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नई दिल्ली। केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार इस वर्ष के अंत तक राष्ट्रीय राजमार्ग को गड्ढों से मुक्त बनाने की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय निष्पादन आधारित रखरखाव और अल्पावधि मरम्मत अनुबंध प्रणाली लागू करने जा रही है ताकि राजमार्गों को गड्ढों से मुक्त किया जा सके।
नई दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में श्री गडकरी ने कहा कि बनाओ-चलाओ और सौंपो - पर आधारित सड़कों के निर्माण को वरीयता दी जा रही है, क्योंकि ऐसी परियोजनाओं का रख-रखाव बेहतर ढंग से किया जा सकता है। मंत्री ने कहा कि वर्षा से राजमार्गों को क्षति पहुंचती है जिससे सड़कों पर गड्ढे हो जाते हैं। नई नीति इस समस्या को दूर करने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि नई नीति राजमार्गों पर जल निकासी की समस्या दूर करने पर भी काम करेगी।उन्होंने यह भी बताया कि सरकार सड़क निर्माण में नगरीय कचरे के इस्तेमाल के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में सभी हितधारकों से परामर्श किया जा रहा है। श्री गडकरी ने कहा कि नई नीति से 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन का प्रधानमंत्री का लक्ष्य हासिल करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत मंत्रालय ने 15 दिन का हरित अभियान चलाया। - अगरतला. त्रिपुरा के खोवाई जिले में 25 वर्षीय महिला ने अपने दो बेटों को जहर देने के बाद कथित रूप से आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। चम्पाहौर थाने के प्रभारी अधिकारी सुक्रामोनी देबबर्मा ने बताया कि आरोपी महिला की पहचान प्रमिला मुंडा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला के नौ साल के बेटे की खोवाई अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई जबकि उसका 11 वर्ष का बेटा अगरतला के जीबीपी अस्पताल में जिंदगी की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस कदम के पीछे क्या वजह रही इसका पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।पुलिस के मुताबिक, घटना बुधवार रात कमला बगान गांव की है।अधिकारी के मुताबिक, आरोपी ने पहले अपने दोनों बेटों को जहर दिया और उसके बाद स्वयं भी जहर खा लिया।'' उन्होंने बताया कि अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, पेशे से दिहाड़ी मजदूर आरोपी महिला के पति मनु देबबर्मा ने दावा किया कि जब यह घटना हुई तो वह घर पर मौजूद नहीं था।
- मुंबई. पूर्वी महाराष्ट्र के चंद्रपुर शहर में एक ट्रक ने ऑटो रिक्शा को टक्कर मार दी, जिससे चार यात्रियों की मौत हो गई जबकि तीन अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक ट्रक चालक शराब के नशे में था और उसे हिरासत में ले लिया गया है। यह घटना बुधवार रात करीब नौ बजे रामनगर इलाके के बाबूपेठ इलाके में हुई। उन्होंने कहा कि ट्रक बल्लारशाह से चंद्रपुर की ओर जा रहा था, जबकि ऑटो रिक्शा विपरीत दिशा में जा रहा था। ऑटो रिक्शा में सात लोग सवार थे। पुलिस अधिकारी ने कहा कि एक रेलवे पुल पर ट्रक चालक ने नियंत्रण खो दिया और गड्ढे से बचने की कोशिश कर रहे ऑटो रिक्शा को टक्कर मार दी। उन्होंने बताया कि चार यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन घायलों को चंद्रपुर सरकारी अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने बताया कि ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया गया है और मामले में आगे की जांच जारी है।
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अमृतसर/फिरोजपुर. पंजाब में बृहस्पतिवार को किसानों ने अपना तीन दिवसीय ‘रेल रोको' आंदोलन शुरू किया और कई जगहों पर रेल की पटरियों पर बैठ गए जिससे कम से कम 91 ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। किसानों ने हालिया बाढ़ से हुए नुकसान के लिए वित्तीय पैकेज, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी और व्यापक कर्ज माफी की मांग को लेकर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, फिरोजपुर मंडल के तहत 91 ट्रेनों में से 51 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया, 24 ट्रेनों को गंतव्य से पहले समाप्त किया गया, पांच ट्रेनों को प्रस्थान स्टेशन से आगे से चलाया गया जबकि 11 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे केंद्र के खिलाफ 30 सितंबर तक अपना आंदोलन चलाएंगे।
बृहस्पतिवार को मोगा, होशियारपुर, गुरदासपुर, जालंधर, तरन तारन, संगरूर, पटियाला, फिरोजपुर, बठिंडा और अमृतसर में 17 जगहों पर किसानों ने आंदोलन किया। अमृतसर में किसान देवीदास पुरा में अमृतसर-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर बैठ गए।
इस प्रदर्शन में किसान मजदूर संघर्ष समिति, भारती किसान यूनियन (भाकियू-क्रांतिकारी), भाकियू (एकता आजाद), आजाद किसान समिति दोआबा, भाकियू (बेहरामके), भाकियू (शहीद भगत सिंह) और भाकियू (छोटू राम) सहित कई किसान संगठन हिस्सा ले रहे हैं। किसानों की मांग में उत्तर भारत में बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए वित्तीय पैकेज, सभी फसलों पर एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी और कर्ज माफी सहित अन्य मांगें शामिल हैं। अमृतसर में किसान नेता गुरबचन सिंह ने कहा कि किसान, उत्तर भारतीय राज्यों के लिए 50 हजार करोड़ रुपये के बाढ़ राहत पैकेज और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट की सिफारिशों के मुताबिक एमएसपी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों व मजदूरों का पूरा कर्ज माफ होना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने अब समाप्त किये जा चुके तीन विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान जिन किसानों की मौत हुई उनमें से प्रत्येक के परिवार को 10 लाख रुपये और एक सरकारी नौकरी की मांग भी की। होशियारपुर में आजाद किसान समिति दोआबा के सदस्यों ने स्थानीय रेलवे स्टेशन पर धरना दिया।
फिरोजपुर में किसान नेता जसबीर सिंह ने कहा कि किसानों ने फिरोजपुर छावनी रेलवे स्टेशन और मल्लांवाला रेलवे स्टेशन पर रेलवे पटरियों को बाधित किया।
- - तिरुवनंतपुरम ।केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के एक निजी कर्मचारी पर रिश्वत लेने का आरोप लगने से पैदा हुए राजनीतिक विवाद के मद्देनजर राज्य पुलिस ने गुरुवार को कहा कि व्यापक वैज्ञानिक जांच के जरिए सच्चाई सामने लाई जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा कि मामले में स्पष्ट तस्वीर शुक्रवार शाम तक सामने आ जाएगी।मलप्पुरम जिले के निवासी हरिदासन ने बुधवार को आरोप लगाया था कि मंत्री के एक निजी कर्मचारी ने उनकी बहू की सरकारी चिकित्सा अधिकारी के रूप में नियुक्ति के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत ली। तिरुवनंतपुरम शहर के पुलिस आयुक्त सी.एच. नागराजू ने इस मामले में जांच की प्रगति के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कहा कि हरिदासन का विस्तृत बयान दर्ज किया जाएगा और इसके लिए पुलिसकर्मियों की एक टीम पहले ही मलप्पुरम के लिए रवाना हो चुकी है। पुलिस आयुक्त नागराजू ने कहा कि आरोपों के संबंध में मंत्री के कार्यालय द्वारा पुलिस महानिदेशक को भेजी गई एक शिकायत बुधवार को पुलिस मुख्यालय के माध्यम से उन्हें सौंपी गई थी। इसके अलावा आरोपों का सामना कर रहे निजी कर्मचारी अखिल मैथ्यू की एक अलग शिकायत भी इसमें संलग्न थी। पुलिस आयुक्त ने कहा, ‘‘जैसे ही हमें शिकायत मिली, हमने शिकायत देने वाले अखिल मैथ्यू से संपर्क किया, उनका विस्तृत बयान लिया और प्राथमिकी दर्ज की। अभी इस मामले में जांच चल रही है। '' उन्होंने कहा कि सहायक पुलिस आयुक्त स्तर का एक अधिकारी मामले की जांच करेगा और वह खुद इसकी निगरानी करेंगे। पुलिस को हरिदासन के खुलासे की जानकारी मीडिया के जरिए ही मिली है और यह पता लगाया जाना चाहिए कि उसने किसे पैसे दिए थे। पुलिस आयुक्त ने कहा, ‘‘आरोप सिद्ध करने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जाएं। कुछ भुगतान बैंक के माध्यम से किए जाने की बात कही गई थी। तो वो सबूत बन जायेगा। सीसीटीवी फुटेज और ई-मेल सब कुछ जांचा जाएगा। '' इस बीच, अखिल मैथ्यू के करीबी लोगों ने दावा किया कि वह घोटाले में शामिल नहीं थे और जिस दिन उनके बारे में कहा गया कि उन्होंने राजधानी में हरिदासन से रिश्वत ली थी, उस दिन वह एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए पथनमथिट्टा में थे। स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय के खिलाफ सामने आए रिश्वतखोरी के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि इसकी व्यापक जांच की जानी चाहिए। हरिदासन ने आरोप लगाया है कि एक बिचौलिए ने उनसे संपर्क किया और दावा किया कि ऐसी नियुक्तियां मंत्री के कार्यालय के माध्यम से की जा रही हैं, और उनसे किश्तों में रिश्वत के रूप में एक बड़ी राशि का भुगतान करने के लिए कहा। पथनमथिट्टा में माकपा की श्रमिक संगठन शाखा ‘सीटू' के एक पूर्व कार्यालय सचिव ने कथित तौर पर बिचौलिए के रूप में काम किया और उक्त नियुक्ति के लिए रिश्वत ली। उन्होंने दावा किया कि पैसे देने के बावजूद उनकी बहू को नौकरी नहीं मिली।
- सागर (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में गुरुवार एक तेज रफ्तार जीप ने चार पहिया वाहन को टक्कर मार दी, जिससे दो लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि पीड़ित कोलुआ गांव से थोक में सब्जियां खरीदकर खुरई सब्जी मंडी लौट रहे थे, तभी बनहट गांव के पास दुर्घटना का शिकार हो गए। खुरई ग्रामीण पुलिस थाना प्रभारी गौरव तिवारी ने कहा कि चारों ने अपनी पिकअप वैन सड़क किनारे खड़ी कर दी और उसी पर बैठ गये। सब्जी लदे चार पहिया वाहन में पीछे से तेज गति से आ रही एक जीप ने टक्कर मार दी। टक्कर के कारण पिकअप वैन पलट गई। अधिकारी ने कहा कि पीड़ितों में से एक की पहचान भरत लोधी (45) के रूप में हुई, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि माखन पटेल (47) ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। अन्य दो घायल व्यक्तियों का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है और आगे की जांच जारी है।
- वेरावल (गुजरात),। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख एस. सोमनाथ ने गुरुवार को कहा कि उनके चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-3' के रोवर ‘प्रज्ञान' ने वह काम कर दिया है जो इससे किये जाने की अपेक्षा की गई थी और यदि यह वर्तमान निष्क्रिय अवस्था (स्लीप मोड) से सक्रिय होने में विफल रहता है तो भी कोई समस्या नहीं होगी। वह गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में सोमनाथ मंदिर दर्शन करने गये थे और इसके बाद यहां संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी अब एक्सपीओसैट या एक्स-रे पोलरिमीटर उपग्रह प्रक्षेपण के लिए तैयारी कर रही है और यह प्रक्षेपण नवंबर या दिसंबर में किया जा सकता है। चंद्रमा पर वर्तमान में ‘प्रज्ञान' के सुप्तावस्था या निष्क्रिय अवस्था में होने की स्थिति पर इसरो प्रमुख ने कहा कि चंद्रमा पर तापमान शून्य से लगभग 200 डिग्री सेल्सियस नीचे जाने पर अत्यधिक प्रतिकूल मौसम के कारण इसके इलेक्ट्रॉनिक सर्किट यदि क्षतिग्रस्त नहीं हुए हैं, तो यह फिर से सक्रिय हो जायेगा।उन्होंने कहा, ‘‘यदि यह सक्रिय नहीं हुआ तो भी ठीक है क्योंकि रोवर ने वह काम कर दिया है जो इससे करने की अपेक्षा की गई थी।'' इसरो ने पिछले सप्ताह कहा था कि चंद्रमा पर सुबह होने के साथ ही ‘चंद्रयान-3' के सौर ऊर्जा से संचालित लैंडर ‘विक्रम' और रोवर ‘प्रज्ञान' के साथ संपर्क स्थापित कर इन्हें फिर से सक्रिय करने का प्रयास कर रहा है ताकि वे वैज्ञानिक प्रयासों को जारी रख सकें। चंद्रमा पर रात होने से पहले, लैंडर और रोवर दोनों क्रमशः चार और दो सितंबर को निष्क्रिय अवस्था में चले गये थे। सोमनाथ ने आगामी मिशन के बारे में कहा कि इसरो अब एक्सपीओसैट या एक्स-रे पोलरिमीटर उपग्रह के लिए तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक्सपोसैट तैयार है और इसे हमारे पीएसएलवी रॉकेट के जरिए प्रक्षेपित किया जायेगा। हमने अभी तक किसी तारीख की घोषणा नहीं की है, लेकिन इसका प्रक्षेपण नवंबर या दिसंबर में किया जा सकता है।'' सोमनाथ ने कहा कि एक और मिशन ‘इन्सैट-3डीएस' की भी तैयारी है, जो एक जलवायु उपग्रह है और जिसे दिसंबर में प्रक्षेपित किया जायेगा। उन्होंने कहा, ‘‘फिर हम एसएसएलवी डी3 का प्रक्षेपण करेंगे। जैसा कि आप जानते हैं यह हमारा लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान है। यह तीसरा प्रक्षेपण है। यह प्रक्षेपण नवंबर या दिसंबर में किया जायेगा। इसके बाद नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडार या निसार की बारी आयेगी। इसे अगले साल फरवरी में प्रक्षेपित किया जायेगा।'' उन्होंने कहा कि ‘गगनयान' मिशन के परीक्षण यान ‘डी1' का प्रक्षेपण अक्टूबर में किया जायेगा।
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मुंबई. यात्रा और पर्यटन क्षेत्र में तेजी के साथ उद्योग में नियुक्ति को लेकर मांग में अगस्त महीने में सालाना आधार पर 44 प्रतिशत का उछाल आया। फांउडइट (पूर्व में मॉन्स्टर एपीएसी एंड एमई) की एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। रिपोर्ट कहती है कि रोजगार में वृद्धि का कारण लोगों की खर्च योग्य आय बढ़ना तथा छुट्टियां बिताने और व्यापार यात्रा पर अत्यधिक खर्च है। महामारी से पहले यात्रा और पर्यटन क्षेत्र में 2019 में 16 प्रतिशत की अच्छी वृद्धि हुई। हालांकि, कोविड महामारी और उसकी रोकथाम के लिये लगाये गये ‘लॉकडाउन' के कारण उत्पन्न बाधाओं और यात्रा प्रतिबंधों से 2020 और 2021 में नौकरियों के विज्ञापन में क्रमश: 47 प्रतिशत और 27 प्रतिशत की गिरावट आई। रिपोर्ट में कहा गया है कि उद्योग 2022 में पटरी पर आना शुरू हुआ। उस दौरान नियुक्तियों में मामूली तीन प्रतिशत की वृद्धि हुई। हालांकि, इस साल इसमें नाटकीय रूप से सुधार हुआ है। इसका कारण लोग फिर से छुट्टियों और व्यापार के मकसद से यात्रा पर निकल रहे हैं। फाउंडइट की रिपोर्ट अगस्त, 2023 के आंकड़ों पर आधारित है।
कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शेखर गरीसा ने कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास और पर्यटक स्थलों को बढ़ावा देने पर केंद्रित सरकार के कदमों से यात्रा और पर्यटन उद्योग में तेजी आई है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने पर्यटन निर्माण परियोजनाओं के लिये 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति देकर निवेशकों के लिये रास्ते भी खोले हैं। जी-20 शिखर सम्मेलन में भागीदारी ने देश में पर्यटन को और बढ़ावा दिया है। -
नयी दिल्ली. नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए कुछ चीतों की त्वचा पर यहां की गर्मी के दौरान उन्हें सर्दियों से बचाने वाले फर दिखने से चिंतित भारत अब उत्तर अफ्रीका से चीते लाने पर विचार कर रहा है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक चीतों को भारत में बसाने की योजना को लागू करने के पहले साल सबसे बड़ी चुनौती जो सामने आई है वह कुछ चीतों की त्वचा पर भारत की गर्मी और मानसून के दौरान अफ्रीका की सर्दी (जून से सितंबर) से पहले विकसित होने वाले फर दिखना है। एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने कहा कि यहां तक अफ्रीकी विशेषज्ञों को भी इसकी उम्मीद नहीं थी।
अधिकारी ने बताया कि त्वचा पर उगे फर के साथ ही चीतों के लिए भारत में उच्च तापमान एवं नमी युक्त मौसम ने समस्या और बढ़ा दी क्योंकि इससे उन्हें खुजली का सामना करना पड़ा जिसे दूर करने के लिए वे अपने गले को जमीन या पेड़ों के तनों से रगड़ते थे। उन्होंने बताया कि इसकी वजह से उनकी त्वचा में जख्म हुए एवं मक्खियों ने उनके जख्म में अंडे दिए जिसका नतीजा रहा कि वे जीवाणुओं से संक्रमित हुए एवं तीन चीतों की मौत हो गई। चीता परियोजना से जुड़े एक अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं होने का अनुरोध करते हुए बताया, ‘‘उत्तरी गोलार्द्ध स्थित उत्तरी और उत्तर पूर्वी अफ्रीका में रहने वाले चीते संभव है कि भारतीय परिस्थितियों को बेहतर तरीके से अंगीकार करें। इस पर विचार किया जा रहा है लेकिन हमें अफ्रीका के इस हिस्से में चीतों की स्थिति का आकलन करना है। हमें उनकी सख्ंया, स्वास्थ्य स्थिति, प्रजनन चक्र आदि का विश्लेषण करना है।'' अधिकारी ने बताया कि ब्रिटेन और अमेरिका सहित कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने कहा कि उन्होंने उत्तरी अफ्रीका से चीते अपने देश में मंगाए एवं उन्होंने भारत से भी ऐसा ही करने की सिफारिश की है। चीता परियोजना के प्रमुख एवं पर्यावरण मंत्रालय में अतिरिक्त महानिदेशक (वन) एस.पी. यादव ने कहा, ‘‘भविष्य में उत्तर अफ्रीका से चीते लाने के विचार पर चर्चा की जा रही है लेकिन चीतों की अगली खेप दक्षिण अफ्रीका से आएगी।'' उन्होंने कहा कि भारत की योजना ऐसे चीतों को देश में लाने की है जिनकी त्वचा पर घने फर न विकसित हों और इसके पीछे का कारण कुछ चीतों में फर की वजह से होने वाला संक्रमण है जिससे उनमें से तीन की मौत हो गई थी। इसके बाद अधिकारियों को सभी चीतों को पकड़ कर इलाज के लिए बाड़ों में वापस लाना पड़ा।
एक तीसरे अधिकारी ने कहा कि नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका के अलावा अन्य देशों से चीतों को लाने का विचार शुरुआती चरण में है और इस पर बहुत विचार-विमर्श और काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कूनो में सभी चीते फिलहाल बड़े बाड़ों में हैं और जल्द ही उन्हें जंगल में छोड़ दिया जाएगा। ऐतिहासिक रूप से उत्तरी अफ्रीका में चीते पाए जाते रहे हैं, लेकिन इस क्षेत्र में उनकी संख्या में तेजी से कमी आ रही है और कई उत्तरी अफ्रीकी देशों में चीते विलुप्त हो गए या विलुप्त होने के कगार पर माने जाते हैं। -
जींद.हरियाणा के जींद जिले के नरवाना उपमंडल के गांव में मां के खिलाफ भाइयों के साथ मिल कर अपने तीन नाबालिग बच्चों के साथ मारपीट करने, भूखा रखने तथा कमरे में बंधक बना कर प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि बच्चों ने अपनी मां पर अन्य घृणित आरोप भी लगाए हैं।
उन्होंने बताया कि बच्चों के पिता की शिकायत पर उनकी मां समेत तीन लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। -
नयी दिल्ली. नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने बुधवार को कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी कामकाजी आबादी और मजबूत भौतिक एवं डिजिटल संस्थानों की मौजूदगी से भारत के लिए अब उड़ान भरने का वक्त आ गया है। बेरी ने यहां ‘पब्लिक अफेयर्स फोरम ऑफ इंडिया' की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था ऐसे मुकाम पर है जहां निजी क्षेत्र को अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र देश में शोध एवं विकास गतिविधियों में 40 प्रतिशत योगदान करता है जबकि विकसित देशों में यह अनुपात 70 प्रतिशत है। बेरी ने कहा, ‘‘यह भारत के लिए उड़ान भरने का वक्त है। मानवता के पांचवें हिस्से के जीवनस्तर में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘इस बात में कोई संदेह नहीं है कि भारत आगे बढ़ रहा है। भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी कामकाजी उम्र वाली आबादी है और इसके पास मजबूत भौतिक एवं डिजिटल संस्थान भी हैं।'' इस मौके पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने शहरीकरण के प्रबंधन, नियमों को स्थिर एवं सतत बनाने और व्यापक बदलाव वाली प्रौद्योगिकियों को अपनाने जैसी अहम चुनौतियों से निपटने की जरूरत पर भी बल दिया।
- नयी दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि कोई व्यक्ति इस आधार पर भरण-पोषण राशि में कटौती नहीं कर सकता है कि खर्चों को पूरा करने के लिए उसकी पत्नी प्रयास कर रही है। अदालत ने कहा कि पति के भुगतान के दायित्वों को पूरा करने में विफल रहने के बाद पत्नी द्वारा खर्चों को पूरा करने का प्रयास उसे दिए गए अंतरिम भरण-पोषण को कम करने का कारण नहीं हो सकता है। उच्च न्यायालय ने ये टिप्पणियां एक व्यक्ति द्वारा निचली अदालत के उस आदेश के खिलाफ अपील पर कीं, जिसमें अपनी पत्नी के भरण-पोषण के लिए 8,000 रुपये प्रति माह और अपने नाबालिग बच्चे के लिए 3,000 रुपये प्रति माह का भुगतान करने का निर्देश देने वाले आदेश को संशोधित करने से इनकार कर दिया गया था। उच्च न्यायालय के समक्ष, पति ने यह दलील देते हुए भरण-पोषण राशि में कटौती का अनुरोध किया कि इस तथ्य के अलावा कि उसकी कमाई कोविड-19 के कारण कम हो गई। इस व्यक्ति ने दलील दी कि उसकी पत्नी ने एक स्कूल में काम करना शुरू कर दिया था और बाद में एक स्टार्ट-अप में नौकरी कर ली। उच्च न्यायालय ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि पति पर लगभग 4,67,000 रुपये का बकाया था और यदि पत्नी अपने और बेटी के दैनिक खर्चों को पूरा करने के लिए काम करना शुरू कर देती है, तो इसे भरण-पोषण राशि कम करने का आधार नहीं माना जा सकता है। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की पीठ ने हाल में दिये एक आदेश में कहा, ‘‘प्रतिवादी (पत्नी) द्वारा अपने खर्चों को पूरा करने के लिए 6,000 रुपये से 10,000 रुपये की आय का सृजन, पति भरण-पोषण राशि का भुगतान करने के अपने दायित्वों का निर्वहन करने में विफल रहा है और उस पर 4,67,000 रुपये से अधिक का बकाया है, इसे अंतरिम भरण-पोषण को संशोधित/कम करने का कारण नहीं माना जा सकता है।'' अदालत ने कहा कि पति एक वरिष्ठ वास्तुकार है, जिसके पास 20 साल से अधिक का अनुभव है और महामारी के दौरान हालांकि उसके व्यवसाय में गिरावट आई थी, लेकिन यह फिर से फल-फूल गया है।
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पिथौरागढ़. उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के खूबसूरत सरमोली गांव को बुधवार को देश का सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव का पुरस्कार दिया गया । नयी दिल्ली में भारत मंडपम प्रेक्षागृह में आयोजित एक कार्यक्रम में पर्यटन मंत्रालय की ओर से यह पुरस्कार मल्लिका विर्दी को दिया गया। पुरस्कार में एक स्वर्ण पदक और एक प्रशस्ति पत्र शामिल है । विर्दी ने ही मुनस्यारी सब डिवीजन में स्थित सरमोली में एक गैर सरकारी संगठन हिमालयन आर्क के माध्यम से 2016 में ग्राम पर्यटन प्रोत्साहन की प्रक्रिया को शुरू किया था । विर्दी ने कहा, 'देश के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के रूप में पुरस्कार मिलना सरमोली के सभी निवासियों खास तौर से समुदाय आधारित पर्यटन में विश्वास रखने वाले सभी लोगों के लिए सम्मान की बात है ।' पुरस्कार ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि उनके गांव को यह पुरस्कार इसलिए मिला क्योंकि उनका पर्यटन का मॉडल क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और ग्रामीण रहन—सहन पर आधारित है । उन्होंने बताया कि सरमाली गांव का चयन इस श्रेणी में 750 आवेदनों में से किया गया । विर्दी ने कहा, ' इस सफलता का श्रेय पूरे गांव को जाता है ।' इस गांव में 50 परिवार सीधे तौर पर होम स्टे पर्यटन से जुड़े हैं जबकि 30 अन्य परिवार टैक्सी चालक, पर्यटक गाइड, स्थानीय शिल्प और खाद्य उत्पादों के व्यापार में लगे हैं । गांव में होमस्टे सुविधाओं का 2016 से अब तक 700 पर्यटक उपयोग कर चुके हैं जिससे ग्रामीणों को 50 लाख रू से अधिक का राजस्व मिल चुका है ।
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अहमदाबाद. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि उनका लक्ष्य भारत को वैश्विक विकास का इंजन बनाना है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि देश जल्द ही दुनिया की आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरेगा। ‘वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन' के 20 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में मोदी ने कहा कि उन्होंने 20 साल पहले ‘वाइब्रेंट गुजरात' के छोटे-छोटे बीज बोए थे और आज यह एक बड़े पेड़ के रूप में विकसित हो गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने राज्य को भारत का विकास इंजन बनाने के लिए वाइब्रेंट गुजरात का आयोजन किया। 2014 के बाद हमारा लक्ष्य भारत को वैश्विक वृद्धि का इंजन बनाना है।'' उन्होंने कहा कि देश ऐसे मोड़ पर खड़ा है कि वह जल्द ही वैश्विक आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरेगा। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह मेरी आपको गारंटी है कि अब से कुछ वर्षों में, आपकी आंखों के सामने, भारत दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में से एक होगा।'' मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे एक साधारण शुरुआत से, वाइब्रेंट गुजरात कार्यक्रम एक संस्थान में बदल गया है और बाद में कई राज्यों ने इसका अनुसरण करते हुए निवेश शिखर सम्मेलन आयोजित किए। मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात की सफलता के विभिन्न चरणों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि हर काम तीन चरणों से गुजरता है- पहले उसका मजाक उड़ाया जाता है, बाद में उसे विरोध का सामना करना पड़ता है और अंत में उसे स्वीकार किया जाता है, खासकर तब जब विचार समय से पहले का होता है।'' प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वाइब्रेंट गुजरात ऐसे समय में सफल हुआ जब तत्कालीन केंद्र सरकार (पूर्ववर्ती संप्रग सरकार) राज्य की औद्योगिक प्रगति के प्रति 'उदासीन' थी।
- वडोदरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण विधेयक को तीन दशकों तक ''रोका'', और अब जब विधेयक पारित हो गया है तो वे महिलाओं को जाति और धर्म के आधार पर विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं ने यह सुनिश्चित करने के लिए अतीत में “मैच फिक्सिंग” की थी कि विधेयक को संसद की मंजूरी नहीं मिले, इसलिए महिलाओं को उनसे "सावधान" रहना चाहिए। मोदी ने संसद के दोनों सदनों में विधेयक पारित होने के लिए यहां सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी द्वारा धन्यवाद देने के लिए आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही, जिसमें हजारों महिलाओं ने भाग लिया। उन्होंने कहा, “इस गलतफहमी में मत रहिए कि उन्होंने (विपक्ष ने) अपना रवैया बदल लिया है। उन्होंने विधेयक का समर्थन किया है क्योंकि वे आपसे डरते हैं। उन्होंने तीन दशक तक महिला आरक्षण विधेयक को रोकने के लिए हर संभव कोशिश की। जरा उनका पिछला ट्रैक रिकॉर्ड जांचें। उन्होंने हर तरह के बहाने बनाए, विधेयक को फाड़ दिया और हर तरह का नाटक किया।” उन्होंने कहा, “इन लोगों ने अतीत में विधेयक को रोकने के लिए एक-दूसरे के साथ मैच फिक्सिंग की थी। उन्होंने इसे लोकसभा में पारित किया, लेकिन राज्यसभा में रोक दिया। यह उनका काम था। अब, जब मोदी इसे करने में कामयाब रहा है, तो वे महिलाओं के बीच विभाजन पैदा करने की साजिश कर रहे हैं। यह ‘इंडिया' नहीं है (विपक्षी गठबंधन का जिक्र करते हुए), ये 'घमंडिया' हैं।'' मोदी ने कहा कि महिलाओं को इस 'साजिश' के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना चाहिए और विपक्ष से कहना चाहिए कि महिलाओं के बीच विभाजन पैदा न करें। उन्होंने कहा, “वे इस विधेयक को पारित करने के इच्छुक नहीं थे। यही कारण है कि उन्होंने 'किंतु, परंतु' जैसी अभिव्यक्तियों का उपयोग करके विभिन्न प्रश्न उठाए। वे अब महिलाओं को जाति और धर्म के नाम पर विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं। चूंकि उन्होंने (विपक्षी दलों ने) अनिच्छा से इस विधेयक को अपना समर्थन दिया है, इसलिए मैं महिलाओं से उनसे सावधान रहने का आग्रह करता हूं।” कांग्रेस ने विधेयक पर मतदान करते हुए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए कुल 33 प्रतिशत आरक्षण में ओबीसी महिलाओं के लिए कोटा की मांग की थी। एआईएमआईएम ने विधेयक का विरोध करते हुए मुस्लिम महिलाओं के लिए कोटा की मांग की।मोदी ने यह दावा भी किया कि अतीत में जब उन्होंने उज्ज्वला योजना, घर में शौचालय योजना और महिलाओं के लिए बैंक खाते जैसी महिला समर्थक योजनाएं शुरू कीं तो विपक्षी दलों ने उनका मजाक उड़ाया था। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे महिला स्वयं-सहायता समूह (एसएचजी) ग्रामीण महिलाओं को "लखपति दीदी" बना रहे हैं। उन्होंने एक महिला का उदाहरण दिया जिसने स्वयं-सहायता समूह से प्राप्त आय से अपने पति के लिए ऋण पर ट्रैक्टर खरीदा। प्रधानमंत्री ने कहा, “उस लखपति दीदी से मिलने के बाद, मैंने देश भर में दो करोड़ लखपति दीदी बनाने का संकल्प लिया है।” मोदी ने कहा, “हम अब स्वयं-सहायता समूहों की महिलाओं को ड्रोन चलाना सिखाएंगे। हम इन समूहों को ड्रोन देंगे। इन ड्रोनों का इस्तेमाल खेतों में उर्वरक और कीटनाशकों के छिड़काव के लिए किया जाएगा। महिलाएं अब ड्रोन तकनीशियन बनेंगी और इस आधुनिक कृषि पद्धति का उपयोग करके ग्रामीण क्षेत्रों में काम करेंगी। ये महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देंगी।”
- नयी दिल्ली। भारत के रिकॉर्ड 91 विश्वविद्यालयों को टाइम्स हायर एजुकेशन (टीएचई) पत्रिका द्वारा घोषित वैश्विक विश्वविद्यालय रैंकिंग में जगह मिली है। आईआईएस-बेंगलोर ने साल 2017 के बाद पहली बार शीर्ष 250 विश्वविद्यालयों की सूची में जगह बनाई है। इस वर्ष 91 भारतीय विश्वविद्यालयों ने सूची में जगह बनाई जबकि पिछले साल इनकी संख्या 75 थी, इस लिहाज से गत वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हालांकि शीर्ष भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) ने लगातार चौथे वर्ष रैंकिंग का बहिष्कार किया है। सूची में जगह बनाने वाले विश्वविद्यालयों की संख्या के मामले में भारत चौथे स्थान पर रहा जबकि पिछले साल यह छठे पायदान पर था। बुधवार को लंदन स्थित टीएचई पत्रिका द्वारा घोषित रैंकिंग के अनुसार, भारत में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालयों में अन्ना विश्वविद्यालय, जामिया मिलिया इस्लामिया, महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, शूलिनी जैव प्रौद्योगिकी और प्रबंधन विज्ञान विश्वविद्यालय शामिल हैं। सात आईआईटी बॉम्बे, दिल्ली, गुवाहाटी, कानपुर, खड़गपुर, मद्रास और रूड़की ने 2020 में वैश्विक विश्वविद्यालय रैंकिंग से बाहर होने का विकल्प चुना था, जिसके बा रैंकिंग की पारदर्शिता और मानकों पर संदेह पैदा हो हुआ था। आईआईटी गुवाहाटी ने पिछले साल रैंकिंग में दोबारा प्रवेश किया था।
- तिरुवनंतपुरम। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के एक निजी कर्मचारी पर रिश्वत लेने का आरोप लगा है, जिसके बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने बुधवार को इसकी जांच की मांग की। मलप्पुरम जिले के निवासी हरिदासन ने आरोप लगाया कि मंत्री के एक निजी कर्मचारी ने उनकी बहू की सरकारी चिकित्सा अधिकारी के रूप में नियुक्ति के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत ली। उन्होंने आरोप लगाया कि एक बिचौलिए ने उनसे संपर्क किया और दावा किया कि ऐसी नियुक्तियां मंत्री के कार्यालय के माध्यम से की जा रही हैं, और उनसे किश्तों में रिश्वत के रूप में एक बड़ी राशि का भुगतान करने के लिए कहा। पथनमथिट्टा में माकपा की श्रमिक संगठन शाखा ‘सीटू' के एक पूर्व कार्यालय सचिव ने कथित तौर पर बिचौलिए के रूप में काम किया और उक्त नियुक्ति के लिए रिश्वत ली। उन्होंने दावा किया कि पैसे देने के बावजूद उनकी बहू को नौकरी नहीं मिली।हरिदासन ने मंत्री के निजी कर्मचारी को रिश्वत देने के कुछ कथित सबूत भी जारी किए।बाद में दिन में, उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस की विशेष शाखा के अधिकारियों ने उनका बयान दर्ज किया है। वहीं, आरोप को खारिज करते हुए स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच के लिए एक शिकायत पुलिस महानिदेशक को भेजी गई है। मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि प्राप्त शिकायत के आधार पर उन्होंने आरोपी कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही कहा कि शिकायत मिलने पर उन्होंने कभी भी इसे दबाने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कन्नूर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब मुझे एक मंत्री के रूप में ऐसी शिकायत मिली, तो मैंने सबसे पहले अपने निजी कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा, जिसके खिलाफ आरोप लगाया गया था। यह उस जांच का हिस्सा है, जो मैंने अपने कार्यालय में इस संबंध में की थी।'' स्वास्थ्य मंत्री के निजी कर्मचारी के खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोप को ‘‘गंभीर'' बताते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य के सभी सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार पनप रहा है। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने कहा कि मंत्री के एक निजी कर्मचारी पर नियुक्ति के लिए रिश्वत लेने का आरोप, ‘‘चौंकाने वाला'' है। उन्होंने दावा किया कि शिकायत मंत्री के निजी कर्मचारी अखिल मैथ्यू और पथनमथिट्टा में माकपा नेता अखिल सजीव के खिलाफ की गई है।
- नयी दिल्ली। नागर विमानन मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि डीजीसीए सहित विभिन्न प्राधिकरणों में कार्यबल बढ़ाने के लिये कदम उठाये गये हैं। इसके तहत कुल 416 नव-सृजित पदों में से 114 पर नियुक्ति की जा चुकी है जबकि अन्य पद चरणबद्ध तरीके से भरे जाएंगे। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अलावा, हवाई अड्डा आर्थिक नियामक प्राधिकरण (एईआरए) और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) में कार्यबल बढ़ाने की पहल की गई है। डीजीसीए अपने नियामकीय और निरीक्षण कार्यों को पूरा करने के लिये योग्य तथा अनुभवी विमान इंजीनियरों, पायलटों एवं हवाई यातायात नियंत्रकों की टीम को नियुक्त करता है। मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘डीजीसीए में कुल 416 नये पद सृजित किये गये हैं... इन पदों पर चरणबद्ध तरीके से नियुक्ति की जाएगी। अभी तक 114 पदों पर नियुक्ति हो चुकी है।'' बयान के अनुसार, हवाई अड्डा आर्थिक नियामक प्राधिकरण में 10 नये पद सृजित किये गये हैं। उनमें से पांच पदों पर नियुक्ति की जा चुकी है। बाकी पद जल्द ही भरे जाएंगे। इसके अलावा, मौजूदा पदों में 27 पद खाली हैं। इनमें से 24 पर नियुक्ति हुई है जबकि तीन पदों को भरने के लिये प्रक्रिया जारी है।
- नयी दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने बुधवार को हिंद-प्रशांत क्षेत्र के सामने आने वाली बहुमुखी चुनौतियों का सामना करने के लिए समान विचारधारा वाले देशों द्वारा मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में ‘समन्वित प्रयास' की अवधारणा को अपनाने का आह्वान किया। हिंद-प्रशांत सेना प्रमुख सम्मेलन (आईपीएसीसी) के समापन सत्र में एक संबोधन में उन्होंने कहा कि चुनौतियों के समाधान के लिए रचनात्मकता, नवाचार, लचीलेपन और समावेशी सहयोग की आवश्यकता होती है। भारतीय सेना ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक आम रणनीति विकसित करने के वास्ते दो दिवसीय सम्मेलन की मेजबानी की। इसमें 30 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें लगभग 15 सेनाओं के प्रमुख भी शामिल थे। जनरल पांडे ने कहा, “विभिन्न मुद्दों पर हमारे द्वारा हासिल की गई आम समझ को अब भविष्य में हमारी समग्र कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। एकजुटता की इसी भावना के तहत, मैं हममें से प्रत्येक से ‘समन्वित प्रयास' की अवधारणा को अपने मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में अपनाने का आग्रह करता हूं।” उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता अमूर्त आदर्श नहीं हैं और ये वह नींव हैं जिस पर लाखों लोगों के सपने और आकांक्षाएं टिकी हैं। जनरल पांडे ने कहा कि भारतीय सेना इन आदर्शों के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “मैं उस ‘भरोसेमंद पहलू' को स्वीकार करना और उसकी सराहना करना चाहता हूं जिसे आप सभी ने हमारे विचार-विमर्श के दौरान बढ़ावा दिया और बनाने में मदद की।”
- बहराइच (उप्र)। उत्तर प्रदेश के बहराइच-गोण्डा राजमार्ग पर खुटेहना के निकट बुधवार दोपहर बस एवं ट्रैक्टर-ट्रॉली के बीच हुई भिड़ंत में दो बच्चों और एक महिला की मौत हो गयी जबकि चार अन्य घायल हो गये। पुलिस ने इसकी जानकारी दी । पुलिस ने बताया कि बुधवार दोपहर थाना पयागपुर अन्तर्गत खुटेहना चौराहे के निकट सीमेंट लदी ट्राली व रोडवेज बस की आमने सामने हुई टक्कर के फलस्वरूप बस में सवार सात लोग घायल हो गए । उन्होंने बताया कि घायलों को इलाज के लिये जिला अस्पताल ले जाया गया जहां शिवम (08), सना (1) तथा मीना (50) की मृत्यु हो गयी। प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को तत्काल मौके पर भेजकर घायलों को महर्षि बालार्क जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।
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नयी दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र की एक नयी रिपोर्ट के अनुसार भारत में 40 फीसदी से ज्यादा बुजुर्ग संपत्ति के मामले में गरीब हैं और करीब 18.7 प्रतिशत बुजुर्गों के पास आमदनी का कोई जरिया नहीं है। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) की ‘इंडिया एजिंग रिपोर्ट 2023' में कहा गया है कि बुजुर्गों में गरीबी का यह स्तर उनके जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल मिलाकर, भारत में हर पांच में दो बुजुर्ग संपत्ति के लिहाज से गरीब श्रेणी में हैं। यह जम्मू- कश्मीर में 4.2 प्रतिशत और पंजाब में पांच प्रतिशत है जबकि लक्षद्वीप में 40.2 प्रतिशत और छत्तीसगढ़ में 47 प्रतिशत है।” उनके काम, पेंशन और आय की स्थिति के विश्लेषण से पता चलता है कि 18.7 प्रतिशत बुजुर्गों के पास आमदनी का कोई जरिया नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 17 राज्यों में यह अनुपात राष्ट्रीय स्तर से ज्यादा है। उसके मुताबिक, उत्तराखंड में यह 19.3 प्रतिशत है तो लक्षद्वीप में 42.4 फीसदी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि वृद्ध महिलाओं में उच्च जीवन प्रत्याशा है, जो कई देशों की प्रवृत्ति के अनुरूप है। संयुक्त राष्ट्र की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, “60 साल की उम्र में, भारत में एक व्यक्ति 18.3 साल और जीने की उम्मीद कर सकता है, जो महिलाओं के मामले में 19 साल और पुरुषों के मामले में 17.5 साल है।” रिपोर्ट में कहा गया है कि उदाहरण के लिए, हिमाचल प्रदेश और केरल में, 60 वर्ष की महिलाओं की जीवन प्रत्याशा क्रमशः 23 और 22 वर्ष है, जो इन राज्यों में 60 वर्ष के पुरुषों की तुलना में चार वर्ष अधिक है जबकि राष्ट्रीय औसत में सिर्फ डेढ़ साल का अंतर है। रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, उत्तराखंड, केरल, हिमाचल प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में 60 वर्ष की महिलाओं की जीवन प्रत्याशा 20 वर्ष से अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है, “ बुढ़ापे में गरीबी स्वाभाविक रूप से लैंगिक आधारित होती है जब वृद्ध महिलाओं के विधवा होने, अकेले रहने, आय का कोई स्रोत नहीं होने और अपनी संपत्ति कम होने तथा आश्रय के लिए पूरी तरह से परिवार पर निर्भर होने की संभावना ज्यादा होती है।” बुधवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि बुजुर्ग विधवा महिलाएं अक्सर अकेली रहती हैं और उन्हें बहुत कम आश्रय मिलता है तथा उन्हें कई बीमारियां घेर लेती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि बुजुर्गों में महिलाओं का ज्यादा प्रतिशत "जनसांख्यिकीय संरचना में उच्च असंतुलन" को दर्शाता है। साल 1991 के बाद से, बुजुर्गों में लिंगानुपात (प्रति 1,000 पुरुषों पर महिलाएं) लगातार बढ़ रहा है, जबकि सामान्य आबादी का लिंगानुपात स्थिर है। इसका मतलब है कि पुरुषों की तुलना में बुजुर्ग महिलाओं की संख्या अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार 2014 से 2021 के बीच कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत बुजुर्गों पर खर्च में 182 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
- नई दिल्ली। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने संकेत दिए हैं कि राम मंदिर के पहले चरण का निर्माण कार्य पूरा होने और अगले साल 22 जनवरी को वहां श्रीराम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के बाद इसे 23 तारीख से श्रद्धालुओं के लिए खोला जा सकता है. एक विशेष साक्षात्कार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रधान सचिव रहे मिश्रा ने यह भी कहा कि श्रीराम की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा अगले वर्ष 22 जनवरी को होगी और 20 से 24 जनवरी के बीच किसी भी दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इससे जुड़े अनुष्ठान में सम्मिलित होंगे.उन्होंने कहा, ‘‘प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की देखरेख में एक समिति बनाई गई है. वह विस्तार से इस विषय पर काम कर रही है. 22 तारीख को तो प्राण प्रतिष्ठा होगी और ट्रस्ट ने एक निवेदन किया है सभी से, पूरे देश से, हर गांव-गांव से कि वे यथासंभव अपने गांव में भगवान की प्राण प्रतिष्ठा को मनाएं.''मिश्रा ने कहा कि ट्रस्ट ने सभी श्रद्धालुओं से यह निवेदन किया है कि वे 22 तारीख को अयोध्या आने का प्रयास ना करें. उन्होंने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान को निश्चित रूप से दूरदर्शन के माध्यम से दिखाया जाएगा. प्राण प्रतिष्ठा के अगले दिन से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की संभावना को देखते हुए मिश्रा ने इस संभावित भीड़ को नियंत्रित करने को भी चुनौती करार दिया.उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए ट्रस्ट ने यह निर्णय लिया है कि उनकी ओर से एक संकेत दिया जाएगा कि विभिन्न प्रदेशों के लोग निश्चित तिथियों को ही आएं. उन्होंने कहा, ‘‘और एक यह भी योजना है, हालांकि वह पूरी तरह से क्रियान्वित तो नहीं हो सकती... 23 तारीख से प्रदेशों के कार्यक्रम बना दिए जाएं. जो श्रद्धालु एक प्रदेश से आ रहे हैं, उनके लिए एक कार्यक्रम हो और वह रेल की समय सारणी से भी मैच होना चाहिए. सड़क मार्ग से आने वाले लोगों का भी कार्यक्रम तय होना चाहिए.''उन्होंने कहा कि ट्रस्ट यह कोशिश भी कर रहा है कि विभिन्न भाषाओं के जानकार स्वयंसेवक के रूप में उपलब्ध रहें जो श्रद्धालुओं की भाषा में उनकी यात्रा को यादगार बनाने में मदद दें. मिश्रा ने कहा कि यह भी प्रयास किया जा रहा है कि कुछ स्थानों पर खाने की व्यवस्था भी हो.उन्होंने कहा, ‘‘यह भी संभव है 25 से 50 हजार लोगों के लिए बिना किसी भुगतान के खाने की व्यवस्था की जाए. इन सब पर ट्रस्ट की समिति विचार कर रही है.'' उन्होंने अनुमान जताया कि मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाने के बाद रोजाना लगभग सवा लाख से डेढ़ लाख लोग आएंगे और दर्शन करेंगे.उन्होंने इस भीड़ को नियंत्रित करने को चुनौती बताते हुए कहा कि जब श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचने लगेंगे तो भू-तल का निर्माण पूरा हो चुका होगा लेकिन प्रथम तल और दूसरे तल पर निर्माण कार्य भी चल रहा होगा. उन्होंने कहा, ‘‘तो हमें यह भी ख्याल रखना है कि जो श्रद्धालु आए उनकी सुरक्षा भी हो क्योंकि दोनों तलों पर निर्माण कार्य चल रहा होगा. वहां पर भी प्रतिबंधित क्षेत्र बनाने होंगे.''उन्होंने कहा कि चूंकि ‘उल्टी गिनती शुरु हो गई है' तो श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं की व्यवस्था पर भी विस्तार से काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘मंदिर परिसर तक पहुंचने का क्या रूट होगा? किस तरह लोग मंदिर में आएंगे? कितनी कतारों में आएंगे? एक व्यक्ति को दर्शन करने के लिए कितना समय मिले?...इन सब पर काम जारी है. जिला और पुलिस प्रशासन, उत्तर प्रदेश सरकार, ट्रस्ट के लोग और बहुत भारी संख्या में स्वयंसेवक आएंगे जो इस कार्यक्रम की देखरेख करेंगे.
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नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने एचआईवी अधिनियम का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। न्यायालय ने देश की सभी अदालतों, न्यायधिकरणों और अर्ध-न्यायिक निकायों को एचआईवी अधिनियम की धारा 34(2) के अन्तर्गत एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों से संबंधित मामलों के शीघ्र निपटान को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के उस फैसले के खिलाफ अपील पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिये जिसमें, भारतीय वायु सेना के एक पूर्व अधिकारी को मुआवजा देने के दावे को नामंजूर कर दिया गया था। यह पूर्व अधिकारी सैन्य अस्पताल में रक्त चढ़ाये जाने के दौरान एचआईवी से संक्रमित हो गये थे। न्यायालय ने उन्हें एक करोड़ 50 लाख रुपये का मुआवजा देते हुए ये निर्देश दिए। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की पहचान गुमनाम रखने के लिए कदम उठाए जाएं।
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नई दिल्ली। केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो - सीबीआई ने सिविल लाईन्स में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नए आवास के निर्माण में कथित अनियमितताओं की प्रारंभिक जांच शुरू की है। सीबीआई के अधिकारियों के अनुसार जांच दिल्ली सरकार के कर्मचारियों और निजी क्षेत्र के कुछ लोगों के विरुद्ध की जा रही है। मुख्यमंत्री का इसमें नाम नहीं है। अधिकारी ने कहा कि अगर जांच में पर्याप्त जानकारी मिलती है तो एजेंसी एक नियमित मामला दर्ज करेगी। सीबीआई ने कई उप-शाखाओं में लोक निर्माण विभाग - पीडब्ल्यूडी द्वारा ठेकेदारों को किए गए भुगतान को लेकर विस्तृत जानकारी देने को भी कहा है।
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नयी दिल्ली. शिक्षा-प्रौद्योगिकी कंपनी फिजिक्स वाला ऑनलाइन (पीडब्ल्यू) की 12 शहरों में करीब 120 करोड़ रुपये के निवेश से 18 नए शिक्षण केंद्र खोलने की योजना है। कंपनी ने मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी। फिजिक्स वाला ने इस सिलसिले में राष्ट्रीय राजधानी के साकेत इलाके में एक नए शिक्षण केंद्र की शुरुआत की है। यहां पर छात्रों को इंजीनियरिंग से संबंधित गेट एवं ईएसई परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाएगी। पीडब्ल्यू के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अभिषेक मिश्रा ने कहा, "दिल्ली में गेट एवं ईएसई का हमारा पहला केंद्र छात्रों को सशक्त करने के हमारे अभियान की दिशा में उठाया गया एक कदम है।


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