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नई दिल्ली। भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद अमित शाह ने आज गृह मंत्रालय में केंद्रीय मंत्री का पदभार ग्रहण किया। उन्होंने सहकारिता मंत्रालय का कार्यभार भी संभाला। मोदी सरकार 3.0 में मंत्रियों के विभाग का बंटवारा सोमवार देर शाम कर दिया। गठबंधन की सरकार में भी भारतीय जनता पार्टी ने सीसीएस से जुड़े मंत्रालय अपने पास ही रखा है। इसके साथ ही बीजेपी ने शिक्षा, कृषि, रेल, संड़क समेत कई अहम मंत्रालय भी अपने पास ही रखा है। सोमवार को गृह मंत्री बनने के बाद अमित शाह आज सुबह नॉर्थ ब्लॉक पहुंच कर गृह मंत्री का कार्यभार संभाल लिया है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को अपना कार्यभार संभालने से पहले नेशनल पुलिस मेमोरियल जाकर अपने कर्तव्यों को निभाने के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को नमन किया। इसके बाद अमित शाह ने नॉर्थ ब्लॉक स्थित गृह मंत्रालय पहुंच कर लगातार दूसरी बार गृह मंत्री का कार्यभार संभाल लिया। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बनाए गए नित्यानंद राय और बंदी संजय कुमार भी मौजूद रहे। अमित शाह आज ही सहकारिता मंत्री का कार्यभार भी संभालेंगे।
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नई दिल्ली। तेलुगु देशम पार्टी के प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू को आंध्र प्रदेश विधानसभा में एनडीए का नेता चुना गया है। विजयवाड़ा में हुई टीडीपी, जनसेना और भाजपा विधायकों की बैठक में विधायकों ने सर्वसम्मति से नायडू को नेता चुना। जनसेना पार्टी प्रमुख और पीतापुरम से विधायक के. पवन कल्याण ने आंध्र प्रदेश विधानसभा में एनडीए के नेता के रूप में चंद्रबाबू नायडू के नाम का प्रस्ताव रखा जिसका सभी एनडीए विधायकों ने सर्वसम्मति से समर्थन किया। आंध्र प्रदेश में एनडीए ने 164 विधानसभा सीटों के साथ बहुमत से बड़ी जीत हासिल की।
जन सेना पार्टी के विधायकों ने मंगलवार को पार्टी प्रमुख पवन कल्याण को आंध्र प्रदेश विधानसभा का नेता चुना। जनसेना तेनाली के विधायक एन. मनोहर ने पवन कल्याण का नाम प्रस्तावित किया और अन्य नेताओं ने उनका समर्थम किया। 175 सदस्यीय विधानसभा में जनसेना के 21 विधायक हैं। -
नई दिल्ली। 21 जून को मनाए जाने वाले 10वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर देश में बड़ा उत्साह है। इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि योग एक शाश्वत अभ्यास है जो एकता और सद्भाव की प्रेरणा देता है। उन्होंने विविध संस्कृतियों और क्षेत्रों को जोड़ने की उल्लेखनीय क्षमता पर प्रकाश डाला और कहा कि योग ने समग्र कल्याण की खोज में दुनिया भर में लाखों लोगों को एकजुट किया है।
श्री मोदी ने कहा कि हर किसी को योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए और दूसरों को भी इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि योग शांति और धैर्य के साथ जीवन की चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाता है। श्री मोदी ने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो साझा कीं। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि ये वीडियो लोगों को योग का अभ्यास करने के लिए प्रोत्साहित करेंगी। - नयी दिल्ली. । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तीसरे कार्यकाल में 72 सदस्यीय मंत्रिपरिषद ने रविवार को शपथ ली और यह संख्या अधिकतम स्वीकृत संख्या 81 से केवल नौ कम है। इससे पहले, 2019 से 2024 तक मोदी की पूर्ववर्ती सरकार की मंत्रिमपरिषद में मंत्रियों की अधिकतम संख्या 78 रही थी। मौजूदा मंत्रिपरिषद की संख्या इससे छह कम है। मोदी की पूर्ववर्ती सरकार में कैबिनेट विस्तार के बाद 2021 में मंत्रिपरिषद के सदस्यों की संख्या बढ़कर 78 हो गई थी लेकिन नयी मंत्रिपरिषद से शपथ लेने से पहले सरकार में मंत्रियों की संख्या 72 थी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के तीसरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी सहित अधिकतम 31 कैबिनेट मंत्री हैं। इसके अलावा पांच राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 36 राज्य मंत्री हैं। मोदी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार में 26 कैबिनेट मंत्री, तीन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 42 राज्य मंत्री शामिल थे। जुलाई 2021 में जब मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ था, तब 30 कैबिनेट मंत्री, 2 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 45 राज्य मंत्री के साथ इसमें अधिकतम 78 मंत्री थे। मंत्रिपरिषद के सदस्यों की अधिकतम संख्या 81 होती है, जो लोकसभा की कुल सदस्य संख्या 543 का 15 प्रतिशत है। इन 81 सदस्यों में प्रधानमंत्री भी शामिल होते हैं। मई 2019 में 57 मंत्रियों ने शपथ ली थी, जिनमें 24 कैबिनेट मंत्री, नौ राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 24 राज्य मंत्री शामिल थे। मई 2014 में जब भाजपा कांग्रेस को हराकर सत्ता पर काबिज हुई थी, तब मंत्रिपरिषद में 24 कैबिनेट मंत्री, 10 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 12 राज्य मंत्री समेत 46 मंत्री थे। इनमें खुद प्रधानमंत्री भी शामिल थे। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में मई 2009 में प्रधानमंत्री समेत मंत्रियों की अधिकतम संख्या 79 थी। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के पहले कार्यकाल के दौरान भी मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्रियों की अधिकतम संख्या 79 थी। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में 1999 में 74 मंत्री थे।
- नयी दिल्ली/अमरावती.नरेन्द्र मोदी के लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने पर तेलुगु देशम पार्टी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने उन्हें बधाई दी। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद के लिए नामित नायडू ने ‘विकसित भारत' दृष्टिकोण के प्रति समर्पित मोदी को सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं भी दीं। नायडू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आंध्र प्रदेश की जनता की ओर से मैं मोदी को लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने पर बधाई देता हूं।'' नायडू ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सभी नवनियुक्त मंत्रियों को बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की कामना की। नायडू ने कहा, ‘‘यह समारोह हमारे राष्ट्र के लिए विकास, प्रगति और समृद्धि के एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है।'' मंत्रिपरिषद में शामिल किए गए गुंटूर सांसद पी चंद्रशेखर ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘मुझे केंद्रीय मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपने के लिए मैं भारत की जनता और राजग नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।'' मंत्रिपरिषद में शामिल किए गए एक अन्य मंत्री बी श्रीनिवास वर्मा की पत्नी वेंकटेश्वरी देवी ने कहा, ‘‘आज हमारे जीवन का सबसे खुशी का दिन है। भाजपा ने उनके 34 वर्षों के प्रयासों को स्वीकार किया और उन्हें मंत्री पद दिया।''
- अमरावती (आंध्र प्रदेश) .आंध्र प्रदेश में शीघ्र ही सत्ता की बागडोर संभालने जा रहे तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू के सामने राज्य के खाली खजाने के बीच हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव के दौरान उनकी पार्टी द्वारा किए गए “सुपर सिक्स” वादों को पूरा करने की बड़ी चुनौती होगी। नायडू 12 जून को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।वित्तीय चुनौतियों की शुरुआत के तहत नायडू को एक जुलाई तक लगभग 65 लाख लाभार्थियों को सामाजिक पेंशन वितरित करने के लिए 4,500 करोड़ रुपये से अधिक की आवश्यकता है। अपने “सुपर सिक्स” के हिस्से के रूप में नायडू ने मासिक पेंशन को मौजूदा 3,000 रुपये से बढ़ाकर 4,000 रुपये करने का वादा किया, साथ ही जुलाई से 3,000 रुपये (अप्रैल, मई और जून के लिए एक-एक हजार रुपये) का बकाया भुगतान करने का वादा भी किया है। कुल मिलाकर जुलाई में राजकोष पर 4,500 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा, इसके अलावा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को वेतन देने से 6,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ नौकरशाह के मुताबिक, राज्य सरकार ने वेतन, पेंशन, कर्ज चुकाने और ब्याज की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिवर्ष लगभग 1.30 लाख करोड़ रुपये का व्यय करने का वचन दिया है। रिजर्व बैंक की वेबसाइट के अनुसार, आंध्र सरकार ने 11 जून को नीलामी के जरिए 2,000 करोड़ रुपये मूल्य की प्रतिभूतियां बेचने की पेशकश की। राज्य को अकेले सामाजिक पेंशन के लिए हर महीने 2,600 करोड़ रुपये की जरूरत है।इसी प्रकार, घोषणापत्र के तहत तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) ने सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा का वादा किया है। आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के एक अधिकारी ने कहा कि एपीएसआरटीसी को टिकट राजस्व के माध्यम से मासिक 450 से 500 करोड़ रुपये की कमाई होती है और महिला यात्रियों की संख्या 35-40 प्रतिशत होने की उम्मीद है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि महिला यात्रियों को लेकर राज्य में अब तक कोई अध्ययन नहीं हुआ है।मुफ्त यात्रा योजना के लिए नयी सरकार को एपीएसआरटीसी को सालाना लगभग 2,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। “सुपर सिक्स” के तहत तेदेपा ने स्कूल जाने वाले प्रत्येक बच्चे को प्रति वर्ष 15,000 रुपये देने का भी वादा किया है। निवर्तमान वाईआरएस कांग्रेस पार्टी सरकार ने “अम्मा वोडी” नामक इसी प्रकार की योजना के लिए 6,500 करोड़ रुपये निर्धारित किए थे। नायडू ने लाभार्थियों की सीमा हटा दी है जिससे खर्च में भी वृद्धि होने की उम्मीद है। पार्टी ने हर परिवार को प्रतिवर्ष तीन मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर देने और हर किसान को 20,000 रुपये की वार्षिक वित्तीय सहायता देने का भी वादा किया है। सरकारी बजट दस्तावेज 2023-24 के अनुसार, राज्य पर 4.83 लाख करोड़ रुपये का सार्वजनिक ऋण (राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 33.3 प्रतिशत) है, इसके अलावा 1.39 लाख करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी और केंद्र से लिया गया 26,296 करोड़ रुपये का ऋण है। वर्ष 2024-25 के लिए बजट (लेखानुदान) में कुल राजस्व प्राप्तियां 2,05,352.19 करोड़ रुपये अनुमानित हैं, जबकि व्यय 2,30,110.41 करोड़ रुपये आंका गया है।
- बेंगलुरु. । कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल, तेलंगाना और तमिलनाडु से एक दर्जन से अधिक सांसदों को रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया तथा दक्षिणी राज्यों में भाजपा के गठबंधन सहयोगियों को भी पुरस्कृत किया गया। जद (एस) नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी तथा पिछली मंत्रिपरिषद में शामिल रहे भाजपा नेता निर्मला सीतारमण और प्रल्हाद जोशी उन लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने नयी दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में भव्य समारोह में शपथ ली। पिछली मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे और कर्नाटक की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में मंत्री रहे वी सोमन्ना ने भी शपथ ली। ये दोनों भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता हैं। सीतारमण, कुमारस्वामी और जोशी को जहां कैबिनेट मंत्री बनाया गया, वहीं करंदलाजे और सोमन्ना को राज्य मंत्री बनाया गया। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दल जद (एस) के कोटे से कुमारस्वामी को मंत्री बनाया गया है, जो कर्नाटक के प्रमुख वोक्कालिगा समुदाय से संबंध रखते हैं। कर्नाटक में राजग को 28 लोकसभा सीट में से 19 सीट पर जीत मिली। इनमें भाजपा ने 17 और जद (एस) ने दो तथा राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने नौ सीट पर जीत दर्ज की। आंध्र प्रदेश से तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के दो सांसदों- के. राममोहन नायडू और चंद्रशेखर पेम्मासानी तथा भाजपा के श्रीनिवास वर्मा को मंत्री बनाया गया। 5,700 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक पेम्मासानी 18वीं लोकसभा में मंत्रिपरिषद में शामिल होने वाले सबसे अमीर मंत्री हैं। केरल से, राज्य में भाजपा के एकमात्र लोकसभा सदस्य सुरेश गोपी और पार्टी के वरिष्ठ नेता जॉर्ज कुरियन पहली बार मंत्री बने। सांसद नहीं होने के बावजूद कुरियन को मंत्रिपिरषद में शामिल किए जाने को ईसाई समुदाय तक भाजपा की पहुंच की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। तेलंगाना के भाजपा नेता किशन रेड्डी और बंडी संजय कुमार को भी मोदी 3.0 सरकार में शामिल किया गया है।तमिलनाडु से एल मुरुगन को नयी सरकार में राज्य मंत्री के तौर पर शामिल किया गया है।
- बेंगलुरु. । इसरो के आदित्य-एल1 अंतरिक्षयान के दो रिमोट सेंसिंग उपकरणों ने हाल ही में हुए सौर लपटों की तस्वीरें कैद कीं। अंतरिक्ष एजेंसी ने सोमवार को यह जानकारी दी। भारत का पहला सौर मिशन आदित्य-एल1 इस साल छह जनवरी को लैग्रेंजियन बिंदु (एल1) पर पहुंचा। यह अभियान दो सितंबर, 2023 को शुरू हुआ था, जिसके 127 दिन बाद उपकरणों ने ये तस्वीरें भेजी हैं। एल1 पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर स्थित है और इसकी मदद से लगातार सूर्य की तस्वीरें ली जा रही हैं। इसरो ने एक बयान में बताया कि 'सोलर अल्ट्रा वॉयलेट इमेजिंग टेलीस्कोप' (एसयूआईटी) और 'विजिबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ' (वीईएलसी) ने मई 2024 के दौरान सूर्य की गतिशील गतिविधियों की तस्वीरें लीं। कोरोनल मास इजेक्शन' (सीएमई) से जुड़े कई एक्स-क्लास और एम-क्लास फ्लेयर्स, जो महत्वपूर्ण भू-चुंबकीय तूफानों को जन्म देते हैं, रिकॉर्ड किए गए। सूर्य के सक्रिय क्षेत्र में आठ से 15 मई के सप्ताह के दौरान कई बार सौर लपटे उठीं।इसरो ने 17 मई को एसयूआईटी पेलोड द्वारा प्राप्त सूर्य की तस्वीरें जारी कीं और वीईएलसी द्वारा किए गए अवलोकनों का विवरण भी साझा किया।
- नयी दिल्ली. । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तीसरे कार्यकाल में मंत्री बनने वाले नेताओं ने हिंदी एवं अंग्रेजी में शपथ ली और राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह के दौरान मंच पर बैठे इन नए मंत्रियों ने अपने परिधानों के जरिए देश की विविधता का परिचय दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्रिपरिषद का शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन के भव्य प्रांगण में आयोजित किया गया, जिसमें कई राष्ट्राध्यक्षों, राजनीतिक दिग्गजों, व्यवसायियों और फिल्मी सितारों ने शिरकत की। नरेन्द्र मोदी, राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, गिरिराज सिंह और किरेन रिजिजू जैसे अधिकतर मंत्रियों ने जहां हिंदी में शपथ ली, वहीं कई मंत्रियों ने अंग्रेजी में शपथ लेने का विकल्प चुना, जिनमें निर्मला सीतारमण, एस जयशंकर, एच डी कुमारस्वामी और सर्बानंद सोनोवाल जैसे कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। अधिकतर मंत्रियों ने हिंदी में शपथ ली और जी किशन रेड्डी जैसे कुछ मंत्रियों के मंच पर आते ही जोरदार तालियां बजीं। शपथ लेने वाले मंत्रियों में से कई ने पारंपरिक परिधान पहनकर शपथ ली।सोनोवाल ने असम का ‘गमोसा' (गमछा) पहना था जबकि लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास (लोजपा) के सांसद चिराग पासवान ने काले रंग का 'गलाबंद' पहना हुआ था। मंत्रिमंडल में दोबारा जगह पाने वालों में शामिल ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को नीले रंग का कुर्ता-पायजामा पहना था, जिसके ऊपर उन्होंने काली 'बंडी' पहनी थी और साथ में केसरिया रंग का 'पॉकेट स्क्वायर' भी था। गिरिराज सिंह ने केसरिया रंग की 'बंडी' पहनी थी। अर्जुन राम मेघवाल ने पारंपरिक राजस्थानी टोपी पहनी हुई थी। हरदीप सिंह पुरी ने मैरून रंग की पगड़ी और उसी रंग का ‘वेस्टकोट' पहना था। मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में तीसरी बार शपथ लेने के साथ ही देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की उपलब्धि की बराबरी की। नेहरू ने 1952, 1957 और 1962 के आम चुनावों में जीत हासिल की थी। नरेन्द्र मोदी के अलावा, 30 कैबिनेट मंत्रियों और पांच स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों तथा मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने शपथ ली। मोदी ने रविवार शाम जब लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली, उस समय राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में करीब आठ हजार लोग मौजूद थे। प्रांगण में उपस्थित लोगों में कर्नाटक के विधान पार्षद केशव प्रसाद भी शामिल थे, जो बेंगलुरु से आए थे और उन्होंने भगवा गमछा ओढ़ा हुआ था। प्रसाद ने कहा, ''यह एक ऐतिहासिक क्षण है और मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं, इसलिए हम यहां हैं। मेरी बेटी ने मुझे निमंत्रण कार्ड को यादगार के तौर पर संभाल कर रखने के लिए कहा है।'' समोराह में प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ भी मौजूद थे। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। गुजरात की पूर्व विधायक तेजश्री पटेल और राज्य सरकार में मंत्री रहीं निर्मला वाधवानी भी समारोह में शामिल हुईं। बॉलीवुड कलाकार शाहरुख खान, रजनीकांत, अक्षय कुमार और रवीना टंडन भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद कंगना रनौत भी समारोह में मौजूद थीं। उद्योगपति गौतम अडाणी, मुकेश अंबानी और उनके बेटे एवं बेटी समेत उनका परिवार भी समारोह में मौजूद था।
- मुंबई. । महाराष्ट्र के छह सांसदों को नरेन्द्र मोदी नीत मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चार और सहयोगी शिवसेना तथा भारतीय रिपब्लिकन पार्टी (आठवले) को एक-एक मंत्री पद मिला। राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने प्रफुल्ल पटेल को भाजपा की ओर से स्वतंत्र प्रभार के साथ राज्य मंत्री की पेशकश को ठुकरा दिया और उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाने पर जोर दिया। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल (2019-24) में महाराष्ट्र से भाजपा और उसके सहयोगी दलों के आठ मंत्री थे। रविवार को यह संख्या घटकर छह रह गई। नयी सरकार में भाजपा सांसद नितिन गडकरी और पीयूष गोयल को कैबिनेट मंत्री बरकरार रखा गया।महाराष्ट्र से भाजपा की एकमात्र महिला सांसद रक्षा खडसे और पहली बार सांसद बने मुरलीधर मोहोल ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। भाजपा के सहयोगी दल आरपीआई (ए) के प्रमुख रामदास आठवले को स्वतंत्र प्रभार के साथ राज्य मंत्री बनाया गया और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के प्रतापराव जाधव ने भी स्वतंत्र प्रभार के साथ राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि गठबंधन के घटक दलों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में कैबिनेट विस्तार में राकांपा पर विचार किया जाएगा। फडणवीस ने कहा, ''हमने राकांपा को स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री पद की पेशकश की थी लेकिन वे चाहते थे कि प्रफुल्ल पटेल के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाए। पटेल के अनुभव के कारण राकांपा का मानना है कि उन्हें स्वतंत्र प्रभार वाला राज्य मंत्री नहीं बनाया जा सकता।'' उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार में एक फार्मूला तैयार करना होता है, जिसे एक पार्टी के लिए नहीं तोड़ा जा सकता। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा, ''मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि जब भी मंत्रिमंडल विस्तार होगा, सरकार राकांपा पर विचार करेगी। हमने अभी राकांपा को शामिल करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कैबिनेट दर्जे पर जोर दिया।'' अजित पवार ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि राकांपा इंतजार करने के लिए तैयार है लेकिन कैबिनेट मंत्री का पद चाहती है।
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मुंबई. बॉलीवुड अभिनेत्री नूर मालविका दास ने यहां ओशिवारा स्थित अपने फ्लैट में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने 2023 की वेब सीरीज ‘द ट्रायल' में अभिनय किया था। एक अधिकारी ने बताया कि 31 वर्षीय अभिनेत्री का सड़ा-गला शव शुक्रवार शाम को मिला। पड़ोसियों ने उनके अपार्टमेंट से दुर्गंध आने की शिकायत की थी। दास 2023 की वेब सीरीज ‘द ट्रायल' में बॉलीवुड अभिनेत्री काजोल की सह-कलाकार थीं।
उन्होंने बताया कि जांच से पता चला है कि अभिनेत्री ने मंगलवार शाम को अपने फ्लैट में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली थी और एक पड़ोसी ने पुलिस को दुर्गंध आने की सूचना दी। अधिकारी ने बताया कि पुलिस दल ने दरवाजा तोड़कर शव बरामद किया तथा घटनास्थल पर एक मेज और रस्सी भी मिली। उन्होंने बताया कि दास अवसाद से पीड़ित थीं और दवा ले रही थीं।
अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि दुर्घटनावश मौत की रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज कर ली गई है। -
नयी दिल्ली. भारत-कनाडा संबंधों में असहजता सोमवार को उस समय देखने को मिली जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को अपने कनाडाई समकक्ष जस्टिन ट्रूडो के एक बधाई संदेश का जवाब देते हुए कहा कि भारत परस्पर समझ और ‘एक-दूसरे की चिंताओं' के सम्मान के आधार पर ओटावा के साथ काम करने के लिए उत्सुक है। पिछले साल सितंबर में ट्रूडो ने आरोप लगाया था कि ब्रिटिश कोलंबिया में खालिस्तानी चरमपंथी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की संभावित संलिप्तता है। इसके बाद से भारत और कनाडा के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं। भारत ने ट्रूडो के आरोपों को ‘बेतुका' बताते हुए खारिज कर दिया था।
मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बधाई संदेश के लिए धन्यवाद प्रधानमंत्री ट्रूडो। भारत परस्पर समझ और एक-दूसरे की चिंताओं का सम्मान करने पर आधारित रिश्तों के मद्देनजर कनाडा के साथ काम करने को लेकर आशान्वित है।'' इससे पहले, कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने मोदी को लोकसभा चुनाव में जीत मिलने के बाद छह जून को कहा था कि मानवाधिकारों, विविधता और कानून के शासन पर आधारित देशों के लोगों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए कनाडा भारत सरकार के साथ खड़ा है। उन्होंने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनकी चुनावी जीत पर बधाई। कनाडा दोनों देशों के लोगों के बीच मानवाधिकारों, विविधता और कानून के शासन पर आधारित संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए उनकी सरकार के साथ काम करने को तैयार है।'' भारत का कहना रहा है कि दोनों देशों के बीच मुख्य मुद्दा कनाडा द्वारा कनाडा की धरती से अपनी गतिविधियां चलाने वाले खालिस्तानी समर्थक तत्वों को जगह देना है। खालिस्तानी समर्थक तत्वों द्वारा भारतीय राजनयिकों को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने के मामले भी सामने आए हैं। पिछले साल ट्रूडो के आरोपों के कुछ दिनों बाद भारत ने ओटावा से समानता सुनिश्चित करने के लिए देश में अपने राजनयिकों की संख्या कम करने को कहा था। कनाडा ने बाद में भारत से 41 राजनयिकों और उनके परिवार के सदस्यों को वापस बुला लिया था।
भारत द्वारा आतंकवादी घोषित किए गए निज्जर की पिछले साल 18 जून को ब्रिटिश कोलंबिया में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या की जांच रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) कर रही है। -
जम्मू-कश्मीर में बस पर आतंकवादी हमला
जम्मू. जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस पर हुए घातक आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले नौ लोगों की सोमवार को अधिकारियों ने पहचान कर ली। हमले में जान गंवाने वाले लोगों में से चार राजस्थान के निवासी थे, जिनमें दो वर्ष का एक बच्चा भी शामिल है जबकि तीन लोग उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे। अधिकारियों ने बताया कि हमले में घायल हुए 41 तीर्थयात्रियों में से 10 लोगों को गोली लगी है। उन्होंने बताया कि घायलों में अधिकतर उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। अधिकारियों के मुताबिक, घायलों का उपचार जम्मू और रियासी जिलों के तीन अस्पतालों में किया जा रहा है।
आतंकवादियों ने रविवार शाम करीब छह बजकर 10 मिनट पर रियासी जिले में तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर गोलियां बरसाईं, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गयी और कई लोग घायल हो गए। बस शिव खोड़ी मंदिर से कटरा स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर जा रही थी और इसी दौरान पोनी इलाके के तेरयाथ गांव के पास हमला किया गया और 53 सीट वाली बस गोलीबारी के बाद गहरी खाई में गिर गई। पुलिस उपायुक्त (रियासी) विशेष पाल महाजन ने बताया कि बस के चालक और कंडक्टर समेत सभी नौ मृतकों की पहचान कर ली गयी। उन्होंने बताया कि बस चालक विजय कुमार दसानू राजबाग का रहने वाला था जबकि कंडक्टर अरुण कुमार कटरा के कान्देरा गांव का रहने वाला था। दोनों ही रियासी जिले के रहने वाले थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले अन्य लोगों में राजिंदर प्रसाद पांडे साहनी, ममता साहनी, पूजा साहनी और उसका दो वर्षीय बेटा टीटू साहनी शामिल हैं। ये चारों राजस्थान के जयपुर के रहने वाले थे। उन्होंने बताया कि हमले में मारे गए तीन अन्य लोग शिवम गुप्ता, रूबी और 14 वर्षीय अनुराग वर्मा उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे। महाजन ने बताया कि जिला प्रशासन शवों को उनके संबंधित राज्यों में भेज रहा है।
उन्होंने बताया कि हमले में तीन से 50 वर्ष की आयु के 41 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 10 को गोली लगी है और सर्जरी के बाद उनकी हालत स्थिर है। महाजन ने बताया कि 18 घायलों का जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज में, 14 का नारायणा अस्पताल में और नौ का रियासी के जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि घायलों में 34 उत्तर प्रदेश, पांच दिल्ली और दो राजस्थान के रहने वाले हैं। -
तिरुवनंतपुरम. केरल के नेय्याट्टिनकारा में कथित रूप से वित्तीय समस्याओं के चलते एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने अपने आवास में आत्महत्या कर ली। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी है। पुलिस ने बताया कि नेय्याट्टिनकारा निवासी मणिलाल (52), उनकी पत्नी स्मिता (45) और उनके बेटे अभिलाल (22) को स्थानीय लोगों ने रविवार रात बेहोशी की हालत में पाया। परिवार ने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को यह जानकारी दी थी कि वह अपनी जान देने जा रहे हैं।
पुलिस ने कहा, "परिवार ने अपने कुछ दोस्तों को अपने इस अतिवादी कदम के बारे में बताया था। सूचना मिलते ही स्थानीय पार्षद सहित रिश्तेदार घर पहुंचे, लेकिन उन्हें बेहोश पाया।" पुलिस ने बताया कि परिवार के तीनों सदस्यों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। -
गाजीपुर (उप्र). जिले के बरेसर क्षेत्र में सोमवार को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एक बस के खड़े ट्रक से टक्कर होने के कारण उस में सवार दो महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो गयी तथा 32 अन्य घायल हो गये। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले कुछ लोग अयोध्या से दर्शन पूजन कर एक बस से लौट रहे थे। उन्होंने कहा कि सुबह बस जब मूसेपुर गांव से गुजर रही थी तभी वह पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर खड़े एक ट्रक से टकरा गयी। उन्होंने बताया कि इस घटना में बस चालक रामनिवास (45) के अलावा यात्री कमला देवी (65), सैनिक विनोद सिंह (38) तथा सुनीता सिंह (48) की मृत्यु हो गई। शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया है। सिंह ने बताया कि हादसे में 32 अन्य लोग भी घायल हुए हैं जिन्हें गाजीपुर और मऊ के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
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नई दिल्ली। अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग (एआईएम) ने भारत में नवाचार और स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण पहलों को लॉन्च करने की घोषणा की है: ‘एआईएम – आईसीडीके वाटर चैलेंज 4.0’ और ‘इनोवेशन फॉर यू’ पुस्तिका का पांचवां संस्करण, जो भारत के एसडीजी उद्यमियों पर प्रकाश डालती है।
भारत में रॉयल डेनिश दूतावास में इनोवेशन सेंटर डेनमार्क (आईसीडीके) के सहयोग से एआईएम ओपन इनोवेशन वाटर चैलेंज का चौथा संस्करण प्रस्तुत किया। यह पहल भारत-डेनमार्क द्विपक्षीय हरित रणनीतिक साझेदारी की आधारशिला है, जो मौलिक आविष्कार वाले समाधानों के माध्यम से महत्वपूर्ण जल-संबंधी चुनौतियों को सुलझाने का प्रयास करती है। चयनित टीमें भारतीय समूह का गठन करेंगी जो वैश्विक नेक्स्ट जनरेशन डिजिटल एक्शन कार्यक्रम में भाग लेंगे और 9 देशों (भारत, डेनमार्क, घाना, केन्या, कोरिया, तंजानिया, दक्षिण अफ्रीका, कोलंबिया और मैक्सिको) के प्रमुख विश्वविद्यालयों और नवाचार केंद्रों से युवा प्रतिभाओं के साथ जुड़ेंगे।चयनित टीमों के प्रतिभागी समूह कार्य, बूट कैंप सत्र, मुख्य भाषण और व्यक्तिगत परामर्श सहित हाइब्रिड नवाचार यात्रा में भागीदारी की आशा कर सकते हैं। यह कार्यक्रम स्थिरता, डिजिटल समाधान, समावेशन और सार्वभौमिक डिजाइन सिद्धांतों की खोज को प्रोत्साहित करता है। सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा दिया जाता है, जिससे साथियों के बीच सहयोग और ज्ञान साझा करने को बढ़ावा मिलता है। इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को डेनमार्क सरकार द्वारा वित्तपोषित 30 से 31 अक्टूबर, 2024 तक कोपेनहेगन में होने वाली डिजिटल टेक समिट में नवाचारों को दिखाने का अवसर मिलेगा।चुनौती दो ट्रैक के अंतर्गत प्रविष्टियों को आमंत्रित करती है: एक विद्यार्थियों के लिए और दूसरा 35 वर्ष से कम आयु के युवा उद्यमियों के लिए। सकारात्मक पर्यावरणीय परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध शुरुआती चरण के स्टार्टअप, शोधकर्ता और युवा इनोवेटर्स को आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। छात्र यात्रा डिजिटल एक्शन फॉर सोशियल इम्पैक्ट पर फोकस करती है, जो बाहरी भागीदारों द्वारा डिजिटलीकरण पर विशेष फोकस के साथ स्थिरता चुनौतियों के माध्यम से आगे लाया गया है। युवा उद्यमी ट्रैक प्रारंभिक चरणों में भारतीय प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप के लिए अपने विचारों को प्रखर बनाने तथा वैश्विक साझेदारी के लिए एक रोमांचक अवसर प्रस्तुत करता है।इस कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान एआईएम, नीति आयोग के मिशन निदेशक डॉ. चिंतन वैष्णव ने कहा, "हम एआईएम - आईसीडीके वाटर चैलेंज 4.0 और इनोवेशन फॉर यू- एसडीजी एंटरप्रेन्योर्स ऑफ इंडिया के पांचवें संस्करण के शुभारंभ की घोषणा करते हुए रोमांचित हैं। आईसीडीके और भारत में रॉयल डेनिश दूतावास जैसे भागीदारों के सहयोगी प्रयासों से हमारा लक्ष्य दबावपूर्ण चुनौतियों का समाधान करना और युवा नवाचारियों को दोनों देशों में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सशक्त बनाना है। हम सभी उत्साही विद्यार्थियों के साथ-साथ स्टार्टअप को भी इस अवसर का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।"नई दिल्ली में व्यापार परिषद के प्रमुख मिनिस्टर काउंसलर और रॉयल डेनिश दूतावास के दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय समन्वयक सोरेन नोरेलंड कन्निक-मार्क्वार्डसेन ने अपने भाषण में कहा, "मुझे यह देखकर प्रसन्नता हुई कि जल चुनौती भारत और डेनमार्क के बीच हरित रणनीतिक साझेदारी (जीएसपी) 5 एस को शामिल करती है– स्किल (कौशल), स्केल (पैमाना), स्कोप (व्यापकता), सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) और स्पीड (गति)। इस चुनौती का उद्देश्य वैश्विक चुनौतियों को हल करने के लिए डेनिश और भारतीय उद्यमियों के कौशल को जोड़ना है जो न केवल भारत और डेनमार्क बल्कि पूरे विश्व को प्रभावित करते हैं। हमें यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि यह साझेदारी अपने चौथे वर्ष में है, जो न केवल हमारे सहयोग की सफलता को दिखाता है बल्कि विश्व के कुछ सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान करने तथा अधिक टिकाऊ दुनिया बनाने में युवा नवाचारियों के समर्पण को भी दर्शाता है। हम आज वेबसाइट लॉन्च करने के लिए उत्साहित हैं और युवा नवाचारियों को विश्व की कुछ सबसे बड़ी समस्याओं को हल करने के इस अवसर का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। हम इस चुनौती के सफल चौथे संस्करण की आशा करते हैं और अपने सभी भागीदारों के साथ इस साझेदारी को जारी रखना चाहते हैं।"आवेदनों के लिए आमंत्रण 10 जून, 2024 को प्रारंभ होगा, जिसकी अंतिम तिथि 20 जून, 2024 निर्धारित की गई है। इच्छुक आवेदक यहां आवेदन लिंक पर देख सकते हैं https://aim.gov.in/ICDK-water-innovation-challenge-4.phpआईसीडीके के अतिरिक्त एआईएम ने ‘इनोवेशन फॉर यू’ का पांचवां संस्करण भी पेश किया, जो भारत के एसडीजी उद्यमियों के प्रयासों पर प्रकाश डालने वाली एक कॉफ़ी टेबल बुक सीरीज़ है। इस संस्करण में भारत के विभिन्न कोनों से 60 उद्यमी शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक दीर्घकालिक नवाचारों के माध्यम से सामाजिक बेहतरी में योगदान दे रहा है।ये स्टार्टअप पुनर्चक्रणीय और नवीकरणीय सामग्रियों, हरित ऊर्जा, समावेशी शिक्षा तथा कम प्रतिनिधित्व वाले समुदायों और स्थानीय कारीगरों पर फोकस करते हैं। पुस्तक यहां देखी जा सकती है https://aim.gov.in/pdf/sdg-coffee-table-book.pdf - नई दिल्ली। भारत सरकार वर्ष 2015-16 से प्रधानमंत्री आवास योजना को लागू कर रही है, जिसका उद्देश्य पात्र ग्रामीण और शहरी परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त मकान बनाने में सहायता प्रदान करना है। पीएमएवाई के तहत आवासीय योजनाओं के अंतर्गत पिछले 10 साल के दौरान पात्र गरीब परिवारों के लिए कुल 4.21 करोड़ मकान बनकर तैयार हो चुके हैं।पीएमएवाई के तहत निर्मित सभी घरों में केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों की अन्य योजनाओं को मिलाते हुए घरेलू शौचालय, एलपीजी कनेक्शन, बिजली कनेक्शन, सक्रिय घरेलू नल कनेक्शन आदि अन्य बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया गया कि पात्र परिवारों की संख्या में बढ़ोतरी से पैदा हुई आवास की जरूरतों को पूरा करने के लिए 3 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण और शहरी परिवारों को मकान के निर्माण के लिए सहायता प्रदान की जाएगी।
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इंदौर . इंदौर में शासकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने अज्ञात युवती का दो हिस्सों में कटा शव रविवार को रहस्यमय हालात में बरामद किया। जीआरपी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। जीआरपी थाना प्रभारी संजय शुक्ला ने बताया कि एक सफाई कर्मचारी की सूचना पर डॉ. आम्बेडकर नगर-इंदौर यात्री ट्रेन से युवती का शव बरामद किया गया। उन्होंने बताया कि युवती की अभी पहचान नहीं हो सकी है और उसकी उम्र 20 से 25 साल के बीच आंकी जा रही है। शुक्ला ने कहा, ‘‘युवती के सिर से कमर तक का हिस्सा ट्रेन में छोड़े गए ट्रॉली बैग में मिला, जबकि उसकी कमर से नीचे का भाग प्लास्टिक की बोरी में बंद पाया गया। युवती के दोनों हाथ और दोनों पैर गायब हैं।'' उन्होंने कहा कि पुलिस को संदेह है कि युवती की हत्या किसी और स्थान पर एक-दो दिन पहले की गई और इसके बाद उसके शव को काट कर इसके हिस्सों को शनिवार रात यात्री ट्रेन में रख दिया गया। शुक्ला ने बताया कि डॉ. आम्बेडकर नगर-इंदौर ट्रेन शनिवार रात इंदौर पहुंची थी और सवारियों को उतारे जाने के बाद इस रेलगाड़ी को रख-रखाव के लिए यार्ड में ले जाया गया था। जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि शव की शिनाख्त करने की कोशिश की जा रही है और इस मामले की बारीकी से जांच जारी है। -
अगरतला. त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में कुएं की सफाई के दौरान ‘जहरीली गैस' की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई। रविवार को पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार घटना शनिवार सुबह नियोरामुरा जेबी स्कूल परिसर में हुई। सोनमुरा के ग्रामीणों ने क्षेत्र में पानी की कमी के कारण कुएं की सफाई का अभियान चलाया था। उप मंडल पुलिस अधिकारी (सोनमुरा) शशि मोहन देबवर्मा ने बताया कि सबसे पहले एक मजदूर कुएं की सफाई करने के लिए नीचे गया, लेकिन काफी देर बाद जब उसका कुछ पता नहीं चला तो अन्य मजदूर भी उसके पीछे कुएं में चले गए। कुछ देर बाद तीनों मजदूर कुएं में बेसुध पाए गए। उन्होंने बताया कि बचाव दल को घटनास्थल पर भेजा गया। तीनों मजदूरों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। देबवर्मा ने कहा,‘‘ ऐसा प्रतीत होता है कि कुएं में जहरीली गैस थी और दम घुटने से उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही मौत के असल कारणों का पता लगेगा। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 72 सदस्यीय मंत्रिपरिषद में 30 कैबिनेट मंत्रियों में से छह वकील हैं, तीन एमबीए डिग्री धारक हैं और 10 स्नातकोत्तर हैं, जिससे यह पेशेवरों का एक अच्छा मेल है। प्रधानमंत्री मोदी और राजनाथ सिंह उन लोगों में शामिल हैं जिनके पास स्नातकोत्तर डिग्री है।
कानून की डिग्री रखने वाले छह लोगों में कैबिनेट मंत्री नितिन गडकरी, जे पी नड्डा, पीयूष गोयल, सर्बानंद सोनोवाल, भूपेंद्र यादव और किरेन रीजीजू शामिल हैं। स्नातकोत्तर डिग्रीधारी मंत्रियों में राजनाथ सिंह, शिवराज सिंह चौहान, निर्मला सीतारमण, एस. जयशंकर, धर्मेंद्र प्रधान, डॉ. वीरेंद्र कुमार, मनसुख मांडविया, हरदीप सिंह पुरी, अन्नपूर्णा देवी और गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल हैं। छह मंत्री स्नातक हैं जिनमें मनोहर लाल खट्टर, एच डी कुमारस्वामी, जीतन राम मांझी, राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, प्रह्लाद जोशी और गिरिराज सिंह हैं। मोदी ने रविवार को रिकॉर्ड तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली । उनके 72 सदस्यीय केंद्रीय मंत्रिपरिषद में युवा और अनुभव पर जोर देने के साथ ही भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के भागीदारों को इसमें जगह दी गई है। इनमें से 33 पहली बार मंत्री बने हैं जिनमें से छह जाने-माने राजनीतिक परिवारों से आते हैं। इनमें तीन पूर्व मुख्यमंत्री - चौहान (मध्य प्रदेश), खट्टर (हरियाणा) और कुमारस्वामी (कर्नाटक) शामिल हैं। नए चेहरों में अभिनेता से राजनेता बने सुरेश गोपी भी शामिल हैं, जिन्होंने केरल से भाजपा के पहले लोकसभा सांसद बनकर इतिहास रच दिया। प्रधानमंत्री सहित मोदी मंत्रिमंडल में 81 सदस्यों की अधिकतम सीमा के मुकाबले 72 सदस्य हैं। -
नयी दिल्ली .नरेन्द्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के लिए रविवार को शपथ लेने वाली मंत्रिपरिषद में 33 नये चेहरे शामिल हुए हैं और इनमें से कम से कम छह मंत्री मशहूर राजनीतिक परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंत्रिपरिषद में पहली बार शामिल होने वालों में तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों - शिवराज सिंह चौहान (मध्य प्रदेश), मनोहर लाल खट्टर (हरियाणा) और एचडी कुमारस्वामी (कर्नाटक) - का भी नाम है। मोदी सरकार में पहली बार मंत्री बनने वाले सात लोग सहयोगी दलों से हैं, जिनमें तेदेपा से के. राममोहन नायडू और पी. चंद्रशेखर, जद (यू) के ललन सिंह और रामनाथ ठाकुर, रालोद के जयंत चौधरी, लोजपा के चिराग पासवान और जद (एस) के एच.डी. कुमारस्वामी शामिल हैं। राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के 45 वर्षीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी, भारत के पांचवें प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पोते और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह के पुत्र हैं। बिहार के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक दिवंगत रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में अपनी पारी शुरू करने जा रहे हैं। उनकी पार्टी लोजपा (रामविलास) ने बिहार में जिन पांच सीटों पर चुनाव लड़ा था, उन सभी पर जीत हासिल की। जनता दल (यूनाइटेड) के रामनाथ ठाकुर प्रसिद्ध समाजवादी नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत कर्पूरी ठाकुर के पुत्र हैं। कर्पूरी ठाकुर को इस वर्ष के प्रारंभ में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू मोदी मंत्रिमंडल में नए सदस्य हैं। बेअंत की 1995 में खालिस्तानी आतंकवादियों द्वारा हत्या कर दी गई थी। महाराष्ट्र के वरिष्ठ राकांपा नेता एकनाथ खडसे की पुत्रवधू रक्षा खडसे ने केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ ली।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सहयोगियों को पांच कैबिनेट मंत्री पद मिले हैं क्योंकि पार्टी लोकसभा में बहुमत के लिए सहयोगियों पर निर्भर है। निवर्तमान सरकार में सहयोगी दलों के पास एक भी कैबिनेट पद नहीं था। निवर्तमान मंत्रिपरिषद में भाजपा के सहयोगी दलों से दो राज्य मंत्री थे - अपना दल (एस) की अनुप्रिया पटेल और आरपीआई (ए) के रामदास आठवले - इस बार दो स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और चार राज्य मंत्री हैं। जनता दल (सेक्युलर) के एच डी कुमारस्वामी, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के जीतन राम मांझी, जनता दल (यूनाइटेड) के राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, तेलुगु देशम पार्टी के किंजरापु राम मोहन नायडू और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के चिराग पासवान ने रविवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। शिवसेना के प्रतापराव जाधव और राष्ट्रीय लोक दल के जयंत चौधरी ने स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। दूसरी नरेन्द्र मोदी सरकार में भाजपा के सहयोगी दलों से कोई स्वतंत्र प्रभार वाला राज्य मंत्री नहीं था। आठवले और पटेल को राज्य मंत्री के रूप में बरकरार रखा गया है, जबकि सहयोगी दलों से कनिष्ठ मंत्रियों में जनता दल (यूनाइटेड) के रामनाथ ठाकुर और तेलुगु देशम पार्टी के चंद्रशेखर पेम्मासानी शामिल हैं। भाजपा को पिछले दो कार्यकालों - 16वीं और 17वीं लोकसभा - में पूर्ण बहुमत प्राप्त था, जिसका असर मंत्रिपरिषद में भी दिखाई दिया और केवल कुछ गठबंधन सहयोगियों को ही जगह दी गई। 2014 में भाजपा के 282 सीट के साथ सत्ता में आने के बाद गठित पहले मोदी मंत्रिमंडल में चार कैबिनेट पद सहयोगी दलों को मिले थे। लोक जनशक्ति पार्टी के रामविलास पासवान को उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय, तेलुगू देशम पार्टी के अशोक गजपति राजू को नागरिक उड्डयन मंत्रालय, शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल को खाद्य प्रसंस्करण मंत्री और शिवसेना के अनंत गीते को भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्री बनाया गया था। पहली मोदी सरकार में भी चार राज्य मंत्री पद भाजपा के सहयोगी दलों को मिले थे, जिनमें राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के नेता उपेंद्र कुशवाहा को मानव संसाधन विकास मंत्रालय भी शामिल था। तेलुगू देशम पार्टी के वाई एस चौधरी नवंबर 2014 में विज्ञान और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में राज्य मंत्री बने। जुलाई 2016 में मंत्रिपरिषद में हुए फेरबदल में आरपीआई (एस) के रामदास आठवले सामाजिक न्याय मंत्रालय में राज्य मंत्री और अपना दल (एस) की पटेल स्वास्थ्य मंत्रालय में राज्य मंत्री बनीं थीं। इनमें से दो मंत्रियों ने आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने की अपनी पार्टी की मांग को लेकर मार्च 2018 में इस्तीफा दे दिया था। एक हफ्ते बाद, तेलुगू देशम पार्टी ने राजग छोड़ दिया। दिसंबर 2018 में, कुशवाहा ने मोदी पर बिहार के लिए अपने चुनावी वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए मंत्रालय से इस्तीफा दे दिया और गठबंधन छोड़ दिया। दूसरी मोदी सरकार में, जब भाजपा 303 की बेहतर संख्या के साथ लोकसभा में वापस आई, तो सहयोगी दलों के सात नेताओं ने अपने पांच साल के कार्यकाल में विभिन्न मंत्री पदों पर कार्य किया। जीतने के तुरंत बाद, इसने लोक जनशक्ति पार्टी, शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल जैसे सहयोगियों को मंत्री पद दिया। पासवान को उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय दिया गया, एक पद जो उन्होंने अक्टूबर 2020 में अपनी मृत्यु तक संभाला। हरसिमरत बादल को फिर से खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय का प्रभार दिया गया, जो उन्होंने सितंबर 2020 तक संभाला, जब उन्होंने किसानों के विरोध के मद्देनजर इस्तीफा दे दिया। बाद में शिरोमणि अकाली दल ने गठबंधन छोड़ दिया। शिवसेना के अरविंद सावंत को भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्री बनाया गया था, लेकिन 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा और उनकी पार्टी के बीच चल रहे सत्ता संघर्ष के बीच उन्होंने नवंबर 2019 में इस्तीफा दे दिया। रामविलास पासवान के निधन के बाद लोक जनशक्ति पार्टी के दो गुटों में विभाजित होने के बाद, उनके भाई पशुपति पारस को जुलाई 2021 में खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय दिया गया। उन्होंने 2024 के आम चुनावों से ठीक पहले इस्तीफा दे दिया क्योंकि भाजपा ने रामविलास के बेटे चिराग पासवान के नेतृत्व वाले गुट लोजपा (आरवी) के साथ सीट समझौता किया था। जनता दल (यूनाइटेड) के रामचंद्र प्रसाद को जुलाई 2021 में इस्पात मंत्री बनाया गया और वह 6 जुलाई 2022 तक इस पद पर बने रहे। दूसरे मोदी मंत्रिमंडल में आठवले ने सामाजिक न्याय राज्य मंत्री का पद संभाला और अनुप्रिया पटेल वाणिज्य राज्य मंत्री थीं।
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नयी दिल्ली. मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण समारोह के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का अगला अध्यक्ष कौन होगा क्योंकि पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। नड्डा के अलावा भूपेंद्र यादव, शिवराज सिंह चौहान और धर्मेंद्र प्रधान समेत कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है, जिससे संभावना है कि कोई नया चेहरा भाजपा का नेतृत्व कर सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नयी मंत्रिपरिषद में शामिल नहीं किए गए कुछ पूर्व मंत्रियों को भी पार्टी में अहम भूमिका दिए जाने की उम्मीद है। जनवरी 2020 में नड्डा ने अमित शाह की जगह पार्टी अध्यक्ष का पद संभाला था। भाजपा अध्यक्ष के रूप में नड्डा का विस्तारित कार्यकाल इसी महीने समाप्त होना है।
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जयपुर. राजस्थान के सिरोही जिले के आबूरोड सदर थाना क्षेत्र में रविवार शाम को एक तेज गति के ट्रेलर की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार दंपत्ति और उनकी बेटी की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। थाना-प्रभारी राजीव भादू ने बताया कि किवरली के पास एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने के बाद लौटते समय एक तेज गति के ट्रेलर ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। मोटरसाइकिल पर गणपत (45), उनकी पत्नी दुलारी (35) और बेटी सुमन (12) सवार थे। उन्होंने बताया कि तीनों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। शवों को पोस्टमार्टम के लिये अस्पताल की शवगृह में रखवाया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि हादसे के बाद ट्रेलर चालक फरार हो गया। ट्रेलर को जब्त कर मामले की जांच की जा रही है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को जम्मू-कश्मीर के रियासी इलाके में तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर हुए आतंकवादी हमले को ‘‘अत्यंत निंदनीय'' करार दिया। जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में रविवार शाम आतंकवादियों ने उत्तर प्रदेश के तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस पर गोलीबारी की, जिससे बस खाई में जा गिरी। इस घटना में नौ लोगों की मौत हो गई और 33 अन्य घायल हुए हैं। सिंह ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर के रियासी में तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर हमला बेहद निंदनीय है।'' उन्होंने कहा, ‘‘मेरी संवेदना उन परिवारों के साथ है जिन्होंने तीर्थयात्रियों के खिलाफ इस जघन्य कृत्य में अपने प्रियजनों को खो दिया। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।





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