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नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान-एम्स, नई दिल्ली द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार योग का अभ्यास करने से मिर्गी से पीड़ित वयस्कों में हीनता की भावना कम हो सकती है। एम्स के न्यूरोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. मंजरी त्रिपाठी ने ये जानकारी दी। उनका कहना है कि योगाभ्यास मिर्गी से पीड़ित लोगों में मिर्गी के प्रति हीनता के विचार को कम करके जीवन की समग्र गुणवत्ता को बढ़ाता है।
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नई दिल्ली। देश में दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए चार जैनरिक दवाओं का निर्माण शुरू हो गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि इनसे दुर्लभ बीमारियों से पीडित मरीजों को कम कीमत पर दवाई मिल सकेंगी। चार दुर्लभ बीमारियों- टाइरोसिनेमिया टाइप-1, गौचर्स रोग, विल्सन्स डिजीज और ड्रावेट-लेन्नॉक्स गैसटॉट सिन्ड्रोम के लिए ये दवाएं अब बाजार में उपलब्ध हैं।
नीति आयोग ने स्वास्थ्य संबंधी सदस्य डॉ. वी.के पॉल ने नई दिल्ली में कहा कि इन बीमारियों के लिए फिलहाल आठ दवाएं हैं जिनमें से चार बाजार में उपलब्ध हैं। बाकी चार अनुमति की प्रक्रिया में हैं।उन्होंने बताया कि भारतीय विनिर्माता ये दवाएं बना रहे हैं। टाइरोसिनेमिया टाइप-1 को पीलिया, बुखार बिगडने और लीवर कैंसर से पहचाना जाता है, इसके उपचार के लिए निटिसिनॉन औषधि विकसित की गई है। पहले इस औषधि का आयात किया जाता था। बच्चे के शरीर के वजन के आधार पर प्रतिवर्ष इस दवा पर दो करोड 20 लाख रूपए खर्च करने पडते थे। अब यह खर्च घटकर ढाई लाख रूपए रह जाएगा।गौचर्स रोग के उपचार के लिए ऐलिगलुस्टैट दवा विकसित की गई है। इस बीमारी से रोगी का लीवर बढ जाता है और थकान होने लगती है। विल्सन्स डिजीज के कारण आरबीसी हीमोलोसिसि हो जाता है। इसके उपचार के लिए स्वदेशी दवा ट्राईएंटीन विकसित की गई है।ड्रावेट-लेन्नॉक्स गैसटॉट सिन्ड्रोम के उपचार के लिए कैनाबिडिओल विकसित किया गया है। इसका घोल मुंह के जरिए दिया जाता है। इसे पहले इन दुर्लभ बीमारियों के लिए उपलब्ध सभी दवाओं का आयात किया जाता था और यह इलाज बहुत महंगा पडता था। दुर्लभ बीमारी ऐसी अवस्था है जिससे बहुत कम लोग पीडित होते हैं। किसी देश में एक समय केवल छह से आठ प्रतिशत जनसंख्या ही ऐसे रोगों से पीड़ित होती है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में इस तरह के करीब दस करोड़ रोगी होंगे और इनमें से लगभग 80 प्रतिशत रोग जैनेटिक हैं। -
रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी जिले में एक क्रेन ने ऑटो को टक्कर मार दी। हादसे में ऑटो सवार महिला की मौत हो गई, जबकि 3 लोग घायल हो गए। मृतक महिला अपने मायके (पीहर) में भात न्योतने (शगुन) जा रही थी। उसकी 2 बेटियों की 12 दिन बाद शादी है। हादसे के बाद शादी की खुशियां मातम में बदल गई। कसौला थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में 36 साल के एक व्यक्ति की आरोपी पत्नी ने कथित तौर पर हत्या उसकी कर दी। पुलिस के अनुसार आरोपी पत्नी ने पति के नाक पर जोरदार मुक्का मारा था, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपी पत्नी अपना जन्मदिन मनाने के लिए दुबई जाना चाहती थी, लेकिन पति इसके लिए तैयार नहीं था। इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। पुलिस के मुताबिक, मृतक का नाम निखिल खन्ना (38) है। वह रियल एस्टेट डेवलपर था। हादसा वनवाड़ी इलाके में हुआ। पुलिस ने बताया कि 18 सितंबर को मृतक की आरोपी पत्नी रेणुका (36) का जन्मदिन था। वह दुबई में जन्मदिन मनाना चाहती थी, लेकिन निखिल उसे नहीं ले गया। इसके बाद 5 नवंबर को दोनों की मैरिज एनिवर्सरी थी। आरोपी रेणुका अपने पति से गिफ्ट मिलने की उम्मीद लगाए थी, लेकिन निखिल ने कोई गिफ्ट नहीं दिया। इसके कुछ दिन बाद आरोपी रेणुका अपने एक रिश्तेदार के जन्मदिन पर दिल्ली जाना चाहती थी, लेकिन निखिल ने इसके लिए भी हां नहीं की। इन सभी मुद्दों पर 24 नवंबर को दोनों के बीच बहस हुई। बात बढ़ी तो गुस्से में आरोपी रेणुका ने निखिल की नाक पर मुक्का मार दिया। इसकी वजह से निखिल की नाक से खून बहना शुरू हो गया और कुछ देर में निखिल बेहोश हो गया। पुलिस का कहना है कि इस बात की जांच की जा रही है कि आरोपी महिला ने पति को मुक्का मारा था या किसी और चीज से वार किया था। पोस्टमॉटर्म के बाद ही मौत का सही कारण सामने आ पाएगा।
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बेंगलुरु। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु में शनिवार 25 नवंबर को तेजस फाइटर प्लेन में उड़ान भरी। पीएम ने कहा- तेजस में सफलतापूर्वक सॉर्टी की। ये गजब का अनुभव रहा। इस उड़ान से मेरे अंदर देश की स्वदेशी क्षमताओं पर भरोसा और बढ़ गया है। पीएम ने ये भी लिखा- मैं आज तेजस में उड़ान भरते हुए अत्यंत गर्व के साथ कह सकता हूं कि हमारी मेहनत और लगन के कारण हम आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में विश्व में किसी से कम नहीं हैं।
भारतीय वायुसेना, डीआरडीओ और एचएएल के साथ ही समस्त भारतवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। तेजस में उड़ान भरने से पहले प्रधानमंत्री मोदी बेंगलुरु स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड भी पहुंचे थे। तेजस को एचएएल ने डेवलप किया है। यह सिंगल इंजन वाला हल्का लड़ाकू विमान है। वायुसेना में इसकी दो स्क्वॉड़्रन शामिल हो चुकी हैं।
- सागर. मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना में बृहस्पतिवार को दो भाइयों समेत तीन बच्चों की एक गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। आगासौद पुलिस स्टेशन की निरीक्षक मैना पटेल ने बताया कि राजेश आदिवासी के बेटे संजय (6) और दीपक (7) और महेंद्र आदिवासी की बेटी मानवी की उनके स्कूल के ठीक पीछे छह फुट पानी से भरे गहरे गड्ढे में नहाते समय मौत हो गई। पटेल ने बताया कि यह घटना जिला मुख्यालय से लगभग 90 किलोमीटर दूर बहरी गांव में हुई। मामला तब सामने आया जब एक महिला ने गड्ढे के पास कपड़े पड़े हुए देखे और पुलिस और आसपास के लोगों को सूचित किया। उन्होंने बताया, ‘‘यह घटना 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच हुई। शवों को बाहर निकाल लिया गया है। मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।''
- गाजियाबाद (उप्र) . जिले के पटेल नगर इलाके में 68 वर्षीय एक व्यक्ति ने बृहस्पतिवार को अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी। उसने बताया कि सुबह करीब छह बजे राजीव शर्मा (68) ने खुद को गोली मार ली।पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) निपुण अग्रवाल ने बताया कि शर्मा ने अपने मुंह में पिस्तौल घुसेड़ कर गोली मारी जो उनके सिर से पार होकर दीवार में जा धंसी। अग्रवाल के अनुसार उनकी पत्नी चंचल (62) ने बताया कि वह अपने बैंक लॉकर से पिस्तौल लेकर आये थे ।पुलिस का कहना है कि कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।डीसीपी ने कहा, पुलिस इसके पीछे के कारण की जांच कर रही है।
- भुवनेश्वर. एक रॉयल बंगाल बाघ चार राज्यों से होते हुए 2,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर ओडिशा के एक जंगल में जा पहुंचा जिसे शायद अपने लिए एक उपयुक्त स्थानी की तलाश है। एक वन अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसी बाघ को पहले महाराष्ट्र के जंगल में देखा गया था।परालाखेमुंडी प्रभागीय वन अधिकारी एस. आनंद ने कहा कि जो धारियां इस बाघ के शरीर पर है यह महाराष्ट्र के एक जंगल में देखे गए बाघ की तस्वीरों पर पाई गई धारियों के समान है। इसे सितंबर के बाद अब ओडिशा के गजपति जिले के महेंद्र वन क्षेत्र में देखा गया था। उन्होंने कहा कि यहां के अधिकार क्षेत्र में बाघ के देखे जाने के बाद से गजपति जिले में पारलाखेमुंडी वन प्रभाग के अधिकारी इसकी चाल पर नजर रख रहे हैं। आनंद ने कहा कि इस क्षेत्र में बाघ को पहली बार देखा गया था जिसके बाद उन्होंने बाघ के मूल स्थान का पता लगाने के लिए उसकी तस्वीरें और अन्य विवरण भारतीय वन्यजीव संस्थान को भेजे। वन अधिकारी ने कहा, "इसकी अनूठी धारियों और अन्य विवरणों से यह पुष्टि हुई है कि बाघ लगभग 2,000 किलोमीटर की दूरी तय कर महाराष्ट्र से ओडिशा पहुंचा है। बाघ ने महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और ओडिशा की यात्रा की है।" वहीं, बाघ द्वारा एक गाय को मार डालने के बाद अनलाबारा गांव के निवासी घबरा गए हैं।अनलाबारा गांव के एक ग्रामीण ने कहा कि वह बाघ के हमला करने से पहले वन विभाग से बाघ को पकड़ने और उसे किसी वन्यजीव अभयारण्य में स्थानांतरित करने का अनुरोध करते हैं। परलाखेमुंड के सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) अशोक बेहरा ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क करने के लिए पांच दलों को तैनात किया गया है जिसमें 35 सदस्य हैं। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सुशांत नंदा ने लोगों से दहशत में न आने और वन अधिकारियों की सलाह का पालन करने की अपील की है।
- कौशांबी . जिले के संदीपन घाट थाना क्षेत्र में संपत्ति पर कब्जे को लेकर एक युवक ने अपनी सौतेली मां की कथित रूप से कुल्हाड़ी के डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी ।पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अपर पुलिस अधीक्षक समर बहादुर सिंह ने बताया कि थाना क्षेत्र के नसीरपुर गांव में संपत्ति विवाद में बृहस्पतिवार को आरोपी विजय सिंह ने अपने सौतेली मां सरोज देवी (52) के सिर पर कुल्हाड़ी के डंडे से बार-बार प्रहार किया और सरोज देवी की मौके पर ही मौत हो गई । उन्होंने बताया कि सरोज देवी के घर में आरोपी सौतेले बेटे विजय सिंह के अलावा कोई अन्य सदस्य नहीं है,इसलिए ग्राम चौकीदार की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी सौतेले बेटे विजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है ।
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नयी दिल्ली ।उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि राज्यपाल बिना कार्रवाई के अनिश्चितकाल के लिए विधेयकों को लंबित नहीं रख सकते। न्यायालय ने साथ ही कहा कि राज्य के गैर निर्वाचित प्रमुख के तौर पर राज्यपाल संवैधानिक शक्तियों से संपन्न होते हैं लेकिन वह उनका इस्तेमाल राज्य विधानमंडलों द्वारा कानून बनाने की सामान्य प्रक्रिया को विफल करने के लिए नहीं कर सकते।प्रधान न्यायाधीश डी वाई चद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई संवैधानिक लोकतंत्र के बुनियादी सिद्धांतों के विपरीत होगी जो शासन के संसदीय स्वरूप पर आधारित है।
पीठ ने पंजाब सरकार की एक याचिका पर 10 नवंबर के अपने आदेश में कहा, ‘‘राज्य के गैर निर्वाचित प्रमुख के तौर पर राज्यपाल संवैधानिक शक्तियों से संपन्न होते हैं। लेकिन इन शक्तियों का इस्तेमाल राज्य विधानमंडलों द्वारा कानून बनाने की सामान्य प्रक्रिया को विफल करने के लिए नहीं किया जा सकता।’’ पीठ ने अपने आदेश में कहा कि अगर राज्यपाल किसी विधेयक को मंजूरी देने से रोकने का निर्णय लेते हैं तो उन्हें विधेयक को पुनर्विचार के लिए विधानमंडल के पास वापस भेजना होता है। - कोच्चि । कोच्चि महिला पुलिस थाने की सिविल पुलिस अधिकारी एम ए आर्य ने करुणा की एक नई मिसाल पेश करते हुए चार माह के शिशु को स्तनपान कराया क्योंकि उसकी बीमार मां पास के एक अस्पताल में भर्ती है और बच्चा भूख से बिलख रहा था।महिला पुलिस अधिकारी का नौ माह का शिशु है और उन्होंने ‘एर्नाकुलम जनरल हॉस्पिटल’ की गहन देखभाल इकाई में भर्ती पटना की एक महिला के भूख से बिलख रहे बच्चे को स्तनपान कराने का फैसला किया ।महिला के चार बच्चे हैं और उनकी देखभाल के लिए कोई नहीं है। इसलिए इन बच्चों को गुरुवार को ‘कोच्चि सिटी विमेन्स स्टेशल’ लाया गया।पुलिस के मुताबिक परिवार कुछ वक्त से केरल में रह रहा है और महिला का पति एक मामले में जेल में है। पुलिसकर्मियों ने तीन बड़े बच्चों को जहां भोजन मुहैया कराया वहीं चार माह के शिशु को स्तनपान कराने का निर्णय स्वंय पुलिस अधिकारी ने लिया।सिटी पुलिस ने आर्या के इस कदम के लिए उसकी सराहना की है।पुलिस की ओर से जारी एक बयान के अनुसार बच्चों की कुशल क्षेम सुनिश्चित करते हुए उन्हें एक बाल देखभाल गृह में भेजा गया है। पुलिस ने महिला पुलिस अधिकारी की शिशु को गोद में लिए हुए की एक तस्वीर की साझा की है।
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नई दिल्ली। उत्तर रेलवे, त्योहारों के मद्देनजर अतिरिक्त भीड़भाड़ से बचने के लिए नई दिल्ली से श्रीमाता वैष्णो देवी कटड़ा के बीच आरक्षित विशेष रेलगाड़ी चलाएगा। नई दिल्ली से श्रीमाता वैष्णो देवी कटड़ा के बीच स्पेशल रेलगाड़ी 25 नवम्बर को रात 11 बजकर 45 मिनट पर प्रस्थान करेगी। वापसी में यह गाडी श्रीमाता वैष्णो देवी कटड़ा से नई दिल्ली के लिए 27 नवम्बर को शाम छह बजकर 50 मिनट पर चलेगी। वानानुकूलित, शयनयान तथा सामान्य श्रेणी के डिब्बों वाली यह विशेष रेलगाड़ी मार्ग में सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र जंक्शन, अम्बाला कैंट, लुधियाना, जलंधर कैंट, पठानकोट कैंट, जम्मू तवी और ऊधमपुर स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में रुकेगी।
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार डीपफेक से निपटने के लिए नियम जारी करेगा। डीपफेक लोकतंत्र व समाज के लिए नए खतरे पैदा करते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में कहा कि डीपफेक से निपटने, समाज के विश्वास को मजबूत करने और लोकतंत्र की रक्षा के लिए कदम उठाए जाने की जरूरत है।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि उन्होंने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लोगों, आर्टिफिशल इंटेलीजेंस में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रही कंपनियों और डीपफेक से निपटने वाले विशेषज्ञों के साथ बैठक की है। बैठक में सभी इस बात पर सहमत थे कि डीपफेक को विनियमित किए जाने के लिए चार स्तंभों की जरूरत है। इन स्तंभों में डीपफेक की पहचान करना, गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकना, रिपोर्टिंग तंत्र को मजबूत करना और लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। -
नई दिल्ली। आज महिलाएं उद्यमिता, कौशल विकास, खेल, स्वास्थ्य और वित्त सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सफलता का परचम लहरा रही हैं। इन्हीं सफलताओं का जश्न मनाने और उनकी कहानी दुनिया के सामने लाने के लिये केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी आकाशवाणी पर एक नया कार्यक्रम ‘नई सोच नई कहानी’ लेकर आई हैं। यह साप्ताहिक कार्यक्रम हर बुधवार सुबह 9 बजे आकाशवाणी पर प्रसारित किया जाता है।
इस कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने उन सभी महिलाओं से मुलाकात की है जो भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजना जैसे मुद्रा योजना,कौशल विकास योजना जैसे अनेक योजनाओं का लाभ उठाकर न केवल आत्मनिर्भर बनी बल्कि आज वो पूरे देश की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। महिलाओं की सफलता पर आधारित कार्यक्रम ‘नई सोच नई कहानी’ के हर भाग में आप न केवल अलग -अलग क्षेत्र में मिसाल बन रही महिलाओं की कहानी सुनेंगे बल्कि उनका वार्तालाप भी सुन सकेंगे।कार्यक्रम ‘नई सोच नई कहानी’ की 15 नवंबर को प्रसारित कड़ी में भारत सरकार के दो सचिव सुभाष दास और अतुल तिवारी ने श्रोताओं को उद्यमशीलता को लेकर केंद्र की मोदी सरकार द्वारा चलाई जा रही एमएसएमई योजना जैसी अनेक योजनाओं की जानकारी विस्तारपूर्वक दी। साथ ही उन्होंने वर्तमान एमएसएमई में पंजीयन की प्रक्रिया के साथ ही महिलाओं को इस स्कीम से जुड़कर बाजार में लाभ उठाने के कई उपायों पर भी चर्चा की। उन्होंने भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही कौशल विकास योजना से हुनर का उपयोग कर सफल होने को लेकर जानकारी भी श्रोताओं को दी जिसमें अब तक प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से अब तक 60 लाख महिलाओं को ट्रेनिंग मिली है।‘नई सोच नई कहानी’ कार्यक्रम की इस ताजा कड़ी में गाजियाबाद की प्रियांशी की सफलता की कहानी साझा की गई। प्रियांशी अपने घर की पहली महिला है जिन्होंने 2014 के बाद एमएसएमई से भारत सरकार के मंत्री की मदद से मात्र 3 दिन में लोन लेकर मॉड्यूलर किचन की फैक्ट्री खड़ी की है। इसकी मदद से प्रियांशी आज 50 से 60 लोगों को रोजगार दे रही हैं। इसी कड़ी में मुलाकात हुई प्रधानमंत्री स्व निधि योजना का लाभ पाने वाली महिलाएं शीला, राफिया,और गुड़िया झा से जिसमें शीला सब्जी ,गुड़िया फल और राफिया कुर्ती का बिजनेस करती हैं। प्रधानमंत्री स्व निधि योजना के तहत प्राप्त किए गए लोन से महिलाओं ने आज न केवल अपने व्यापार का विस्तार किया बल्कि प्रधानमंत्री मोदी को भी इन योजनाओं के लिए धन्यवाद दिया जिससे उनकी कमजोर आर्थिक स्थिति से निकलने में मदद की। इन महिलाओं के साथ ही प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का लाभ लेने वाली अन्य महिलाओं से भी मुलाकात की।साल 2015 में शुरू हुई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से अब तक देश में ₹30 लाख करोड़ की लागत से 40 करोड़ लोगों को लाभ मिला है जिसमें 70 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। हरियाणा में मिठाई बनाने वाली महिला ने मुद्रा योजना से लाभ लेकर आज खुद का कारोबार स्थापित किया है और दूसरों को भी रोजगार दिया है। वहीं हरियाणा की ही गांव में पंच चुनी गई नीलम ने भी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर सरकार से मुद्रा योजना के माध्यम से अभी तक 3 लाख तक का लोन ले चुकी हैं और अब आत्मनिर्भर होकर अपना जीवन यापन कर रही है। साथ ही कार्यक्रम की इस कड़ी में भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्किल कोर्स करके अपने भविष्य का निर्माण करने वाली महिलाओं के जज्बे को लेकर भी चर्चा हुई। - नयी दिल्ली. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जी20 नेताओं के घोषणापत्र को सर्वसम्मति से अपनाने का श्रेय भारत के समावेशी नजरिये, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण और वैश्विक कल्याण के लिए गहरी प्रतिबद्धता को दिया। उन्होंने कहा कि जी20 नेताओं का घोषणापत्र एक दस्तावेज नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक घोषणा है।धनखड़ ने कहा, ‘‘इसमें जो संकेत दिया गया है, उससे पता चलता है कि भविष्य में वैश्विक व्यवस्था के अनुसार खुद को कैसे संचालित किया जायेगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमारे प्रधानमंत्री ने कड़ी मेहनत की, उनके पास एक दृष्टिकोण है और उन्होंने इसे क्रियान्वित किया और इसे घोषणापत्र के रूप में फलीभूत किया।'' उपराष्ट्रपति ने यहां ‘जी20-द इंडियन नेवी क्विज' (जी20-थिनक्यू) के फाइनल में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह घोषणापत्र विभाजनों से ग्रस्त दुनिया में शांति और संयम की आवाज के रूप में भारत की पहचान है।
- नोएडा. अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के अध्यक्ष प्रोफेसर टी.जी. सीताराम ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगर भारत उच्च शिक्षा को अगले स्तर पर ले जाए और विभिन्न परिवर्तनकारी सुधारों पर काम करे तो 2047 तक दुनिया का सबसे विकसित देश बन जाएगा। उन्होंने नयी शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 की सराहना करते हुए कहा कि इसके कार्यान्वयन से भारत दुनिया की ‘‘ज्ञान राजधानी'' बन जाएगा। एआईसीटीई के अध्यक्ष ने एमिटी विश्वविद्यालय में शिक्षा मंत्रालय की इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) की क्षेत्रीय बैठक के दौरान अपने विचार साझा किए। सीताराम ने कहा, ‘‘भारत 2047 तक विश्व का सबसे विकसित देश होगा। ‘अमृत काल' के दौरान, हमें उच्च शिक्षा को अगले स्तर तक ले जाना होगा और विभिन्न परिवर्तनकारी सुधारों पर काम करना होगा।'' भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-गुवाहाटी के पूर्व निदेशक सीताराम ने कहा, ‘‘नयी शिक्षा नीति 2020 में उत्कृष्ट विचार शामिल है जिन्हें अगले 25 वर्षों में लागू किया जा सकता है जिससे भारत विश्व में ज्ञान की राजधानी बन जायेगा।'' उन्होंने कहा कि भारत के पास सर्वश्रेष्ठ रचनात्मक और नवोन्मेषी मस्तिष्क है और इसमें विश्व की वैज्ञानिक और आर्थिक महाशक्ति बनने की क्षमता है। सीताराम ने कहा, ‘‘देश का भविष्य युवाओं के कंधों पर है इसलिए समय की मांग है कि युवाओं को अपने स्वयं के स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहित किया जाए और एमिटी द्वारा उन्हें प्रदान किए गए अवसरों का अधिकतम उपयोग करना चाहिए।'' नोएडा की एमिटी यूनिवर्सिटी में बृहस्पतिवार की बैठक में नवोन्मेषक और स्टार्ट-अप, नीति निर्माताओं और राज्य और केंद्र सरकार की एजेंसियों सहित लगभग 800 से 1,000 प्रतिभागी शामिल हुए।
- बैंकाक. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत शुक्रवार को थाईलैंड की राजधानी में विश्व हिंदू सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान विचारक, कार्यकर्ता और नेता दुनियाभर में हिंदुओं के सामने आने वाली चुनौतियों और उनसे जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। चार साल में एक बार होने वाले विश्व हिंदू सम्मेलन (डब्ल्यूएचसी) के तीसरे संस्करण का विषय ‘जयस्य आयतनम धर्मः' है जिसका अर्थ ‘धर्म, विजय का निवास' है। इसमें हिंदुओं के मूल्यों, रचनात्मकता और उद्यमशीलता की भावना को व्यक्त करने के लिए सात समानांतर सत्र शामिल हैं। कार्यक्रम की आयोजक टीम के सदस्य समीर पांडा ने कहा, ‘‘समानांतर सत्रों में दुनियाभर में हिंदुओं के सामने आने वाले अवसरों और चुनौतियों से निपटने के संबंध में चर्चा की जायेगी।'' आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, माता अमृतानंदमयी, योगेन्द्र गिरि जैसे आध्यात्मिक नेता, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह, श्रीधर वेम्बू, नरेंद्र मुरकुम्बी समेत उद्यमियों, लेखक विक्रम संपत, वैज्ञानिक आनंद रंगनाथन के तीन दिवसीय सम्मेलन को संबोधित करने की उम्मीद है। इसके अलावा, केन्या, ऑस्ट्रेलिया, सूरीनाम, जर्मनी, न्यूजीलैंड और थाईलैंड जैसे देशों के राजनीतिक और व्यापारिक नेताओं के भी सम्मेलन में भाग लेने की उम्मीद है। पांडा ने कहा कि सम्मेलन के जरिये सभी हिंदू नेताओं, कार्यकर्ताओं, विचारकों और प्रभावशाली लोगों को एक साथ आने और अपने विचार साझा करने का मौका मिलेगा। डब्ल्यूएचसी के पहले के संस्करण 2014 में दिल्ली में और 2018 में शिकागो में आयोजित किए गए थे।
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पतनमतिट्टा. केरल सरकार ने बृहस्पतिवार को यहां सबरीमाला भगवान अयप्पा मंदिर के चढ़ाई वाले मार्ग पर सपेरों को तैनात करने का फैसला किया है। सबरीमला में बीते सप्ताह वार्षिक तीर्थयात्रा शुरू हुई थी। छह वर्षीय एक तीर्थयात्री को मंदिर की ओर चढ़ाई करते हुए सांप ने डस लिया था जिसके बाद देवास्वोम मंत्री के. राधाकृष्णन ने यह निर्देश दिए। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि घटना को देखते हुए देवास्वोम और वन मंत्रियों के बीच चर्चा के बाद सपेरों को तैनात करने का निर्णय लिया गया है। इलाके में अभी चार सपेरे तैनात किए गए हैं।
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मथुरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि आज आजादी के ‘अमृतकाल' में पहली बार देश गुलामी की मानसिकता से बाहर आया है। उन्होंने ‘मीराबाई जन्मोत्सव' को संबोधित करते हुए कहा, भगवान श्री कृष्ण की अनन्य भक्त संत मीराबाई का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा शक्ति है। मथुरा की पावन धरा पर संत मीराबाई की 525 वीं जन्म-जयंती के उत्सव में शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।'' प्रधानमंत्री मोदी ने बृहस्पतिवार को मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना की। वह भगवान कृष्ण भक्त की 525 वीं जयंती मनाने के लिए आयोजित 'मीराबाई जन्मोत्सव' में भाग लेने के लिए यहां आये हैं। मोदी ने श्रीकृष्ण जन्म भूमि मंदिर में पूजा करने के बाद एक्स पर लिखा,'' मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दिव्य पूजन का सौभाग्य मिला। ब्रज के कण-कण में बसे गिरधर गोपाल के मनोहारी दर्शन ने भाव-विभोर कर दिया। मैंने उनसे देशभर के अपने सभी परिवारजनों के लिए सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।'' प्रधानमंत्री ने संत मीराबाई की 525 वीं जयंती के अवसर पर उनके सम्मान में एक स्मारक डाक टिकट और 525 रुपये का सिक्का भी जारी किया । उन्होंने कहा,''आज आज़ादी के अमृतकाल में पहली बार देश गुलामी की मानसिकता से बाहर आया है। हमने लाल किले से 'पंच प्रणों' का संकल्प लिया है। हम अपनी विरासत पर गर्व की भावना के साथ आगे बढ़ रहे हैं ।
उन्होंने कहा,''भगवान कृष्ण से लेकर मीराबाई तक, ब्रज का गुजरात से एक अलग से ही रिश्ता रहा है। मथुरा के कान्हा, गुजरात जाकर ही द्वारकाधीश बने थे । राजस्थान से आकर मथुरा वृन्दावन में प्रेम की धारा बहाने वाली संत मीराबाई जी ने भी अपना अंतिम जीवन द्वारका में बिताया था ।'' उन्होंने कहा,''मीराबाई का 525वां जन्मोत्सव केवल एक संत का जन्मोत्सव नहीं है। यह भारत की एक सम्पूर्ण संस्कृति का उत्सव है। यह उत्सव नर और नारायण में, जीव और शिव में, भक्त और भगवान में, अभेद मानने वाले विचार का भी उत्सव हैं ।'' प्रधानमंत्री ने कहा,''हमारा भारत हमेशा से नारीशक्ति का पूजन करने वाला देश रहा है। हमारे देश में महिलाओं ने हमेशा जिम्मेदारियां भी उठाई हैं और समाज का लगातार मार्गदर्शन भी किया है । मीराबाई जी इसका एक प्रखर उदाहरण रही हैं ।'' मोदी ने कहा,''मीराबाई जैसी संत ने दिखाया कि नारी का आत्मबल, पूरे संसार को दिशा देने का सामर्थ्य रखता है। मीराबाई मध्यकाल की केवल महान महिला ही नही थी बल्कि वह महानतम समाज सुधारकों और पथप्रदर्शकों में से भी एक रहीं ।'' इससे पहले स्थानीय सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री हेमा मालिनी ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया और उन्हें मीराबाई की प्रतिमा भेंट की ।
इस अवसर पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे । मोदी रहस्यवादी कवि और भगवान कृष्ण भक्त की 525 वीं जयंती मनाने के लिए आयोजित किए जा रहे 'मीराबाई जन्मोत्सव' में भाग लेने के लिए बृहस्पतिवार को यहां आये हैं। यह कार्यक्रम मीराबाई की याद में साल भर चलने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत का भी प्रतीक होगा। मीराबाई को भगवान कृष्ण के प्रति उनकी अनन्य भक्ति के लिए जाना जाता है और उन्होंने कई भजनों एवं छंदों की रचना की, जो आज भी लोकप्रिय हैं। इससे पहले मोदी ने सोशल मीडिया ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा था,''संत मीराबाई का जीवन निश्छल भक्ति और आस्था का अनुपम उदाहरण है। भगवान श्री कृष्ण को समर्पित उनके भजन और दोहे आज भी हम सभी के अंतर्मन को श्रद्धा-भाव से भर देते हैं। उनकी 525वीं जयंती पर मथुरा में 'संत मीराबाई जन्मोत्सव' का आयोजन हो रहा है। आज मुझे भी इससे जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने का सौभाग्य मिलेगा।'' यहां ‘मीराबाई जन्मोत्सव' समारोह में अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वैश्विक स्तर पर भारत का सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा , "आप दुनिया में जहां भी जाते हैं, आपका स्वागत स्वाभाविक रूप से 142 करोड़ भारतीयों को गौरवान्वित करता है। आपके नेतृत्व में सीमाएं सुरक्षित हो गई हैं और पिछले 9.5 वर्षों में आपके पास सभी समस्याओं का समाधान करने का एक तरीका है। आपके शासन में, न केवल नए योजनाएं शुरू की गईं लेकिन प्रभावी ढंग से लागू भी की गईं।'' उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम और केदार धाम का भी उल्लेख किया और कहा कि अयोध्या ने वह देखा है जिसका वर्षों से इंतजार किया जा रहा था तथा अब 22 जनवरी- अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दिन का इंतजार है।
- - जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को लेकर गुरुवार को एक बार फिर कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि गुर्जर समाज का एक बेटा राजनीति में जगह बनाने के लिए संघर्ष करता है लेकिन सत्ता मिलने के बाद उसे दूध में से मक्खी की तरह निकला करके फेंक दिया जाता है।मोदी ने देवगढ़ (राजस्थान) में एक चुनाव जनसभा को संबोधित करते हुए कहा,‘‘…गुर्जर समाज का एक बेटा राजनीति में जगह बनाने के लिए संघर्ष करता है। पार्टी के लिए जान लगाता है और सत्ता मिलने के बाद ‘शाही परिवार’ की शह पर उसे दूध में से मक्खी की तरह निकाल करके फेंक दिया जाता है।’’उन्होंने कहा,‘‘स्वर्गीय राजेश पायलट जी के साथ भी इन्होंने यही किया और उनके बेटे के साथ भी यही कर रहे हैं।’’मोदी ने कहा,‘‘गुर्जरों का जितना अपमान कांग्रेस ने किया है… यह राजस्थान की पहली पीढ़ी ने भी देखा है और आज की पीढ़ी भी देख रही है।’’कल राजस्थान में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा था, ”राजेश पायलट जी ने कभी इस कांग्रेस परिवार को चुनौती दी थी, लेकिन यह परिवार ऐसा है कि राजेश जी को तो सजा दी उनके बेटे (सचिन पायलट) को भी सजा देने में लगे हुए हैं।’’मोदी का इशारा उस घटना की ओर था जब दिवंगत राजेश पायलट ने 1997 में पार्टी अध्यक्ष पद के लिए सीताराम केसरी के खिलाफ चुनाव लड़ा और इसके बाद पार्टी आलाकमान का समर्थन एक तरह से गंवा दिया।राजेश पायलट के बेटे और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन ने कल मोदी के बयान को तथ्यात्मक रूप से गलत और जनता का ध्यान भटकाने वाला बताया था।पायलट गुर्जर समाज के नेता हैं और 2018 के विधानसभा चुनाव में पूर्वी राजस्थान में गुर्जर समाज ने कांग्रेस को वोट दिया था।राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए 25 नवंबर को मतदान होना है।कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘‘राजस्थान ने आज तक इससे बड़ी महिला विरोधी सरकार नहीं देखी। इसलिए राजस्थान के जन जन ने कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प ले लिया है।’’
- राजौरी/जम्मू। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में गुरुवार को लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का एक आतंकी मारा गया। एक रक्षा प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।बुधवार को मुठभेड़ में विशेष बलों के दो कैप्टन समेत चार सैन्यकर्मी शहीद हो गये थे और दो अन्य घायल हो गए।धर्मसाल के बाजीमाल इलाके में रात भर के विराम के बाद आज सुबह गोलीबारी फिर से शुरू हो गई। उन्होंने बताया कि रात भर में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की मदद से इलाके की घेराबंदी कर दी गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आतंकी घने जंगली इलाके की ओर न भाग सकें।प्रवक्ता ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान एक पाकिस्तानी आतंकी मारा गया।उन्होंने बताया कि उसकी पहचान क्वारी नामक कट्टर आतंकी के रूप में की गई है।प्रवक्ता ने कहा, ‘‘उसे पाकिस्तान और अफगान मोर्चे पर प्रशिक्षित किया गया था। वह लश्कर-ए-तैयबा का एक उच्च रैंक का आतंकी था।’’उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी आतंकी पिछले एक साल से अपने समूह के साथ राजौरी-पुंछ क्षेत्र में सक्रिय था। उन्होंने यह भी बताया कि मारा गया आतंकी डांगरी और कंडी हमलों का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है।प्रवक्ता ने कहा कि क्वारी को क्षेत्र में आतंकी गतिविधियों को फिर से शुरू करने के लिए भेजा गया था और वह ‘इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस’ (आईईडी) बनाने में माहिर था। इस साल जनवरी में डांगरी में हुए हमले में सात लोग मारे गए थे।
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पणजी. गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने यहां अपने आधिकारिक आवास पर बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की मेजबानी की। सलमान मंगलवार को मुख्यमंत्री के आवास पर पहुंचे।
अभिनेता, भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) 2023 में शामिल होने से पहले गोवा में भारतीय जनता पार्टी के विधायक माइकल लोबो के साथ मुख्यमंत्री सावंत से मिले। सलमान खान अपनी भांजी अलिजेह अग्निहोत्री की फिल्म 'फर्रे' का प्रचार कर रहे हैं। सावंत ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के 54वें संस्करण के अवसर पर महालक्ष्मी अल्तिन्हो, पणजी में सुपरस्टार सलमान खान की मेजबानी करने पर प्रसन्नता हुई।'' इस अवसर पर सावंत ने सलमान को पारंपरिक ‘कुनबी' शॉल भेंट की। -
कोरापुट (ओडिशा). आदिवासी किसानों की आय बढ़ाने की मुहिम के तहत कोरापुट जिला प्रशासन वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर)-केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीआईएमएपी), लखनऊ के साथ मिलकर सुगंधित फसलों की खेती के मूल्य संवर्धन के लिए किसानों को तकनीक उपलब्ध करा रहा है। किसानों को यहां हाल में एक दिवसीय कार्यशाला में प्रशिक्षण दिया गया।
सीएसआईआर से एक वैज्ञानिक प्रशांत कुमार राउत ने कहा, ‘‘आदिवासी-बहुल कोरापुट एक आकांक्षी जिला है जहां पारंपरिक खेती आजीविका का प्राथमिक स्रोत है। मूल्य संवर्धन से हमारा लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना है।'' सीएसआईआर-अरोमा अभियान और जिले के आजीविका सुधार कार्यक्रम के तहत जिले में आदिवासी किसान अपने खेतों में सुगंधित फसलों जैसे कि लेमन ग्रास, पुदीना, जेरेनियम, युकेलिप्टस सुगंधित गुलाब, चमेली, कैमोमाइल और हल्दी की खेती कर रहे हैं। करीब 50 आदिवासी महिला किसानों सहित 100 अधिक लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया और स्थानीय कृषक समुदाय ने इसमें अपनी गहरी रूचि और प्रतिबद्धता दिखाई। अधिकारियों ने कहा कि इस पहल से न सिर्फ आदिवासी किसानों की आय बढ़ने की संभावना है बल्कि यह क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी योगदान देगा। -
मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को कहा कि असुरक्षित माने जाने वाले कुछ कर्ज के मानदंडों को हाल ही में कड़ा करना सोच-समझकर लिया गया एहतियाती और लक्षित कदम है। यह बैंक व्यवस्था को सुचारू बनाये रखने के हित में है। दास ने यह भी कहा कि हमारी बैंकिंग प्रणाली मजबूत बनी हुई है और फिलहाल इसको लेकर चिंता का कोई कारण नहीं है। हालांकि, उन्होंने बैंकों को ज्यादा सतर्क रहने और किसी भी तरह के जोखिम का समय रहते पता लगाने की सलाह दी। आरबीआई गवर्नर ने उद्योग मंडल फिक्की (फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के संयुक्त रूप से आयोजित सालाना एफआई-बीएसी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमने हाल ही में व्यवस्था को सुचारू बनाये रखने को ध्यान में रखकर सोच-विचारकर कुछ उपायों की भी घोषणा की है। ये उपाय एहतियाती हैं। ये उपाय सोच-विचार और लक्ष्य के हिसाब से किये गये हैं।'' उल्लेखनीय है आरबीआई ने पिछले सप्ताह बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिये व्यक्तिगत और क्रेडिट कार्ड कर्ज जैसे असुरक्षित माने जाने वाले ऋण के नियमों को कड़ा किया था। संशोधित मानदंड में जोखिम भार में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। उच्च जोखिम भार का मतलब है कि व्यक्तिगत कर्ज के मामले में बैंकों को अलग से ज्यादा राशि का प्रावधान करना होगा। इससे बैंक किसी प्रकार के दबाव की स्थिति में उससे निपटने में ज्यादा सक्षम होंगे। साथ ही इस कदम से लोगों के लिये व्यक्तिगत कर्ज और क्रेडिट कार्ड के जरिये ऋण लेना महंगा होगा। दास ने कहा कि आरबीआई ने आवास और वाहन खरीद के अलावा छोटे कारोबारियों द्वारा लिये जाने वाले कर्जों को इससे अलग रखा है। इसका कारण इसके जरिये जो वृद्धि हो रही है, उसे बनाये रखना है। उन्होंने यह भी कहा कि इस खंड में उन्हें दबाव बनने की स्थिति नहीं दिख रही। आरबीआई गवर्नर ने बैंकों से अपनी जोखिम प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने और व्यापार चक्र प्रतिकूल होने पर किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए अतिरिक्त उपाय करने को कहा। दास ने कहा, ‘‘हालांकि, बैंक और एनबीएफसी अब अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन इसे बनाए रखने के लिये ठोस प्रयासों की जरूरत है। ऐसे अच्छे समय में, बैंकों और एनबीएफसी को इस बात पर विचार करने और आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है कि संभावित जोखिम कहां से उत्पन्न हो सकते हैं।'' उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें फिलहाल बैंकों में कोई नया दबाव उत्पन्न होता नहीं दिख रहा है, लेकिन वे चाहते हैं कि बैंक सतर्क रहे और दबाव परीक्षण जारी रखे। दास ने कहा कि आरबीआई अपनी ओर से बैंकों में जाकर निरीक्षण करता है और उनपर नजर भी रखता है। इसके अलावा दबाव परीक्षण, जोखिम आकलन, विषयगत अध्ययन आदि जैसे प्रयास कर रहा है। यह कुछ और नहीं बल्कि केंद्रीय बैंक के सक्रियता के साथ आगे बढ़कर निगरानी करने की दिशा में उठाये जा रहे कदमों का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्ज में मजबूत वृद्धि की सूचना दे रहे हैं। ऐसे मे कारोबार में किसी भी प्रकार के ‘उत्साह' से बचने और यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि जो ऋण दिये गये हैं, वे मानकीकृत और टिकाऊ बने रहे। दास ने यह भी कहा कि बैंकों और एनबीएफसी को अपने संपत्ति देनदारी प्रबंधन को और मजबूत करने की जरूरत है। अमेरिका में समस्या शुरू होने का कारण यह धारणा थी कि नीतिगत दर ‘अनंतकाल' तक कम रहेगी और यह पूरी तरह से गलत था। उन्होंने यह साफ किया कि वह अमेरिकी फेडरल रिजर्व को दोष नहीं दे रहे हैं, जिसे मुद्रास्फीति के मोर्चे पर परेशानियों के कारण तेजी से से ब्याज दर बढ़ानी पड़ीं। दास ने कहा, ‘‘आरबीआई की नीतियों का ऐसा कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है और इसका कारण यह है कि हमने हर कदम सूझबूझ के साथ उठाया है।'' गवर्नर ने कहा कि एनबीएफसी क्षेत्र बैंकों से काफी कर्ज ले रहा है और दोनों के बीच गहरा अंतर्संबंध है। उन्होंने बैंकों से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को दिये जा रहे कर्ज का समूह और व्यक्तिगत स्तर पर ‘लगातार मूल्यांकन' करने को कहा। दास ने कर्ज देने वाले एनबीएफसी से अपने वित्तपोषण के स्रोतों को व्यापक बनाने और बैंक वित्तपोषण पर निर्भरता कम करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए भी कहा। उन्होंने वित्तीय क्षेत्र की कंपनियों और उद्योग जगत दोनों को संदेश देते हुए कहा, “हम आपस में जुड़ी दुनिया में काफी अनिश्चित समय में रह रहे हैं। समय-समय पर नये जोखिम सामने आ रहे हैं। ऐसे में जोखिम के नए स्रोत भी सामने आ रहे हैं। स्वयं को मजबूत करना किसी भी तरह के झटके और अनिश्चितताओं की स्थिति में सबसे अच्छा ‘बीमा' होगा।
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- कोझिकोड (केरल)। प्रख्यात मलयालम उपन्यासकार पी वलसला का यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। वलसला की उम्र 85 वर्ष थी। उन्हें मंगलवार की रात दिल का दौरा पड़ा था। राज्य की प्रमुख लेखिकाओं में से एक वलसला को, केरल साहित्य अकादमी अवार्ड समेत कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया था। ‘नेल्लु', ‘अग्नायम‘ और ‘वेनल' उनके कुछ प्रमुख उपन्यास हैं। उनकी रचनाएं कई बार पुनर्मुद्रित हुईं। वह अपनी विशिष्ट लेखन शैली के लिए जानी जाती थीं।







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