत जनमानस को स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। इसी कड़ी में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत आयुष्मान वय वंदना कार्ड और आयुष्मान कार्ड में प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।
जिले में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत आयुष्मान वय वंदना कार्ड निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध 100.20 प्रतिशत बना कर उपलब्धि के साथ जिला राज्य में सर्वप्रथम शत प्रतिशत पंजीयन करने वाला जिला है। इसी तरह आयुष्मान कार्ड पंजीयन लक्ष्य के विरूद्ध 98.42 प्रतिशत उपलब्धि के साथ राज्य में प्रथम स्थान पर है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत आयुष्मान कार्ड एवं आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाने में राज्य में जिला राजनांदगांव प्रथम स्थान पर है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत जिले के कुल 25 हजार 88 वरिष्ठ 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के 25 हजार 138 पात्र हितग्राहियों का आयुष्मान वय वंदना कार्ड हेतु पंजीयन किया गया है जो कि निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध 100.20 प्रतिशत उपलब्धि के साथ जिला राज्य में सर्वप्रथम शत प्रतिशत पंजीयन करने वाला जिला है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत आयुष्मान कार्ड पंजीयन का लक्ष्य कुल 9 लाख 52 हजार 546 के विरूद्ध 9 लाख 37 हजार 461 हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड पंजीयन किया गया है जो कि निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध 98.42 प्रतिशत है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के सभी पात्र हितग्राहियों के घर-घर पहुंचकर आयुष्मान वय वंदना कार्ड पंजीयन का कार्य पूर्ण किया गया है। आयुष्मान वय वंदना कार्ड अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में 5 लाख रूपए तक का अतिरिक्त नि:शुल्क उपचार प्रदाय करने का प्रावधान है। इसके साथ ही आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्ड आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख तक का मुफ्त, कैशलेस और पेपरलेस इलाज प्रदान किया जा रहा है। शासन की एक बड़ी स्वास्थ्य बीमा पहल है जो गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करती है। - -छोटेडोंगर में शिक्षा, सड़क और वन अधोसंरचना को मिलेगी नई गति-सुशासन एक्सप्रेस व विभागीय शिविरों से ग्रामीणों को मिला योजनाओं का सीधा लाभरायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मुख्य आतिथ्य तथा बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री महेश कश्यप की अध्यक्षता में जिले के एक दिवसीय भ्रमण के दौरान छोटेडोंगर में भूमिपूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उन्होंने लोक निर्माण विभाग, वन विभाग एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत कुल 6 करोड़ 3 लाख 97 हजार रूपए की लागत वाले सात महत्वपूर्ण विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया।मंत्री श्री कश्यप के द्वारा किए गए भूमिपूजन कार्यों में विकासखंड नारायणपुर अंतर्गत धौड़ाई में हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण हेतु 1 करोड़ 21 लाख 16 हजार रुपये, चिपरेल नगर वन परियोजना के लिए 89 लाख 22 हजार रुपये तथा नवीन विश्रामगृह निर्माण कार्य हेतु 1 करोड़ 1 लाख रुपए शामिल हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत कुकड़ाझोर-आकाबेड़ा मार्ग से ताड़ोनार तक सड़क निर्माण के लिए 85 लाख 93 हजार रूपए, कस्तुरमेटा-मोहंदी मार्ग से ब्रेहबेड़ा तक सड़क निर्माण हेतु 63 लाख 78 हजार रूपए, कस्तुरमेटा-मोहंदी मार्ग से मलकाल तक सड़क निर्माण कार्य के लिए 97 लाख 25 हजार रुपए तथा कस्तुरमेटा-मोहंदी मार्ग से मोहंदी गांव तक सड़क निर्माण हेतु 45 लाख 63 हजार रूपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है और निश्चित ही यह क्षेत्र आने वाले समय में प्रदेश का एक समृद्ध एवं मॉडल क्षेत्र के रूप में विकसित होगा। उन्होंने जानकारी दी कि ओरछा से नारायणपुर तक बनने वाली सड़क का निर्माण कार्य तीन चरणों में पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए टेंडर निरस्त किए जाएंगे। इस अवसर पर उन्होंने छोटेडोंगर के हायर सेकेंडरी स्कूल में शेड निर्माण कराए जाने की भी घोषणा की।बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को क्षेत्र में जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू कर विकास को गति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि डीएमएफ मद की राशि का उपयोग कर क्षेत्रीय विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने महतारी वंदन योजना, तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में किए जा रहे कार्यों, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा मोदी की गारंटी के तहत संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में प्रदेश का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉल एवं सुशासन एक्सप्रेस शिविर का वन मंत्री एवं सांसद द्वारा अवलोकन किया गया। इस अवसर पर पशुपालन विभाग द्वारा स्व-सहायता समूह की महिलाओं को किट वितरण किया गया तथा भारत माता स्व-सहायता समूह की महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किए गए। खाद्य एवं पोषण सुरक्षा (दलहन) योजना अंतर्गत किसानों को मसूर बीज मिनीकिट का वितरण किया गया। इसके साथ ही आय, निवास एवं जाति प्रमाण पत्र तथा किसान किताब का वितरण किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा सहायक उपकरण वितरित किए गए। निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम विद्यालय छोटेडोंगर के विद्यार्थियों को साइकिलें प्रदान की गईं। वहीं सुशासन एक्सप्रेस शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए।कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम एवं छोटेडोंगर सरपंच श्रीमती संध्या पवार ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री इंद्रप्रसाद बघेल, जनपद अध्यक्ष श्री नरेश कोर्राम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती लता कोर्राम, कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ, जनपद सीईओ सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -कवर्धा प्रीमियर लीग : अंतिम गेंद तक चले रोमांचक मुकाबले में वार्ड नंबर 08 ने जीता खिताब-उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर जिले में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय स्तर की तर्ज पर हुआ भव्य आयोजन-उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्राम बरेंडा में मिनी स्टेडियम निर्माण की घोषणा कीरायपुर ।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की विशेष पहल पर आयोजित कवर्धा प्रीमियर लीग का फाइनल मुकाबला कवर्धा के वार्ड नंबर 08 एवं ग्राम सारी के मध्य कवर्धा के करपात्री स्टेडियम में खेला गया। यह मुकाबला दर्शकों के लिए बेहद रोमांचक रहा, जिसमें अंतिम गेंद पर खेल का परिणाम तय हुआ। फाइनल मैच में वार्ड नंबर 08 की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए ग्राम सारी को 101 रनों का लक्ष्य दिया। लक्ष्य का पीछा करते हुए ग्राम सारी की टीम को वार्ड नंबर 08 के गेंदबाजों ने अपने शानदार गेंदबाजी और अनुशासित खेल द्वारा परास्त कर टीम विजेता बनी और वार्ड नंबर 08 ने कवर्धा प्रीमियर लीग का खिताब अपने नाम किया। इस अवसर पर तीसरे स्थान के लिए ग्राम बरेंडा एवं कवर्धा के वार्ड नंबर 09 के मध्य मुकाबला खेला गया, जिसमें ग्राम बरेंडा ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज कर तीसरे स्थान प्राप्त किया।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने फाइनल मुकाबले से पूर्व विधिवत पूजा-अर्चना कर मैच का शुभारंभ किया। उन्होंने दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और खेल भावना के साथ खेलने का संदेश दिया। मैच के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने भी क्रिकेट में हांथ आजमाया और नगर पालिका अध्यक्ष एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष की गेंदों पर आकर्षक लंबे शॉट लगाया, जिससे मैदान में मौजूद खिलाड़ियों और दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्राम बरेंडा में मिनी स्टेडियम निर्माण की घोषणा भी की।उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी प्रतिभाओं को बेहतर मंच और सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है, ताकि युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। उन्होंने कवर्धा प्रीमियर लीग में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों, आयोजकों एवं खेल प्रेमियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस आयोजन ने जिले में खेल संस्कृति को नई दिशा दी है। उन्होंने खिलाड़ियों द्वारा प्रदर्शित अनुशासन, समर्पण और खेल भावना की विशेष रूप से सराहना की। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा, मंच और प्रोत्साहन प्रदान किया जाता रहेगा, ताकि कवर्धा जिले से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी उभर सकें।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कवर्धा प्रीमियर लीग के समापन अवसर पर विजेता एवं उपविजेता टीमों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कवर्धा वार्ड नंबर 08 की टीम को 1 लाख 11 हजार रुपए की पुरस्कार राशि एवं आकर्षक शील्ड प्रदान की गई। वहीं, प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान हासिल करने वाली ग्राम सारी की टीम को 51 हजार रुपए एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली ग्राम बरेंडा की टीम को 31 हजार रुपए की पुरस्कार राशि एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।उन्होंने बेस्ट बाॅलर, बेस्ट बैट्समैन, मैन ऑफ द सीरिज खिलाड़ियों को भी शील्ड मोमेंटो देकर सम्मानित किया। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सभी विजेता एवं सहभागी टीमों को बधाई देते हुए कहा कि कवर्धा प्रीमियर लीग जैसे आयोजनों से जिले में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिला है तथा युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का सशक्त मंच प्राप्त हो रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों के अनुशासन, मेहनत और खेल भावना की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के निरंतर आयोजन की बात कही।कवर्धा विधायक एवं उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित कवर्धा प्रीमियर लीग का आयोजन कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के सात मंडलों में किया गया। प्रत्येक मंडल में अलग-अलग स्तर पर टूर्नामेंट आयोजित हुए, इसमें ग्रामीण अंचलों के साथ-साथ सुदूर वनांचल की अनेक टीमों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रत्येक मंडल से 4-4 शीर्ष टीमें चयनित होकर सुपर-28 लीग में पहुंचीं। इस लीग में कवर्धा शहर मंडल की 4 टीमें भी शामिल रहीं। इस प्रकार पूरे टूर्नामेंट में कुल 226 टीमों ने भाग लिया, जबकि 4500 से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया। सुपर-28 लीग चरण के सभी मुकाबले कवर्धा के स्वामी करपात्री मैदान में अत्याधुनिक फ्लड लाइट व्यवस्था के बीच खेले गए। यह आयोजन कबीरधाम जिले के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा क्रिकेट टूर्नामेंट सिद्ध हुआ, जिसने खेल प्रेमियों में विशेष उत्साह का संचार किया।
- -उपमुख्यमंत्री घड़ी चौक रायपुर में आयोजित माता शाकम्बरी की जयंती समारोह में हुए शामिल-उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा एवं मरार पटेल समाज के प्रतिनिधियों ने लोगों को निःशुल्क सब्जियों का किया वितरणरायपुर। माता शाकम्बरी जयंती के अवसर पर सोमवार को उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा रायपुर के घड़ी चौक में आयोजित जयंती समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने माता शाकम्बरी की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश में सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की और पटेल समाज के जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर उन्होंने लोगों को सब्जियों का निःशुल्क वितरण भी किया।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने समाजजनों को संबोधित करते हुए कहा कि मरार पटेल समाज एक उद्यमी, संगठित और सुव्यवस्थित समाज है। अपने श्रम और उद्यम के आधार पर उनकी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि समाज के श्रम को बाड़ी में उत्पादन से लेकर देश के बड़े बड़े बाजारों तक उनके उत्पादों को पहुंचा कर उचित प्रतिफल दिलाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह द्वारा शाकम्बरी बोर्ड का गठन किया गया था। जिसका बहुत अच्छा परिणाम हमें प्राप्त हुआ है।उन्होंने कहा कि मरार पटेल समाज में सहकारिता की भावना हर व्यक्ति में विद्यमान है। जन जन और हर मन में स्वाभाविकता से बसे इस सहकारिता के भाव के साथ हमें आगे बढ़ना है और समाज एवं प्रदेश के विकास के लिए कार्य करना है।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने माता शाकम्बरी से प्रार्थना करते हुए कहा कि माता की कृपा से सभी के घरों में धन-धान्य की वर्षा हो, खेत-खलिहान लहलहाते रहें, सभी नागरिक स्वस्थ और सुखी रहें तथा राज्य निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हो। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के साथ मिलकर गांव, गरीब, किसान और श्रमिक के उत्थान के लिए सतत प्रयास कर रही है।इस अवसर पर राज्य मरार पटेल समाज के अध्यक्ष श्री शंकर पटेल, श्री राम कुमार पटेल, श्री अशोक पटेल, श्री परदेशी पटेल, श्री केके पाटिल, श्री ब्रम्हदेव पटेल, श्री राजेन्द्र पटेल, श्री मोतीराम पटेल, श्री प्रमोद पटेल, श्री बाकीराम पटेल, श्री ईश्वर पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं समाज के सदस्य उपस्थित रहे।











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