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- नोएडा। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद गौतमबुद्ध नगर जिले में 23 खूंखार नस्ल के कुत्तों की बिक्री और प्रजनन पर रोक का आदेश जारी कर दिया गया है और जिला प्रशासन के आदेश का पालन नहीं करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। जिले के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी विपिन अग्रवाल ने बताया कि 23 खूंखार नस्ल के कुत्तों की बिक्री और प्रजनन पर रोक लगाई गई है और जिनके पास पहले से इन नस्लों के कुत्ते हैं उन्हें उनकी नसबंदी करानी होगी। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल से यह नियम लागू हो जाएगा। पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि कुत्तों की जिन नस्ल पर प्रतिबंध लगाया है उनमें पिटबुल टेरियर, रॉटविलर, टोसा इनु, अमेरिकन स्टैफोर्डशायर टेरियर, फिला ब्रासीलीरो, डोगो अर्जेंटीनो, अमेरिकन बुलडॉग, बोएरबोएल, कांगल, ओवचाकी की दो नस्ल, कोकेशियन शेफर्ड डॉग, सप्लार्निनैक, जापानी टोसा, अकिता, मास्टिफ्स, इओटवीलर, कैनेरिया, रोडेशियन रिजबैक, अक्बाश, वोल्फ डॉग, मॉस्को गार्ड, केन कोरो और टॉर्नजैक आदि शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार केंद्र सरकार के पशुपालन विभाग की सिफारिश पर प्रदेश सरकार ने सभी स्थानीय निकायों और जिला प्रशासन को यह आदेश जारी किया है। गौरतलब है कि नोएडा समेत प्रदेश के अनेक शहरों से कुत्तों के हमले और लोगों को बुरी तरह काटने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इस बाबत पूछने पर नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकेश एम ने बताया कि शासन से जारी दिशा-निर्देश का अनुपालन किया जाएगा।
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नयी दिल्ली. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अनुसार राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (एनईटी) में अर्जित अंक (स्कोर) का इस्तेमाल 2024-25 से पीएचडी में दाखिले के लिए किया जाएगा, जिससे विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। एनईटी की परीक्षा साल में दो बार जून और दिसंबर में आयोजित की जाती है। इसमें अर्जित अंक का इस्तेमाल वर्तमान में जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) प्रदान करने और मास्टर डिग्री वाले लोगों के लिए सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्ति की पात्रता के लिए किया जाता है। यूजीसी के अधिकारियों के अनुसार, आयोग ने परीक्षा के प्रावधानों की समीक्षा के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया था और समिति की सिफारिशों के आधार पर इसने निर्णय लिया है कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 से एनईटी में अर्जित अंक का इस्तेमाल पीएचडी कार्यक्रमों में दाखिले के लिए किया जा सकता है। यूजीसी के अध्यक्ष जगदीश कुमार ने कहा, ‘‘शैक्षणिक सत्र 2024-2025 से शुरू होकर, देशभर के विश्वविद्यालयों को पीएचडी कार्यक्रमों में दाखिले के लिए एनईटी में अर्जित अंक का इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा, जिससे विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।'' कुमार ने कहा कि छात्र विभिन्न संस्थानों में पीएचडी कार्यक्रमों के वास्ते आवेदन करने के लिए किसी भी सत्र के अपने ‘अंक' का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस पहल से छात्रों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि यह छात्रों को विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा आयोजित कई प्रवेश परीक्षाओं के लिए तैयारी करने और परीक्षा देने की आवश्यकता को समाप्त करता है, जिससे परीक्षा कराने संबंधी खर्च का बोझ कम हो जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी विश्वविद्यालयों को 2024-2025 शैक्षणिक सत्र से पीएचडी में प्रवेश के लिए एनईटी में अर्जित अंक का इस्तेमाल करने के लिए दृढ़ता से प्रोत्साहित करते हैं। इससे निस्संदेह हमारे देश में अकादमिक प्रगति के लिए अधिक अनुकूल माहौल बनाने में मदद मिलेगी।'' एक आधिकारिक अधिसूचना में यूजीसी ने कहा कि जून 2024 से, एनईटी अभ्यर्थियों को तीन श्रेणियों में पात्र घोषित किया जाएगा। इन श्रेणियों में जेआरएफ के साथ पीएचडी में प्रवेश और सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्ति; जेआरएफ के बिना पीएचडी में प्रवेश और सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्ति के लिए, केवल पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश और जेआरएफ या सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्ति के लिए नहीं, शामिल हैं। “अधिसूचना में कहा गया है कि, ‘‘श्रेणी दो और तीन में अर्हता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए अर्जित अंक पर 70 प्रतिशत और साक्षात्कार के लिए 30 प्रतिशत अधिभार दिया जाएगा। पीएचडी में प्रवेश एनईटी में अर्जित अंक और साक्षात्कार या मौखिक परीखा के अंकों के आधार पर तैयार संयुक्त मेधा सूची के आधार पर होगा। श्रेणी दो और तीन में उम्मीदवारों द्वारा एनईटी में प्राप्त अंक पीएचडी में प्रवेश के लिए एक वर्ष के लिए मान्य होंगे। यूजीसी एनईटी जून 2024 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया अगले सप्ताह शुरू होने की उम्मीद है। यूजीसी एनईटी का परिणाम उम्मीदवार द्वारा प्राप्त अंकों के साथ परसेंटाइल में घोषित किया जाएगा ताकि पीएचडी में प्रवेश के लिए अर्जित अंकों का उपयोग किया जा सके। जेआरएफ के लिए अर्हता अर्जित करने वाले विद्यार्थियों को यूजीसी (न्यूनतम मानक एवं पीएचडी डिग्री प्रदान करने की प्रक्रिया) विनियम-2022 के अनुसार साक्षात्कार के आधार पर पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश दिया जाता है।
- जम्मू । जम्मू-कश्मीर के रामबन से एक दिल-दहलाने वाली खबर सामने आ रही है, बताया जा रहा है, कि रामबन जिले में शुक्रवार को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक एसयूवी कार फिसलकर गहरी खाई में गिर गई. जिसमें सवार दस लोगों की मौत हो गई, घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. यह जानकारी अधिकारियों ने दी है, साथ ही उन्होंने बताया कि कार श्रीनगर से जम्मू की ओर जा रही थी और रामबन के बैटरी चश्मा इलाके में देर रात करीब 1:15 बजे 300 फुट गहरी खाई में गिर गई.अधिकारियों ने आगे बताया कि इस दुर्घटना में दस लोगों की मौत हो गई है. सूचना मिलते ही पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के जवान मौके पर पहुंच गए. अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बीच दस यात्रियों के शव बरामद किए गए हैं.अधिकारियों ने आगे बताया कि मृतकों में जम्मू के अंब गरोटा गांव का कार चालक 47 वर्षीय बलवान सिंह और बिहार के पश्चिमी चंपारण के विपिन मुखिया भैरगंग भी शामिल हैं. साथ ही बताया कि घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी है.सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर की गई पोस्ट में केंद्रीय मंत्री और ऊधमपुर के सांसद जितेंद्र सिंह ने कहा, कि ''घटनास्थल पर पुलिस, एसडीआरएफ के जवान और नागरिक त्वरित प्रतिक्रिया दल मौजूद हैं और बचाव अभियान जारी है. साथ ही उन्होंने कहा, कि ''शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं.सिंह ने आगे कहा, कि ''उस दुखद सड़क दुर्घटना के बारे में जानने के बाद रामबन के उपायुक्त बसीर-उल-हक से बात की, जिसमें बैटरी चश्मा के पास जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक वाहन के गहरी खाई में गिर जाने से दस लोगों की मौत हो गई.बताया जा रहा है, कि डोडा जिले में पिछले साल 15 नवंबर को भी हादसा हुआ था, जिसमें एक बस गहरी खाई में गिर गई थी.बस में सवार 39 लोगों की मौत गई थी और 17 लोग घायल हुए थे.
- लखनऊ.। मुख्तार अंसारी को गुरुवार को तबीयत बिगड़ने के बाद जिला जेल से रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। बांदा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सुनील कौशल ने बताया, ''मेडिकल कॉलेज में दिल का दौरा पड़ने से अंसारी की मौत हो गई।'' समाजवादी पार्टी ने अंसारी के निधन को दुखद बताया है।बांदा जेल में बंद अंसारी (63) को आज शाम मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था।रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज की ओर से देर रात जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा गया है, ''आज रात लगभग 8:25 बजे जेल कर्मी बेहोशी की हालत में दोषी/विचाराधीन कैदी मुख्तार अंसारी को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज बांदा के आकस्मिक विभाग में लाए। नौ चिकित्सकों की टीम ने मरीज को तत्काल चिकित्सा प्रदान की। परंतु भरसक प्रयासों के बावजूद दिल का दौरा पड़ने से मरीज की मौत हो गई।” इससे पहले प्रमुख सचिव (सूचना) संजय प्रसाद ने ‘ इस बात की पुष्टि की थी कि अंसारी को तबीयत खराब होने के कारण दोबारा भर्ती कराया गया हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस ने पूरे प्रदेश में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। बांदा, मऊ, गाजीपुर और वाराणसी जैसे जिलों में पुलिस की टीम गश्त लगा रही हैं। समाजवादी पार्टी ने ‘एक्स' पर लिखा, ''पूर्व विधायक श्री मुख्तार अंसारी जी का इंतकाल, दुःखद। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें। शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने का संबल प्राप्त हो। विनम्र श्रद्धांजलि!'' इससे पहले मंगलवार सुबह करीब चार बजे मुख्तार अंसारी को पेट दर्द, पेशाब और शौच में समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था, इलाज के बाद अंसारी को छुट्टी दे दी गई थी। इससे पहले भी विभिन्न आपराधिक मामलों में बांदा जेल में बंद बाहुबली पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की तबीयत बिगड़ने के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था । मऊ से कई बार विधायक रह चुके मुख्तार अंसारी को विभिन्न मामलों में सजा सुनाई गई है और वह बांदा की जेल में बंद थे। मुख्तार अंसारी के खिलाफ उत्तर प्रदेश, पंजाब, नयी दिल्ली और कई अन्य राज्यों में लगभग 60 मामले लंबित थे। इस बीच, मुख्तार अंसारी की मौत के मद्देनजर राज्य सरकार ने पूरे राज्य में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगा दी है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने कहा, "कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरे राज्य में धारा-144 लागू कर दी गई है। हम स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं।" इसके अलावा बांदा, मऊ, गाजीपुर और वाराणसी जिलों में फोर्स की विशेष तैनाती की गई है।महानिदेशक ने कहा, "इन जिलों में स्थानीय पुलिस के साथ केंद्रीय अनुसंधान पुलिस बलों की टीम तैनात की जा चुकी हैं। जमीनी स्तर पर स्थिति को नियंत्रित करने के अलावा ऑनलाइन माध्यमों पर नजर रखने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया प्रकोष्ठ को सक्रिय कर दिया गया है।
- चतरा. झारखंड के चतरा जिले में दो गुटों के बीच घरेलू विवाद में 43 वर्षीय एक महिला की कथित तौर पर पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। यह घटना झारखंड की राजधानी रांची से करीब 170 किलोमीटर दूर ककनातू गांव में मंगलवार को हुई।कुंडा पुलिस थाने के प्रभारी नितेश कुमार प्रसाद ने बताया कि महिला की बुधवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई थी, उसके परिवार के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को शिकायत दर्ज कराई। मृतका की पहचान अंजू देवी के रूप में की गई है। प्रसाद ने बताया,‘‘ घरेलू मामले को लेकर दो गुटों के बीच विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष की एक महिला के साथ मारपीट की। महिला को इलाज के लिए सदर अस्पताल चतरा लाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।'' प्रसाद ने बताया कि दोनों गुटों के 17 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। दोनों पक्षों ने एक दूसरे खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
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उज्जैन. उज्जैन के महाकाल मंदिर में 25 मार्च को आग लगने से 14 पुजारी और 'सेवक' के घायल होने संबंधी मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को प्रारंभिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि आग कपूर आरती में गुलाल गिरने से लगी। होली के दिन शाम 5:50 बजे भस्म आरती के दौरान प्रसिद्ध मंदिर के गर्भ गृह में आग लगी थी।
उज्जैन के जिलाधिकारी नीरज कुमार सिंह ने बताया, "जांच समिति ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। पता चला है कि मंदिर प्रबंधन द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया गुलाल 'कपूर' आरती पर गिर गया और आग लग गई। आग चार से पांच सेकंड में बुझा दी गई, लेकिन यह इतनी तेज थी कि कई लोग 25-30 प्रतिशत झुलस गए।” कलेक्टर ने कहा, "जांच समिति को मंदिर के अंदर लोगों की संख्या के साथ-साथ गुलाल की मात्रा और प्रकार से संबंधित उल्लंघनों के बारे में भी पता चला। सुरक्षाकर्मी अपने निर्धारित क्षेत्रों में नहीं थे और कुछ स्थानों पर ताला लगा हुआ था, जिसके परिणामस्वरूप देरी हुई क्योंकि उन्हें खोलने में समय लगा।” उन्होंने कहा कि मंदिर समिति के कर्मचारियों की ओर से लापरवाही का पता चला है और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। सिंह ने बताया, "फिलहाल, घटना के लिए मुख्य रूप से चार से पांच लोगों को जिम्मेदार ठहराया गया है। हालांकि, सभी संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज होने के बाद यह संख्या बढ़ सकती है। अंतिम रिपोर्ट जल्द ही सौंपी जाएगी।" घटना के बाद जिलाधिकारी ने जिला पंचायत सीईओ मृणाल मीणा और अपर जिलाधिकारी अनुकूल जैन को जांच के आदेश दिए थे। -
मुंबई. नब्बे के दशक के मशहूर अभिनेता और शानदार हास्य कला व अनोखे नृत्य के लिए चर्चित गोविंदा 14 वर्ष के अंतराल के बाद बृहस्पतिवार को राजनीति में वापसी करते हुए महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल हो गए। कांग्रेस के पूर्व लोकसभा सदस्य रहे गोविंदा चुनावी मौसम में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में शामिल हुए। दशकों लंबे करियर में कई सुपरहिट फिल्म में अभिनय करने वाले गोविंदा ने 2004 के चुनाव में चुनावी राजनीति में धमाकेदार प्रवेश किया था। “हीरो नंबर 1” के अभिनेता गोविंदा ने उस साल बड़ा उलटफेर करते हुए मुंबई उत्तर लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिग्गज नेता राम नाइक को हराया था। शिंदे ने 60 वर्षीय अभिनेता का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि वह समाज के सभी वर्गों में लोकप्रिय हस्ती हैं। इस मौके पर गोविंदा ने कहा कि 2004 से 2009 के बीच राजनीति में उनके पहले कार्यकाल के बाद उन्हें कभी नहीं लगा था कि वह इस क्षेत्र में वापसी करेंगे। अभिनेता ने कहा, “मैं 14 वर्ष के वनवास के बाद (राजनीति में) लौटा हूं। ” गोविंदा का पूरा नाम गोविंदा आहूजा है। उन्होंने कहा कि अगर मौका मिला तो वह कला और संस्कृति के क्षेत्र में काम करेंगे।
अभिनेता ने कहा कि शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के बाद से मुंबई अधिक सुंदर और विकसित दिख रही है।
अभिनेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश का विकास अविश्वसनीय है।
जून 2022 में मुख्यमंत्री बनने वाले शिंदे ने कहा कि मुंबई में सकारात्मकता व समृद्धि है और महानगर में प्रदूषण का स्तर भी कम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोविंदा बिना किसी पूर्व शर्त के उनकी पार्टी में शामिल हुए हैं। शिंदे ने इन बातों को खारिज कर दिया कि वह चुनाव के मद्देनजर पार्टी में शामिल हुए हैं। शिंदे ने कहा, “गोविंदा प्रगति के पक्षधर हैं। वह मोदीजी की विकास नीतियों से प्रभावित हैं। वह फिल्म उद्योग के कल्याण और प्रगति के लिए कुछ करना चाहते हैं। मुझे यकीन है कि वह सरकार और फिल्म उद्योग के बीच की कड़ी बनेंगे। वह बिना किसी शर्त के साथ हमसे जुड़े हैं।” यह पूछे जाने पर कि क्या अभिनेता को मुंबई उत्तर-पश्चिम लोकसभा सीट से मैदान में उतारा जाएगा, शिंदे ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई शर्त नहीं रखी है। -
नयी दिल्ली। भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह "बातचीत और राजनय" के जरिए रूस-यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहन जारी रखेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्विट्जरलैंड शांति शिखर सम्मेलन में भारत के रुख को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "हम बातचीत और राजनय के माध्यम से रूसी-यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान को प्रोत्साहित करते रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 20 मार्च को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ अलग-अलग बातचीत की थी और जोर दिया था कि रूस-यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए बातचीत और राजनय ही आगे का रास्ता है। मोदी ने हालिया चुनाव में पांचवीं बार जीत हासिल करने के लिए पुतिन को बधाई देने की खातिर टेलीफोन पर बातचीत की थी। उसके बाद प्रधानमंत्री ने जेलेंस्की को फोन किया था और मौजूदा संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने तथा शांति के लिए सभी प्रयासों के प्रति भारत के समर्थन से अवगत कराया था। जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बातचीत के दौरान अपने देश की संप्रभुता के समर्थन के लिए भारत के प्रति आभार व्यक्त किया था। उन्होंने कहा कि भारत को स्विट्जरलैंड में पहले शांति शिखर सम्मेलन में भाग लेते देखना यूक्रेन के लिए महत्वपूर्ण होगा।
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नयी दिल्ली. आगामी लोकसभा व विधानसभा चुनावों से पहले ओडिशा के सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) को बड़ा झटका लगा है। कटक के सांसद और बीजद के संस्थापक सदस्यों में से एक भर्तृहरि महताब और पूर्व सांसद सिद्धांत महापात्रा के साथ ही पद्मश्री से सम्मानित संथाली लेखिका दमयंती बेसरा बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, महासचिव विनोद तावड़े, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत जय पांडा और पार्टी की ओडिशा इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल की मौजूदगी में तीनों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा नेताओं ने तीनों के पार्टी में शामिल होने का स्वागत किया और इसे ओडिशा में ‘परिवर्तन' का संकेत करार दिया।
प्रधान ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत, विकसित ओड़िशा, पूर्वोदय और सबका साथ-सबका विकास की संकल्पना से प्रेरित होकर भाजपा परिवार में शामिल होने का इन तीनों गणमान्य व्यक्तियों का निर्णय अभिनंदनीय है। ओड़िशा में इस बार परिवर्तन तय है। ज़मीन से जुड़े ऐसे अनुभवी और प्रतिष्ठित लोगों के भाजपा से जुड़ने से ओडिशा में परिवर्तन के संकल्प को और अधिक मज़बूती मिलेगी।'' कटक लोकसभा क्षेत्र से छह बार सांसद रहे माहताब ने 22 मार्च को बीजद की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें बीजद में स्वतंत्र रूप से काम करने का पर्याप्त मौका नहीं मिला। तभी से उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें थीं। उनके इस्तीफा देने के कुछ ही दिन बाद बीजद ने लोकसभा चुनाव के लिए महताब का टिकट काट दिया था। कटक में महताब के स्थान पर बीजद ने संतृप्त मिश्रा को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा में शामिल होने के बाद महताब ने दावा किया कि ओडिशा में ‘परिवर्तन' होने जा रहा है और इसका आभास राज्य का दौरा करने से होगा। उन्होंने कहा कि जीवन के पड़ाव में एक निर्णय लेना अनिवार्य हो जाता है और उन्हें लगता है कि इस समय भाजपा के साथ जुड़ने का उनका निर्णय सही साबित होगा। महताब ने कहा, ‘‘मेरा जो अनुभव है, उसके हिसाब से कह सकता हूं कि राष्ट्रवाद, एकात्मता और पूर्वोदय का मिलाप भाजपा के जरिए ही हो सकता है। इसके कई उदाहरण हैं जो मैंने पिछले 10 साल में अनुभव किए। मुझे लगा राज्य की प्रगति और उन्नति के लिए यही सही मौका है। ओडिशा के लिए कुछ कर जाने का मौका है।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शक्ति, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का विश्वास और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा की प्रेरणा उन्हें आगे ले जाने में मददगगार होगी। तावड़े ने तीनों नेताओं का भाजपा में स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से प्रभावित होकर अलग-अलग क्षेत्रों से लोगों का भाजपा के साथ जुड़ने का सिलसिला जारी है। उन्होंने दावा किया कि ओडिशा में भी राजनीतिक हालात बदले हैं और वहां के नेताओं का भाजपा में शामिल होना इसे दर्शाता भी है। उन्होंने कहा, ‘‘ओडिसा की जनता बदलाव चाहती है। ओडिशा की जनता के हित में पार्टी सभी नेताओं का उनकी क्षमता के अनुरूप उपयोग करेगी।'' बेसरा जनजातीय मुद्दों की शोधकर्ता होने के साथ ही साहित्य अकादमी पुरस्कार भी प्राप्त कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वह जनता की तो पहले से ही थी लेकिन आज से वह उनके कल्याण की दिशा में काम करेंगी।
बेसरा ने कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास' के नारे से प्रेरित हैं और उसमें सहयोग देने को आतुर हैं। उन्होंने भी दावा किया अभी ओडिशा में ‘परिवर्तन की हवा' बह रही है। उन्होंने कहा, ‘‘यह हवा ओडिशा में सभी को छू रही है। पार्टी के आदर्श में लोगों का विश्वास और भी दृढ़ हुआ है।'' बेसरा ने कहा कि वह महिलाओं को भाजपा से जोड़े रखने के लिए काम करेंगी।
सिद्धांत महापात्रा ओडिशा फिल्म उद्योग का चर्चित चेहरा रहे हैं। वह 15वीं और 16वीं लोकसभा में बेरहमपुर निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुने गए थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पूरे देश में बदलाव ला रहे हैं और वह चाहते हैं कि ओडिशा भी इससे अछूता नहीं रहे। ओड़िशा में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ हो रहे हैं। ओडिशा में भाजपा प्रमुख विपक्षी पार्टी है।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजद ने 21 लोकसभा सीट में से 12 पर जीत हासिल की थी जबकि भाजपा ने आठ और कांग्रेस ने एक सीट पर जीत दर्ज की। वहीं, विधानसभा चुनाव में बीजद को 113 सीट मिलीं, भाजपा को 23, कांग्रेस को नौ, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को एक सीट मिली और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भी जीत हासिल की। - -लैंगिक समानता और महिलाओं के नेतृत्व वाला विकास एक न्यायपूर्ण एवं प्रगतिशील समाज का मूलभूत सिद्धांत है: उपराष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति ने जोर देकर कहा, नारी शक्ति वंदन अधिनियम के कारण महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से" पुरुष प्रधान मानसिकता" को बदलने में मदद मिलेगी-उपराष्ट्रपति ने जोर देकर कहा, महिलाएं आज समाज में अपना उचित स्थान पुनः प्राप्त कर रही हैं-लैंगिक न्याय और महिलाओं को आर्थिक न्याय निरंतर विकास हासिल करने के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं- उपराष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति ने महिला उद्यमियों का 'वोकल फॉर लोकल' बनने और आर्थिक राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने का आह्वान कियानई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज इस बात पर जोर दिया कि "महिलाओं को सशक्त बनाना हमारी दुनिया के वर्तमान और भविष्य के लिए एक निवेश है"।आज भारत मंडपम में फिक्की लेडीज ऑर्गनाइजेशन (एफएलओ) के 40 साल पूरे होने पर एफएलओ के सदस्यों को संबोधित करते हुए श्री धनखड़ ने संकेत दिया कि "समान अवसरों को बढ़ावा देकर, बाधाओं को दूर करके और महिलाओं की आवाज व उपलब्धियों को बढ़ाकर, हम एक ऐसा समाज बनाते हैं जो न केवल निष्पक्ष एवं न्यायसंगत, बल्कि समृद्ध और टिकाऊ भी हो।”लैंगिक समानता और महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को एक न्यायपूर्ण और प्रगतिशील समाज के मूलभूत सिद्धांतों के रूप में स्वीकार करते हुए, उपराष्ट्रपति ने सक्षम लैंगिक तटस्थ इकोसिस्टम की सराहना की और सशस्त्र बलों में महिलाओं के लिए स्थायी कमीशन एवं सैनिक स्कूलों में लड़कियों के प्रवेश जैसी हालिया सकारात्मक पहलों की श्रृंखला पर ध्यान दिया।लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण के लिए गेमचेंजर के रूप में संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के पारित होने का उल्लेख करते हुए, श्री धनखड़ ने इसे भारतीय राजनीति में एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि संसद में अधिक महिलाएं उस "पितृसत्तात्मक मानसिकता" को बदलने में मदद करेंगी।महिलाओं को 'प्रॉक्सी उम्मीदवार' के रूप में पेश करने की आशंकाओं और रूढ़िवादिता को खारिज करते हुए, उपराष्ट्रपति ने हमारे चंद्रयान मिशन में महिला वैज्ञानिकों द्वारा निभाई गई नेतृत्वकारी भूमिका की चर्चा की और इस बात पर जोर दिया कि महिलाएं आज समाज में अपना उचित स्थान पुनः प्राप्त कर रही हैं और वह अब अपने पुरुष परिवार के सदस्यों द्वारा नियंत्रित नहीं है।लैंगिक न्याय और निरन्तर विकास के बीच अटूट संबंध पर प्रकाश डालते हुए, श्री धनखड़ ने कहा कि "लैंगिक न्याय और महिलाओं को आर्थिक न्याय निरन्तर विकास हासिल करने के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है"। उन्होंने कहा, जब अधिक महिलाएं काम करती हैं तो अर्थव्यवस्था बढ़ती है। महिलाओं को आर्थिक राष्ट्रवाद का स्वाभाविक दूत बताते हुए श्री धनखड़ ने सभी से आर्थिक राष्ट्रवाद का पालन करने का आह्वान किया। उपराष्ट्रपति ने इस बात पर ज़ोर दिया कि "कोई भी देश राष्ट्रवाद और संस्कृति के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के बिना चौतरफा विकास नहीं कर सकता"। उन्होंने कहा कि आर्थिक राष्ट्रवाद विकास के लिए मूल रूप से मौलिक है ।इस अवसर पर एफएलओ की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री सुधा शिवकुमार, एफएलओ की सदस्य और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
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नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार नई टेक्नोलॉजी पर लगातार काम करती है, जिससे यूजर्स को किसी तरह के दिक्कत न हो। इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की ओर से इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम पेश किया गया था, जिसमें टोल प्लाजा पर फास्टैग से पेमेंट होता था। इस सिस्टम में पहले से कम वक्त लगता था, लेकिन अब नितिन गडकरी की ओर से एक नया सिस्टम पेश किया जा रहा है, जिसमें टोल प्लाजा और फास्टैग दोनों का काम खत्म हो जाएगा। नया टोल कलेक्शन सैटेलाइट बेस्ट होगा, जैसा कि नाम से मालूम होता है। यह एक ऑटोमेटिक सिस्टम होगा, जिसमें ऑटोमेटिक तरीके से आपके अकाउंट से पैसे कटेंगे। इसमें आपको एक अलग फास्टैग लेकर उसे रिचार्ज नहीं कराना होगा। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम से झुटकारा मिल जाएगा।
कैसे काम करेगा नया सिस्टम?सैटेलाइट टोल कलेक्शन सिस्टम में एक एंट्री प्वाइंट पर आपके व्हीकल की एंट्री दर्ज हो जाएगी। इसके बाद आप जितनी किमी. हाईवे पर सफर करेंगे, उस हिसाब से ऑनलाइन आपके अकाउंट से पैसे सैटेलाइट कनेक्टिविटी से कट जाएंगे।कब तक होगी लॉन्चिंगनए सैटेलाइट बेस्ड टोल कलेक्शन सिस्टम की शुरुआत कब से होगी, फिलहाल इसकी डेडलाइन जारी नहीं की गई है। इससे पहले दिसंबर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की ओर से कहा गया था कि नेशनल अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी NHAI की ओर से एक नया टोल कलेक्शन सिस्टम पेश किया जाएगा, जिसे मार्च 2023 तक शुरू किया जा सकता है।क्या है फास्टैग कलेक्शन फास्टैग भी एक ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम है, जो रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन यानी RFID टेक्नोलॉजी पर काम करता है। हालांकि इस सिस्टम में भी टोल प्लाजा पर काफी जाम लगता है। साथ ही कई बार ऑनलाइन पेमेंट के दौरान बारकोड रीड करने में दिक्कत होती है। ऐसे में नितिन गडकरी की ओर से एक नया हाईटेक टोल कलेक्शन सिस्टम पेश किया जा रहा है। -
बिलासपुर/ कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अवनीश शरण ने बताया कि छत्तीसगढ़ लोकसभा निर्वाचन 2024 अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग की ओर से सभी मतदाताओं को निर्वाचक फोटो पहचान पत्र जारी किए गए है। आयोग सभी मतदाताओं से अपेक्षा करता है कि वे मतदान स्थल पर अपना मत देने से पहले अपनी पहचान सुनिश्चित करने के लिए आयोग की ओर से जारी निर्वाचक फोटो पहचान पत्र दिखाएंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी अवनीश शरण ने कहा कि यदि कोई निर्वाचक फोटो पहचान पत्र नहीं दिखा पाता है तो भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उनके लिए 12 वैकल्पिक दस्तावेज भी अनुमत किए गए है। ऐसे निर्वाचक जो अपना निर्वाचक फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते है, उन्हें अपनी पहचान स्थापित करने के लिए निम्नलिखित 12 वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा - आधार कार्ड, मनरेगा जाब कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केंद्र/राज्य सरकार/लोक उपक्रम/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, बैंकों/डाकघरों द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, एनपीआर के अंतर्गत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, सांसदों/विधायकों/विधान परिषद सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र और भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा दिव्यांगजनों को जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड शामिल है। मतदाता इनमें से कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत कर मतदान कर सकेंगे।
प्रवासी निर्वाचकों को जो अपने पासपोर्ट में विवरणों के आधार पर निर्वाचक नामावालियों में पंजीकृत है, मतदान केंद्र में केवल उनके मूल पासपोर्ट (तथा अन्य कोई पहचान दस्तावेज नहीं) के आधार पर ही पहचाना जाएगा। -
बांदा। उत्तर प्रदेश में फतेहपुर जिले के गाजीपुर थाना क्षेत्र में बुधवार को नहाते समय तीन लड़के यमुना नदी में डूब गए, जिसमें दो लड़कों की मौत हो गई। पुलिस ने इसकी जानकारी दी। गाजीपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि राधानगर थाना क्षेत्र के भटपुरवा गांव का रहने वाला युवक स्वतंत्र उर्फ ईशू (18) अपने मामा के घर देवलान गांव में होली मनाने आया था और बुधवार सुबह वह गांव के लड़के विवेक (17) और विमल (18) के साथ यमुना नदी में नहाने गया था। उन्होंने बताया कि नहाते समय स्वतंत्र उर्फ ईशू गहरे गड्ढे में जाकर डूबने लगा, तभी उसे बचाने के लिए विवेक और विमल भी कूद गए। मिश्रा ने बताया कि मछुवारों ने जाल डाल कर तीन लड़कों को पानी से बाहर निकाला और अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने स्वतंत्र और विवेक को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि विमल की हालत नाजुक है और उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
एसएचओ ने बताया कि स्वतंत्र और विवेक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। - थूथुकुडी (तमिलनाडु)। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सांसद कनिमोई ने चुनावी हलफनामे में अपने पास 57 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति होने की घोषणा की है। कनिमोई को थूथुकुडी संसदीय क्षेत्र से पार्टी ने फिर से उम्मीदवार बनाया है।द्रमुक नेता कनिमोई द्वारा सौंपे गए चुनावी हलफनामे के अनुसार उनकी कुल देनदारी 60,60,187 रुपये है।हलफनामे में कहा गया है कि उनके पास 38,77,79,117 रुपये की चल संपत्ति है और 84.11 लाख रुपये मूल्य की 'बीएमडब्ल्यू एक्सएस' समेत तीन कार हैं। चेन्नई में घर सहित उनकी अचल संपत्ति का मूल्य 18,54,42,000 रुपये है। उनके पास 13,500 रुपये नकद हैं। हलफनामे में कनिमोई ने कहा कि दिल्ली की एक विशेष केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अदालत ने दिसंबर 2017 में उन्हें 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के मामले में बरी कर दिया था, हालांकि दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें बरी किए जाने के खिलाफ अपील के लिए केंद्रीय एजेंसी की याचिका 22 मार्च, 2024 को स्वीकार कर ली।
- नयी दिल्ली ।पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चीन के साथ करीब चार साल से जारी सीमा विवाद की पृष्ठभूमि में थल सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने बुधवार को कहा कि भारतीय सेना की तैयारियों का स्तर बहुत ऊंचे दर्जे का है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सेना सीमा से जुड़े घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रही है।यहां ‘टाइम्स नाउ समिट' में एक सामूहिक परिचर्चा के दौरान पूछे गए सवालों के जवाब में जनरल पांडे ने यह भी कहा कि उनका मानना है कि ‘केवल बातचीत के माध्यम से' शेष मुद्दों का समाधान निकल सकता है। पैंगोंग झील क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद 5 मई, 2020 को पूर्वी लद्दाख सीमा पर गतिरोध पैदा हो गया था। जून 2020 में गलवान घाटी में झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में काफी गिरावट आई, जो कई दशकों में दोनों पक्षों के बीच का सबसे गंभीर सैन्य संघर्ष था। जनरल पांडे ने कहा, ‘‘हम हर तरह से तैयार हैं। हमारी सैन्य संचालन तैयारियां बहुत उच्च स्तर की हैं। हमारी 3,488 किमी लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तैनाती के संदर्भ में, मैं कहूंगा कि यह मजबूत और संतुलित है। हमने यह भी सुनिश्चित किया है कि आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए हमारे पास पर्याप्त भंडार हैं... हमारे पास अपना प्रतिक्रिया तंत्र मजबूती के साथ मौजूद है।'' उनसे पूछा गया था कि पूर्वी लद्दाख सीमा पर गतिरोध की पृष्ठभूमि में भारतीय सेना कितनी तैयार है।उन्होंने कहा, "हमने दो स्तरों पर बातचीत की है। सैन्य स्तर पर हमारे कोर कमांडरों के बीच 21 दौर की बातचीत हुई। राजनयिक स्तर पर, भारत-चीन सीमा मामलों पर वार्ता के लिए हमारे पास एक तंत्र डब्ल्यूएमसीसी (परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र) है।'' उन्होंने कहा कि 2020 के मध्य की घटना के बाद डब्ल्यूएमसीसी के तहत कई दौर की वार्ता हुई है। डब्ल्यूएमसीसी की 28वीं बैठक 30 नवंबर, 2023 को आयोजित की गई थी।सेना प्रमुख ने कहा, ‘‘यह मेरा विश्वास है कि केवल बातचीत के माध्यम से ही शेष मुद्दों का समाधान पा सकेंगे...। वार्ता में प्रगति हुई है, लेकिन हम अपनी उत्तरी सीमाओं पर क्षमता विकास पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिनमें प्रौद्योगिकी का समावेश और आधुनिकीकरण महत्वपूर्ण है।'' जनरल पांडे ने कहा कि सेना बुनियादी ढांचे के विकास पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है और "मेरा मानना है कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।'' उन्होंने कहा, "हमारी तैयारी का स्तर बहुत ऊंचे स्तर का है और हम घटनाक्रम और पूरी सीमा पर क्या हो रहा है, उस पर करीबी नजर रख रहे हैं।" चीन से खतरे के स्तर को निर्धारित करने से जुड़े सवाल पर जनरल पांडे ने कहा कि समय-समय पर ‘‘हम खतरों की समीक्षा करते रहते हैं।'' उन्होंने कहा कि सर्दियों के महीनों के दौरान खतरा गर्मी के महीनों की तुलना में थोड़ा अलग हो सकता है। सेना प्रमुख ने कहा, ‘‘हमारे पश्चिमी प्रतिद्वंद्वी की तरह, हमारे उत्तरी प्रतिद्वंद्वी के संबंध में, मैं केवल यही कहूंगा कि हमारी तैयारी बहुत उच्च स्तर की है।'' जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर उन्होंने घुसपैठ रोधी ग्रिड के तहत केंद्र शासित प्रदेश के भीतरी इलाकों और नियंत्रण रेखा पर तैनात ‘सैन्य संरचनाओं' को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "घुसपैठ की कोशिशें हो रही हैं, जो घाटी क्षेत्र के साथ-साथ पीर पंजाल क्षेत्र के दक्षिण में भी जारी हैं। लेकिन हमारे पास एक बहुत मजबूत और प्रभावी घुसपैठ रोधी ग्रिड है जो सफल साबित हुआ है।" अग्निपथ योजना की आलोचना पर जनरल पांडे ने कहा कि यह एक "परिवर्तनकारी" सुधार है जो ‘‘हमने पिछले कई वर्षों में किया है''। जनरल पांडे ने कहा कि इस संबंध में प्राप्त प्रतिक्रिया "बेहद उत्साहजनक, बेहद सकारात्मक" हैं।सेना में महिलाओं की भूमिका पर उन्होंने कहा, ‘‘करीब 128 महिला अधिकारी अब कर्नल का पद संभाल रही हैं और वे अब ‘कमांडिंग ऑफिसर' हैं।'' जनरल से मणिपुर की स्थिति को नियंत्रित करने में भारतीय सेना की भूमिका के बारे में भी पूछा गया।जनरल पांडे ने कहा, ‘‘3-4 मई की रात को, मुझे लगता है कि यह हमारी सक्रिय तैनाती थी, वहां अतिरिक्त बलों को शामिल किया जिससे हम हिंसा के स्तर को काफी हद तक नियंत्रित करने में सक्षम हुए। चाहे असम राइफल्स हो या वहां तैनात सैन्य इकाइयां, मैं कहूंगा कि उन्होंने उत्कृष्ट कार्य किया।'' वहां की चुनौतियों पर जनरल पांडे ने कहा कि एक पहलू हथियारों का है जो अब भी बड़े पैमाने पर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि अब भी बड़ी संख्या में हथियार उपलब्ध हैं और यह "चिंता का कारण" है।
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नयी दिल्ली. कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए बुधवार को 14 उम्मीदवारों की आठवीं सूची जारी की जिसमें सबसे प्रमुख नाम मध्य प्रदेश के विदिशा से प्रताप भानु शर्मा और गुना से राव यादवेन्द्र सिंह का है। शर्मा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और यादवेंद्र सिंह केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनौती देंगे। चौहान दो दशक बाद लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं तो सिंधिया भाजपा की तरफ से पहली बार गुना से लोकसभा उम्मीदवार हैं। इससे पहले वह गुना से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते थे, लेकिन चार साल पहले उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। कांग्रेस की सूची में झारखंड से तीन, मध्य प्रदेश से तीन, तेलंगाना से चार और उत्तर प्रदेश से चार उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। पार्टी की ओर से जारी उम्मीदवारों की सूची के अनुसार, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से डॉली शर्मा, सीतापुर से नकुल दुबे, महाराजगंज से वीरेंद्र चौधरी और बुलंदशहर से शिवराम वाल्मीकि को टिकट दिया गया है। मध्य प्रदेश के दामोह से तरवर सिंह लोधी को उम्मीदवार बनाया गया है।
कांग्रेस ने झारखंड के खूंटी से कालीचरण मुंडा, लोहरदगा से सुखदेव भगत और हजारीबाग से जयप्रकाश पटेल को उम्मीदवार बनाया है। जयप्रकाश पटेल पिछले दिनों भाजपा से इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल हुए थे। तेलंगाना के आदिलाबाद से सुगन कुमारी चेलीमाला, निजामाबाद से टी. जीवन रेड्डी, मेडक से नीलम मधु और भोंगीर से सी किरण कुमार रेड्डी को कांग्रेस का उम्मीदवार बनाया गया है। कांग्रेस लोकसभा चुनाव के लिए अब तक 208 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। इससे पहले उसने सात अलग-अलग सूची जारी करके कुल 194 उम्मीदवार घोषित किए थे। देश में 18वीं लोकसभा के लिए चुनाव 19 अप्रैल से शुरू होंगे। इसके बाद छह और चरणों में 26 अप्रैल, सात मई, 13 मई, 20 मई, 25 मई और एक जून को मतदान होगा। लोकसभा के 543 निर्वाचन क्षेत्रों में लगभग 97 करोड़ पंजीकृत मतदाता 10.5 लाख मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। मतगणना चार जून को होगी। -
मुंबई. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि जिस देश का आम आदमी महान होता है, वह राष्ट्र महान होता है और प्रत्येक व्यक्ति सामाजिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भागवत ने मुंबई के विले पार्ले इलाके में लोकमान्य सेवा संघ के एक समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा, ''जिस देश का आम आदमी महान होता है वह राष्ट्र महान होता है। इसलिए सामाजिक स्तर पर सुधार की जरूरत है। किसी राष्ट्र का उत्थान और पतन समाज की सोच और मूल्यों से जुड़ा होता है। '' भागवत ने कहा कि 1925 में आरएसएस की स्थापना करने वाले केशव हेडगेवार अपने प्रारंभिक सामाजिक जीवन में स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बालगंगाधर तिलक से प्रेरित रहे। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे विंस्टन चर्चिल का उदाहरण देते हुए, भागवत ने कहा कि वह जर्मनी के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए लगभग तैयार थे, लेकिन उन्होंने लोगों की बात सुनी और महसूस किया कि वो रसोई में इस्तेमाल होने वाले चाकू से भी (दुश्मनों का) मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। भागवत ने कहा, “उन्होंने (चर्चिल ने) अपना सबसे प्रसिद्ध भाषण (ब्रिटेन की) संसद में दिया, जिससे (जनता का) मनोबल बढ़ा और बाद में इंग्लैंड ने युद्ध जीत लिया। उन्होंने इसका श्रेय इंग्लैंड के लोगों को दिया...।'' आरएसएस प्रमुख ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति सामाजिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने चिंता जताई कि अत्यधिक भौतिकवादी जीवनशैली ने समाज पर कब्जा कर लिया है और यह पारिवारिक बंधनों को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा, '' देश में कई वर्षों से चरम भौतिकवादी विचार हावी रहे हैं। परिवार एकल हो गए हैं, और अहंकार पर नियंत्रण के लिए कोई नहीं है। मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि उच्च शिक्षा व आय वाले परिवार विघटित हैं। कम आय वालों के बीच ऐसा दृश्य देखने को नहीं मिलता। हमारे समाज और हमारे परिवारों को बेहतर जुड़ाव की जरूरत है।'' भागवत ने अफसोस जताया कि नयी पीढ़ी शिवाजी महाराज और महाराणा प्रताप से परिचित नहीं है। -
नयी दिल्ली. विधि आयोग के पूर्व प्रमुख न्यायाधीश ऋतुराज अवस्थी, पूर्व नौकरशाह- पंकज कुमार और अजय तिर्की- ने बुधवार को ‘लोकपाल' सदस्य के रूप में शपथ ली। कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि लोकपाल अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर ने इन सदस्यों को दिल्ली स्थित कार्यालय में शपथ दिलाई। कार्मिक मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि नयी नियुक्तियां तब हुईं जब दो मौजूदा न्यायिक सदस्यों- न्यायमूर्ति पी के मोहंती और न्यायमूर्ति अभिलाषा कुमारी- और तीन सदस्यों- डी के जैन, अर्चना रामसुंदरम और महेंद्र सिंह ने 26 मार्च को लोकपाल में अपना कार्यकाल पूरा कर लिया। लोकपाल में न्यायिक सदस्य के रूप में शपथ लेने वाले न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी ने भारत के 22वें विधि आयोग के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था। इससे पहले वह कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे। पंकज कुमार गुजरात कैडर में 1986 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी हैं।
उन्होंने आखिरी बार गुजरात के मुख्य सचिव के रूप में कार्य किया था। कुमार और अजय टिर्की ने भ्रष्टाचार-विरोधी लोकपाल के सदस्य के रूप में शपथ ली है। टिर्की मध्य प्रदेश कैडर के 1987 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। लोकपाल सदस्य के रूप में नामित होने से पहले उन्होंने आखिरी बार भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव के रूप में कार्य किया था। एक अध्यक्ष के अलावा, लोकपाल में आठ सदस्य हो सकते हैं- चार न्यायिक और इतने ही गैर-न्यायिक। -
हीरानगर (जम्मू कश्मीर). केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विभिन्न योजनाओं के जरिए महिलाओं को "सुविधा, स्वास्थ्य और सम्मान" दिया है। सिंह ने यहां एक रैली में कहा कि केंद्र की ज्यादातर योजनाएं बिना किसी नियम और शर्तों के, महिला और युवा केंद्रित हैं तथा "मोदी की गारंटी" ही एकमात्र गारंटी है। सिंह लोकसभा चुनाव में उधमपुर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार हैं। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं को सुविधा, स्वास्थ्य और सम्मान दिया है। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो उन्होंने महिलाओं के लिए सुविधाएं प्रदान की हैं। उनके स्वास्थ्य का भी ख्याल रखा जा रहा है और साथ ही उन्हें वह सम्मान और आदर भी दिया जा रहा है, जिसकी वे हकदार हैं।'' केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री ने जिक्र किया कि प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद अपने पहले स्वतंत्रता दिवस भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने शौचालय बनाने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा, "उसका प्रभाव इतना व्यापक था कि पहले वर्ष के भीतर ही चार लाख से अधिक शौचालय बनाए गए और यह कार्य एक जन आंदोलन में बदल गया। ऐसा करके, मोदी ने न केवल वंचित महिलाओं को एक सुविधा प्रदान की, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन भी दिया। '' उन्होंने कहा कि इसी तरह जब प्रधानमंत्री ने "उज्ज्वला" योजना के तहत गैस सिलेंडर प्रदान किए, तो जाति, पंथ और धर्म या यहां तक कि वोट-बैंक के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा, "बनाए जा रहे पक्के मकान बिना किसी राजनीतिक विचार के पात्र परिवारों को दिए जा रहे हैं और ऐसा करके मोदी ने इस देश में एक नयी राजनीतिक संस्कृति पेश की है।" उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार और उसके सहयोगियों ने नियंत्रण रेखा पर युवाओं को चार प्रतिशत आरक्षण दिया, लेकिन हीरानगर की अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास रहने वाले लोगों को इससे वंचित कर दिया क्योंकि उन्हें यहां अपना वोट बैंक नहीं दिखा। उन्होंने कहा, "युवाओं के साथ इससे बड़ी अमानवीयता और अन्याय नहीं हो सकता।" सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने इन सभी विसंगतियों को दूर कर दिया है और सभी को समान न्याय दिया है। उन्होंने कहा, "आज अंतरराष्ट्रीय सीमा तक सड़कें बनाई गई हैं और यह सब पिछले 10 वर्ष में हुआ है।" भाजपा नेता ने कहा कि इस साल प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत जम्मू-कश्मीर को 3,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आवंटित परियोजनाओं में से 60 से 65 प्रतिशत का लाभ उधमपुर लोकसभा क्षेत्र को मिला है।
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नयी दिल्ली. सोलहवें वित्त आयोग के चेयरमैन अरविंद पनगढ़िया ने बुधवार को कहा कि भारत अगले पांच साल में कुछ और सुधारों को लागू करके वास्तविक रूप से अपनी आर्थिक वृद्धि को मौजूदा सात प्रतिशत से बढ़ाकर नौ प्रतिशत के करीब पहुंचा सकता है। पनगढ़िया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को कारोबार क्षेत्र के लिए अनुकूल स्थान बनाने को पिछले 10 साल में कड़ी मेहनत की है, इसलिए निवेश आ रहा है। ‘टाइम्स नाऊ' के एक सम्मेलन में उन्होंने कहा, “आज अर्थव्यवस्था खुली है। अगले दो-तीन दशक में हम बहुत तेजी से वृद्धि कर सकते हैं।” चालू वित्त वर्ष (2023-24) की तीसरी तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था उम्मीद से बेहतर 8.4 प्रतिशत की दर से बढ़ी - जो पिछले डेढ़ साल का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। प्रमुख अर्थशास्त्री ने कहा, “भारत वर्तमान में सात प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। निश्चित रूप से अगले पांच साल में कुछ और सुधारों के साथ हम वास्तविक रूप से इसे नौ प्रतिशत के करीब पहुंचा सकते हैं। ...और इसे कुछ दशक तक आसानी से कायम रखा जा सकता है।” पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम के बयान “भारत के नवीनतम सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) आंकड़े बिल्कुल रहस्यमय हैं और उन्हें समझना मुश्किल है” पर एक सवाल का जवाब देते हुए पनगढ़िया ने कहा, “यदि आप भ्रमित हैं, तो पहले आपको जांचना होगा, (क्या) धुंध आपके ही चश्मे पर है...या कहीं और।” पनगढ़िया ने कहा कि मोदी सरकार के दौरान जीडीपी की गणना के लिए पद्धतिगत बदलाव की सिफारिश पिछले प्रशासन (संप्रग सरकार) द्वारा नियुक्त निकायों द्वारा की गई थी। उन्होंने कहा, “किसी ने भी... उन लोगों की ईमानदारी पर सवाल नहीं उठाया है जो वास्तव में ये (जीडीपी) संख्याएं निकालते हैं। यह एक नई तरह की घटना है, जो मुझे समझ नहीं आती।”
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नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता दिलीप घोष और कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत को कारण बताओ नोटिस जारी किया। रनौत को भाजपा ने आम चुनाव के लिए हिमाचल प्रदेश की मंडी लोक सभा सीट से उम्मीदवार बनाया है। निर्वाचन आयोग ने घोष और श्रीनेत की टिप्पणियों को ‘अशोभनीय और गलत’ बताया।
आयोग ने कहा कि प्रथम दृष्टया, दोनों टिप्पणियां आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) और चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक दलों को गरिमा बनाए रखने की सलाह का उल्लंघन हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा 16 मार्च को लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा के साथ आदर्श आचार संहिता लागू हो गई।घोष और श्रीनेत को 29 मार्च की शाम तक कारण बताओ नोटिस का जवाब देने को कहा गया है। निर्वाचन आयोग ने भाजपा की एक शिकायत के बाद श्रीनेत के खिलाफ कार्रवाई की, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर ‘अशोभनीय टिप्पणियों’ के साथ रनौत की एक तस्वीर पोस्ट की थी। निर्वाचन आयोग के नोटिस के अनुसार सुप्रिया ने पोस्ट किया था, ‘मंडी में क्या भाव चल रहा है, कोई बताएगा?’पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता घोष को नोटिस तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा आयोग का रुख करने के बाद जारी किया गया। आयोग के नोटिस के मुताबिक घोष ने कहा था, ‘जब दीदी गोवा जाती हैं, तो वह गोवा की बेटी बन जाती हैं, त्रिपुरा में वह कहती हैं कि मैं त्रिपुरा की बेटी हूं, तय करें कि आपके पिता कौन हैं। स्पष्ट करें।’आयोग ने कहा कि सावधानीपूर्वक जांच करने पर टिप्पणी अशोभनीय, अपमानजनक और प्रथमदृष्टया एमसीसी के प्रावधानों और इस महीने की शुरुआत में जारी आयोग की सलाह का उल्लंघन करने वाली पाई गई है। -
मुंबई,। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए बुधवार को 16 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री अनंत गीते को रायगढ़ और अरविंद सावंत को दक्षिण मुंबई से प्रत्याशी घोषित किया गया है। पार्टी ने ठाणे से राजन विचारे, मुंबई उत्तर-पश्चिम से अमोल कीर्तिकर और मुंबई उत्तर-पूर्व से संजय पाटिल को मैदान में उतारा है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना राज्य में महा विकास आघाडी (एमवीए) का घटक दल है।
एमवीए के एक अन्य घटक दल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने लोकसभा चुनाव के लिए अभी तक राज्य में अपने उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दूसरी ओर, तीसरे घटक दल कांग्रेस ने कुछ ही सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। ये वो सीट हैं जहां गठबंधन सहयोगियों के बीच कोई विवाद नहीं है। महाराष्ट्र में लोकसभा की 48 सीट हैं। उत्तर प्रदेश (80 सीट) के बाद सबसे ज्यादा लोकसभा सीट वाला राज्य महाराष्ट्र ही है। राज्य में 19 अप्रैल से पांच चरणों में मतदान होगा। -
नई दिल्ली असम के एक राजनेता,की 500 रुपये के नोटों के ढेर पर सोते हुए फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। वायरल फोटो में उदालगिरी जिले के भैरागुड़ी में ग्राम परिषद विकास समिति के अध्यक्ष बेंजामिन बसुमतारी एक बिस्तर पर सोते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिस पर 500 रुपये के नोट बिखरे हुए हैं। उनके ऊपर कुछ नोट भी बिखरे हुए नजर आ रहे हैं।
सूत्रों का दावा है कि बोडोलैंड नेता पर प्रधानमंत्री आवास योजना और ग्रामीण रोजगार योजना से जुड़े बड़े भ्रष्टाचार मामले में शामिल होने का आरोप है। कथित तौर पर, उन्होंने ओडालगुरी विकास क्षेत्र में अपने VCDC के तहत PMAY और MNREGA योजनाओं के गरीब लाभार्थियों से रिश्वत ली थी।फोटो ने सोशल मीडिया पर लोगों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। वे सवाल उठा रहे हैं कि क्या वह बोडोलैंड स्थित यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) से संबंधित हैं, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने रुख के लिए जानी जाती है।आज सुबह, UPPL चीफ और बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (BTC) के मुख्य कार्यकारी सदस्य प्रमोद बोरो ने स्पष्ट किया कि बासुमतारी अब पार्टी का हिस्सा नहीं हैं।बोरो ने कहा कि बेंजामिन बसुमतारी की तस्वीर सोशल मीडिया पर फैल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बासुमात्री को 5 जनवरी, 2024 को हरिसिंघा ब्लॉक समिति के पत्र के बाद 10 जनवरी, 2024 को यूपीपीएल से निलंबित कर दिया गया था। इसलिए, बासुमात्री अब यूपीपीएल से जुड़े नहीं हैं।बोरो ने यह भी कहा कि बीटीसी सरकार ने 10 फरवरी, 2024 को बासुमात्री को VCDC के अध्यक्ष पद से सस्पेंड करने के बाद हटा दिया। उन्होंने सभी मीडिया आउटलेट्स और सोशल मीडिया यूजर्स से आग्रह किया कि वे अब बासुमात्री को यूपीपीएल के साथ न जोड़ें। बासुमत्रि के कार्य उनकी स्वयं की ज़िम्मेदारी हैं, और पार्टी उनके लिए ज़िम्मेदार नहीं है। -
नई दिल्ली। 'द गटलेस फूडी' के नाम से जानी जाने वाली पॉपुलर फूड ब्लॉगर नताशा डिग्गी का महाराष्ट्र के पुणे में निधन हो गया है। उन्होंने 50 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। उनके पति ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर उनके निधन की जानकारी दी। उनकी मौत होने के पीछे का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन उनके द्वारा दिए गए कुछ पुराने इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उन्हें उल्टी, मतली आने के साथ ही चक्कर आने जैसी भी समस्या थी। चलिए विस्तार से जानते हैं पूरी खबर के बारे में।
बिना पेट के जी रही थीं नताशानताशा दुनिया की ऐसी पॉपुलर फूड ब्लॉगर थीं, जो पिछले 12 सालों से बिना पेट के जिंदगी जी रही थीं। दरअसल, ट्यूमर का पता लगने के बाद ही उनका पेट निकाल दिया गया था। नताशा पेशे से शेफ थीं और वे अपना खुद का फूड ब्लॉगर चैनल भी चलाती थीं। वे कई लोगों की पसंदीदा फूड ब्लॉगर थीं। पिछले कुछ इंटरव्यू में उन्होंने इस बात का खुलासा किया कि वे डंपिंग सिंड्रॉम नामक बीमारी से पीड़ित थीं। इसके चलते उन्हें उल्टी, मतली आदि जैसे लक्षण महसूस हो रहे थे।क्या है डंपिंग सिंड्रोम?डंपिंग सिंड्रोम पेट से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें उल्टी, मतली, दस्त, खाना खाने के बाद चक्कर आने या फिर थकान आदि जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। इस स्थिति में आप द्वारा खाए जाने वाला हाई शुगर फूड तुरंत पेट के रास्ते छोटी आंत में पहुंच जाता है। कई बार पेट की सर्जरी होने के बाद यह समस्या हो सकती है। ऐसे में खाना आपके पेट में टिकने के बजाय सीधा आंतों में पहुंच जाता है। ऐसे में आतों तक बिना पचा हुआ खाना पहुंचता है, जिससे पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।डंपिंग सिंड्रोम से बचने के तरीके-डंपिंग सिंड्रोम से बचने के लिए आपको ज्यादा खाना खाने के बजाय कम और हल्का भोजन करना चाहिए।-डंपिंग सिंड्रोम से बचने के लिए आपको कार्बोहाइड्रेट्स खाने के बजाय प्रोटीन और हेल्दी फैट्स से भरपूर डाइट लेनी चाहिए।-खाना खाने से 30 मिनट पहले तक आपको पानी नहीं पीना चाहिए।-ऐसे में चीनी या फिर जंक फूड खाने से परहेज करें। - नयी दिल्ली,। महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते के प्रमुख सदानंद वसंत दाते को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। कार्मिक विभाग ने इस बाबत आदेश जारी किया है।दाते महाराष्ट्र कैडर के 1990 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी हैं।आदेश में कहा गया है कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने एनआईए के महानिदेशक (डीजी) पद पर दाते की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है और उनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को उनकी सेवानिवृत्ति तक रहेगा। यह आदेश 26 मार्च को जारी किया गया है।वह दिनकर गुप्ता का स्थान लेंगे, जो 31 मार्च को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।एसीसी ने राजस्थान कैडर के 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार शर्मा को पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो का महानिदेशक नियुक्त किया है। आदेश में कहा गया है कि उनका कार्यकाल 30 जून 2026 को उनकी सेवानिवृत्ति तक रहेगा। शर्मा, बालाजी श्रीवास्तव का स्थान लेंगे, जिनका मार्च के अंत में कार्यकाल पूरा हो जाएगा।पीयूष आनंद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के नए प्रमुख होंगे। उत्तर प्रदेश कैडर के 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी आनंद वर्तमान में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के विशेष महानिदेशक हैं।आदेश में कहा गया है कि उन्हें दो साल की अवधि के लिए एनडीआरएफ का महानिदेशक नियुक्त किया गया है।आनंद 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो रहे अतुल करवाल का स्थान लेंगे। एसीसी ने केरल कैडर के 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी एस सुरेश को विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) में अतिरिक्त महानिदेशक के रूप में नियुक्त किया है।

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