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- -लंबे समय से लंबित जाति प्रमाण पत्र की समस्या का हुआ त्वरित समाधान-मुख्यमंत्री की सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की प्रतिबद्धता हुई साकाररायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्थापित पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेंद्रित प्रशासनिक व्यवस्था का सकारात्मक प्रभाव प्रदेशभर में दिखाई दे रहा है। आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित सीएम हेल्पलाइन 1076 आज लोगों के लिए भरोसे का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड के ग्राम पतगवा के निवासी श्री सेवक राम की सफलता की कहानी इसी सुशासन का प्रेरणादायक उदाहरण है। श्री सेवक राम अपने बच्चों के जाति एवं आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लंबे समय से संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे। आवेदन करने के बावजूद विभिन्न कारणों से उनके बच्चों के प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे थे। इससे बच्चों को शैक्षणिक सुविधाओं, शासकीय योजनाओं तथा अन्य आवश्यक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। लगातार प्रयासों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से परिवार चिंतित था।आखिरकार श्री सेवक राम ने अपनी समस्या सीएम हेल्पलाइन 1076 में दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही संबंधित विभाग ने गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ तत्काल कार्रवाई की। परिणामस्वरूप मात्र 24 घंटे के भीतर उनके बच्चों का जाति प्रमाण पत्र स्वीकृत कर जारी कर दिया गया। वर्षों से लंबित समस्या का इतने कम समय में समाधान होने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।अपनी समस्या के त्वरित निराकरण से भावुक हुए श्री सेवक राम ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी समस्या का इतना शीघ्र समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले कई प्रयासों के बावजूद काम नहीं हो पाया था, लेकिन सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करने के बाद प्रशासन ने गंभीरता से कार्रवाई करते हुए समयबद्ध राहत प्रदान की।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सीएम हेल्पलाइन 1076 केवल शिकायत दर्ज करने का मंच नहीं, बल्कि आम लोगों की उम्मीदों को पूरा करने वाला एक प्रभावी सुशासन तंत्र बन चुका है, जो प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को लगातार मजबूत कर रहा है।
- -वैश्विक नवाचार और अनुसंधान के लिए 20 अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ किया महा-समझौतारायपुर / छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (HNLU), रायपुर ने वैश्विक शैक्षणिक पटल पर राज्य का गौरव बढ़ाते हुए एक बड़ी रणनीतिक उपलब्धि हासिल की है। थाईलैंड के बैंकॉक में आयोजित एक प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के दौरान, एचएनएलयू ने वैश्विक विश्वविद्यालय नवाचार एवं सहयोग के लिए एक ऐतिहासिक बहुपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।इस ऐतिहासिक समझौते पर दक्षिण एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के 20 अग्रणी और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों ने हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम उच्च शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान और सतत विकास के क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में भारत की ओर से एक बेहद महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।यह समझौता 9-10 जुलाई 2026 को बैंकॉक स्थित प्रसिद्ध आईकॉनसियाम कन्वेंशन सेंटर में आयोजित "AUAP - WURI इम्पैक्ट समिट 2026" के दौरान हुआ। इस दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य विषय सरकार के साथ साझेदारी में विश्वविद्यालय नवाचार-नीति, तंत्र और प्रभाव था, जिसमें दुनिया भर के विश्वविद्यालयों के प्रमुखों, नीति-निर्माताओं, नवाचार विशेषज्ञों और जाने-माने शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया।कुलपति प्रो. विवेकानन्दन ने प्रस्तुत किया 'R-HaS' मॉडल शिखर सम्मेलन में एचएनएलयू का प्रतिनिधित्व करते हुए कुलपति प्रो. (डॉ.) वी.सी. विवेकानन्दन ने विश्वविद्यालय के अभिनव रिसर्च हब एंड स्पोक (R-HaS) मॉडल पर आधारित एक केस स्टडी प्रस्तुत की। इस प्रस्तुति के माध्यम से उन्होंने एचएनएलयू के अंतर्विषयी अनुसंधान तंत्र, बाह्य वित्तपोषित (एक्सटर्नली फंडेड) शोध परियोजनाओं तथा समाज के प्रति जवाबदेह एवं प्रभावकारी अनुसंधान के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को वैश्विक मंच पर रेखांकित किया, जिसकी उपस्थित विशेषज्ञों ने काफी सराहना की।इस रणनीतिक कामयाबी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कुलपति प्रो. विवेकानन्दन ने कहा कि एचएनएलयू क्षेत्रीय और वैश्विक विश्वविद्यालय संगठनों के साथ सार्थक सहभागिता के माध्यम से अपनी अनुसंधान पहलों को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित और प्रसारित करने की दिशा में प्रभावशाली प्रगति कर रहा है। यह बहुपक्षीय समझौता हमारे अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को विस्तार देने की दिशा में एक मील का पत्थर है। सम्मेलन के दौरान AUAP के महासचिव प्रो. डॉ. अनूप स्वरूप तथा कार्यकारी सचिव डॉ. सुपापोर्न चुआंगचिद के साथ संयुक्त सम्मेलन, अनुसंधान परियोजनाओं, संकाय (फैकल्टी) व छात्र विनिमय (एक्सचेंज) कार्यक्रमों पर भी बेहद सार्थक चर्चा हुई है। बहुपक्षीय समझौता ज्ञापन के अनुच्छेद-3 के तहत सभी 20 सहभागी संस्थान भविष्य में मिलकर काम करेंगे। इसके तहत आपसी सहयोग से वैश्विक महत्व की नवाचार व शोध परियोजनाओं का संचालन, संकाय (फैकल्टी), शोधार्थियों और छात्रों के लिए विनिमय कार्यक्रम,नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का विकास और स्टार्टअप को बढ़ावा देना और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मेलनों, कार्यशालाओं और केस स्टडीज का विकास करना शामिल है।AUAP (एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक): यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र का एक बेहद प्रतिष्ठित और पुराना विश्वविद्यालय संगठन है। इसका मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों को एक मंच पर लाकर शैक्षणिक सहयोग, नेतृत्व विकास और उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण को बढ़ावा देना है।WURI (वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स फॉर इनोवेशन) यह एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग प्रणाली है जो विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन सिर्फ पारंपरिक किताबी या शोध मानकों पर नहीं, बल्कि वास्तविक सामाजिक प्रभाव, उद्योग सहयोग, उद्यमिता और नैतिक नेतृत्व जैसे नवाचारों के आधार पर करती है। एचएनएलयू अपने दूरदर्शी नेतृत्व के कारण इस रैंकिंग में लगातार अंतरराष्ट्रीय पहचान बना रहा है।हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (HNLU), रायपुर देश के अग्रणी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में गिना जाता है। अपने विशिष्ट 'R-HaS' मॉडल, अनुभवात्मक अधिगम (एक्सपेरिमेंटल लर्निंग) और लोकनीति-उन्मुख अनुसंधान के दम पर यह संस्थान विधि शिक्षा के भविष्य को वैश्विक स्तर पर आकार देने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।
- -नाशपाती की बागवानी से किसान मनोज यादव की बढ़ी आय, पर्यटकों के आकर्षण का बना केंद्ररायपुर । छत्तीसगढ़ के शिमला के नाम से प्रसिद्ध मैनपाट अब प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ एग्री-टूरिज्म और फलोद्यान विकास का भी प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। राज्य शासन के उद्यानिकी विभाग की योजनाओं और तकनीकी मार्गदर्शन से यहां के किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर फलों की व्यावसायिक बागवानी के माध्यम से बेहतर आमदनी अर्जित कर रहे हैं। ग्राम बारिमा निवासी प्रगतिशील किसान मनोज यादव इसकी प्रेरक मिसाल हैं, जिन्होंने ग्राम कुदारीडीह (मेहता पॉइंट के समीप) में नाशपाती का सफल बगीचा विकसित कर आर्थिक समृद्धि की नई राह बनाई है।मनोज यादव ने वर्ष 2017-18 में कमलेश्वरपुर स्थित शासकीय उद्यान रोपणी से नाशपाती के पौधे प्राप्त कर अपनी आधा हेक्टेयर भूमि में लगभग 200 पौधे लगाए थे।प्राकृतिक कारणों से कुछ पौधे नष्ट होने के बावजूद वर्तमान में लगभग 170 पौधे फलदार वृक्ष बन चुके हैं और नियमित उत्पादन दे रहे हैं।उन्होंने बताया कि उद्यानिकी विभाग के अधिकारी समय-समय पर बगीचे का निरीक्षण कर पौधों की देखभाल, पोषण प्रबंधन तथा आधुनिक बागवानी तकनीकों के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन देते रहे हैं। विभाग के निरंतर सहयोग से उत्पादन की गुणवत्ता और आय दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।इस वर्ष ओलावृष्टि और बिक्री में विलंब के बावजूद बगीचे से करीब 260 कैरेट नाशपाती का उत्पादन हुआ। थोक बाजार में लगभग 500 रुपये प्रति कैरेट की दर से बिक्री के साथ ही पर्यटकों को फुटकर बिक्री से अतिरिक्त आय प्राप्त हुई। इससे इस वर्ष लगभग 1.5 लाख रुपये की शुद्ध आय हुई। मनोज यादव ने बताया कि पिछले वर्ष मौसम अनुकूल रहने पर इसी बगीचे से उन्हें लगभग 2.5 से 3 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई थी।कुदारीडीह स्थित यह नाशपाती बगीचा अब एग्री-टूरिज्म का आकर्षक केंद्र बन गया है। लालमाटी क्षेत्र में स्थित इस स्थल से रायगढ़ अंचल का मनोहारी दृश्य दिखाई देता है, जिसे देखने प्रतिदिन 100 से 250 पर्यटक पहुंचते हैं। यहां आने वाले पर्यटक ताजी नाशपाती खरीदने के साथ स्वयं पेड़ों से फल तोड़ने का भी आनंद लेते हैं। इससे किसानों को अपनी उपज सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने और बेहतर मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।मनोज यादव ने किसानों, विशेषकर युवाओं से पारंपरिक खेती के साथ नाशपाती, लीची एवं अन्य फलदार फसलों की बागवानी अपनाने की अपील की है। उनका कहना है कि कम क्षेत्र में भी वैज्ञानिक तरीके से बागवानी कर बेहतर आय अर्जित की जा सकती है, वहीं पर्यटन क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विपणन से अतिरिक्त लाभ भी मिलता है। जिला प्रशासन एवं उद्यानिकी विभाग फलोद्यान विकास, तकनीकी प्रशिक्षण और आधुनिक कृषि पद्धतियों के माध्यम से किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। मनोज यादव की सफलता इस बात का प्रमाण है कि विभागीय मार्गदर्शन, वैज्ञानिक खेती और निरंतर मेहनत से बागवानी को लाभकारी व्यवसाय में बदला जा सकता है।
- -पुनर्वासित युवा स्वरोजगार से बने आत्मनिर्भररायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार वनांचल क्षेत्रों में विकास और पुनर्वास के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है। इसी कड़ी में बीजापुर वनमंडल की एक बेहतरीन पहल सामने आई है, जिसने पुनर्वासित युवाओं और स्थानीय ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली का नया सवेरा ला दिया है। वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई 17 लाख रुपये की आर्थिक सहायता से चार युवाओं ने अपना स्वरोजगार शुरू कर विकास की मुख्यधारा से जुड़ने की एक नई शुरुआत की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वनमंडल बीजापुर ने यह अनूठी पहल की है। विभाग ने वन प्रबंधन समितियों के खातों में जमा लाभांश और चक्रीय निधि (रिवॉल्विंग फंड) का सदुपयोग करते हुए चार हितग्राहियों को कुल 17 लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया है, ताकि वे सम्मानजनक आजीविका हासिल कर सकें।वन विभाग ने पामेड़ और आवापल्ली परिक्षेत्र के चार ग्रामीणों को उनकी जरूरत के अनुसार आर्थिक मदद दी है। तीन हितग्राहियों को किराना दुकान शुरू करने के लिए क्रमशः 2 लाख रुपये, 3 लाख रुपये और 2 लाख रुपये का ऋण दिया गया। एक हितग्राही को ट्रैक्टर, ट्रॉली और डोजर खरीदने के लिए 10 लाख रुपये की बड़ी वित्तीय सहायता प्रदान की गई।इस योजना का सीधा लाभ उठाने वाले भाग्यशाली हितग्राहियों में श्री दिलीप बीराबोईन (कोतापल्ली), श्री दिनेश कुमार कचलम (मुरदोंडा), श्रीमती जोशिला भगत (कोतापल्ली), श्री नागुल सत्यनारायण (आवापल्ली) शामिल हैं। आर्थिक मदद मिलते ही इन सभी ने अपने कदम स्वरोजगार की ओर बढ़ा दिए हैं। अब वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता का एक नया उदाहरण भी पेश कर रहे हैं। यह पहल केवल लोन बांटने तक सीमित नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य पुनर्वासित युवाओं और सुदूर वनांचल के ग्रामीणों को एक सम्मानजनक जीवन देना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। इससे क्षेत्र में शांति, आपसी विश्वास और समावेशी विकास को और मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में भी ऐसे पात्र हितग्राहियों को आजीविका से जुड़ी योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का काम जारी रहेगा।
- -किसान गोपाल राम वर्मा ने जेंजरा समिति से लिया यूरिया, डीएपी एवं धान बीज-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति जताया आभाररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। किसानों की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक एवं प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही वितरण व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाते हुए टोकन प्रणाली समाप्त कर आवश्यकतानुसार एकमुश्त खाद एवं बीज उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इससे किसानों का समय बच रहा है तथा उन्हें बार-बार समिति के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।शासन द्वारा सभी सहकारी समितियों में खाद एवं बीज का नियमित भंडारण, उपलब्धता की सतत निगरानी तथा मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, ताकि खरीफ की बुवाई समय पर पूरी हो सके। किसानों को प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के साथ खेती अधिक लाभकारी बन सके।इसी क्रम में गरियाबंद जिले के ग्राम मुड़तराई (जेंजरा) अंतर्गत जेंजरा स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति से किसान श्री गोपाल राम वर्मा ने यूरिया, डीएपी तथा प्रमाणित सरना धान बीज की 4 बोरी प्राप्त की। उन्होंने बताया कि सभी आवश्यक कृषि आदान एक ही स्थान पर और समय पर उपलब्ध होने से खेती की तैयारी आसान हो गई है तथा बुवाई कार्य बिना किसी बाधा के प्रारंभ किया जा सका। श्री वर्मा ने बताया कि पहले अलग-अलग समय पर खाद लेने अथवा टोकन के लिए इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब एकमुश्त खाद एवं बीज मिलने से समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। उन्होंने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई इस व्यवस्था तथा समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
- -भूमि उपयोग प्रमाण पत्र के लिए पमेन्द्र साहू को नहीं लगाने पड़े बार-बार तहसील के चक्कर-'जनता के द्वार, डिजिटल सरकार' की पहल से समय, श्रम और धन की हो रही बचतरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन और डिजिटल प्रशासन को नई गति देने वाला सेवा सेतु पोर्टल आज आम नागरिकों के लिए शासकीय सेवाओं तक आसान, पारदर्शी और समयबद्ध पहुंच का सशक्त माध्यम बन गया है। इस अभिनव पहल के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को शासकीय सेवाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता काफी हद तक समाप्त हो गई है।राज्य शासन की "जनता के द्वार, डिजिटल सरकार" की परिकल्पना को साकार करते हुए सेवा सेतु केन्द्र आम नागरिकों के लिए शासकीय सेवाओं का भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरा है। सेवा सेतु केन्द्र के माध्यम से विभिन्न विभागों की सेवाएं अब सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो रही हैं। इससे आम नागरिकों का समय, श्रम और धन बचने के साथ-साथ सरकारी सेवाओं तक उनकी पहुंच पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम और सुविधाजनक हुई है। दुर्ग जिले के श्री पमेन्द्र साहू ने भूमि उपयोग (लैंड यूज) प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए 4 जून 2026 को तहसील कार्यालय, दुर्ग स्थित सेवा सेतु केन्द्र में ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन के बाद आवश्यक दस्तावेजों का निर्धारित समय-सीमा में सत्यापन किया गया और समस्त प्रक्रिया पूर्ण होने पर उन्हें 17 जून 2026 को भूमि उपयोग प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।श्री पमेन्द्र साहू ने बताया कि पहले भूमि उपयोग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए उन्हें कई बार तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। आवेदन की स्थिति की जानकारी समय पर नहीं मिलती थी, दस्तावेजों के सत्यापन में विलंब होता था और अलग-अलग शाखाओं में बार-बार जाना पड़ता था। इससे समय, श्रम और आर्थिक व्यय भी अधिक होता था।श्री पमेन्द्र ने बताया कि सेवा सेतु केन्द्र की ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने के बाद पूरी प्रक्रिया बेहद सरल और सुविधाजनक हो गई है। आवेदन एक ही स्थान पर ऑनलाइन दर्ज हुआ, दस्तावेजों का समयबद्ध सत्यापन हुआ और बिना किसी अनावश्यक भागदौड़ के निर्धारित समय में प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया।श्री पमेन्द्र साहू ने राज्य शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सेवा सेतु केन्द्र ने शासकीय सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी, सरल और भरोसेमंद बनाया है। यह व्यवस्था आम नागरिकों के समय और धन की बचत करने के साथ-साथ सुशासन और डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक प्रभावी कदम है।
- -स्थानीय प्रतिभाओं और छत्तीसगढ़ी लोक कलाकारों को मिलेगा मंच-रामलीला मैदान में 10 दिनों तक सजेगा शास्त्रीय संगीत, नृत्य और लोक संस्कृति का महाकुंभ-रायगढ़ कलेक्टर की अध्यक्षता में कलाकार चयन समिति की बैठक संपन्नरायपुर । रायगढ़ जिले की सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक 41वें चक्रधर समारोह-2026 इस वर्ष 14 से 23 सितंबर 2026 तक स्थानीय रामलीला मैदान में आयोजित होगा। दस दिवसीय इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजन को भव्य, सुव्यवस्थित और यादगार बनाने के लिए आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलाकार चयन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर एवं चक्रधर समारोह आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कलाकारों के चयन, कार्यक्रम की रूपरेखा तथा आयोजन की प्रशासनिक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि चक्रधर समारोह केवल शास्त्रीय कला का मंच नहीं, बल्कि रायगढ़ और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने निर्देश दिए कि इस वर्ष आयोजन में स्थानीय कलाकारों, नवोदित प्रतिभाओं तथा छत्तीसगढ़ की लोक कला एवं लोक संस्कृति को विशेष स्थान दिया जाए, ताकि क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत का प्रभावी प्रदर्शन हो सके। बैठक में निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित कलाकारों के साथ-साथ रायगढ़ और प्रदेश के लोक कलाकारों को भी पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। छत्तीसगढ़ी लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक सांस्कृतिक विधाओं तथा स्थानीय प्रतिभाओं की प्रस्तुति समारोह का विशेष आकर्षण होगी। इससे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिलेगी। समारोह के दौरान शास्त्रीय गायन, वादन, नृत्य, लोक कला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का संतुलित कार्यक्रम तैयार करने पर समिति ने विस्तार से विचार-विमर्श किया। विशेषज्ञों ने कार्यक्रमों की समय-सारिणी, प्रस्तुति की गुणवत्ता तथा दर्शकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिन्हें आयोजन की अंतिम रूपरेखा में शामिल किया जाएगा।बैठक में मोती महल रायगढ़ (राज परिवार) से श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह एवं सुश्री उर्वशी देवी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के. संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल, प्रो. अम्बिका वर्मा, प्रदेश संयोजक सांस्कृतिक प्रकोष्ठ श्री अनुपम पाल, कलाकार श्री भूपेन्द्र बरेठ तथा प्राचार्य श्री राजेश डेनियल सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में रामलीला मैदान में मंच निर्माण, आकर्षक सज्जा, दर्शक दीर्घा, ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता तथा अन्य जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। आयोजन के प्रत्येक पहलू में विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।बैठक में आयोजन समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष का 41वां चक्रधर समारोह सांस्कृतिक गरिमा, उत्कृष्ट व्यवस्थाओं और उच्चस्तरीय प्रस्तुतियों के कारण पहले से अधिक भव्य और ऐतिहासिक होगा। राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के साथ स्थानीय एवं छत्तीसगढ़ी लोक कलाकारों की सहभागिता समारोह को नई पहचान देगी तथा रायगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को देशभर में और अधिक प्रतिष्ठा दिलाएगी।
- -कभी जंगलों में भटकते थे, आज अपने पक्के घर में परिवार के साथ जी रहे हैं सम्मान और सुरक्षा का जीवनरायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही एक प्रमुख कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवास विहीन और कच्चे या जीर्ण-शीर्ण मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराना है। पक्का मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते (DBT) में दी जाती है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार के मार्गदर्शन में राज्य सरकार पुनर्वास और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। बीजापुर जिले के ग्राम फूलगट्टा निवासी श्री सुदु कड़ती इसकी एक प्रेरक मिसाल हैं। कभी नक्सली संगठन से जुड़े सुदु कड़ती आज प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की बदौलत अपने पक्के घर में परिवार के साथ सम्मान और सुरक्षा का जीवन जी रहे हैं।सुदु कड़ती एक साधारण आदिवासी परिवार से हैं। क्षेत्र में लंबे समय से नक्सली गतिविधियों के प्रभाव, सीमित संसाधनों, शिक्षा और रोजगार के अभाव तथा नक्सलियों के दबाव के कारण वर्ष 2017 में वे नक्सली संगठन से जुड़ गए। शुरुआत में उन्हें यही रास्ता सही लगा, लेकिन समय के साथ उन्हें एहसास हुआ कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। जंगलों का जीवन भय, असुरक्षा और अनिश्चितता से भरा था। परिवार से दूर रहने का दर्द भी उन्हें लगातार परेशान करता रहा।जब उन्होंने देखा कि शासन की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले लोगों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है, तब उन्होंने वर्ष 2022 में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। यह उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण फैसला साबित हुआ।मुख्यधारा में लौटने के बाद भी उनके सामने कई चुनौतियां थीं। उनके पास न अपना घर था और न ही स्थायी आजीविका का साधन। शासन ने उनके आवश्यक दस्तावेज तैयार कराए और उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ा। वित्तीय वर्ष 2024-25 में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत पक्का आवास स्वीकृत हुआ। जब घर का निर्माण शुरू हुआ, तब उन्हें पहली बार महसूस हुआ कि अब उनका भी समाज में सम्मानजनक स्थान है। वर्षों तक अस्थायी जीवन जीने वाले सुदु के लिए अपने नाम का पक्का घर किसी सपने के साकार होने जैसा था।आज सुदु कड़ती अपने पक्के घर में परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी रहे हैं। उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ा है और भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है। अब वे चाहते हैं कि उनके बच्चे शिक्षा प्राप्त करें, आगे बढ़ें और सम्मान के साथ अपना जीवन बनाएं।भावुक होकर सुदु कड़ती कहते हैं कि जंगल में हर दिन डर और अनिश्चितता के बीच गुजरता था। परिवार से दूर रहने का दर्द हमेशा रहता था। आत्मसमर्पण के बाद लगा कि जिंदगी बदल सकती है। प्रधानमंत्री आवास योजना से अपना घर मिलने के बाद पहली बार महसूस हुआ कि समाज में मेरी भी पहचान है। अब मेरा सपना है कि मेरे बच्चे अच्छी शिक्षा पाएं और सम्मान के साथ अपना भविष्य बनाएं।सुदु कड़ती की कहानी यह साबित करती है कि विश्वास, पुनर्वास और शासकीय योजनाओं का लाभ किसी भी व्यक्ति के जीवन को नई दिशा दे सकता है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने उन्हें केवल एक पक्का घर ही नहीं दिया, बल्कि सुरक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद भी दी। यह कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो भटकाव छोड़कर विकास और सम्मान का रास्ता चुनना चाहते हैं।
- रायपुर - छत्तीसगढ़ राज्य के प्रणेता प्रथम दृष्टा डॉ खूबचंद बघेल की जयती दिनाक 19 जुलाई 2026 रविवार को प्रातः 11 बजे राजधानी शहर रायपुर के जीई मार्ग में स्थित नवीन मार्केट फूल चौक के समीप स्थित डॉ खूबचंद बघेल की मूर्ति के समक्ष उनका सादर ससम्मान नमन करने पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन रखा गया है।दिनांक 19 जुलाई 2026 रविवार को प्रातः 11 बजे आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य के प्रणेता प्रथम दृष्टा डॉ खूबचंद बघेल की जयती पर पुष्पांजलि कार्यक्रम में उनके मूर्ति स्थल के आसपास की विशेष सफाई, स्थल की पुष्पसज्जा सहित अन्य आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थायें रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वाधान में रायपुर नगर पालिक निगम के सम्बंधित जोन क्रमांक 4 के सहयोग से की जावेंगी |
- -सूरजपुर जिला चिकित्सालय में 6 सफल टोटल हिप रिप्लेसमेंट ऑपरेशन, मरीजों को अब नहीं जाना पड़ेगा बड़े शहररायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकेंद्रीकरण और जिला अस्पतालों को आधुनिक चिकित्सा सेवाओं से सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। सूरजपुर जिला चिकित्सालय ने सफलतापूर्वक 6 टोटल हिप रिप्लेसमेंट (टीएचआर) ऑपरेशन कर यह साबित किया है कि अब जटिल अस्थि शल्य चिकित्सा जैसी अत्याधुनिक सेवाएं भी जिला स्तर पर उपलब्ध हो रही हैं।इस उपलब्धि से न केवल सूरजपुर बल्कि आसपास के जिलों के मरीजों को भी राहत मिलेगी। अब उन्हें महंगे इलाज के लिए रायपुर या अन्य बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे मरीजों का समय, धन और अनावश्यक परेशानी तीनों की बचत होगी।सीएमएचओ डॉ. कपिल देव पैकरा और सिविल सर्जन डॉ. अजय मरकाम के नेतृत्व में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय साहू एवं डॉ. अमन गुप्ता ने इन जटिल शल्यक्रियाओं को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. विकास भगत और डॉ. अनिल कुमार ने भी ऑपरेशन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इस उपलब्धि में नर्सिंग एवं ऑपरेशन थिएटर की पूरी टीम का भी उल्लेखनीय योगदान रहा। समर्पित टीमवर्क और आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था के कारण सभी ऑपरेशन सफल रहे।ऑपरेशन के बाद सभी मरीज स्वस्थ हैं और चिकित्सकीय निगरानी में तेजी से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार द्वारा जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों, आधुनिक उपकरणों और बेहतर स्वास्थ्य अधोसंरचना पर किए जा रहे निवेश का सकारात्मक परिणाम अब आम नागरिकों तक पहुंच रहा है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जिला अस्पतालों में टीएचआर जैसी जटिल शल्य चिकित्सा की उपलब्धता से विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। इससे गंभीर अस्थि रोगों के उपचार की पहुंच बढ़ेगी और स्वास्थ्य सेवाओं पर लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा।सीएमएचओ डॉ. कपिल देव पैकरा ने पूरी चिकित्सा टीम, नर्सिंग स्टाफ एवं सहयोगी कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि भविष्य में भी जिला चिकित्सालय सूरजपुर में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार किया जाएगा, ताकि प्रदेश के नागरिकों को अपने जिले में ही बेहतर और विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध हो सके।
- -गोंचा पर्व की तैयारियों में तुपकी निर्माण से बढ़ी आजीविका, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का भी बन रहा माध्यमरायपुर । महतारी वंदन योजना महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दे रही, बल्कि उनकी पारंपरिक आजीविकाओं और स्थानीय संस्कृति को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रही है। प्रदेश के बस्तर अंचल में इसका एक प्रेरक उदाहरण देखने को मिला है, जहां बस्तर जिला के जगदलपुर विकासखंड के ग्राम मांझीगुड़ा की श्रीमती चंदा ने योजना से प्राप्त राशि का उपयोग गोंचा पर्व में उपयोग होने वाली पारंपरिक तुपकी के निर्माण में किया है। इससे न केवल उनके परिवार की आय बढ़ने की उम्मीद है, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिल रही है।बस्तर का प्रसिद्ध गोंचा पर्व धार्मिक आस्था, लोक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। पर्व की तैयारियों के बीच चंदा अपने पति श्री चिगडू और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर बड़ी संख्या में तुपकी तैयार कर रही हैं। गोंचा पर्व के दौरान इन तुपकियों की विशेष मांग रहती है, जिससे परिवार को अतिरिक्त आय प्राप्त होती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।तुपकी बांस से बनाया जाने वाला बस्तर का पारंपरिक यंत्र है, जिसमें मलाग्नी वृक्ष के बीज (पेंगू) का उपयोग कर बन्दूक जैसी ध्वनि उत्पन्न की जाती है। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान श्रद्धालु इसी तुपकी से पारंपरिक सलामी देते हैं। यह परंपरा वर्षों से बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा रही है और आज भी पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ निभाई जाती है।श्रीमती चंदा बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से प्रत्येक माह मिलने वाली राशि ने उन्हें आर्थिक आत्मविश्वास दिया। इसी सहायता से उन्होंने तुपकी निर्माण के लिए आवश्यक बांस और अन्य सामग्री खरीदी। अब पूरा परिवार इस कार्य में जुटा है और गोंचा पर्व के दौरान अच्छी आय होने की उम्मीद है।उनका कहना है कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने और अपनी पारंपरिक कला एवं कौशल को आजीविका से जोड़ने का अवसर भी है। इससे परिवार की आय बढ़ रही है और बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी हो रहा है।गौरतलब है कि योजना के प्रारंभ से अब तक 29 किस्तों के माध्यम से 18 हजार 805 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को सीधे उनके खातों में उपलब्ध कराई जा चुकी है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
- रायपुर ।सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण की दिशा में लगातार की जा रही कार्रवाई का एक और प्रभावी उदाहरण सामने आया है। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में ना नवपदस्थ कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के निर्देशानुसार जिला खनिज विभाग ने अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध विशेष अभियान चलाते हुए रेत एवं गिट्टी के अवैध परिवहन में संलिप्त छह ट्रैक्टरों को जब्त किया। यह कार्रवाई सीएम हेल्पलाइन (टोल फ्री नंबर-1076) में प्राप्त शिकायत के आधार पर तत्काल जांच के बाद की गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायत मिलते ही कलेक्टर ने जिला खनिज विभाग को त्वरित जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देशों के पालन में जिला खनिज उड़नदस्ता दल ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान कोलबिर्रा एवं रुमगा क्षेत्र से रेत से भरे तीन ट्रैक्टर, खंता एवं पिपरिया क्षेत्र से रेत से भरे दो ट्रैक्टर तथा सधवानी क्षेत्र से गिट्टी से भरा एक ट्रैक्टर अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा गया। सभी छह वाहनों को मौके पर जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की गई।खनिज विभाग ने संबंधित वाहन स्वामियों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अर्थदंड एवं समझौता राशि खनिज मद में जमा किए जाने के बाद ही नियमानुसार जब्त वाहनों को मुक्त किया जाएगा। कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश भी दिए, ताकि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ शासन के राजस्व हितों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सतत निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध खनिज गतिविधियों की जानकारी मिलने पर सीएम हेल्पलाइन अथवा संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि तत्काल कार्रवाई कर नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सके।इस कार्रवाई में सहायक खनि अधिकारी श्री आदित्य मानकर, खनि निरीक्षक श्री सुजीत कंवर, खनिज सिपाही श्री शिवकुमार लहरे तथा नगर सैनिक श्री सतीश साहू की सक्रिय भूमिका रही।
- -ग्राम भल्लौर की श्रीमती संतोषी को अब तक मिली 29 हजार की सहायता, बोलींकृयोजना ने बढ़ाया आत्मविश्वास और आर्थिक संबलएमसीबी/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है, जिससे वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले की अनेक महिलाओं की तरह विकासखंड मनेन्द्रगढ़ के ग्राम भल्लौर की निवासी श्रीमती संतोषी भी इस योजना से लाभान्वित होकर बेहद प्रसन्न हैं।श्रीमती संतोषी ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1,000 रुपए की राशि नियमित रूप से उनके बैंक खाते में प्राप्त हो रही है। अब तक उन्हें योजना की 29 किश्तों के माध्यम से कुल 29,000 रुपए की आर्थिक सहायता प्राप्त हो चुकी है। उनका कहना है कि यह राशि उनके परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण सहयोग सिद्ध हो रही है और इससे घरेलू खर्चों का बोझ काफी हद तक कम हुआ है।उन्होंने बताया कि योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग वे घर के लिए साग-सब्जी, राशन, दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं की खरीद तथा अन्य छोटी-छोटी घरेलू जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। पहले इन आवश्यक खर्चों के लिए उन्हें कई बार परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब हर महीने मिलने वाली नियमित सहायता से वे स्वयं अपनी जरूरतों का प्रबंधन कर लेती हैं। इससे न केवल आर्थिक सुविधा मिली है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा है।श्रीमती संतोषी का कहना है कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दे रही, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्रदान कर रही है। नियमित रूप से मिलने वाली सहायता राशि के कारण महिलाएं अपने परिवार की आवश्यकताओं में सहयोग कर रही हैं और अपने छोटे-छोटे खर्च स्वयं वहन करने में सक्षम हो रही हैं। इससे परिवार में उनकी भागीदारी और निर्णय लेने की भूमिका भी मजबूत हुई है।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की यह योजना महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। योजना का लाभ सीधे बैंक खाते में मिलने से पारदर्शिता बनी रहती है और महिलाओं को समय पर सहायता प्राप्त होती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को विशेष रूप से लाभ मिल रहा है।श्रीमती संतोषी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना उनके जैसी लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके जीवन स्तर में निरंतर सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार का धन्यवाद देते हुए आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी इस प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ महिलाओं को निरंतर मिलता रहेगा।
- -खरीफ 2025 में 7 हजार से अधिक किसानों को मिला 14.15 करोड़ रुपये का बीमा लाभदंतेवाड़ा । प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के अंतर्गत कृषि को अधिक सुरक्षित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दक्षिण बस्तर का जैविक जिला दंतेवाड़ा लगातार नई मिसाल कायम कर रहा है। जैविक एवं पारंपरिक खेती के लिए पहचाने जाने वाले इस जिले में प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की अनिश्चितताओं के बीच प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच बनकर उभरी है। खरीफ 2025 सीजन में जिले के 7,000 से अधिक किसानों को 14 करोड़ 15 लाख रुपये से अधिक की बीमा दावा राशि सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त हुई, जिससे हजारों किसान परिवारों को आर्थिक संबल मिला और योजना के प्रति उनका भरोसा और मजबूत हुआ। अब खरीफ 2026 सीजन के लिए जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीयन का अभियान तेज गति से चल रहा है। कृषि विभाग ने सभी पात्र किसानों से 31 जुलाई 2026 तक अपनी फसलों का बीमा कराने की अपील की है। मौसम विभाग द्वारा इस वर्ष अल नीनो के आंशिक प्रभाव के कारण अनियमित मानसून और खंड वर्षा की संभावना जताई गई है। ऐसे में समय पर बीमा कराने से किसान संभावित नुकसान की स्थिति में आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकेंगे।दंतेवाड़ा जिले की कृषि परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष 11 प्रमुख खरीफ फसलों को बीमा योजना में शामिल किया गया है। इनमें धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, सोयाबीन, अरहर, मूंगफली, मूंग, उड़द तथा जिले की पारंपरिक और पोषक मिलेट फसलें कोदो, कुटकी और रागी शामिल हैं। किसान अपने ग्राम की अधिसूचित फसलों की जानकारी संबंधित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से प्राप्त कर सकते हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को बाधित बोनी, खड़ी फसल, स्थानीय प्राकृतिक आपदाओं तथा कटाई के बाद 14 दिनों तक होने वाले नुकसान पर भी सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ सूखा, बाढ़, जलभराव, ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली, कीट एवं रोग जैसी परिस्थितियों में होने वाले नुकसान की भरपाई योजना के माध्यम से की जाती है।कृषि विभाग ने किसानों को विशेष रूप से सलाह दी है कि यदि प्राकृतिक आपदा या जलभराव से फसल प्रभावित होती है तो 72 घंटे के भीतर इसकी सूचना देना अनिवार्य है। किसान टोल-फ्री हेल्पलाइन 14447 पर जानकारी दे सकते हैं अथवा कृषि विभाग, पटवारी, संबंधित बैंक या बीमा कंपनी को भी सूचना देकर समय पर सर्वे और दावा प्रक्रिया सुनिश्चित करा सकते हैं। ऋणी किसानों (किसान क्रेडिट कार्ड धारकों) का बीमा संबंधित बैंक द्वारा स्वतः किया जाता है, जबकि अऋणी किसान निकटतम बैंक, सीएससीध्चॉइस सेंटर, अधिकृत बीमा एजेंट या राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, बी-1, खसरा, पांचशाला तथा बुआई प्रमाण पत्र आवश्यक होंगे। जिला प्रशासन और कृषि विभाग का कहना है कि दंतेवाड़ा जैसे जैविक एवं आदिवासी बहुल जिले में खेती किसानों की आजीविका का मुख्य आधार है। ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक जोखिमों से सुरक्षा देने के साथ-साथ उनकी आय को स्थिर रखने और कृषि को अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसलिए सभी किसान अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपनी खरीफ फसलों का बीमा अवश्य कराएं।
- दंतेवाड़ा । नगर पालिका परिषद दंतेवाड़ा द्वारा मंगलवार को सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ, स्टॉप डायरिया अभियान एवं सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के अंतर्गत आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, दंतेवाड़ा में एक व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद के अधिकारी एवं कर्मचारी, पुलिस प्रशासन के अधिकारी, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिका तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन को स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक कर एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं स्वच्छ समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।इस अवसर पर जल जनित एवं दूषित जल से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम, स्वच्छ पेयजल के उपयोग, व्यक्तिगत स्वच्छता, सामुदायिक स्वच्छ व्यवहार, घर-घर कचरा संग्रहण (डोर-टू-डोर कलेक्शन), स्रोत स्तर पर गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्कीकरण तथा सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों को नियमित हाथ धोने, स्वच्छ वातावरण बनाए रखने, खुले में कचरा न फेंकने तथा यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं उपस्थित सभी लोगों ने उत्साहपूर्वक स्वच्छता एवं जनजागरूकता के नारों के साथ जनभागीदारी का संकल्प लिया। इस अवसर पर सभी ने एक स्वर में कहा हम सबने यह ठाना है, दंतेवाड़ा को स्वच्छ बनाना है। इस दौरान नगर पालिका परिषद दंतेवाड़ा ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वच्छता को अपनी दैनिक आदत का हिस्सा बनाएं, कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण करें, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था में सहयोग दें तथा सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर स्वयं एवं समाज को सुरक्षित रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ। जन सहभागिता से ही स्वच्छ, स्वस्थ एवं सुरक्षित दंतेवाड़ा का निर्माण संभव है।
- -प्रशिक्षित युवाओं को प्रशासन द्वारा रोजगार स्थापित करने हेतु दी जाएगी मदददंतेवाड़ा । बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह द्वारा मंगलवार को नक्सल पुनर्वास केन्द्र जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान उनके साथ कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव, जिला पंचायत सीईओ श्री एम भार्गव उपस्थित थे। इस मौके पर बस्तर कमिश्नर विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षणरत पुनर्वासित युवाओं को विभिन्न रोजगार परक ट्रेड में हुनर हासिल करने की समझाइश देते हुए कहा कि प्रशिक्षित युवाओं को प्रशासन द्वारा रोजगार स्थापित करने हेतु हर संभव मदद दी जाएगी।उल्लेखनीय है कि उक्त पुनर्वास केंद्र में अब तक कुल प्रषिक्षित पुनर्वासित 443 तथा प्रषिक्षरत युवाओं की संख्या 90 है। वर्तमान में यहां पर सिलाई ट्रेड में 31 जल वितरण चालक में 30 और क्रमशः मेशन वेल्डर ट्रेड में 28 और 1 है। इसके साथ ही यहां साक्षरता अभियान के तहत 149 युवाओं को शिक्षित भी किया गया है। जबकि 80 अध्ययनरत है। इस मौके पर कलेक्टर श्री ध्रुव द्वारा बस्तर कमिश्नर को इन युवाओं को अन्य रोजगार गतिविधियों से जोड़ने के प्रयासों के संबंध में जानकारी दी।
- दंतेवाड़ा ।कार्यालय जिला रोजगार एवं मार्गदर्शन केन्द्र से जारी विज्ञप्ति अनुसार जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए सुनहरा अवसर निजी क्षेत्र के नियोजकों द्वारा प्राप्त टूटू बिरयानी के लिए कूक 02, हेल्पर 02, वेटर 02, तथा श्रीराम इन टेलेन्ट प्राइवेट लिमिटेड इलेक्ट्रिक मीटर टेक्नीशियन 100, एवं एक्सिस बैंक ब्रांच दंतेवाड़ा के लिए फील्ड ऑफिसर 30, ब्रांच रिलेशनशिप ऑफिसर 25, अग्रवाल मार्ट दन्तेवाड़ा के लिए सेल्समैन 02, सेल्स गर्ल 03, कम्प्यूटर ऑपरेटर 02, लकी बूट हाउस दन्तेवाड़ा के लिए सेल्समैन 04, सोशल मीडिया ऑपरेटर 01 पदों की रिक्तियों के अनुसार दिनांक 16 जुलाई 2026 दिन गुरुवार को जिला परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज कारली दंतेवाड़ा में रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। इच्छुक आवेदक, आवेदिका प्रातः 11 से 03 बजे तक निर्धारित स्थल पर अपनी शैक्षणिक दस्तावेजों की मूल प्रति, रोजगार पंजीयन, आधार कार्ड, की छाया प्रति एवं पासपोर्ट साईज फोटोग्राफ बायोडाटा (त्मेनउम) सहित, उपस्थित होकर अवसर का लाभ ले सकते है। यह आयोजन पूर्णतः निःशुल्क है।
- दंतेवाड़ा । न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व दन्तेवाड़ा से जारी विज्ञप्ति अनुसार जनपद पंचायत कटेकल्याण के ग्राम पंचायत बड़े लखापाल के सरपंच श्री दिनेश मरकाम पिता श्री कोषा मरकाम को उनके पदीय शक्तियों एवं कर्तव्य निर्वहन के दुरुपयोग तथा अपने सरपंच पद के दायित्वों के विपरीत कार्य करने पर संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (छ) एवं छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 धारा 40 के उपधारा (1) (क), (ख) के प्रावधानों के तहत् उक्त सरपंच को दोषी पाये जाने के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 40 (1) में विहित प्राधिकारी के तहत् प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए ग्राम बड़ेलखापाल तहसील कटेकल्याण जिला दक्षिण बस्तर दन्तेवाड़ा छ०ग० के सरपंच पद से तत्काल प्रभाव से अनुविभागीय अधिकारी दंतेवाड़ा के द्वारा हटाया गया है।ज्ञातव्य है कि ग्राम लखापाल के उक्त सरपंच द्वारा अपने साथियों के साथ 18 मार्च 2026 को ग्राम कटेकल्याण के साप्ताहिक बाजार में अनाधिकृत रूप से शांति भंग किया जा कर स्थान विशेष के व्यापारियों को व्यापार करने हेतु मना किया गया था। साथ ही तहसीलदार और अनुविभागीय अधिकारी, पुलिस द्वारा हस्तक्षेप किए जाने पर बहस बाजी की गई थी। इसके चलते थाना प्रभारी कटेकल्याण द्वारा परिशांति भंग करने के संबंध में इस्तगासा क्रमांक 05,2026 धारा-126, 135 (3) बी.एन.एस.एस. दिनांक 27.03.2026 प्रस्तुत करने पर अनावेदक गण के विरूद्ध न्यायालय तहसीलदार कटेकल्याण में दाण्डिक प्रकरण क्रमांक 202603161100004 वर्ष 2025-26 दर्ज कर कार्यवाही प्रारंभ की गई और अतः छ.ग. पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत सरपंच ग्राम पंचायत बड़ेलखापाल श्री दिनेश मरकाम पिता कोसा मरकाम के विरूद्ध उचित कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन अनुशंसा सहित प्रेषित किया गया था। इसके अलावा तहसीलदार कटेकल्याण जांच प्रतिवेदन के अनुसार कार्यालय अनुविभागीय राजस्व के द्वारा उन्हें 27 मई को कारण बताओ नोटिस दिया गया था। अपने नोटिस के जवाब में उक्त सरपंच द्वारा तथ्यहीन और असंतोषप्रद उत्तर दिया गया। साथ ही साथ अपने ऊपर लगाए गए आरोप का समुचित खंडन भी नहीं किया गया। इसके बावजूद न्याय पद्धति को दृष्टिगत रखते हुए उक्त सरपंच को पूनः भविष्य में इस प्रकार की कृत्य न करने की मौखिक समझाइश दी गई थी। परन्तु 9 जुलाई को उक्त सरपंच द्वारा कस्तुरबा गांधी आवासीय विद्यालय को पुनः ग्राम पंचायत बड़े लखापाल में संचालन करवाने के लिए 01 दिवसीय शांतिपूर्ण रैली और प्रदर्शन बाजार स्थल कटेकल्याण में किया गया। इस तरह एक जिम्मेदार पद में रहते हुए इस प्रकार का रैली का आयोजन किया जाना उनके पदीय कर्तव्यों निर्वहन के दुरुपयोग को दर्शाता है। इन सभी अवांछित गतिविधियों के चलते अनुविभागीय अधिकारी दंतेवाड़ा द्वारा छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 40 (1) में विहित प्राधिकार के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इस आदेश के पारित तिथि से सरपंच ग्राम पंचायत बड़े लखापाल जनपद पंचायत कटेकल्याण तहसील कटेकल्याण के समस्त प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार और समस्त कार्यों का संपादन अब उपसरपंच बड़े लखापाल द्वारा किया जाएगा।
- -नर्सिंग कॉलेज सहित अन्य आवश्यक भवनों के लिए अतिरिक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देशदंतेवाड़ा, । कमिश्नर बस्तर संभाग श्री डोमन सिंह मंगलवार को दंतेवाड़ा जिले के भ्रमण के दौरान चितालंका में नवीन मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण का निरीक्षण कर इसे योजनाबद्ध तरीके से संचालित कर नियत समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नवीन मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण के लिए सभी निर्माण सामग्री की उपलब्धता, उपकरणों एवं पर्याप्त श्रमिकों की व्यवस्था करने सहित निर्माण कार्य को द्रुत गति से नियमित तौर पर संचालित किए जाने के निर्देश दिए। वहीं निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग कर तकनीकी मापदंडों एवं गुणवत्ता को सुनिश्चित करने कहा।कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने मेडिकल कॉलेज के समीप नर्सिंग कॉलेज तथा भविष्य की जरूरतों के मद्देनजर अन्य भवनों के निर्माण हेतु अतिरिक्त भूमि चिह्नित करने पर जोर देते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज और मेडिकल कॉलेज अस्पताल बनने के बाद नर्सिंग कॉलेज, चिकित्सकों एवं अन्य स्टाफ के लिए आवास निर्माण के अलावा अन्य भवन निर्माण की आवश्यकता होगी और इसे त्वरित स्वीकृति देने के लिए आवश्यक भूमि पहले से ही चिह्नित कर लिया जाए। इस दौरान कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने चितालंका एवं समीपस्थ ग्राम भोगाम में आवश्यक भूमि का सर्वेक्षण करवाकर चिन्हित किए जाने की जानकारी दी।इस मौके पर सीईओ जिला पंचायत श्री एम भार्गव सहित डीन मेडिकल कॉलेज दंतेवाड़ा डॉ टीकू सिन्हा, डीन मेडिकल कॉलेज जगदलपुर डॉ प्रदीप बेक तथा स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण, सीजीएमएससी, सीएसपीडीसीएल के अधिकारी मौजूद थे।
- -बस्तर संभाग आयुक्त डोमन सिंह ने दिए संस्थान के समग्र विकास, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा एवं सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देशदंतेवाड़ा । बस्तर संभाग के आयुक्त श्री डोमन सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को शासकीय नवीन चिकित्सा महाविद्यालय, टेकनार, दंतेवाड़ा में प्रबंधकारिणी स्वशासी समिति की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक में महाविद्यालय के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक संचालन, अधोसंरचना विकास, चिकित्सकीय सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा भविष्य की कार्ययोजना से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए गए। बैठक में कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री एम. भार्गव, चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ टीकू सिन्हा, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ भगत बघेल सहित स्वशासी समिति के सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक की शुरुआत बस्तर संभाग के आयुक्त श्री डोमन सिंह स्वशासी समिति के पंजीयन एवं उपविधियों पर चर्चा एवं अनुमोदन से हुई। इसके पश्चात समिति के अंतर्गत गठित नई कार्यकारिणी के सदस्यों का परिचय, नामांकन एवं पुष्टि की गई। समिति के उद्देश्यों, कार्यक्षेत्र एवं संचालन व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा करते हुए महाविद्यालय के प्रभावी एवं पारदर्शी संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में स्वशासी समिति के नाम से राष्ट्रीयकृत बैंक में बैंक खाता खोलने एवं उसके संचालन, वित्तीय लेखा-जोखा, ऑडिट व्यवस्था तथा प्रशासनिक कार्यों के संचालन पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। साथ ही प्रारंभिक बजट, शासन से प्राप्त अनुदान एवं अन्य निधियों के नियमानुसार उपयोग की प्रक्रिया का अनुमोदन किया गया।महाविद्यालय के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक मानव संसाधनों की भर्ती कलेक्टर दर पर आकस्मिक मजदूरी के आधार पर किए जाने के प्रस्ताव पर चर्चा कर अनुमोदन प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त चिकित्सा उपकरण, प्रयोगशाला उपकरण, फर्नीचर, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उपकरण, डीजी सेट सहित अन्य आवश्यक सामग्री की क्रय प्रक्रिया पर भी सहमति व्यक्त की गई। बैठक में चिकित्सा महाविद्यालय में स्थापित स्वशासी समिति के अंतर्गत शैक्षणिक संवर्ग के लिए आदर्श सेवा नियम-2019 को अंगीकार करने पर भी चर्चा की गई। वहीं महाविद्यालय एवं छात्रावास भवन में सुरक्षा व्यवस्था, नियमित साफ-सफाई, छात्रावास मेस संचालन एवं अन्य आवश्यक सेवाओं को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए गए।आयुक्त श्री डोमन सिंह ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप अधोसंरचना, आधुनिक प्रयोगशालाओं, समृद्ध पुस्तकालय एवं कौशल प्रयोगशाला (स्किल लैब) को समयबद्ध ढंग से तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाएं। बैठक में महाविद्यालय में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए स्टाफ क्वार्टर की समुचित व्यवस्था करने पर भी विशेष चर्चा की गई। आयुक्त ने निर्देश दिए कि आवासीय परिसर में पेयजल, विद्युत, सड़क, सुरक्षा, स्वच्छता, इंटरनेट, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य सभी मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं, ताकि अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिल सके।बैठक के दौरान चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय के सुचारु संचालन, आवश्यक मानव संसाधनों की उपलब्धता, विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने के संबंध में विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। संस्थान के समग्र विकास एवं भविष्य की कार्ययोजना से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए गए। बैठक में बस्तर संभाग के आयुक्त श्री डोमन सिंह ने कहा कि शासकीय नवीन चिकित्सा महाविद्यालय टेकनार बस्तर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संस्थान है। उन्होंने एनएमसी के मानकों के अनुरूप महाविद्यालय का संचालन सुनिश्चित करने, अधोसंरचना, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं, आवश्यक मानव संसाधन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए सभी कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि आयुक्त श्री डोमन सिंह द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासकीय नवीन चिकित्सा महाविद्यालय टेकनार को एक उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित करने तथा जिलेवासियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा। महाविद्यालय में सभी आवश्यक संसाधनों एवं मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
- -अब सेवा सेतु के माध्यम से बनेंगे राशन कार्ड-गांव में मुक्तिधाम व शेड निर्माण के कार्य में तेजी लाने के निर्देशबलौदाबाजार / चालू मानसून सीजन में व्यापक पैमाने पर पौधरोपण के उद्देश्य से जिले के सभी जनपद पंचायतों में विकासखंड स्तरीय वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने मंगलवार को समय -सीमा की बैठक में विभागीय कार्यो की समीक्षा के दौरान वृक्षारोपण हेतु आवश्यक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये।कलेक्टर श्री शर्मा ने बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया को पारदर्शी व सुगम बनाया जा रहा है। अब राशन कार्ड सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने से बन जाएगा।हितग्राहियों को जनपद कार्यालय का चककर नहीं लगाने पड़ेगा और समय सीमा में राशन कार्ड बन जाएगा। उन्होंने खाद्य अधिकारी और जनपद सीईओ को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये।गांव में मुक्तिधाम निर्माण,मरम्मत एवं शेड निर्माण को लेकर कलेक्टर श्री शर्मा ने सभी जनपद सीईओ को स्पष्ट निर्देश दिये कि सभी अच्छी तरह जांच करवा लें कि किस ग्राम पंचायत में मुक्तिधाम निर्माण शेष हैं या मरम्मत योग्य हैं तथा शेड निर्माण नहीं हुआ है। जिस भी ग्राम पंचायत में आवशयक हैं वहां शीघ्र निर्माण के लिये प्रस्ताव तैयार कराएं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही होने पर सबंधित की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।युवाओ को दी गई नियुक्ति पत्र- जिले की नावाचारी पहल हम होंगे कामयाब पोर्टल के माध्यम से विभिन्न कंपनियों में नौकरी प्राप्त करने वाले 10 युवाओ को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। कलेक्टर श्री शर्मा ने नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए युवाओ को बधाई दी और इस पोर्टल में अन्य युवाओ को पंजीयन कराने प्रोत्साहित किया।इस दौरान राजस्व प्रकरण, एग्रीस्टेक पंजीयन,स्वामित्व कार्ड, सीपी ग्राम्स,मुख्यमंत्री जनदर्शन,सेवा सेतु,सीएम हेल्पलाइन, समय सीमा के आवेदन, सुपोषित बचपन अभियान, नगर पालिकाओं में साफ सफाई,अतिक्रमण आदि की समीक्षा की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल,अपर कलेक्टर दीप्ती गोते, अभिषेक गुप्ता, ए.आर.टंडन, निशा नेताम मड़ावी,सीमा ठाकुर सहित एसडीएम,जनपद सीईओ एवं विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
- बलौदाबाजार / कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा कलेक्ट्रेट में हेल्थ कैम्प का आयोजन किया गया जिसमें समय -सीमा की बैठक में आने वाले अधिकारियो एवं जनदर्शन में आने वाले ग्रामीणों ने निःशुल्क शुगर व बीपी की जांच कराई। कलेक्टर श्री शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियो को निर्देशित किया कि अब हर मंगलवार को यहां स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाए जिसमे समय सीमा की बैठक में आने वाले अधिकारियो के साथ ही जनदर्शन में आने वाले लोगों का भी निःशुल्क स्वास्थ्य जांच हो। जांच के साथ ही अस्पताल में उपलब्ध दवाई भी निःशुल्क दिया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियो से शिविर में जरुरत अनुसार शुगर व बीपी जांच कराने कहा। स्वास्थ्य शिविर में 100 से अधिक विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपना शुगर और बीपी की जांच कराई। इसके साथ ही जनदर्शन में आये ग्रामीणों ने भी बड़ी संख्या में निःशुल्क जांच का लाभ उठाया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन की इस पहल का सराहना करते हुए अच्छी पहल बताया।
- बलौदाबाजार / जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल और जनदर्शन कार्यक्रम के त्वरित निराकरण का एक और उदाहरण सामने आया है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने जनदर्शन में दिव्यांग नोहर दास बघेल को ट्रायसिकल प्रदान किया। ग्राम बलौदी, विकासखंड पलारी निवासी नोहर दास बघेल ने जनदर्शन में पहुंचकर कलेक्टर कुलदीप शर्मा के समक्ष अपनी दिव्यांगता से जुड़ी समस्या रखी। उन्होंने बताया कि एक दुर्घटना में उनका दायां पैर कट जाने के कारण उन्हें दैनिक आवागमन और सामान्य कार्य करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर श्री शर्मा ने उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए समाज कल्याण विभाग को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देश के पालन में समाज कल्याण विभाग द्वारा उसी समय नोहर दास बघेल को ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई गई।ट्राइसाइकिल मिलने से प्रसन्न नोहर दास बघेल ने कहा कि अब उन्हें आने-जाने और अपने दैनिक कार्यों को करने में काफी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने उनकी परेशानी को समझते हुए तत्काल सहायता प्रदान की, जिसके लिए वे कलेक्टर एवं जिला प्रशासन के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। जनदर्शन कार्यक्रम के माध्यम से जरूरतमंदों की समस्याओं का संवेदनशीलता और तत्परता के साथ निराकरण किया जा रहा है, जिससे आमजन का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो रहा है।
- -नैनो उर्वरकों ने बढ़ाया श्री अमर सिंह कंवर का विश्वास-पर्याप्त भंडारण से मजबूत हुई कृषि व्यवस्था, अन्नदाताओं को मिल रहा लाभरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को आधुनिक, टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देते हुए किसानों को नैनो उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे कम लागत में बेहतर उत्पादन के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।कोरबा जिले के ग्राम अमगांव निवासी कृषक श्री अमर सिंह कंवर लगभग दो एकड़ भूमि में धान की खेती करते हैं। लंबे समय से पारंपरिक खेती कर रहे श्री कंवर ने पिछले वर्ष पहली बार नैनो उर्वरकों का उपयोग किया। इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए उन्होंने इस वर्ष भी अपनी फसल में नैनो उर्वरकों के उपयोग का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने सहकारी समिति कनबेरी से समय पर आवश्यक कृषि आदान सामग्री प्राप्त की।श्री कंवर ने बताया कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से खेती की लागत में कमी आई है, जबकि फसल उत्पादन में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही उर्वरकों की बर्बादी भी कम हुई है और पर्यावरण के अनुकूल खेती को बढ़ावा मिला है। उनके अनुसार आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने से खेती पहले की तुलना में अधिक प्रभावी और लाभकारी बन रही है।उन्होंने सहकारी समिति में उपलब्ध व्यवस्थाओं की भी सराहना करते हुए कहा कि किसानों को आवश्यकतानुसार खाद, बीज एवं अन्य कृषि आदान सामग्री सहजता से उपलब्ध कराई जा रही है। समितियों में पर्याप्त भंडारण होने से किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा किसानों की सुविधा के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया ।राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों तथा समय पर उपलब्ध कराई जा रही कृषि आदान सामग्री से जिले के किसान आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। नैनो उर्वरकों का बढ़ता उपयोग न केवल उत्पादन बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहा है, बल्कि कम लागत, संतुलित पोषण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
- -धान के बदले अन्य फसलों के लिए किसानों को सतत प्रोत्साहित करें - कलेक्टर-एचपीवी टीकाकरण के लिए सघन अभियान चलाकर लक्ष्य पूर्ण करेंमहासमुंद, / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने मंगलवार को समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, सीएमओ एवं जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए। सभी विभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से पोर्टल में लॉगिन कर लंबित शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।कलेक्टर श्री लंगेह ने वर्षा की स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग को निर्देशित किया कि किसानों को खरीफ सीजन में धान के बदले दलहन, तिलहन फसलों को प्राथमिकता देने प्रोत्साहित करें। साथ ही प्राकृतिक खेती, जैविक खेती तथा हरी खाद के उपयोग को व्यापक रूप से प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग के प्रति जागरूक करने तथा यूरिया एवं डीएपी के संतुलित उपयोग के साथ नैनो यूरिया एवं प्राकृतिक खाद के उपयोग को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत शेष किसानों एवं वनाधिकार पट्टाधारकों का एग्रीस्टैक पंजीयन शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व एवं कृषि विभाग के मैदानी अमले को विशेष ध्यान देते हुए शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने कहा।कलेक्टर ने खाद की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन के निर्देशानुसार किसानों को यूरिया का आवश्यकतानुसार एकमुश्त मात्रा में प्रदान किया जाए, शेष खाद निर्देशानुसार प्रदान करें। उन्होंने कहा कि किसानों को समसामयिक सलाह देते रहें। कृषि विभाग द्वारा बताया गया कि जिले के सहकारी समितियों में अब तक 42 हजार 565 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। जिसमें 26 हजार 458 मीट्रिक टन खाद का वितरण किया जा चुका है। कलेक्टर ने खाद के वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को समय-समय में खाद वितरण की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।जिले में 13 से 18 जुलाई तक एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। अभियान में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की पात्र बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी टीका लगाया जाएगा। कलेक्टर ने श्री लंगेह ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के दौरान किसी भी पात्र बालिका का टीकाकरण छूटने न पाए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को शिक्षा विभाग के साथ आवश्यक समन्वय बनाकर टीकाकरण के निर्देश दिए। साथ ही अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से अधिक से अधिक अभिभावकों को टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जाए। कलेक्टर ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की पात्र बालिकाओं को निर्धारित तिथि पर चिन्हांकित स्वास्थ्य संस्थानों में लेकर आएं तथा निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं। जिले में अभी तक 3000 पात्र बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण किया जा चुका है।कलेक्टर ने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के अनुरूप स्वीकृत कार्याें के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान किए गए घोषणाओं को प्राथमिकता से क्रियान्वयित करें। कलेक्टर ने शासन के निर्देशानुसार सभी विभागों को ई-ऑफिस एवं ई-फाइल प्रणाली का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने कहा है। बैठक में राजस्व विभाग को सतत नक्शा अपडेशन के निर्देश दिए। साथ ही सेवा सेतु पोर्टल, नक्शा बटांकन, सीमांकन, नामांकन, मुख्यमंत्री घोषणाओं, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, पेयजल व्यवस्था, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा जन शिकायतों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

















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